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Massage Girl in Bilaspur (Chhattisgarh): Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Bilaspur (Chhattisgarh) who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Bilaspur (Chhattisgarh) that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Bilaspur (Chhattisgarh) massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Bilaspur (Chhattisgarh) who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Bilaspur (Chhattisgarh) massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Bilaspur (Chhattisgarh) massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Bilaspur (Chhattisgarh) who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Bilaspur (Chhattisgarh) employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Bilaspur (Chhattisgarh) helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Bilaspur (Chhattisgarh)

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Bilaspur (Chhattisgarh) at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

डर्टी Xxx फॅमिली स्टोरी मेरी मम्मी की है. मैं दीदी की चुदाई करता था पर मम्मी को शक हुआ तो उसने दीदी की शादी करवा दी। मैंने अपनी वासना का हल कैसे किया?

नमस्कार दोस्तो, मैं एक बार फिर से आपके सामने अपनी नई सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूं।
मेरी पिछली कहानी
बड़ी सगी दीदी की फुद्दी और गांड का मजा
में मैंने आपको बताया था कि कैसे मैंने अपनी दीदी की चूत चुदाई की और उसकी गांड मारी थी।

आज मैं आपको अपनी मम्मी की डर्टी Xxx फॅमिली स्टोरी बताने जा रहा हूं।

आपको बता दूं कि मेरी मम्मी विधवा है और उसे हम भाई-बहन की चुदाई के बारे में शक हो गया था।
जल्दी ही मम्मी ने दीदी की शादी करवा दी।

अब मुझे चूत और गांड चुदाई के लिए तरसना पड़ रहा था।
जब कभी साल-छह महीने में दीदी घर आती थी तो तभी चूत मिल पाती थी।
उसमें भी मम्मी हम दोनों पर नजर रखती थी इसलिए मजा तो जैसे खत्म ही हो गया था।

ऐसे ही दिन गुजर रहे थे और मेरे अंदर सेक्स की जो आग दबी थी उसमें रोज इंतजार का पेट्रोल गिरता जा रहा था जिससे वो रोज ज्यादा भड़कती जा रही थी।

जब मुझसे रहा न गया तो मैंने सोचा कि मम्मी पर ही ट्राई किया जाए। मेरा डर्टी Xxx विचार था पर मैं वासना से अँधा हो गया था.

मैं अपनी मम्मी के फिगर के बारे में बताऊं तो उसका साइज 36-32-38 का है।
आप सोच सकते हैं कि मेरी मम्मी देखने में कैसी सेक्स माल लगती होगी।

वो अक्सर घर में सूट सलवार और कुर्ता-पजामी या पजामा पहनती है। जिसमें उसकी बाहर को निकली हुई गांड मुझमें बहुत हवस जगाती थी।

एक दिन ऐसा हुआ कि मम्मी किचन में खाना बना रही थी।

मैं बाहर मार्केट से जब वापस आया तो पानी पीने के लिए किचन में गया और जानबूझ कर मम्मी के पीछे खड़ा होकर पूछने लगा- मम्मी क्या बना रही हो तुम?
उस समय वो कुर्ता पजामा पहने खड़ी थी।

मैं थोड़ा आगे को खिसका तो मेरा लंड मम्मी की गान्ड से टच हो गया।

इससे एकदम से लन्ड तनाव में आ गया और मम्मी को भी महसूस हुआ।
वो एकदम से वह वहां से दूर होकर चली गई लेकिन उन्होंने मुझे कुछ नहीं बोला।

उस दिन के बाद से मेरा भी हौंसला बढ़ने लगा और मैं अक्सर उनकी बॉडी को टच करने का मौका देखता रहता।

ऐसे करते करते दो महीने निकल गए और मेरी हवस बढ़ती जा रही थी।

एक दिन मम्मी को बाहर थोड़ा काम था तो मैं मम्मी को बाइक पर ले गया।
आते समय बहुत तेजी से बारिश शुरू हो गई और मैं और मम्मी बारिश से भीग गए।

जब हम घर पहुंचे तो दोनों भीग चुके थे।
मम्मी ने उस समय लाल रंग का प्लाजो और ब्लू कुर्ता पहना हुआ था और गीला होने से उनके कपड़े एकदम उनके शरीर से चिपक गए थे।
इससे उनकी व्हाइट ब्रा पूरी साफ दिखाई दे रही थी।

मम्मी की गांड की शेप देखकर मेरा कंट्रोल छूट गया और मैंने मम्मी को पीछे से जाकर पकड़ लिया और उनकी गान्ड पर अपना लन्ड का दबाव बनाते हुए धक्के लगाने लगा जैसे मैं मम्मी की गांड चोद रहा हूं।

वो बोली- क्या कर रहे हो ये?
मुझ पर हवस सवार थी और मैं कुछ भी नहीं सोच पा रहा था।
मैं सीधे बोला- उस दिन जो किचन में जो अधूरा काम रह गया था, वो पूरा करना है। मैं बहुत प्यासा हूं। मैं रोक नहीं सकता अपने आपको।

ये कहते हुए मैंने मैंने सीधे एक हाथ उनके बूब्स पर रख दिया और आराम आराम से कुर्ते के ऊपर से दबाने लगा।
मम्मी पहले तो थोड़ी छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन बाद में वो गर्म होने लगी।

