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Massage Girl in Hoshiarpur: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Hoshiarpur who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Hoshiarpur that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Hoshiarpur massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Hoshiarpur who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Hoshiarpur massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Hoshiarpur massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Hoshiarpur who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Hoshiarpur employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Hoshiarpur helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Hoshiarpur

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Hoshiarpur at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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हेल्लो दोस्तो! Hindi Sex Stories

मेरा नाम सुरेश है और मैं बहादुरगढ़ Hindi Sex Stories में रहता हूँ। मैंने अब तक की अंतर्वासना की सारी कहानियाँ पढ़ी हैं। आज मैं भी पहली बार आप सब को अपनी एक सच्ची कहानी बताने जा रहा हूँ। हमारे सामने वाले घर में एक परिवार रहता है, पति पत्नी और उनके 3 बच्चे।
सॉरी दोस्तो! मैं अपने बारे में तो बताना भूल ही गया।

मैं 27 साल का 6 फ़ीट लंबा और ठीकठाक दिखने वाला लड़का हूं और मेरा लण्ड 9″ लंबा और 3″ मोटा है।

घर के सामने वाली आंटी का नाम रिया है। वैसे वो ज्यादा उमर की नहीं है, 37 या 38 की है। दिखने में वो थोड़ी मोटी है। उनका फिगर 38-38-40 है। मैं अक्सर उनके घर जाने के बहाने ढूंढता रहता हूं. क्योंकि मैं आंटी को बहुत पसंद करता हूँ।

उन के पति का प्रोपर्टी का काम करते हैं और वो ज्यादातर घर पे लेट आते हैं, हमेशा नशे में रहते हैं और कई बार तो आंटी की पिटाई भी करते हैं। जब वो आंटी को मारते हैं तो मेरा दिल करता है कि मैं उनकी जम के पिटाई करूँ।

एक दिन अंकल ने आंटी की जम के पिटाई की। अगले दिन जब अंकल घर से चले गए तो मैं उन के घर गया। आंटी लेटी हुई थी। वो हमेशा सलवार-कमीज़ पहनती हैं। जब मैं वह पहुँचा तो उनकी आँखे बंद थी और उन का कमीज़ उनके पेट के उपर तक उठा हुआ था। मैं वहाँ खड़ा थोड़ी देर तक उनको देखता रहा। थोड़ी देर बाद जब वो थोड़ा हिली तो मुझे उनकी कमर पर कुछ निशान दिखे। तब तक आंटी ने भी मुझे देख लिया था कि मैं उनको घूर रहा हूँ। उन्होंने झट से अपना कमीज़ नीचे कर लिया और पूछा- तुम कब आए?

मैंने कहा- बस थोडी देर हुई है, आप सो रही थी तो मैंने आप को उठाया नहीं, क्योंकि मैंने कल रात भी आप के घर से झगड़े की आवाजें सुनी थी।

यह बात सुन कर आंटी ने अपना सर नीचे कर लिया। फ़िर मैंने कहा- मैंने अभी आप की पीठ पर कुछ निशान देखे हैं।
तो वो खड़ी हो गई और बोली- कुछ नहीं है, वो तो बचपन से ही हैं।
तो मैंने पूछा- कैसे लगे थे?

तो वो थोड़ा सोचने लगी।
तभी मैं बोला- ये बचपन के नहीं, कल रात के हैं।
उन्होंने फ़िर से कहा- नहीं बचपन के हैं!
मैंने कहा- दिखाओ, मैं देखना चाहता हूँ कि कब के हैं!

तो वो मना करने लगी, मैंने जबरदस्ती उनको पकड़ कर दूसरी तरफ़ घुमा दिया और उनका कमीज़ ऊपर उठाने लगा, वो मना करने लगी पर मैं कहा मानने वाला था बिना देखे!!

जब मैंने देखा तो अंकल ने उन्हें अपनी बैल्ट से मारा था।
मैंने पूछा- ये बैल्ट के हैं?

तो वो रोने लगी और मेरे गले लग गई। मुझे आंटी पर दया आ रही थी और अच्छा भी लग रहा था कि जिसे मैं इतने दिनों से अपनी बाहों में लेना चाहता था वो आज मेरी बाहों में थी चाहे किसी भी कारण से!

फ़िर मैंने आंटी को सोफे पर बिठाया और पूछा- यह क्यों हुआ?

तो वो और ज्यादा रोने लगी। मैं उनके पास बैठ गया और उनके चेहरे को पकड़ कर पूछने लगा तो वो बोली- क्या बताऊँ, यह तो रोज का काम है!
मैंने पूछा- बात क्या है?
तो वो बोली- मैं यह बात तुम्हें कैसे बताऊँ?
तो मैंने कहा- आप मेरे ऊपर विश्वास कर सकती हो!

तो वो बोली- मैं तुम पे विश्वास करती हूँ पर कैसे बताऊँ! मैंने ज्यादा जोर दिया तो वो बताने के लिए तैयार हो गई। वो कहने लगी- तेरे अंकल हर रोज रात को लेट आते हैं, नशे में होते है और वो रात में मेरी चुदाई करते हैं और जल्दी ही झड़ जाते है। जब मैं उन को यह कहती हूँ कि इतनी जल्दी हो गया तो मेरी पिटाई करते हैं। न तो वो मेरा पूरा करवाते हैं और ऊपर से पिटाई भी करते हैं। अब तुम ही बताओ मैं क्या करूँ?

और वो फ़िर से रोने लगी। मैंने उन को गले से लगा लिया और कहा- आंटी अगर आप गुस्सा न करें तो इस काम में मैं आप की मदद कर सकता हूँ!

वो मेरे सीने से लगी लगी पूछने लगी- किस काम में?
तो मैंने कहा- जो अंकल नहीं कर पाते! फ़िर आप की पिटाई भी नहीं होगी!
आंटी ने मेरे गले से लगे लगे ही कहा- तुम तो मेरे से बहुत छोटे हो!

मैंने कहा- तो क्या हुआ! मैं आपको बहुत पसंद करता हूँ। आंटी की पकड़ धीरे धीरे टाइट होती जा रही थी। मैंने भी आंटी की कमर पे हाथ घुमाना शुरु कर दिया था, उनको भी मजा आने लगा था, मेरी लाइन साफ़ थी। मैंने आंटी के चेहरे को हाथों में पकड़ लिया, आंटी ने आँखे बंद कर ली थी, मैंने अपने होंठ उनके मुलायम होठों पर रख दिए। आंटी ने मुझे कस के पकड़ लिया और मेरी किस का पूरा जवाब देने लगी।

मैं आंटी के कूल्हों को पकड़ कर दबाने लगा। फ़िर आंटी को सोफे पे लिटा कर उनके ऊपर लेट गया और उनके दोनों स्तनों को दबाने लगा। आंटी पूरी तरह मस्त हो गई थी। मैं आंटी को 20 मिनिट तक किस करता रहा। उसके बाद आंटी ने कहा- मैं दरवाजा बंद करके आती हूँ, कोई आ गया तो?

आंटी दरवाजा बंद कर के जैसे ही वापस आई, मैं एक बार फ़िर से उन पे टूट पड़ा और उनके सारे कपड़े निकाल दिए। उन्होंने भी मेरे सारे कपड़े निकाल दिए। आंटी मेरे लण्ड को देख कर एकदम बोली- इतना बड़ा लण्ड!!

