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Massage Girl in Jalpaiguri: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Jalpaiguri who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Jalpaiguri that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Jalpaiguri massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Jalpaiguri who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Jalpaiguri massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Jalpaiguri massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Jalpaiguri who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Jalpaiguri employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Jalpaiguri helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Jalpaiguri

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Jalpaiguri at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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hindi Sex Stories

अन्तर्वासना के सभी hindi Sex Stories पाठकों को मेरा नमस्कार ! मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और मैं भी सभी को अपनी जिन्दगी की वो बातें बताना चाहता हूँ जिनको पढ़ कर सभी को मज़ा आए !

दोस्तों यह वो घटना है जिसने पहली बार मेरा परिचय एक लड़की के जिस्म से करवाया ! सच बताऊँ तो इससे पहले मैंने सिर्फ इसके बारे में सुना था पर देखा नहीं था! मन करता था कि कब मुझे असली चूत के दर्शन होगे! यही सोच सोच कर मैं सिर्फ मुठ मार कर अपनी प्यास बुझा लेता था! यह सिलसिला बहुत समय तक चला!

बात उस समय की है जब मैं पढ़ता था! एक दिन मैंने अपनी क्लास की एक लड़की की एक कॉपी में एक चित्र देखा जो किसी ने पेन्सिल से बनाया था! उस में एक लड़का मूत रहा था और एक लड़की नीचे बैठ कर उसको पी रही थी! मैं घबरा गया और मैंने जल्दी से वो कॉपी बंद कर दी, पर मेरा मन बार बार उसी चित्र पर जा रहा था और सोच रहा था कि काश मुझको भी ऐसा मौका मिलता! यही सोचते सोचते मैं घर आ गया! फिर खाना खा कर शाम को अपना होमवर्क करने लगा पर मेरा मन नहीं लग रहा था।

उस समय घर पर कोई नहीं था! तभी हमारे पड़ोस में रहने वाली एक लड़की जिसका नाम मोना था, वो हमारे घर आई। हम लोग हम-उम्र थे और साथ साथ खेलते थे! वो जब मेरे पास आई और मुझसे खालेने के लिए कहने लगी पर मैंने मना कर दिया!

उसने पूछा- क्या बात है?

मेरा मन कर रहा था कि यह बात मैं किसी को बताऊँ पर उससे मुझको शर्म भी आ रही थी और डर भी लग रहा था कि कहीं उसने किसी से मेरी शिकायत कर दी तो?

पर उसने बार बार मुझसे पूछा तो मैंने उसको अपनी कसम दे कर कहा- तुम यह बात किसी को नहीं बताओगी !

उसने कहा- ठीक है !

फिर मैंने उससे वो बताया कि मैंने आज क्या देखा तो वो शरमा गई! शर्म तो मुझको भी आ रही थी पर अब तो बात खुल चुकी थी, तो मैंने उसको कहा- यह बात किसी को मत बताना !

उसने कहा- ठीक है, पर मैं भी तुमको एक बात बताऊँ?

मैंने कहा- बताओ !

वो बोली- मैं और मेरा चचेरा भाई कई बार मम्मी पापा का खेल खेलते हैं!

मैंने पूछा- कैसे?

तो उसने बोला- हम लोग स्टोर में अकेले में अपने कपड़े उतार कर सेक्स करते हैं।

मैं एक दम चौंक गया और उसकी तरफ देखने लगा। वो बोलती रही और मैं सुनता रहा। फिर उसने मुझको देखा पर मुझे उसका देखना कुछ अलग लगा। वो आज मुझको कुछ अलग लगने लगी थी। कहीं आज मेरी इच्छा तो पूरी नहीं होने वाली थी !

मैंने सोचा कि जब हम लोगों में इतनी खुल कर बातें हो गयी हैं तो एक बार कोशिश करने में क्या है ! हो सकता है आज मुझको कुछ मिल जाए !

तो मैंने हिम्मत करके उसको कहा- मेरा भी बहुत मन करता है यह सब करने का ! और अगर तुम बुरा न मानो तो हम लोग यह मज़ा ले सकते है !

उसने तुंरत बोला- किसी को पता चल गया तो क्या होगा?

मैं समझ गया कि यह तैयार तो है पर डर रही है, मैंने तुंरत उसको अपनी बाहों में लिया और उसके होठों पर चूम कर कहा- मेरी जान, पता तो तब चले न जब कोई बताएगा ! और वैसे भी हम लोग अकेले में करेगे !

तो उसने कुछ नहीं कहा!

मैंने उसको पकड़ कर भी दो चार चुम्बन जड़ दिए तो उसने भी मुझको जवाब दिया! मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि जिस चीज़ को मैं बाहर देख रहा था वो तो मेरे पास ही थी! हम लोग बहुत देर तक एक दूसरे को चूमते रहे! उसको देख कर पता चल रहा था कि उसको इस बात अच्छा अनुभव है!

धीरे धीरे उसने मेरे सारे जिस्म को चूमना शुरु कर दिया तो मैं समझ गया कि वो गरम हो गई है! मेरा हाथ भी उसके टॉप में जा चुका था और मैं उसके छोटे छोटे स्तनों को सहला रहा था! मैं बता नहीं सकता कि उस वक़्त मुझको कैसा लग रहा था! पहली बार किसी लड़की के स्तन दबाने का मज़ा तो आप लोगों को पता ही होगा! फिर मैंने जल्दी से उसको टॉप उतार कर फेंक दिया! मेरे सामने रोज़ मेरे साथ खेलने वाली लड़की सिर्फ स्कर्ट और ब्रा में खड़ी थी और उसकी सफेद ब्रा में उसके छोटे वक्ष साफ़ दिख रहे थे! अब मुझसे कंट्रोल नहीं हो रहा था और मैंने उसकी ब्रा अलग कर दी और उसके स्तन को अपने मुँह में ले कर चूसने लगा! वो भी जोर जोर से आहें भरने लगी!

मैंने उससे पूछा- मज़ा आ रहा है?

