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मैं कुछ दिनों से Sex Stories अन्तर्वासना की कहानियाँ पढ़ रहा हूँ। इन कहानियोँ से मुझे मेरी घटनाएँ याद आ गई।
मेरे नाम मोहित है मैं पुणे से एम बी ए कर रहा हूँ। कद ५’८”, लंड ७” ।
मैं पुणे अप्रैल में पहली बार आया था, मुझे कॉलेज की फीस देनी थी। मेरी ट्रेन दोपहर १२ बजे स्टेशन पर पहुंची। अब मुझे कॉलेज जाना था। चूंकि मैं पुणे में नया था, मुझे सिटी बस के बारे में कुछ पता नहीं था। लेकिन ऑटो वाले बहुत ज्यादा भाड़ा बोल रहे थे। मैं स्टुडेंट हूं इसलिए इतना ज्यादा पैसा नहीं दे सकता था। तब मैंने कोई सवारी देखना शुरू किया, जो मेरे साथ भाड़ा शेयर कर ले। बहुत समय तक देखा कोई नहीं मिला।
फ़िर अचानक एक औरत आई और कहा वो ऑटो का भाड़ा शेयर कर सकती है। उसका घर भी रास्ते पर ही था। क्या फिगर था उसका, ३८-२८-३४ का फिगर था। उसके चूतड़ के तो क्या कहने जैसे निकलने के लिए बेताब हो।
उसने मेरा नाम पूछा, मुझे बहुत जोरों की प्यास लगी थी। तो उसने मुझे पानी दिया, वो शोपिंग कर के आ रही थी। मैं उससे सटकर बैठा हुआ था। मेरे जांघ उसके जांघ से टकरा रहे थे। मुझे स्वर्ग सा मज़ा आ रहा था।
ड्राइवर ने एक बार जोर से ब्रेक मारा तो मैं उस पर जा गिरा।
उसका घर आया। चूंकि हम दोनों में बहुत अच्छी दोस्ती हो चुकी थी, स्वाति उसका नाम था। उसके पास सामान बहुत था सो मैं उसका सामान लेकर उसके घर गया। क्या बंगला था उसका। फ़िर मुझे उसने बैठाया और पानी लेकर आई, फ़िर मैंने पूछा कि इतने बड़े घर में अकेले रहती हो क्या?
उसने जवाब दिया कि वो और उसका पति रहते हैं। अभी ३ महीने ही हुए है शादी को। फ़िर उसने कहा कि वो कपड़े बदल के आती है, मैं तब तक अकेले ही बैठा रहा। फ़िर वो बरमूडा और टी शर्ट में आई, मैं तो उसे देखता ही रह गया।
क्या गोरे गोरे जांघ थे उसके। फ़िर वो मेरे पास आकर बैठ गई। फ़िर उसने मेरे बारे में पूछा, मैं तो उसके गोरे जांघ देखकर पागल हुआ जा रहा था, मुझ से रहा नहीं गया, मैंने उससे कहा कि वो बहुत सेक्सी है।
उसने कहा कि बस सेक्सी और कुछ नहीं।
बस मैं समझ चुका था। मैंने कहा कि आप तो हॉट हो, मैं आपके साथ सिर्फ़ कुछ पल बिस्तर पर बिताना चाहता हूँ।
उसने कहा- कुछ पल क्यों जितना बिता सकते हो !
