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Massage Girl in Chickmagalur: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Chickmagalur who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Chickmagalur that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Chickmagalur massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Chickmagalur who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Chickmagalur massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Chickmagalur massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Chickmagalur who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Chickmagalur employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Chickmagalur helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Chickmagalur

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Chickmagalur at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

ये बात तब 2020 की है जब मैं कॉलेज में था । मेरा एक दोस्त था रोहित। हम दोनो खूब मस्त रहते थे, साथ कॉलेज जाते थे, जिम जाते साथ में । लोग हमे देख कर ये सोचते थे की हम सगे भाई है । इस ही दिन कट रहे थे मगर मैं कभी भी रोहित के घर नही गया था । एक दिन उसका कॉल आया और बताया कि उसके मम्मी पापा की सालगिराह है तो घर में पार्टी है जल्दी आने के लिए उसके घर। मैने सोचा पहली बार जा रहा हु और स्पेशल दिन भी है तो कुछ गिफ्ट ले लेता हु। मैने एक बुके लिया और चॉकलेट का पैक ले लिया। मैं उसके घर जैसे ही पोहौचा देखा बोहोत लोग आए हुए थे । 30,35 लोग थे तो मैंने रोहित को कॉल करा और बाहर आने को बोला । वो बाहर आया और मुझे लेके गया उसके मम्मी पापा के पास। मैं जाते ही हैरान हो गया उसकी मम्मी को।देख कर। उनका नाम श्वेता था और पापा का नाम कमलेश। अंकल की उम्र 54 थी और आंटी 43 मगर आंटी को देख कर लगा नही वो इस उम्र में है। एक दम फिट और सेक्सी। आंटी का साइज 34–38–42 मस्त सुडोल । आंटी ने चमकीली और नेट वाली साड़ी पहनी थी जिसमे हाफ स्लीव ब्लाउज था। ब्लाउज में से चूचे बाहर आने को हो रहे थे।आंखों में चमक, बाल लंबे , चूचे एक दम तने हुए और गान्ड देख कर तो मुंह में पानी आ जाए। आंटी ने कहा :– अच्छा ये राहुल है । मैं उनसे मिला और पार्टी में एंजॉय करने लगा। कुछ भी करू बस आंटी पर ही नजर जा रही थी । आंटी ने भी मुझे देख लिया था उन्हें देखते हुए। पार्टी में दारू बीयर चल रही थी तो मैं और मेरा दोस्त भी पी रहे थे। पार्टी खतम होने के बाद मैं जाने लगा तो रोहित ने कहा रात हो गई है यही रुक जा । मैने मना किया तो आंटी भी बोली रुकने का तो मैने सोचा चलो रुक ही जाते है। सब सोने चल दिए अपने अपने रूम में। मुझे नींद नहीं आ रही थी बस आंटी घूम रही थी दिमाग में । मुझे प्यास लगी तो किचन गया पानी पीने तो आंटी के रूम से आवाज़ सुनी। मैं दबे पाओ देखने चला गया । मैने देखा आंटी पूरी नंगी थी और अंकल भी। आंटी बिस्तर में लेटी थी और अंकल चोद रहे थे । आंटी के चूचे ऊपर नीचे हो रहे थे मस्त और अंकल दमादम चोद रहे थे। आंटी बोलती है आंटी :– चोदते रहो बस आह आह आह बस करते रहो कमलेश आह चोदो मुझे अंकल:– आज कल तू खूब रण्डी बन गई है हमेशा हवस चढ़ी रहती है तुझे आंटी :– तुमसे भी तो अब नही होता है कुछ कमलेश करते रहो। अंकल:– मेरा होने वाला है आंटी :– प्लीज़ अभी मत निकालना इतनी जल्दी प्लीज प्लीज अंकल का निकल गया और आंटी के ऊपर ढेर हो गए । आंटी मुंह बनाके बोलती है जब कर नही पाते हो तो क्यों मेरी वासना को जगा देते हो । अंकल चुपचाप होके सोने लगे । आंटी ने कपड़े से अपने आपको पोछा और पानी पीने आई तो मुझे देख लिया जगे हुए । मुझे बोलती है अभी तक सोया नही मैने भी कह दिया नींद नहीं आ रही। आंटी कहती है आजा फिर कॉफी पीते है। मैं भी चला गया उनके पीछे पीछे किचन में । मेरा लन्ड तो पहले से ही टाइट था जो दिख रहा था पैंट में से । आंटी और मे कॉफी पीते पीते बाते कर रहे थे। आंटी :– कैसी चल रही है पढ़ाई मैं:– बोहोत मस्त आंटी आंटी :– तुम दोनो भी ड्रिंक करते हो मैं डर के :– कभी कभी आंटी बस आंटी :– चलो अच्छा है मगर आदत मत बनाना मैं :– हा आंटी आदत नही बनाएंगे आंटी को मेरा लन्ड दिख गया था जो तना हुआ था । आंटी एक दम घूरने लगी तो मैने धीरे से एडजस्ट करा और चुपचाप बैठा रहा । आंटी बोलती है चल सो जाते है मैने भी हा कहा और रूम में चले गए । मेरा मन नहीं माना तो आंटी के रूम में धीरे से देखने लगा आंटी क्या कर रही है । मैं हैरान हो गया देख कर आंटी अपनी मैक्सी उठा के चूत में उंगली कर रही है और अपने चूचे मैक्सी के ऊपर से दबा रही है। 10 15 मिनट उंगली करने के बाद झड़ गई तो ऐसे ही थोड़ी लेटी रही और मैं उन्हें देख कर लन्ड सहला रहा था तो उन्होंने मुझे देख लिया की मैं उन्हें देख रहा था । मैं भाग गया और रूम में जाके सो गया चुपचाप। सुबह हुई तो आंटी उठाने आई हम दोनों को। मैं उठा तो आंटी को देखते रह गया नहा के आई थी गीले बाल और डीप नेक सूट में कमाल लग रही थी। उन्होंने उठाया और चाय देके गई । रोहित उठा बाथरूम में चला गया । मैं भी फ्रेश होने गया तो आंटी के ब्रा पैंटी देखा जो हैंगर में टंगे हुए थे । मैने उठाया और सूंघने लगा । पता नही क्या हुआ मैने सूंघते सूंघते मूठ मारने लगा और अपना माल पैंटी में छोड़ दिया । मुझे डर लगने लगा की अब मुझे डाट ना पड़े । मैं चुपचाप ब्रा पैंटी को पानी से गीला कर के आ गया। नाश्ता कर के घर चला गया । फिर ऐसे ही 2 दिन बीत गए फिर रोहित का कॉल आया की वो और उसके पापा अपने गांव जा रहे है कुछ काम से तो मैं उसके घर में रुक जाऊं क्युकी आंटी अकेली होगी। मैं मना कर नही सकता था तो मैं भी चला गया। रोहित ने बताया कि वो 3,4 दिन में आ जाएंगे तब तक उसके ही घर रुक जाऊं मैं।अंकल और रोहित चले गए अब मैं और आंटी बचे दोपहर में खाना खाया फिर आंटी ने मुझे मार्केट चलने को कहा तो मैं साथ चल दिया । कुछ सामान खरीदने के बाद घर आ गए । आते आते शाम हो गई थी तो आंटी ने आके मुझसे कहा ड्रिंक करूंगा क्या उनके साथ। मैं पहले तो डर गया मगर हा बोल दिया । आंटी ने मुझे पैसे दिए और कहा की बीयर ले आ साथ में कुछ खाने को भी लाना। मैं चला गया बीयर चकना के साथ साथ कॉन्डम भी ले आया। मैं जैसे ही आया तो देखा आंटी एक सेक्सी जालीदार मैक्सी पहनी हुई थी सोफे में बैठी हुई थी । मैक्सी से हल्की हल्की ब्लैक ब्रा दिख रही थी। हम दोनो पीने लगे और जब सुरूर चढ़ा तो आंटी बोलती है आंटी :– तेरी गर्लफ्रेंड कैसी है मैं :– कोई गर्लफ्रेंड नही है मेरी पहले थी मगर अब नही है आंटी :– अब कोई क्यों नही है ? मैं :– अब कोई मिली ही नहीं आपके जैसी आंटी :– तभी मेरे कपड़ों में माल निकाला था मैं डर गया और चुप रहा तो आंटी ने कहा :– मैं कैसी लगती हु तुझे मैने तपाक से कह दिया :– आप bomb हो आंटी मस्त एक दम आंटी:– अब मुझ में इतनी बात कहा मैं:– आंटी अभी भी आप जवान लड़कियों को पीछे छोड़ देती हो आप बोहोत खूबसूरत हो आंटी मेरे पास आके बोली :– अच्छा ऐसा है तो मुझे गर्लफ्रेंड बना ले मैं डर गया तो उन्होंने मेरे लन्ड को पैंट के ऊपर से सहला दिया । मेरा लन्ड एक दम से फुल टाइट हो गया। में बताना भूल गया की मेरा लन्ड 7.4 साइज है और मस्त मोटा। मैं मस्त होके उन्हें चूमने लगा वो भी साथ दे रही थी । हम सोफे में एक दूसरे को चूमे जा रहे थे और साथ में उनके मैक्सी के ऊपर से दोनो चूचे दबा रहा था। वो आह आह आह कर के कहार रही थी। फिर उन्होंने मेरी शर्ट उतारी और छाती को चूम रही थी।धीरे से बोलती है बेडरूम में चलते है तो मैने एक बीयर की बॉटल उठाई और उनके साथ चल दिया। जाते ही उनकी मैक्सी उतार दी और बेड में पटक दिया। चूम रहा था और चूत को पैंटी के ऊपर से सहला रहा था। वो मस्त होने लगी तो मैने उनकी ब्रा पैंटी उतारी और चूत को चूमने लगा। एक दम चिकनी चूत थी एक भी बाल नहीं थे। मैं उनके नीचे आके चूत चाटने लगा तो वो मेरा सर दबा रही थी । आंटी बोलती है आंटी:– खा जा मेरी चूत को आज तक ऐसा मजा नही दिया तेरे अंकल ने आह आह ओह चाट राहुल प्लीज करते रह चाट चाट के उन्हे पागल कर चुका था उनका निकलने लगा तो मेरा सर दबा दिया उन्होंने और मेरे मुंह में झड़ गई। अब में उठा और उनको लन्ड चूसने को बोला तो तुरंत चूसने लगी एक दम लॉलीपॉप की तरह । हाथ से हिलाती और चुस्ती रहती। मेरा निकलने वाला था तो उनका सर दबा दिया गले तक चला गया और मेरा निकल गया वो भी पी गई मेरा सारा माल। अब आंटी को चूम रहा था और उनके बूब दबा रहा था तो वो बोलती है इतना बड़ा लन्ड कभी नहीं देखा तेरे अंकल का तो इसका आधा है। अब में फिर से मस्त हो गया और उठा । लन्ड में कॉन्डम चढ़ाने लगा तो बोलती है ऐसे ही कर बिना कंडोम लगा के । मैने थूक लगाया और उनके ऊपर आ गया । मैं लन्ड चूत के ऊपर सहला रहा था तो बोलती तड़पा मत प्लीज अब डाल दे मैने टांगे कंधे पर रखा और सेट किया । जैसे ही थोड़ा अंदर गया तो बोलती है तो छठपटाने लगी और चूमने लगी। मै चूमते हुए एक हल्का धक्का दिया तो आधा अंदर चला गया तो उसके आंखों से आसू आने लगे । मैं :– क्या हुआ आंटी आंटी :– इतना बड़ा नही लिया है तू मेरे आसू मत देख मैने भी हल्का बाहर निकाला और जोर का धक्का दे दिया मेरा पूरा लन्ड उसके अंदर चला गया। वो रोने लगी और बोलने लगी की निकल ले सहन नही हो रहा। मैं उन्हें चूमता रहा थोड़ी देर और हल्के हल्के झटके दे रहा था । अब आंटी अपनी गांड़ हिलाने लगी तो मै भी धक्के देने लगा । अब आंटी मस्त होके बोलने लगी आंटी :– आह आआआह राहुल बोहोत मस्त लन्ड है तेरा , तू पहले क्यों नहीं मिला यार कितना मस्त तगड़ा लन्ड है तेरा , आह आह ओह राहुल करते जा आज से मै तेरी रण्डी हु इस पर वो और ज़्यादा चीखने लगीं और मुझे गालियाँ देने लगीं, “आह … अह … साले बहनचोद, मार दिया मुझे आह … हाय हअह … मादरचोद, ऐसे कौन चोदता है आह … हह अह … बहन के लौड़े, चूत फाड़ दी मेरी आह … हांह … साले गांडू…” मैं भी धक्के दे रहा था उसका होने वाला था तो मुझे पकड़ के चूमते हुए बोली करते रह राहुल i love you राहुल आह। फिर वो निकल गई तो मैंने उसे कहा मेरे ऊपर आओ मेरा नही हुआ तो वो मेरे ऊपर आई और लन्ड सेट कर के कूदने लगी। मैं उसके चूचे दबा रहा था और चूम रहा था वो उछल उछल के ले रही थी। मैं भी नीचे से धक्का दे रहा था । थोड़ी देर बाद मैने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से चोदने लगा । उसकी गांड़ में थप्पड़ लगा रहा था और चोद रहा था। मेरा निकलने वाला था तो पूछा कहा निकालू तो बोलती है अंदर ही निकाल मैं भी निकालने वाली ही तो मैने जोरदार झटके देता रहा दोनो एक साथ निकल गए । मेरा निकलने के बाद उसके ऊपर लेटा रहा। उस रात हमने 4 राउंड चूदाई करी। फिर सुबह हुई तो उसके चेहरे में खुशी झलक रही थी । मैने उसको किचन बाथरूम हर जगह चोदा 4 दिन । कभी होटल जाके तो कभी मेरे रूम में । आज भी अंकल और रोहित को नही पता है की उसकी मां मुझसे चुदाती है।आज भी मौका मिलता है तो हम चूदाई करते रहते है। अगले पार्ट में बताऊंगा मैने उसकी कैसी गांड़ मारी आपको अगर मेरी कहानी पसंद आया है तो मुझे मेल कर सकते है और बता सकते है।किसी भाभी को मुझसे मिलना है तो मुझे मेल करे। Roleplayexpertincest@gmail.com is me
प्रेषक : अभिषेक Hindi Sex Stories