तो वो बोली- जरा जल्दी जल्दी करो!

उसका हाथ मेरे लण्ड तक पहुँच गया! वो उसको सहलाने लगी और जल्दी से मुझको अलग करके नीचे बैठ गई और मेरा लण्ड मुँह में लेकर चूसने लगी! मेरी सालों की इच्छा पूरी हो रही थी! वो बहुत देर तक यही करती रही और मैं मज़े लेता रहा!

फिर मैंने उसका स्कर्ट और पैंटी उतार दी और उसकी चूत को अपने मुँह में ले के चूसने लगा! उसकी चूत पर थोड़े भूरे-भूरे बाल थे पर मुझको बहुत मज़ा रहा था! वो जोर जोर से सिसकारियाँ ले रही थी! नीचे मेरा लण्ड भी टाइट हो गया था, उसने कहा- अब इंतजार नहीं होता ! आज मुझको चौद डालो!

यह सुनकर मैंने उसको बिस्तर पर लिटाया और उसके ऊपर चढ़ गया!

यह मेरा पहला अनुभव था तो मुझको पता नहीं था कि लण्ड कहाँ डालते हैं! फिर भी कोशिश करके मैंने उसकी चूत के छेद पे अपना लण्ड लगा ही दिया और जोर लगाने लगा!

पर मेरा लण्ड अन्दर नहीं जा रहा था। तो उसने अपनी टाँगे फ़ैला ली और बोली- अब करो!

मुझको थोड़ा जोर लगाना पड़ा और दर्द भी हो रहा था पर थोड़ी सी कोशिश से मेरा लण्ड उसकी चूत में अंदर गया!

उसको भी दर्द हो रहा था तो मैंने कहा- मैं अपना लण्ड निकालूँ?

तो वो बोली- नहीं साले ! और अंदर डाल !

मैंने पूरा जोर लगाया और मेरा पूरा लण्ड अंदर चला गया ! फिर मैं धीरे धीरे धक्के लगाने लगा और अब हम दोनों को बहुत मज़ा आने लगा था!

दस पन्दरह मिनट में ही हम दोनों झड़ गए! फिर हम एक दूसरे से चिपके रहे! थोड़ी देर बाद हम लोगों को फिर जोश आया और हम लोगो ने एक और ट्रिप ली! फिर हम लोगों ने कपड़े पहने और एक दूसरे को चूमने लगे!

उस दिन के बाद हम लोगों को जब भी मौका मिलता, हम सेक्स के मज़े लेते! अब हम लोग साथ तो नहीं हैं।

तो यह थी मेरी कहानी !

आप लोगो को कैसी लगी, कृपया मुझे मेल करके बतायें। hindi Sex Stories

Antarvasna

मेरा नाम कुसुम है। मैं मुम्बई में नौकरी करती हूं। मैं Antarvasna और मेरा भाई सुमित दोनों जुड़वां हैं. मैं बचपन से ही पढने में तेज थी तो इस वजह से घर में मेरे भाई को हमेशा डांट पड़ती थी कि देख तेरी बहन कितनी तेज है और तू नालायक …

मैं मुंबई में अकेली रहती थी एक बी एच के हाउस में मलाड में, एक साल बाद मेरे भाई का भी मुंबई में जॉब लग गया ..मम्मी पापा ने उसे मेरे पास ही रहने को कहा, हम दोनों साथ रहते थे मगर हमारे अंदर कोई ग़लत फीलिंग नहीं थी …

मैं कभी कभी जब ज्यादा चुदाने के लिए भूखी हो जाती थी तो शायद होश नहीं रहते थे और भाई का अंडरवियर लेकर उसे अपने चूत में ऊँगली से डालती थी … मुझे पता नहीं था कि मेरा भाई मेरे बारे में क्या सोचता है। कुछ दिनों बाद मैंने नोटिस किया कि मेरी ब्रा और पैंटी कभी भी मेरे रखे हुई जगह पे नहीं मिलती थी और उन पे सिलवटें भी बहुत होती थी. मुझे शक हो गया था कि मेरा भाई भी मेरी ब्रा पैंटी प्रयोग करता है मुठ मारने के लिए … फ़िर भी हम चुप रहते …अब असली कहानी …

मैं अपने बॉस से पहले चुदवा चुकी थी और वही था मेरे एक साल में दो प्रमोशन का राज … मेरे बॉस की उमर ४० की थी और उसका बॉस ५० का था … मैं २६ की थी …

क्यूँकि अभी मेरा भाई मेरे घर पे रहता था तो बॉस को बहुत दिनों से मौका नहीं मिला था मुझे चोदने का .. तो वो मुझसे काफी नाराज रहता था और मुझे कभी कभी डांटता भी था ऑफिस में …

मेरा भाई अपने दफ्तर के काम से पुणे जा रहा था दो दिन के लिए ..

मौके का फायदा उठाते हुए मैंने अपने बॉस को कहा कि आज कुसुम आपकी है, मेरा भाई दोपहर को ही घर से निकलने वाला था, मैं शाम को जब घर आई तो मुझे लगा मेरा भाई जा चुका है .. मैंने अपने बॉस को फ़ोन लगाया और बातें करने लगी … मेरा भाई उस वक्त बाथरूम में था .. उसे मेरे बॉस की आवाज़ तो नहीं पर मेरी आवाज़ साफ साफ सुने दे रही थी … मैंने अपने बॉस से कहा .. आज कुसुम को चुदवाना है अपने डार्लिंग से.. कुसुम की चूत बहुत दिनों से प्यासी है…मैं थक गई हूं अपने भाई का अंडरवीयर अपनी चूत में डाल डाल कर.. मुझे लण्ड चाहिएप्लीज़ जल्दी से आ जाओ और मुझे जम कर चोदो…

