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Massage Girl in Dehradun: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Dehradun who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Dehradun that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Dehradun massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Dehradun who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Dehradun massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Dehradun massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Dehradun who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Dehradun employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Dehradun helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Dehradun

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Dehradun at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Hindi Porn Stories

मैं शहर की एक घनी आबादी में Hindi Porn Stories रहती हूँ। आस पास दुकानों के अलावा कुछ नहीं है।
मेरे पड़ोस में मेरे ऊपर वाले कमरे के सामने ही एक कॉलेज का विद्यार्थी रहता था। मैंने जब पढ़ाई के लिये ऊपर वाले कमरे में शिफ़्ट किया था तो मेरी नजर उसकी खुली हुई खिड़की पर पड़ी। मैंने अपनी खिड़की पर पर्दा लगा लिया कि जो कोई भी वहाँ रहता हो मुझे नहीं देख पाये। पर कुछ ही दिनों में मुझे पता चल गया कि उस कमरे में rahul रहता था जो मेरे ही कॉलेज में पढ़ता था। शायद उसे कमरा अभी ही किराये पर दिया था।

मैं रात को देर तक पढ़ती थी। rahul भी रात को देर तक पढ़ता था। मैं कभी कभी झांक कर खिड़की से उसे देख लेती थी।

एक बार हमारी नजरें मिल ही गई। अब हम दोनों छुप छुप कर एक दूसरे को देखा करते थे। एक बार तो rahul खिड़की पर आ कर खड़ा ही हो गया। मुझे सनसनी सी आ गई। मैंने जल्दी से पर्दा कर दिया और पर्दे के पीछे से उसे देखने लगी, मेरा पर्दे में से देखना उसे पता था। अब वो मुझ में रूचि लेने लगा था। मुझे देख कर वो मुस्कुराता भी था। एक दिन उसने मुझे हाथ भी हिला कर अभिवादन किया था। धीरे धीरे मैं भी उससे खुलने लग गई और उसे देख कर मुस्कुराती थी।

कुछ ही दिनो में हम रात को जब कभी एक दूसरे को देखते थे तो मैं भी हाथ हिला देती थी। एक बार पत्थर में लिपटा हुआ एक कागज मेरे खिड़की के अन्दर आ गिरा। मेरा दिल धक से रह गया। मैंने उसे उठाया। तो वह rahul का पत्र था। एक साधारण सा पत्र, जिसमें सिर्फ़ शुभकामनायें थी। मैंने उसे फ़ाड़ कर नीचे फ़ेंक दिया। एक दिन मैंने भी उसे पत्र लिख दिया और उसे भी शुभकामनायें दी। बस पत्रों का सिलसिला चालू हो गया। एक दिन उसकी एक फ़रमाईश आ गई।

“स्वीटी, सिर्फ़ एक हवाई किस करो!”

मैंने शरारत में उसे हवाई किस कर दिया। अब हम पत्रों में खुलने लगे। उसने एक बार लिख दिया कि वो मुझे प्यार करता है और मिलना चाहता है। मेरा दिल बस इसी चीज़ से डरता था। मैंने मना कर दिया।
एक बार उसने लिखा- मुझे अपनी चूचियाँ खिड़की से दिखा दो।
मैंने शर्माते हुए मेरा एक स्तन उसे दिखा दिया।

मैंने जवाब में लिखा- मैं भी कुछ देखना चाहूंगी, क्या दिखाओगे?
तो उसने अपना पजामा नीचे खींच कर अपना खड़ा हुआ लण्ड दिखाया।
मुझे बड़ा रोमान्च हो आया; मुझे मजा भी आया। अब जब तब हम एक दूसरे को अपने गुप्त अंग दिखा दिखा कर मनोरंजन करने लगे।

मुझे ये नहीं पता था कि मैं जो पत्र फ़ाड़ कर नीचे फ़ेंक देती थी उसे मेरा छोटा भाई उठा कर जोड़ कर पढ़ लेता था। यहाँ हमारी प्यार और सेक्स की पींगे बढ रही, वही भैया भी मुझे चोदने का प्लान बनाने लग गया था।

एक रात को मैंने पत्र rahul की खिड़की में फ़ेंका तो वो खिड़की से टकरा कर नीचे गिर गया। मैं भाग कर नीचे गई तो वो मुझे नहीं मिला, रात में कहाँ गिरा होगा मुझे पता नहीं चला। सुबह ढूँढने की सोच लेकर मैं ऊपर आ गई; देखा तो भैया मेरे कमरे में था; उसने कहा- इसे ढूँढने गई थी क्या?”
“भैया, मुझे वापस दे दो, देखो किसी को बताना नहीं!”

उधर rahul ने देखा कि कमरे में भैया है तो उसने खिड़की बन्द कर ली।
“बताऊँगा तो नहीं अगर, जो मैं कहूँ वो करेगी तो!”
हम बिस्तर के बिस्तर पर दीवार का सहारा ले कर बैठ गये।
“हाँ हाँ कर दूंगी, इसमें क्या है… फिर वो दे देगा!”
“हाँ ज़रुर दे दूंगा… तो फिर टॉप को थोड़ा ऊपर कर दे…”
“क्या कहा…मैं तेरी बहन हूँ!” मैं उछल पड़ी।
“तो क्या… पापा से बचना है तो मुझे दुद्धू दिखा दे!” उसने मुझे धमकी दी।

मैंने हिम्मत करके अपनी आंखे बन्द कर ली और टॉप ऊपर उठा लिया। मेरे दोनों स्तन बाहर छलक पड़े। भैया ने तुरन्त मेरे स्तनों को पकड़ लिया और दबा दिया।
“ना कर भैया…” पर जैसे मेरे शरीर में बिजली कड़क उठी; सारा जिस्म एक बारगी कांप गया; मीठी सी लहर दौड़ गई।
“अब अपना स्कर्ट ऊपर कर…”
“ऐसे तो मैं नंगी दिख जाऊँगी ना!”
“वही तो देखना है…rahul को तो खूब दिखाती है!”
“पर वो मेरा भाई थोड़े ही है” मैं नर्वस होती जा रही थी पर जिस्म में एक सनसनी फ़ैल रही थी; मैं भी अब वासना में बह निकली।
“दीदी, दिखा दे ना, अच्छा देख फिर मैं भी अपना तुझे दिखाऊँगा!”
“सच, तो पहले दिखा दे, कैसा है तेरा?” मेरे स्वर भी बदलने लगे।

मुझे भैया अब सेक्सी लगने लगा था। उसकी बाते मुझे रंग में लाने लगी थी। मेरा मन अब डोलने लगा था। भैया ने जल्दी से अपना पैन्ट उतार दिया दिया और उसका लण्ड बाहर निकल आया।
“मैं छू लूँ इसे?” मुझे सनसनी सी लगी।
“नहीं नहीं छूना नहीं, पकड़ ले इसे और मसल डाल!”
“हट रे!” मैंने उसके लण्ड को पकड़ लिया, गरम हो रहा था, लाल सुपाड़ा भी चमक उठा था।

“अब बता ना तू भी!”
मैंने अपनी स्कर्ट ऊपर उठा दी।
“तूने तो पेंटी ही नहीं पहनी है!”
“अभी rahul को दिखा रही थी ना…!”
“अच्छा, तो अब ये ले!” ये कह कर उसने मुझे दबोच लिया और मेरे ऊपर आ कर कुत्ते की तरह अपने चूतड़ चलाने लगा।
“क्या कर रहा है? क्या चोदेगा मुझे…? सुन ना rahul को बुला दे ना!” मैंने मौका देख कर उसे कहा।
“पहले मेरी बारी है, फिर उसे बुला लूंगा, बहन मेरी है, पहले मैं चोदूंगा!” उसने अपना हक बताया।