इससे पहले मैं अपनी कुछ कहानियाँ Hindi Sex Stories भेज चुका हूँ। मेरी एक कहानी का नाम था “कैसे मैं बन गया गांडू “

चलो खैर दोस्तो ! वो सब कुछ मैंने बता दिया था कि किस तरह बचपन से लड़की होने के लिए भगवान् को कोसता रहा और आखिर भगवान् ने वो तो नहीं लेकिन लड़की जैसा जिस्म दे डाला। मेरी छाती और शरीर की बनावट काफी हद तक लड़कियों जैसी है, पोले पोले मम्मे आकर्षक निप्पल गोल-मोल गांड !

आज मैं आपको एक और नवीनतम लौड़े के बारे बताऊंगा।

हुआ यूँ कि मैं याहू पर चैट कर रहा था। मैंने एक लड़की का आईडी बना रखा था। उस पे मैं कई मर्दों से बातें करता रहता। एक दिन मुझे अपने ही शहर का एक मर्द मिला जिससे खूब चैट की मैंने ! उससे पूछा कि कभी अपनी पत्नी की गांड मारी है?

वो बोला- मेरी घरवाली गांड पे लौड़ा तक नहीं रखने देती, लेकिन मुझे गांड मारने में बहुत मजा आता है।

वो बोला- क्या हम मिल सकते हैं?

उसने मेरा मोबाइल नंबर माँगा।

मैंने कहा- मेरे पास है ही नहीं मोबाइल ! अपना दे दो !

उसने अपना नंबर दे दिया। मैंने कोई कॉल नहीं की।

अगले दिन वो फिर जब चैट पर आया, उसने कहा- आपने फ़ोन नहीं किया?

मैंने कहा- नहीं हो सका, सॉरी !

कोई बात नहीं- वो बोला- आज मेरी पत्नी और बच्चे घर में नहीं हैं, वो अपने मायके गई है। मुझे मिल सकती हो ?

मेरा भी नया लौड़ा लेने का दिल था, आखिर कितने दिन से मेहनत की थी। लेकिन क्या करता ! था तो गांडू ! लड़की नहीं !

मैंने अपना वेबकैम लगाया, सबसे पहले अपनी गाण्ड दिखाई। मेरी गाण्ड देख किसी का भी लौड़ा खड़ा जाता। मैंने वेबकैम के सामने गाण्ड गोल-गोल मटका के दिखाई और फिर अपना ऊपर का हिस्सा छाती !

वो बोला- चूत दिखाओ !

मैंने कहा- वो है ही नहीं !

क्या ?

मैं गांडू हूँ !

बोला- नहीं ऐसी गांड, मम्मे किसी लड़के के नहीं हो सकते ! क्यूँ मज़ाक करती हो?

मैंने उसको चेहरा दिखाया और बोला- मेरी गांड मारनी हो तो बोल दो, अभी आ जाऊंगा।

तू बी-ब्लाक मार्केट में गुरु नानक बेकरी के बाहर आ जा ! मैं काले रंग की लैंसर में आऊंगा ! ठीक है?

मैं बहुत गर्म था, जल्दी से पैन्ट डाली, टीशर्ट पहनी और वहां जा खड़ा हो गया।

उसके वहां आते ही मैं गाड़ी में बैठ गया। उसने बरमूडा पहना हुआ था, बोला- बेफकूफ बनाया मुझे इतने दिन से?

सब शिकायेतें दूर कर दूंगा बिस्तर में !

बहुत चिकना है तू यार !

मैंने उसकी जांघ पर हाथ फेरते हुए बरमूडा में हाथ डाल लिया- हाय ! क्या लौड़ा मिला है !

वो बोला- एक बार टीशर्ट उतारो !

मेरी ब्रेस्ट देख बोला- तू माल कमाल का है, कितनों से चुदा है?

वो कार चलाता रहा, मैंने नीचे जाकर, बाहर निकाल, लौड़ा मुँह में ले लिया। वह ओह यार !

जुबां से चाट कर उसको गर्म किया, इतने में घर आ गया। सीधी कार अन्दर ! मुझे अपने बेडरूम में ले गया, दो ग्लास ठंडी बियर के ले आया। मैं एक बार में ही पी गया। ऐसे तीन मग पीने के बाद सरूर आने लगा।

उसने मुझे नंगा कर दिया और मेरे निपल चूसने लगा। मैं उसके लौड़े को हाथ में लिए मुठ मार रहा था। मैंने फिर उसका लण्ड मुँह में लिया और चूसने लगा।

वाह राजा ! ऐसी तो कोई लड़की नहीं मिली जो तुम कर रहे हो ! लड़की भी नहीं करती और चूस ! चूस ! छूटने वाला हूँ ! अह अह अह करते हुए उसने सारा पानी मेरे मुहं में निकाल दिया।

मैंने चाट कर उसका लौड़ा साफ़ किया।

कैसा लगा माल?

बहुत स्वादिष्ट !

वो मेरी गांड से खेलने लगा। मैंने फिर से मुँह में लिया, वो मेरी गांड में जुबान डाल कर चाटता !

अब चोदो !

पास में पैन्ट से उसको कंडोम दिया, अपने हाथ से चढ़ा दिया, दोनों टांगें चौड़ी करते हुए उसको इशारा किया, उसने धक्का मारा, बहुत मोटा था पर मैंने सह लिया। ऐसे करते करते पूरा घुस गया और वो रफ़्तार पकड़ने लगा।

और चोद मुझे ! अह अह और फाड़ मेरी ! तेरी रांड बन कर रोज़ चुदने आउंगी ! अह अह !

उसने मुझे घोड़ी बना लिया और पीछे से मारने लगा।

हाय राजा ! क्या चोदता है तू ! उई फाड़ डाल !

बीस मिनट वो अलग तरीकों से चोदता हुआ झड़ गया। मैंने कंडोम खोल उसका लौड़ा मुँह में डाल लिया, गांड से निकल कर आया था, बहुत गर्म था।

वाह मेरे राजा ! मेरा बच्चा ! कल सुबह आना वहीं ! ठीक है?