उधर मेरा भाई मेरी बातें सुनकर गरम हो गया था.. वो नहा कर बाहर निकला तो उसका लण्ड तन कर खड़ा था टॉवेल के ऊपर से ही दिख रहा था … मैं समझ गई कि इसने सब सुन लिया फ़िर भी नाटक कर के बोली- तुम गए नही अब तक … तो उसने कहा नही मेरे पेट में दर्द है, मैंने कहा कुछ दवा ले लो, उसने कहा नही मम्मी ने जो तेल दिया है उस से मालिश कर के सो जाऊँगा … फ़िर मैं समझ गई कि आज भी मेरी चूत भूखी रह जायेगी क्यूँकि मेरा भाई नहीं जाने वाला …

मेरा भाई नाटक कर रहा था .. उसके दिमाग में सिर्फ़ मेरी बातें घूम रही थी … वो भी अपनी प्यास मेरी चूत से मिटाना चाह रहा था … उसने मुझसे कहा , कुसुम प्लीज़ इस तेल से मेरे पेट पर मालिश कर दो ना … मैंने कहा ठीक है .. वो अपना बनियान उतर कर बेड पर लेट गया .. मैंने उस वक्त बस नाईटी पहनी थी मैंने ना ही पैंटी ना ब्रा पहनी थी क्यूँ कि मुझे लगा था थोडी ही देर में मेरे बॉस आयेंगे और मुझे सब उतरना पड़ेगा …

मैं उसके पेट पे तेल मालिश कर रही थी, उसके नाभि के नीचे बहुत सरे बाल थे जो जैसे जैसे नीचे जाते थे और ज्यादा थे … मेरे थोड़ी देर मालिश करने पे वो बहुत गरम हो चुका था क्यूँकि उसके पायजामे के ऊपर से उसका तना हुआ लंड दिखाई देने लगा था फ़िर भी मैं चुप चाप मालिश करती रही …
थोडी देर बाद उसने कहा- पायजामा थोड़ा नीचे सरका कर थोड़ा नीचे तक मालिश करो न …

मैंने वैसा ही किया … अब मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था … मैं भी सोच रही थी कि कब अपनी प्यास मिटाऊँ अपने सगे भाई के लंड से … इतने में वो बोल पड़ा हाथ अंदर डाल न … मैंने कहा कहाँ अंदर .. उसने कहा पायजामे के अंदर .. मैंने मना कर दिया .. . मन तो बहुत कर रहा था मगर वो मेरा भाई था इसलिए मैंने ना कह दिया … उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और जबरदस्ती अपने लंड पे ले गया, मैंने एक झटके से उसका हाथ दूर कर दिया …फ़िर वो बेड से उठ गया और मुझे जकड लिया और बोला सिर्फ़ अपने बॉस से चुदवाओगी … कब तक तेरे ब्रा और पैंटी से मुठ मारता रहूँगा … मेरे लंड ने क्या पाप किए हैं?.. मैं ये सब सुन कर दंग रह गई … उसने कहा मैं किसी को कुछ नहीं कहूँगा .. बस तू वो कर जो मैं कहता हूँ …

फ़िर …

अगले भाग में पढिये…

कि कैसे पहले मेरे भाई ने फ़िर मेरे बॉस ने फ़िर मेरे बॉस के बॉस ने मुझे चोदा, उसके बाद मेरे भाईसुमित ने अपने बॉस से भी मुझे चुदवा कर अपना प्रमोशन लिया ! Antarvasna

Antarvasna

मेरा भाई पांच दिन के Antarvasna लिए आया था, मेरे पति को दो दिन के बाद फिर टूअर पर जाना पड़ा था.
हम तीनों अब काफी बोल्ड हो गए थे, घर के अन्दर किसी भी तरह के कपड़े पहनना या न पहनना या यूँ कहिये कपड़े का तो कोई महत्त्व ही नहीं गया था.

मेरे पति जब दो दिन के बाद घर से विदा होने लगे तो उन्होंने मुस्कुरा कर कहा- डार्लिंग अब तुम तो हमारे बिना प्यासी नहीं रहोगी, लेकिन हम प्यासे मर जायेंगे.
रास्ते में तलाश कर लेना कोई…! मैंने अपनी बाईं आँख दबाते हुए हंस कर कहा.
चलो इस बार यह भी कोशिश करते हैं! यह कह कर उन्होंने मेरे ब्रा में कैद स्तनों पर दो चुंबन और एक चुंबन मेरे अधरों पर रख कर मेरे भाई को गुड लक कह कर विदा ली.

जब वे गए थे तब सुबह के नौ बजे थे. मैं नहाई भी नहीं थी और न ही मेरा भाई नहाया था, क्योंकि सुबह जल्दी उठ कर ही हम लोगों को मेरे पति के सफ़र के लिये आवश्यक पैकिंग व रास्ते के लिये कुछ खाना बनाना था.
भई मैं तो नहाने जा रही हूँ! तुम्हें नहाना है तो साथ ही चलो…! मैंने दरवाजे को लाक करके अपने भाई से कहा था.
ठीक है मैं भी चल रहा हूँ…! वह बोला और मेरे साथ ही बाथरूम की तरफ चल पड़ा.

हम दोनों बाथरूम में पहुँच गए, बाथरूम का द्वार खुले रहने से या बंद रहने से कोई फर्क नहीं पड़ना था अतः मैंने द्वार की ओर ध्यान दिए बिना ही शावर के नीचे खडे हो कर शावर खोल दिया. मैंने ब्रा और पेटीकोट पहना हुआ था.

जरा हुक खोलना ब्रा का! मैंने अपने सिर पर हाथों से पानी फेरते हुए कहा.
उसने मेरे पीछे खड़े होकर मेरी ब्रा का हुक खोल दिया और ब्रा को मेरे शरीर से निकाल दिया. मेरे गुलाबी सुपुष्ट स्तन नग्न हो गए, वह मेरे पीछे सट कर अपने हाथों को बगलों से निकाल कर मेरे स्तनों पर नाभि पर और गले आदि पर साबुन लगाने लगा. मैंने अपनी आँखें बंद कर रखी थी, मैं उसके स्पर्श का आनन्द ले रही थी.