फ़िर क्या था मेरा रास्ता साफ़ हो गया था।
फ़िर उसने बताया कि वो चुदवाने की बहुत दीवानी है, रात भर मेरा पति मुझे चोदता है, मैं कालेज के समय से ही रोज रात को चुदाते आ रही हूँ। बिना चुदे मुझे नींद नहीं आती है। पर दिन को मेरे पति काम पर होते हैं, तो चुदाई की विडियो देखकर काम चलाना पड़ता है।
मैंने कहा- रानी अब मैं तुम्हें चुदाई का असली मज़ा देता हूँ जो आज तक तुम्हें किसी ने नहीं दिया होगा। फ़िर मैंने उसके लाल रसीले होंठों को अपने होंठों से किस करना चालू किया, क्या रसीले होठ थे, मैं तो बस चूस ही रहा था। कभी ऊपर के होंठ तो कभी नीचे के। फ़िर उसने अपनी जीभ मेरे मुँह में दे दी, मैंने उसे चूसा, फ़िर मैंने अपनी जीभ उसे दी। इस तरह आधे घंटे तक चुम्मा चलता रहा। वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थी।
फ़िर मैंने उसका टी-शर्ट उतार दिया और बरमूडा भी। अब वो मेरे सामने ब्रा और चड्डी में थी। क्या चूतड़ थे। चड्डी तो पूरी गीली हो चुकी थी। फ़िर मैं पूरा नंगा हो गया।
जैसे ही उसने मेरा ७” का लंड देखा तुंरत अपने मुँह में डाल लिया। अब वो मेरा लण्ड चूस रही थी, मैं उसके ब्रा और चड्डी उतार रहा था। क्या चूसती है। मैं उसके मुँह में अपने लंड को पूरा उसके गले तक डालता था, करीब आधे घंटे तक मैं उसके मुँह की चुदाई करता रहा।
मैंने बहुत देर तक उसके पूरे गोरे बदन को चाटा। ऐसा कोई अंग नहीं था जिसे नहीं चाटा हो। उसके चूतड़ को तो दबा दबा के लाल कर दिया था।
फ़िर उसे बेड पर लेटाया और और उसके चूत को चाटने लगा, उसने बताया कि उसने आज ही शेव की है चूत की। इसलिए चिकनी फ़ुद्दी चाटने में बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने उसकी चूत को अपने जीभ से चोदा, ऊँगली डाल के चोदा, चूस चूस के उसके चूत को लाल कर दिया । वो वही पर झड़ गई।
फ़िर मैंने उसके गांड को चाटना चालू किया। वो चिल्ला रही थी मर गई, आऽऽ आ आऽऽ आऽ आऽऽऽऽऽऽ आ !
मुझे मजा आ रहा था। क्या गांड था, कुछ देर बाद वो रिचार्ज हो गई।
फ़िर मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। उसे चोदता रहा, पहले धीरे धीरे चोदा फ़िर एक्सप्रेस की स्पीड से चोदा।
वो चिल्ला उठी- बस कर हरामजादे !
चूंकि वो बहुत अच्छे घर से थी, उसे गन्दी गालियां नहीं आती थी।
मैं फ़िर भी चोदता रहा। अब तो वो भी साथ देने लगी। अपने चूतड़ उठा कर साथ देने लगी।
उसने कहा- फाड़ दो आज इस चूत को।
फ़िर मैंने उसे कुतिया की तरह किया और पीछे से चोदा। बहुत मज़ा आ रहा था। मैंने उससे कहा कि मैं तुम्हारे चूत का भोसड़ा बनाऊंगा ! क्या लग रही थी वो ! सिर्फ़ सेंडल पहन कर चुदा रही थी !
हम दोनों साथ में झड़ गए। वो शादीशुदा थी, इसलिए झड़ने का कोई डर नहीं था मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।
हम दोनों सो गए, कुछ देर बाद मैं जगा, वो नंगी सो रही थी ! मैंने उसे जगाया, फ़िर मैंने उसकी गांड मारी।
उसने कहा कि उसने कभी गांड नहीं मराई क्योंकि गांड मराने से जवानी ढलती है। पर तुम्हारे लंड को देखकर मैं अपने आप को रोक नहीं पाई।
फ़िर मैंने उसकी गांड मारी, और उसके गांड में ही झड़ गया। अब हम दोनों बहुत थक चुके थे। फ़िर मैंने अपनी मुठ मारी और सारा माल उसके मुंह में दे दिया। फ़िर मैंने उसकी गांड और चूत को चाट कर साफ़ किया।
फ़िर हम दोनों साथ नहाए, फ़िर नाश्ता किए।
फ़िर उसने मुझे १००० रूपए देना चाहा पर मैंने नहीं लिया। फ़िर उसने मेरा फ़ोन नम्बर लिया। मैं आज पुणे में रहता हूँ। और स्वाति को कई बार चोद चुका हूँ। जब भी उसे जरुरत महसूस होती है, मुझे बुला लेती है।
हमारा राज़ आज तक कोई नहीं जान पाया।
आप को मेरी घटना कैसी लगी? मेल करें। Sex Stories
मेरा नाम रौनक Antarvasna शर्मा है! मैं 20 साल का गोरा-चिट्टा नौजवान हूँ और इंदौर में रहता हूँ.