“तो चोद ना जल्दी, या कहता ही रहेगा!” उसने अब जोर लगाया और लण्ड चूत में घुस पड़ा।
“अरे यार, तू तो चुदी चुदाई है, किस किस से लण्ड लिया है अब तक?”
“अरे तो चोद ना, खुद भी कौन सा पहली बार चोद रहा है?”
“तुझे क्या पता? जरूर आशा ने कहा होगा!”
“नहीं तो… अरे धक्के मार ना…!”
“तो पारुल ने कहा होगा?”
“हाय रे पारुल? मेरी सहेली? नहीं यार… लगा जरा जोर से!”
“अच्छा तो दीपिका ने बताया होगा?” एक के बाद एक सारी पोल खोलता गया।

“अरे चोद ना मुझे ठीक से, तू तो मेरी सारी सहेलियों को तो चोद चुका है, पर इन्होंने नहीं कहा, वो तो तेरे लण्ड के सुपाड़े की त्वचा फ़टी हुई है इसलिये कह रही हूँ!” मैंने हंसते हुए कहा।
“धत्त तेरे की, मैंने तो सारी पोल खोल दी… साली तू तो एक नम्बर की हरामी निकली!” उसने धक्के बढ़ा दिये।

“भैया! हाय रे दम है रे तेरे लण्ड मे…मजा आ रहा है, लगाये जा रे!” मुझे मजा आने लगा था। मैं भी उसका लण्ड चूतड़ उछाल उछाल कर ले रही थी। वो मेरे बोबे मसलता जा रहा था।
“मेरी बहन कितनी प्यारी है! क्या चूत है! अब तो रोज चोदूंगा तुझे!”
“भैया, rahul को बुला देना ना, फ़िर दोनों मिल कर चोदना, आगे से भी और पीछे से भी!”

उसके धक्के तेज हो उठे थे, मेरा भी हाल अब बुरा हो चला था। मेरी चूत अब रस छोड़ने वाली थी, मैंने भैया को जकड़ लिया और अपने चूत का जोर लण्ड पर लगाने लगी। एक लम्बी सांस के साथ
मैंने आंख बन्द कर ली और अपना बदन कसने लगी, इतने में पानी छूट पड़ा और मैं झड़ने लगी। उसी समय भैया ने भी अपना लण्ड बाहर निकाला और मेरे ऊपर पिचकारी छोड़ने लगा। मेरा सारा शरीर और कपड़े सभी कुछ वीर्य से गन्दे कर दिये।
“मजा आ गया स्वीटी, अब मैं रोज चोदूंगा तुझे, तू तो यार बहुत मजा देती है!”
मैं भी झड़ कर शान्त लेटी थी और भैया को देखती रही।

भैया कुछ देर तक तो बातें करता रहा फिर जाने को हुआ।
“मैं अब जाता हूँ, रात बहुत हो गई है” पर मैं कैसे जाने देती
“चले जाना ना, अभी एक बार और मजे करे?” ये सुनते ही भैया खुश हो गया और फिर से मेरे बिस्तर पर आ गया। हम दोनों फिर आपस में गुथ गये। उसका लन्ड मेरी चूत के दरवाजे पर आ टिका… और कमरे में एक बार फिर सिसकारियाँ गूंज उठी। Hindi Porn Stories

एक बार 2 दिन की छुट्टी हुई तो मैं घर गया.
घर पर मौसी भी आई थी.

हम सबसे मिले उसके बाद खेत में काम करने चले गए.
जब शाम हुई तो सब लोगों ने खाना खा लिया.

उसके बाद मैं खेत में बने कमरे में सोने चला गया.

कुछ देर बाद पापा भी आए सोने के लिए, मेरे पास लेट गए.

उनको लगा होगा कि मैं सो रहा हूं तो वे मुझसे कुछ नहीं बोले.

उसके आधा घंटा बाद छोटी मौसी आई पानी लेकर!
तो पापा बोले- तुम क्या करने आ गई यहां पर?
मौसी बोली- पानी लेकर आई हूं आपके पास!

तो पापा बोले- पानी पिलाओगी या कुछ और भी पिलाओगी?
तब मौसी बोली- और क्या पिएंगे? साथ में बेटा लेटा हुआ है!
तो पापा बोले- यह तो सो गया.

तब पापा ने मुझे आवाज दी, मैं कुछ नहीं बोला.
तो उनको लगा कि मैं सो गया हूं.

उसके बाद मौसी पानी रख कर चल दी.
तो पापा भी उसके पीछे पीछे गए.

तो मैंने सोचा कि पता नहीं ये दोनों कहां जा रहे हैं.
थोड़ी दूर तक तो मैंने देखा, वे ज्यादा दूर निकल गये, अंधेरा होने कारण मैं कुछ देख नहीं पाया.

उसके बाद पापा कब आये पता नहीं … मैं सो चुका था.
बीच्ग रात मेरी नींद खुली तो पापा मेरे पास थे, मौसी नहीं थी, मेरे ख्याल से मौसी घर चली गई थी सोने उसके बाद!

सुबह हुई तो मेरे दिमाग में वही बात घूम रही थी.
मुझे लगा कि पापा ने मौसी को रात में जरूर चोदा होगा.
लेकिन मुझे पक्का तो पता था नहीं!

उसके बाद शाम तक मैं निकल आया वाराणसी फिर पढ़ाई करने के लिए!

तो मेरे मन में मौसी और पापा की चुदाई देखने का मन हुआ.
परंतु कैसे … यह तो संभव नहीं था क्योंकि क्योंकि मैं वाराणसी में था.
मैं सोच रहा था कि कैसे करूं … क्या करूं!
तो कुछ समझ में नहीं आया.

2 दिन बाद पापा का फोन आया.
पापा बोले- तुम्हारे मौसा घर बनवा रहे हैं तो उसमें उनको कुछ हेल्प चाहिए; उनका फोन आया था.
तो मैं बोला- अच्छा!
उन्होंने बोला- घर में काम है इसलिए हम लोग जा नहीं पाएंगे.
तो मैंने बोला- ठीक है, मैं कोशिश करता हूं.

दूसरे दिन मैं तैयार हुआ और मौसी के घर पहुंचा.
सब लोग घर पर थे.

मैं बड़ी मौसी से मिला, उनके पैर छुइ.
उसके बाद मौसा मिल गए, उनके पैर छुइ.
फिर छोटी मौसी रीतिका मिल गई.
उसके पैर छूने का मेरा मन नहीं कर रहा था क्योंकि उसके लिए मेरे दिमाग में बहुत गलत विचार बन गया था.

फिर खाना पीना हुआ शाम को!
खाने के बाद सोने की व्यवस्था कम थी तो मौसा जी वहां चले गए सोने जहां पर मकान बन रहा था.

और अब बड़ी मौसी अपनी बेटी को लेकर बाहर सो रही थी.
उसके बाद छोटी मौसी और उनका लड़का कमरे में चले गए सोने!

तभी छोटी मौसी ने बोला- कमरे में दो बैड हैं, वही तुम भी सो जाओ!
मैंने कहा- ठीक है!
तो मेरे मन में तो खुशी के लड्डू फूटे.

मैं गया.
गर्मी का मौसम था तो लेट गया.
कुछ देर बाद देखा तो मौसी की साड़ी ऊपर उठी हुई थी, उसकी जांघें दिख रही थी और दूध भी आधे आधे दिख रहे थे.

मेरा लन्ड खड़ा हो गया तुरंत!
पर मेरे मन में डर था.

कुछ देर बाद जब मौसी गहरी नींद में सो गई तो मैंने उनकी साड़ी उठाकर देखी.
पेंटी नहीं पहनी थी मौसी ने!
मुझे कुछ शक हुआ.
पर उसके बाद मैं सो गया.

सुबह हुई तो हम सब नाश्ता कर रहे थे.
मैंने देखा कि रीतिका मौसी नहा कर आ रही थी.
जब वह कपड़े रस्सी पर डालने गई तो उनमें पेंटी भी थी.

मैंने सोचा कि रात में तो पेंटी नहीं थी, अभी कैसे आ गई?
पर मैंने ज्यादा कुछ नहीं सोचा.

हम लोग काम पर लग गए.

फिर रात हुई तो फिर सोने गए.
तो जब मौसी सो गई तो मैंने उसकी साड़ी के अंदर अपना पैर डाल दिया और हॉट मौसी की सेक्सी चूत को हल्के से सहलाया.
मुझे लगा कि मौसी सो गई हैं.