इसी मौके का फायदा उठाते हुए मैंने उनका कुर्ता ऊपर किया और प्लाजो के ऊपर से फुदी को मसलने लगा।
अब वो आह … अह … करके थोड़ी थोड़ी सिसकारियां लेने लगी।

यह देखकर मेरा जोश और ज्यादा बढ़ने लगा।
मैंने उनके प्लाजो का नाड़ा खोल दिया। प्लाजो मैंने नीचे किया और निकलवा दिया।

अब वो ऊपर से कुर्ते में रह गई थी और नीचे से केवल पैंटी में।
फिर मैंने कुर्ता हटाकर पैंटी भी नीचे कर दी।

मम्मी की मोटी गांड देखकर मेरा लंड तो फटने को हो गया।
जल्दी से मैंने भी अपने कपड़े उतार फेंके और मम्मी की नंगी गांड पर लंड को रगड़ने लगा।

अब मम्मी ने मेरे हाथों को अपने कुर्ते के ऊपर से अपने बूब्स पर रखवाया और अपने हाथों से दबवाने लगी।

नीचे मेरा लंड कभी मम्मी की चूत तो कभी गांड पर रगड़ खा रहा था।
मजे में मम्मी की आंखें बंद हो चुकी थीं; वो मेरे लंड की पूरी फीलिंग ले रही थी।

उसके मुंह से उम्म … आह्ह … करके सिसकारियां निकल रही थीं।

फिर धीरे धीरे मम्मी का मूड पूरा चुदाई के लिए बन गया और उसने पीछे हाथ लाकर मेरे लंड को सहलाना शुरू कर दिया।
अभी भी मेरा लंड उनकी गांड से टकरा रहा था।

मैंने पूछा- कैसा लग रहा है मम्मी?
वो बोली- बहुत अच्छा लग रहा है, बरसों की प्यास है, आज बुझवाने का मन कर रहा है; मेरी प्यास मिटा दो।
ये सुनते ही मैं भी मम्मी की चुदाई करने के लिए तैयार हो गया।

मुझे भी बहुत दिनों से चूत नहीं मिली थी इसलिए चुदाई के अलावा मन में कोई दूसरा ख्याल नहीं आ रहा था।
मैंने उनकी गांड पर हाथ टिका दिए और जोर जोर से दबाने लगा।
उस वक्त इतना मजा आ रहा था कि बस बता नहीं सकता।

मम्मी की 36 साइज की चूचियों को दबाते हुए मैं जोर जोर से उनकी चूत के होंठों पर लंड को रगड़ रहा था।
इससे मम्मी की चूत से पानी निकलने लगा था और वो चिकनी हो गई थी।
मम्मी की चूत का गीलापन मैं अपने लौड़े पर लगता हुआ महसूस कर सकता था।

अब मैंने मम्मी को अपनी साइड घुमाया और स्मूच करने लगा।
साथ में नीचे से मैं हाथ से उनकी चूत को भी रगड़ रहा था।
मम्मी की चूत की आग अब हर पल बढ़ती जा रही थी।

मॉम ने मेरे लंड को हाथ में पकड़ लिया और उसकी मुठ मारने लगी।

कभी उसको अपनी चूत पर लगाकर मेरे कूल्हे पर टांग चढ़ा लेती थी ताकि मैं उनकी चूत में लंड घुसेड़ने पर मजबूर हो जाऊं।
मगर मैंने लंड की बजाय उनकी चूत में उंगली दे दी।

मैं एक उंगली देकर तेजी से अंदर बाहर करने लगा जिससे मॉम और ज्यादा तड़पने लगी।
मम्मी की पूरी बॉडी कांप रही थी।
मैंने और तेजी से उंगली करना शुरू कर दिया।

कुछ देर के बाद मॉम की चूत ने पानी का फव्वारा छोड़ते हुए मेरे हाथ को भिगो दिया।
उनकी चूत पूरी पानी में गीली हो गई।

मैंने उनको बेड के किनारे पर बैठाया और उनकी चूत में मुंह लगाकर चाटने लगा।
उनको गुदगुदी हो रही थी लेकिन मजा भी आ रहा था।

मैं अंदर तक जीभ घुसाकर उनकी चूत को चाट रहा था।
उनकी चूत के नमकीन पानी का स्वाद मेरे मुंह में आ रहा था।

मॉम दोबारा से गर्म होने लगी और मेरे मुंह को चूत में दबाने लगी।

मैंने उनको बेड के किनारे पर ही घोड़ी बना दिया और लंड को चूत पर सेट कर दिया। मैंने अपने लंड पर थोड़ा सा थूक लगाया और चूत के मुख पर लंड को ऊपर नीचे करते हुए रगड़ने लगा।

इससे मम्मी के मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं।
मॉम की चूत में मैंने पीछे से लौड़ा पेल दिया।
उनकी चीख निकल गई और आईई … उईई … आह्ह … मर गई … करके वो चिल्लाने लगी।
शायद बहुत समय से मम्मी ने चूत में कुछ नहीं लिया था।

मैंने पूरा लंड अंदर पेलकर उनकी चूत को चोदना शुरू कर दिया।
कुछ देर तक तो मॉम ऐसे ही दर्द में छटपटाती रही।
वो बार बार छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने उनको साइड से पकड़ा हुआ था।