अगले दिन जाकर फिर चुदा।

उसके बाद उसको जगह नहीं मिल रही थी।

एक दोस्त के घर लेकर गया, वहां क्या हुआ, वो सब अगली बार ! Hindi Sex Stories

Sex Stories

हमारे घर के पड़ोस में एक Sex Stories परिवार रहता था। उनकी एक लड़की थी। उसका नाम सोनू था। उसकी उमर लगभग 19 साल की थी।

वो एकदम मस्त चीज़ थी उसके बूब 30-32 साइज़ के थे अपनी बॉडी से वो पूरी जवान लड़की लगती थी।

सोनू बहुत ही सेक्सी थी। मैं उसे चौदना चाहता था वो भी मुझे आते जाते अपने घर की छत पर से देखती थी और मुझे देख कर मुस्कुराती भी थी लेकिन कोई मौका नहीं मिल पा रहा था।

उनके घर पर एक कंप्यूटर भी था।

यह उस समय की बात है जब सोनू के माता-पिता 5-6 दिन के लिए कहीं चले गये थे। घर पर केवल सोनू ही अकेली थी।

दूसरे दिन सोनू अपने घर के बाहर दरवाजे पर मुझे खड़ी दिखाई दी।
मैंने उसे देखा तो वो मुस्कुराई और मुझे बुलाया।

जब मैं उसके पास गया तो वो बोली- आप को अगर कंप्यूटर ठीक करना आता हो तो प्लीज़ हमारा कंप्यूटर ठीक दो ना प्लीज़!
और मुझे घर में आने का इशारा किया।

मैं स्कूल जा रहा था इसलिए मैं शाम को आने के लिए कह कर स्कूल चला गया।

स्कूल से वापस आने के बाद मैं सोनू के घर 5 बजे शाम को पहुँच गया।
मैंने कॉल बेल बजाई तो सोनू ने दरवाज़ा खोला।

उसने काले रंग की स्कर्ट और पिंक रंग की टी-शर्ट पहन रखी थी। उसने अंदर कुछ भी नहीं पहन रखा था। उसकी चूचियों के दोनो निपल्स बाहर से ही महसूस हो रहे थे।

मैं घर के अंदर गया।
वो मुझे कंप्यूटर के पास ले गयी।
मैंने कंप्यूटर को ओन किया और चेक करने लगा।

सोनू चाय बनाने चली गयी।

मैंने एक फोल्डर को खोला जो सोनू ने बनाया था। उस में बहुत सारी अश्लील तस्वीरें थी।

मैं उन तस्वीरों को देखने लगा। उसमें नेट से डाउनलोड की हुई बहुत सारी सेक्सी पिक्चर थी।

थोड़ी देर बाद वो चाय ले कर आ गयी।
उस समय कंप्यूटर स्क्रीन पर जो फोटो थी उसमें एक आदमी एक लड़की को डॉगी स्टाइल में चोद रहा था।

वो मेरे बगल में बैठ गयी और बोली- प्लीज़ ये फाइल्स बंद कर दो। इसे मत देखो।
मैंने कहा- बहुत अच्छी पिक्चर है।
सोनू का चेहरा शरम से लाल हो गया।

मुझे देखने दो।

वो बोली- प्लीज़ जीतू बंद कर दो इसे।

मैंने कहा- मैं कोई ग़लत काम थोड़े ही कर रहा हू। आख़िर तुम भी तो ये पिक्चर देखती होगी। तुम भी जावन हो और मैं भी। तुमने कभी ट्राइ किया है?

वो चुप रही तो मैंने फिर पूछा।

वो बोली- मैं अभी तक कुँवारी हूँ। मैंने कभी किसी से नहीं करवाया है।

मैंने उस से झूठ बोला और कहा- मैंने भी आज तक किसी लड़की के साथ कुछ नहीं किया है। घर पर भी कोई नहीं है। चलो, आज हम दोनों इसे ट्राइ करते हैं।

उसने इनकार कर दिया तो मैंने पूछा- क्यों?

इस बार वो कुछ नहीं बोली और उसने अपना सर दूसरी तरफ घुमा लिया।

मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर अपनी तरफ घुमाया तो उसने मेरा हाथ झटक दिया। मैंने फिर पूछा- हम दोनो ही कुंवारे हैं और आज अच्छा मौका है। तुम भी जवान हो और मैं भी। घर पर भी कोई नहीं है। हमें ट्राइ करना चाहिए।’

वो एक दम चुप रही।

मैंने उसकी जांघों पर हाथ फिरना शुरू कर दिया तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया।

उसने अपनी दोनों जांघों को एक दूसरे पर रख कर ज़ोर से दबा लिया।

मैंने उसकी जांघों को सहलाते हुए अपना हाथ उसकी जांघों के बीच घुसा दिया। मेरा हाथ सीधा उसकी चूत पर लगा। उसने नीचे भी कुछ नहीं पहन रखा था। उसकी चूत एकदम मुलायम और चिकनी थी।

उसने इस बार मेरा हाथ नहीं हटाया। मैं समझ गया कि मेरा काम बन जाएगा।

मैंने उसकी चूत को सहलाना शुरू कर दिया तो उसकी साँसें बहुत तेज़ चलने लगी और उसका चेहरा एक दम लाल हो गया। वो कुछ नहीं बोली।

थोड़ी देर तक उसकी चूत सहलाने के बाद मैं उठा। मैंने उसे गोद में उठा लिया और बेडरूम में ले जाने लगा तो उसने अपना चेहरा मेरे सीने में छुपा लिया।

बेडरूम में ले जा कर मैंने उसे बेड पर लिटा दिया।
मैंने उसकी टी-शर्ट और स्कर्ट उतार दी। उसके कपड़े उतारने के बाद मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए।

मुझे नंगा होते देख उसने अपनी आँखें बंद ली लेकिन उसके चेहरे पर मुस्कुराहट थी।

उसका संगमरमर सा गोरा बदन एक दम नंगा मेरे सामने था। मुझे जोश आने लगा।

मैंने उसके होठों को चूमना शुरू कर दिया। थोड़ी देर तक होठों को चूमने के बाद मैंने धीरे धीरे उसके चुचियों को, पेट को, जांघों को और फिर उसकी चूत को चूमने लगा।

वो एकदम गरम हो गयी और सिसकारियाँ भरने लगी।

मेरा लंड भी खड़ा हो कर जोश से एक दम लोहे जैसा हो गया था और झड़ने वाला था।

मैंने अपना लंड उसके मुँह के पास कर दिया और चूसने को कहा।
वो कुछ नहीं बोली।

मैंने उसके मुँह में अपना लंड घुसाने की कोशिश की तो उसने अपना मुँह इधर उधर करना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर ना नुकर करने के बाद आख़िर में उसने अपना मुँह खोल दिया।
मैंने अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया और वो उसे चूसने लगी।

मैं उसके उपर लेट गया और मैंने उसकी चूत चाटनी शुरू कर दी। दो मिनट बाद ही मैं उसके मुँह में झड़ गया और उसने मेरे लंड का सारा पानी निगल लिया। लंड का सारा पानी निगल जाने के बाद भी उसने मेरा लंड चूसना ज़ारी रखा।

वो भी अब तक बहुत जोश में आ गयी थी और उसकी चूत से भी पानी निकलने लगा।
मैंने भी उसकी चूत का सारा पानी चाट लिया। वो एक दम नमकीन और कुछ कुछ खट्टा था।

दस मिनट में ही मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया।

मैं भी अभी तक उसकी चूत को चाट रहा था और वो भी अपना चूतड़ उठा उठा कर मज़ा ले रही थी।

हम दोनो बहुत जोश में आ गये थे। मैं उसके उपर से हट गया और उसे डॉगी स्टाइल में होने को कहा। वो कुछ नहीं बोली और चुप-चाप उठ कर डॉगी स्टाइल में हो गयी। उसने अपना सर तकिये पर टिका दिया।

मैं समझ गया कि वो चुदवाने के लिए एकदम बेकाबू हो रही है। मैं उसके पीछे आ गया। मैंने उसकी चूत को फ़ैला कर अपने लंड का सूपाड़ा उसकी चूत के बीच रख दिया। वो कुछ नहीं बोली।

मैंने अपना लंड थोड़ा सा अंदर दबाया। उसकी चूत बहुत टाइट थी और केवल मेरे लंड का सूपाड़ा ही उसकी चूत के अंदर घुस पाया।

मैंने थोड़ा और दबाया तो वो पहली बार बोली- प्लीज़। ज़रा धीरे।

मैं समझ गया कि वो एक दम जोश में आ गयी है। मैंने अपना लंड थोड़ा और अंदर दबाया तो वो सिसकारियाँ भरने लगी।

मेरा लंड उसकी चूत में अब तक 2″ घुस चुका था।
मैंने अपना लंड उसकी चूत में धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

उसने भी अपना चूतड़ पीछे की तरफ दबाया और सिसकारियाँ भरने लगी, उफ़फ्फ़… जीत… धीरे… प्लीज़। दर्द हो रहाआ है… उईए… म्माआआआ… आआआहह… रुक्कक… जाओ…
मैं रुक गया।

वो बोली- जीतू, मैं पहली बार करवा रही हू। ज़रा आराम से धीरे धीरे करो। बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने कहा- तुम घबराओ मत। मैं धीरे धीरे और आराम से ही करूँगा। मैं जानता हूँ कि तुम अभी तक कुँवारी हो और तुम्हारी चूत एक दम टाइट है।

मैंने धीरे धीरे अपना लंड उसकी चूत में अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

छः सात मिनट तक चोदने के बाद उसे भी और ज़्यादा मज़ा आने लगा। वो बोली- जीतू, तुम अपना लंड थोड़ा सा और अंदर डाल दो। मैं तैयार हूँ।

मैंने थोड़ा सा और दबाया तो मेरा लंड उसकी चूत में 3″ तक घुस गया।
वो फिर बोली- बस, रुक जाओ प्लीज़। दर्द हो रहा है। अभी इतना ही अंदर डाल कर चोदो मुझे।

उसकी सील टूट चुकी थी और वो अब मेरा लंड अपनी चूत में आराम से अंदर ले रही थी।
मैंने उसे धीरे धीरे चौदना शुरू कर दिया।
दो तीन मिनट में ही उसका दर्द जब कुछ कम हुआ तो उसे मज़ा आने लगा।

वो बोली- थोड़ा और अंदर डाल कर और तेज़ीसे चोदो… मुझे…

मैंने थोड़ा और अंदर दबाया तो मेरा लंड उसकी चूत में 4″ तक घुस गया।
मैं अपनी स्पीड को बढ़ाते हुए उसे चोदने लगा। वो अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ दे रही थी।

पाँच मिनट तक चोदने के बाद वो बहुत ज्यादा जोश में आ गयी और बोली- जीतू, और अंदर डालो अपना लंड मेरी चूत में। खूब तेज़ चोदो मुझे। अब रुकना नहीं, पूरा लंड अंदर घुसा देना। मैं एक दम बेकाबू हो रही हू और मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है।

मैंने अपना लंड थोड़ा और अंदर दबाया तो मेरा लंड उसकी चूत में 5″ तक घुस गया। मैंने उसे धीरे धीरे चौदना शुरू कर दिया।

थोड़ी देर तक चोदने के बाद मैंने एक ज़ोरदार धक्का लगा दिया।
मेरा लंड उसकी चूत में 6′ तक घुस गया।

वो चिल्ला उठी लेकिन उसने मुझे रुकने के लिए नहीं कहा।
मैंने एक फाइनल शॉट लगा दिया तो वो बहुत तेज़ चिल्लाने लगी।

मेरा पूरा लंड उसकी चूत में एकदम ज़ड़ तक घुस चुका था।

वो बोली- जीतू, तुमने आख़िर मुझे आज एक लड़की से औरत बना ही दिया। मैंने अपनी चूत में तुम्हारा पूरा लंड अंदर ले ही लिया। बहुत दर्द हो रहा है। थोड़ा रुक जाओ, तब चौदना।
मैं रुक गया।

थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुई तो उसने मुझसे चोदने के लिए कहा। मैंने सोनू की चुदाई शुरू कर दी। पहले बहुत धीरे धीरे उसके बाद मैंने बहुत तेज़ी के साथ चौदना शुरू कर दिया।

5 मिनट तक उसे चुदवाने में थोड़ा दर्द हुआ लेकिन उसके बाद वो एकदम शांत हो गयी और उसे मज़ा आने लगा, उसने अपना चूतड़ आगे पीछे करते हुए मेरा साथ देना शुरू कर दिया।

2 मिनट बाद ही वो बोली- और तेज़ चोदो, मेरे जीतू राजा। ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाओ।

मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और बहुत तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगा। वो अब अपनी चूत में मेरा पूरा लंड आराम के साथ अंदर ले रही थी।
2 मिनट भी नहीं बीते की वो फिर बोली- जीतू, मुझे कुछ हो रहा है। लगता है मेरी चूत से पानी निकलने वाला है। खूब ज़ोर ज़ोर से धक्का लगाओ।

मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है। मैंने बहुत ही तेज़ी के साथ उसकी चुदाई शुरू कर दी।

वो बोली- आआआ!!! मैंऽऽऽ आआऽऽऽ रहीऽऽऽ हूँऽऽऽ और तेज़ ऽऽऽ और तेज़ ऽऽऽ

उसकी चूत से पानी निकलने लगा और मेरा सारा लंड भीग गया।
मैं भी बिना रुके उसे आँधी की तरह चोदता रहा। लगभग 20 मिनट तक चोदने के बाद मैं उसकी चूत में ही झड़ गया। इस दौरान वो भी 2 बार झड़ चुकी थी। लंड का पूरा पानी उसकी चूत में निकल जाने के बाद मैं हट गया।

हम दोनो तक गये थे। कुछ देर आराम करने लगे।

15 मिनट बाद वो बोली- जीतू, प्लीज़। एक बार और करो ना। मुझे बहुत अच्छी लग रही थी यह चुदाई।

उसने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया। दस मिनट में ही मेरा लंड एक दम तैयार हो गया।
मैंने उसे बेड पर लिटा दिया और उसके चूतड़ के नीचे 2 तकिये रख दिए। उसकी चूत एक दम उपर उठ गयी।

मैंने उसकी चूत के बीच जैसे ही अपना लंड रखा तो वो बोली- जीतू, मुझे बहुत मज़ा आया था। इस बार तुम अपना लंड को एक ही धक्के में पूरा अंदर डाल दो।
मैंने अपनी सासें रोक कर अपने को थोड़ा तैयार किया और पूरा ज़ोर लगते हुए एक करारा धक्का मारा। मेरा पूरा लंड सनसंता हुए उसकी चूत में घुस गया। वो बहुत तेज़ चीख पड़ी।

मैंने बिना रुके उसकी चुदाई शुरू कर दी। 2 मिनट में ही वो अपना चूतड़ उठा उठा कर मेरे हर धक्के का जवाब देने लगी। मैंने अपनी स्पीड और बढ़ा दी। 5 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गयी। उसकी चूत एक दम गीली हो चुकी थी और मेरा लंड भी उसकी चूत के पानी से एक दम गीला हो चुका था।

मैं रुका नहीं, उसको चोदता रहा। कमरे में फ़च-फ़च की आवाज़ गूँज रही थी। इस बार मैंने उसे बिना रुके उसको चौदा और उसकी चूत में ही झड़ गया। लंड का पूरा पानी उसकी चूत में निकाल देने के बाद मैं हट गया और उसके बगल में ही लेट गया।

वो भी थक कर चूर हो गयी थी और एकदम निढाल हो गयी थी। वो बेड पर ही पड़ी रही। Sex Stories

Hindi Sex Stories

स्वीटी भाटिया ने पन्जाब Hindi Sex Stories से मुझे अपनी पहली चुदाई की वास्तविक कहानी भेजी है। उसे मैं अपने शब्दो में ढाल कर आपको पेश कर रही हूँ।

मैंने सीनियर सेकन्डरी परीक्षा 74 प्रतिशत अंकों से पास कर ली थी, अब कॉलेज में फ़र्स्ट ईयर साईन्स में प्रवेश ले लिया था। मेरा एडमिशन घर से बाहर जहां मैं चाहती थी, पन्जिम, गोआ में मिला था। मैंने वहां एक किराये का कमरा ले लिया। पापा ने एक काम वाली लगा दी और वापस भटिंडा चले गये।

मेरे मकान मालिक का लड़का माइकल था जो मुझ पर शुरु से ही लाईन मारता था। मुझे भी वो अच्छा लगता था, पर वो अधिकतर अपने धन्धे ही लगा रहता था। कभी कभी लाईन मारने के इरादे से वो दुकान पर जाने के पहले मुझे मिलने आता था। पर मेरा मन उससे बहुत जल्दी उचट गया था, क्योंकि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था, बारहवीं के बाद वो अपने घरेलू बिजनेस में लग गया था।

मैं यहाँ बहुत ही खुश थी, बचपन से मैंने गोआ की सुन्दरता का नाम सुना था और अब मैं अपने मनपसन्द की जगह पर आ चुकी थी। अब तक तो मैं गर्ल्स स्कूल में थी, पर यहाँ को-एजुकेशन है। कक्षा में हम 8 लड़कियाँ थी। पंजाबी होने से उनमें सबसे सुन्दर, लम्बी हूँ और अच्छा फ़िगर मेरा ही है।

कुछ ही दिनों में लड़के मुझ पर लाईन मारने लगे थे। मेरे सुन्दर होने से ये मेरी इच्छा थी कि मैं सबसे अच्छा ही चुनूं। एक लड़का जिसका नाम मैंने बदल कर सन्दीप रखा है, मुझे बहुत प्यारा लगता था। वो मेरे अनुसार ही लम्बा था, हंसमुख था, जिस्म से बलशाली लगता था, मैं उसे रितिक रोशन कहती थी।

मेरे बोबे छोटे थे, पर ब्रा पहनने पर गोल गोल और भले लगते थे। मेरा दुबला पतला और लम्बा बदन, चूतड़ों के उभार, उनकी गोलाइयाँ सामान्य थी। जब कभी सन्दीप मुझसे बात करता था तो मैं उसे बातों में उलझा लेती थी और देर तक बातें करती थी। सन्दीप अन्दर ही अन्दर दिल में मुझे चाहता था। फ़्री पीरियड में हम दोनों अक्सर केन्टीन में आ जाते थे। संदीप भी मेरी ही तरह 19 वर्ष का था।
एक बार…

“स्वीटी, तुम्हारा कोई दोस्त है लड़कों में?” सन्दीप ने पूछा।
“नहीं अब तक तो नहीं, मैं तो गर्ल्स स्कूल में थी, बस लड़कियाँ ही मेरी दोस्त रही हैं !”
“मुझसे दोस्ती करोगी?”
“तुम्हारी तो कई लड़कियाँ दोस्त हैं, कितनी से तो तुम बातें करते हो !”
“नहीं मुझे तो बस तुम अच्छी लगती हो।” कहते ही वो झेंप गया,”सॉरी स्वीटी… मेरा मतलब था कि…”

मेरी आंखें झुक गई। मैं शरमा गई, सन्दीप ने यह क्या कह दिया। दिल धड़क उठा।
“स्वीटी, मेरा मतलब यह नहीं था… मैं तो दोस्ती की बात कर रहा था !” सन्दीप हड़बड़ा गया। मैंने अपना चेहरा दोनो हाथों से छिपा लिया। मेरा चेहरा लाल हो उठा। किसी के दिल की बात सामने आ रही थी। मैंने साहस जुटाया और मन की बात कह डाली।

“सन्दीप, मैं तो तुम्हारी ही दोस्त हूँ, मुझे तुम भी बहुत अच्छे लगते हो !” लड़खड़ाती जुबान से मैंने कह ही डाला। मैंने चेहरे से हाथ हटाते हुए कहा, मेरी आंखें शर्म से लाल हो गई थी। उसे मैंने एकटक निहारते हुए कहा,”सच कहूँ सन्दीप, क्लास में तुम जैसा कोई नहीं !”

“नहीं स्वीटी, तुम सा कोई नहीं है, तुम मुझे परी जैसी सुन्दर लगती हो !”
“तुम मुझे, जानते हो, रितिक रोशन फ़िल्म स्टार जैसे लगते हो !”

जाने समय कैसे निकल गया। अगला पीरियड आ गया, हम दोनों उठे और क्लास की ओर जाने लगे,”सुनो स्वीटी, आज क्लास छोड़ो, चलो कहीं चलते हैं !”

मैंने उसकी ओर देखा, पर वहाँ सिर्फ़ प्यार था, मैं मना नहीं कर सकी, मैं उसका साथ अधिक से अधिक देर तक चाहती थी। उसने अपनी मोटर साईकल उठाई और मीरा-मार बीच की तरफ़ चल दिये। दिन का समय था, बीच खाली था, इक्के दुक्के लोग यहाँ वहाँ दिखाई दे रहे थे। पेड़ों की छांव में पार्क के पास कई जोड़े वहाँ पहले से ही जमे थे। यह यहाँ का आम दृश्य था।

हमने भी एक कोना पकड़ लिया और सीमेंट की बेंच पर बैठ गये। हमारे पास वाला जोड़ा चुम्बन में मग्न था, शायद वो लड़की के स्तनों से भी खेल रहा था।
सन्दीप ने मुझे इशारे से बताया,”वो देखो, कितना प्यार करते हैं एक दूसरे को !” मैंने भी उसे प्यासी नजरो से देखा।

सन्दीप समझ चुका था, प्यार की कोई भाषा नहीं होती। हमारे चेहरे नजदीक आने लगे, आंखें स्वत: ही एक दूसरे में खो गई। दोनों की आंखों में भरपूर प्यार था। मेरी आंखें बंद होने लगी। सन्दीप के होंठ मेरे गालों को चूमने लगे। मेरा जिस्म कंपकपाने लगा। होंठ कांपने लगे।

मैं एक असहाय सी लता की तरह उसकी बाहों में झूल गई। मेरे कांपते होंठों को उसके होंठों ने दबा लिया। दिल धड़क उठा, उसकी जीभ मेरे मुख में प्रवेश कर गई। मेरे वक्षस्थल पर उसके हाथों का दबाव आ गया। मैं अपना होश खो बैठी। मेरे होंठ ने भी अब उसकी जीभ को दबा लिया। अचानक हमारी तन्द्रा भन्ग हुई। हमारे सामने दो अंग्रेज महिलायें खड़ी थी,”एक्स्क्यूज मी, में आइ हेव योअर स्नेप्स?”

