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Massage Girl in Chamrajnagar: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Chamrajnagar who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Chamrajnagar that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Chamrajnagar massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Chamrajnagar who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Chamrajnagar massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Chamrajnagar massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Chamrajnagar who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Chamrajnagar employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Chamrajnagar helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Chamrajnagar

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Chamrajnagar at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Hindi Sex

फिर मैंने Hindi Sex कहा- माँ, मुझको तुम्हारे शरीर के सारे कपड़े भी अच्छे लगते है।

रीमा ने कहा- अच्छा बता, इनमें भला तुझे क्या अच्छा लगता है?

मैंने कहा- इनकी मादक खुशबू। इन कपड़ों से निकलने वाली मस्तानी सुगंध। इस सुगंध में कपड़ों की गंध के साथ साथ तुम्हारे बदन और तुम्हारे पसीने की सोंधी गंध भी शामिल है जोकि इसको और भी मादक बना देती है।

फिर मैंने कहा- मुझे तुम्हारे पैरों में ये उँची ऐड़ी के सैंडल भी बहुत अच्छे लगते हैं। जब तुम इनको पहन कर चल रही थी तो तुम्हारे भारी भरकम चूतड़ क्या मस्त मटक रहे थे और 5 इन्च हील की वजह से चूतड़ और भी उभर कर शरीर के बाहर की ओर निकल आये हैं जो कि इन बड़े बड़े चूतड़ों को और भी मस्त बना देते हैं जिसकी वजह से ये और भी बड़े लगते हैं और ऊँची हील की वजह से चाल और भी मस्तानी हो जाती है क्योंकि तुम्हारे मम्मे इतने बड़े हैं, इसलिये ये हर कदम के साथ उछलते हैं और यह दृश्य देख कर किसी मुर्दे का लंड भी खड़ा होने को मजबूर हो जाये।

तुमसे चैट-रूम में मिलने से पहले मैं उँची ऐड़ी के सैंडल नहीं पहना करती थी। जब तुमने मुझे बताया था कि तुमको उँची ऐड़ी के सैंडल पसन्द हैं और अगर ऐड़ी करीब 5 या 6 इन्च हो तो क्या कहने। तब पहले तो कुछ दिन तक मैंने सोचा कि इनका सेक्स में क्या काम। लेकिन मैं एक बार एक शॉप पर गई और सैंडल देख कर सोचा क्यों न मैं पहन कर देखूँ और जब मैंने शीशे में अपने चूतड़ देखे तो मैंने सोचा कि तुम गलत नहीं हो, मेरे मस्त चूतड़ और भी बाहर निकल आये थे और आस पास के कई मर्द मेरे चूतड़ों को घूर घूर कर देख रहे थे। तब से मैंने कई जोड़ी सैंडल खरीदे हैं और मैं कई सारे जोड़ी ले कर आई हूँ।

फिर मैं बोला- माँ, सबसे अच्छा अंग तो मुझे तुम्हारे चूतड़ लगते हैं। औरत के चूतड़ मेरा सबसे पंसन्दीदा अंग है और तुम्हारे चूतड़ों के तो क्या कहने ! इतने बड़े बड़े हैं और तुम्हारी कमर पतली होने की वजह से और भी बड़े लगते हैं। तुमने पेटीकोट भी इतना नीचे पहना है कि तुम्हारे चूतड़ों की दरार कहाँ से शुरू होती है वो भी दिखाई देती है। और क्या तारीफ करूँ इन चूतड़ों की, ये इतने सेक्सी हैं कि मेरे पास कोई शब्द ही नहीं है।

मेरी बात सुन कर रीमा ने कहा- तुम सही बोल रहे हो या मेरे को रीझाने के लिये ऐसा कह रहे हो ? मुझे नहीं पता पर तुम तारीफ करना खूब जानते हो।

मैंने कहा- मैं कोई झूठी तारीफ नहीं कर रहा हूँ, माँ, तुम हो ही इतनी सुन्दर ! मैंने जितना भी तुम्हारे रूप के बारे में कहा है वह तो तुम्हारी सुन्दरता का सिर्फ़ दस प्रतिशत ही है।

रीमा ने कहा- चल झूठा कहीं का। माँ के साथ खेल करता है?

और ऐसा कह कर रीमा ने एक हल्की सी चपत मेरे गाल पर लगा दी और बोली- चल बता और क्या क्या अच्छा लगा तुझे तेरी माँ में?

मैं बोला- मैंने सब कुछ तो बता दिया। और तो कुछ नहीं बचा। बोली- कैसे नहीं ! मेरी सबसे कीमती चीज तो अभी बची है।

मैं बोला- पर वह तो तुम्हारे कपड़ों से ढकी है।

तो फिर ऐसे देख क्या रहा है? उतार दे मेरे कपड़े ! मैंने तुझे मना थोड़े ही किया है। तूने ही नहीं उतारे मेरे कपड़े ! मैंने तो सोचा था कि जैसे ही आयेगा वैसे ही मेरे रूप को देख कर मेरे कपड़े फाड़ देगा।

माँ की बात सुन कर मैंने कहा- नहीं माँ पहले मैं तुम्हारे होंठो का रस पियूँगा फ़िर तुम्हारे कपड़े उतारूँगा।

रीमा बोली- अरे पहले कपड़े उतार के मुझे नंगा कर दे। फिर मेरे होठों का रस पी लेना। मैं भागी थोड़ी ही जा रही हूँ।

मैने कहा- नहीं माँ, चाहे थोड़ी देर ही सही पर मैं पहले तुम्हारे होंठो कर रस पीयूँगा। इस पर रीमा ने कहा- ठीक है, पी ले मेरे होंठ। माँ हूँ, क्या करूँ बेटे की बात माननी ही पड़ेगी।

मैं बोला- ओह माँ, तुम कितनी अच्छी हो।

इस पर रीमा बोली- बस 5 मिनट ही।

मैंने कहा- ठीक है।

फिर मैंने अपने होंठ रीमा के होंठ से लगा दिये और एक चुम्बन ले लिया। फिर मैं अपने हाथ उसकी गर्दन के पीछे ले गया और उसके मुँह को अपनी तरफ खींचा और अपनी जीभ निकाल कर उसके होंठों पर जीभ फिराने लगा। थोड़ी देर इसी तरह से जीभ फिराने के बाद मैंने उसका निचला होंठ अपने होंठों के बीच पकड़ लिया और फिर उस पर जीभ फिराने लगा।

उसके होंठों को चूसने से पहले मैं गीला कर देना चाहता था। थोड़ी देर तक इसी तरह उसके होंठो को गीला करने के बाद मैंने उसके होंठ चूसने शुरू कर दिये। मैं बहुत जोर जोर से उसके होंठों को चूस रहा था। रीमा भी अपनी जीभ निकाल कर मेरे उपरी होंठ के ऊपर फिरा रही थी और साथ ही साथ अपना बहुत सा थूक अपने निचले होंठ के पास जमा कर रही थी जिससे मैं ज्यादा से ज्यादा उसके स्वादिष्ट थूक को पी सकूँ। मैं भी हर थोड़ी देर में निचले होंठ को छोड़ कर उसका थूक अपनी जीभ की मदद से उसके होंठों पर मलने लगता और अच्छी तरह से मल कर फिर से उसके होंठ को चूसने लगता। करीब दो मिनट तक मैं ऐसा ही उसके साथ करता रहा। मैं इतनी जल्दी नहीं छोड़ना चाहता था पर क्या करता मेरे पास सिर्फ़ 5 मिनट थे और मैं भी रीमा को जल्दी से जल्दी नंगा कर देना चाहता था।

