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कई सालों के बाद मैं Hindi Porn Stories अपने मामा के पास गया था। मेरे मामा एक दबंग ठेकेदार थे और पूरे इलाके में उनकी बहुत धाक थी, 50 साल पार करने के बाद, भी उनके पहलवान शरीर पर बुढ़ापे के कोई लक्ष्ण नहीं थे। मामा की हवेली की शान देखते ही बनती थी। इकलौता भांजा होने की वजह से मामा मुझे प्यार भी बहुत करते थे।
शहर से पहली बार मैं गाँव की गया था। मेरे लिए एक अलग कमरा और नौकर था, मगर यह नहीं मालूम था कि एक नौकरानी भी रख रखी थी मेरे लिए। शाम होते ही नौकरानी मेरे लिए चाय और नाश्ता लेकर कमरे में पहुँच गई।
मैं उसी समय नहा कर निकला था और तौलिये में लिपटा मेरा गठीला बदन देखने लायक था। होता क्यों नहीं, जिम जा कर और कसरत करके मैंने अपनी बदन को गठीला और मजबूत बना रखा था।
तौलिया लपेट कर मैं आईने में बाल संवारता जा रहा थी कि मेरी नजर अचानक अपने पीछे किसी पर पड़ी। चोली और लहंगे में लिपटी एक छरहरी काया वाली कंटीली कन्या मेरे पीछे चाय की तश्तरी लिए मेरे गठीले बदन को निहार रही थी।
पीछे मुड़ कर देखा तो वो शरमा गई। उसकी कसी हुई चोली और नाभि के नीचे तक कसा हुआ लहंगा वाकई में गजब ढा रहा था।
‘छोटे मालिक, नाश्ता!’ उसने कहा।
‘रख दो! और सुनो, आगे से पूछ कर कमरे में आना!’
‘जी, गलती हो गई!’ उसने कहा और मुड़ कर जाने लगी।
कुछ सोच कर मैंने उसे रोका और कहा- अच्छा, तुम्हारा नाम क्या है?
‘रानी!’ उसने जवाब दिया।
‘हम्म! नाम तो अच्छा है, कब से काम करती हो?’
‘साहब, मैं तो हूँ ही आप लोगों की सेवा के लिए… और बड़े मालिक ने कहा है कि आपका खास ख्याल रखूं.. अगर किसी चीज़ की जरूरत हो तो संकोच मत कीजियेगा…’
सच में, रानी कर भरा-पूरा शरीर देख कर कोई भी संकोच नहीं करना चाहेगा…
‘साहब मैं रात में फिर से आऊँगी!’ कह कर रानी अपने मांसल नितम्बों को सेक्सी अदा से मटकाती हुई कमरे से चल दी।
रानी क्या गई मेरे तन बदन में आग लगा गई… मेरा 8 इंच का लंड एकदम से फनफ़ना उठा… दिल कर रहा था कि उसी समय उसे अपनी बाँहों में दबोच लूँ और उसकी मादक जवानी का रस पी लूँ…
खैर रात होने का इन्तज़ार करने लगा। इतने में मामा जी आ गए और कहने लगे- क्यों भांजे, कैसा लगा हमारा इन्तजाम… कोई कसर तो नहीं रह गई?
‘नहीं मामा जी, सब बहुत बढ़िया है!’
‘और कैसी लगी, तीखी मिर्ची?’ मामा जी ने कहा.
‘जरा संभल कर! शहर की मालों से अलग है, खास तुम्हारे लिए ही है…जी भर के मजे करना…और कोई कसर मत रखना…’
मैं समझ गया कि उस कंटाप को मामा जी ने मेरे लिए ही रखा है…
अब तो मैं भी पूरे जोश में था कि कैसे अपनी प्यास बुझाई जाये और रात का इन्तज़ार करने लगा।
रात का भोजन तो हो गया और मैं अपने कमरे में लौट गया और रानी का इन्तज़ार करने लगा।
नौ बजे के बाद कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला और सजी-धजी रानी मेरे कमरे में आई…
‘साहब आ सकती हूँ?’ उसने आवाज लगाई…
‘आ जाओ,’ मैंने कहा।
वो आई और बिस्तर पर मेरे बगल में बैठ गई… उसने कसी हुई चोली और कमर के बहुत नीचे से लहंगा पहन रखा था, उसके बालों में मोगरे और चमेली की माला सजी हुई थी, माथे पर बिंदी, आँखों में काजल और होंठों में गजब की लाली थी।
मैंने उसके कमर पर हाथ रखा और तुंरत अपनी बाहों में भींच लिया…
‘ज्यादा उतावले मत होईये साहब, रात तो अभी बाकी है और मैं तो आपकी ही हूँ!’ रानी ने कहा।
‘मुझे साहब मत कहो, मनोज कहो!’ मैंने कहा।
वो मेरी बाँहों में लिपट गई और उसके सीने के दो उन्नत उभर मेरे सीने में धँसने लगे।
यूँ तो मैंने शहर में बहुत लड़कियों को चोदा था मगर गाँव की किसी हसीना के साथ ये मेरा पहला मौका था।
मैंने उसके होंठों को अपने होंठों में लिया और धीरे-धीरे चूसने लगा। गजब का स्वाद था! मेरे हाथ उसकी चिकनी पीठ पर फिसल रहे थे और मेरा 8 इंच का लंड धीरे-धीरे अपने शबाब पर आ रहा था। मगर मैं यह पारी बहुत देर तक खेलना चाहता था और उस नशीली रात का पूरा मजा लेना चाहता था, आखिर मुझे उस गाँव की कली को मसल कर जो रख देना था। रानी की कमर पर हाथ डाल कर मैंने उसे पूरा भींच लिया था। रानी भी अपने रसीले होंठों को मेरे होंठों पर घुमा रही थी जैसे कहना चाहती हो कि चूसो और चूसो मेरे रसीले होंठों को!
मेरे हाथ फिसलते हुए उसके मांसल नितम्बों पर जा पहुंचे और मैंने उसके मांसल नितम्बों को कस-कस के दबाना शुरू कर दिया। रानी जैसे पागल हुई जा रही थी। मैंने उसका लहँगा खींच कर सीधे उसकी कमर तक उठा दिया और उसके होंठों को चूसते हुए उसकी चिकनी जाँघों को सहलाना शुरू कर दिया। अब रानी भी पागल हो गई और मेरी कमीज को उतारना शुरू कर दिया। मैंने अपनी कमीज उतार दी और पैंट भी! अब मैं सिर्फ अपनी चड्डी में था और चड्डी में 8 इंच का लंड हिलौरें मार रहा था।
मैंने सीधे रानी को बाँहों में भर और पलंग पर पटक दिया, उसकी चोली को उतारा और उसके उन्नत उरोजों को सहलाना शुरू कर दिया, चुचूकों को मुँह में लिया और धीरे धीरे चूसना शुरू किया। एक चुचूक को चूसता रहा और हाथ से उसकी दूसरी चुची को दबाना शुरू किया.