तो फिर मैंने और जोर से सहलाया तो मौसी ने हल्के से आह आह की.
उसके बाद मेरी गांड फटी तो मैंने अपना पैर अपने बेड पर कर लिया.

लेकिन मौसी अब गर्म हो चुकी थी क्योंकि मेरे मौसा चोदते नहीं है क्योंकि वो अब बुड्ढे हो चुके हैं लेकिन मौसी तो अभी जवान है.

थोड़ी देर बाद जब मौसी को लगा कि मैं डर गया हूँ और अब कोई हरकत नहीं करूंगा तो मौसी ने खुद कहा- बेटा, तू मेरे पास आ जा, मुझे तुमसे बातें करनी हैं.

मैं मौसी के पास गया तो मौसी और मैं इधर उधर यहाँ वहाँ की बात करने लगे.

मौसी का हाथ मेरे लंड के एकदम पास था. मैं कुछ नहीं कर रहा था.

तभी मौसी का हाथ मेरे लंड से टकरा गया और वे हल्के हलके मेरे लंड को सहलाने लगी.

इतने से ही मेरा लंड में खड़ा होना शुरू हो गया था.

मैं अभी भी दारा हुआ था तो मैं पीछे हटने लगा.

पर तभी सेक्सी मौसी ने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ लिया और बोली- प्रशांत बेटा, मेरी एक बात मानेगा क्या तू?
इस पर मैंने कहा- मौसी, आप बोलिए, मैं जरूर मानूँगा!

‘तो बेटा, तू मेरी प्यास बुझा दे बेटा … अपनी मौसी को इस्ल्न्द से चोद दे … तेरा लंड बहुत लम्बा है. तेरा लंड बहुत मजा देगा मुझे!

तभी मौसी ने मेरे लंड को हाथ से जोर से दबाया.
मैंने हटना चाहा तो मौसी मुझ से लिपटकर मेरे लबों को चूमने लगी.

मौसी के स्तन मेरी छाती पर रगड़ रहे थे.
मुझे इसमें बहुत अच्छा लग रहा था.

तब मैं अपना हाथ मौसी की गांड पर ले गया और मौसी के चूतड़ दबाने लगा.
उसके मुख से कामुक सीत्कारें निकलने लगी.

तब मैंने मौसी से पूछा- मौसी, ज़रा बताओ कि मेरा लंड आपने कब देखा? जो बोल रही हो तुम्हारा लंड बहुत बढ़िया है?
मौसी- जब तुम्हारे घर गई थी और तुम खेत में सोये थे, तब!

मैं हैरान हो गया कि उस समय मुझको तो पता ही नहीं चला.
मौसी बोली- पहले प्यास बुझाओ, बाद में सब बताऊंगी.
मैं बोला- ओके!

फिर मैंने मौसी के चूचे दबाना शुरू किया, वे काफी बड़े थे.

मैंने मौसी की साड़ी निकाली और उसके ऊपर लेट गया.
तो मौसी ने कहा- बेटा, मेरे चूचों को चूस ले. बहुत समय से किसी ने इनको नहीं चूसा है बस एक मर्द को छोड़कर! वे भी जब मौका मिलता है तो सिर्फ चोद लेते हैं. क्योंकि उनके पास इतना टाइम नहीं होता!
मैं- किस मर्द को छोड़कर?
मौसी- तेरा बाप!

मैं चकित नहीं हुआ क्योंकि शक तो मुझे पहले ही था.
तो मैं बोला- बताओ कैसे तुम चुदी पापा से?
मौसी- बाद में बताऊंगी.

मैं मौसी के चूचे ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा.
मौसी के चूचे और फूलने लगे थे.

फिर मैंने मौसी का साया उतार कर उसकी चूत को ज़ोर से मसल दिया.
तब मौसी ने चड्डी नहीं पहनी हुई थी.

मौसी बोलेन लगी- आआह ऊह ऊओ … और ज़ोर से मसल … फाड़ दे इसको!
तब मैंने अपनी मध्यमा उंगली उसकी चूत में घुसा दी.
तो उसके मुंह से गर्म सीत्कारें निकलने लगी.

मौसी ने कहा- बेटा जल्दी कर … चोद दे मुझे!
तो मैं बोला- अरे मौसी जल्दी क्यों करती हो, पूरी रात है हमारे पास!
मौसी ने हाथ में मेरा लंड पकड़ लिया.

मैंने कहा- यार मौसी, इसे अपने मुंह में लेकर चूस ना!
मौसी मेरा लंड चाटने लगी.

इससे मैं बहुत गरम हो गया तो मैंने अपना लंड सीधे मौसी की चूत में घुसा दिया.

तब मौसी के मुख से चीख की आवाज़ निकली- आआ ईई ईई उम्म्हां … अह … हांह… ओ!

मैं मौसी के उरोज मसलने लगा और थोड़ी देर बाद मौसी सामान्य हो गई.

मैं अविरत छोटी मौसी की चुदाई में लगा था.
और मैं झाड़ें लगा तो मुझसे रुका नहीं गया, मैंने अपना सारा रस मौसी की गर्म फुद्दी में डाल दिया.
मौसी बोली- यार प्रशांत, तू तो बड़ा चोदू निकला रे … मेरी जवानी की आग एक बार में ही ठण्डी कर दी.

लेकिन मौसी नहीं जानती थी कि यह मेरा प्रथम यौन सम्बन्ध अनुभव है.

उसके बाद मैंने कहा- पहले बताओ तुम पापा कब और कैसे चुदी? और मेरा लन्ड कब देखा? उसके बाद मैं तुम्हारी गान्ड मारूंगा.

मौसी- जब मैं तुम्हारे घर गई थी, तब तुम खेत में सो रहे थे. मैंने तुम्हारी चड्डी उतार कर तुम्हारा लंड देखा था.
मैं बोला- जब मैं और पापा सो रहे थे तब?
मौसी- हाँ!

मैं बोला- मैं जान नहीं पाया था.
मौसी- मैं पानी लेकर आई थी. तब मैं तुम्हारे पापा के साथ वहां से दूर दूसरे खेत में चुदवाने गयी थी.

मैं- अच्छा मतलब तुम उसी दिन पापा से चुदाई करवाने गई थी.
मौसी- तुम जानते हो क्या?
मैं- मैं जग रहा था जब तुम आई थी.
मौसी- अच्छा!

मैं- मुझे पता चला होता तो उसी दिन मैं आपको चोद लेता!
मौसी- तेरे पापा से चुदवा कर भी मेरी प्यास नहीं बुझी थी क्योंकि तुम्हारे पापा भी बुड्ढे हो रहे हैं. उस वक्त मैंने तुम्हारे पापा के सामने तुम्हारा लंड देखा था. फिर तुम्हारे पापा बोले थे कि इसे भी लेने का इरादा है क्या?
मैं- अच्छा?
मौसी ने कहा- तो मैंने तुम्हारे पापा को तुम्हारे लंड से चुदाई की इच्छा बताई थी.

इस तरह से मौसी ने ये सब कहानी मुझे बताई.

फिर मैं बोला- मुझे पापा और आपकी चुदाई देखनी है.
मौसी- चलो, अब जब तुम्हारे घर आऊंगी तो तुम्हें फोन कर दूंगी. तुम भी घर आ जाना. फिर हम साथ में चुदाई करेंगे.
मैं बोला- साथ में कैसे?
मौसी- वो मैं सब जुगाड़ कर लूंगी.

उसके बाद मैं 3 दिन मौसी के यहां रुका और उसकी खूब चुदाई की.
अगले दिन तो मैंने मौसी की गांड भी मारी.
लेकिन वो बोल रही थी- मैंने आज तक गान्ड नहीं मराई थी.

मेरा नाम विक्की है और नरसिंहपुर जिले में मेरी दवाइयों की दुकान है. मेरा जीवन बहुत ही सेक्सी घटनाओं से भरा रहा है.