घर पर मैं अपने मोम डैड के साथ रहता हूँ.
आज मैं आप सबको मेरी पहली कहानी बताता हूँ.
मई का महीना था. मेरी मम्मी पापा उस दिन भोपाल गए हुए थे.
तभी हमारी काम वाली आ गई!
वह बहुत ही सुन्दर है और उसका फिगर ३४ २८ ३४ का है.
मैंने दरवाजा खोला और वापस जाकर अपने बेड पर लेट गया.
इतनी देर में मैंने देखा कि वो अपना ब्लाउज़ खोल के हवा खा रही थी.
मुझे देख के वो एकदम सहम गई और मैं वहां से उठ के चला गया और न्यूज़ पेपर पढ़ने लगा.
तभी वह मेरे पास आई और बोली- आपने कुछ देखा तो नहीं?
मैंने उसे कहा- कुछ तो शर्म किया करो, ऐसे कहीं भी कपड़े खोल के खड़ी हो जाती हो.
तो वो बोली- बहुत गर्मी हो रही है भैय्या! क्या करूँ?
मैंने कहा- अब कभी ऐसा मत करना!
तो वह ‘ठीक है’ बोल के चली गई.
लेकिन मेरे दिमाग में तो वही मोटे मोटे गोल गोल बोबे दिख रहे थे.
मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उसे जाकर पूछा- तुम अपने घर पर क्या बिना कपड़ों के घूमती हो इतनी गर्मी में?
तो वो शरमाई और बोली- हाँ, मेरा मरद तो मुझे मना नहीं करता नंगी घूमने के लिए!
तो मैंने कहा- जब इतने मस्त बोबे देखने को मिलेंगे तो कौन मना करेगा.
इस पर वह शरमा के वहां से चली गई.
फिर मैं नहाने चला गया लेकिन मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया.
थोड़ी देर में कमला मेरे कमरे में आई तो उसने मुझे नहाते हुए देखा.
और मेरी चाल काम कर गई.
वो मेरा लम्बा लंड देख कर खुद को रोक नहीं पाई और बोली- इतना लम्बाऽ !!?
तो मैंने पूछा- तुझे चाहिए ये?
वह मेरे पास आई और मैंने उसके सारे कपड़े निकाल दिए.
अब हम दोनों नंगे थे.
हम दोनों साथ में नहाये.
फिर मैं उसे अपने बेडरूम में ले गया!
उसे बेड पर पटका कर अपना लंड उसके मुँह में डाल दिया, वो भी मजे से चूसने लगी.
15 मिनट तक चुसवाने के बाद मैंने सारा माल उसके मुँह में ही डाल दिया और वो भी चाट चाट के पी गई.
5 मिनट तक और लंड चुसवाने के बाद मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया.
फिर मैंने उसे घुटनों पर बिठा के पीछे से अपना लंड उसकी चूत पे रखा और 3 धक्कों में पूरा का पूरा लंड अन्दर डाल दिया.
और वो जोर से चिल्लाई- ऊऊईई ईईई … आह आह आह आह आह मर गई!
उसके बाद मैंने धक्का मारना शुरू किया … पहले धीरे धीरे धक्के मारे और फिर जोर जोर से!
पूरा कमरा पचक-पचक की आवाज़ से भर गया.
कमला भी लगातार चिल्ला रही थी- ऊऊऊ ऊउई ईईए ऊऊऊउईई उए उए आह आह आह आह अहह ह्ह्ह!
20 मिनट में वो 2-3 बार झड़ चुकी थी!
लेकिन मेरे लौड़े में बहुत जान बाकी थी और वो अन्दर बाहर लगा हुआ था!