रानी के मुँह से उह.. उफ़. आह की आवाजें आने लगी और मैं बेहद उत्तेजित हो गया।
मैंने उसकी चुची को और जोर से दबाना शुरू कर दिया। रानी अपनी चिकनी जांघें मेरी जाँघों से रगड़ने लगी और अपनी कमर को मेरी कमर से सटाना शुरू कर दिया। मैंने रानी के मम्मे छोड़े और उसके पेट को सहलाते हुए उसके लहंगे में अपना हाथ घुसा दिया और उसकी चिकनी चूत को अपनी बीच की उंगली से हल्के-हल्के रगड़ना शुरू कर दिया। रानी की तो मस्ती का ठिकाना ही नहीं था..
‘मेरे राजा… मुझे चोदो . जल्दी चोदो… और मत तड़पाओ…’ कहते हुए मुझ पर हावी होने की कोशिश करने लगी.. मगर मेरी मर्दानगी के आगे कहाँ टिक पाती, मैंने फिर से उसके पलंग पर पटक दिया और उसके लहंगे को ऊपर कर, उसकी चड्डी उतार फेंकी.
हाय… उसकी जवान.. कोमल चूत… थोड़ी सी पनिया गई थी…उसकी चूत पूरी तरह साफ़ थी…शायद मेरी लिए ही अपनी कोमल चूत को साफ़ करके आई थी।
मैंने अपनी जीभ से उसकी रसीली चिकनी चूत को चाटना शुरू किया तो रानी जोर से चिल्ला उठी- उफ़ ऽऽ… हाय… मर गई… इतना मत तड़पाओ न राजा… अब डाल दो अपना लंड मेरी बुर में…और मिटा दो इसकी खुजली…
मगर मैं कहाँ मानने वाला था… उसकी चूत को चूसना और चाटना मैंने नहीं छोड़ा… गाँव की छोरी की चूत का स्वाद कुछ अलग ही होता है… करारा…!
मैंने अपनी जीभ को उसकी चूत में और अन्दर तक डाला और उसके रस को पीने लगा.
रानी बार-बार अपने चूतड़ उछाल कर मेरे मुँह पर धकेलती और मैं अपनी जीभ उसकी चूत में और अन्दर तक डालता।
मजा आ गया उसकी चूत का स्वाद ले कर.. ऐसा मजा पहले नहीं आया था.. शहर की लड़कियों की चूत रानी की चूत के सामने कुछ नहीं थी.
बहुत देर तक रानी की चूत का मजा ले कर मैंने सोचा और रानी को अपने मूसल लंड का मजा भी दे दिया जाये…
मैं पलटा और अपने लंड को रानी के मुँह के सामने ले गया… बस फिर क्या था, खूंखार शेरनी की तरह रानी ने फ़ौरन मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी..
मैंने भी अपने लंड को उसके मुँह में पूरा अन्दर तक डाल दिया। रानी बहुत बेकरार थी और मेरे लंड के स्वाद ने उसको और भी बेकरार कर दिया था। वो पूरी तरह पनिया चुकी थी मगर मेरे लंड को बहुत मजे से चूस रही थी।
‘रानी! कैसा लगा मेरा लंड?’
‘मस्त है मेरे राजा! आज तक ऐसा तगड़ा लंड मैंने नहीं चखा है… आज तो लगता है मुझे बहुत मजा आने वाला है!’ रानी ने कहा।
रानी मेरा लंड चूसती जा रही थी और मैं उस एहसास का मजा ले रहा था।
मैंने फैसला कर रखा था कि आज रानी की चूत और गांड दोनों को फाड़ दिया जाये और रानी को ऐसा मजा दिया जाये कि साली सारी जिंदगी याद रखे…
इधर रानी मेरे लंड को अपनी जीभ से सहला रही थी और मैं उसकी गांड को जोर से मसल रहा था… उसकी चूचियों को तो मैं मसल-मसल कर लाल कर ही चुका था, अब बारी उसकी गांड की थी…
बहुत देर तक अपने लंड की चुसवा कर मैंने रानी को पीठ के बल लिटाया और सीधा उसकी केले के तने जैसे चिकनी जाँघों के बीच में आ गया। आज बहुत दिनों के बाद अपने मूसल से लंड को चूत का स्वाद चखाना था। मगर मैं रानी को थोड़ा और तड़पाना चाहता था, मैंने अपना आठ इंच के लंड तो रानी की चूत पर रखा और धीरे धीरे अपने लंड से उसकी पनियायी चूत को रगड़ने लगा..
रानी और भी उत्तेजित हो गई…और मेरी गाण्ड में अपने नाखून गड़ा दिए… मैंने मगर अपना लंड उसकी चूत में नहीं डाला… और फिर से लंड उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा… मैं रानी को और भी गर्म करना चाहता था ताकि उसको रगड़ कर चोद सकूँ… पता नहीं मेरा मूसल सा लंड झेल भी पायेगी या नहीं…
लंड को उसकी चूत में रगरते-रगड़ते मैंने एक झटके से अपना आठ इंच उसके अन्दर डाल दिया…
‘आऽऽऽहऽऽ…’ की जोर से आवाज़ आई और रानी एकदम तिलमिला उठी… मैंने रानी को कस के पकड़ा और अपना लंड पूरा उसकी चूत में डाल दिया। रानी तड़फ़ती रही और मैंने उसको चोदना जारी रखा… सचमुच बहुत मजा आ रहा था।
रानी यूँ तो पहले चुद चुकी थी मगर उसकी चूत एकदम कसी हुई थी और मेरे जैसा मूसल लंड उसमें कभी नहीं गया था… मैंने उसे अपनी बाँहों में जकड़ा और जोर से शॉट मारने लगा… उसकी चिकनी चूत की गर्मी मेरे लंड को और भी मोटा और कड़ बना रही थी.. एक तो कंटाप माल और उसकी कसी चूत… ऊपर से मेरा मूसल सा लंड…फिर दबा कर चुदाई होनी ही थी… मैं चोदता रहा और रानी चिल्लाती रही.
‘इतना जोर से मत चोदो.. मैं मर जाऊँगी… उफ़्फ़ऽऽऽ… आऽऽऽहऽऽ… ऊई…माँ…’ ये सब रानी के मुँह से निकलता रहा और मैं उसको कस-कस कर चोदता रहा… मैंने अपने दांत उसके चुचूकों पर गड़ा दिए और चुदाई चालू रखी…मुझे लगा शायद मेरा लंड पूरा अन्दर नहीं जा रहा है, एक तकिया उसकी गाण्ड के नीचे रखा और फिर शुरू हुई- रगड़म चुदाई…
मैं उसकी चूत के अन्दर तक अपना पूरा लंड पेल रहा था और रानी मजे ले रही थी…
रानी ने मेरी कमर पर नाखूनों के बहुत निशान बना दिए और मेरा लंड उसके चूत में और अन्दर तक जाता रहा…
काफी देर की चुदाई के बाद मैंने आसन बदला और ..रानी को अपने ऊपर ले आया…
ले रानी, अब तू मुझको चोद! देखता हूँ तुझमें कितना दम है…
अब रानी मेरे ऊपर थी… और इस अवस्था में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में एकदम अन्दर तक जा रहा था.. मैंने उसके दोनों झूलते हुए स्तनों को दबाना शुरू किया और रानी मेरे ऊपर अपनी कमर हिला-हिला कर अपनी चूत से मेरे लंड को चोदती रही… मगर इस आसन में रानी को ज्यादा तकलीफ़ हो रही थी.. मैंने फ़ौरन उसकी गाण्ड को अपने हाथों से पकड़ा और जोर से उसकी चूत को अपने लंड पर दबाना शुरू किया… रानी की तो हालत ख़राब होने लगी…
मैंने कहा- क्यों रानी? अभी तो पूरी रात बाकी है! अभी तो मुझे सुबह तक तुझे चोदना है… तेरी कसी चूत और गाण्ड का भोंसड़ा न बना दिया तो कहना…
रानी बस अपनी गाण्ड हिलाती रही और मुझे चूमती रही…
थोड़ी देर बाद मैंने रानी को फिर से पीठ के बल लिटाया और अपना लंड उसकी चूत से निकाल लिया… तुंरत एक दानेदार कण्डोम लिया और अपने लंड महाराज़ को पहना दिया। देखता हूँ अब ये मेरी चुदाई कैसे सहन करती है…
बस जो मैंने उसे चोदना शुरू किया तो पूरा कमरा उसकी सिसकियों से गूंज उठा- उह.. आह .. माँ… मर गई… धीरे चोद… मैं मर जाऊँगी…
मगर मैं कहाँ मानने वाला था… उसे कस कर चोदा.