यकीन मानिए कि मेरे आज तक 100 से अधिक लड़कियों और महिलाओं के साथ सेक्स संबंध बने हैं.
इतनी अधिक संख्या में संबंध बनने का कारण यह है कि सबसे पहले तो यह कि मैं किसी भी लड़की या महिला को रंडी छिनाल रखैल वेश्या या किसी भी प्रकार की गाली से संबोधित नहीं करता.
मैं उन्हें हर हाल में सम्मान अवश्य देता हूं.
क्योंकि मेरा मानना है कि सेक्स की भूख हर महिला या पुरुष में एक जैसी होती है.
जब हम लड़के अपनी सेक्स की इच्छा का सम्मान करते हैं, तो हमें लड़कियों की इच्छा का भी सम्मान करना चाहिए.

हो सकता है कि किसी लड़की की इच्छा एक से अधिक लड़कों के साथ संभोग करने की हो, तो इसमें मैं कुछ भी गलत नहीं मानता.
दूसरा कारण यह कि मैं लड़कियों पर कभी हक जताने की कोशिश नहीं करता कि तुमने अगर मेरे साथ संबंध बनाए हैं तो तुम दूसरे के साथ ना बनाओ.

ऐसा कुछ भी नहीं है, जिन लड़कियों ने मेरे साथ सेक्स किया है. उन्होंने कई बार मेरे सामने ही दूसरों से संबंध बनाए हैं.
तीसरा कारण है कि मैंने कभी किसी लड़की का वीडियो बनाकर या फोटो खींचकर उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश नहीं की क्योंकि मैं जानता हूं कि समाज में इज्जत क्या होती है और मैं भी एक इज्जतदार व्यक्ति हूं.

चौथा कारण यह है कि सेक्स संबंध बनाने के बाद भी मैं उन सभी लड़कियों और महिलाओं की जहां तक संभव हो सकता है, मदद की है … और करता रहता हूं. यानि ऐसा नहीं कि चुदाई हो गई तो संबंध खत्म.

पांचवा कारण यह है कि मैं दिखने में बहुत ही स्मार्ट और फिट हूं. मेरे लंड का साइज भी सभी को बहुत संतुष्ट करता है और सभी लड़कियां मुझसे और ज्यादा चुदने की इच्छा रखती हैं.

जो लड़की एक बार मुझसे चुद जाती है, वह बार-बार मुझसे चुदना चाहती है.

यह फुल न्यूड टीचर सेक्स कहानी उस समय की है जब मैं स्कूल में स्टूडेंट हुआ करता था. मैं उस समय 12वीं कक्षा का छात्र था.
मुझमें सेक्स की भूख तो काफी पहले उस समय से ही शुरू हो गई थी, जब मेरा लंड खड़ा होना चालू हो गया था.

हमारे जमाने में इतनी पोर्न पिक्चर नहीं चला करती थीं, ना मोबाइल होते थे, ना टीवी पर कुछ सीडी से सेक्स आदि देखने का प्रबंध था.

टॉकीज में तो वैसे ही ये फ़िल्में नहीं लगती थीं.

उस समय किसी हीरोइन को फ्रॉक में देख लेने से ही लंड खड़ा हो जाता था … फिर बिकनी में देखना तो बहुत दूर की बात थी.
मुझे मूवीज में चुदाई के सीन देखना बहुत पसंद आते थे, जैसे इंसाफ का तराजू का रे-प सीन तो आज भी मेरा फेवरेट है.

मैं 11वीं क्लास में अपने कुछ दोस्तों के साथ ट्यूशन पढ़ाने बबीता मैडम के यहां जाया करता था.
हमारी ट्यूशन की क्लास में 5 लड़कियां और मेरे अलावा 4 लड़के और थे.

मेरा साइंस सब्जेक्ट था और बबीता मैडम मेरी बॉटनी पादप विज्ञान की टीचर थीं.
वैसे तो मैं पढ़ाई लिखाई में होशियार था पर बॉटनी थोड़ी कमजोर थी.

बबीता मैडम एकदम दूध जैसी गोरी और सेक्सी लड़की थीं, जिनकी शादी होने में काफी देरी हो गई थी.
वे मुझे अक्सर घूर घूर कर देखा करती थीं और मैं भी उन्हें बहुत घूर घूर कर देखा करता था.

वे अक्सर लो-कट ब्लाउज पहनती थीं, जिसमें से उनके भरे हुए दूध बहुत मस्त लगते थे.
उनका वजन लगभग 70 किलो होगा और जिस्म एकदम गदराया हुआ था.

उनकी उम्र उस समय शायद 32 या 33 साल की रही होगी.
उनके घर में उनकी एक छोटी बहन और माता पिता रहते थे.

वो अक्सर लड़कों के सामने अपने दूध ज्यादा से ज्यादा दिखें, इस तरह से बैठती थीं.
पढ़ाई के मामले में वो बहुत स्ट्रिक्ट थीं और कोई भी उनकी ट्यूशन में बिना होमवर्क करे नहीं जा सकता था.

वे लड़कियों तक की स्केल से सुताई कर देती थीं तो जाहिर सी बात है कि सभी उनसे बहुत डरते भी थे.

अक्सर वे हम लड़कों और लड़कियों से कहा करती थीं कि अगर होमवर्क नहीं किया, तो सबके सामने पूरा नंगा करके मारूंगी.
उनकी इस बात से सभी लोग उनसे बहुत डरते थे.

एक बार की बात है. हम उनके घर गए थे.
उस वक्त वे घर में अकेली थीं क्योंकि उनके माता पिता छोटी बहन को लेकर 4-5 दिन के लिए किसी शादी में गए थे लेकिन वे नहीं गई थी क्योंकि हम सभी स्टूडेंट के एग्जाम सर पर थे.

हमारी पढ़ाई की खातिर वे रुक गई थीं.

इत्तेफाक से हमारे घर में शादी होने के कारण मैं उनका होमवर्क पूरा नहीं कर पाया था.
इस बात पर मैडम बहुत गुस्सा हुईं और मुझे ट्यूशन के बाद अपना होमवर्क पूरा करने को कहा गया.

मुझे जल्दी घर जाना था लेकिन मैं क्या करता.
उस दिन ट्यूशन का टाइम पूरा करके सब लोग चले गए और मैं अकेला रह गया.

जब सब लोग चले गए तो उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया और मुझे होमवर्क सौंप कर खुद नहाने के लिए बाथरूम में चली गईं.

वह नहा कर एक बड़े से तौलिए में खुद को लपेटकर आ गईं.
उन्होंने अन्दर शायद कुछ भी नहीं पहना था … न ब्रा न पैंटी.

उन्होंने आते ही मेरी कॉपी चैक की.
मैं बहुत थोड़ा सा होमवर्क पूरा कर पाया था.

वह गुस्सा होने लगीं और बोलने लगीं- फालतू जगह पर तो तुम्हारा बहुत ध्यान रहता है और पढ़ाई के नाम पर बिल्कुल डफर हो. तुम्हें इसका पनिशमेंट मिलेगा.
मैंने डरते हुए कहा- जी मैडम.

उन्होंने कहा- खड़े हो जाओ और अपने कपड़े उतारो.
उनकी इस बात पर मैं बुरी तरह चौंक गया और उनके चेहरे की तरफ देखने लगा.

उन्होंने कहा- सुनाई नहीं दिया … मैंने क्या कहा? जो कहा, एक बार में माना करो.
मैंने कहा- लेकिन मैडम मैं आपके सामने कपड़े कैसे उतारूंगा?

इस बात पर मैडम ने मुझे एक झापड़ जड़ दिया और कहा- जैसा बोल रही हूं वैसा करो. वरना इतनी पिटाई पड़ेगी कि हाथ पैर सूज जाएंगे.

कोई रास्ता नहीं देख कर मैंने अपने कपड़े उतारना शुरू किए.
पहले मैंने अपनी शर्ट उतारी और उनके चेहरे की तरफ देखा.

वे टॉवल में लपेटी हुई मुझे बहुत गौर से देख रही थीं.

मैं शर्ट उतारने के बाद खड़ा हो गया, तो उन्होंने इशारा करके पैंट उतारने का आदेश दिया.
मैंने डरते हुए पैंट उतार दी.
अब मैं उनके सामने सिर्फ चड्डी और बनियान में खड़ा था.