मेरे दोनों हाथ मॉम की गांड पर दोनों तरफ कसे हुए थे।
मैंने फिर गांड को ऐसे ही पकड़े हुए मॉम की चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए।
मेरा लंड मॉम की चूत में अब स्पीड से अंदर बाहर होने लगा।

पांच मिनट के बाद मॉम को चुदाई में मजा आने लगा।
वो आराम से आह्ह … आह्ह … करते हुए चुदने लगी।

फिर मॉम ने मुझे रुकने का इशारा किया।
मैंने लंड के धक्के लगाने बंद किए और मॉम ने आगे सरक कर लंड को अपनी खुल चुकी चूत से पक् … से बाहर निकलवा लिया।
मैं समझ नहीं पाया मॉम ने ऐसा क्यों किया।

वो पलट गई और फिर मेरे सामने टांगें खोलकर लेट गई।
मुझे समझ आया कि मॉम आगे से चुदवाना चाहती है।

फिर उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींच लिया और मैंने फिर से उनकी टांगें फैलाते हुए लंड को चूत में पेल दिया।
अब मैं मम्मी के जिस्म के ऊपर लेट गया और चोदने लगा।

उनकी टांगों ने मेरी गांड को जकड़ लिया और मुझे नीचे खींचकर मेरे होंठों को चूसने लगी।
नीचे से मेरा लंड पूरी तेजी से मॉम की चूत में अंदर बाहर हो रहा था।
अब मॉम की चूत पूरी तरह से खुल चुकी थी।

काफी देर तक मैं इसी पोज में उनकी चुदाई करता रहा।
फिर उन्होंने मुझे नीचे लिटाया और खुद मेरे ऊपर बैठकर मेरे लंड की सवारी करने लगी।
वो बहुत चुदासी लग रही थी, उनकी चूचियों के निप्पल एकदम से तनकर खड़े हो चुके थे।

नीचे से धक्के लगाते हुए मैंने उनकी चूचियों को भी भींच रहा था।
अगले पांच मिनट तक मॉम मेरे लंड पर उछलती रही।
फिर मेरा माल निकलने को हो गया।

मैंने कहा- मॉम, मेरा होने वाला है।
वो बोली- तुम देख लो, कहां निकालना चाहते हो!

मैंने उनको उठने के लिए कहा और बेड पर घुटनों के बल कर लिया।

कुतिया वाली पोजीशन में मैंने मम्मी के मुंह में अपना लंड दे दिया और चुसवाने लगा।
वो भी भूखी रंडी की तरह मेरे लंड को चूसने लगी।

मॉम मेरी बहन से भी ज्यादा अच्छी तरह से लंड चूस रही थी।
मुझे लंड चुसवाने में बहुत मजा रहा था लेकिन ये मजा देर तक टिक नहीं पाया।
2-3 मिनट की चुसाई के बाद मेरे लंड ने माल मॉम के मुंह में गिराना शुरू कर दिया।
मैंने सारा माल उनके मुंह में उड़ेल दिया जिसे मॉम पूरा अंदर निगल गई।

कुछ देर तक हम दोनों वहीं बेड पर पड़े रहे।
हमें सामान्य होने में 10 मिनट का समय लग गया।
उसके बाद मॉम उठकर वॉशरूम में गई और मैं भी मॉम के पीछे वॉशरूम में चला गया।

अंदर जाकर मैंने मॉम को फिर से बांहों में भर लिया।
मैं उनकी चूचियों को चूसने लगा और चूत को रगड़ने लगा।

हम दोनों फिर से गर्म हो गए।
उसके बाद मैंने मॉम को वहीं सीट पर बिठा लिया और उनकी चूत को चूसने लगा।
मम्मी की चूत फिर से गर्म हो गई और उनकी चूत से नमकीन रस का स्वाद आने लगा।
अब मैंने उनको खड़ी किया और दीवार के साथ सटा दिया।

उनका मुंह दीवार की तरफ था और गांड मेरी तरफ।
मैंने पीछे से टांगों को फैलाते हुए उनकी चूत में लंड को पेल दिया और दीवार की तरफ धक्के लगाते हुए चूत को चोदने लगा।
मैं जोर जोर से झटके देने लगा।

वो भी मेरा पूरा साथ देते हुए गांड को लंड की तरफ उछाल रही थी।
लगभग 5 मिनट तक मैंने मॉम की चुदाई दीवार से सटाकर ही की।
फिर मैंने उनको नीचे फर्श पर लिटा लिया और खुद ऊपर आकर चोदने लगा।

अब मॉम को चुदते हुए मजा भी आ रहा था और दर्द भी हो रहा था।
वो मेरी पीठ को नोंचते हुए चुद रही थी।
उनकी आंखों में संतुष्टि आती साफ दिख रही थी।

इस तरह मैंने वॉशरूम में मम्मी को बहुत देर तक अलग अलग आसनों में बहुत चोदा और पूरा माल उनके बूब्स पर डाल दिया।
मम्मी भी उस चुदाई में 2 बार झड़ गई।
फिर हम दोनों नहाकर बाहर आ गए और उस दिन के बाद हमारे बीच चुदाई का रिश्ता भी बन गया।