फिर मैंने उसका निचला होंठ छोड़ कर उसका ऊपरी होंठ अपने दोनों होंठों के बीच पकड़ लिया और उसको भी अपने थूक से गीला कर दिया। रीमा ने भी मेरा निचला होंठ अपने थूक से गीला कर दिया था। थोड़ी देर तक मैं उसके होंठ को गीला करता रहा और और चूसता रहा फिर एकदम से मैंने अपनी जीभ को नुकीला करके उसके दाँतों और होंठों के बीच डाल दी और उसके दाँतों पर फिराने लगा। वो भी अपनी जीभ को नुकीली बना कर मेरे जीभ के नीचे गोल गोल घुमाने लगी। जिससे उसकी जीभ से लार निकल कर मेरे मुँह में गिरने लगी और मेरी जीभ के नीचे जमा होने लगी।

थोड़ी देर इसी तरह से उसके दाँत और होंठ के बीच की और उसके जीभ से टपकती लार मेरे मुँह में जमा हो गई। फिर मैंने रीमा के होंठ मुँह में लेकर चूसने लगा तथा साथ ही साथ मुँह के अन्दर जमी स्वादिष्ट लार को भी मैं पी गया। ये लार मेरे लिये अमृत थी। फिर थोड़ी देर तक इसी तरह मैं उसका होंठ चूसता और लार पीता रहा। और जैसे ही करीब 5 मिनट हुये, मैंने आखरी बार उसके होंठों पर अपने होंठ रखे और एक गहरा चुम्बन लेकर उससे अलग हो गया।

फिर मैंने पूछा- मजा आया माँ?

तो रीमा बोली- हाँ बेटा, बहुत मजा आया। तुम तो बहुत ही अच्छी किस करते हो बेटा। मैं तो सोच रही थी तुमको किस करने की भी ट्रेनिंग देनी पड़ेगी लेकिन ऐसा लगता तो नहीं है।

मैंने कहा- माँ, ट्रेनिग की जरूरत तो मुझे है क्योंकि चाहे जितना भी अच्छा किस मैं करता हूँ पर तुमसे अच्छा तो नहीं हो सकता।

रीमा बोली- वो तो तुम ठीक ही कह रहे हो मेरे राजा बेटा ! ठीक है, मैं तुम को पूरी तरह ट्रेन्ड कर दूँगी !

ठीक है?

मैंने कहा- हाँ माँ।

फिर रीमा बोली- चल अब जल्दी से मेरे कपड़ो को उतार कर फेंक दे। मेरी मस्ती होंठ चुसाई के कारण बढ़ चुकी है और अब मुझे ये कपड़े अपने बदन पर बहुत ही बुरे लग रहे हैं।

इस पर मैंने कहा- माँ, तुम मुझको उसी तरह नंगा नाच करके दिखाओ जैसा तुमने एक बार बताया था चाट पर।

करुँगी बेटा, वो भी करुँगी लेकिन सबसे पहले मै तेरे हाथों से नंगी होना चाहती हूँ। जिससे तुझे धीरे धीरे मेरे नंगे होते शरीर को देखने का नजारा जिन्दगी भर याद रहे।

बात तो तुम ठीक कह रही हो माँ। मैं जब तुम्हारे कपड़े धीरे धीरे उतारुँगा और तुम्हारे बदन का एक एक हिस्सा नग्न हो कर मेरी आँखों के सामने प्रकट होगा तो पहली बार उस नग्न हिस्से को देखने में जो मजा आयेगा उसकी छवि तो कभी भी मेरी आँखों से नहीं जा सकती।

रीमा- तू बहुत ही समझदार है बेटा ! तेरे जैसा बेटा पा कर कोई भी माँ धन्य हो जाये।

उसकी बात सुनकर मैं थोड़ा सा शरमा गया। इस पर रीमा ने कहा- हाय देखूँ तो ! ऐसे शरमा रहा है जैसे कोई लौंडिया हो। चल अब लग जा काम पर और कर दे अपनी माँ को नंगी। तेरी इस रंडी माँ को कितने ही ग्राहकों ने नंगा किया है, तू भी कर दे नंगा।

देख ले अपनी रंडी माँ का नंगा बदन। तेरी इस रंडी माँ का कोई भी दल्ला नहीं है। तेरी माँ को खुद ही मेहनत करनी पड़ती है ग्राहक को ढूंढने में। आखिर रंडी हूँ ! एक दिन धंधा ना करूँ तो चूत की खुजली रात भर सोने नहीं देती। तू मेरा दल्ला बनेगा बेटा? मेरी दलाली करेगा? हाय रे क्या मस्त जोड़ी होगी हमारी ! रंडी माँ और दलाल बेटा। तेरी यह माँ तुझको दलाली के सारे गुण सिखा देगी और तुझको अपनी कमाई का आधा हिस्सा भी दूँगी और तेरे को और नई नई रंडियों की चूत भी दिलवाऊँगी, उनकी भी दलाली तू ही करना बेटा। बोल बेटा ! बोल, करेगा अपनी माँ की दलाली?

रीमा की इतनी गंदी गंदी बाते सुनकर मेरा लंड मचल उठा था।

रीमा फिर बोली- बोल रंडी की औलाद भोसड़े के ! पैदाईशी हरामी ! साले तेरी माँ को दस कुत्तों ने चोदा तो तू पैदा हुआ ! बोलता क्यों नहीं ? करेगा अपनी इस रंडी माँ की दलाली?

यह सुनकर मेरी हालत बिल्कुल ही खराब हो गई, पूरा बदन मस्ती में गरम हो गया, मेरा लंड मस्त हो कर प्री-कम बहाने लगा और मैंने बोला- हाँ माँ ! मैं करूंगा तेरी दलाली।

सुनकर रीमा बहुत ही खुश हुई, मुझको अपने गले से लगा लिया और बोली- तू सही में मेरा बेटा होता तो अब तक मैं तुझसे अपनी दलाली करवा रही होती ! पर तू चिन्ता मत कर अगर मुझे मौका मिला तो तुझसे अपनी दलाली जरूर करवाऊंगी।

फिर वो मुझसे अलग हो गई और बोली- चल अब खड़ा खड़ा क्या देख रहा है? उतार मेरे कपड़े, साले रंडी की औलाद।

मैंने सोचा कि अब माँ के भरपूर बदन को नंगा देखने का वक्त आ गया है। मैंने सोचा, रीमा के कपड़े उतारने से पहले आखरी बार उसको गर्म कर दूँ। और यही सोच कर मैंने रीमा से कहा- माँ, तुम वह पहली औरत होगी जिसको मैं नंगा देखूँगा। तुम्हारे भारी चूचियाँ पहली चूचियाँ होगी जिनको मैं मसलूँगा, तुम्हारी घुंडियाँ पहली घुंडियाँ होंगी जिनको मैं चूसूंगा और खींचूंगा। तुम्हारे चूतड़ वह पहले चूतड़ होंगे जिनको मैं प्यार करूंगा। तुम्हारी गाँड वह पहली गाँड होगी जिसको मारने से पहले मैं चाट चाट कर गीली कर दूंगा और तुम्हारी चूत पहली चूत होगी जिसको मैं चाट चाट कर झड़ाऊंगा और फिर उसमे अपना लम्बा लंड डाल कर चोदूंगा और तुम ही वह पहली औरत होगी जो मेरा कुवाँरापन लेगी।