देर तक मैं उसे चोदता रहा… मगर अब थोड़ा थक गया था… मैंने सोचा थोड़ा आराम करते हैं… फिर रानी की गाण्ड मारेंगे…
मैं कस कर उससे लिपट गया… रानी तब तक तीन बार झड़ चुकी थी… और लम्बी-लम्बी सांसें ले रही थी… मैंने अपना लंड बाहर निकाला तो देखा- कण्डोम फ़ट चुका था.
थोड़ा आराम करने के बाद… मैंने बोरोलीन क्रीम ली, अपने लंड पर और रानी की गाण्ड पर खूब अच्छे से लगाई… रानी को पेट के बल लिटाया और धीरे से अपना लंड उसकी गाण्ड के छेद में टिका दिया… उसकी गाण्ड कुंवारी थी.. पहले कभी नहीं चुदी थी… रानी भी थक कर बेहाल हो चुकी थी पर मेरा विरोध नहीं कर सकती थी.
मैंने धीरे से उसकी गाण्ड में लंड का सुपाड़ा डाला और अन्दर धकेलने की कोशिश करने लगा.. मगर बहुत कसी थी उसकी गाण्ड.. लंड अन्दर जा ही नहीं रहा था… आखिर मेरा सयंम जवाब दे गया… मैंने उसके नितम्बों को पकड़ा और एक झटके में अपना लंड उसकी गाण्ड में घुसा दिया.
उसकी गाण्ड से खून छलक गया… उसकी गाण्ड का छेद फ़ट चुका था… रानी इतनी थक गई थी कि चिल्ला भी नहीं सकती थी.. मगर मुझे परवाह किसकी थी… उसकी कसी गाण्ड में मैंने अपना लंड डालना चालू रखा और पूरा अन्दर तक डाल दिया… फिर धीरे से बाहर निकाला और एक झटके से अन्दर डाला। उसकी गाण्ड को चोदने में मुझे बहुत मजा आ रहा था… एकदम कसी हुई गाण्ड और मेरा मोटा लंड… मैं तब तक उसकी गाण्ड को चोदता रहा जब तक कि वो ढीली नहीं पड़ गई.
रानी एकदम बेदम थी… यही तो मैं चाहता था…
मगर इतनी देर चुदाई के बाद मेरा लंड भी गर्म हो गया था और चूत में झड़ना चाहता था.
मैंने उसके गाण्ड से अपना लंड निकाला और उसे अच्छे से पौंछा…थोड़ा सा तेल लगाया और रानी की चूत में फिर से डाल दिया .. अब रानी एकदम बेसुध थी… मैंने उसकी दोनों टांगों को अपनी कमर से लगाया और उसे बाँहों में भर कर अब धीरे से चोदना शुरू किया…
बस करीब दस मिनट के बाद मैंने अपने वीर्य की पहली बूंद उसकी चूत में टपका दी… फिर तो एक पिचकारी सी छूटी और उसकी चूत को मैंने अपने वीर्य से भर दिया… बहुत सुख का अनुभव हो रहा था… गाँव की एक सेक्सी माल को मैंने इतनी देर तक चोदा… कि वो बेसुध हो गई…मैं रानी को चूमता रहा और अपना वीर्य गिराता रहा.
थोड़ी देर में शान्त होकर मैं रानी के बदन से लिपट गया.. मैं भी थक गया था .. और ऐसे ही अपना लंड रानी की चूत में डाले-डाले सो गया…
सुबह हुई तो पहले मेरी नींद खुली.
मैंने देखा कि रानी वैसे ही बेदम नंगी पड़ी थी और बिस्तर पर थोडा सा खून लगा था… मैं समझ गया यह खून उसकी कोरी गांड की चुदाई के कारण लगा है।
मैं उठा और रानी का एक चुम्मा लिया…मेरा लंड इतनी चुदाई कर के एकदम झन झन कर रहा था. मैंने रानी को कपड़े से ढक दिया और बाथरूम की ओर चल दिया।
अगले हिस्से में.. मामा और रानी की चुदाई का किस्सा बयान करूँगा.
जरूर लिखें कि आपको मेरी और रानी की चुदाई पसंद आई या नहीं! Hindi Porn Stories
यह कहानी एक Antarvasna सत्य घटना पर आधारित है, लेकिन इसके सभी पात्रों के नाम काल्पनिक हैं !
आज सुबह से ही मौसम बहुत रोमान्टिक था। रिम झिम पानी बरस रहा था, मैं इस विचार में था कि आज कैसे अपने आफ़िस पहुँचूंगा। इतने में बारिश बन्द हो गई। हालांकि आफ़िस के लिये अभी बहुत समय था फिर भी मैं निकल पड़ा। आफिस में सफाई चल रही थी। मैं सीधे अपने केबिन में चला गया, और कम्प्यूटर खोल कर मेल चेक किया।
मैंने सोचा कि अब क्या करें, आफिस में कोई था नहीं तो मैं नेट पर पोर्न साइट खोल कर वीडियो क्लिप्स का मजा लेने लगा। देखते देखते मैं इतना उत्तेजित हो गया कि मैं अपना लन्ड पैन्ट के बाहर निकाल कर सहलाने लगा।
मैं अपने में पूरी तरह से मस्त था और मुझे पता ही नही चला कि इसी बीच रश्मि (रिसेप्सिनिट) कब आ कर मेरी इस हरकत को निहार रही है। यह तो तब मुझे पता चला जब रिसेप्शन पर फोन की घन्टी अचानक बजी और उसको अटेन्ड करने के लिये मेरे केबिन की तरफ से भागी।
मैंने तुरन्त नेट बन्द किया और अपने खड़े लन्ड को पैन्ट में किसी तरह डाल कर रश्मि को डरते हुए आवाज लगाई यह जानने के लिये कि उसने मुझे उस हालत में देखा है या नहीं, उसके व्यव्हार से पता चल जायेगा।
मेरे बुलाने पर वह थोड़ी देर के बाद आई और सर झुका कर बोली- यस सर…!