मैंने कहा- आंटी! ज्यादा बड़ा थोड़े ही है! सारा का सारा तुम्हारी चूत में आ जाएगा!!
तो वो बोली- आराम से करना! नहीं तो मैं मर जांऊगी, बहुत दर्द होगा।

हम दोनों बेड पर लेट गए और फ़िर से किस करने लगे। आंटी मेरे हथियार से खेल रही थी ओर मैं अपनी ऊँगली से उनको चोद रहा था और एक हाथ से उनकी चूची दबा रहा था और किस कर रहा था। आंटी की चूत पूरी गीली हो चुकी थी। अब मैं उनकी चूची चूस रहा था और वो जोर जोर से मेरा लण्ड हिला रही थी। थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरा लण्ड मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मुझे बड़ा मजा आ रहा था।

5 मिनट लण्ड चूसने के बाद वो बोली- बस अब नहीं रहा जाता, जल्दी से अंदर डाल दो!

तो मैं उन की टांगो के बीच में आ गया और उन के उपर लेट गया और किस करने लगा। तो आंटी ने अपने पैरों से मेरी कमर को जकड़ लिया और मेरा लण्ड पकड़ कर अपनी चूत में डाल लिया। मैंने एक जोर को धक्का दिया और आधे से ज्यादा लण्ड उनकी चूत में घुस गया और उन के मुँह से आह निकल गई।

वो बोली- थोड़ा धीरे!
पर मैं कहा सुनने वाला था, मैंने एक और धक्का मारा और पूरा लण्ड आंटी की चूत में चला गया। उन्होंने मुझे जोर से पकड़ लिया.और कहा कि थोड़ा रुक जाओ।

मैंने उनकी एक न सुनी और धक्के पे धक्के मारने लगा। थोड़ी देर बाद वो भी चुदाई का पूरा आनंद लेने लगी।
थोड़ी देर बाद वो बोली- जल्दी जल्दी करो! मैं झड़ने वाली हूँ!

तो मैंने अपने स्पीड बढ़ा दी और आंटी झड़ गई। वो बहुत खुश लग रही थी। फ़िर मैंने अपना लण्ड निकाल लिया और आंटी को कुतिया वाले स्टाइल में आने को कहा, तो वो बेड के किनारे पे झुक गई कुतिया की तरह।

अब मैं आंटी के पीछे से डाल रहा था और वो भी आगे पीछे हो रही थी। मैंने अपनी ऊँगली उनकी गांड में डाल दी तो वो बोली- यहाँ कुछ नहीं करना!

लगभग 15 मिनट बाद मैंने आंटी की चूत में अंदर तक डाल कर अपना सारा माल उनकी चूत में डाल दिया। उस दौरान आंटी भी दो बार झड़ चुकी थी। मैं आंटी को वैसे ही उलटी लेटा कर उन के उपर लेट गया बिना अपना लण्ड निकाले। मैं 15 मिनट तक आंटी के ऊपर लेटा रहा। फ़िर मुझे लगा कि मेरा हथियार फ़िर से खड़ा हो रहा है।

मैं आंटी के उपर से उठा तो वो मेरे लण्ड को देख के बोली- यह तो फ़िर से तयार हो रहा है! आज के लिए इतना ही बस, बाकी कल!

मैंने कहा- बस एक बार और!

पहले तो आँटी मना करती रही फ़िर वो मान गई। फ़िर हमने मजे किए। मैंने आंटी की गांड भी मारी। बाद में हमने क्या क्या किया यह मैं अगली कहानी में बताऊंगा। आपको यह कहानी कैसी लगी, जरुर बताना!
मैं कॉल बॉय टाइप लड़का बनाना चाहता हूँ। Hindi Sex Stories

Hindi Sex Stories

 अधिकांश में पाठकों ने मुझे Hindi Sex Stories लड़की मानकर चोदने की इच्छा तक जाहिर कर दी। यहाँ मैं यह बता दूँ कि “मैं लड़की नहीं हूँ !” और मैंने वे कहानियाँ सीमा की तरफ़ से उसी के शब्दों में पेश की थी। आज मैं उसी कहानी को आगे बढ़ा रहा हूँ।

गुरू के घर पे उस दिन सीमा की जो कमर-तोड़ चुदाई हुई, उससे उसका रोम-रोम दर्द करने लगा। दूसरे राउंड में जब उन्होंने अपने लौड़े उसके मुँह में खाली किये तो वह निढाल हो चुकी थी और काफ़ी देर तक तो वह उठ ही नहीं पाई, ऐसे ही नंगी पड़ी रही। उनका वीर्य उसके मुँह से नीचे टपक रहा था और उसकी चूत भी रिस रही थी।
उन्होंने उसे उठाया और बाथरूम में ले जाकर कुल्ला कराया और अपने लौड़े भी धोकर उसे अपने बीच में लिटा लिया। फ़िर कुछ देर अच्छी तरह से सहलाया तो वह कुछ होश में आई। तीन बजे के करीब उसे घर छोड़ गये। जब वह घर पहुँची तो लड़खड़ा रही थी। उसने जैसे तैसे कपड़े बदले और नाइटी में अपने बिस्तर पे जा पड़ी। मैं भी पहुँच गया।

क्या हुआ … ?

राजन और रमेश ने मुझे पूरी तरह से खोल कर बता तो दिया ही था और मुझसे कुछ भी छुपा नहीं था।

कुछ नहीं … बहुत थक गई हूँ … उसने आँखें बन्द कर लीं। मैं उसके सर पर हाथ फ़ेरने लगा।

ज्यादा हो गया क्या …

हाँ यार ! गुरुबचन और अकील अंकल ने दो-दो बार चोदा … …

तू इतनी कमजोर हो गई क्या … राजन व रमेश ने भी तो एक साथ ही चोदा था … … मैंने सर दबाते हुए कहा।

अरे वे तो इनके सामने बच्चे हैं … ये दोनों तो … हे भगवान! मार ही डाला …

इस उमर में भी … …

यार पैरों में दर्द हो रहा है … मालिश कर देगा क्या …

हाँ अभी लाया … और जब मैं तेल लेकर आया तो … उसने नाइटी ऊपर कर ली। वह पैंटी भी नहीं पहने थी। अभी अभी चुदी हुई चिकनी चूत मेरे सामने थी। मैं पूरे पैरों पर मालिश करने लगा। थोड़ी देर बाद वह बोली- तेल का हाथ जरा चूत पर भी फ़ेर दे … बेचारी बहुत पिटी है आज …

मैंने चूत पर भी थोड़ा तेल लगा दिया …

उल्टी लेट जाओ तो पीछे भी लगा दूँ !

तो एक मिनट रुक … उसने नाईटी उतार दी और औंधी लेट गई। मैंने भी पजामा उतार दिया ताकि चिकना न हो जाये।

वाह ! क्या बदन है … मेरा लंड कच्छे से बाहर आने लगा। टांगो पर तो पहले लगा ही चुका था सो मैं उसकी जांघों पर, गांड के पास दोनों ओर पैर करके, बैठ गया और फ़िर दोनों हाथों से उसकी गर्दन से चूतड़ों तक मालिश करने लगा। उसे कुछ आराम मिला।

मालिश करते हुए मैंने कहा- दीदी कई दिनों से एक बात मेरे मन में आ रही है?