उन्होंने गरजदार आवाज़ में कहा- उतर गए पूरे कपड़े क्या?
मैंने डरते हुए कहा- नहीं मैडम.

उन्होंने कहा- नहीं का क्या मतलब … उतारो पूरे कपड़े.
मैंने डरते हुए अपनी बनियान भी उतार दी और सिर्फ चड्डी में उनके सामने सर झुकाकर खड़ा हो गया.

अब तक मेरा लंड खड़ा हो गया था, जो चड्डी में से साफ दिख रहा था.
मैडम ने चिल्लाकर कहा- ये उतारने के लिए क्या अब अलग से बोलूं?

मैंने कहा- फिर तो मैं पूरा वो हो जाऊंगा मैम!
उन्होंने कहा- जो बोलना हो, साफ साफ बोला करो कि क्या हो जाओगे!

मैंने कहा- मैं पूरा नंगा हो जाऊंगा.
उन्होंने कहा- हो जाओ, जो मैं कहती हूं चुपचाप करो.

मैंने डरते हुए अपनी चड्डी भी उतार दी और अपने लंड को हाथों से छुपा लिया.
इसके बाद उस जालिम ने मुझे अपने दोनों हाथ ऊपर उठाने को कहा.

मैंने डरते हुए अपने दोनों हाथ ऊपर उठाए और मेरा लंड बेपर्दा हो गया.
वह थोडी देर तक तो मेरे लंड को ही घूरती रहीं.

फिर उन्होंने मेरे लंड में एक चपत लगाई और कहा- ये खड़ा क्यों है?
उनका हाथ लंड में लगा तो मेरा लंड फनफनाने लगा.

ये देख कर मैडम के होंठों पर हल्की सी मुस्कान आ गई, जिसे उन्होंने तत्काल छिपाते हुए अपनी भंगिमा बदल ली.
मैंने कहा- मैडम, मैं पहली बार किसी लड़की के सामने नंगा हुआ हूं. ये इसी लिए खड़ा हो गया है.

उन्होंने मेरे लंड को प्यार से देखते हुए कहा- अगर होमवर्क नहीं करोगे तो कल सबके सामने नंगा कर दूंगी. फिर देखती हूँ कि कैसे खड़ा होता है. अगर कल भी खड़ा हुआ तो तुम्हारी मम्मी को बुला कर उनसे शिकायत करूंगी.
उनकी इस धमकी से मैं बहुत डर गया और मैंने कहा- आप जो बोलोगी मैं मान लूंगा, पर प्लीज ऐसा मत करना.

उसने कहा- ठीक है, लेकिन इसके बदले में तुम्हें मेरी मालिश करना पड़ेगी क्योंकि एक्स्ट्रा टाइम करने की वजह से मेरे हाथ पैर बहुत दुख रहे हैं.
मैंने कहा- ठीक है मैडम, कर दूंगा. कब करना है?

उन्होंने कहा- अभी करो और वो सामने तेल की शीशी रखी है. उसे उठाकर बेडरूम में आ जाओ.
मैंने सर हिलाते हुए कहा- ठीक है.

मैं तेल की शीशी उठाकर उनके साथ उनके पीछे पीछे बेडरूम में चला गया.
उन्होंने अपना तौलिया खोला और उसे एक साइड पटक दिया.

मैं उन फुल न्यूड टीचर का जिस्म देखते ही रह गया.
मैंने जीवन में पहली बार किसी लड़की को नंगा देखा था. क्या गजब का सेक्सी जिस्म था.

मेरा लंड अकड़ने लगा.

उन्होंने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और मसलने लगीं.
मैंने भी अपने आपको उनको सौंप दिया और उन्हें चूमना चालू कर दिया.

मैंने उन्हें उनके होंठों पर किस किया.
उसके बाद उनके कानों में किस किया और फिर गर्दन पर किस किया.
फिर मैंने उनके दूध चूसना चालू कर दिए.

मैडम बहुत बेचैन होने लगीं और मुझे घसीट कर बिस्तर पर ले गईं.

हम लोगों ने दूसरे को पूरी तरह चूमना चालू कर दिया.

तभी उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में भर लिया और उसे गपागप अन्दर-बाहर करने लगीं.
थोड़ी देर बाद मैडम ने कहा- अब तुम मेरी चूत चूसो.

मैंने मैडम की चूत में जीभ डालकर चूसना चालू कर दिया.
तभी मैंने उनकी चूत में लंड रखकर अन्दर धकेलना चालू कर दिया.

उनका भी शायद यह पहली बार था.
शुरुआत में उन्हें तकलीफ हुई, पर अब तो हम दोनों पर कामवासना सवार थी.

मैडम ने चित लेट कर अपनी टांगें फैला दीं.
उनकी चूत से रस टपक रहा था.

मैंने चुदाई की पोजीशन बनाई और लंड चूत पर सैट कर दिया.
इसके बाद मैंने अपना लंड पूरी ताकत लगाकर मैडम की चूत में धकेल दिया.

वे तड़प उठीं.
लेकिन मैंने धक्के लगाने चालू कर दिए.

कुछ देर के दर्द के बाद मैडम की गांड खुद ब खुद उठने लगी.
मस्त चुदाई होने लगी.

मैडम थोड़ी देर में झड़ गईं लेकिन मेरा नहीं हुआ था तो मैं तो अभी भी पेल रहा था.
इस बात पर मैडम को आश्चर्य हुआ.

खैर … जब मैंने अपना पूरा कर लिया तो मैंने अपना वीर्य उनकी चूत में छोड़ दिया.

कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही फुल न्यूड पड़े रहे.

फिर मैंने थोड़ी देर बाद उनकी आंखों में देखा, उनके चेहरे पर संतोष संतुष्टि के अलग ही भाव थे.

इसके बाद थोड़ी देर बाद मैंने पूछा- मैडम, गांड भी मरवाएंगी क्या?
तो उन्होंने हंस कर कहा- अगर अगली बार होमवर्क पूरा नहीं करोगे तो उधर की सजा भी दूंगी.

इसके बाद उन्होंने मुझसे कपड़े पहनने का आदेश दिया और खुद भी अपने कपड़े पहनने लगीं.
मैंने भी अपने कपड़े पहने और घर आ गया.

उसके बाद जब तब मौका मिलते ही मैं मैडम की चूत चुदाई का मजा लेने लगा था.

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मेरा नाम राहुल है Hindi Porn Stories और मैं आगरा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में तीन ही लोग हैं, मैं, पिताजी और माँ।

बात उस समय की है जब मैं पढ़ता था। मेरे पड़ोस में शर्मा जी का घर था, उनकी दो बेटियाँ थी, एक तो मेरे साथ ही पढ़ती थी। मैं पढ़ने में काफी होशियार था इसलिए कई बच्चे मुझसे सवाल पूछा करते थे और मैं भी सबकी मदद कर देता था। मैं अपने मोहल्ले का काफी सीधा लड़का था।

अब मैं आप लोगो को शर्मा जी की बेटियों के बारे में बताता हूँ। बड़ी का नाम सीमा और छोटी का अंशु था। दोनों की जवानी उभार पर थी पर छोटी वाली तो कुछ ज्यादा आगे थी। सीमा का फिगर बड़ा मस्त था 24-36-24, पर रंग थोड़ा सांवला था। अंशु तो गजब की बाला थी, गोरा रंग और गजब का फिगर ! ऐसा कि देखते ही चोदने का मन करे और कई लड़के तो खड़े-2 मुठ मार दें ! फिर भी मैं इन सब पर ध्यान नहीं देता था।

एक दिन की बात है, मैं शाम को घर के बाहर टहलने निकला, तभी अंशु दौड़ती हुई मेरे पास आई और कहा- दीदी आपको बुला रही है, उन्हें कुछ पूछना है।

मैं चलने को तैयार हो गया और उसके पीछे पीछे उसके घर चला गया। वहाँ देखा तो सीमा कुछ पढ़ रही थी। उसके मम्मी-डैडी कहीं बाहर गए हुए थे और घर पर बस वही दोनों थी।