मैंने पूछा- तुम कब आई?
वह थोड़ी सी रुकी, मेरी पैन्ट की तरफ देखा और मुस्करा कर बोली- जब आप कम्प्यूटर पर बहुत व्यस्त थे… सर !
मैं सकपका कर हिम्मत कर के बोला- ओह ! तो तुमने कम्प्यूटर पर सब कुछ देख लिया?
जी… ! आप जो कर रहे थे वह भी मैंने देख लिया !
क्या देखा ? मैंने मुस्कराकर पूछा।
वह बोली- आप का ‘वो’ बहुत सेक्सी है !
‘वो’ क्या? मैंने पूछा।
वह बेशर्मी से बोली- आप का काले तिल वाला लन्ड !
तुम्हें मेरा लन्ड पसन्द है?
तो वह बोली- जी !
मैंने बगैर देरी किये तुरन्त पैन्ट की जिप खोल कर लन्ड को बाहर निकाला जोकि अभी भी खडा़ था, उसको दिखाया और बोला- इसको अपने हाथ से पकड़ो और फिर बताओ कि कैसा है? वह बोली- सर कोई आ जाएगा..!!
मैंने कहा- ठीक है, आज मैं पूरे आफिस की छुट्टी कर देता हूँ !
और मैंने फोन कर के सबको सूचित कर दिया कि आज अधिक बारिश के कारण ऑफ़िस बन्द रहेगा।
फिर मैंने रश्मि से कहा- मुख्य-द्वार को अन्दर से लॉक कर दो !
वह अपनी कंटीली मुस्कुराहट के साथ दरवाज़ा लॉक करने चली गई।
इसके बाद मैंने अपनी पैन्ट को खोल कर थोड़ा नीचे सरकाया ताकि पूरा लन्ड दिखे, जिसको देख कर वह प्रभावित हो जाये और मेरी सालों की हसरत पूरी हो जाये।
खैर मैं अपना लन्ड सहलाने लगा। तभी रश्मि हौले से अपना कदम मेरे केबिन में रखते ही बोली- माई गॉड ! यह तो बहुत लम्बा और मोटा है… सर !
उसने बिना किसी डर के मेरी पैन्ट पूरी उतार दी, मेरा लौड़ा बाहर निकाला और चूसने लगी। मेरा लौड़ा और ज्यादा तन गया। वह ऐसे चूस रही थी जैसे काफी समय से प्यासी हो। मैं भी रश्मि की चूचियों को कुर्ते के ऊपर से ही धीरे-2 दबाने लगा।
उसकी चूचियां काफी बड़ी लग रहीं थी। वह मेरे लंड को बहुत अच्छी तरह से चूस रही थी। मैंने भी उसके मुँह को धीरे-2 चोदना शुरु किया उसको और मजा आने लगा।
अब वह मेरा पूरा का पूरा लौड़ा अपने मुंह में ले रही थी और एक हाथ से मेरे अण्डकोषों और दूसरे हाथ से अपनी चूत को सलवार के ऊपर से सहला रही थी। शायद वह बहुत उत्तेजित हो चुकी थी। यह देख कर मैंने उससे कहा- अब तुम अपने सारे कपड़े उतार दो !
मेरे लंड को अपने मुँह से बाहर निकालते हुए वह बोली- ठीक है सर…! मैं भी यही सोच रही थी !
और खड़ी हो कर वह अपने कपड़े उतारने लगी, मैंने अपने लंड की तरफ देखा, सुपाड़ा फूल कर लाल टमाटर की तरह हो गया था और मेरा लौड़ा रश्मि की चूत में घुसने के लिये पूरे साइज़ में तैयार था ।
इस बीच रश्मि पूरी तरह नंगी हो चुकी थी, क्या गजब की उसकी फीगर थी ! जैसे किसी मूर्तिकार ने बड़े इतमिनान से उसे तराशा हो ! गोरा रंग, सुन्दर बॉब कट घने बाल, तीखे नाक-नक्श, नशीली नीली आँखें, सुराही दार गर्दन, बड़ी-2 ठोस चूचियाँ, पतली कमर, सुडौल उभरे हुए चूतड़, चूत के माथे पर झाँटों की एक बारीक रेखा और उसके बगल में एक काला तिल, जो कि उसकी चूत को और सेक्सी बना रहा था, केले के तने जैसी उसकी जांघें !
कुल मिलाकर वह आकाश से उतरी कामासक्त अप्सरा लग रही थी, जिसका एहसास मुझे आज हुआ …
इससे पहले रश्मि को हमने हमेशा ढीले-ढाले कपड़ों में ही देखा था। मैं कभी सोच नहीं सकता था कि उसका जिस्म इतना खूबसूरत होगा यदि मैंने आज उसे नंगी देखा न होता।
” कहाँ खो गए…सर ?” रश्मि ने धीरे से कहा और मेरा लंड फिर से पकड़ कर सहलाने लगी।
कुछ नहीं ! मैं तो तुम्हारी सुन्दर फीगर और चूत पर काला तिल, देख कर होश खो बैठा…!
वह धीरे से मुस्कराई और बोली- आप के लन्ड के सुपाड़े के ऊपर की खाल पर भी तो काला तिल है जिसको देखते ही मैं जान गई कि आप भी बहुत बड़े चोदू हैं दुनिया की किसी भी लड़की को संतुष्ट कर सकने की क्षमता आप में है सर…
आप भी अपनी शर्ट उतारिए ना !
तुम्हीं उतार दो ना… ! मैंने मुस्कराते हुए कहा।
वो बे-झिझक मेरी शर्ट उतार कर और मेरे खड़े लंड को पकड़े थ्री-सीटर सोफे की तरफ खींचते हुए ले गई और वहाँ मुझे आराम से बैठा दिया और खुद फर्श पर घुटनों के बल बैठ कर मेरा लंड फिर से चूसने लगी।
मैं भी आराम से बैठ कर उसके मुँह को चोदने लगा। कोई 15 मिनट चुसाने के बाद मेरा लण्ड जब झड़ने वाला था तो मैंने रश्मि से कहा कि वो अपना मुँह मेरे लंड से हटा ले ताकि मैं बाहर झड़ सकूँ।
वह बोली- मैं आप का सोमरस पियूँगी !
और लगी कस के चूसने ! और फ़िर मैं एक झटके से उसके मुँह में झड़ गया। उसने मेरा सारा वीर्य बड़े चाव से स्वाद ले कर गटक लिया। रश्मि का ब्लो-जोब इतना खास था कि मेरे जैसा चोदू और अनुभवी आदमी जिसको झड़ने के लिए कम से कम 45 मिनट चाहिए, उसको रश्मि ने मात्र 15 मिनट में ही खलास कर दिया।
मैं बगैर पूछे न रह सका- रश्मि डार्लिंग ! यह बताओ ! आम तौर पर भारतीय नारी वीर्य नहीं पीती है, फिर तुमने मेरा सारा वीर्य क्यों पिया?