फिर मैंने अपने लौड़ा निकाल के उसकी गांड पे रख दिया और वो बोलने लगी- साहब, गांड मत मारो! मैंने कभी नहीं मरवाई!
लेकिन मैंने उसकी एक न सुनी और पूरा लंड उसकी गांड में पेल दिया.
वो अब बहुत जोर से चिल्लाई आहआह आह आआअ ह्ह्ह आआ आह्ह्ह!
फिर मैंने झटके देना शुरू किया और वो दर्द से चिल्लाई- आआह्ह ऊऊई ईए …
और 10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने सारा माल उसके अन्दर डाल दिया!
उसे चोद के मैं जैसे ही पीछे मुड़ा तो मैंने देखा कि हमारे घर के सामने रहने वाली शीतल भाभी वहां खड़ी थी.
कमला ने बाहर का दरवाजा खुला छोड़ दिया था.
भाभी को देख कर कमला ने जल्दी से कपड़े पहने और चली गई और मैंने भी जल्दी से तौलिया उठा के लपेट लिया.
तभी भाभी बाहर गई और दरवाजा लगा दिया!
मैंने सोचा कि आज तो मैं गया!
तभी भाभी आई और बोली- तुम तो बहुत अच्छी चुदाई करते हो … मुझे चोदोगे?
यह सुन कर मैं तो हैरान ही रह गया!
वो बहुत ही सुंदर है! 34- 28- 36 की भरी पूरी माल!
मैंने भी बिना देर किये भाभी को पूरा नंगा कर दिया और भाभी ने भी मेरा तौलिया हटा दिया और मेरा लंड चूसने लगी.
5 मिनट में मेरा लंड पूरा कड़क हो गया तो वो बोली- जल्दी चोद दो मुझे! मेरे पास ज्यादा टाइम नहीं है, तुम्हारे भईया आने वाले हैं!
तभी मैंने भाभी को बेड पे लिटाया और पूरा लंड चूत में पेल दिया.
वो चिल्लाई- आह आह ऊऊऊ ऊउईई ई ईए…
और फिर खुद भी गांड हिला-हिला कर मेरा साथ देने लगी.
पचक पचक की आवाजें आने लगी और मैंने धक्के तेज़ कर दिए.
20 मिनट तक चोदने के बाद मैंने सारा माल भाभी की चूत के अंदर डाल दिया.
तभी वो मुझसे यह वादा करके चली गई कि मैं मौका देख के फिर चुदाई करवाऊंगी.
इस तरह से उस दिन मैंने दो औरतों को चोदा.
कुछ दिन बाद पता चला कि भाभी माँ बनने वाली हैं.
उसके अगले दिन वो हमारे घर पर आई और मुझे बताया कि यह उस दिन की चुदाई का ही नतीजा है.
और वे बहुत खुश थी क्योंकि उनकी शादी के 5 साल बाद भी भैय्या उन्हें बच्चा नहीं दे पाए थे! Antarvasna
हेल्लो दोस्तो,मैं पिछले Hindi Sex Stories कई दिनों से अन्तर्वासना में कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ। मुझे बहुत सी कहानियाँ अच्छी लगती हैं कुछ तो मुझे ठीक भी नहीं लगती हैं।
ये सब छोड़ो हम आते हैं अपनी बात पर !
आज मैंने भी सोचा कि क्यूँ न मैं भी एक कहानी लिखकर भेजूँ…मतलब अपना अनुभव…
इसीलिए दोस्तों मैं पहली बार अपनी ओर से कहानी भेज रहा हूँ उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी !
सबसे पहले मैं अपने बारे में बता दूँ, मैं 23 साल का हट्टा कट्टा लौंडा हूँ कद 5’7′ है और दिखने न ही सलमान खान हूँ और न ही नाना पाटेकर मतलब आप लोग समझ ही गए होंगे कि मैं एक सामान्य सा दिखने वाला लड़का हूँ।
चलो हम कहानी पर आते हैं_
बात उन दिनों की है जब मैं होस्टल में पढ़ता था। हमारा स्कूल लड़के लड़कियों का था, सभी लोग होस्टल में रहते थे। जब मैं दसवीं कक्षा में प्रवेश किया तब हमें काम से बाहर जाना पड़ा मतलब दूसरे स्कूल में। वहां भी ऐसा ही सिस्टम था।
वहां एक हिन्दी की मैडम थी, बहुत ही सेक्सी थी। उसे मैं जब भी देखता था तो बस ऐसा लगता था कि बस ये मिल जाए…तो जिंदगी सँवर जाए… एक दिन लंच के बाद मैं मैडम के घर गया क्योंकि मुझे उनसे कुछ पूछना था।
मैंने दरवाजा खटखटाया लेकिन अन्दर से कोई जवाब नहीं मिला और दरवाजा खुला था तो मैं अन्दर चला गया उस समय वो नहा रही थी। मैंने कहा की मैडम मुझे कुछ पूछना है तो उसने कहा कि बैठो मैं अभी आती हूँ।
फ़िर मैं बैठ गया वो अन्दर आई और कहा- हाँ अब बोलो !
मैंने कहा कि मैडम मुझे कुछ समझ आ नहीं रहा है क्या आप मेरी मदद करेगी?
वो उस समय तौलिये में ही थी ..बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
फ़िर उन्होंने कहा- चाय पियोगे?
मैंने कहा- ठीक है !
हम लोग हमारी बात करने लगे मैंने कहा- मैम आपकी शादी हो गई क्या?
उन्होंने कहा- हाँ शादी हुए 2 साल हो गए हैं।
मैंने कहा- फ़िर आप अकेली तो उन्होंने कहा कि मेरे पति मैं पसंद नहीं हूँ क्योंकि मैं उनको बच्चा नहीं दे सकती ना और वो रोने लगी।
मैंने कहा- नहीं मैडम आप तो इतनी सुंदर है बिल्कुल परी जैसी आप से तो कोई भी शादी कर सकता है…
फ़िर उसने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है सभी को बच्चे की चाहत रहती है… और वो और ज्यादा रोने लगी मैंने उन्हें बाहों में ले लिया और पीठ सहलाने लगा…फ़िर धीरे वो भी गर्म होने लगी उनको छूते ही मेरा सामान एक्शन में आ गया। बस फ़िर क्या था मैंने उनके गले में किस करना शुरू कर दिया इस पर उन्होंने कहा कि क्या कर रहे हो?
फ़िर मैंने कहा कि कुछ मत कहो बस करने दो, बहुत दिनों से तुम्हारे बारे में सोचता रहता हूँ…
वो भी बोली कि हाँ मैंने तुम्हें क्लास में भी देखा था… तो उसने कहा कि फ़िर देर क्यूँ कर रहे हो, मेरी प्यास को बुझा दो..
मैंने उसका तौलिया निकाल दिया। अन्दर का सीन देखकर तो मैं दंग रह गया क्योंकि अन्दर वो एकदम दूध जैसी सफ़ेद थी फ़िर मैं उसके बूब्स को दबाने लगा… वो सिसकियाँ लेने लगी और बोली और चूसो… आह्ह… आह्ह्ह… उम्म्म… काटो उसको काटो बहुत मजा आ रहा है…तुम कितने अच्छ्हे हो मुझे पहले पता होता तो मैं रोज़ तुम्हे बुला लेती ..
मैंने कहा कि मैं ख़ुद ही आ जाता नाह्ह्ह जानाह्ह …उम् …आह्ह्ह… आह्ह्ह्ह…
फ़िर उसने मेरे लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी…
आज इतना ही ..बाकि आपके उत्तर के बाद और हाँ एक बात और उसने मुझे 3000 भी दिए और बोली कि तुमने मुझे बहुत किया ये रख लो वैसे ये भी कम है जितना मुझे मिला है उसके मुकाबले…और उसके बाद से मैं ऐसे ही नाखुश को खुश करने लगा…सब बताऊंगा लेकिन जवाब के बाद… Hindi Sex Stories
यह तब की बात है Antarvasna जब एक दिन मेरा दोस्त राकेश अपनी पत्नी के साथ मेरे घर आया। राकेश और मैं साथ साथ काम करते हैं, राकेश की पत्नी प्रिया टीचर है।
उस दिन राकेश ने बताया कि उसका प्रिंटर और यू पी एस खराब हो गया है और प्रिया को स्कूल के कुछ पेपर सेट करके स्कूल में जमा करने हैं। इसलिये वो मेरी मदद चाहता था, मेरे पास प्रिंटर और पी सी दोनों हैं।
वह जब शाम को करीब 8:00 बजे आया तो मैं थोड़ा घबरा गया था कि अचानक दोनों कैसे आ गये।
राकेश को थोड़ा ड्रिंक लेने की आदत है और उस दिन शायद शनिवार था तो उस समय वह थोड़ा ड्रिंक किये हुये था।
उससे मैंने कहा- कोई बात नहीं, मैं टाइप कर देता हूँ, तुम बोलती रहो!