Hindi Porn Stories

मेरा नाम राहुल है Hindi Porn Stories और मैं आगरा का रहने वाला हूँ। मेरे घर में तीन ही लोग हैं, मैं, पिताजी और माँ।

बात उस समय की है जब मैं पढ़ता था। मेरे पड़ोस में शर्मा जी का घर था, उनकी दो बेटियाँ थी, एक तो मेरे साथ ही पढ़ती थी। मैं पढ़ने में काफी होशियार था इसलिए कई बच्चे मुझसे सवाल पूछा करते थे और मैं भी सबकी मदद कर देता था। मैं अपने मोहल्ले का काफी सीधा लड़का था।

अब मैं आप लोगो को शर्मा जी की बेटियों के बारे में बताता हूँ। बड़ी का नाम सीमा और छोटी का अंशु था। दोनों की जवानी उभार पर थी पर छोटी वाली तो कुछ ज्यादा आगे थी। सीमा का फिगर बड़ा मस्त था 24-36-24, पर रंग थोड़ा सांवला था। अंशु तो गजब की बाला थी, गोरा रंग और गजब का फिगर ! ऐसा कि देखते ही चोदने का मन करे और कई लड़के तो खड़े-2 मुठ मार दें ! फिर भी मैं इन सब पर ध्यान नहीं देता था।

एक दिन की बात है, मैं शाम को घर के बाहर टहलने निकला, तभी अंशु दौड़ती हुई मेरे पास आई और कहा- दीदी आपको बुला रही है, उन्हें कुछ पूछना है।

मैं चलने को तैयार हो गया और उसके पीछे पीछे उसके घर चला गया। वहाँ देखा तो सीमा कुछ पढ़ रही थी। उसके मम्मी-डैडी कहीं बाहर गए हुए थे और घर पर बस वही दोनों थी।

अंशु ने मुझे एक सोफे पर बैठाया और पानी लेने चली गई। तब तक सीमा अपनी किताब लेकर मेरे पास आ गई। उसने आसमानी रंग की एकदम पतली नाइटी पहन रखी थी जिसमें से उसकी काली रंग की ब्रा-पैंटी साफ़ झलक रही थी।

पहले तो मैं थोड़ा शरमाया पर सब सही हो गया। वो मेरे सामने वाली कुर्सी पर बैठ गई और सवाल पूछने लगी। सवाल पूछते-2 वो कुछ ऐसा कर रही थी कि उसके स्तन मुझे दिख जाएँ। मेरी नजरें उसके वक्ष पर अटक गई। वह अपनी सफलता पर थोड़ा मुस्कुराई और फिर आगे पूछने लगी।

तब तक अंशु पानी लेकर आ गई। वह आगे बढ़ी और एक कुर्सी से टकरा गई और पानी मेरी पैंट पर गिर गया। मैं घबरा गया। सीमा के स्तन देखते हुए मेरा लंड एकदम कड़क हो गया था।

अंशु ने मुझसे माफ़ी मांगी और एक तौलिया दे दिया। मैं बाथरूम में चला गया। तभी सीमा वहाँ आ गई और मेरा हाथ पकड़ लिया।

मैं काफी डर गया और अपना हाथ खींच लिया।

वो अंशु को बुलाते हुए बोली- देख रे कैसा शरमा रहा है, जैसे कभी लड़की ही नहीं देखी।

अंशु भी आ गई और वो दोनों मुझे बेडरूम में ले गई।

मैं सिर्फ अंडरवियर और शर्ट में था।

मुझे देख कर सीमा बोली- हाय रे ! कातिल कहाँ छुपा था अब तक?

अब उन दोनों ने मुझ पर सेक्सी कमेंट्स करने शुरु कर दिए।

मैं बेचैन हो गया और उनसे कहा- मुझे जाने दो !

पर वो भला कहाँ मानने वाली थी।

अंशु ने पीछे से मुझे पकड़ लिया और मेरे शर्ट के बटन खोल दिए। सीमा भी आगे से मेरे ऊपर चढ़ गई और अपने स्तनों को मेरे सीने पर दबाने लगी और मुझे बेतहाशा चूमने लगी।

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था। तब उसने मेरे अंडरवियर में हाथ डाला और मेरे लिंग को दबाने लगी।

तभी अंशु ने पीछे से एक ब्लू फिल्म चला दी और कहा- तुम तो काफी ठंडे लगते हो, क्या पहले तुमने ये सब नहीं किया?

मैंने ना में जवाब दिया।

ब्लू फिल्म देख कर मुझे भी जोश आने लगा और मेरा लिंग तनकर 8 इंच का हो गया।

मैंने सीमा की नाइटी उतार दी और ब्रा के बाहर से ही उसके उरोजों को दबाने लगा। क्या सॉलिड बूब्स थे उसके ! मन तो कर रहा था कि काटकर खा लो।

मैंने उसकी पैंटी में ऊँगली डाली और उसकी योनि में ऊँगली करने लगा। उसकी चूत में से पानी आने लगा।

मैंने उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और पैंटी भी उतार दी, उसने भी मेरा अंडरवियर उतार दिया। अब दोनों एकदूसरे के सामने नंगे खड़े थे। मैंने पहली बार चूत के दर्शन किए थे। उसकी गुलाबी रंग की चूत पर एक भी बाल नहीं था। उसके बड़े-2 चूतड़ उसको और हसीं बना रहे थे।

मेरे लिंग को देखते ही वो बोली-कितने गंदे हो तुम ! कभी अपनी झांटें भी साफ़ कर लिया करो !