उसने अपनी पूरी स्पर्म थैरेपी की बात बतानी शुरू की…
आगे की कहानी दूसरे भाग में ! Antarvasna
मेरे इम्तहान पास आ गए थे अब मैं अपनी पढ़ाई पर Sex Stories ज्यादा ध्यान दे रहा था लेकिन भाभी की याद आ ही जाती थी।
उस दिन जब मैं स्कूल से घर आया तो मेरी मम्मी ने बताया की अगले हफ्ते तुम्हारी मौसी की शादी में जाना है।
तो मैंने कहा- मेरे तो एक्साम्स है मैं कैसे जा सकता हूँ?
तो घर में सभी चिंतित हो गए।
ये सारी बातें भाभी को पता चली तो उन्होंने कहा- अरे इसे मेरे घर छोड़ दीजियेगा, मैं इसे पढ़़ा भी दिया करूंगी।
शनिवार को सब लोग जबल पुर चले गए और मैं अपनी सारी किताबे ले कर भाभी के घर चला आया।
मैंने और भइया ने साथ में ही नाश्ता कर लिया तो भइया ने कहा- चलो मैं तुम्हे स्कूल छोड़ते हुए जाऊँगा.
स्कूल से मैं घर लगभग तीन बजे ही आ गया, भाभी ने दरवाजा खोला, भाभी ने आज सफ़ेद रंग की चूडीदार और काले रंग का कुरता पहन रखा था, आज वो कुछ जादा ही प्रसन्न दिख रही थी, खाना खा कर हम दोनों बेड रूम में आ गए.
भाभी ने छोटू को पहले से ही सुला दिया था।
भाभी ने बताया- मेरे ब्रा की साइज़ बढ़ गयी है.
मैंने हंसते हुए कहा- बंदा इतनी मेहनत कर रहा है तो उसका फल भी मिलेगा।
भाभी ने कहा- आज हम दोनों एक खेल खेलेंगे, मैं तुम्हे एक फ़िल्म दिखाऊँगी, फ़िर हम दोनों सेक्स करेंगे, फ़िल्म देखते समय हम अपने कपड़े उतार देंगे और एक दूसरे को टच नहीं करेंगे.
मैंने कहा- भाभी, ऐसे तो मजा नहीं आयेगा.
तो उसने कहा- तुम तो बस देखते जाओ।
भाभी ने सी डी पर फ़िल्म लगा दी- अरे ये तो कोई सेक्सी फ़िल्म थी.
भाभी ने कहा- हम एक दूसरे के कपड़े उतार देते हैं।
हम दोनों बेड पर ही बैठ कर फ़िल्म देखने लगे।
फ़िल्म में औरत लगभग 40 साल की होगी और 25 साल का लड़का होगा, दोनों बाथ टब में नहा रहे थे, लड़का बाथ टब के किनारे बैठ गया, उस का लंड तना हुआ था, लड़की सोप लगा कर उसके लंड को सहलाने लगी, लड़का तनाव में भरता जा रहा था.
फ़िर लड़का सोप लेकर लड़की की चूत रगड़ने लगा, उसके बूब्स बहुत बड़े बड़े थे, दोनों एक दूसरे के साथ खेलते जा रहे थे, फ़िर दोनों नंगे ही बेड रूम में चले गए.
लड़की बेड पर लेट गयी, लड़का तौलिये से लड़की का बदन सुखाने लगा. उसके बाद वो लड़की के पैरों की ऊँगलियों को अपने होंठों से चाटने लगा, फ़िर वो उसकी चूत पर अपना मुंह लगा दिया। इधर मेरा लंड तनाव से फटने लगा, मैं अपने हाथों से अपने लंड को हिलाने लगा और मने देखा कि भाभी भी अपनी उन्गलियों को अपनी चूत पर रगड़ रही है.
हम दोनों एक दूसरे की जरूरत को समझते हुए पास आ गए. भाभी ने कहा- तुम भी मेरी उन्गलियों को चूसो.
मैं पागलों की तरह भाभी का तलवा चाटने लगा.
भाभी के पैर बहुत सुंदर थे, भाभी मेरे लंड को हिलाती रही.
मैं अब भाभी की जांघो को चूस रहा था इसमे मुझे बहुत मजा आ रहा था। धीरे धीरे मेरे होंठ भाभी की चूत पर पहुँच गए और मैं अमृत का रसास्वादन कराने लगा, भाभी ने मेरे सर को अपने हाथों से पकड़ रखा था, भाभी धीरे धीरे सीत्कार ले रही थी.
अचानक भाभी ने कहा- इकबाल, तुम अपनी जीभ मेरे चूत में घुसाओ! और मेरी चूत में तेजी से घुमाओ.
मैं वैसा ही करने लगा; मेरा लंड तना हुआ था और भाभी ने उसे अपनी जांघों के बीच में दबा रखा था.
मैंने अपने लंड को रगड़ना शुरू कर दिया, भाभी ने कहा इकबाल- तुम मुझे गन्दी बातें कर के सुनाओ.
मैंने कहा- तुम तो मुझे चोदने नहीं दे रही हो, यदि तुम मुझे चोदने दो तो मैं तुम्हारी चूत की इच्छा पूरी कर दूँगा!
भाभी आआः अआः ऊओह, ऊओह की आवाज कर रही थी।
तभी भाभी ने अपनी चूत का पानी छोड़ दिया, मैंने सारा अमृत चाट लिया.
मैं भी अब झड़ने वाला था, भाभी ने कहा- तुम ऊपर आकर मेरे चुन्चियों पर झड़ो!
मैं उनके ऊपर आ गया, भाभी ने मेरे लंड को पकड़ कर मेरा रस पूरी तरह निचोड़ दिया और कहा- तुम इससे मेरी चुन्चियों पर मालिश कर दो.
मैंने उसकी चुन्चियों की मालिश काफी देर तक की.
भाभी ने कहा- अब मुझे बाथरूम जाना है!
मैंने भाभी से कहा- मैं भी आपके साथ चलता हूँ!
भाभी मान गयी, भाभी ने मेरे सामने खड़े हो कर मूतना शुरू कर दिया, मैंने भाभी कि चूत को अपने हाथों से कवर कर लिया. भाभी के गर्म मूत से मुझे बहुत उत्तेजना हो रही थी, मेरा पूरा शरीर रोमांचित था, मैं वहीं पर चूत में अपना लंड घुसाने लगा. मूत मेरे लंड पर होता हुआ मेरी जांघों से बह रहा था.
जब भाभी ने मूतना बंद किया तो मैंने भाभी के ऊपर चूत पर मूतना शुरू किया.
भाभी ने कहा- तुम ऐसे ही मेरी चूत में डाल दो.
मैंने भाभी की चूत में अपना गर्म लंड घुसा दिया, भाभी को बहुत मजा आ रहा था.
कुछ देर बाद भाभी तेजी से अपना चूतड हिलाते हुए कहा- चोदो राजा, चोदो, आज से तुम ही मेरे पति हो!
मैं यह सुन कर और बुरी तरह से चोदते हुए झड़ गया।
भाभी ने कहा- आज बहुत मजा आया।
भाभी ने कहा- आज मैंने चार बार चरम सुख प्राप्त किया।
मैंने भाभी से कहा- चरम सुख क्या होता है?