क्या?

डरता हूँ कि तू नाराज न हो जाये …

बोल ना … तुझसे क्या छिपा है मेरा …

इतना सैक्सी बदन है तेरा … तो इसे क्यों ऐसे ही लुटा रही है …

क्या करूँ … सिंह अंकल ने ऐसी आग लगाई कि अब रहा नहीं जाता। वरना सोच पापा के दोस्तों से … वो भी एक बार में पटती क्या …

मालिश करते समय जब में झुकता तो मेरा लंड उसकी गांड की दरार से रगड़ खा रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था …

पर तू कुछ और कहना चाह रहा है …

हाँ और तू चाहे तो …

उसने चेहरा उठाया और मुस्कराकर बोली- अपना अन्डरवियर भी उतार ले … ।

मैं शरमा गया फ़िर बोला- दरअसल दीदी !!

बोल ना यार शरमा मत … तू भी चोदना चाहता है मुझे …

नहीं वो बात नहीं है … पर डर लगता है कि तू नाराज न हो जाये …

नहीं आराम से कह …

मैंने कुछ सोचा फ़िर बोला- राजन भैया की एक मौसी है, जिसका अपना पेईंग-गैस्ट हाऊस है।

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राजन की दीदी भी जाती है। दीदी ने मुझे उठाया और सीधी हो गई और मेरी ओर देखने लगी।

उसकी मौसी को लड़कियों की जरूरत पड़ती है …

अपनी बहन को रंडी बनाना चाहता है ?

नहीं मेरा वो मतलब नहीं है पर …

साफ़ साफ़ बोल ना यार … … उसने मुझे खींचकर अपने बगल में लिटा लिया तो मैं उसके हाथ पर सर रखकर लेट गया और बोला- इतना सुन्दर और सैक्सी बदन है तेरा तो इसे ऐसे ही क्यों लुटा रही है …

इसमें रिस्क बहुत होता है … वह मेरी ओर घूमी और गाल पर चूमते हुए बोली।

राजन की दीदी तो कई साल से कर रही है … राजन कह रहा था कि उसकी मौसी बिलकुल सेफ़ गेम रखती है …

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वो सिर्फ़ चुनिन्दा लोगों से ही सम्पर्क रखती है जिसमें शहर के कुछ बड़े लोग और विदेशी मेहमान होते हैं। मैंने उसकी कमर में हाथ डालकर कहा।

आइडिया बुरा तो नहीं है … ये लोग भी कौन सा मेरा लिहाज करते हैं … साले रन्डी की तरह ही तो चोदते हैं …

चोदेंगे तो वे भी रन्डी की तरह ही …

चल सोचूंगी … और फ़िर उसने अपना एक हाथ मेरी कच्छी के उपर रखा और लंड पकड़ लिया।

यह बड़ी देर से खड़ा है …

इतनी सुन्दर लड़की को नंगी देखकर भी खड़ा नहीं होगा क्या …

तो खाली कर ले ना … और उसने मेरा अन्डरवियर खिसका दिया और लण्ड को बाहर निकाल लिया …

छोड़ ना तू बहुत थकी हुई है … वैसे भी अभी तेरे लायक हुआ भी नहीं है …

कोई बात नहीं … ला मुँह से खाली कर देती हूँ … मैं रोमांचित हो गया … घुटनों के बल बैठ गया। उसने दो तकिये लगाये तो उसका मुँह लंड तक आ गया। मैंने उसकी एक चूची पकड़ी तो उसने मुँह खोल दिया। मैंने लंड मुँह में डाल दिया और धीरे धीरे चोदने लगा। उसने भी मुँह चलाना शुरू कर दिया।

आह्ह्ह दीदी … बहुत मजा आ रहा है … वो जोर जोर से लपालप चूसने लगी। मैं काफ़ी देर से भरा तो था ही सो 10 मिनट में ही झड़ गया।

मजा आया?

हाँ … बहुत …

चल हट अब कुल्ला करके आऊँ … फ़िर हम ऐसे ही साथ ही सो गये। Hindi Sex Stories

Sex Stories

प्रिय पाठको, मैंने Sex Stories अपनी पहली कहानी “तू तो कुछ कर” में अपनी मैडम के बारे में ज़िक्र किया था मगर मैंने यह तो बताया ही नहीं कि वो लगती कैसी थी। वो एक कमाल की औरत जिसका कद 5’6″ के आसपास है और उसकी आँखें बिलकुल नशे से भरी हुई, उसके होंठ ऐसे कि किसी ने संतरे में लाल रंग कर दिया हो और वो भी ऐसा जिसका रस कभी ख़त्म ही न हो। उसका रंग गेंहुआ, चेहरे पर कोई दाग नहीं, उसके स्तन इतने प्यारे और कोमल कि जैसे बस इन्ही का गद्दा बना कर सो जाओ, उसकी जांघों के बीच में चूत का छेद जैसे बड़ी सफ़ेद पहाड़ी में एक गुफा जो सीधा स्वर्ग में खुलती है, उसकी पसीने से भरी वो कमर जिसे देख किसी साधु का भी ईमान डगमगा जाये, उसके ब्लाऊज़ से झांकते उसके वो मम्मे जैसे कह रहे हों- हमें आज़ाद करो, हम फंस गए हैं, वो उसकी ब्रा के खुलते ही उसकी चूचियों का धड़ाम से बाहर गिरना जैसे की सालों से आज़ाद नहीं हुई हो, उसके होंठों का लंड पर ऐसा एहसास जैसे कोई मखमल के कपड़े से तुम्हारा लंड सहला रहा हो।

खैर अब मेरे मुँह पर चूत लग चुकी थी। मैं अब नई नवेली मुल्ली की तरह हो गया था, रोज़ मन करता था कि बस अपना चप्पू चलाता ही रहूँ। मगर ऐसा संभव नहीं था क्योंकि वो शादीशुदा औरत थी और एक बच्चे की माँ भी। थोड़ा सा समाज का ख्याल तो रखना ही पड़ता था। कई दिन हो गए थे मुझे उस पसीने की महक दोबारा लिए हुए।

तभी एक दिन सुबह मैडम का फ़ोन आया कि आज उनके पति दो दिन के लिए बाहर जाने वाले हैं। तो मैडम चाहती थी कि मैं उन्हीं के साथ रहूँ। मगर ऐसा नहीं हो सकता था, खैर मैंने अपने घर वालों को बोल दिया कि मैं सुबह ट्यूशन जा रहा हूँ और एक्स्ट्रा क्लास लेने के बाद अपने दोस्त के घर पढ़ाई करने चला जाऊंगा।

मैं सीधा मैडम के घर गया और साथ कुछ कंडोम भी ले गया ( इसे इस्तेमाल करने में शर्म नहीं करनी चाहिए)।

फिर क्या था, मैं जैसे ही उनके कमरे में घुसा तो देखा कि कमरा महक रहा है जैसे किसी सुहागरात में महकता है। मैडम की आँखों में चमक थी, उनकी आँखों में कई दिनों की भूख दिख रही थी। फिर उन्होंने कमरे का दरवाजा बन्द करते हुए मुझे बिस्तर पर धक्का दिया और मुझे चूमने लगी। मैंने उनके हाथों को रोक दिया और उनसे कहा- आज कुछ अलग करने का मूड है !