अंशु ने मुझे एक सोफे पर बैठाया और पानी लेने चली गई। तब तक सीमा अपनी किताब लेकर मेरे पास आ गई। उसने आसमानी रंग की एकदम पतली नाइटी पहन रखी थी जिसमें से उसकी काली रंग की ब्रा-पैंटी साफ़ झलक रही थी।

पहले तो मैं थोड़ा शरमाया पर सब सही हो गया। वो मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई और सवाल पूछने लगी। सवाल पूछते-2 वो कुछ ऐसा कर रही थी कि उसके स्तन मुझे दिख जाएँ। मेरी नजरें उसके वक्ष पर अटक गई। वह अपनी सफलता पर थोड़ा मुस्कुराई और फिर आगे पूछने लगी।

तब तक अंशु पानी लेकर आ गई। वह आगे बढ़ी और एक कुर्सी से टकरा गई और पानी मेरी पैंट पर गिर गया। मैं घबरा गया। सीमा के स्तन देखते हुए मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था।

अंशु ने मुझसे माफ़ी मांगी और एक तौलिया दे दिया। मैं बाथरूम में चला गया। तभी सीमा वहाँ आ गई और मेरा हाथ पकड़ लिया।

मैं काफी डर गया और अपना हाथ खींच लिया।

वो अंशु को बुलाते हुए बोली- देख रे कैसा शरमा रहा है, जैसे कभी लड़की ही नहीं देखी।

अंशु भी आ गई और वो दोनों मुझे बेडरूम में ले गई।

मैं सिर्फ अंडरवियर और शर्ट में था।

मुझे देख कर सीमा बोली- हाय रे ! कातिल कहाँ छुपा था अब तक?

अब उन दोनों ने मुझ पर सेक्सी कमेंट्स करने शुरु कर दिए।

मैं बेचैन हो गया और उनसे कहा- मुझे जाने दो !

पर वो भला कहाँ मानने वाली थी।

अंशु ने पीछे से मुझे पकड़ लिया और मेरे शर्ट के बटन खोल दिए। सीमा भी आगे से मेरे ऊपर चढ़ गई और अपने स्तनों को मेरे सीने पर दबाने लगी और मुझे बेतहाशा चूमने लगी।

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाला और मेरे लिंग को दबाने लगी।

तभी अंशु ने पीछे से एक ब्लू फिल्म चला दी और कहा- तुम तो काफी ठंडे लगते हो, क्या पहले तुमने ये सब नहीं किया?

मैंने ना में जवाब दिया।

ब्लू फिल्म देख कर मुझे भी जोश आने लगा और मेरा लिंग तनकर 8 इंच का हो गया।

मैंने सीमा की नाइटी उतार दी और ब्रा के बाहर से ही उसके उरोजों को दबाने लगा। क्या सॉलिड बूब्स थे उसके ! मन तो कर रहा था कि काटकर खा लो।

मैंने उसकी पैंटी में ऊँगली डाली और उसकी योनि में ऊँगली करने लगा। उसकी चूत में से पानी आने लगा।

मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और पैंटी भी उतार दी, उसने भी मेरा अंडरवियर उतार दिया। अब दोनों एकदूसरे के सामने नंगे खड़े थे। मैंने पहली बार चूत के दर्शन किए थे। उसकी गुलाबी रंग की चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसके बड़े-2 चूतड़ उसको और हसीं बना रहे थे।

मेरे लिंग को देखते ही वो बोली-कितने गंदे हो तुम ! कभी अपनी झांटें भी साफ़ कर लिया करो !

मैंने कहा- डर लगता है ! कहीं कट गया तो?

उसने अपनी बहन अंशु से ब्लेड मंगाया और कहा- आओ, मैं तुम्हारी झांटें बना देती हूँ।

वो मुझे बाथरूम में ले गई और झांटे साफ़ करने लगी और इस बीच मैं उसके स्तन दबाता रहा।

इसके बाद उसने शॉवर चला दिया और हम दोनों उसके नीचे भीगने लगे। एक तरफ पानी और दूसरी तरफ आग, पर आज पानी भी आग को नहीं बुझा पाया।

उसने मेरा लिंग मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मैं भी उसकी चूचियों को चूसता रहा और चूत में ऊँगली करता रहा।

उसका बदन जलने लगा और कहने लगी- अब और न तड़पाओ मुझे। चोद दो इस चूत को। फाड़ दो इसे अपने फौलादी लंड से।

मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी कमर पर हाथ लगाया और उसकी चूत पर निशाना लगाते हुए अपना लंड आगे दिया। पर मेरा लंड किनारे हो गया। उसकी योनि काफी कसी थी। उसकी गुलाबी चूत शायद अभी तक कुंवारी थी। मैंने २-३ बार कोशिश की पर सफल नहीं हुआ।

फिर उसने मेरे लंड पर शैंपू लगाया और अपनी योनि पर भी। अब धीरे से उसने मेरे लंड को योनि के मुख पर टिकाया और मुझसे धक्का लगाने को कहा, वो खुद भी धक्का लगाने लगी। शैंपू की चिकनाहट के कारण लिंग योनि में सरकता चला गया।

आधा अन्दर जाते ही वो जोर से चिल्लाईई और बाहर निकालने के लिए कहने लगी।

मैंने अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए और उसके स्तन दबाने लगा। धीरे-2 उसका दर्द कम हुआ, तभी मैंने लिंग को थोड़ा बाहर खींच कर पूरी ताकत से पेल दिया। वो तड़प उठी।

मैं फिर उसके होठों को चूमने लगा। धीरे-2 वो जोश में आने लगी और अपने चूतड़ उछाल-2 कर मजे लेने लगी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी।

करीब दस मिनट बाद वो झड़ गई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया पर मैं अभी भी लगा रहा।

पाँच मिनट बाद मैंने भी वीर्य की पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी और उसके ऊपर लेट गया।

तभी उसकी बहन अंशु वहाँ आ गई और कहने लगी- अब मेरी प्यास भी मिटा दो।

मैंने देखा सीमा वहीं शॉवर के नीचे पड़ी है और उसकी चूत से पानी और खून निकल रहा है।

मैंने सीमा को वहीं छोड़ा और अंशु के पास पहुँच गया।

जैसा मैंने पहले ही बताया था कि अंशु सीमा से भी ज्यादा सेक्सी माल थी और ऊपर से उसका गोरा रंग और गजब ढा रहा था।

मुझे ऐसा लगा की कोई परी मेरे सामने खडी है और कह रही है- आओ, मुझे चोद दो, मेरी चूत की प्यास बुझा दो।

मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर लेट गया। उसने कसकर मुझे पकड़ लिया और उसकी चूचियों का नरम-2 एहसास मुझे अपने सीने पर होने लगा।

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा, धीरे से मैंने उसके होंठों को थोड़ा काट लिया। उसके पूरे बदन में आग लग गई, उसने भी मुझे चूमना शुरु कर दिया।

फिर मैंने उसे थोड़ा अलग किया और उसके स्तन दबाने लगा। वो भी मेरा लिंग दबाने लगी और लिंग को चूसना शुरु कर दिया। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैं भी उसकी चूत में ऊँगली डालने लगा और उसके स्तनों को चूसने लगा।

अंशु की योनि तो सीमा से भी मस्त और कसी थी। उसको देख कर ऐसा लगता था मानो भगवान् ने फुर्सत में उसे बनाया है।

तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मैंने भी अपना वीर्य उसके मुँह में भर दिया, उसने पूरा वीर्य पी लिया और लिंग को चाट-2 कर साफ़ करने लगी।

मेरा लिंग एक बार फिर मैदान में आ गया और इस बार उसका निशाना सिर्फ अंशु की चूत थी। अंशु भी गरम हो गई थी और बार-2 मुझे छोड़ने का निमंत्रण दे रही थी।

मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख लिया। मुझे पता था कि अंशु की चूत भी अभी कुंवारी है इसलिए मैंने धीरे से उसकी योनि का मुँह फैलाया और उस पर लंड का सुपारा टिका दिया।