उसने आहिस्ते से मेरी पेटीकोट को भी खोल कर नीचे सरका दिया था, वह अब नीचे बैठ कर मेरी जाँघों और नितंबों पर भी साबुन मलने लगा.
मैं सुलगने लगी थी!
कैसी प्यास होती है यौवन की जो कभी बुझती ही नहीं!
मैं उत्तेजना में कामुक सिसकारियाँ छोड़ने लगी थी.

वह अब मेरे आगे की ओर आ गया था. उसनें मेरे नितंबों से मेरी पेंटी पहले ही नीचे सरका कर उसे मेरी टांगों से भी अलग कर दिया था. मेरी नर्म रोयों वाली योनि पर उसने पहले साबुन लगाया फिर हेंड शावर की धार योनि पर मारने लगा.
मैंने उत्तेजना के वशीभूत होकर अपनी अँगुलियों से योनि को जरा खोल दिया तो गुनगुने पानी की तेज़ धार मेरी योनि के मुहाने पर पड़ने लगी.
मैं सिसक उठी- बस… बस…
यह कह कर मैंने अपने दोनों हाथों से उसका सिर पकड़ कर योनि पर झुका दिया तो वह योनि को चाटने लगा.

तभी काल बेल बजी!
हम दोनों ही चौंक पड़े!
दोनों की कामुकता भंग हो गई, मैंने उसकी आँखों में देखा उसने मेरी आँखों में देखा.
तुम नहाओ… मैं जाकर देखती हूँ कौन है! मैंने टावल अपने शरीर पर लपेटते हुए कहा.
वह प्यासे भंवरे की भांति मुझे बाथरूम से निकलते देखता रह गया.

मैंने जल्दी जल्दी अंतर्वस्त्र पहने, पेटीकोट और ब्लाउज पहने और साड़ी को लपेटते हुए दरवाजे की ओर चली गई.
दरवाजा खोला तो सामने अपनी ननद को मुस्कुराते पाया- क्या भाभी…? कितनी देर से खड़ी हूँ!
उसने अन्दर आते हुए कहा.
मैंने दरवाजा फिर बन्द कर दिया.

“मैं नहा कर कपड़े बदल रही थी, इसलिए देर हो गई!” मैंने साड़ी के पल्लू को कंधे पर डाल कर कहा.
“तभी मैं कहूँ कि इतनी सुहानी खुशबू कहाँ से आ रही है! अब पता चला भाभी के गीले बाल खुले हुए हैं, वैसे यह बात तो पक्की है न भाभी कि भईया इस समय यहाँ नहीं हैं!” मेरी ननद सोफे पर पसर कर बोली.
हाँ! लेकिन इस बात से तुम्हारा क्या मतलब है? मैं उसके पास बैठ कर बोली.

“मतलब यह है कि अगर वे यहाँ होते तो मुझे दरवाजे पर आधे घंटे तक खड़े रहना पड़ता! कोई दरवाजा खोलने नहीं आता!” मेरी ननद ने अपने स्वर में संशय का पुट देते हुए कहा.
वो क्यों? मैंने उलझन पूर्ण स्वर में पूछा.
“वो इसलिए कि तुम्हारे धुले धुले यौवन से उठती महक भईया को पागल बना डालती और वे तुम्हारे साथ किसी और काम में आधे एक घंटे के लिए व्यस्त हो जाते!” मेरी ननद ने अपनी बाईं आँख दबा कर कहा, मेरी जांघ में शरारत पूर्ण ढंग से चिकोटी काटी.

“अच्छा! कुछ ज्यादा ही हवा लग गई है तुम्हें जवानी की!””
“क्यों…? जवानी में जवानी की हवा नहीं लगनी चाहिए? अब तो अठारहवीं सीढ़ी पर पहुँचने का समय आ गया है…” मेरी ननद ने गर्व पूर्ण स्वर में कहा.
“वो तो देख ही रही हूँ! ये गहरे गले के टाप में कसमसाते दो गुंबज जिनकी गोलाई सहज ही दिख रही है और घुटनों तक की स्कर्ट की चुस्ती से बाहर को उभरते नितंब और पतली कमर! जरूर दो चार को बेहोश करके आ रही हो! अच्छा यह बताओ कि क्या पियोगी?” मैंने विषय बदलते हुए कहा.

“अब वह तो मुझे पीने को मिल नहीं सकता जो आप पीती हो! इसलिए कुछ और ही पिया जा सकता है!” उसने फिर एक अशलील मजाक किया.
“मैं क्या पीती हूँ?” मैंने नादान बनते हुए पूछा.
“तुम मेरे ही मुँह से सुनना चाहती हो! समझ तो गई हो! फिर भी मैं बताती हूँ! तुम पीती हो लिंग रस!” उसने इतना कहा और हंस पड़ी.
“हटो बदमाश… कितनी मुंह फट हो गई हो! चलो रसोई में चलते हैं!” मैंने उठते हुए कहा.

वह मेरे साथ खड़ी हो गई, उसने अपना हैंड बैग सोफे पर ही छोड़ दिया, वह मुझे आज पूरे रंगीन मूड में लग रही थी, इससे पूर्व भी मैंने उसके मजाक तो सुने थे लेकिन ऐसे हाव-भाव नहीं देखे थे.

रसोई में पहुंचते पहुंचते उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे कपोलों को चूम कर बोली- काश भाभी… मैं आपकी ननद नहीं बल्कि देवर होती… तुम्हारे यौवन की कसम! इन दोनों कठोर
पहाड़ों को पीस डालती और तुम्हारी जाँघों के भीतर अपने लिंग को तुम्हारी पसलियों तक पहुंचा कर ही दम लेती! मेरी ननद के इन शब्दों को सुन कर मेरे दिमाग ने एक योजना को जन्म दे डाला.

मैंने गैस पर चाय का पानी चढ़ाते हुए कहा- इन पहाड़ों को तो तुम अब भी पीस रही हो! वैसे एक बात बताओ! क्या तुम्हारा कोई बॉय फ्रैंड नहीं है?