तो भाभी ने कहा ये वो बाद में बताएंगी। Sex Stories
सभी पाठकों को मेरा प्रणाम, मेरा Antarvasna नाम मोहित है मैं रतलाम में रहता हूँ और अंतर्वासना का नियमित पाठक हूँ।
दोस्तो, यह बात फ़रवरी के महीने की हैं, रतलाम मे मेरी दूर के रिश्ते की मासी के लड़के की शादी थी उसमे मुझे एक भाभी मिली जिसका नाम सोनम था। बात करने पर पता चला कि वो दूर के किसी रिश्ते मे मेरी भाभी लगती है। उसका रंग सांवला था हाइट करीब 5’5′ होगी दिखने में एक दम सेक्सी थी उसका फिगर 34-28-32 का था।
मैंने गौर किया कि वो सुबह से ही मुझमें रुचि ले रही है। साथ में घूमना, खाना, इधर उधर की बातें करना।
दिन की बात है वो मुझे घूर रही थी, तभी अचानक मैंने उनसे कहा- भाभी देखते हैं कौन बाद में पलक झपकता है!
तो उन्होंने अपनी आँखे बंद कर ली तो मैंने कहा- लो आप तो हार गयी लाओ मेरा इनाम!
तो उसने कहा- माँग लो आपको जो भी माँगना हो!
उसकी इस बात से मेरा नज़रिया थोड़ा बदल गया लेकिन मेरी हिम्मत नहीं हुई, मैंने उनसे कहा- रहने दो आप नहीं दे पाओगी!
मेरा ऐसा कहने पर उसने कहा- मुझे पता है आपको क्या चाहिए!
मैंने कहा- क्या?
तो वो बोली- आपको किस चाहिए ना!
उसके मुख से ऐसी बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया और मैंने उसे अपनी बाहों में लेकर किस कर दिया। उसने मेरा पूरा साथ दिया लेकिन तभी कमरे का दरवाजा बजा और हम अलग हो गये, लेकिन अब हमारी तड़फ़ बढ़ने लगी थी । फिर शाम को रिसेपशन के समय उसने लाल रंग का लांचा पहना था। वो बहुत सेक्सी लग रही थी।
उन्होंने मुझसे कहा- आज से मैं आपकी भाभी नहीं बीबी हूँ, आप मुझे जैसे चाहो खा सकते हो!
फिर हमने जल्दी जल्दी खाना खाया और मेरे दोस्त की गाड़ी लेकर हम घूमने चले गये और फिर एक होटेल में मैंने उसे 5 बार अलग अलग तरीके से चोदा।
फ़िर उस रात मेरे एक दोस्त की बाइक लेकर मैं और सोनम शादी में से निकल गए। उसने मुझे पीछे से पकड़ रखा था और जब हम थोडी सुनसान जगह पहुंचे तो उसने उसका हाथ मेरे शर्ट के अन्दर डाल दिया, उसके स्पर्श से मेरे तन में गर्मी आ गई और मैं उसे एक होटल में ले गया।
होटल में मैंने एक कमरा बुक करना चाहा तो मैनेजर ने कहा- सर, मेडम! नॉन एसी रूम चलेगा?
मैंने कहा- ठीक है!
उसने होटल में 17 नम्बर का कमरा खुलवा दिया और हम दोनों कमरे में आ गए। मैंने कमरे में आते ही सोनम को कहा- सोनम आज मैं तुम्हें अपना बना के रहूँगा!
तो उसने कहा- आप की जो मर्जी हो वैसा करो लेकिन में आपसे बहुत प्यार करती हूँ इसलिए मुझे भी आप अपना पूरा प्यार देना!
उसकी इस बात ने मेरी वासना को और भड़का दिया, मैंने उसका लांचा खोल दिया और वो मुझसे लिपट गई।
मैंने भी कुरता पहना था, उसने उसे खोल दिया, फिर उसने मुझे बेड पर बिठा दिया और कहा- मोहित! आज हमारी सुहाग रात है!
मैंने कहा- जानेमन आ जाओ! तुम्हें अपने प्यार का स्वाद चखाता हूँ!
फ़िर हम दोनों एक दूसरे को पागलों जैसे किस करने लगे। उसने अपना हाथ मेरे पजामे में डाल दिया, मेरा लंड जो खड़ा था, उसने उसे पकड़ लिया और मेरे सुपाड़े की चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगी। मेरी हालत ख़राब हो रही थी। लग रहा था मानो मेरा लंड फट जाएगा।
फ़िर मैंने उसके स्तन मसलने चालू कर दिए और कुछ ही समय में हम दोनों प्राकृतिक अवस्था में थे। सोनम ने कमरे की लाईट बंद कर दी और मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी।
2 या 3 मिनट ही हुए थे और मैं उसके मुँह में ही झड़ गया.
उसने कहा- मोहित! आपका टेस्ट कितना अच्छा है! क्या आप मुझे नहीं चखोगे?
मैंने उसके बूब्स को मुँह में लेकर चूसना चालू किया और कुछ ही देर में मैं उसकी चूत पर था। उसकी चूत पर छोटे छोटे बाल बड़े सेक्सी लग रहे थे।
मैंने उसकी चूत को चाटना चालू किया तो उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी और वो मेरा सर पकड़ कर अपने चूतड़ उठा उठा कर अपनी चूत चटवा रही थी और अचानक उसने मेरा मुँह हटा दिया और कहा- अब आप मुझे खा जाओ!
उसके इन शब्दों ने मुझे पागल बना दिया और मैंने एक सेकंड में अपना लंड उसकी चूत पर रख कर धक्का लगाया..
वो इसके लिए तैयार नहीं थी और अचानक ऐसा होने से वो एक दम डर सी गई और अगले ही झटके में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में था।
दोस्तों उसकी चूत इतनी टाइट नहीं थी जितनी मेरी गर्ल फ्रेंड की थी।
और इसी तरह मैंने उससे 2-3 अलग अलग आसनों में चोदा और हम दोनों झड़ गए…
ऐसे 3 दौर पूरी रात चले और फिर हम एक दूसरे को बाहों में जकड़ के सो गए..
सुबह वो उठी और रोने लगी।
मैंने पूछा- सोनम! क्या हुआ?
तो वो मेरे गले लग के बोली कि मोहित! शायद हमने अच्छा नही किया… मैं शादी शुदा हूँ और मैंने ये सब…बस वो ये बोल ही रही थी कि मैंने उसके होठों पर अपने होठ रख दिए और किस करने लगा..
और उससे कहा- सोनम! इस जन्म में ना सही पर अगले जन्म में मैं तुम्हारा ही रहूँगा .. मेरे मुँह से ऐसी बात सुन कर वो खुश हो गई और फिर हम दोनों होटल से शादी की धर्मशाला आ गए…
उसके बाद आज तक वो मुझे नहीं मिली.
लेकिन एक बात तो अभी कहना चाहता हूँ कि भाभी को चोदने में जितना मज़ा आता है उतना तो गर्ल फ्रेंड को चोदने में भी नहीं आता!
पर दोस्तो, आप के ईमेल तो मिलना चाहिए इसलिए मुझे मेल करें… Antarvasna
स्टेप मदर Xxx कहानी में मैंने अपने पापा की दूसरी बीवी के साथ सेक्स किया. वे अलग अलग ड्रेस पहन कर मुझे अपना जिस्म दिखाया करती थी. मैंने उनकी चूत मारी और फिर गांड भी मारी.