मैंने कहा- डर लगता है ! कहीं कट गया तो?

उसने अपनी बहन अंशु से ब्लेड मंगाया और कहा- आओ, मैं तुम्हारी झांटें बना देती हूँ।

वो मुझे बाथरूम में ले गई और झांटे साफ़ करने लगी और इस बीच मैं उसके स्तन दबाता रहा।

इसके बाद उसने शॉवर चला दिया और हम दोनों उसके नीचे भीगने लगे। एक तरफ पानी और दूसरी तरफ आग, पर आज पानी भी आग को नहीं बुझा पाया।

उसने मेरा लिंग मुँह में ले लिया और चूसने लगी। मैं भी उसकी चूचियों को चूसता रहा और चूत में ऊँगली करता रहा।

उसका बदन जलने लगा और कहने लगी- अब और न तड़पाओ मुझे। चोद दो इस चूत को। फाड़ दो इसे अपने फौलादी लंड से।

मुझसे भी अब रहा नहीं जा रहा था। मैंने उसकी कमर पर हाथ लगाया और उसकी चूत पर निशाना लगाते हुए अपना लंड आगे दिया। पर मेरा लंड किनारे हो गया। उसकी योनि काफी कसी थी। उसकी गुलाबी चूत शायद अभी तक कुंवारी थी। मैंने २-३ बार कोशिश की पर सफल नहीं हुआ।

फिर उसने मेरे लंड पर शैंपू लगाया और अपनी योनि पर भी। अब धीरे से उसने मेरे लंड को योनि के मुख पर टिकाया और मुझसे धक्का लगाने को कहा, वो खुद भी धक्का लगाने लगी। शैंपू की चिकनाहट के कारण लिंग योनि में सरकता चला गया।

आधा अन्दर जाते ही वो जोर से चिल्लाईई और बाहर निकालने के लिए कहने लगी।

मैंने अपने होंठ उसके होठों पर रख दिए और उसके स्तन दबाने लगा। धीरे-2 उसका दर्द कम हुआ, तभी मैंने लिंग को थोड़ा बाहर खींच कर पूरी ताकत से पेल दिया। वो तड़प उठी।

मैं फिर उसके होठों को चूमने लगा। धीरे-2 वो जोश में आने लगी और अपने चूतड़ उछाल-2 कर मजे लेने लगी। मैंने भी अपनी स्पीड बढ़ा दी।

करीब दस मिनट बाद वो झड़ गई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया पर मैं अभी भी लगा रहा।

पाँच मिनट बाद मैंने भी वीर्य की पिचकारी उसकी चूत में छोड़ दी और उसके ऊपर लेट गया।

तभी उसकी बहन अंशु वहाँ आ गई और कहने लगी- अब मेरी प्यास भी मिटा दो।

मैंने देखा सीमा वहीं शॉवर के नीचे पड़ी है और उसकी चूत से पानी और खून निकल रहा है।

मैंने सीमा को वहीं छोड़ा और अंशु के पास पहुँच गया।

जैसा मैंने पहले ही बताया था कि अंशु सीमा से भी ज्यादा सेक्सी माल थी और ऊपर से उसका गोरा रंग और गजब ढा रहा था।

मुझे ऐसा लगा की कोई परी मेरे सामने खडी है और कह रही है- आओ, मुझे चोद दो, मेरी चूत की प्यास बुझा दो।

मैंने उसे उठाया और बेड पर लिटा दिया और खुद उसके ऊपर लेट गया। उसने कसकर मुझे पकड़ लिया और उसकी चूचियों का नरम-2 एहसास मुझे अपने सीने पर होने लगा।

मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और चूसने लगा, धीरे से मैंने उसके होंठों को थोड़ा काट लिया। उसके पूरे बदन में आग लग गई, उसने भी मुझे चूमना शुरु कर दिया।

फिर मैंने उसे थोड़ा अलग किया और उसके स्तन दबाने लगा। वो भी मेरा लिंग दबाने लगी और लिंग को चूसना शुरु कर दिया। मेरा लंड फिर खड़ा हो गया। मैं भी उसकी चूत में ऊँगली डालने लगा और उसके स्तनों को चूसने लगा।

अंशु की योनि तो सीमा से भी मस्त और कसी थी। उसको देख कर ऐसा लगता था मानो भगवान् ने फुर्सत में उसे बनाया है।

तभी उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया और मैंने भी अपना वीर्य उसके मुँह में भर दिया, उसने पूरा वीर्य पी लिया और लिंग को चाट-2 कर साफ़ करने लगी।

मेरा लिंग एक बार फिर मैदान में आ गया और इस बार उसका निशाना सिर्फ अंशु की चूत थी। अंशु भी गरम हो गई थी और बार-2 मुझे छोड़ने का निमंत्रण दे रही थी।

मैंने उसकी गांड के नीचे तकिया लगाया और उसकी टांगों को अपने कंधे पर रख लिया। मुझे पता था कि अंशु की चूत भी अभी कुंवारी है इसलिए मैंने धीरे से उसकी योनि का मुँह फैलाया और उस पर लंड का सुपारा टिका दिया।