मेरी ननद अपने भाई की ही भांति ही जरूरत से ज्यादा कामुक हो रही थी इस समय, शायद इसलिए और ज्यादा क्योंकि उसे ये भ्रम था कि सिर्फ मैं और वो ही हैं,
“नहीं… कई लड़के कोशिश करते हैं लेकिन मैं ही उन्हें लिफ्ट नहीं देती हूँ…” मेरी ननद ने मेरी ब्लाउज के दो तीन बटन खोल कर कहा.
“यह क्या कर रही हो तुम?” मैंने उसकी क्रिया को देख कर प्रश्न किया.
“करने दो ना भाभी…! मुझे बहुत मजा आता है स्तन पान में..! मैं एक सहेली के साथ ऐसा करती हूँ… हम दोनों लेस्बियन लवर हैं…! अब आपके ऐसे भरे भरे यौवन को देख कर मेरा जी मचल उठा है… यह ही सोच लो कि भैया हैं मेरी जगह…!” उसने कुनकुनाते स्वर में कहा और मेरे ब्लाउज में हाथ डाल कर मेरी ब्रा को सहलाने लगी, उसका दूसरा हाथ मेरे सपाट पेट पर रेंग रहा था.
क्या तुमने अभी तक किसी लिंग को नहीं देखा… मैंने उसकी क्रिया से आनन्दित हो कर पूछा.

मैंने चाय छानने के लिए तीन कप उतार लिये थे, मुझे बाथरूम के दरवाजे के बंद होने की हल्की सी आवाज सुनाई दे गई थी, मैं समझ चुकी थी कि मेरा छोटा भाई नहा चुका है और अब इधर ही आयेगा क्योंकि उसे भी जिज्ञासा होगी यह जानने की कि कौन आया है.
“कहाँ देखा है भाभी… कभी कभी इत्तेफाक से उस पहलवान की एक आध झलक देखने को मिलती है लेकिन उस झलक का क्या फायदा…” वह मेरे ब्लाउज का एक बटन और खोल कर बोली.
मैंने तीन कपों में चाय डाल दी.
“चलो आज दिखा देंगे…” मैंने कहा.
“तुम दिखा दोगी…? वो कैसे…?” उसने चौंक कर मेरी आँखों में देखा.
उसकी दृष्टि उन तीन कपों पर पड़ी जिनमें मैं चाय डाल चुकी थी.
“हैं!!!… यह तीसरा कप किसके लिए है…?” उसने हैरत जताई.

“यह तीसरा कप मेरे लिए है…” मेरे भाई ने रसोई में प्रवेश करते हुए कहा.
मेरी ननद उसे देखते ही मुझसे दूर छिटक गई, उसकी आँखों में असमंजस के भाव आ गये.
“यह मेरा छोटा भाई है…” मैंने अपनी ननद से कहा, फिर अपने भाई से बोली- यह मेरी ननद है… यह ही आई थी… जब हम बाथरूम में थे!
मेरे भाई ने मेरे ब्लाउज के खुले तीन चार बटन देखे तो मुस्कुरा कर बोला- यह भी अपने भाई की तरह आपके स्तनों की प्यासी हैं?
“जी?” मेरी ननद सकपकाई.

मेरी ननद का नाम शिल्पा है, मैंने स्थिति संभाली- डोंट वरी शिल्पा… आज तुम्हारी हसरत पूरी हो जायेगी… मेरे भाई से मैं ही कोई पर्दा नहीं करती… तुम्हारे भईया भी पर्दा नहीं करवाते हैं. बल्कि उन्होंने हम दोनों के साथ मिल कर काम सुख प्राप्त किया है… ना मैं इस चीज को बुरा मानती हूँ और ना तुम्हारे भईया! क्योंकि हैं तो हम स्त्री-पुरुष ही बाकी रिश्ते-विश्ते तो लोगों ने अपने फायदे के लिए बनाये हुए हैं… मुझे तो इतना आनन्द आया है अपने भाई के साथ कि मत पूछो, जब तुम आई थी तो हम दोनों साथ ही तो नहा रहे थे.

शिल्पा धीरे धीरे सामान्य होने लगी, मैंने एक चाय का कप उसकी ओर बढ़ा दिया, दूसरा कप अपने भाई की ओर बढ़ा दिया, उसने अपना कप ले लिया, मैंने अपना कप लिया फिर हम तीनों रसोई से बैडरूम में आ गये. मेरे भाई ने मात्र अंडरवीयर पहन रखा था, जिसमें से उसके सख्त होते लिंग का आभास सहज ही हो रहा था.

हम तीनों बेड पर बैठ गये, शिल्पा बार बार मेरे भाई के शरीर के आकर्षण में बंध रही थी, उसकी नजर बार बार मेरे भाई की पुष्ट जाँघों के जोड़ पर जाकर ठहरती थी.
मैं उसकी स्कर्ट को उसकी फैली टांगों से जरा ऊपर सरका कर उसकी जांघ पर चिकोटी काट कर बोली- तुम्हारे लिए आज का दिन बहुत अच्छा है… अगर यहाँ तुम्हारे भईया होते तब तो और भी ज्यादा मजा रहता, फिर भी मेरा भाई तुम्हें संतुष्ट करने में सक्षम है… .हमने इसे पूरी तरह ट्रेंड कर दिया है!

मैंने अपने भाई के अंडरवीयर की झिरी में से उसके लिंग को बाहर निकाल कर शिल्पा के हाथ में थमा कर कहा- इसे धीरे धीरे सहलाओ! तब देखना यह कैसा कठोर और लंबा हो जाता है!…भभकने लगेगा यह!
मैंने चाय का खाली कप बेड की पुश्त पर रखा और अपने हाथों से शिल्पा के टॉप की जिप खोलने लगी.
मेरे भाई ने भी चाय का खाली कप तिपाई पर रख कर मेरे ब्लाउज को मेरी बाजूओं से निकाल कर मेरी ब्रा के हुक खोल कर उसके जालीदार कप को स्तनों से नीचे सरका कर मेरे स्तनों को सहलाना और चूसना शुरु कर दिया था, मैं उत्तेजित होने लगी थी, उत्तेजना में मेरा शरीर बेड पर फैलने लगा था.