उन्होंने पूछा- क्या ?

तो मैंने कहा- आपकी गांड मारने का मन है !

वो बोली- पहले आगे का कार्यक्रम पूरा कर लेते हैं, तब पीछे भी जाएँगे !

मगर वो जानती है की मैं अभी छोटा हूँ, मेरा स्टेमिना कम है और वो मुझे आगे ही इतना थका देंगी कि मैं पीछे जा ही नहीं पाउँगा। मैंने जिद करके उन्हें मना ही लिया और मैंने उन्हें घोड़ी की अवस्था में बिस्तर पर टिका दिया और खुद उनके पीछे आ गया और मैं यह जान चुका था कि जब तक औरत के शरीर पर कुछ कपड़े बाकी हैं तो उसकी लेने में बड़ा मज़ा आएगा, मगर अगर तुमने उसे पूरा नंगा कर दिया तो वो मज़ा नहीं आ पाता।

इसीलिए मैंने मैडम के शरीर पर उनकी ब्रा और पैंटी छोड़ दी ताकि थोड़ा फील आ सके। उसके बाद मैंने जैसे ही अपना लंड उनकी गांड पर टिकाया तो वो उनके छेद के ऊपर ही अटक गया, और मैं समझ गया कि यह ऐसे अन्दर नहीं जाएगा। मैंने कहीं से वैसलिन ढूँढी और उनकी गांड के छेद पर और अपने लंड पर लगाई, एक हाथ से मैडम का मम्मा पकड़ा और एक हाथ उनके कंधे पर रखा और झट से उनके अन्दर तक बाड़ दिया।

वो तड़प उठी और उनकी उस तड़प को देख कर मैं और उत्तेजक हो गया, मैंने उनकी गांड में 8-10 धक्के मारे और उनके बगल में ही लेट गया और उनसे लिपट के उन्हें प्यार करने लगा। मगर वो एक खेली-खाई औरत थी, वो कहाँ थकने वाली थी। तो उन्होंने मेरे लण्ड को जगाने के लिए चूसना चालू किया। फिर वो मेरे ऊपर चढ़ गई और बोली- अब मेरी बारी !

और उन्होंने मुझसे धक्के लगवाने चालू किये। उनके वो उछलते हुए दो बम और उनकी आँखों में छलकती हुई हैवानगी मुझे पागल कर रही थी। मगर साथ ही मैं थकता भी जा रहा था। फिर आखिर मैंने उन्हें अपने से लिपटा लिया और सोचा कि वो मान जाएगी मगर वो कहाँ मेरे कहे में आने वाली थी।

हम पसीने-2 हो रहे थे, वो मेरे में हिम्मत नहीं रही थी। जब मैं बहुत थक गया तो मुझे उनसे मिन्नत करनी पड़ी- आज बस इतना ही !

उनमें ऐसी हैवानियत मैंने पहले कभी नहीं देखी थी। खैर हम बहुत देर तक एक दूसरे से प्यार करते रहे। उन्होंने मुझे बाद में मुझे खुली छूट दी कि मैं कुछ भी कर लूँ उनके साथ !

मगर मेरी तो फटी पड़ी थी !

फिर वो नहाने चली गई, मैं बिस्तर पर ही पड़ा रहा और थक कर सो गया।

फिर हम पूरे दिन नंगे ही रहे।

जब मैं थक कर सोया हुआ था तब कुछ घंटे बाद मैंने महसूस किया कि कुछ मुलायम सी चीज़ मेरे मुँह को छू रही है, तो मैंने पाया कि मैडम जी मेरे मुँह में अपने मम्मे देने की कोशिश कर रही थी। मुझे तो जैसे यह एक सपना लग रहा था कि सोकर उठते ही एक मम्मा मेरे मुँह में !

आऽऽहाऽऽ ! क्या एहसास था वो !

फिर मैंने मैडम के मम्मे बहुत देर तक चूसे। मेरी क्या आदत है कि जब मैं कोई चीज़ चूसता हूँ तो पूरा मज़ा लेता हूँ उसका। मैंने बहुत देर तक उन थनों को चूसा और मदहोश होता चला गया। फिर उसके बाद मैडम बोली- हम एक काम करते हैं ! एक खेल खेलते हैं।

खेल यह था कि वो मेरी आँखों पर पट्टी बांधेंगी और फिर मेरे मुँह में एक एक करके अपने जिस्म का एक एक हिस्सा छुएंगी और मुझे पहचानना होगा कि वो कौन सा हिस्सा है।

मुझे ठीक लगा और उन्होंने मेरी आँखों पर एक पट्टी बांध दी। फिर उन्होंने पहले अपना कन्धा मेरे मुँह से छुआ, फिर अपनी कोहनी, फिर अपने रसीले होंठ, फिर अपना मम्मा, और फिर आखिर में अपनी चूत मेरे मुँह पर लगाई और फिर मैंने उनकी चूत को बहुत देर चूसा, जो कि गीली थी।

फिर हमने सोचा कि अगर खेलना ही है तो टाइम बाँट लेते है- जैसे हर आधे घंटे कुछ खास करेंगे, जैसे एक बार सिर्फ चूमा-चाटी, एक बार सिर्फ गांड मारना, एक बार सिर्फ चुदाई, एक बार सिर्फ चूचे चोदना, एक बार फ्री स्टाइल बिना चुदाई के !

जो नियम तोड़ेगा उसे दूसरे से अपने मुँह पे मुतवाना पड़ेगा।

चुम्बन वाले वक़्त में तो हमने बस माँ बहन ही कर दी कि अगर कोई हमें देख लेता तो बस उसकी फट ही जाती, जैसे हमने सारी जान उसमें ही लगा दी।

अब आई गांड की बारी तो मैंने उसे घोड़ी बनाया और गांड मारनी चालू की तो वो इसका आनन्द लेने लगी और उसके मुँह से सिसकियाँ निकलने लगी। उसकी सिसकियाँ सुनकर मेरे अन्दर को चोदुमल बाहर आता जा रहा था और मेरी स्पीड तेज़ हो गई जिससे उसकी सिसकी चीख में बदलने लगी और वो बोलने लगी- बस राज निकाल ले, वरना सिलाई उधड़ ही जाएगी मेरी गाण्ड की !

उसकी बात सुनकर मुझे उसकी गांड के छेद पर तरस आ गया जोकि काफ़ी खुल चुका था। मगर कसम से ! क्या गांड थी वो ! जो एक बार देख ले बस सीधा मारने का मन करे !