हाय रे मेरे लाल ! तूने तो मुझको इतना गरम कर दिया है कि अगर और कुछ पल ये कपड़े मेरे शरीर पर रहे तो इनमे आग लग जायेगी। बेटा, अपनी माँ को और मत तड़पा ! पहले ही वह तुझसे इतने सालों दूर रह कर तड़पी है। बेटा अब उतार दे मेरे कपड़े।

मैंने सोचा- अब रीमा के कपड़े उतार ही देने चाहियें, ज्यादा तड़पाना ठीक नहीं है। कहीं माँ अपने कपड़े उतार कर खुद ही न फेंक दे जो मैं नहीं चाहता था। और अब मेरा लंड भी रीमा को नंगा देखने के लिये बेताब हुआ जा रहा था। पर साथ ही साथ मुझको यह भी डर था कि रीमा बहुत ही मस्तानी औरत है, कहीं उसके मस्ताने नंगे बदन को देख कर मेरा लंड बिना छुये ही झड़ जाये। और मुझे पता था कि इसके लिये मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ेगी।

फिर मैं आगे बढ़ा और रीमा के हाथ पकड़ लिये और उठा कर चूम लिये और बोला- ठीक है, लाओ माँ, उतार देता हूँ मैं तुम्हारे कपड़े।

यह सुन रीमा ने अपना पल्लू जो कि उसने शुरू में अपने पेटीकोट में खोंस लिया था, निकाला और मुस्कुराते हुये मेरे हाथ में पकड़ाया और शरमाते हुये बोली- लो बेटा।

वह कुछ इस तरह से शरमाई थी जैसे कि नई नवेली दुल्हन हो जो सेक्स के बारे बिल्कुल अंजान है।रीमा सही में एक खेली खाई औरत थी, उसे सब पता था कि कब और कैसे मर्द के साथ बर्ताव किया जाना चहिये। उसके इस शरमाने ने मेरे शरीर में मस्ती भरा जोश भर दिया।

वैसे भी अब मेरा हाल भी बुरा हो चुका था। मुझको इस कमरे में आये हुये करीब एक घंटा हो चुका था और तभी से मेरा लंड खड़ा था। और मेरे आने के थोड़ी देर बाद ही रीमा ने मेरे कपड़े उतार दिये थे। मैंने उसका पल्लू पकड़ा और मन में यह निश्चय कर लिया था कि उसके बदन के साथ पूरा न्याय करूँगा और धीरे धीरे उसका एक एक अंग निर्वस्त्र करूगाँ।

सबसे पहले मैंने उसका पल्लू पकड़ कर सूंघ लिया। जैसे कि मैं रीमा को बता चुका था कि मुझे कपड़ों की गंध सूंघना पसन्द है। मैं उसके हर कपड़े को उतारते हुये उसकी खुशबू सूंघना चाहता था।

उसकी साड़ी में से बहुत मादक गंध आ रही थी। इस गंध में उसकी बदन की खुशबू और पसीने की गंध मिली हुई थी। और फिर मैंने उसका पल्लू चूम लिया। जब मैं उसका पल्लू चूम रहा था तो उसकी आँखों में आँख डाल कर देख रहा था। उसकी आँखो में वासना के लाल डोरे दिखाई दे रहे थे। फिर मैंने उसका पल्लू छोड़ दिया और उसके सामने अपने घुटनों के बल बैठ गया और आगे बढ़ कर उसकी नाभि का चुम्बन ले लिया। मेरे इस तरह से अचानक चुम्बन ले लेने से उसके मुँह से एक सिसकारी निकल गई। उसका पल्लू कालीन पर पड़ा था और उसके पेटीकोट से जुड़े हिस्से को मैंने अपने हाथ में पकड़ लिया।

उसने साड़ी में करीब 8 प्लीट डाल रखी थी। मैंने उसका पल्लू पकड़ कर अपने बदन के ऊपर डाल लिया। उसकी साड़ी नायलॉन की थी, मेरे नंगे बदन पर उसका स्पर्श काफ़ी अच्छा लग रहा था। रीमा खड़ी हुई मेरी हरकतों को देख रही थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी को खींचा जिससे उसकी एक प्लीट निकल कर बाहर आ गई। मैंने साड़ी के उस छोटे हिस्से को अपने चेहरे पर रखा और सबसे पहले एक गहरी साँस लेकर उसे सूंघा फिर उसके 3-4 चुम्बन ले लिये। रीमा मुझको अपने कपड़े उतारते हुये देख रही थी। उसके चेहरे में मेरे लिये वासना और मातृ प्रेम के मिले जुले भाव थे। अब मेरा लंड भी उसकी साड़ी से टकरा रहा था जिसकी वजह से प्री-कम से भीगा हुआ मेरा लंड उसकी साड़ी को गीला कर रहा था।

इसक बाद तो बस वही सब हुआ जो होता है। Hindi Sex

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मेरा नाम राम सिंह, उम्र Hindi Sex Stories चब्बीस साल, मुंबई में रहता हूँ। अमिं अन्तर्वासना पर नियमित रूप से कहानियाँ पढ़ता हूँ।

अब मैं आपको अपनी एक कहानी सुनाता हूँ।

बात उन दिनों की है जब मैं इन्ज़िनियरिंग कर रहा था। मेरे एक दोस्त ने मुझे काल-बॉय सेवा के बारे में बताया और कहा- इसमें आमदनी भी अच्छी है और मज़ा भी है। तो पैसे के लिए मैं भी यह काम करने को तैयार हो गया और मेरे दोस्त ने मेरा सम्पर्क ऐसे किसी आदमी से करा दिया जो इस तरह का काम करता था।

एक दिन उसने मुझे एक महिला से मिलवाया। उस औरत का नाम रुबी था, वो लगभग ३३ साल की होगी पर उसका फ़ीगर मस्त था। उसके कपड़े देख कर लग रहा था कि वो बहुत अमीर है।

उस औरत ने मुझे एक होटल में मिलने को कहा। जब मैं वहाँ पहुँचा तो वो मेरा इन्तज़ार कर रही थी। हम दोनों होटल के कमरे में गए। उसने मेरा नाम पूछा और साथ ही यह भी पूछा- तुमने कभी चुदाई की है?

मैंने कहा- किया है पर आपकी उम्र की स्त्री के साथ नहीं। तब उसने मुझे मेरा लण्ड दिखाने को कहा और देख कर कहा कि यह तो बहुत ही लम्बा है, मेरे पति का तो इतना नहीं है। यह सुन कर मेरा थोड़ा आत्मविश्वास जागा और मैंने उसको बोला- कुछ घण्टे के लिए मैं आपका गुलाम हूँ और आपकी खिदमत के लिए आया हूँ, अगर आप मेरी बात मानती हैं और मेरे तरीके से चुदाई करवाती हैं तो आपको बड़ा मज़ा आएगा।

वो मैडम मान गई और मैंने अपना काम शुरू कर दिया। सबसे पहले मैंने उसके होंठों को चूमा दस मिनट तक। उसको बड़ा मज़ा आया। फ़िर मैंने उसके स्तनों को कपड़ों के ऊपर से ही दबाना शुरू किया तो वो आहऽ ह ऊहऽऽई करने लगी। फिर मैं धीरे धीरे उसके कट्स में किस करने लगा उसको बड़ा मजा आने लगा।

उसने कहा- तुम तो बड़े एक्सपर्ट हो !