“भाभी पहले मैं आपके स्तन को चूसूंगी.” शिल्पा ने मेरे भाई के लिंग को छोड़ कर मेरे स्तनों पर आते हुए कहा.
“ठीक है…” मैंने उससे कहा और फिर अपने भाई से कहा- तुम शिल्पा के स्तनों को चूसो… मगर आहिस्ता आहिस्ता… और इसकी स्कर्ट भी निकाल दो!
इतना कह कर मैं उसके लिंग को सहलाने लगी.

शिल्पा ने मेरे स्तनों को चूसना शुरू कर दिया, मेरे भाई ने शिल्पा के टॉप के नीचे की शमीज उसके गोरे गुदाज स्तनों से ऊपर कर उसके निप्पल चूसने शुरू कर दिये. हम तीनों ही की साँसें तीव्र हो उठी थी, बैडरूम का दृश्य उन्मुक्त यौवन के रस में डूबता जा रहा था.

शिल्पा द्बारा निरंतर होते स्तनपान ने मुझे उत्तेजित कर डाला था, अब मैं चरमोत्कर्ष की ओर बढ़ चली थी, मुझे मालूम था कि मेरा भाई लगातार दो बार स्खलित हो सकता है, इसलिए मैंने पहले शिल्पा को उसके द्बारा आनन्द दिलवाना ठीक समझा और यही सोच कर अपने भाई से कहा- तुम शिल्पा की योनि में लिंग प्रवेश करो… .लेकिन पहले कुछ थूक या क्रीम लगा लेना… लो तेल ही लगा लो… मैंने बेड की पुश्त पर रखी तेल की कटोरी उसकी ओर बढ़ाई.

वह शिल्पा की स्कर्ट को खोल चुका था और उसके नितंबों को व चिकनी जाँघों को सहला रहा था. उसने अपने तपते लिंग के मोटे से मुंड पर तेल चुपड़ा फिर जरा सा तेल शिल्पा की अनछुई नर्म रोयों से सज्जित योनि पर लगाया और अपने लिंग को उसके टाइट मुख में फंसा कर उसकी जांघ को हाथ से ऊपर उठा कर जोर का धक्का मारा, लिंग मुंड शिल्पा की योनि में उतर गया.

शिल्पा जोरों से चीखी, उसका यह पहला अनुभव था, मैंने उसकी पीठ को सहलाया और उसके होंठ अपने होंठ से बंद कर दिये, उसकी गर्म साँसे मेरी गर्म साँसों से उलझने लगी थी, उसके हाथों को मैंने अपनी साड़ी के नीचे प्रवेश दे दिया था, वह उत्तेजना और दर्द के चक्रवात में फंसती जा रही थी, उसके हाथ मेरी चिकनी जाँघों को सहलाने मसलने लगे थे, मैं काफी उत्तेजित हो चुकी थी.

मेरे भाई ने शिल्पा की जाँघों को पकड़ कर एक और धक्का मारा तो शिल्पा तड़पते हुए कह उठी- तुम्हारे भाई तो मुझसे कोई दुश्मनी निकाल रहे हैं… उफ… आह… कितना दर्द हो रहा है उफ… इनसे कहो जो करे आराम से करें उफ…

वह और कुछ कहती उससे पहले ही मैंने उसके मुँह में अपने एक स्तन का निप्पल दे दिया, वह उसे चूसने लगी, मेरे भाई ने थोड़ा पीछे होकर और जोर का धक्का मारा, इस बार उसका सात आठ इंच का लिंग जड़ तक शिल्पा की योनि में समां गया, शिल्पा की बड़ी तेज़ चीख निकली, मेरे भाई ने लिंग फ़ौरन बाहर खींचा तो शिल्पा ने ठंडी सांस ली और तड़पती हुई बोली- उफ… भाभी तुमने तो कुछ ज्यादा ही ट्रेंड कर दिया है इन्हें… उफ कैसे स्पेशल शॉट खेलते हैं उफ… आप रुक क्यों गए महाशय… इसे आगे पीछे करते रहो… अभी तो मजा आना शुरू हुआ है उफ…
शिल्पा ने मेरे भाई से इतना कहा और मेरे स्तन का निप्पल मुंह में ले लिया, वह निप्पल को किसी भूखे की भांति चूसने लगी.

मेरा भाई उसकी योनि में अपने लिंग से घर्षण करने लगा था और मैं अपने हाथों से शिल्पा के हाथों को पकड़ कर उनसे अपनी पेंटी का वह हिस्सा रगड़ने लगी थी जिसके नीचे मेरी योनि थी, मेरा भाई मुद्रा बदल बदल कर शिल्पा को आनन्द दे रहा था, शिल्पा का शरीर उत्तेजना से काँपने लगा था, वह कराह भी रही थी और मेरे भाई का सहयोग भी कर रही थी.
अंततः थोड़ी ही देर में दोनों एक साथ चरम पर पहुँच कर स्खलित हो गये, फिर मेरे भाई ने मेरी भी प्यास बुझाई.

शिल्पा ने मेरे स्तनों को जिस तरह चूस चूस कर मेरा उत्तेजना के मारे बुरा हाल कर दिया था वैसे ही मैंने भी उसके स्तनों को चूस चूस कर उसे कंपकंपा डाला था.
हम तीनों की काम-क्रीड़ा तब तक चलती रही जब तक हम थक न गये.