मैं उसके होंठों को चूमता रहा और एक उसके पुष्ट उरोजों को दबाते हुए हल्का सा झटका दिया और मेरा लंड आधा अंशु की चूत में पंहुच गया।

वो दर्द से चीख पड़ी पर मैंने उसे ज्यादा मौका नहीं दिया और उसके होंठों को चूसता रहा। उसकी झिल्ली फट चुकी थी, मैंने उसका कौमार्य भंग कर दिया था।

मैंने थोड़ा पीछे होते हुए पूरी ताकत से लंड उसकी चूत में डाल दिया।

वो तड़प उठी पर थोड़ी ही देर में उसे मजा आने लगा और वो चूतड़ उछाल-2 कर साथ देने लगी।

करीब 15 मिनट बाद वो झड़ गई। मैंने अपना लंड बाहर निकाला और उसे कुतिया की पोजिशन में कर दिया और फिर उसी तरह करीब आधे घंटे चलता रहा।

तभी उसने कहा- राहुल, अब मैं झड़ने वाली हूँ।

मैं भी झड़ने वाला था, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और हम दोनों एक साथ स्खलित हो गए। वो मुझसे चिपक गई और निढाल हो गई।

उस रात हम तीनों ने चुदाई के कई राउंड चलाये। जिसमें दो बार मैंने उन दोनों की गांड मारी और चूत को फाड़ कर भोंसड़ा कर दिया।

उसके बाद भी हमे जब भी मौका मिलता हम पूरा फायदा उठाते।

अंशु की चूत तो अब भी वैसी ही टाइट लगती है। कई बार मैंने उनकी सहेलियों के साथ भी सम्बंध बनाए।

पर यह अगली बार।

यह कहानी आप लोगों को कैसी लगी, जरूर बतायें, मुझे ईमेल करें ! Hindi Porn Stories

Antarvasna

आप सब ने मेरी पहली कहानी Antarvasna‘मेरा पहला सेक्स था भाभी की चुदाई-1‘ तो पढ़ी ही होगी।
आपके उत्तर भी आए, धन्यवाद!
अब उसके आगे की कथा सुनिए:

मैं भाभी की चुदाई करने के बाद तुरन्त घर गया और सोचता रहा कि क्या मुझसे सही हुआ या फ़िर मैंने गलत कर दिया। पर चुदाई के आगे किस की चलती है!

मुझे फ़िर कुछ दिनों बाद बहुत अच्छा मौका मिला। घर के सभी सदस्य शादी में शहर से बाहर गए हुए थे, मम्मी भाभी को घर की देखभाल के लिए छोड़ गई थी। मेरे पेपर चल रहे थे। मैं पेपर करते समय भी भाभी की चूत के बारे में ही सोचता रहा था।

बस एक घण्टे बाद मैं घर पहुँच गया। भाभी नहाने के लिए जा रही थी। घर पहुँचते ही मैंने भाभी को अपनी बाहों में ले लिया, मेरी साँसें बहुत तेज़ चल रही थी। मुझे मालूम था कि आज मेरी प्यास जरूर बुझ जाएगी।

फ़िर क्या था, मैंने भाभी के होंठों को चूमना शुरू कर दिया! लग रहा था कि मानो वो होंठ नहीं गुलाब की पंखुड़ियाँ हों। धीरे धीरे मेरा लण्ड मिनार की तरह खड़ा हो गया।

फ़िर मैंने उनके स्तनों को हल्के हल्के मसलना चालू किया। फ़िर मैंने उनके स्तन अनावृत किए- इतने गोरे गोरे! चोटी से चुचूक!

मैं हब्शी की तरह उन पर टूट पड़ा, ऐसे जैसे कि किसी ने बरसों से खाना ना खाया हो। भाभी के स्तनों को मैं इतने ज़ोर ज़ोर से दबा रहा था कि वि बुरी तरह काम्प रही थी।

कभी स्तनों से दूध पीता तो कभी उनके होंठों को चूसता और दूसरे हाथ से स्तनों को मसल रहा था। मैं उनके स्तन को पूरा अपने मुँह में भर लेना चाहता था पर मेरी किस्मत! स्तन बड़े थे और मेरा मुँह छोटा। पर कोई बात नहीं!

फ़िर मैंने उनके मुंह में अपना प्यारा और सेक्सी लण्ड रख दिया और 69 की अवस्था में हो गया। उनकी चूत पे एक भी बाल नहीं था। मैं उनकी चूत इतने प्यार से चूस रहा था कि कि भाभी का एक बार तो निकल भी गया।

मैंने भाभी की चूत की दोनों पंखुड़ियों को अलग करके ऐसा चाटा जैसे कोई बिल्ली दूध को चाट जाती है। फ़िर धीरे धीरे मैंने उनकी चूत में ऊँगली घुसा दी। भाभी ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही थी और बीच बीच में कभी मेरे लण्ड को जोर से काट भी लेती। मैं जल्दी जल्दी भाभी की चूत में ऊँगली कर रहा था, बस भाभी और मैं साथ साथ ही गए।

फ़िर भाभी ने मेरे लण्ड को दोबारा मिनार बनाया। मैंने उन्हें मेज़ पर बैठाया और अपनी मिनार को उनकी कोमल सी चूत में डाल दिया। बस कुछ देर बाद मैं नीचे हो गया और भाभी मेरे ऊपर जोर जोर से झटके मारने लगी। ऐसा मज़ा मेरे जीवन में कभी नहीं आया था।

फ़िर मैंने भाभी की चुदाई कुतिया वाले स्टाइल में की, फ़िर हम दोनों ही पस्त हो गए। थोड़ी देर में भाभी नहाने के लिए चली गई और मैं भी उनके साथ गया था बाथरूम में। बस ये पल ही विशेष क्षण बन गए मेरे जीवन में!