तो मैंने उसको कहा- आपका सेवक हूँ !

फिर मैं अपने कम में लग गया और मैंने धीरे से उसके ब्लाउज़ के हुक खोल दिए। अब वो कसमसाने लगी, फिर मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। उसके बूब्स देख कर मैं हैरान रह गया। क्या मस्त बूब्स थे ! मजा आ गया !

अब एक स्तन को मैंने मुंह में रखा और दूसरे को हाथ से दबा रहा था, उसे बहुत मजा आ रहा था, वो बोल रही थी- और दबाओ ! और चूसो !

मैंने और जोर से दबाना चालू कर दिया। अब मैंने धीरे से एक हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया। उसकी पैंटी उसके चूत के रस से भीगी थी। तब मैंने उसकी साड़ी भी खोल दी और उसकी पैंटी को भी निकाल दिया।

अब वो पूरी नंगी हो गई थी। मैं उसकी बूर में २ मिनट तक नीचे से ऊपर तक जीभ फिराता रहा। उसने बोला- ऐसे मत करो, नहीं तो मैं लीक हो जाऊँगी।

तो मैंने उसको कहा- यह तो पहली बार है, अभी तो मैं आपको कितनी बार लीक करूँगा। मैंने जीभ हिलाना चालू रखा और वो सचमुच लीक हो गई।

मैंने उसकी क्लिट को चूसना करना शुरू किया तो १० मिनट में ही फिर से वो सिसकियाँ लेने लगी और मुझे कहा- जल्दी से चुदाई करो ! मैं इंतजार नहीं कर सकती !

मैंने कहा- अभी तो शुरू ही किया है, और तुम बोलती हो कि चोदो !

मैंने फिर जीभ उसकी बूर में घुसा दी और अन्दर बाहर करने लगा तो उसे मजा आने लगा। ऐसे मैंने ५ मिनट तक किया तो उसने कहा- मुझे कब तक तड़पाओगे? अब तो करो !

मैंने कहा- रुकिए मैडम ! अभी और मज़ा आएगा !

मैं उसके स्तन चूसने लगा और एक उंगली उसकी बुर में अन्दर बाहर करने लगा।

वाह डार्लिंग ! मज़ा आ रहा है।

थोड़ा ऐसे करने के बाद मैंने दो उंग्लियाँ उसकी बुर में डाल दी। उसे बड़ा मज़ा आया।

अब मेरा लण्ड भी काबू से बाहर होने लगा था तो मैंने अपने लण्ड को मैडम की बुर के सामने रखा और धीरे से घुसा दिया। उसने आह! किया और कहा- कितना बड़ा है तुम्हारा लण्ड ! प्लीज़ धीरे से करो !

तब मैंने धीरे से धक्का मारा तो पूरा अन्दर चला गया और फ़िर मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा। ८-१० धक्कों के बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी कमर उठा कर मदद करने लगी। मेरे करने के बीच वो दो बार लीक हो गई और जब मैं लीक होने वाला था तो उसने कहा- अन्दर लीक मत होना ! मेरे मुंह पर करना !

तब मैंने उसके मुंह पर लीक किया, उसे बड़ा मज़ा आया। फ़िर हम दोनों ने थोड़ी देर बेड पर आराम किया।

फ़िर मैंने कहा- यह तो पहली पारी थी, अब दूसरी पारी शुरु करते हैं।

वो मुझसे ही पूछने लगी- तुम ही बताओ कैसे शुरू करें?

तब मैंने कहा- तुम मेरा लण्ड चूसो और मैं आपकी चूसता हूँ।

हम दोनों ६९ होकर एक दूसरे को मुख-मैथुन सुख प्रदान करने लगे। फ़िर हमने एक बार और सम्भोग किया और फ़िर बाथरूम में फ़्रेश होकर कपड़े पहने। जब हम होटल से जा रहे थे तो उसने मुझे दस हज़ार रुपए दिए। मैंने मैडम को धन्यवाद दिया और हम अपने अपने रास्ते चले गए।