दोस्तो, मेरा नाम हरीश है और मैं 19 साल का हूँ.
मैं एक धनी परिवार से हूँ. मेरे परिवार में मेरे डैड की उम्र 47 साल की है और मेरी बहन की उम्र 22 की है. मेरी मॉम की उम्र 32 साल की है.
ये मेरी सौतेली मॉम हैं. डैड ने मेरी सगी मां के मर जाने के बाद दूसरी शादी की थी.
ये बड़ा अजीब सा किस्सा है कि मेरी सौतेली मॉम की भी ये दूसरी शादी थी.
उनकी पहली शादी के एक हफ्ते बाद ही एक भूकंप त्रासदी में उनके पति और सभी ससुराली जनों की मृत्यु हो गई थी.
उस त्रासदी में मॉम और उनके पति की पहली बीवी से पैदा हुई लड़की ही बची थी, जिसको डैड ने मॉम से शादी के समय गोद ले लिया था और उसे अपनी बेटी मान लिया था.
वह लड़की अब मेरी बहन बन गई थी लेकिन मुझे वह एक माल ही लगती थी.
मॉम एक मॉडर्न फैमिली से थीं और वे दिखने में अभी भी 27 साल की लड़की जैसी लगती हैं.
उनकी चाल देखो तो किसी बूढ़े को भी मदहोशी चढ़ जाए. उनके बूब्स 32 इंच के हैं और गांड ऐसी उठी हुई कि देखते ही लंड से पानी निकल जाए. बलखाती कमर और नशीले बदन एक पॉर्न एक्ट्रेस से कम नहीं हैं.
सनी लियोनी तो मॉम के सामने नौकरानी सी लगे.
मेरी मॉम घर पर नाइट गाउन में रहती हैं.
यह स्टेप मदर Xxx कहानी इन्हीं सेक्सी मॅाम की है.
मेरी मॉम हम दोनों बहन भाई को पूरी आजादी देती हैं.
हालांकि मेरी दीदी अभी बाहर एक टाउन में रहती हैं और पापा बिजनेस के सिलसिले में आउट ऑफ टाउन रहते हैं.
घर में मॉम के साथ मैं ही रहता हूँ. वे मुझसे काफी फ़्रेंडली रहती हैं.
यह बात कुछ समय पहले की है, जब मैं जवानी की दहलीज पर कदम रख चुका का था.
मेरे बोर्ड के पेपर खत्म हुए थे, पापा और दीदी बाहर गए थे.
मॉम और मैं घर पर अकेले ही थे.
उस दिन रोज की तरह मॉम और मैं खाना खाने बैठ रहे थे.
मॉम खाना लेकर टेबल पर लगाने आईं तो मैंने मॉम को एक नए गाउन में देखा.
मैं मॉम को देखता ही रह गया.
मॉम बोलीं- क्या हुआ … ऐसा क्या देख रहा है?
तो मैं बोला- मॉम आज तो आप इस गाउन में बहुत हॉट लग रही हो!
तो मॉम बोलीं- हां, ये कल ही तेरे पापा ने दिया था. मगर वे बिना देखे ही चले गए. तुम आज एक काम करना, मेरे कमरे में मेरे साथ ही सो जाना.
ये सुनकर मैं खुश हो गया और सोचने लगा कि मॉम को कैसे चोदूं!
मगर कुछ हुआ ही नहीं.
मैं चुपचाप मुठ मारकर सो गया.
अगले दिन मॉम ने ब्लैक कलर का गाउन पहना था.
वे कमरे से बाहर आईं तो उन्हें देख कर मेरा हाल बेहाल हो गया.
मैंने सोचा कि आज तो इन्हें कैसे भी करके चोद कर ही रहूँगा.
मैं अपने कमरे में जाकर मोबाइल पर मॉम आंड सन सेक्स वाली वीडियो देखने लगा.
उसमें एक लड़का अपनी मां को नींद की गोली देकर चोद रहा था.
मैंने सोचा कि मैं भी ऐसा ही करता हूँ.
मैं मेडिकल स्टोर जाकर नींद की गोली लेकर आया. मुझे उसे दूध में डाल कर देना था. मगर दिक्कत ये थी कि मॉम दूध पीना पसंद नहीं करती थीं.
मैं गोली लेकर घर आया, तो मॉम ने बोला- तू कहां गया था?
मैंने कहा- मैं एक कैंप में गया था, जहां हमें रात में सोते समय हल्दी मिला दूध पीने को बोला है. उससे बड़े फायदे हैं.
मॉम को हल्दी वाले दूध पीने के फायदे बताए तो वे भी हल्दी वाला दूध पीने के लिए कहने लगीं.
मॉम ने कहा कि मैं भी आज से रात में दूध पिऊँगी.
मैंने ओके कह दिया और रात होने का इंतजार करने लगा.
तब तक मैंने बहुत सारी सेक्स वीडियो देखीं.
फिर रात में मैंने और मॉम ने खाना खाया. उसी समय मैंने मॉम को दूध में हल्दी और नींद की गोली डालकर दे दिया और मॉम दूध पीकर सोने चली गईं.
कुछ देर बाद मैं भी रूम में आया तो मॉम सोई हुई थीं.
मैं उनको ब्लैक गाउन में देखता ही रह गया. उनको देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनके करीब जाकर उन्हें दो बार हिलाया.
वे कुछ नहीं बोलीं, तो मैं समझ गया कि अब सब मेरा ही है.
मैंने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और नंगा हो गया. मेरा लंड एकदम खड़ा था.
अब मैं मॉम के कपड़े निकालने लगा. उन्होंने सामने से खुलने वाली नाइटी पहनी हुई थी.
वह डोरी से बंधी थी.
पहले मैंने उन्हें किस किया, फिर उनकी नाइटी को खोल दिया.
सामने मॉम ब्रा पैंटी में लेटी थीं. उन्होंने ब्लैक कलर की ब्रा और पैंटी पहनी हुई थी.
मस्त माल देख कर मुझसे रहा नहीं गया.
मैंने उनकी ब्रा और पैंटी भी निकाल दी और मैं उनके बूब्स चूसने लगा.
कुछ मिनट तक बूब्स चूसने के बाद मैं उनके लिप्स को किस करने लगा अब मैं उनकी चूत पर आया.
मॉम की चूत पूरी सफाचट थी. मैं मॅाम की चूत चाटने लगा.
मेरा लंड पूरा खड़ा था और वो भी एकदम लोहे सा कड़ा हो गया था.
मेरा लंड किसी रॉड की तरह हिल रहा था.
मैंने अपना लंड मॉम की चूत पर सैट किया और पेलना शुरू किया, धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा.
थोड़ी देर बाद मेरा पूरा लंड मॉम की चूत के अन्दर चला गया था.
मैं ज़ोर ज़ोर से धक्का देने लगा.
मुझे मॉम को चोदते चोदते काफी समय हो गया था और मेरा माल निकलने वाला था.
मैंने अपना माल उनके अन्दर ही छोड़ दिया और लंड अन्दर ही रख कर उनके ऊपर ही लेटा रहा.
फिर मैंने उनकी चूत साफ की और उनको सारे कपड़े पहनाए.