तो इसी के साथ ही मैं उससे शर्त जीत गया था क्योंकि वो वक़्त से पहले ही हार मान चुकी थी। फिर मैंने उसका मुँह अपने लंड के पास किया और एक तेज़ धार उसके मुह पर मार दी।

फिर आई चुदाई की बारी : मैं थकता जा रहा था और वो चुदक्कड़ औरत मुझ पर चढ़ गई और उसने मेरा लंड अपनी चूत के अन्दर डलवा लिया जोकि किसी भट्टी की तरह गरम थी और बस फिर बस धक्के पे धक्के ! सबसे ख़ास बात उसमें यह थी कि वो मेरे सारे धक्के झेल गई और साथ ही मुझे ब्रेक भी दे रही थी। मगर मैं नया था और थक कर हट गया। जिसका मतलब मैं हार गया था, तो उसने मेरा मुँह अपनी चूत के पास किया और फिर एक मोटी सी धार मेरे मुँह पर मार दी। उस बार ऐसा लगा कि जैसे मुझ पर अमृतवर्षा हो रही है।

खैर किसी तरह मैंने अपने आप को संभाला और फिर आई उसके चूचे चोदने की बारी ! यह हम पहली बार कर रहे थे। मैंने उसे बिस्तर पर लिटाने के बजाये घुटनों पर बैठाना ज्यादा सही समझा। फिर उसने अपने दोनों चूचों से मेरा लंड पकडा और चुदाई चालू की। थोड़ी देर मुझे उसमें ज्यादा मज़ा नहीं आया तो मैंने उनसे सहमति लेकर अपना अगला काम चालू किया जहाँ हम आज़ाद थे कुछ भी करने को !

तो पहले तो थोड़ी देर 69 में आये और उसके बाद हम लोगों ने चूमा-चाटी चालू कर दी तो इस बार मुझे ऐसा लगा कि वो सिर्फ अपनी भूख नहीं मिटा रही थी बल्कि उनके मन में कुछ और था, जैसे वो मुझे शायद अलग नज़र से देखने लगी, उनकी आँखों में तृप्ति के साथ थोड़ा प्यार भी नज़र आया, जैसे कि वो मुझे आजमा रही थी। उनका स्पर्श बदलता जा रहा था, वो सेक्स नहीं मेरे साथ प्यार कर रही थी।

हम जो पहले बहुत उत्तेजित हो गए थे, वहीं अब हम शांति से एक दूसरे को सिर्फ प्यार कर रहे थे। वो मुझसे लिपट कर लेट गई और मुझे ऐसे ही रहने को कहा। वो बीच बीच में कभी मेरे बालों पर हाथ फिराती, कभी मेरे गालों को चूमती।

मैं ढंग से समझ नहीं पाया कि यह अचानक क्या हुआ है।

बाकी की कहानी अगले भाग में !

और अब आप मुझे अपने विचार ज़रूर भेजना कि आपको यह कहानी कैसी लगी Sex Stories

Xxx कार सेक्स कहानी में मैंने मेरी साली के साथ और मेरी बीवी ने अपनी बहन के पति के साथ चलती चार में सेक्स का मजा लिया.

फ्रेंड्स, मैं आपका दोस्त आपके सामने अपनी बीवी की एक और सेक्स कहानी लेकर आया हूँ.
इससे पहले आपने मेरी बीवी और मेरी साली की अदला बदली कर चुदाई की कहानी
बीवी साली की अदला-बदली
पढ़ी थी.

यह सेक्स कहानी उसी का अगला भाग है.
नए पाठकों के लिए बता दूं कि मेरी बीवी का नाम वीना है. वह बड़ी ही गदरायी हुई माल है.
मेरी साली का नाम रानी है. मेरी साली का पति शशिकांत है.

आपने मेरी अम्बोली वाली चुदाई की कहानी पढ़ी ही होगी, यदि नहीं पढ़ी है … तो प्लीज एक बार ज़रूर पढ़ें ताकि आपको इस कहानी से पूर्व की घटना की जानकारी हो जाए.
पिछली बार आपने पढ़ लिया था कि हम चारों ने आपस में लंड चुत बदल कर चुदाई का भरपूर मजा लिया था, पर हमारी बीवियों ने हम दोनों को यह अहसास कराया था कि उन्हें कुछ नहीं मालूम है कि नशे में क्या हुआ था.

अब आगे Xxx कार सेक्स कहानी:

जब हम सब सुबह सोकर उठे तो वीना और रानी दोनों को ही हैंगओवर था और उनका सर दर्द कर रहा था.
उन दोनों पर रात में दारू का असर कुछ ज्यादा ही हो गया था.

वे दोनों थोड़ी थकान महसूस कर रही थीं.
मेरी साली रानी ने अपने पति शशिकांत से कहा- यार, बड़ा सर दर्द हो रहा है. कल का तो मुझे पता ही नहीं चला कि मैं कब सोई.

मैं और शशिकांत एक दूसरे को देख कर हल्की हल्की मुस्कान दे रहे थे कि रानी को सब पता है लेकिन कितनी बन रही है.
दूसरी तरफ मेरी पत्नी वीना को कुछ कुछ याद था.
उसको यह पता था कि जो उसने पिया, वह कोई कोल्डड्रिंक नहीं थी.

उसने मुझसे पूछा- कल रात को मैंने क्या पिया था?
मैंने कहा- कोल्डड्रिंक पी थी और सब ठीक था. शायद यात्रा के कारण तुम थक गई होगी तो कुछ महसूस हुआ होगा.

वे दोनों भी चुप हो गईं और आपस में बात करने लगीं.
आज हम चारों कुछ दूसरे टूरिस्ट स्पॉट देखने जाने वाले थे.

मैंने सिगरेट के कश लगाते हुए शशिकांत से कहा- तुम सिर्फ़ शॉर्ट्स पहन लेना … और एक्सट्रा अंडरवियर मत लेना.
वह मेरी बात को समझ गया कि आज कुछ नया होने वाला है.
मैंने भी वही किया.

हम दोनों ने घूमने जाते वक़्त बैग से उन दोनों की एक्सट्रा ब्रा और पैंटी निकाल कर रूम में रख दीं.

जब हम लोग निकले तो आज के प्लान के हिसाब से हम पहले साइट सीन स्पॉट्स देखने जाने वाले थे, बाद में पानी वाले स्पॉट्स थे.

वीना और रानी दोनों ने टी-शर्ट और जीन्स पहनी थी.
उन्होंने एक अतिरिक्त ड्रेस भी ले लिया था.

हम जब साइट सीन देखने गए तो मौसम पूरा ठंडा था और कुहरा भी था.

मैंने शशिकांत को पहले ही कह दिया था कि आज इन दोनों को गर्म करना है.

यह सुनकर शशिकांत भी रानी के साथ कुछ रोमांटिक सा कर रहा था.

वह अपनी पत्नी को जानबूझ कर ठीक उसी वक्त किस कर रहा था जब मेरी पत्नी वीना उसकी तरफ देख रही होती.

जब रानी वीना की ओर देखती तो मैं भी वीना को किस करता, उसकी कमर में हाथ डालता.

मैंने रानी को दिखाते हुए एक दो बार वीना के बूब्स भी प्रेस किए.

उस सीन को देख कर रानी अपने होंठ काटने लगती थी.
वह लगातार कामुक हो रही थी.

पहले दो स्पॉट को देखने जाने के समय रानी कार में शशिकांत के साथ बैठी थी.

शशिकांत कार में ही साइड से रानी के बूब्स को सहलाते हुए मसल रहा था.
वह सब मेरी बीवी वीना देख रही थी और गर्म हो रही थी.

जब हम सब तीसरी जगह पर पहुंचने वाले थे तो शशिकांत ने मुझे पीछे आने को कहा.