अब आप सोचेंगे कि क्या?
देखो?
अब मैं यह रहस्य यहीं छोड़ता हूँ। Antarvasna

हाय दोस्तो एवम दूसरों की खूबसूरत बीवियों!Sex stories

मैं संजू जगदलपुर, बस्तर, छत्तीसगढ का Sex stories रहने वाला हूं। मैं कुछ माह से या कहें कि साल भर से शहर में नहीं हूं, इसलिये मैं अपने साथ बीते कुछ हसीन पल आप लोगों के समक्ष नहीं रख पा रहा था। मगर इस बीच मैंने दूसरे शहर में खूब मज़ा लिया। हर दूसरे तीसरे दिन कोई ना कोई नया माल मिल जाता था, जिसकी मैं जम कर चुदाई करता था।

मगर मेरे शहर में जो भाभी मेरे लन्ड का सपना देख रही थी, उससे मैं वाकिफ़ नहीं था। आज से १७ दिन पूर्व में ९ माह १० दिन तथा १२ घण्टे पूरे कर जब मैं जगदलपुर अपने घर पहुंचा तो मेरे पड़ोस में रहने वाली रजनी भाभी मुझे देख कर मुस्कुराने लगी। मैं भी उनकी खुशी के लिये थोड़ा मुस्कुराया।

अगले दिन सुबह जब घर के बाहर ब्रश कर रहा था तो वो मुझे देख देख कर मुस्कुराने लगी। मैं रजनी भाभी को कभी उस नज़र से नहीं देखता था। मगर मैं एक नम्बर का चोदरा तो जरूर हूं। न जाने ९ महीने बाद भाभी ने मुझ में ऐसा क्या देख लिया। लम्बी छुटटी के बाद मैं सुबह १० बजे आफ़िस के लिए निकला। महज १६० मीटर की दूरी पर रजनी भाभी का घर है। उन्होने मुझे रोका और कहा कि अब तक कहां थे? मैंने बताया कि भाभी मैं टरेनिंग पर था। भाभी ने कहा- ठीक है। लम्बा समय बाहर बिता कर आ रहे हो, किसी दिन खाने पर आओ। मैंने हामी भर दी मगर ये नहीं कहा कि कब। एक सप्ताह बीत गया, रोज जब मैं सुबह ब्रश करता, वो मुझे खिड़की से देख देख कर मुस्कुराती। चूंकि मेरी आदत है कि ब्रश मैं घर के बाहर ही करता हूं। मेरे जहन में यह सवाल उठता था कि वो क्यों मुस्कुराती है जबकि मैं उसे उस नज़र से नहीं देखता।

रविवार का दिन था। मैं तैयार हो कर आफ़िस के लिए निकला। रजनी भाभी मुझे देख कर अपने घर के मेन गेट के सामने खड़ी हो गई और मुझे आवाज़ देकर बुला कर खाने पर आने को कहा। मैने जवाब दिया कि भाभी मैं कुछ काम पूरा कर के आता हूं।

लगभग ११:३० बजे होंगे जब मैं भाभी के घर पहुंचा। भाभी गेट पर ही खड़ी थी और उन्होने मुझे अन्दर चलने को कहा। मैने चलते चलते भाभी से पूछा कि घर में कौन कौन है, तो भाभी भावुक होकर बोली कि घर में कोई नहीं है हम दोनो को छोड़ कर।

फ़िर भाभी ने अपना फ़िगर दिखाना शुरू किया तो मैं उत्तेजित हो गया और बिना दरवाजा बंद किए भाभी के बूब्स मसलने लगा। काफ़ी बड़े बड़े बूब्स हैं उनके। उसके बाद से तो मैं उन पर टूट पड़ा। जिस महिला को कभी उस नज़र से नहीं देखा था, वो इतनी सेक्सी होगी, मुझे मालूम नहीं था। कुछ देर बाद हम शांत हुए और दरवाजा बंद करके उनके बेडरूम में चले गये। वहां भाभी ने बताया कि उनके पति दो हफ़्ते के लिए बाहर गए हैं और मेरा लन्ड लेने की उनकी इच्छा कब से है।

खैर उस दिन भाभी के बेडरूम में जाने के बाद खाना खाने की भूख तो नहीं लगी, जिस्म की ही भूख ज्यादा थी तब।

भाभी अपने आप पूरी तरह नंगी हो गई, मैं कपड़े पहने था। मैं कुछ जल्दी में था तो फ़टाफ़ट अपने कपरे उतार कर भाभी की जम कर चुदाई की और निकल गया वहां से। उसके बाद मेरा रास्ता हमेशा के लिए खुल गया और अकसर हम मज़ा करते हैं कभी दिन तो कभी रात को। आगे की कहानी फ़िर कभी। Sex stories

Hindi Sex Stories

हेल्लो दोस्तो,मैं पिछले Hindi Sex Stories कई दिनों से अन्तर्वासना में कहानियाँ पढ़ता रहता हूँ। मुझे बहुत सी कहानियाँ अच्छी लगती हैं कुछ तो मुझे ठीक भी नहीं लगती हैं।
ये सब छोड़ो हम आते हैं अपनी बात पर !