कहानी आगे भी है! Antarvasna

मैं ऑफिस से घर आ रहा था रास्ते में एक लड़की मेरे सामने पैदल जा रही थी मैंने उसे रोक अपनी बाइक पर बैठाया और उसने देखा आंखें बढ़ गया उसने आगे हाथ बढ़ना मेरी पैंट की जिप पर रख दिया जिससे मुझे एहसास हुआ कि यह बहुत प्यासी है मैंने उसने अपनी जीत खोल दी उसके बाद मैं बाइक से को बाहर खड़ी कर कर उसे सरसों के खेत में देखा वहां पर उसको जबरदस्ती किया वह सेक्सी और वैसी लड़के थे उसकी च** बहुत ही छोटी और टाइट से मैंने कस कस कर खूब चोदा
हेलो ! Indian Sex Stories

आप सब भाभियों और औरतों को चूतों Indian Sex Stories को मेरे नौ इंच के लौड़े का खड़े हो कर प्रणाम !

आप सबने मेरा पहला सेक्स, मेरी सच्ची कहानी को बहुत पसंद किया, मुझे बहुत सारी मेल भी आई, बहुत अच्छा लगा कि आप सबने मेरी कहानी को बहुत पसंद किया। वैसे मैं पंजाब का रहने वाला हूँ लेकिन परिवार शिफ्ट होने की वजह से मुझे भी दिल्ली आना पड़ा। मैं दक्षिण-दिल्ली में रहता हूँ। अब मैं आपको एक और सच्ची कहानी बताना चाहता हूँ, जो तब की है जब मैं दिल्ली में नया-नया आया था, हमने नया घर लिया था, आस-पास का माहौल बहुत अच्छा था, आस-पास के घर सरदारों के थे, मेरा घर वालों का दिल लगा रहता था, सब लोगों से अच्छी दोस्ती हो गई थी मेरी माता की।

मैं घर से बहुत कम बाहर निकलता था, मेरे घर के आस पास बहुत लड़कियाँ रहती थी पर मैं बहुत शरमीला था इसलिए मैं सिर्फ़ उन्हें दूर से निहार ही सकता था और कुछ नहीं कर सकता था। कुछ महीनों के बाद मेरी जॉब पास में ही (ओखला) में एक इंटरनॅशनल कॉल सेंटर में लग गई थी। मेरी जॉब नाइट शिफ्ट की थी और सारा दिन मैं घर में रहता था। हर रोज़ मैं शाम को छः बजे के बाद ही उठता था।

एक दिन मेरी छुट्टी होने की कारण मैं थोड़ा जल्दी उठा तो देखा घर के कोई लड़की मेरी माता से बात कर रही है, बाहर आया तो देखा वो एक शादीशुदा औरत थी। क्या मस्त चीज़ थी यार ! वो देख कर खड़ा हो गया उसे। ज़्यादा से ज़्यादा पच्चीस साल की होगी, क्या मस्त फिगर थी ! उसके स्तन होंगे कोई 34 इंच के, कमर होगी 30 इंच और उसकी गाण्ड 36 इंच और उभरी हुई गाण्ड देख कर कोई भी पागल हो जाए।

मैने अपनी माता से पूछा तो वो हमारे घर के सामने वाले घर मे किराए पर रहती थी, उस का पति मेट्रो में काम करता था वो भी नाइट शिफ्ट। मैं उसके बारे मैं ही सोच रहा था तभी वो फिर मेरे घर आई और मुझे अपना देवर बोल कर बातें करने लगी।

अब मैं उसके लिए हर रोज़ जल्दी उठ जाता था, वो रोज़ मेरे घर आती और हम बातें करते, कभी कभी मैं उसे छू भी लेता था, हर रोज़ बातें करता रहता था तो वो मेरे से खुलने लगी, रोज़ मज़ाक करती मेरे साथ मेरी गर्ल-फ्रेंड के बारे मैं पूछती तो मैं मना कर देता कि मेरी कोई गर्ल-फ्रेंड नहीं है।

तो वो मेरा मज़ाक उड़ाती !

मैं बोलता- आप मेरे गर्ल फ्रेंड बन जाओ।

कई बार तो मैं उसके बारे में सोच के मूठ मार लेता था। कई बार वो मेरे साथ बाज़ार भी जाती थी, मुझे वो बहुत अच्छी लगने लगी थी। मैं रोज़ उसकी चूत मारने की सोचता था।

अब गर्मियाँ शुरू हो गई थी। कई बार मैं घर में निकर पहन कर ही सो जाता था।

उस दिन मेरी माता कहीं गई हुई थी शाम तक आने का बोल कर। मैं सोते हुए भी उसी के बारे में सोचता था। मुझे पता नहीं चला कि कब वो मेरे घर में आ गई और मेरे ऊपर से चादर उतारने लगी, उतारते हुई उसका हाथ मेरे आधे खड़े लौड़े पर लग गया। वो एक दम धक से रह गई। मैं थोड़ी नींद में था, उसने अपना हाथ मेरी निकर के ऊपर ढाल लिया और मेरे लौड़े को महसूस करने लगी। अब मेरा लौड़ा भी तैयार होता जा रहा था। मेरी आँखों से नींद बहुत दूर थी। उसने लाल रंग की सलवार कमीज़ पहन रखी थी मैंने अपनी आँखें खोली तो उसने एक दम हाथ उठा लिया लेकिन उस की साँस चढ़ी हुई थी।

मैने अंजान बन कर कहा- क्या हुआ भाभी जी ?

वो बोली- कुछ नहीं, माता जी कहाँ है आपकी?

मैंने कहा- वो तो कहीं गई हैं, कल आएँगी !

तो उसने अपने आप को संभाल कर बोला, “आप आज काम पर जाओगे या नहीं?

मेरी उस दिन छुट्टी थी, मैने कहा,” नहीं आज नहीं जाना, क्यूँ क्या हुआ? आप क्यूं पूछ रही हैं?”

नहीं वैसे ही ! आज आप शाम को फ्री हो क्या?

मैने कहा,”हां जी !”

बोली,”आप का सामान बहुत बड़ा है !” उसने शर्माते हुए कहा।

मैं भी एकदम हैरान हो गया।

मुझसे बोली- बाहर निकाल के दिखाओ !

मैने कहा- खुद ही निकाल लो !