“वाई नोट, थेन्क्स” मैंने उन्हें लिपटे हुए ही कहा।

“नाउ प्लीज, किस अगेन !” उन्होंने वही सेक्सी पोज बनाने को कहा। हम दोनों फिर से उसी तरह से लिपट पड़े और चूमने लगे और सन्दीप मेरे स्तन दबाने लगा। मैं फिर से खोने लगी।

“ओके प्लीज, बी नोर्मल नाउ…जस्ट सी इट” वो मेरे पास बैठ गई, और वीडियो चला कर दिखाया।

“हाय राम, अपन ऐसे कर रहे थे क्या, और तुम इतने बेशर्म हो, देखो ये क्या कर रहे हो…प्लीज मेम, ट्रान्स्फ़र इट टू माय मोबाईल ऑलसो !”

“ओके, नो प्रोबलम” उन्होने मेरे मोबाईल में उसे कॉपी करके डाल दिया।

“ओके, प्लीज कन्टीन्यू… सॉरी फ़ोर डिस्टरबेन्स, एन्जोय लव !” कह कर वो दोनों आगे चली गई। अब मुझे शरम आने लगी थी कि मैंने ये क्या कर दिया। सन्दीप ने एक बार फिर से मुझे पास में खींच लिया। सामने वाला जोड़ा पर सेक्स एन्जोय कर रहा था। लड़की पैन्ट के ऊपर से ही लड़के का लण्ड दबा रही थी, और लड़का उसकी शर्ट में हाथ डाल कर चूचियाँ मसल रहा था। सन्दीप ने भी लिपटाये हुए मेरी चूत दबा दी। मैं उछल पड़ी।

“सन्दीप, ये नहीं करो, मुझे अच्छा नहीं लगता है !”

“सॉरी, स्वीटी, मुझसे रहा नहीं गया था, ये देखो तो, इसका क्या हाल है !” उसने अपने लण्ड की तरफ़ इशारा किया। मैंने मौका पा कर तुरन्त ही उसका लण्ड पकड़ लिया और मसलते हुए अन्दर दबा दिया।

“इसे कन्ट्रोल में रखो, समझे !” पर उसके लण्ड का साईज़ और मोटापन का स्पर्श पा कर मेरा जिस्म कांप गया। सन्दीप के मुख से आह निकल गई। मैं खड़ी हो गई। सामने वाले जोड़े की नजर जैसे हम पर पड़ी वो अलग हो गये। मैं मुस्करा उठी और उनके पास आ गई।

“हाय, मजा आ रहा है ना?” लड़की शरमा गई, मुझे भी बहुत मजा आया, कल भी आप आयेंगे ना…हम भी आयेंगे” लड़का और लड़की दोनों मुस्करा उठे।

“आपने तो खूब मजे किये ना, हमने सब देखा, आप का जोड़ा मस्त है, थक्स फ़्रेन्ड्स”

रात को कमरे में अकेले लेटे लेटे मुझे बार बार सन्दीप का चुम्बन, वक्ष मर्दन और चूत को दबाना याद आने लगा था। उसके लण्ड का स्पर्श मेरी जान ले रहा था। मैंने मोबाइल पर वीडियो निकाल कर देखा। मेरी चूत में पानी उतर आया। मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने मोबाईल पर उसे कॉल किया।

“सन्दीप, क्या कर रहे हो ?”
“पढ़ रहा हूँ और क्या?”
“मेरे पास आ जाओ, तुम्हारी बहुत याद आ रही है!”
“अभी आऊँ क्या, कोई क्या कहेगा कि रात को आठ बजे तुम्हारे पास लड़के आते हैं !”

“आ जाओ ना, अभी यहाँ कोई नहीं है, पास के घर में अंधेरा है।”
“अच्छा अभी आता हूँ” उसने फोन रख दिया। मैं उसका बेसब्री से इन्तज़ार करने लगी।

कुछ ही देर में सन्दीप आ पहुंचा। मैं उसका दरवाजे पर ही इन्तज़ार कर रही थी।

आते ही उसने पूछा,”क्या हुआ, सब ठीक तो है न?”
“नहीं कुछ भी ठीक नहीं है।”
“क्या हो गया, ऐसे क्यो बोल रही हो ?”
“अन्दर तो आ जाओ पहले, फिर बताती हूँ।”

अन्दर आते ही मैंने दरवाजा अन्दर से बन्द कर दिया और चैन की सांस ली। उसके आते ही मेरी बैचेनी दूर हो गई और मैं जो कहने वाली थी, सब भूल गई।

“कुछ तो कहो अब…”
“बस तुम आ गये, मैं सब भूल गई।” मैंने शरमा कर अपनी बात कबूल कर ली।
” स्वीटी तुम भी ना, बस” कह कर वो बिस्तर पर बैठ गया। “अच्छा अब मेरे पास तो आ जाओ ना”
“बोलो अब, लो आ गई।” मुझे पता था वो मुझे चूमेगा, छूएगा और मस्ती करेगा।

“तुमने मुझे यहाँ बुलाया, और अब चुप हो, कही तुम्हारा मन डोल तो नहीं रहा है ना?” सन्दीप ने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी तरफ़ खींच लिया। मैं फ़िर शरमा गई।

उसने मुझे अपनी गोदी में बैठा लिया और धीरे से कमर में हाथ डाल दिया। मेरा चेहरा उसके चेहरे के बिलकुल पास आ गया। मेरे होंठ कांप उठे। मेरे होंठ खुल गये और नीचे का लब उसके दोनो होंठ के बीच में दब गया। मेर निचला होंठ वो चूसने लगा। उसका एक हाथ मेरे वक्षस्थल पर आ गया। मेरे छोटे छोटे उरोज उसके हाथों में दब गये। मेरे मुख से सिसकारी निकल पड़ी।

“स्वीटी, तुमने ब्रा नहीं पहनी” सन्दीप का हाथ मेरे नंगे उरोज पर फ़िसल रहा था। मैंने उसके लबों को दबा कर चुप कर दिया। उसके लण्ड में उफ़ान आ रहा था। मेरा हाथ धीरे से उस पर आ गया और उसके लण्ड के साइज़ का नाप तौल करने लगा।

“सॉरी, स्वीटी, तुम्हारा रूप मुझसे सहा नहीं जा रहा है, ये गरम हो गया है।” मैंने फिर से उसके होंठ पर अंगुली रख दी।

“सन्दीप, तुम बहुत बोलते हो, चुप रहो, जो होना है वो तो होगा ही।” मेर बदन अब वासना से भर चुका था। कुंवारी कली खिलने को बेताब थी। भंवरा भी डंक मारने को बेताब था। उसने अब धीरे से मेरी चूत की तरफ़ हाथ बढ़ाया तो मैंने अपनी टांगें चौड़ी कर ली। उसका हाथ अब मेरी चूत पर था।

“तुमने पेन्टी भी नहीं पहनी है।”

“अंह्ह्ह, सन्दीप, मत बोलो ना, समझते हो तो कहते क्यो हो ?” मैंने उसे नाराजगी जताई। मैं अब सन्दीप के हाथों में खिलोने कि तरह खेल रही थी। मेरे अंग अंग को वो फ़्री स्टाईल से दबा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

“सन्दीप, अपनी जीन्स तो ढीली करो ना, इसको कब तक छुपाओगे”
“चल हट, ये बिगड़ गया तो फिर तुम नाराज नहीं होना।” सन्दीप ने शरारत से कहा। अपनी जीन्स उसने जल्दी से उतार दी।

“और ये अंडरवियर भी उतार दूँ क्या ?” उसने मेरे जवाब का इन्तज़ार नहीं किया औए पूरा नंगा हो गया। मैं उसका जिस्म देखती रह गई। चिकना, सुन्दर, तराशा हुआ, गोरा, कोई बाल नहीं… हाय मेरे तो पसीना छूटने लगा। उसे देख कर मेरे बदन में वासना की आग भड़क उठी। मैंने भी अपने रहे सहे कपड़े उतार फ़ेंके और नंगी हो गई। मैं उससे जा कर लिपट गई, दोनों जिस्म आपस में रगड़ उठे। नंगे जिस्म आपस में चिपक गये, नंगेपन का अह्सास होने लगा। मैंने सन्दीप का लण्ड हाथ में पकड़ लिया…

“हाय रे सन्दीप, इतना मोटा लण्ड, इतना बडा लण्ड, इसे मेरे जिस्म में समा दो अब।” मैं नशे में बहक उठी। उसके हाथ मेरी चूतड़ो की गोलाईयां मसल रहे थे। मैं उसके लण्ड को अपनी चूत से रगड़रही थी। उसका सुपाड़ा अब भी चमड़ी से ढका था। मेरे चूत का रस उसके लण्ड को गीला कर के तर कर रहा था।

सन्दीप मुझे दबा कर बिस्तर पर लेट गया और मेर ऊपर चढ़ गया। मेरे शरीर में मीठी मीठी वासनायुक्त जलन भरने लगी थी। चूत फ़ड़फ़ड़ा उठी थी। उसने अपने लण्ड का पूरा जोर मेरी चूत पर लगा दिया। पर वो इधर उधर फ़िसल जाता था। मेरे से रहा नहीं गया तो मैंने लण्ड पकड़ कर चूत में घुसा डाला। लण्ड घुसते ही उसके मुँह से चीख निकल गई। लण्ड कच्चा था, पहली बार चूत का स्वाद चखा था। उसके सुपाड़े के रिन्ग की झिल्ली फ़ट गई थी।

“क्या हुआ सन्दीप, डर गये क्या मेरी चूत से” मैं उसकी चीख को समझ नहीं पाई थी।

“चुप हो जाओ, मुझे लगती है, ये क्या हो गया है ?