मैं उसके होंठों को चूमता रहा और एक उसके पुष्ट उरोजों को दबाते हुए हल्का सा झटका दिया और मेरा लंड आधा अंशु की चूत में पंहुच गया।

वो दर्द से चीख पड़ी पर मैंने उसे ज्यादा मौका नहीं दिया और उसके होंठों को चूसता रहा। उसकी झिल्ली फट चुकी थी, मैंने उसका कौमार्य भंग कर दिया था।

मैंने थोड़ा पीछे होते हुए पूरी ताकत से लंड उसकी चूत में डाल दिया।

वो तड़प उठी पर थोड़ी ही देर में उसे मजा आने लगा और वो चूतड़ उछाल-2 कर साथ देने लगी।

करीब 15 मिनट बाद वो झड़ गई। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे कुतिया की पोजिशन में कर दिया और फिर उसी तरह करीब आधे घंटे चलता रहा।

तभी उसने कहा- राहुल, अब मैं झड़ने वाली हूँ।

मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए। वो मुझसे चिपक गई और निढाल हो गई।

उस रात हम तीनों ने चुदाई के कई राउंड चलाये। जिसमें दो बार मैंने उन दोनों की गांड मारी और चूत को फाड़ कर भोंसड़ा कर दिया।

उसके बाद भी हमे जब भी मौका मिलता हम पूरा फायदा उठाते।

अंशु की चूत तो अब भी वैसी ही टाइट लगती है। कई बार मैंने उनकी सहेलियों के साथ भी सम्बंध बनाए।

पर यह अगली बार।

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Xxx मेड फक कहानी में मैं मुठ मार के गुजरा करता था. हमारी काम वाली आंटी को पता चल गया, उन्होंने मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा. तो मैंने आंटी को ही मदद करने को कहा.

दोस्तो, मेरा नाम जीत है. मैं यूपी का रहने वाला हूं.
मेरी उम्र अभी 25 साल है, हाइट 5 फुट 7 इंच है और मेरा लौड़े का साइज 6 इंच है.

यह Xxx मेड फक कहानी एकदम सच्ची है.

यह बात एक साल पहले की है.

हमारे घर पर एक काम वाली आंटी काम करने आती थीं.
उन आंटी का नाम कोमल था.
उनका रंग सांवला था.
आंटी थोड़ी मोटी भी थीं, लेकिन बहुत ही सेक्सी फिगर की थीं.

एक दिन मैं अपने दोस्तों के साथ घूम रहा था तो हम दोनों हस्तमैथुन की बात करने लगे.

बातचीत के दौरान उसने कहा- मैं तो लंड पर कंडोम पहन कर मुठ मारता हूँ और वैसे ही अपने लौड़े को कंडोम पहनाए हुए ही सो जाता हूँ.
मैंने कहा- इसमें क्या खास बात है?

वह बोला- खास-वास कुछ नहीं है, बस उस वक्त जो नशा चढ़ता है ना तो लगता है कि कौन लंड धोने जाए … बस ऐसे ही पड़े रहो. बिस्तर के कपड़े भी खराब नहीं होते और मजा भी पूरा आआ है. तू कैसे मुठ मारता है?

मैंने कहा- मैं तो मुठ मार कर टिश्यू पेपर से लंड पौंछ लेता हूँ.
वह कुछ नहीं बोला.

फिर उसने कहा- अरे यार, मुझे तो डॉटिड कंडोम में हाथ चलाने में मजा आता है.
उसकी यह बात सुनकर मुझे भी लगा कि एक बार तो कंडोम लगा कर देखना चाहिए कि कैसा लगता है.

कुछ देर बात करने के बाद उस दोस्त ने मुझे अपने पास से एक कंडोम का पैकेट दे दिया और कहा- ट्राई करके देख.
मैंने भी वह कंडोम का पैकेट अपनी जेब में रख लिया.

मैं शाम को अपने घर आया तो मैंने सोचा कि मैं इस कंडोम को यूज कर लेता हूँ.
मेरा कमरा अलग था तो अपने कमरे में गया और दरवाजा बंद कर दिया.

मैंने अपने कपड़े उतार दिए और अपने लौड़े पर कंडोम चढ़ाने लगा.
पर लंड तो ढीला था तो मैंने सोचा कि पहले इसको कड़क करता हूँ.

मैंने अपने लौड़े पर थूक लगा कर हिलाना शुरू कर दिया.

कुछ देर बाद मेरा लंड सख्त हो गया.
अब मैंने कंडोम का रैपर फाड़ा और उसे अपने लौड़े पर चढ़ा दिया.

उसके बाद मैंने कुछ देर तक मुठ मारी और झड़ गया.
सच में बड़ा मजा आया.
न साला हाथ धोना पड़ा और ना लंड.

फिर मैं बिना कंडोम निकाले यूं ही ही सो गया.
बड़ी गहरी नींद आई.

सुबह सुबह कोमल आंटी की आवाज आई- जीत बेटा दरवाजा खोलो.
मैं एकदम से हड़बड़ा कर उठा और अपने लंड को देख कर मैंने कहा- हां आंटी, बस अभी आया … आप एक मिनट रुको.

मैंने झट से लंड से कंडोम निकाला और बेड के गद्दे के नीचे घुसा दिया.
फिर मैंने जल्दी से अपने कपड़े पहने और दरवाजा खोल दिया.

कोमल आंटी ने कहा- 8 बज रहे हैं … उठना नहीं था क्या?
कोमल आंटी मुझसे थोड़ा फ्रेंडली थीं तो मैंने कहा- आपके ही उठाने का इंतजार कर रहा था.
वे हंसने लगीं.

फिर मैं फ्रेश होने चला गया.

जब मैं अपने कमरे में आया तो देखा कि साला कंडोम तो आधा ही गद्दे के नीचे घुसा हुआ है और कोमल आंटी भी उसी के सामने पौंछा लगा रही हैं.

मैंने जैसे ही कंडोम को अन्दर घुसाने की कोशिश की, आंटी ने मुझे देख लिया.

आंटी मुझसे बोली- यह कंडोम यहां क्या कर रहा है?
जैसा कि मैंने आपको बताया कि कोमल आंटी मुझसे थोड़ा फ्रेंडली थीं.

तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा- कुछ नहीं आंटी, यह गलती से रह गया था.
आंटी ने कहा- इसे तो तुरंत ही फेंक देना चाहिए था ना!

मेरी जगह कोई और होता तो शायद तुरंत उनकी बात को पकड़ लेता कि वे क्या कहना चाहती हैं.
लेकिन मैंने कहा- आंटी यह तो अभी निकाला है, इसलिए मैंने यहीं रख दिया था.

आंटी आश्चर्य से बोलीं- क्या तूने यह अभी यूज़ किया है?
मैंने कहा- नहीं, यूज़ तो रात को किया था … पर इसे लगा कर ही सो गया था. अब निकाल कर रखा था.

वह बोलीं- छी: तेरे कच्छे में तो बास भी भर गई होगी!
मैंने कहा- अरे ऐसे कैसे कच्छे में बास भर गई होगी? चाहे तो आप सूंघ लो.

आंटी हंसने लगीं और बोलीं- किसी को लेकर भी आया था … या अपने हाथ से ही काम चलाया था?
मैंने कहा- ऐसी किस्मत कहां है मेरी, जो कोई मेरे साथ सेक्स करे!

कोमल आंटी ने कहा- दिखने में तो इतने हैंडसम हो, फिर भी तुझे हाथ से काम चलाना पड़ रहा है!
मैंने कहा- क्या करूँ आंटी … आप भी तो मेरे लिए कुछ नहीं सोचतीं.

यह सुनकर आंटी ने मेरे हाथ से एकदम कंडोम छीन लिया और बोलीं- जीत, ज्यादा मत बोला करो … मैं तुम्हारी आंटी हूँ … तुम्हारे पास मेरे लायक लंड भी नहीं होगा.
मैंने उनके मुँह से लंड शब्द सुना तो समझ गया कि आंटी लंड के नीचे आने को राजी हैं.

मैंने कहा- बड़े छोटे से कुछ नहीं होता आंटी … लंबी रेस का घोड़ा होना चाहिए.