उसने झट से मेरी निकर में हाथ डाला और मेरे लौड़े को पकड़ कर बाहर निकाल लिया। एकदम उसकी आंखें हैरान रह गई इतना बड़ा देख कर !

वो हाथ से लंड को हिलाने लग गई और वो और भी टाइट होता चला गया। मैंने अपनी आँखें बंद कर ली। मेरे लंड पर मुझे थोड़ी गर्मी महसूस हुई तो मैंने आंखें खोली तो देखा कि उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया था।

मुझे मज़ा आने लगा, वो मेरे लंड को चाटती हुई मुँह में ले रही थी, मुझे मज़ा आ रहा था, मेरा लंड उसके मुँह में आधा ही जा रहा था। अब मैं खड़ा हुआ और उसको घुटनों के बल नीचे झुका दिया और उसके बाल पकड़ के अपना लंड उसके मुँह में देने लगा। मैं भी काफ़ी दिनों से उसकी चूत मारने की सोच रहा था। मुझे मज़ा आ रहा था।

मैं उसके बड़े बड़े मुम्मे पीना चाहता था। मैने अपनी निकर पूरी नीचे कर दी, वो भी काफ़ी खुश थी कि आज वो इतना बड़ा लौड़ा लेगी।

मैंने उससे बेड पर लिटा लिया और ऊपर चढ़ कर उसके होंठ पीने लगा। वो मेरे लंड को अपनी चूत पर घिसा रही थी सलवार के ऊपर से। अब मैने उसका सूट उतार दिया। उसने सफ़ेद रंग की ब्रा पहन रखी थी, मैने जोश में उसकी हुक तोड़ दी, वाउ ! वाऽऽवाहह क्या बूब्स थे उसके बिल्कुल सफ़ेद दूध जैसे ! इतने बड़े कि जितने मैंने सोचा नहीं था।

मैं उसके निप्पल मुँह से काटने लगा, उसके मुँह से आवाज़ें निकलने लगी- आअहह अहहा हाहः अहहा प्लीज़ मत करो !

मैने और ज़ोर से काटा, फिर चूसने लग गया उसके बूब्स।

अब उसकी हालत खराब हो गई थी। उसने अपनी सलवार खोल दी थी और मेरे लंड को अपनी पैन्टी के ऊपर से चूत पर हिला रही थी। मुझे भी मज़ा आ रहा था मेरे लोड्‍ा लोहा बन चुका था, अब मैं भाभी की चूत चूसना चाहता था मैं बेड के नीचे उतरा, नीचे बेत कर पनटी नीचे करी भाभी जी की और चूत पर अपनी जीव रगड़ने लगा, आअहह अहहा अहह अहह अहह प्लीज़ अपना लंड मुझे दो ना, पर मैं उसे अच्छी सी तरह चूसना चाहता था, मैं उसकी चूत के होंठों को चूस रहा था।

अब हम 69 पोज़ में आ गये। मैंने अपना खड़ा खंभा उसके मुँह में दे दिया और उसकी चूत चाटने लगा। वो बोलने लगी- प्लीज़ मेरे अंदर डाल दो ! प्लीज़ प्लीज़ !

मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया उसकी गाण्ड पर ज़रा सा अपना लंड रखा, वो डर गई, बोली- नहीं ! चूत में प्लीज़, गाण्ड नहीं ! मैने पहले कभी नहीं मरवाई !

उसके 36 इंच के कूल्हे क्या लग रहे थे ! डॉगी स्टाइल ऐसा लग रहा था कि एक साथ तीन लण्ड खा जाएगी।

मैने उसकी चूत के छेद पर अपना लण्ड रखा और एक ज़ोर का ज़टका दिया, कसम से उसका रोना निकल गया क्यूँकि पूरा लंड एक ही झटके में अंदर था, उसकी आँखों से आँसू आ गये। लेकिन बोल रही थी- और ज़ोर से मज़ा आ रहा है, अहह अहह अहह अहह अहह ज़ोर से !

मैने उसकी कमर पकड़ी और ज़ोर ज़ोर से झटके देने लगा। मेरा लंड पूरा बाहर और फिर अंदर जाता, मेरा लंड उसकी चूत को पूरा भर रहा था।

वो बोली- जल्दी झटके मारो ! मैं आने वाली हूँ ! आहह आह अहह अहह अहह अहह अहह मर गई !

मैने उसे कन्धे से पकड़ा और लंड अंदर करके साथ में खड़ा कर लिया, मैं उसके मम्मे दबा रहा था और मेरा लंड अपना काम तो कर ही रहा था। अब वो झड़ गई थी। मैंने लौड़ा बाहर निकाला और उसके मुँह में भर दिया और मम्मे दबाने लगा तो कुछ समय बाद वो फिर तैयार हो गई। अब मैं उसकी गाण्ड मारना चाहता था, मैंने उसे खड़ा किया, उसके हाथ दीवार के साथ लगाए, उसकी गाण्ड का छेद खोला और लंड अंदर डालने लगा। छेद टाइट था, लंड अंदर नहीं जा रहा था। मैंने उसे डॉगी स्टाइल में किया, छेद पर लौड़ा रखा और अंदर घुसा दिया।

खूब दबा के चोदा उसे ! वो चिल्ला रही थी दर्द और आनन्द से ! मैं साथ ही उसके मम्मे दबा रहा था।

अब मैने उसे बेड पर लिटा लिया, उसकी चूत के नीचे तकिया रखा और उसकी बुर में लंड दे दिया फिर से ! अब मैं उसके होंठों पर चूम रहा था और ले रहा था उसकी !

अब मैंने झटकों की गति बढ़ा दी और उसके बूब्स खींचने लगा और मैं उसके अंदर झड़ गया। उसने मेरा लंड निकाला और चूसने लगी।

फ़िर उस रात मैने उसे बिना लाइट जलाए चोदा, बहुत मज़ा किया।

अब जब भी मेरा दिल करता है उसे चोदता हूँ !

मुझे भाभी और थोड़ी बड़ी उमर की औरतें बहुत पसंद है। Indian Sex Stories

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