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हेलो दोस्तो ये कहानी मेरी पड़ोसी दुकान वाली रीता भाभी के बारे मे हे तो दोस्तो में मुंबई के एक छोटी सी चाल में रहता हु मेरा नाम तो नही बोलूंगा लेकिन आप मुझे आदमखोर बुला सकते अब में आगे बिना बकचोदि किए बिना अपनी (100%) रियल स्टोरी कहना चाहूंगा दोस्तो ये स्टोरी हे 2023 से लेकर 2025 के बीच में की हे मेरे घर के ठीक बाजू में 37 साल की रीता भाभी की दुकान हे उनके 2 बच्चे हे उनका पति मैकेनिक हे रीता भाभी पहले मेरे घर से एक 7 किलो मीटर दूर फ्लैट मे रहती थी फिर अचानक उनके ससुर की तबियत बिगड़ गई और उनकी सास भी बड़ी उम्र की थी तो वो भी कुछ कामकाज संभाल नही पाती थी और उनका छोटा बेटा बाहर जोब करता था तो रीता भाभी उनके पति के साथ उनके ससुर को देखने उनके घर पर आए थे थोडी देर बाद रीता भाभी की सासु दोनो को घर के बाहर लेके जाति हे और वो पति पत्नी के सामने रोने लगती हे ओर बोलती हे की अब तुम लोग यहा रहने चले आओ मे केसे सब संभालूंगी तुमारा छोटा भाई भी जोब के कारण बाहर रहता है उस समय मे वही रीता भाभी के बगल में खड़ा था तो वो दोनो पति पत्नी बोलते हे हम लोग इयाहा वापस आ जायेगे लेकिन पहले की ताराह वापास फैमली मे जगदा नही होना चाहिए सासु बोलती नही होगा और हा रीता तुम ये दुकान भी संभाल ना मुझे उसमे से कुछ नही चाहिए तुमरा देवर मुझे खर्चे के लिए पैसे भेजता है वो लोग ठीक हे बोलके जाने लगते हे तो रीता भाभी जाते जाते मुझे बोलती हे तूतो आ कभी घर पे मेरे तब मेरी रीता भाभी से बोहत बोहत अच्छी दोस्ती थी ओर मे पहले से ही बोहत हवसी था मे रोज मेरे लन्ड की मालिस करता था रोज लसून का सेवन करता था लेकिन तब उनके बारे मे ऐसा कुछ नहीं सोचता था तो मेने कहा उनसे आप तो अब थोडे दीनो इधर आवो गै पहले बोला नही आपने तो वो हसने लगी वो दोनो पति पत्नी बोले थोडे दिन ध्यान रखना इधर मे हा आप चिंता मत करो फिर एक हफ्ते बाद रीता भाभी रहने आ गई फिर रीता भाभी दुकान संभाल ने लगी ओर मे भी जोब पे लग गया फिर एक दिन रात को मे दुकान पे गया तो देखा रीता भाभी दुकान मे अकेली थी तो रीता भाभी ने हरे रंग की साड़ी पहनी थी ओर पीछे से चोटी पट्टी वाली ब्लाउज पहने की आदत थी ओर रीता भाभी की हाइट भी बोहत थी ओर उनका पूरा फिगर पानी से भरा हुआ था मतलब मील्फ थी बिल्कुल पल्लवी पातील (pron star) ke जेसी आप एक बार जरूर crom पे देखना पल्लवी पाटिल को तो उसने मुझे कहा किया जोब करता हे तो मेने बोला ट्रेडस में हु तो वो बोली अरे उसमे तो वजन उठाना पड़ता हे में हा तो वो बोली कोई दूसरा काम क्यों नही करता मेने कहा ये अच्छा हे शरीर का वयाम भी हो जाता हे तो वो बोली इतना तो अच्छा शरीर ही तेरा फिर तुजे वियाम की किया जरूरत ओर तेरा शरीर इतना लंबा भी हे ओर भी कुछ लंबा होगा तेरा🍆वेसे बोलके हसने लगी वो फिर बोली छोड किया चहिए बोल फिर में कुछ सामान लेके घर चले गया उस रात को बोहत(pron) देखा मेने फिर रात को हिला के सो गया दूसरे दिन बोहत चोदने की इच्छा हो रही थी तो मेने हाफ डे ले लिया ओर पहले से ही मेरे पास एक 📞 ग्रिल थी तो उसको लेके गया होटेल फिर 2 घंटे उसकी बोहत बुरी तरह से चुदायी की पानी निकाल दिया वो रोने जेसे हो गई थी फिर वो बोली तू इतना केसे टीक पता ही तो मेने बोला ये रोजाना मालिश ओर लसून का कमाल हे उसके बाद मेने उसने बोला था उतने पैसे देने लगा तो उसने मुझे (1k) वापस दिया ओर बोली ये मुझे खुस करने का दे रही हु कभी फिर मूड हो तो बताना तेरे लिए 24 घंटे फ्री हु 😉 तो उस दिन रीता भाभी से नही मिला बाहर खाना खाकर घर जाकर सो गया 2 दिन बाद फिर दुकान गया उस दिन काम से छुट्टी थी मुझे तो डूपर को गया दुकान पे तो रीता भाभी उनकी पैंटी धो रही थी मुझे देख के ऊनो ने छुपा दी फिर दुकान मे आके बोलती हे कहा था 2 दिन मेने कहा काम पे ओर कहा मेरा मतलब दिखा नही इस लिए पूछा तो मेने उनसे बोला रीता भाभी मे आपको बोहत मानता हु आपको जब मेरे से कोई भी काम हो तो बिंदास बोलना भले चाहे दिन हो या रात हो वो बोली हा बोलूंगी कियू के तू मेरा छोटा देवर जो हे मे मेरे सगे देवर से जादा तूजे मानती हु वो बोली छोड 1 मिनट रुक मे आई वो किचन मे से पकोड़े लेकर आई बोली खा इसे मेने बनाया हे केसा हे मेने कहा आपके हातोमे जादू हे आपका खाना थोडी ना बेकार होता हे तो उसने हल्की सी स्माइल दी 😊 वो पूरा थाली भरके लाई थी मेने उसमे से सिर्फ दो तीन खाए वो बोली ओर खाना कियू अच्छा नही लगा मेने बोला ऐसा नहीं हे थोडा शरीर पे भी ध्यान देना चाहिए ना जादा तला हुआ सेहत के लिए अच्छा नहि होता इस लिए वो बोली एक बात बता मुझे तुम जिम जाता हे मे बोला नई कियू तो भी तेरा शरीर इतना गठीला कियू मेने बोला ऐसा कुछ नहीं हे पहले से ही नेचुरल वो बोली तू हाथ में कला धागा बांधा कर नही तो किसी की नजर लग जायेगी 😂मे हासता हुआ किया तुम भी भाभी फिर वो बोली तेरी कोई गर्लफ्रेंड हे मे बोला नही कियू वो बोली अच्छा हुआ नही हे वरना वो तो अंदर लेते ही खुशी के मारे रोने लगती मे बोला भाभी चुप करो किया आप भी कुछ भी बोलती हो अरे मे तो मजाक कर रही हु वेसा कहके वो हसने लगी तो मेने कहा मे मजाक करु आपका वो बोली बोल ना मेने बोला ग्रिलफ्रेंड को कियू आपके अंदर डालके आपको खुस करु तो वेसे भी मे रोजाना तेल की मालिश करता हु ओर लसून भी खाता हु तो आपका 1 घंटे 3 बार तो पानी निकाल दूंगा वो गुसा 😡 हो गई ओर बोली बात मत कर मुझसे जा तू मेने बोला कियू आपको गुस्सा आया ना वेसे मुझे भी आया था मेने बोला छोदो जाने दो (sorry)बस माफ करो उसको बोला फिर उसने माफ करदिया ओर हल्की सी स्माइल दी मेने बोला आप काम करलो फिर मिलता हु आपसे वो बोली ठीक हे अगले दिन काम से आकर मे दुकान गया तो रीता भाभी हिसाब कर रही थी ओर 2024 भी लग चुका था मे बोला हो गया हिसाब वो बोली हा फिर मेने 2 मैगी ओर एक नारियल तेल की बडी बोतल ली ओर पैसे दिए उनको तो उसने पूछा ये तेल किस के लिए मेने बोला मेरे लिए हे वो बोली मेने तो तूझे कभी देखा नहि तेल लगाते हुये मेने बोला केसे देखोगी मे रात को लागत हु घर के अंदर अकेले वो बोली मतलब अरे मेने बोला 🍆 इस के लिए हे वो मालिश करता हु मे रोज वो शोक हो गई तू सचमे मालिश करता हे तो मेने बोला हां कल भी आपको बोला था ऐसा कहके मे निकल ने लगा तो वापस बुलाया ओर बोली ये बाकी के पेसे लेकर जा मे वापस गाया देखा तो हल्की हल्की सी सर जुकाए स्माइल कर रही थी मेने बोला रीता भाभी आज तुम ओर मे थोडा खुलके बात करेगे तो उसे किया आपकी ओर मेरी दोस्ती थोडी ओर गहरी होगी वो बोली ठीक हे लेकिन थोडा ही खुलके ok उसे जडा की उम्मीद मत रखना मेने कहा ठीक हे फिर वेसे ही हमारे मे थोडी थोडी सी इस की उसकी मेरी उनकी गंदी गंदी वाली बाते सुरु हो गई उसके बाद मेरे साथ ओर लड़का काम पर आता था तो वो लड़के के मम्मी के पास रीता भाभी 4 हजार मांगती थी उस रात को मे दुकान पे गया तो मेने देखा रीता भाभी आज थोड़ी उदास थी मेने पूछा किया हुआ आपको अरे उसके पास मेरा 4 हजार बाकी हे ओर अभी तक नही दिए उसने ओर बोलती हे मेरा लड़का भी किधर काम पर नही जाता तो मेने कहा वो जूठ बोल रही हे भाभी उसका लड़का मेरे साथ मे ही काम पर आता हे ओर उसको 12 हजार पगार हे मेने ही लगाया हे उसको काम पर तो वो बोली वो मुझसे जूठ बोलती हे रुक सूबे उसे बताती हु फिर उसका थोडा मूड ठीक हुआ ओर बोली किया चाहिए तेरे की मेने आज थोडा राय का तेल चाहिए तो उसने लाकर दिया ओर आज इसे मालिश🍆करेगा मे कहा हा ऐसा कहके मे चला गया ओर फिर मेने राय के तेल को थोडा गरम किया ओर लन्ड को अच्छे से खडा करके उसे मालिश की ओर उसके अगले ही दिन के बाद से मेरा आज तक मेरी रीता भाभी से बात चीत बंद हे तो अब आगे सुनो....? (Part 2) continue please
Antarvasna