मैंने भी कपड़े पहने और उनके साइड में सो गया.
सो जाने के बाद मुझे इस बात का अहसास ही नहीं हुआ था कि मॉम जागी हुई थीं और वे मेरे लंड से खेल रही थीं.
सुबह मैं और मॉम देरी से उठे.
मॉम बोलने लगीं- मेरी कमर दर्द दे रही है, मालूम नहीं क्यों? आज तुम खाना ऑर्डर कर लो.
मैंने खाना ऑर्डर किया.
खाना आते ही हम दोनों खाने की बात करने लगे.
मॉम ने कहा- मैं नहा कर आती हूँ फिर साथ में खाना खाएंगे.
मैंने ओके कह दिया.
फिर मॉम नहा कर खाना खाने आईं तो उन्होंने एक नया वन पीस पहना हुआ था जिसमें से उनकी गांड बहुत बाहर को निकली हुई दिख रही थी.
तब मैं सोचने लगा कि रात में मुझे उनकी गांड भी मार लेनी थी.
मैं फिर से रात का इंतजार करने लगा.
रात में मॉम को दूध पिलाया और उनके सोने के बाद मैंने अपना का चालू किया, मॉम के कपड़े निकाले और उनको ब्रा पैंटी में करके चूमने लगा.
मैंने उनकी पैंटी निकाली और ब्रा हटा कर उनके बूब्स को दबाने लगा.
कुछ देर बाद मैंने मॉम को करवट दिलाई और उनकी एक टांग मोड़ कर गांड मारने की पोजीशन बना ली.
अब उनकी गांड मारने लायक दिख रही थी.
मैंने मॉम की गांड के छेद पर थूक लगाया और लंड टिका दिया.
उनकी गांड काफी ढीली थी तो मेरा लंड गांड में आसानी से चला गया और मैं मॉम की गांड मारने लगा.
कुछ देर बाद मैंने अपना पानी उनकी गांड में ही छोड़ दिया और कपड़े पहनकर सो गया.
अगली सुबह मॉम मुझसे कहने लगीं- रात में कोई मुझे टच कर रहा था. क्या तू कर रहा था?
मैं डर गया और कहने लगा- मॉम वो मैं ही था.
मॉम हंसने लगीं और बोलीं- मुझे सब मालूम है कि तू ही था. अब तू अपने मुँह से सब बताएगा या मैं ही बताऊँ?
मॉम को हँसते देख कर मेरी फटी हुई गांड वापस मजबूत हो गई और मैंने उन्हें पिछली दो रातों का सारा वाकिया बता दिया कि मैंने ही रात में आपकी गांड और चूत चोदी थीं.
मॉम हंस कर बोलने लगी- अच्छा इसलिए मुझे सुबह इतना दर्द होता है!
मैं बोला- मॉम मुझे आप इतनी हॉट लगती हो कि मुझसे रहा नहीं गया … सॉरी मॉम!
मॉम बोलने लगीं कि चल कोई बात नहीं. आ जा … आज तू मुझे जागते हुए में चोद. मैं भी देखती हूँ कि तू मुझे कैसे चोदता है.
ये कह कर मॉम ने अपने सारे कपड़े निकाल दिए और मैंने भी.
मॉम मेरे लंड को देखकर बोलने लगीं- तुम्हारा लंड तो तुम्हारे पापा से भी बड़ा है.
वे मेरे लंड को चूसने लगीं.
फिर मैंने वासना से भर कर मॉम को गाली देते हुए कहा- आह चूस रंडी … आज से मैं तेरा पति हूँ. चूस अपने नए पति का लंड.
वे भी किसी रांड की भाषा में बोलीं- हां मेरे नए पति देव … मुझे रांड बना कर चोदो.
मॅाम 69 में आ गईं और लंड चूसने लगीं.
मैं उनकी चूत चाटने लगा.
वे बोलीं- तेरे पापा ने अभी तक मेरी चूत नहीं चाटी … लेकिन तू तो बहुत बड़ा चोदूलाल है. आज से हर दिन तू मुझे चोदेगा और मेरी चूत चाटेगा!
मैंने हां कर दिया और कुछ देर बाद अपना लंड उनकी चूत पर रख कर अन्दर पेला.
तो वे चिल्लाने लगीं और कामुक आवाजें निकालने लगीं- आह आह … उन्न मजा आ गया … आह चोद साले चोद डाल अपनी नयी रांड को … आह!
अब मॉम झड़ चुकी थीं. मैं भी झड़ने वाला था.
वे बोलीं- मेरी चूत में ही रस छोड़ दे. मैं प्रेग्नेंट हो जाऊँगी.
मैंने कहा- हां तू मेरे बच्चे की मां बनेगी साली रांड.
ये कहते हुए मैं मॉम की चूत में झड़ गया.
कुछ देर बाद मैंने कहा- मैं तेरी गांड मारूँगा.
वे बोलीं- नहीं उधर मुझे दर्द होगा.
मैं बोला- अरे कल रात को ही मैंने तेरी गांड मारी थी, बड़ा मजा आया था.
वे हंसने लगीं.
मैंने अपना लंड मॉम की गांड में डाला और ज़ोर ज़ोर के शॉट मारने लगा.
वे चिल्लाने लगीं कि साले तू बहुत बड़ा चुदक्कड़ है रे … तेरे लंड से बड़ा मज़ा आ रहा है.
उसके बाद मैं मॉम की गांड में ही झड़ गया और उनके साथ नंगा ही लिपट कर सो गया.
कुछ दिन तक मैं ऐसे ही मॉम को चोदता रहा.
वे मुझसे चुदवाने के लिए रोज नए और सेक्सी कपड़े पहनकर आती थीं.
एक दो हफ्ते तक चुदवाने के बाद मॉम की माहवारी रुक गई और प्रेग्नेंट हो गईं.
मम्मी ने पापा को बताया कि मैं पेट से हो गई हूँ.
पापा भी बीच बीच में मम्मी को चोद कर जाते थे.
पापा खुश हो गए और मॉम को बधाई देने लगे.
फिर बाद में मम्मी मुझसे बोलने लगीं कि आप मेरे पति हो. वे मेरे पैर छूकर कहने लगीं आप बाप बनने वाले हो.
मैं उन्हें सीने से लगाते हुए बोला कि मुझे भी कुछ चाहिए.
वे बोलीं- क्या?
मैंने कहा- मुझे तुम्हारी बेटी की चूत चोदनी है मतलब अपनी बहन को.
वे हंस कर बोलीं- वो तो मैं सोच ही रही थी कि अब तक क्यों रुके हो … चलो ठीक है. बोलो उसकी कब लेनी है?
मैंने कहा- वह भी तेरी तरह ही चुदेगी ना!
मॉम ने हां कहते हुए बताया कि वह खुद तुझसे चुदने को मचल रही है.
उसके बाद मॉम ने चुदवाना बंद कर दिया था क्योंकि वो प्रेग्नेंट थीं तब उन्होंने मेरी बहन को मुझसे चुदवाया.
बाद में मॉम ने एक लड़की को जन्म दिया और जब मम्मी फिर से सामान्य हो गईं तो मैंने मॉम और दीदी को एक साथ चोदा.
वो सेक्स कहानी मैं बाद में लिखूँगा.
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