“कुछ नहीं, लगाओ ना, घुसेड़ो ना लण्ड अन्दर तक, प्लीज !” उसने मेरी बेकरारी देखी और सम्भल कर उसने थोड़ा सा बाहर निकल कर हिम्मत करके पूरा जोर लगा कर लण्ड धक्का मार कर पूरा घुसेड़ दिया। इस बार उसके साथ मेरी भी चीख निकल गई। सन्दीप रुक गया।

“अब तुम्हें क्या हुआ?” चूत में से खून निकल पड़ा। पर उसकी नजर मेरे चेहरे पर थी, जहाँ से आंसू बह निकले थे।

“रो क्यों रही है, लगी तो मुझे है, तुम क्यों रो रही हो?”
“मेरी फ़ट गई है, हाय रे !” मैं रो पड़ी। मुझे पता था कि झिल्ली होती है, पर फ़टती कैसे है यह आज पता चला।
“पर मैंने गाण्ड थोड़ी मारी है, जो तुम्हारी फ़ट गई है?” सन्दीप ने हैरानी से कहा।

“अरे चूत की झिल्ली फ़ट गई है, गाण्ड नहीं फ़टी है, बस अब नहीं, उतरो मेरे ऊपर से !” उसे भी लण्ड में दर्द हो रहा था और मुझे भी चूत में दर्द हो रहा था।

उसने लण्ड चूत से बाहर निकाला तो खून भी निकल पड़ा। मैंने झट से पास में पड़ा कपड़ा उठाया और नीचे लगा दिया। खून देख कर सन्दीप घबरा गया। मैंने उसे अपनी जानकारी के अनुसार उसे बताया तो वो शान्त हुआ।

अब हमारे में चुदाई का जोश समाप्त हो गया था। हम दोनों ने बाथ रूम में जा कर सफ़ाई की। उसका लण्ड देखा तो सुपाड़े के रिन्ग से लगी स्किन अलग हो गई थी और थोड़ी सी लालिमा आ गई थी। मैंने भी सेनेटरी नेपकिन लगा लिया था।

“सन्दीप हमें कितना मजा आ रहा था, पर ये अब क्या है… मुझे तो डर लग गया है।”
“लगता है हमें सजा मिली है…” वो जाने के लिये तैयार था।

हम दोनों का कुंवारापन जाता रहा था, अब हम दोनों मर्द और औरत बन चुके थे। जो अब चुदाई के लिये तैयार थे। सन्दीप जा चुका था। मैं बिस्तर पर लेट गई। अपना दर्द किससे कहती। चूत में अब भी टीस उठ रही थी। रात देर तक जागती रही थी, फिर कब आंख लग गई पता ही नहीं चला। दूसरे दिन मेरे चूत का दर्द समाप्त हो चुका था। मुझमें फिर से वासना अंगड़ाईयां लेने लगी थी।

आज सवेरे सन्दीप का कोई फोन नहीं आया। मैंने किया तो फोन ओफ़ था। कॉलेज में भी वो नहीं दिखा। मैं परेशान हो उठी। शाम को माइकल घर आया और मुझे परेशान देख कर पूछा, तो मैंने उसे बताया कि सन्दीप मुझसे बात नहीं कर रहा है। उसने मुझे तसल्ली दी कि शायद वो यहाँ नहीं होगा, आ जायेगा, इन्तज़ार करो।

माइकल अब रोज मेरा दिल बहलाने लगा। मजाक करता, मुझे हंसाता, सेक्सी जोक्स करता। मैं धीरे धीरे माइकल की तरफ़ आकर्षित होने लगी। सन्दीप का ख्याल दिल में आता पर माइकल अपनी जिन्दादिली से उसे भुला देता था।

एक शाम को मैं अपना संयम तोड़ बैठी और माइकल से चुद गई। मैं कॉलेज से आने के बाद बिस्तर पर लेटी माइकल और सन्दीप के बारे में सोच रही थी। अचानक मुझे माइकल सेक्सी लगने लगा। उसके नंगे जिस्म की मैं कल्पना करने लगी। उससे चुदने का अनुभव मह्सूस करने लगी। मुझे माइकल की हर बात अब अच्छी लगने लगी। उसकी हंसी, उसकी बातें, उसका स्टाईल इत्यादि। मेरे मन में वासना करवटे लेने लगी। मुझे लगा कि अब माइकल से ही मैं सन्तुष्ट हो पाऊंगी।

माइकल हमेशा की तरह शाम को आया और एक आइस्क्रीम जो मुझे पसन्द थी, मुझे दी, ये उसका हमेशा का काम था। पर मेरी नजरें बदल चुकी थी। आते ही उसने एक सेक्सी मजाक किया जो मुझे अच्छा लगा। उसकी हर बात में मुझे सेक्स नजर आने लगा। आइस्क्रीम खाते खाते पिघल कर मेरी छाती पर गिर पड़ी।

“हाय माइकल, मेरा कुर्ता गंदा हो गया !” माइकल ने तुरन्त एक कपड़ा गीला किया और मेरी छाती पर लगा कर धीरे से घिस दिया। दाग तो मिट गया पर मेरी चूची जो दब गई थी, उसने मन में आग लगा दी। जोर की गुदगुदी उठी और मेरे मुख से आह निकल पड़ी।

“मजा आया ना?” उसने तुरन्त मजाक किया।
“तुझे तो मारना चाहिये, साला गड़बड़ी करता है।” मैंने यूँ ही नाराजगी जताई।
“देख मारना ही है तो पूरा मारना, पूरा दाग साफ़ कर दूँ क्या ?” उसने फिर से मजाक किया।
“माईकल, एक तो दबा दिया और अब मजाक कर रहा है !”

” ऐ स्वीटी, दबाने दे ना, तेरा क्या जायेगा, बस चमड़ी ही तो दबेगी, मुझे मजा आ जायेगा।”
“अब देख माइकल, पिटेगा तू !”
“अच्छा पिटना ही है तो दबा कर ही पिटूँ !” फिर उसने शरारत कर ही दी।

माइकल ने आगे बढ़ कर मेरे बोबे दबा दिये, मैं वासना की मारी, क्या कहती उसे, मेरी दिली इच्छा भी यही थी। मैंने उसका हाथ दूर करने की असफ़ल चेष्टा की, फिर मन किया कि मजा आ रहा है तो उसे करने दिया।

“छोटे हैं, पर कड़े हैं, स्वीटी हाय रे, देख तेरा कुछ नहीं बिगड़ा ना, मजा आया ना?” मेरी सांसें तेज हो गई।

“हाय, ना कर अब, वर्ना सब गड़बड़ हो जायेगा रे !” मेरी धड़कनें तेज हो गई। माइकल शायद यह जानता था कि वो शुरू कर देगा तो मैं मना नहीं करूंगी।

“फिर भी तेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा, ये तो सिर्फ़ चमड़ी का खेल है, बस हमें रगड़ना ही तो है।”

“माइकल, तू बड़ा खराब है, जिस्म को चमड़ी कह रहा है, ला तेरी नीचे की चमड़ी को मसल दूँ” मैंने उसका वार उसी पर किया। उसका लण्ड जोर मार रहा था। मैंने उसके जवाब का इन्तज़ार नहीं किया और उसका लण्ड पैन्ट के ऊपर से ही भींच लिया। उसके मुँह से आह निकल गई। उसने मुझे लिपटा कर चूमना शुरू कर दिया। उसके हाथ मेरे स्कर्ट के अन्दर घुस गए। मेरा नंगा बदन उसके कब्जे में आ गया, मेरे निपल को हौले से मसलने लगा।

“हाय माइकल बस कर अब, वर्ना सब गड़बड़ हो जायेगा।” मेर जिस्म पिघलने लगा। मन में खुशी की तरन्गें उछाल मारने लगी।
“सच मान यार तेरी चमड़ी को कुछ नहीं होगा, देखना वैसी की वैसी रहेगी।” मुझे वासना के साथ ये हंसी का खेल बहुत भा रहा था।

“माइकल, मत बोल ना, देख चमड़ी को छूने से मस्ती आ रही है।” मुझे हंसी भी आ रही थी और मस्ती का रन्ग भी चढ़ रहा था। लग रहा था कि वो बस मेरे अंग दबाता ही जाये।

“साली, मस्ती बढ़ती जा रही है, चल अपन चमड़ी की रगड़मपट्टी करें।”

“देख मुझे और ना हंसा !” मेरी हंसी रोके नहीं रुक रही थी। उसने मेरा स्कर्ट पूरा उतार दिया, मेरा ऊपर का शरीर नंगा हो गया।
“गोरी चमड़ी, चिकनी चमड़ी, क्या शेप है, यार तुम तो क्या फ़िगर वाली हो?” मैं फिर से हंस पड़ी।
“लगता है तुम चमड़ी का पीछा नहीं छोड़ने वाले, अब अपनी चमड़ी तो दिखाओ, उतारो अपने कपड़े !”

उसको तो जैसे मौका चाहिये था। झट से पूरा नंगा हो गया और पहलवान का पोज बना कर खड़ा हो गया।

“ये देखो मेरी सोलिड बॉडी, हूँ न मच्छर पहलवान?”
“हाय रे, माइकल तुम भी ना !” मैं खिलखिला कर हंस पड़ी, “अब बस करो मेरा पेट दुखने लगा है।”
“क्यूँ, पसन्द नहीं आई ये बॉडी ?”

“बस ऐसे ही खड़े रहो, तुम्हारा ये सब बहुत सुन्दर है।” उसका खड़ा हुआ तन्नाया लण्ड मुझे सुन्दर लगने लगा था। मैंने आगे बढ़ कर उसका लण्ड थाम लिया।
“नरम चमड़ी का कड़क लन्ड… माइकल देखो ना कितना मस्त है।”

“नरम चमड़ी का कड़क लण्ड… क्या बात है, अब तुम्हारी नरम चमड़ी की प्यारी चूत की बारी है।” माइकल ने मुझे हंसते हंसाते बिस्तर पर लेटा दिया। और उसका लण्ड मेरी चूत पर दब गया। मन किया, साला मुझे चोद दे, लण्ड घुसेड़ दे, क्यूँ देर कर रहा है।

“बोलो स्वीटी, जय हो ऊपर वाले की, बोलो ना !”

“अब बस करो ना, कितना हंसाओगे, अच्छा जय ऊपर वाले की…बस” और उसी समय उसका लण्ड मेरी चूत में उतरता चला गया। मेरी चूत भी ऊपर जोर लगा कर लण्ड को निगलने लगी। तेज मीठी सी मस्ती वाली गुदगुदी उठी।

मुझे हैरानी हुई कि मुझे बिलकुल दर्द नहीं हुआ, बल्कि मजा आया। मेरे दिल में ख्याल आया कि दर्द और मजा तो सब अपने अन्दर ही निहित है। कल दर्द था यहीं पर, आज स्वर्ग सी मिठास है, मुझे सन्दीप या माइकल की क्या जरूरत है, मजा तो अन्दर ही है। बस चुदने के सॉलिड लण्ड चाहिये और एक भरोसे का मर्द। अपनी मस्ती खुद ही लूटो और मन करे उससे चुदाओ, क्यूँ किसी की लौंडी बन कर रहो। उसके धक्के बढ़ते गये, मैं मस्त होने लगी।

“तो फूल तो खिल चुका है, किसी ने चोदा है या खेल खेल में खिल गई?” मैं उसका इशारा समझ रही थी, पर मुझे ये समझ में आ गया था कि मजा तो लण्ड में है माईकल में नहीं।

“मजा तो खिले फूल में है ना, भरपूर मजा मिलेगा ना।” उसका लण्ड चूत में पूरा समेटते हुये बोली।

“मजा आ रहा है ना चमड़ी रगड़ने में, ये सारा खेल ही इसका है डार्लिन्ग” उसने लण्ड पेलते हुए कहा। मेरी चूत पानी पानी हुई जा रही थी। मिठास चरम सीमा पर आ चुकी थी। मेरा बदन अब ऐंठने लगा था। मुझे लगा कि चूत पानी छोड़ने वाली है, चूत लपलपा उठी, सारी नसें खिंचने लगी। मैं होश खोने लगी। और अन्जाने में मेरी चूत कसने लगी और पानी छोड़ दिया।

“आह्ह माईकल, मेरी तो निकल गई, हाय, पानी निकल रहा है।” मेरा शरीर कसने लगा और झड़ने लगा। धीरे धीरे स्वर्ग सा आनन्द लेते हुए मैं झड़ने के सुख का अह्सास अनुभव करने लगी। मेरा पानी निकल रहा था। पर माईकल के धक्के बन्द नहीं हुए। मेरा पूरा पानी निकलते ही उसने मुझे उल्टा लेटा दिया और और मेरे चूतड़ों की गोलाईयाँ हाथ से फ़ैला दी। और उसका लण्ड मेरी गाण्ड के छेद से टकरा गया। मुझे गुदगुदी सी लगी। पर अगले ही पल मैं चीख उठी। उसका लण्ड गाण्ड में घुस चुका था।

“माइकल बस, निकाल लो, मर जाऊंगी !”