अभी तक आपने पहले भागों में पढ़ा Antarvasna कि प्रिया की मैंने पहली बार कैसे चुदाई की थी। वो पूरी तरह से संतुष्ट होकर मेरे घर से गयी थी। अब आगे की कहानी और जानें कि आगे की चुदाई कैसे हुई।

प्रिया ने मुझसे लंड को पकड़ कर लेट जाने को कहा मैंने वैसा ही किया तो प्रिया ने खड़े खड़े ही अपनी नंगी गोरी टांगें, चमकती हुई गोरी गुलाबी जांघें, मस्त चूतड़ और उनकी जांघों के बीच से झांकती हुइ उसकी मस्त गंजी चूत देखकर मैं तो पागल हो गया।

मेरा लंड तो और भी खींचा जा रहा था और मेरे समझ में नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा था कि उसकी चूत का रस चूसते हुए उसके जांघों को खा जाऊँ।

प्रिया के गुलाबी बूब मुझको बेचैन कर रहे थे, इसी बीच उसने अपने दोनों हाथ ऊपर को कर दिये तो उसके बूब्स और बगल मुझे और उत्तेजित करने लगे।

मुझसे कंट्रोल नहीं हुआ और उसके बूब्स देखकर तो मैं एकदम बेचैन सा हो गया और मैंने प्रिया के बूब्स को मुंह में लेकर उनको चूमना और चाटना शुरु कर दिया। प्रिया कभी अपने बूब्स को ज़ोर से दबाने को कहती और जब मैं ज़ोर से दबाता तो कहती अरे धीरे से क्या मार डालोगे मुझे।

प्रिया के चूचियों पर मालिश करने में बड़ा मज़ा आ रहा था पर मैं आज उसे इतनी जल्दी छोड़ने वाला नहीं था आज मैं उसके बदन का एक एक पुर्ज़ा मसल देना चाहता था जिससे साली प्रिया मेरी चुदाई को याद रखे।

मैं साइए में उसकी बगल और कंधे पर भी मालिश कर रहा था।

फ़िर मेरा ध्यान प्रिया की पतली कमर पर गया वह इतनी पतली थी कि जितनी शायद 15 साल की कन्या की भी नहीं होगी। मैंने प्रिया के नाभि के नीचे के हिस्से में मसाज करने लगा।

इस एरिआ में मासाज करने पर प्रिया की उत्तेजना बढ़ गयी थी और वह जोर से अपने पैर पटकने लगी तो मुझे अपने लंड को कंट्रोल करना पड़ रहा था जो मेरे लिये थोड़ा मुश्किल हो रहा था।

मैंने उसकी चूत के आस पास अब्दोमेन का एरिया तक जब उसकी नंगी थाईस पर जोर से मसाज किया तो उसने अपनी दोनों थाईज़ को बंद करके चिपका दिया।

मैंने भी जल्दी से उसकी चूत पर हाथ डालकर वहाँ पर ऊँगली करने लगा तो प्रिया का तो बुरा हाल हो गया था वह मस्ती में छटपटाने लगी और उसने अपनी दोनों थाईज को खोल दिया तो मेरे तो मज़े ही आ गये अब मैं उसकी चूत, थाईज़ या अबदोमेन जहाँ चाहे वहाँ मसलने लगा।

मेरी ऊँगलियों के हमले से प्रिया की हालत अब खराब हो गयी थी वह अब मेरे एक्शन का विरोध नहीं कर पा रही थी।
मैं जैसे मर्जी आये उसके हर पार्ट को मसलता, रगड़ता और मसाज कर रहा था। जब मेरी मस्ती और बढ़ी तो मैंने प्रिया की चूत पर ऊँगली डालकर अंदर तक ऊँगली से उसकी चूत के छेद के अंदर तक मसाज करने लगा।

मेरे इस एक्शन से तो प्रिया पूरी तरह से चित हो गयी और बोली राजू प्लीज़ अब बस करो और एकदम से पलट गयी।

अब प्रिया के नंगे चूतड़ मेरे सामने थे जिसके बीच में उसका गांड तो नज़र नहीं आ रहा था पर पीचे से भी प्रिया की चूत मुझको फ़िर नज़र आने लगी तो मैं फ़िर अपनी ऊँगली से उसकी चूत पर हमला कर दिया और दूसरे हाथ से उसकी जांघों को पीछे से मसलने लगा।

जब प्रिया की चूत मेरी ऊँगलियों के हमले को नहीं बरदाश्त कर पायी तो प्रिया बोली- राज प्लीज़ ऐसा मत करो मुझे ऐसे ही गीली कर दोगे क्या?

मैं उसके बड़े बड़े चूतड़ और उसके नीचे मोटी मोटी जांघों को सारा का सारा एक बार में ही मसल देना चाहता था पर मेरे दोनों हाथों में इनता एरिया एक बार में कवर नहीं हो रहा था।

प्रिया एकदम नंगी थी तो मेरे को अपने लंड पर कंट्रोल नहीं हो रहा था, मैंने अपना ध्यान प्रिया के चूचियों पर दिया पर वह उल्टी लेटी हुई थी और उसके बूब्स साइड से ही नज़र आ रहे थे।

फ़िर भी मैंने साइड से ही उसके दोनों बूब्स को जोर से दबाया और सहलाना शुरु कर दिया। प्रिया को तो मेरा हर एक्शन एंजोयमेंट दे रहा था और अब वह मेरे हर एक्शन पर बस आहें भर रही थी।

मैं प्रिया के चूतड़ पर मसाज करने लगा तो उसके चूतड़ बहुत बड़े बड़े थे और उनको दबाने में बड़ा मज़ा आ रहा था।

पर मैं और मज़ा लेने के लिये उसके चूतडों पर जोर से स्लाप भी कर देता जिससे चटाक! की आवाज आती और प्रिया को बड़ा मज़ा आता था और वह अपने चूतड़ ऊपर उठा कर जैसे और स्लाप करने को कहती।

प्रिया की जांघें मुझे सबसे ज्यादा उत्तेजित कर रही थी, मैं वहाँ पर प्रेस, मसाज, किस, रब कर सकता था। और मैं ये सोच रहा था कि जब मैं उसकी चुदाई करुंगा तो उसकी थाईज़ जब मेरी थाई के साथ रब होंगी तो कितना मज़ा आयेगा।

अगर प्रिया की जैसी स्मूथ बॉडी हो तो ऐसा लगता है कि जैसे लिनेन पर स्लिप हो रहा हो। जब मैं उसके चूतडों पर मसाज कर रहा था तो मुझे बिल्कुल ऐसा ही लग रहा था।

प्रिया को डबल मज़ा आ रहा था एक तो उसकी मसाज हो रही थी दूसरा एक मर्द के हाथों उसके बॉडी के पार्ट्स का स्पर्श दे रहा था और जिसे वह फुल्ली एन्जॉय कर रही थी।

मैंने प्रिया के दोनों चूतड़ को चोडा करके उसकी गांड को देखने लगा और मुझे प्रिया की चूत पीछे से दिखायी देने लगी और मेरा लंड फ़िर जोर मारने लगा।