तभी आंटी ने कंडोम को सीधा किया और हैरानी से बोलीं- क्या तुम्हारा इतना बड़ा है या तुमने इसे खींच कर लंबा कर दिया?
यह कह कर वे हंसने लगीं.

इतनी सेक्सी बात सुनते सुनते मेरा लंड खड़ा हो गया था.

मैंने आंटी का हाथ अपने लौड़े पर रखा और कहा- खुद ही देख लो आंटी … मेरा हथियार आपकी फटी हुई चुत को मजा दे सकता है!
आंटी ने एकदम से लौड़े से हाथ हटाया और बोलीं- हट बदतमीज, कोई देख लेगा.

अब मुझ पर अपना काबू नहीं रहा.
मैंने आंटी की एक चूची पकड़ कर भींच दी.
आंटी ‘आउच.’ कह कर उचक गईं.

मैंने आंटी से कहा- आंटी, मुझे अब आपके साथ सब कुछ करना है.
वे बोलीं- कोई आ जाएगा, अभी मुझे जाने दो … मैं जा रही हूं.
आंटी मुझसे छूट कर चली गईं.

मैंने आंटी के जाने के बाद उनकी चूचियों का अहसास करते हुए मुठ मार ली.

मैं समझ गया था कि आंटी को लंड के नीचे लाना कोई बड़ी बात नहीं है. साली चुत चुदवाने के कुछ पैसे ही तो लेगी.

उस दिन आंटी चली गईं.
उसके बाद से जब भी आंटी मेरे कमरे में आतीं, मैं उनके ब्लाउज में सौ का नोट फंसा देता कि आंटी एक बार चूसने दो ना.

आंटी हँसती हुई मुझसे अपने दूध दबवा लेतीं और कभी कभी मैं उनके ब्लाउज को उठा कर निप्पल चूस भी लेता.
हर बार आंटी को सौ का नोट मिलता तो वे और ज्यादा प्यार से चूचे दबवा लेतीं.

कभी कभी मैं उनकी टांगों के बीच में भी हाथ डाल कर उनसे चुत चुदवाने की बात कर लेता तो वे कुछ नहीं कहतीं.
कुछ दिनों तक ऐसे ही चलता रहा.

एक दिन घर के सभी लोग एक फंक्शन में दो दिन के लिए गए हुए थे.
मैं नहीं गया था.
मैंने सोच लिया था कि आज आंटी की लेना ही है.

शाम को आंटी आईं और बोलीं- सभी लोग कहां पर हैं?
मैंने कहा- वे सभी एक-दो दिन के लिए एक रिश्तेदार के यहां गए हैं.

आंटी मुस्कुराने लगीं.
मैंने कहा- यहां पर सिर्फ आप और मैं ही रह गए हैं.

वे बोलीं- तो क्या करूँ?
मैंने लंड सहला कर कहा- आंटी, आज आप कुछ नहीं करोगी. आज मैं आपकी चुत चुदाई करूंगा.

आंटी ने हँसते हुए झाड़ू लगाना शुरू कर दिया.
मैंने उनकी गांड को देखा तो मेरा लंड मचलने लगा था.
पीछे से उनकी गांड मुझे मदहोश कर रही थी.

मैंने एकदम से आंटी को पीछे से पकड़ लिया और उनके मोटे मोटे चूचे दबाने लगा.
कोमल आंटी ने कहा- जीत, यह तुम क्या कर रहे हो … ऐसा मत करो.

मैंने आंटी को बेड पर गिरा लिया और कोमल आंटी की चूची दबाते हुए उनके होंठों चूसने लगा.
आंटी ने भी मेरे लौड़े को अपने मुलायम हाथों से भींच लिया.

कुछ 5 मिनट तक हम ऐसे ही करते रहे.
आंटी ने मेरे कपड़े निकाल दिए.
तो मैंने भी आंटी की साड़ी और ब्लाउज निकाल दिए.

आंटी जितनी मोटी थीं, उतनी ही बिल्कुल टाइट चूचियां थीं.
उनकी ब्रा सफेद रंग की ओर कच्छी नीले रंग की थी.

आंटी मेरे लौड़े को पकड़ कर हिलाती हुई बोलीं- आगे को आ जाओ.
उन्होंने मेरे लौड़े को अपने मुँह में भर लिया.
अब आंटी मेरे लौड़े को चूस रही थीं.

तभी मैंने आंटी की ब्रा उतार दी.
आंटी के निप्पल काले थे.
मैं उनके निप्पल दबाने लगा.

आंटी को मेरा लंड को चूसते चूसते 15 मिनट हो गए थे.
तब आंटी ने कहा- अब तुम मेरी चाटो.

मैं आंटी की किस करते-करते नीचे आ गया.
मैंने आंटी की पैंटी निकाल दी.

आंटी की चूत पर काली झांटें थीं.
मैंने अपनी उंगली से आंटी की चूत खोली और चूत में उंगली डाल दी. फिर जीभ से चाटने लगा.

आंटी ने मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबा लिया.
मैं अपनी उंगली जोर-जोर से अन्दर बाहर कर रहा था.

आंटी की चूत पूरी तरह से गीली थी.
वे सिसकारियां भरने लगीं- उई आ अम्म चाट जीत चाट मेरे भोसड़े को.
उनकी झांटें मेरे चेहरे पर लग रही थीं.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था.
मैंने आंटी से कहा- आंटी, अपने पैर चौड़े कर लो.
आंटी ने अपने पैर चौड़े कर लिए.

फिर मैंने अपना सख्त लौड़ा उनकी चूत पर रखा और हल्का सा धक्का लगाया तो मेरा लंड अन्दर घुस गया.
आंटी अपनी दोनों आंखें बंद करके अपनी चूची दबाने लगीं.

मैं तेज तेज धक्के मारता हुआ आंटी की चूत चोदने लगा.
मैंने आंटी से कहा- आंटी, आप मेरे लौड़े के ऊपर आ जाओ.

मैं बेड पर लेट गया.
अब आंटी ने मेरे लौड़े को अपनी चूत में डाल लिया और ऊपर नीचे होने लगीं.

आंटी थोड़ी मोटी थीं तो वे कुछ ही देर में थक गईं.
वे बोलीं- मुझसे नहीं हो पा रहा, अब तुम करो.

मैंने आंटी को घोड़ी बना लिया.
आंटी की झांटें बहुत बड़ी थीं इसलिए चूत खोल कर अपना लंड पूरा एक ही बार में डाल दिया.

आंटी- उई आह थोड़ा आराम से करो.
मैंने जैसे ही धक्के देने चालू किए, आंटी के चूतड़ मेरी जांघों पर लगने लगे थे.

Xxx मेड फक करने में मुझे बहुत मजा आ रहा था.
मैं झड़ने वाला था तो मैंने लौड़े को गर्म चूत से बाहर निकाला और आंटी की गांड से कमर तक अपने माल की बूंदें गिरा दीं.

फिर हम दोनों शान्त हो गए.
मैं आंटी के ऊपर ऐसे ही लेट गया.

आंटी बोलीं- मैं इतने दिनों से काम कर रही हूं, ये काम तो तुझे पहले ही कर देना चाहिए था!
मैंने कहा- आंटी कोई बात नहीं, अब से तो शुरू हो गया!

उसके बाद मैंने कहा- आज आप यहीं रुक जाओ. रात भर चुदाई का मजा लेंगे.
वे कुछ देर सोचने के बाद राजी हो गईं।

उन्होंने अपने घर फोन कर दिया कि आज रात वे मेरे घर रुकेंगी.

बस फिर क्या था … मैं और आंटी ने सारी रात चुदाई का मजा लिया.
मैंने आंटी की चुत की झांटें साफ कीं और जबरदस्त चुदाई की.

दोस्तो, यह मेरी सच्ची सेक्स कहानी है. आपको कैसी लगी प्लीज बताएं.

मेरी अभी कुछ सेक्स कहानी और भी हैं जो एकदम सच्ची हैं. उनको मैं Xxx मेड फक कहानी पर आपके कमेंट्स पढ़ने के बाद लिखूँगा.

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