“यार चमड़ी है, कुछ नहीं होगा, कुछ देर में फ़ैल जायेगी, शान्त रहो।”
उसका दूसरा धक्का मुझे फिर से हिला गया। मेरी गाण्ड में जलन होने लगी। पर वो रुका नहीं। मैंने कस कर अपना मुँह बन्द कर लिया, वो जोर लगा कर गाण्ड चोद रहा था। वैसे तो मेरी गाण्ड का छेद बहुत नरम था पर उसमे कोई लण्ड पहली बार घुसा था।

कुछ देर धक्के मारने के बाद उसके लण्ड ने माल छोड़ दिया और मेरी गाण्ड में ही पूरा वीर्य भर दिया। जलन में वीर्य ने मरहम का काम किया। थोड़ा चिकनापन गाण्ड में लगा। उसका लण्ड बाहर आ गया। वह तुरंत उठा और कराह उठा। उसका लण्ड गाण्ड मारने से जगह जगह से छिल गया था, चमड़ी फ़ट गई थी। मेरी गाण्ड में भी जलन हो रही थी।

हम दोनों ने बाथ रूम में पानी से सब साफ़ कर लिया। मुझे ज्यादा नहीं लगी थी, बस हल्की सी सूजन आ गई थी। माइकल ने मुझसे बोरोप्लस ले कर मेरी गान्ड में लगा दी और अपने लण्ड में लगाने लगा।

“स्वीटी रुकना मैं अभी आया।” मैं बिस्तर पर लेट गई और आज की चुदाई के बारे में सोचने लगी। फिर मुझे हंसी भी आने लगी।

“क्यों हंसी तुम?” माईकल रात का खाना ले आया और मेज़ पर लगाने लगा।

“हंसी क्यों ना आये, यार तुम्हारे इस चमड़ी के खेल में अपनी तो सारी चमड़ी फ़ट गई।” मैं खिलखिला कर हंसी।
“हा यार, मेरे तो लण्ड की माँ चुद गई।” मैंने उसके होंठों पर अंगुली रख दी।

“गाली नहीं, समझे…” हम फिर से हंस पड़े । वो मेरे टोकने से शरमा गया और सॉरी कहा।

“सन्दीप के बारे में मैं कल पता करूंगा।” माईकल ने मुझे दिलासा दिया। पर अब सन्दीप किसे चाहिये था।

“रहने दो ना, अब तो तुम ही मुझे प्यारे लगने लगे हो।”

“नहीं, मुझे पता है, तुम्हें एक लण्ड और चाहिये… और शायद और भी ज्यादा…” माइकल कह कर हंस पड़ा। क्या इसे मेरे मन की बात मालूम हो गई है या ये ऐसे ही कह रहा है।

“अच्छा तुम्हें और चूत नहीं चाहिये क्या ? किसी को पटाऊँ क्या ?”

दोनों ने एक दूसरे को पहले तो गहरी नजरों से देखा, फिर ठहाको से कमरा गून्ज उठा। शायद हम जवानी का तकाजा समझ गये थे। Hindi Sex Stories

(Delhi Ki Aunty Ki Chudai Ki Kahani)
-चुदाई की कहानी

हैलो फ्रेंड्स, आज मैं आपको जो चुदाई की कहानी सुनाने जा रहा हूँ वो मेरी एक पाठिका और मेरी चुदाई की कहानी है. पहले मैं आपको मेरा परिचय दे देता हूँ. मैं दिल्ली से हूँ मेरी हाईट 5 फुट 9 इंच है.

मेरी सेक्स स्टोरी पढ़ कर एक दिन मेरे पास एक ईमेल आया, जिसमें लिखा था मुझे आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी. मैं आपसे सम्पर्क करना चाहती हूँ.

उसने मुझे अपना कांटेक्ट नम्बर दे दिया. मैंने उस कांटेक्ट नम्बर पे कांटेक्ट किया तो कुछ इस तरह से बात हुई.

विशाल- हैलो
पाठिका- हाय आप कौन बोल रहे हैं?
विशाल- मैं विशाल बोल रहा हूँ क्या आपने मुझे ईमेल किया था?
पाठिका- ओह यस आप विशाल बोल रहे हैं, मुझे आपकी स्टोरी बहुत अच्छी लगी. मैं आपसे मिलना चाहती हूँ. मैं 38 साल की हूँ और मेरा नाम वनिता है.
विशाल- अच्छा तो मुझे आपका एड्रेस और टाइम दे दो.

बाद में उसने मुझे अपना एड्रेस दिया वो भी दिल्ली से ही थी. उसने मुझे डेट और टाइम दे दिया.

मैं उसके बताई हुई डेट, टाइम और एड्रेस पर पहुँच गया. मैंने डोरबेल बजाई तो दरवाजा खुला और सामने 38 साल की खूबसूरत आंटी खड़ी थी. उसे मालूम था कि मैं आने वाला था इसलिए उसने नई साड़ी पहनी थी और मेकअप भी किया था. उसके बदन से खुशबू आ रही थी शायद उसने परफ्यूम लगाया था. उसके मम्मे बहुत बड़े और तने हुए थे. उसके होंठ बहुत गुलाबी थे. उसके मस्त रूप को मैं थोड़ी देर तक यूं ही एकटक देखता रह गया.

फिर उसने मुझे अन्दर आने को कहा तो मैं उसके घर के अन्दर चला गया. अन्दर कोई नहीं था. वनिता ने मुझे पानी दिया, मैंने गिलास लेते वक्त उसकी उंगली को छू लिया. वो मुस्कुराई फ़िर मेरे पास सोफ़े पर बैठ गई. मेरा लंड तो पहले से ही टाईट हो गया था.

वनिता ने मुझसे कहा- मैं तो समझ रही थी कि आप बड़ी उम्र के होंगे लेकिन आप तो बहुत हैंडसम हैं.
मैंने पूछा- आपके घर में कौन कौन रहता है?
वनिता ने कहा- मैं और मेरे पति, लेकिन अभी वो बाहर गए हुए हैं. तुम तब तक मेरे साथ जो चाहे कर सकते हो.

मैं उसके थोड़ा करीब हो गया और उसके हाथों को पकड़ लिया.. वो चुपचाप थी.

धीरे धीरे मैंने उसके हाथों को मसलना शुरू किया. फिर धीरे धीरे मैं ऊपर को बढ़ रहा था, मेरा हाथ उसके पेट पर फिरने लगा और ब्लाउज के ऊपर से उसके मम्मों पर हाथ फ़िराया. उसने नशे से आँखें भर कर मेरी तरफ देखा तो मैं उसके मम्मों को दबाने लगा. उसकी साँसें जोर से चल रही थीं और आँखें मस्ती से बंद हो गई थीं.

मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोलना शुरू किए और ब्लाउज को निकाल दिया. अब मैं उसकी ब्रा के ऊपर से उसके तने हुए मम्मों को मसल रहा था.

फिर उसकी साड़ी निकाल दी और उसका पेटीकोट ऊपर उठाकर उसकी जांघ पर हाथ फिराया. इसके बाद उसकी पेंटी के ऊपर से उसकी चुत पर हाथ फ़िराने लगा. अब उसके मुँह से आवाज आने लगी थी.

‘अह्हह्हह उहहह्हह..’

मैंने उसका पेटीकोट निकाल दिया, अब वो सिर्फ पेंटी और ब्रा में ही थी.

कुछ पल बाद उसने मेरी शर्ट निकाल दी और मेरी चौड़ी छाती पर हाथ फ़िराने लगी.

उसने कहा- तुम्हारी बॉडी तो बहुत स्ट्रोंग है.

मैंने उसके होंठों को चूम लिया. फ़िर उसने मेरी पेंट भी उतार दी. मेरा लंड तो निक्कर फाड़ कर बाहर आने की कोशिश कर रहा था. निक्कर टेंट की तरह फूल गया था. उसने मेरा लंड निक्कर में से निकाला तो उसकी आँखें फ़ट गई. पूरा 8” इंच का खड़ा लंड था, शायद इतना बड़ा लंड उसने पहली बार देखा था. अब वो मेरे लंड को चूसने लगी.

इसी समय मैंने भी उसकी ब्रा निकाल दी और उसके बड़े बड़े मम्मों को चूसने लगा. उसके निप्पल बहुत कड़क थे.

कुछ ही देर में मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैंने उसकी पेंटी उतार दी. उसकी चुत एकदम चिकनी थी. मुझे बड़ी मस्त चुत लग रही थी.

मैंने अपना 8” इंच का लंड उसकी चुत की फांकों में लगा दिया. मैं लंड डालने की पोजीशन में आ गया था.

वो बोली- धीरे पेलना.. मेरी चुत फ़ट जाएगी. मैंने लंड को उसकी चुत में धीरे धीरे पेलना शुरू कर दिया. कुछ ही पलों में मैं पूरे जोश में आ गया था. मैं उसे जोर जोर से धक्के देने लगा.

वो भी कुछ देर की पीड़ा के बाद मेरा साथ देने लगी.

करीब आधे घंटे की चुदाई में वो दो बार झड़ चुकी थी. अब मेरी स्पीड बहुत तेज हो गई थी, थोड़ी देर बाद मेरे लंड से भी सफ़ेद दही निकल गया.

थोड़ी देर बाद जब हम दोनों शांत हो गए तो मैंने उससे कहा- हम जब तक साथ हैं. हम कपड़े नहीं पहनेंगे, पूरे नंगे ही रहेंगे.
वो बोली- जो तुम कहो मैं वैसा ही करूँगी. एक दिन के लिए मैं तुम्हारी बीवी हूँ.. तुम जो चाहे करो.