इधर मेरा लंड अब पूरी तरह बेकाबू हो गया था और उसको कंट्रोल करना मेरे लिये पोस्सिब्ल नहीं था। वह अब प्रिया की चूत में जाये बगैर मानने वाला नहीं था।

प्रिया की चूत का बुरा हाल हो गया था। मैंने अपने अंगूठे से को प्रिया की चूत के आस पास रब करना शुरु कर दिया और मौका पाते ही उसकी चूत के अंदर पूरा अंगूठा डाल दिया। मेरा अंगूठा पूरा उसकी चूत में गया तो प्रिया की खुजली जरा कम हुई और वह अब थोड़ा मज़ा लेने लगी।

मेरा अंगूठा लंड की तरह प्रिया की चूत में अंदर बाहर फ़िसलने लगा, प्रिया को मज़ा तो आ रहा था पर उसकी चूत की खुजली पूरी तरह से दूर नहीं हो रही थी। वह मस्ती मेरे से चिपट गयी जैसे कहना चाहती हो कि कब चोदोगे पर वह बोली कुछ नहीं।

पहले प्रिया के नंगे बदन की गर्मी से मेरा लंड तो तना हुआ था मैंने जल्दी से प्रिया को दाब लिया। प्रिया की चूत में तो पहले से ही खुजली थी पर वह झूठा गुस्सा दिखा रही थी और मना कर रही थी।

मैंने उसको कमर से पकड़ा और उसके चूचियों को अपने लिप्स से किस करने लगा जैसे ही प्रिया ने मुंह खोला तो मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रख दिया और नीचे से दूसरे हाथ को उसकी थाईज़ पर मसाज करने लगा।

उसकी थाईज़ बड़ी टाइट थी, बच्चों वाली औरतों की तरह ढीली नहीं थी। मैं थाई पर हाथ फ़ेरते हुए उसकी चूत की तरफ़ बढ़ना चाह रहा था। प्रिया के बूब्स भी एकदम टाइट हो गये थे जिसका मतलब था कि उसको पूरी उत्तेजना हो रही थी।

मैंने कइ बर प्रिया के बूब्स के निप्पल को लिप्स में लेकर जोर से प्रेस किया जिससे दोनों को बड़ा मज़ा आया।

जब मुझे ज्यादा मज़ा आने लगा तो मैंने एक दो बार प्रिया के निप्पल को अपने दांत से हल्का सा काट भी दिया जिससे प्रिया चीख पड़ी और मुझे बड़ा मज़ा आया।
नीचे से मेरा हाथ प्रिया की थाईज़ से होता हुआ उसके चूतडों और रानो पर मसाज करने लगा।
ऊपर से मैंने प्रिया की बैक, नेक, वेस्ट और नाभि के आस पास लिप्स और जीभ से किस और लिक करना चालु रखा था।

जब मेरा एक हाथ प्रिया की रानो पर फ़िसल रहा था तो प्रिया की मस्ती कंट्रोल से बाहर हो गयी तब मैंने प्रिया को बेड पर लिटा दिया और अपने आप भी साइड बी साइड लेट गया।

मैं आराम से अपने दोनों हाथों और लिप्स से प्रिया के पूरे बदन से खेलने लगा।
अब दोनों एकदम गर्म हो गये थे प्रिया की भी सारी शरम दूर हो गयी थी और उसका बदन की एक एक हरकत मुझे महसूस हो रही थी उसकी गर्म सांसें मुझे बेचैन कर रही थी।

मैंने प्रिया की चूत के ठीक पास अपनी ऊँगली से रब करना शुरु कर दिया जिससे मस्ती के मारे प्रिया ने अपनी दोनों टांगें फ़ैला दी और मुझे उसकी चूत पर अटैक का एक मौका मिल गया। Antarvasna

शेष अगले भाग में…

Antarvasna

आज घर में काफ़ी खुशी का माहौल Antarvasna था। लेकिन मैं सबसे ज्यादा खुश था और होऊँ भी क्यों ना, मेरी शादी जो थी।

शादी के बाद मैं अपनी बीवी सोना को लेकर अभी घर आया था। सोना ने अपना पहला पैर घर के अन्दर रखा और अपने पैर से चावलों का बर्तन गिरा दिया। मेरी माँ और मेरी बहनें उसे लेकर अन्दर चली गई। घर में सब लोग अपने काम में लगे हुए थे, लेकिन मैं रात का इन्तज़ार कर रहा था।

आज मेरी सुहाग रात जो थी।

रात हुई और मैं अपने कमरे में आया, सोना बैड पर मेरा इन्तज़ार कर रही थी, मैंने दरवाजे की कुंडी अन्दर से बन्द कर दी। शायद सोना ने मुझे देखा और अपनी नज़रें झुका लीं। मैं बैड के पास आया और सोना के पास बैठ गया।

बातें करते करते मैंने अपना हाथ सोना की जाँघ पर रख दिया। उसने कोई विरोध नहीं किया, अब मैंने अपने हाथों से उसका चेहरा उठाया और उसके गालों पर चूम लिया। उसने अपनी आँखे बन्द कर लीं। अब मैंने उसके होंठों पर चूमा।

उफ़ऽऽ!!

क्या गुलाब की पंखुड़ी जैसे मलाईदार होंठ थे। मैंने उसके होंठो को चूसना शुरु किया और धीरे धीरे अपने हाथ उसके शरीर पर चलाने लगा। उसकी साँसें तेज होने लगी। मैंने उसके उरोजों पर हाथ रखा और उनको दबाने लगा उसके मुँह से सी… सी… की अवाजें निकलने लगी।

वो पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी। मैंने उसके कपड़े उतारने शुरु किये, पहले साड़ी, फिर ब्लाउज और फिर पेटिकोट अब वो सिर्फ़ लाल रंग की ब्रा और पैन्टी में थी। उसको इस तरह से देख कर मेरी आँखें फटी की फटी रह गई। उफ़! क्या गजब का बदन था उसका! दूध की तरह सफ़ेद बदन और उसके ऊपर लाल रंग की ब्रा और पैन्टी! सोना बिल्कुल अप्सरा की तरह लग रही थी।

मेरा लंड एकदम खड़ा हो चुका था और पैन्ट फाड कर बाहर आने को बेताब था। मैंने अपना अन्डरवियर छोड़ कर सारे कपड़े उतार दिये और सोना ऊपर आकर उसको बेतहाशा चूमने लगा। अब मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और उसके दोनों कबूतरों को आज़ाद कर दिया। क्या मस्त बूब्स थे उसके! एकदम टाईट!

मैं उसके दोनों कबूतरों को चूसने लगा। उसके मुँह से सी… सी… उफ़… हाय… की आवाजें निकलने लगी।

वो कहने लगी- जानेमन और जोर से चूसो! मसल दो इनको!

अब मैंने उसकी पैन्टी को भी उतार दिया। क्या चूत थी उसकी! एकदम गुलाबी! एक भी बाल नहीं था! उसकी चूत की दोनों फांके फडक रही थी।

मैंने पागलों की तरह उसकी चूत को चाटना शुरु कर दिया। उसने अपनी दोनों टाँगों को उठा कर मेरे कन्धों पर रख दिया और मेरा सर अपने हाथों से अपनी चूत पर दबा दिया और बोलने लगी- और जोर से चाटो! आज मेरा सारा पानी निकाल दो मेरे सैंया!