तो प्रिया ने कहा- कोई बात नहीं, मैं बोल देती हूं, यह मैंने ही बनाया है तो गल्तियाँनहीं होंगी!
उसने बताया कि उसको अच्छी टाइपिंग नहीं आती तो वह टाइप नहीं कर पायेगी।
प्रिया मेरे बगल में कुरसी लगाकर बैठ गई, वह इतना नज़दीक थी कि मैं उसकी सांसें महसूस कर सकता था।
कई बार उसके बोडी से मेरी बोडी छू रही थी और उसके लिप्स बिल्कुल मेरे करीब थे उसके गोरा रंग और स्लिम फिगर मुझे डिस्टर्ब कर रहा था।
राकेश भी पीछे बैठा था और मैं अपने पर किसी तरह कंट्रोल किये हुये था। पर प्रिया एकदम नोर्मल थी, उसे शायद ही मेरे बुरे इरादों का अहसास हो रहा हो।
मैं थोड़ा नर्वस सा भी हो रहा था। मन तो कर रहा था कि उसकी एक पप्पी ले लूं और उसकी थाईस पर हाथ फ़ेरूं। उसके मीडियम साइज़ के टाइट बूब्स पर अपने लिप्स से चूमूं।
पर ये सब उस समय सम्भव नहीं था, इस चक्कर में, मैं एक दो बार टाइपिंग करना ही भूल गया। कभी कभी मैं उसके पूरे बदन को ही देखते रह जाता।
थोड़ी देर में राकेश को फ़िर ड्रिंक की जरूरत महसूस हुई, तो वह बोला- प्रिया मैं 10 मिनट में आया।
हम दोनों समझ गये थे कि वह कहाँ जा रहा है। दोनों ही उसकी आदत जानते थे। राकेश के जाने के बाद प्रिया और मैं अपना काम करते रहे और मैं बीच बीच में प्रिया के पूरे बदन पर नज़र मार लेता तो प्रिया भी मुझे देखकर मुस्करा देती।
फ़िर जब पेपर पूरा हो गया तो मैंने एक प्रिंट आउट चेकिंग के लिये प्रिया को दे दिया। प्रिया ने कुछ कोर्रेक्शन के बाद मुझे प्रिंट आउट दिया तो मैं कोररेक्शन करके दुबारा फ़ेयर प्रिंट आउट निकालकर प्रिया को दे दिया।
इस तरह हमारा टाइपिंग का काम पूरा हो गया तो मैंने प्रिया को बोला कि काम तो पूरा हो गया पर राकेश नहीं आया। मैं ऐसा करता हूं थोड़ी चाय बनाता हूं तब तक शायद राकेश आ जाये फ़िर तीनो चाय पीयेंगे।
प्रिया बोली- नहीं चाय में बनाऊँगी, मुझे कल भी तुमको तकलीफ़ देनी है। यह तो एक ही पेपर हुआ है अभी तीन पेपर और हैं, प्रिंटर और यु पी एस शायद दो-तीन दिन में ठीक होंगे और मुझे पेपर परसों तक जमा करना है।
मैं कुछ कहता इससे पहले ही प्रिया किचन में चली गई मैं मना नहीं कर पाया। उसे किचन में कोई परेशानी नहीं हुई और उसने चाय बनाने को भी रख दी। पाँच मिनट के बाद प्रिया दो कप में चाय लेकर आ गई तो मैंने कहा कि राकेश को भी आने दो।