हम शाम तक एक दूसरे की बांहों में नंगे पड़े रहे और एक दूसरे के बदन से खेलते रहे.

करीब 8 बजे वो खड़ी हुई और खाना बनाने चली गई. इस वक्त मुझे उसकी गांड बहुत मस्त लग रही थी. उसकी गांड चलते वक्त ऊपर नीचे हो रही थी. वो बिल्कुल नंगी खाना बना रही थी.

इधर मैं नंगा पड़ा टीवी देख रहा था. मैं बार बार उसकी तरफ़ भी हसरत भरी निगाहों से देख रहा था. उसके गोरे कूल्हे बहुत खूबसूरत लग रहे थे. जैसे ही वो कुछ लेने आगे बढ़ती उसके कूल्हे और चूचे ऊपर नीचे डोलने लगते थे.

मेरा लंड फ़िर से एकदम टाईट हो गया. मैं खड़ा हुआ और उसके पीछे जाकर उसकी गांड में अपना लंड रगड़ने लगा. साथ ही उसे अपनी बांहों में भर लिया.

वो मुस्कुराने लगी. वो रोटी बना रही थी और मैं उसके मम्मों को पीछे से मसल रहा था.

क्या सॉफ्ट चूचे थे.

फ़िर मैंने उसके मम्मों पर तेल लगाया और उसकी चूचियों की मसाज करने लगा. उसके चूचे चमकने लगे थे.

फ़िर मैंने उसकी गांड पर तेल लगाया. कुछ देर तक मैं उसकी गांड के छेद में तेल लगाता रहा और उसे मसलता जा रहा था. फ़िर उसकी पीठ पर, उसकी जाँघों पर.. व उसके पूरे बदन पर तेल लगा दिया.

अब वो भी पूरी कामुक हो उठी थी. उसने गैस को बंद किया और पलटकर मुझे बांहों में लेकर मेरे होंठों को चूसने लगी. उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में डाल दी. शायद हम दोनों 10 मिनट तक दूसरे के होंठों को चूसते रहे. फ़िर उसने मेरे लंड पर तेल लगाना शुरू किया. वो मेरे पूरे बदन पर तेल लगाने लगी और मसाज करने लगी. हम दोनों का बदन पूरा चिकना हो गया था.

अब मैंने उसको अपनी बांहों में भर लिया और उसको उठाकर बाथरूम में ले गया. मेरा लंड तो पहले से ही पूरा तना हुआ था.

वनिता लंड हिलाते हुए बोली- इसको अभी तो खाना खिलाया था, फ़िर से भूखा हो गया.
मैंने कहा- इसकी भूख तो एक दिन के बाद ही मिटेगी.

वो मेरी गोदी में बैठ गई. मैं उसके मम्मों पर पीछे से साबुन लगा रहा था और मेरा लंड उसकी गांड के छेद को छू रहा था

कुछ देर बाद वो खड़ी हो गई और उसने मेरे लंड को हाथ में ले लिया. मेरे लंड का का सुपारा बाहर निकाल कर उस पर साबुन लगाने लगी और उसको आगे पीछे करने लगी.

मैं उसके गोरे गोरे मम्मों पर साबुन लगा रहा था और उन्हें मसल रहा था.

फिर मैं उसके एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा. उसके मुँह से आवाज निकालने लगी- उह्हह्ह.. अह्हह्ह.. चूसो मेरे राजा पूरा चूस लो.

मैं उसके निप्पल पर अपनी जीभ रगड़ रहा था. अब उसने मेरे पूरे बदन पर साबुन लगाया. मैंने भी उसके पूरे बदन पर साबुन लगाया और फोम के गुच्छे से रगड़ा ताकि झाग ज्यादा हो जाए.

इसके बाद मैंने उसको बाथरूम में लेटा दिया. बाथरूम काफी बड़ा था.

मैंने अपना लंड उसके मम्मों पे रगड़ने लगा. वो मादक आवाज निकाल रही थी- उईईईमा.. अब मुझसे नहीं रहा जाता.. डाल दे पूरा लंड मेरी चुत में..

मैंने अपना खड़ा लंड उसकी चुत पर रख दिया. लंड में साबुन लगा हुआ था इसलिए फ़टाक से चुत के अन्दर चला गया.

साबुन लगाकर चुत चुदाई करने का मजा ही कुछ और होता है.

मैं उसको धकापेल धक्के दे रहा था और वनिता आँखें बंद करके लंड का पूरा मजा ले रही थी.

करीब एक घंटे तक चुदाई चलती रही.

फ़िर वो झड़ गई और बोली- बहुत मज़ा आया..

उसने मेरे गाल पर चुम्मी ले ली.

रात का डिनर भी हम दोनों ने नंगे ही किया. वो मेरी गोद में नंगी बैठी थी और मैं भी नंगा ही डाइनिंग टेबल पर बैठा था. हम दोनों एक दूसरे को खिला रहे थे.

मेरा लंड इस वक्त ढीला था.. लंड ने दो बार जो मजा ले लिया था.

खाना खाने के बाद उसने बरतन भी नंगे हो कर ही धोये. मैं ये सब देख रहा था. अब मेरा लंड धीरे धीरे फ़िर टाईट हो रहा था. वो बरतन धोकर मेरे पास बेड पर आई और लेट कर टीवी देखने लगी.

अचानक वो खड़ी हुई और अल्मारी में से सीडी निकाली और सीडी प्लेयर में लगा दी. वो नंगी पिक्चर की सीडी थी.

अब हम वैसा ही करने लगे जैसे उस ब्लू फिल्म में आ रहा था.

मैंने वनिता की चुत में उंगली डाली और अन्दर बाहर करने लगा. इसके साथ साथ मैं उसकी चुत को चाट भी रहा था. वनिता को बहुत मजा आ रहा था.

फिर उसने मेरे लंड को मुँह में ले लिया और टीवी में जैसा आ रहा था, वैसे ही उसने अपना थूक मेरे लंड पे लगाया और अन्दर बाहर करने लगी.

फ़िर मैं सीधा हो गया और वो मेरे ऊपर घुटनों के बल चढ़ गई और मेरा लंड अपनी चुत में डाल लिया. वो ऊपर नीचे होने लगी.. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मैं उसके थिरकते हुए मम्मों को दबा रहा था.

करीब 15 मिनट तक ऐसे ही चलता रहा फ़िर वो कुतिया की तरह हो गई और मैं पीछे से उसकी चुदाई करने लगा. पहले मैंने उसकी चुत में लंड पेला और बाद में उसकी गांड में डाल दिया.

वो चिल्ला पड़ी- उईईमा मेरी गांड फट गई अह्हह्हह.. उह्हह्ह..

जैसे पिक्चर में आवाज़ आ रही थी, वो भी वैसे ही आवाज निकाल रही थी.

अब मैं जोर जोर से उसकी गांड की चुदाई करने लगा. वो भी मज़े में आ गई थी. करीब एक घंटे बाद चरम आ गया और मैं झड़ गया.

फ़िर हम दोनों नंगे ही एक दूसरे को बांहों में लेकर सो गए.

दूसरे दिन हम करीब 10 बजे उठे, दोनों ने एक साथ स्नान किया और वो नंगी ही नाश्ता लाने चली गई.

उसने कहा- आज करीब 3 बजे मेरा पति आ जाएगा, तुम 12 बजे चले जाना.
मैंने कहा- ठीक है..

नाश्ता में ब्रेड और बटर था. अब वो मेरी गोद में आकर बैठ गई. मैंने चाकू में मक्खन लिया और उसके मम्मों पर लगाने लगा, उसके निप्पल पर लगाया. अब वो घूम गई और मेरी गोद में मेरे सामने मुँह करके बैठ गई. मैंने उसके निप्पल से और मम्मों से मक्खन चूसना शुरू किया. वो पूरी मदहोश हो रही थी.

फ़िर उसने भी मेरी छाती पर मक्खन लगाया, मेरे निप्पल पे मक्खन लगाया और निप्पल चूसने लगी.

इसके बाद उसने मेरे लंड पे मक्खन लगाकर पूरा लंड अपने मुँह में डाल दिया और चूसने लगी.

मैं उसकी चुत को चाटने लगा. अब उसकी चुत पूरी मुलायम हो गई थी. उसने बैठे बैठे ही मेरा लंड अपनी चुत में डाल दिया. मक्खन लगा होने से उसकी चुत चिकनी हो गई थी. मेरा लंड झट से अन्दर घुस गया. वो धक्के देने लगी.. मैं उसके होंठों को चूसने लगा. फिर उसने मेरे लंड को बाहर निकाला और लंड का सुपारा मुँह में डाल लिया.

मैंने प्लेट से केला लिया और उसकी चुत पर रगड़ने लगा. फ़िर केले को उसके मुँह पर रखा तो वो केले को लंड जैसे चूसने लगी.. उसको मजा आ रहा था तो वो ऊपर से नीचे की तरफ़ पूरे केले को चूसने लगी.

केला काफी बड़ा था करीब 9 इंच का होगा. मैंने केले को कंडोम पहनाया और उसकी चुत में डाल दिया.

उसके मुँह से आवाज निकल गई- उईईईईईएमा…

उसकी आँखें फटने को हो गईं.

मैं केले को चुत में अन्दर बाहर करने लगा. उसने कहा- इसमें मजा नहीं आ रहा है.. मुझे तो तुम्हारा केला पसंद है.

मैंने अपना पूरा लंड उसकी चुत में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा. करीब एक घंटे बाद वो झड़ गई.

फ़िर मैंने लंड निकाल कर उसके मुँह में डाल दिया.. वो मेरे लंड को चूसने लगी. मैंने पूरा लंड मुँह में डाल दिया और अन्दर बाहर करने लगा.

थोड़ी देर बाद मेरे सफ़ेद दही निकल गया वो सारा दही पी गई.

कुछ देर बाद हम दोनों ने कपड़े पहन लिए. उसने मुझसे कहा- तुमने मुझे जन्नत के मजे करा दिए.. मुझे ऐसा मज़ा पहले कभी नहीं आया. अब हम कभी एक दूसरे को कांटेक्ट करने की भी कोशिश नहीं करेंगे. हम दोनों एक दूसरे को भूल जाएंगे.
मैंने कहा- ठीक है, मैं तुम्हें कभी कांटेक्ट नहीं करूँगा.

वो जोर से मेरे गले लग गई और हम दोनों ने लिप किस किया. एक दूसरे के होंठों को मुँह में भर लिया और जीभ को चाटने लगे.

फ़िर मैं वहाँ से चला आया. इसके बाद मैंने कभी उससे कांटेक्ट करने की कोशिश नहीं की. मैंने उसका मोबाइल नम्बर भी मेरे मोबाइल से डिलीट कर दिया.

प्रिय साथियो, आपको मेरी चुदाई की कहानी कैसी लगी

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