मैं वीना के साथ बैठ गया और वह आगे ड्राइवर के बाजू में बैठा था.

उस वक्त तक वीना काफी उत्तेजित हो चुकी थी.
मैं वीना के बाजू में बैठ कर उसकी बांहों में हाथ डाल कर बैठ गया और कुछ ही देर बाद उसके मम्मों को सहलाते हुए मसलने लगा था.

अब यह सीन साइड में बैठी रानी देख रही थी.
मैंने रानी की कामुक नजरों को पढ़ कर धीरे से रानी के गाल को हाथ लगा दिया.
वह मुझे देखने लगी तो उसी वक्त मैं वीना को चूमने लगा.

वीना पहले से ही उत्तेजित थी तो वह मुझे जकड़ कर लिपटने लगी.

उसी का फायदा उठा कर मैंने रानी के कंधों को हाथ लगा कर अपनी तरफ खींचा और उसके कंधों को चूम लिया.

उस वक्त तक हम लोग वॉटर स्पॉट से एक किलोमीटर दूर तक आ गए थे.
उधर से कार आगे नहीं जा सकती थी तो अब हमें पैदल जाना था.

जब हम सब उतर कर कुछ दूर तक चलने लगे.
वीना और रानी हाथ में कपड़ों का एक छोटा बैग लेकर आई थीं.

मैंने शशिकांत से कहा कि मैं पेशाब के लिए जाऊंगा, तुम वीना के हाथ से बैग लेकर उसे कार में रख कर आगे निकल जाओ.

उसने वीना से बैग ले लिया और उसे कार में रखवा कर वीना और रानी के साथ बातें करता हुआ आगे को गया तो मैं पीछे से आया और रानी के हाथ में हाथ लेकर उससे बातें करने लगा.

शशिकांत वीना के साथ आगे निकल गया.
वे दोनों आपस में चिपक कर मस्ती करते हुए जा रहे थे.

रानी यह देख कर मुस्कुरा रही थी.
उसकी मुस्कान बता रही थी कि वह फिर से मेरे साथ सेक्स करने को चुदासी हो रही है.

मैं रानी के साथ धीमी रफ्तार से चलने लगा था.

जब हम लोग वाटर स्पॉट तक पहुंचे, तब तक वीना के साथ शशिकांत पानी में उतर चुका था.
यह कुछ फिसलन भरी जगह थी.

वीना ने शशिकांत को कसके पकड़ लिया था.
शशिकांत भी वीना की इस बात का सही फ़ायदा उठा रहा था.

मैं रानी के साथ पानी में उतरा और उसे फिसलन से संभलने के लिए सहारा दिया.

सहारे का बहाना बनाती हुई रानी ने मुझे अपने आलिंगन में भर लिया था.

उसने बताया कि मुझे तैरना नहीं आता है.
उससे घबराहट के चलते संतुलन भी नहीं हो रहा था.

मैंने भी रानी की कामुक देह का स्पर्श पाया और अपने कड़क होते लंड से उसे कुरेदने लगा.

उधर पानी में भीगने के बाद वीना और रानी के बूब्स कपड़ों के ऊपर से ही नुमाया होने लगे थे.

मैंने उस दौरान कई बार रानी के मम्मों को अपने सीने से दबाया.
वह भी मेरे साथ मजे लेने लगी.

यही सब वीना के साथ भी चल रहा था, शशिकांत उसके साथ रगड़ सुख लेने लगा था.

पानी में एक घंटा तक मस्ती से खेलने के बाद हम सब बाहर निकल आए.

हम जब चेंज करने को हुए तो मैंने वीना से पूछा- मेरी अंडरवियर नहीं लाई हो?
उसने कहा- मैंने सब बैग में डाला था, लेकिन बैग में कुछ नहीं है!

शशिकांत ने भी अपनी पत्नी रानी से पूछा तो उधर भी कोई जवाब नहीं था.

हमारे पूरे कपड़े भीगे हुए थे.

हम सब सिर्फ अंडरवियर ही पहने हुए थे.
उन दोनों ने भी साथ में लाया हुआ ड्रेस बिना ब्रा पैंटी के ही पहन लिया.

गाड़ी पर आने के बाद हम दोनों ने कहा – हम सब पीछे ही बैठेंगे.

रानी और वीना बीच में बैठी थीं. मैं सू सू करने के बहाने पीछे ही रह गया था.
जब आया तो मैं रानी के बाजू में और शशिकांत वीना के बाजू में बैठ गया था.

मैंने ड्राइवर से कहा- आराम से चलाओ, अगर सनसैट देखने मिला तो ओके, नहीं तो वापस आ जाएंगे.

पानी में भीगने के बाद हम सब कम जगह में चिपक कर बैठे थे.
आपस में एक दूसरे के जिस्म की गर्मी से बड़ा सुख मिल रहा था.
ठंड भी नहीं लग रही थी.

सनसैट पॉइंट के रास्ते में हम सब बातें करते हुए चलने लगे.
मैंने गाड़ी में जीरा वाले पेय के साथ वोदका को मिला कर रखा हुआ था.

सबने बारी बारी से सिप करना शुरू किया और नशे के सुरूर से गर्माहट के साथ साथ मस्ती भी बढ़ने लगी.

मैंने रानी का हाथ पकड़ा और उससे मज़ाक करने लगा.
उसी तरह से शशिकांत भी वीना का हाथ पकड़ कर उसे अपनी टांगों के बीच में ले रहा था.

मैंने अपना हाथ रानी के कंधे पर रखा और उसे अपनी छाती से चिपका लिया.

शशिकांत ने भी वीना के साथ ऐसा ही किया.

उन दोनों ने Xxx कार सेक्स का रत्ती भर भी विरोध नहीं किया.
उनका मन भी एक दूसरे के साथ सैट होने लगा था.

दारू से झिझक भी खत्म हो गई थी.
शशिकांत जब बाहर देख रहा था, तब मैंने रानी को एक किस किया और उसको इशारा किया.

उसके बाद कुछ मिनट बाद वीना को शशिकांत ने किस किया.
रानी मेरे हाथ को पकड़ कर बैठी थी.

कुछ देर बाद हम लोग सनसैट स्पॉट पर पहुंचे लेकिन सनसैट हो चुका था.
वहां से हम वापिस आने लगे.

आते वक़्त ट्रॅफिक ज्यादा था तो गाड़ी धीमी गति से चल रही थी.
शशिकांत से अब जरा भी नहीं रुका जा रहा था.

बाहर अंधेरा हो गया था, उस वजह से कुछ भी साफ नहीं दिखाई से रहा था.
उसने वीना की टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर सहलाना शुरू कर दिया.

साथ ही उसने वीना का एक हाथ अपने लंड पर भी रखवा लिया था.
वीना नशे में होने के कारण सोने की एक्टिंग करने लगी.

वह शशिकांत की ओर झुक गई.

शशिकांत ने भी वीना का हाथ अपने शॉर्ट्स में डाल कर लंड पर रखवा लिया.
उसी के साथ खुद उसका हाथ वीना की टी-शर्ट में चलने लगा था.

वह मजे से मेरी बीवी वीना के बूब्स को मसल रहा था और वीना उसके लंड को सहला रही थी.
शशिकांत ने अपना लंड शॉर्ट्स से बाहर निकाल दिया.