तो वह बोली- राज तुम क्या बात कर रहे हो, इस टाइम वह चाय पीने की हालत में होंगे कहाँ। उनके लिये चाय मैंने नहीं बनाई है उनको जो चाहिये वो उसके लिये ही गये हैं।
मैं तो राकेश के ड्रिंक के बारे में जानता था पर किसी की बुराई और वह भी उसकी बीवी से करना बड़ी बेवकूफ़ी होती है आखिर पति परमेश्वर जो होता है।
फ़िर अचानक वह मुझसे बोली राज तुम भी अब शादी कर ही लो, ऐसे कब तक चलेगा तो मैंने कहा हाँ राकेश को देखकर मेरा भी मन करता है और उसके मज़े देखकर कभी जलन भी होती है।
प्रिया बोली- क्यों जलन किस बात की, अरे वह तो तुम्हारी बचोलर लाइफ को अच्छा बताते हैं और कहते है कि वह गलत फ़ंस गये।
मैंने कहा- मैं सच कहूं तो एक बात की जलन बड़ी होती है कि उसकी (राकेश) की बीवी बड़ी खूबसूरत है।
मेरा ऐसा कहने पर प्रिया पहले तो शरमा सा गई फ़िर बोली- अच्छा जी तो तुम मुंह में जबान भी रखते हो। मैं तो तुमको बड़ा सीधा साधा समझती थी, पर तुम भी कम नहीं हो बातें बनाने में। दूसरे की हरी हरी दिखती है, मेरी भी कुछ परेशानियाँहैं।
मैंने कहा- क्यों आपका एक अच्छा परिवार है बच्चा है। ऐसी कोई प्रोब्लम तो नहीं लगती आप दोनों ठीक ठाक कमाते हो।
प्रिया बोली हाँ वह सब तो है पर। बहुत कुछ मिस करती हूं, फ़िर भी ठीक ही है। राकेश अभी तक भी नहीं आया तो मैंने कहा पता नहीं क्या बात है?
तो प्रिया बोली- यही तो बात है अगर ड्रिंक कर लिया तो इन्हे किसी बात का कोई ध्यान नहीं रहता। अब घर जाकर न ढंग से खायेंगे न कुछ करेंगे और सो जायेंगे, कभी कभी तो रोज़ ही ऐसा होता है। मुझे ऐसे पियक्कड़ से नफ़रत होती है और फ़िर हम दोनों कई दिनो तक एक कमरे में भी अलग अलग रहते हैं। बच्चा तो बस इस बात का सबूत है कि हम पति पत्नि हैं पर शायद एक पति पत्नि की तरह प्यार किये हमें सालों गुजर गये।
प्रिया एकदम इमोशनल हो गई थी, मैंने उसके हाथ पर हाथ रखकर कहा- सब ठीक हो जायेगा तुम उसे प्यार से समझाओ वह समझेगा। वह तुमसे डरता तो है पर शायद अपनी आदत भी नहीं छोड़ पाता और इसका कारण भी शायद उसकी कम आमदनी है, तुम उस से ज्यादा मांगें ना किया करो।
प्रिया ने अपना कंधा मेरी गोद में रख दिया और बोली- राजू, तुम्हारी भी तो प्रोब्लम्स होंगी तो क्या ड्रिंक में ही सब प्रोब्लम का हल है?