मैं भी उसकी चूत को जोर जोर से चाटने लगा। मेरा मन ऐसा कर रहा था कि उसकी चूत में ही घुस जाऊँ! मैंने चाट चाट कर उसका सारा पानी निकाल दिया।

अपना अन्डरवियर भी मैंने उतार दिया और अपना 7 इन्च लम्बा और 3 इन्च मोटा लंड उसके हाथ में दे दिया। उसने मेरे लंड को देखा और कहा- इतना मोटा लंड मेरी चूत के अन्दर कैसे घुसेगा?

मैंने कहा- जानेमन घुसेगा तो बाद में, पहले इसका स्वाद तो लो!

उसने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी। उसने मेरे लंड की चमड़ी को ऊपर से अलग किया और मेरे लंड के सुपाड़े को चूसने लगी। उसके इस तरह से लंड चूसने से मैं पागल हो गया।

अब हम 69 की पोजिशन में आ गये। हाय! क्या चूतड़ थे उसके! एक दम गोल और मोटे मोटे! मैन उसके चूतड़ों को मसलना शुरु कर दिया जिससे वो और उत्तेजित हो गई और जोर जोर से मेरे लंड को चूसने लगी। उसके इस तरह चूसने से मेरे लंड ने भी पानी छोड़ दिया।

अब मैंने अपने लंड और उसकी चूत को साफ़ किया और उसको उठा कर बैड पर चित लिटा दिया। मैंने उसकी दोनों टाँगों को अपने कन्धों पर रखा और अपना लंड उसकी चूत के दरवाजे पर लगा कर धक्का दिया।
उसके मुँह से आह निकल गई।
उसकी चूत बहुत टाईट थी जिसकी वजह से मेरा लंड अन्दर नहीं जा रहा था।

अब मैंने थोड़ा जोर से धक्का लगाया जिससे मेरा आधा लंड चूत के अन्दर घुस गया। सोना के मुँह से चिल्लाने की आवाजें निकलने लगी।

उसने कहा- प्लीज बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने कहा- थोड़ा तो दर्द होगा ही!
अब मैंने थोड़ा और ज़ोर से धक्का लगाया जिससे मेरा पूरा लंड चूत के अन्दर घुस गया, सोना ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी।

मैंने तुरन्त उसके मुँह पर अपना मुँह रख दिया जिससे उसके मुँह से आवाज नहीं निकले। मैं थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा, फिर धीरे-धीरे धक्के लगाने शुरु किये।

उसका भी दर्द अब थोड़ा कम हो गया था। अब वो भी चुदाई में साथ देने लगी और अपने चूतड़ों को उठा उठा कर धक्के लगाने लगी। मेरे भी धक्के तेज होने लगे थे। पूरे कमरे में बस सी…सी… आह… आह… की आवाजें सुनाई दे रही थी।

सोना भी बोलने लगी- और ज़ोर ज़ोर से चोदो! फाड़ दो मेरी चूत को! आज की रात मत रुकना!

और मैं भी ज़ोर ज़ोर से धक्के लगा रहा था। अब मैंने सोना को अपने ऊपर लिया और उसकी चूत में अपने लंड को पेल दिया। अब वो मुझे चोद रही थी। मैं भी उसके चूतड़ों को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर नीचे से धक्के लगा रहा था। करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उसका शरीर अकड़ने लगा मुझे पता चल गया कि अब वो झड़ने वाली है।

मैं झटके से उसके ऊपर आ गया और ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगा। उसने मेरे सारे बदन को जकड़ लिया। मेरे शरीर पर उसके नाखूनों के खरोंचों के निशान पड़ चुके थे। ज़ोर से आवाज करती हुई वो झड़ गई।

अब मैंने और ज़ोर से धक्के लगाने शुरु कर दिये। करीब 10 मिनट तक मैं उसको चोदता रहा अब मैं भी झड़ने के करीब आ रहा था। मैंने उसके दोनों ऊरोज़ो को ज़ोर से पकड़ लिया और धक्के लगाते हुए झड़ गया और उसके ऊपर ही निढ़ाल पड़ गया।

सोना बोली- समीर तुम्हारा लंड तो कमाल का है! क्या ज़बरदस्त चुदाई करता है।

मैं बोला- जानेमन अभी चुदाइ पूरी कहाँ हुई है! अभी तो पूरी रात पड़ी है।
वो बोली- सच! क्या पूरी रात तुम मुझे ऐसे ही चोदोगे?

मैंने कहा- बिल्कुल और अभी तो तुम्हारी गांड भी मारनी है। तुम्हारे चूतड़ों ने तो मुझे पागल कर दिया है। जब तक तुम्हारी गांड नहीं चुदेगी तब तक सुहाग रात का मज़ा ही कहाँ पूरा होगा।

अब वो मेरे लंड से खेलने लगी। और मेरी दोनों चूंचियों को चूसने लगी। मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया। वो मेरे लंड को अपने हाथों से आगे पीछे करने लगी।

मैंने उसको उठाया और घोड़ी बना दिया और उसकी चूत को चाटने लगा। मैं अपनी जीभ से उसकी गांड के छेद को भी चोदने लगा।

उसने अपने दोनों हाथों से मेरे सर को अपनी गांड में दबा दिया। मैंने अपने थूक से उसकी गांड को गीला कर दिया और अपने लंड को उसकी गांड के छेद पर लगा कर ज़ोर से धक्का दिया, मेरा आधा लंड उसकी गांड में घुस गया।
उसने अपनी गांड को दबा कर कस लिया जिससे मेरा लंड ना आगे हो रहा था और ना ही पीछे। शायद उसको भी गांड मराने में मज़ा रहा था।

अब मैंने ज़ोर से धक्का दिया जिससे मेरा पूरा लंड उसकी गांड को चीरता हुआ अन्दर घुस गया।
अब मैंने धक्के लगाने शुरु किये और वो भी साथ देने लगी, वो भी अपने चूतड़ों को हिला हिला कर धक्के लगाने लगी।
पूरा कमरा धप… धप… की आवाजों से भर गया था।

सोना के मुँह से भी सिसकारियाँ निकलने लगी। उसके मुँह से निकली सिसकारियों की आवाज से मेरे अन्दर उत्तेजना भर गई और मैं और ज़ोर से धक्के लगाने लगा। उसके चूतड़ों से जब मेरी जांघ टकराती तो ऐसा लगता जैसे तबले पर थाप पड़ रही हो।

अब मैंने उसको बिस्तर पर सीधा लिटाया और उसके पैरों को अपने कंधो पर रख कर उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया। मेरा लंड बिना किसी अड़चन के पूरा अन्दर घुस गया और मेरे धक्के फिर से शुरू हो गये। अब मेरे धक्कों में तेजी आती जा रही थी मेरा सारा शरीर अकड़ने लगा और मैं आनन्द की चरम सीमा पर पहुँच कर उसकी गांड में ही झड़ गया।

मैंने अपना लंड उसकी गांड में से निकाला तो फक की आवाज से मेरा लंड बाहर निकल गया और मेरे वीर्य की बूंदें बाहर निकल कर चादर पर गिरने लगी।

सोना को भी बहुत मज़ा आया गांड चुदवा कर। सवेरे के 4 बज चुके थे हम दोनों एक दूसरे से लिपट कर नंगे ही सो गये। हमारे बिस्तर की चादर पर पड़ी हुई खून और वीर्य की बूंदें सोना की कुंवारी चूत और रात के खेल की सारी कहानी बयान कर रहे थे। Antarvasna

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