वीना उसकी गोदी में लेट गई और वह शशिकांत के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी थी.
यह मुझे हैरान कर देने वाला था कि वीना ने आज तक कभी मेरा लंड नहीं चूसा था, वह आज अपने जीजा जी का लंड चूस रही थी.

शशिकांत उसके बूब्स दबा रहा था.
मैं रानी की टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाल कर उसके दूध सहला रहा था और उसकी स्कर्ट को ऊपर करके उसकी चूत को रगड़ रहा था.

मैंने शशिकांत से कहा कि वीना की टी-शर्ट खोल दे.
उसने ड्राइवर की ओर इशारा किया.

मैंने उससे कुछ नहीं कहा.

मैं रानी के मम्मों को दबा रहा था.
उसके टाइट बूब्स मुझे पागल कर रहे थे.

फिर मैंने देखा कि वीना शशिकांत के लंड को चूसने में मस्त थी.
शशिकांत का लंड मुझसे बड़ा था.

वीना पूरे मन से लंड चूस रही थी.

इधर रानी भी मेरे शॉर्ट्स में हाथ डाल कर मेरे लंड को निकाल कर उससे खेलने लगी थी.

वह मेरी गोटियों को सहलाती हुई चूसने लगी.
मुझे मस्त मज़ा आ रहा था.

शशिकांत भी पूरे मज़े में था.
मेरी बीवी वीना को अपने जीजा जी का बड़ा लंड मिलने से फुल मजा आ रहा था.
वह मस्ती से शशिकांत का लंड चूस रही थी.

कुछ ही देर की लंड चुसाई के बाद शशिकांत ने अपना माल वीना के मुँह में छोड़ दिया था.

आश्चर्य की बात थी कि वीना लंड का रस निगल भी गई थी … और झड़े हुए लंड को चाट चूस कर साफ करने लगी थी.

लंड साफ करने के बाद वह अपनी टी-शर्ट को सही करती हुई नींद होने का नाटक करती हुई ड्राइवर से पूछने लगी- अभी होटल पहुंचने में कितनी देर और लगेगी?

तो ड्राइवर ने कहा- जाम ज्यादा है. मेरे ख्याल से अभी 30 मिनट से ज्यादा लग जाएगा.
वीना यह सुनकर फिर सोने का ड्रामा करती हुई रानी पर गिर गई.

उसने अपने पैर शशिकांत की टांगों के ऊपर फैला दिए.
शशिकांत ने उसका इशारा समझ लिया और धीरे से उसकी स्कर्ट को हटा कर चुत चुदाई की रास्ता साफ कर ली.

उसने अपने खड़े लंड को वीना की चूत पर रगड़ना शुरू कर दिया था.

वीना शशिकांत की टांगों पर अपनी चूत पसारे हुए चढ़ी थी.
ठीक उसी तरह ही रानी मेरी तरफ मुँह करके मुझे ढकलती हुई मुझसे चिपक गई.

मैं उसके नीचे आ गया था.
मैंने भी उसकी चूत में लंड पेल दिया था.

रानी की चूत पूरी तरह से रसीली थी.
हम दोनों धीमी रफ्तार में चुदाई का मजा ले रहे थे.

रूम में पहुंचने में अभी भी 15 मिनट का रास्ता बाकी था.

मुझे आशा है कि आपको ये रियल हस्बैंड वाइफ ककोल्ड पोर्न कहानी अच्छी लगेगी.

मेरी उम्र 38 साल है और मेरी वाइफ की उम्र 31 साल है. उसका नाम रिया है.

शादी से पहले मेरी दो गर्लफ्रेंड थीं.
पहली गर्लफ्रेंड 7 साल तक रही और दूसरी 12 साल तक … पर किसी से भी शादी नहीं हो पाई.
मैंने उन दोनों की चुदाई बहुत की.

उन दोनों के साथ मैं बहुत चुदाई कर चुका था.
दूसरी वाली गर्लफ्रेंड जाते जाते मेरी ऐसी गांड फाड़ कर गई कि मुझे बिल्कुल बर्बाद कर गई.

साली ने पैसे से भी बर्बाद किया, मन से भी और शारीरिक तौर पर भी वह मुझे बहुत तोड़ गई.
मैं उससे बहुत प्यार करता था पर वह बहुत बड़ा धोखा देकर गई.

हर स्टोरी में सिर्फ सेक्स होता है, पर आज मैं सबको सिर्फ एक ही बात कहूंगा कि आदमी की किस्मत और औरत का चरित्र कभी भी बदल सकता है. इसलिए चूत को कभी दिमाग में मत घुसने देना. ये सिर्फ लौड़े के लिए बनी है. इसलिए इसे बस लंड तक रखना.

एक बात और कहना चाहूंगा कि लड़कियों की हमेशा इज्जत जरूर करना.
हमेशा उसूल ये होना चाहिए कि लो उसी से, जो दे खुशी से.

आपको किस चीज़ से खुशी मिलती है. ये आप तय करेंगे, इसका हक सिर्फ आपको है.
सही और गलत की क्या परिभाषा, जो आपके मन को सही लगे … वही सही है.

लाइफ आपको एक बार मिली है, आपको जो करना है … इसी लाइफ में करना है.
फिर क्या सोचना.

मैं बहुत ही सेक्सी प्रवृत्ति का इंसान हूँ.
मेरी दोनों गर्लफ्रेंड्स से रिश्ता खत्म होने के बाद मेरे मम्मी पापा ने मुझसे शादी के लिए पूछा.

मैंने कह दिया- आप जो भी कहोगे मुझे मंजूर है.
क्योंकि खुद की ढूँढी हुई लड़कियों से गांड फट चुकी थी.

जब मन की करने के बाद आदमी की गांड फट जाती है तो अंत में मां बाप ही याद आते हैं.
खैर … मेरे लिए लड़की ढूंढने का काम शुरू हुआ.

भगवान जोड़ी भी सोच कर बनाता है.
आखिर मेरे लिए भी लड़की मिल गई.

देहरादून से कुछ दूर ही मेरा रिश्ता हुआ.
लड़की मुझसे सात साल छोटी थी.
सुंदर थी, हल्की सी सांवली थी. लंबाई 5 फुट 2 इंच थी पर बॉडी बहुत मस्त थी.

उसका फिगर 36-32-38 का था, बूब्स उठे हुए थे और गांड भी गोल मटोल एकदम मस्त.

सोलह दिसम्बर सन 2015 में हमारी शादी हुई.
सुहागरात पर हमने खूब चुदाई की.

वह शादी से पहले दो चार बार चुदी हुई थी पर चूत टाइट थी.

मैंने उसकी चुदी हुई चूत को लेकर कोई शिकवा नहीं किया बल्कि उसे प्यार से चोदा और खुद की चुदाई की बातें भी उसे बता दीं.

मेरी इन बातों से उस पर यह असर हुआ कि वह मुझसे बेइंतिहा प्यार करने लगी.

शादी के दो तीन साल तो सेक्स में खूब मजा किया,
फिर उसके साथ चुदाई में मुझे कोई खास मज़ा नहीं आता था.