वह मेरी गोद में आ गई थी, मैं उसकी बाहों पर हाथ फ़ेरने लगा, वैसे मैं ये कन्सोल करने के लिये कर रहा था पर मेरा सेक्सी मन पूरा मज़ा ले रहा था।
प्रिया को भी मेरा टच पसंद आया था और वह कुछ नहीं बोली तो मैंने उसे और ऊपर खींच कर अपनी बाहों में ले लिया। प्रिया ने कुछ नहीं कहा और अपना सर मेरे कंधों पर रख दिया।
मैं उसे कमर से पकड़ कर सोफ़े की तरफ़ ले गया तो वह मेरे साथ चल दी।
प्रिया दिखने में एकदम पटाखा है, गोरा रंग और चमकदार चिकनी त्वचा, पतली कमर, कद 5’3″ उसका फ़िगर 34-26-36 होगा। प्रिया शायद चाहती थी कि मैं उससे खूब बातें करूं और उसकी तारीफ़ करूं पर में ऐसा नहीं कर पाया।
मैं अब तक प्रिया के बदन को देखकर मस्त हो चुका था और मैंने सोचा बेटा इससे बढ़िया मौका किसी औरत के बदन से खेलने का मिलना मुश्किल है इसलिये मैं भी मौके का फ़ायदा उठाना चाहता था।
प्रिया को क्या फ़र्क पड़ता अगर मैं वहाँ नहीं होता तो राकेश तो उसके साथ रोज़ ही ऐसा करता। मैं उमर में बड़ा और उसको अपनी बाहों में लेकर बोला सब ठीक हो जायेगा तुम चिंता मत करो बस मस्त रहो, अभी तो मैं तुमको निराश नहीं करुंगा, राकेश से ज्यादा मज़ा दूंगा!
और इतना कह कर मैंने उसके लिप्स पर अपने लिप्स रखकर उसके लिप्स को बंद कर दिया। प्रिया सकपका गई और कुछ बोल नहीं पाई, मैंने उसके लिप्स जो बंद कर दिये थे। जैसे ही मैं अपने लिप्स हटाये वह बोली राज आप बहुत गंदे हो, आप ने ऐसी गंदी बात कैसे सोची।
मैंने कहा जो राकेश नहीं करता वह मैं करता हूं तो तुम क्यों परेशान हो, मैं कौन हूं भूल जाओ थोड़ी देर के लिये। मैं भी तुम्हारा नज़दीक का हूं और सोचो मैं वह सब तुमको दे रहा हूं जो तुम राकेश से इस समय चाहती हो, फ़िर मैं ड्रिंक भी नहीं करता।
मेरी इस बात का प्रिया पर असर हुआ, वह बोली- पर मुझे डर लग रहा है, मैं उनके साथ कोई गलत तो नहीं कर रही।
मैंने कहा- सोच लो यह तुम्हारे ऊपर है और मैं उसे चूमता और उसके जांघों और बैक पर मसाज भी करता रहा।
प्रिया बोली- प्लीज़ जैसा तुम चाहो पर प्लीज़ मेरे कपड़े मत उतारना आप बाहर से जो चाहे कर लो मुझे बड़ी शरम आ रही है।
मेरा तीर सही निशाने पर लग गया था और मैंने प्रिया को अपनी बाहों में ले लिया। फ़िर मैंने बिना समय गवाये किये हुए प्रिया के बूब्स पर उसकी कमीज़ के बाहर से ही हल्का हाथ फ़ेरना शुरु कर दिया।
दोस्तो ये सब कैसे हो रहा था मुझे नहीं मालूम, मैं इतना हिम्मत वाला नहीं हूं। प्रिया मेरे छूने से मस्त हो रही थी, इसी बीच मैंने मौका देखकर प्रिया की सलवार का नाड़ा चुपके से खोल दिया और उसे पता नहीं चला।
मैं उसकी चिकनी जांघों पर हाथ फ़ेरना चाहता था पर जैसे मेरा हाथ उसकी पैंटी पर टच हुआ वह एकदम से नाराज़ होते हुए बोली- राज, नो चीटिंग!
और उसने अपनी सलवार एक हाथ से पकड़ ली, पर ऊपर से वह मस्त हो चुकी थी पर अभी भी मुझसे चुदवाने में वह संकोच कर रही थी पर मेरे टच से उसे मज़ा आ रहा था। उसकी सलवार अभी तक खुली हुई थी, जिसको उसने एक हाथ से पकड़ रखा था।
जैसे ही मैंने उसे अपनी बाहों में लिया तो उसके हाथों से उसकी सलवार नीचे सरक गई और मैंने ऊपर से उसकी कमीज़ की ज़िप पीछे से खोल दी और उसने अंदर से काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी। मैं तो उसके गोरे बदन पर काली ब्रा देखकर मस्त हो गया।
आगे की कहानी अगले भाग में…Antarvasna
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