आज मैंने भी सोचा कि क्यूँ न मैं भी एक कहानी लिखकर भेजूँ…मतलब अपना अनुभव…
इसीलिए दोस्तों मैं पहली बार अपनी ओर से कहानी भेज रहा हूँ उम्मीद है कि आप लोगों को पसंद आएगी !

सबसे पहले मैं अपने बारे में बता दूँ, मैं 23 साल का हट्टा कट्टा लौंडा हूँ कद 5’7′ है और दिखने न ही सलमान खान हूँ और न ही नाना पाटेकर मतलब आप लोग समझ ही गए होंगे कि मैं एक सामान्य सा दिखने वाला लड़का हूँ।
चलो हम कहानी पर आते हैं_

बात उन दिनों की है जब मैं होस्टल में पढ़ता था। हमारा स्कूल लड़के लड़कियों का था, सभी लोग होस्टल में रहते थे। जब मैं दसवीं कक्षा में प्रवेश किया तब हमें काम से बाहर जाना पड़ा मतलब दूसरे स्कूल में। वहां भी ऐसा ही सिस्टम था।

वहां एक हिन्दी की मैडम थी, बहुत ही सेक्सी थी। उसे मैं जब भी देखता था तो बस ऐसा लगता था कि बस ये मिल जाए…तो जिंदगी सँवर जाए… एक दिन लंच के बाद मैं मैडम के घर गया क्योंकि मुझे उनसे कुछ पूछना था।

मैंने दरवाजा खटखटाया लेकिन अन्दर से कोई जवाब नहीं मिला और दरवाजा खुला था तो मैं अन्दर चला गया उस समय वो नहा रही थी। मैंने कहा की मैडम मुझे कुछ पूछना है तो उसने कहा कि बैठो मैं अभी आती हूँ।

फ़िर मैं बैठ गया वो अन्दर आई और कहा- हाँ अब बोलो !
मैंने कहा कि मैडम मुझे कुछ समझ आ नहीं रहा है क्या आप मेरी मदद करेगी?
वो उस समय तौलिये में ही थी ..बहुत ही सेक्सी लग रही थी।
फ़िर उन्होंने कहा- चाय पियोगे?
मैंने कहा- ठीक है !

हम लोग हमारी बात करने लगे मैंने कहा- मैम आपकी शादी हो गई क्या?

उन्होंने कहा- हाँ शादी हुए 2 साल हो गए हैं।
मैंने कहा- फ़िर आप अकेली तो उन्होंने कहा कि मेरे पति मैं पसंद नहीं हूँ क्योंकि मैं उनको बच्चा नहीं दे सकती ना और वो रोने लगी।
मैंने कहा- नहीं मैडम आप तो इतनी सुंदर है बिल्कुल परी जैसी आप से तो कोई भी शादी कर सकता है…

फ़िर उसने कहा कि नहीं ऐसा नहीं है सभी को बच्चे की चाहत रहती है… और वो और ज्यादा रोने लगी मैंने उन्हें बाहों में ले लिया और पीठ सहलाने लगा…फ़िर धीरे वो भी गर्म होने लगी उनको छूते ही मेरा सामान एक्शन में आ गया। बस फ़िर क्या था मैंने उनके गले में किस करना शुरू कर दिया इस पर उन्होंने कहा कि क्या कर रहे हो?

फ़िर मैंने कहा कि कुछ मत कहो बस करने दो, बहुत दिनों से तुम्हारे बारे में सोचता रहता हूँ…

वो भी बोली कि हाँ मैंने तुम्हें क्लास में भी देखा था… तो उसने कहा कि फ़िर देर क्यूँ कर रहे हो, मेरी प्यास को बुझा दो..

मैंने उसका तौलिया निकाल दिया। अन्दर का सीन देखकर तो मैं दंग रह गया क्योंकि अन्दर वो एकदम दूध जैसी सफ़ेद थी फ़िर मैं उसके बूब्स को दबाने लगा… वो सिसकियाँ लेने लगी और बोली और चूसो… आह्ह… आह्ह्ह… उम्म्म… काटो उसको काटो बहुत मजा आ रहा है…तुम कितने अच्छ्हे हो मुझे पहले पता होता तो मैं रोज़ तुम्हे बुला लेती ..

मैंने कहा कि मैं ख़ुद ही आ जाता नाह्ह्ह जानाह्ह …उम् …आह्ह्ह… आह्ह्ह्ह…

फ़िर उसने मेरे लंड को मुँह में लिया और चूसने लगी…
आज इतना ही ..बाकि आपके उत्तर के बाद और हाँ एक बात और उसने मुझे 3000 भी दिए और बोली कि तुमने मुझे बहुत किया ये रख लो वैसे ये भी कम है जितना मुझे मिला है उसके मुकाबले…और उसके बाद से मैं ऐसे ही नाखुश को खुश करने लगा…सब बताऊंगा लेकिन जवाब के बाद… Hindi Sex Stories

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