मैं लगातार अन्तर्वासना पर कहानियां पढ़ता रहता था.
वहीं मैंने वाइफ के साथ थ्री-सम की स्टोरी पढ़ी.

मेरे दिमाग में रिया को चुदते देखने का मन करने लगा.
मैंने रिया की किसी गैर मर्द से चुदाई के लिए प्लान बनाने शुरू कर दिए.

रिया की चुदाई करते समय मैंने उसकी चूत में दो उंगली डाल दीं और उसकी गांड में लौड़ा पेलना शुरू कर दिया.

वह लंड खा गई.
कसी हुई गांड चोदने में मुझे भी मजा आया.
उसने भी मुझसे अपनी कुंवारी गांड चुदवा ली.

वह शायद खुद से मुझे अपना सीलपैक छेद देना चाहती थी.

फिर एक दिन मैंने उससे बोल दिया- रिया यार, अब चुदाई में इतना मज़ा नहीं आ रहा है ना!
रिया- आप ऐसे क्यों बोल रहे हो … कुछ कमी है क्या मुझमें?
मैंने कहा- नहीं यार, वह बात नहीं है. बस कुछ नयापन नहीं है.

वह बोली- तो फिर क्या करना है?
मैंने कहा- कहीं घूमने चलते हैं और वहीं कुछ अलग मज़े करेंगे.

उसने कहा- ठीक है.
ऐसे ही कुछ दिन निकल गए.

फिर दिसम्बर में मैंने मनाली जाने का प्रोग्राम बनाया और 12 दिसंबर को हम दोनों मनाली के लिए निकल गए.

मनाली पहुंच कर हमने पूरा दिन आराम किया.
शाम के समय हम घूमने के लिए निकल गए.

मनाली के बाज़ार में घूम रहे थे पर मेरे दिमाग में बस वही रिया की चुदाई करवाने का ख्याल चल रहा था.

तभी एक लड़का हमारे पास आया.
वह शिमला का रहने वाला था.
उसका नाम रवि था और मनाली में रोहतांग पास के लिए गाड़ी चलाता था.

वह 5 फुट 7 इंच का गोरा और एकदम फिट लड़का था.
उसने हमसे कहा- सर आप रोहतांग पास घूमने चलेंगे क्या?

उससे हमारी बात होनी शुरू हुई.

मैंने उससे पैसे के लिए पूछा.
वह मेरी वाइफ की ओर देख कर बोला- 7000 रुपये दे देना.
कुछ देर बात करने के बाद वह पांच हजार रूपयों में मान गया.

अगले दिन सुबह के टाइम वह गाड़ी लेकर हमारे होटल आ गया.
उसके पास आल्टो थी.

फिर हम तीनों गाड़ी में बैठ कर चल दिए.

कुछ ही दूर जाने के बाद हम आपस में बात करने लगे.
रवि भी अब हमसे बातें कर रहा था कि हम कहां के रहने वाले हैं.

मेरी वाइफ भी उससे पूछ रही थी कि यहां घूमने के लिए और कौन सी जगह है!
रवि भी बात करता रहा.

वह शादीशुदा था.
उसकी एक लड़की थी.
वह अच्छा इंसान था.
हम काफी घुल-मिल गए थे.

मैंने गौर किया कि रवि मेरी वाइफ रिया में काफी इंटरेस्ट ले रहा था और रिया भी उससे अच्छे से बात कर रही थी.

मैं समझ गया था कि मेरी इच्छा यहां पूरी हो सकती है.
इसलिए मैं बार बार रास्ते में पड़ने वाली सामान की दुकानों पर रुक कर सामान देखने लगता था ताकि उन दोनों को बात करने का मौका मिले.

औरत हो या आदमी … अगर मौका मिले तो सब मज़ा लेने की सोचते हैं.

शायद रिया के मन में भी यही बात आई.
मैं भी यही चाहता था कि जो भी हो, खुल कर हो. क्योंकि चोरी करके रिश्ते में फूट पड़ सकती है. इसलिए मैंने दोनों को छूट दी ताकि इस काम में खुल कर मजा आए.

आखिर हम सब रोहतांग पहुंच गए.

उधर बहुत बर्फ थी.
हमने रास्ते से कपड़े ले लिए थे जो वहां किराए पर मिलते हैं.

मैं कुछ दूर बर्फ में चला तो मुझे ठण्ड लगने लगी.
मैं वहीं कॉफी पीने के लिए रुक.

उधर कॉफी के लिए गाड़ी खड़ी थी, मैं वहां चला गया.

मैंने रिया से कहा- तुम दोनों बर्फ में घूम लो.

रवि ने रिया से कहा- भाभी जी, ऊपर की तरफ काफी अच्छी बर्फ है. आप वहां चलिए.
रिया मेरी ओर देखने लगी.

मैं रिया के पास गया और उसके कान में बोल दिया- देखो रिया, हम यहां मज़ा लेने आए हैं. तुम इसके साथ दिल खोल कर मज़े लो, यहां कोई नहीं है जो हमें जानता हो.

यह बात सुन कर रिया की आंखों में चमक सी आ गई और वह रवि के साथ ऊपर बर्फ के पहाड़ों पर चढ़ने लगी.

अब वह मेरी तरफ से हरी झंडी पाने के बाद फ्री माइंड हो गई थी और रवि से खुल कर बातें करती हुई ऊपर चढ़ रही थी.

पूरे एक घंटे तक दोनों बर्फ मस्ती करते रहे और बातें करते हुए नीचे आ गए.

रिया ने रवि से बहुत सारी पिक क्लिक करवाई थीं और अब रिया ठण्ड से ठिठुर रही थी.

बर्फ के पानी से उसके कपड़े भीग चुके थे.

हम सब वापस गाड़ी में आकर बैठ गए.
रवि ने कार में हीटर चला दिया.

कुछ देर में गाड़ी गर्म हो गई तो रिया ने वे गर्म कपड़े उतार दिए जो वहां से लिए थे.

अब वह टी-शर्ट और जींस में थी और आगे रवि के पास फ्रंट सीट पर बैठी थी.
रवि गाड़ी चला रहा था.

फिर वह दुकान आ गई, जहां से हमने कपड़े लिए थे.
रवि ने मुझसे कहा- आप कपड़े वापस कर दीजिये.

मैंने कहा- ठीक है.
मैं कपड़े वापस करने के लिए उतरा और जब वापस आया तो देखा रवि और रिया कुछ बात कर रहे थे.

रवि ने रिया के बालों में हाथ डाला और कुछ बोला.

तभी मैं गाड़ी के पास चला गया.
उन्होंने मुझे देखा और अलग हो गए.

मैं जाकर गाड़ी की पिछली सीट पर बैठ गया.

आगे रवि और रिया बैठे थे.

मैंने अपना मोबाइल निकाला और उसे चलाने लगा.

रवि ने शीशे से मुझे देखा कि मैं मोबाइल चला रहा हूँ तो उसने फिर से अपना हाथ रिया की जांघ पर रख दिया और हल्के से दबा दिया.

रिया ने उसकी ओर देखा.
उसकी आंखों में एक नशा सा दिख रहा था.

रिया ने अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लिया.
रवि ने पीछे देखने वाले शीशे से मेरी तरफ देखा.
मैं मोबाइल में देखने का ड्रामा कर रहा था.

रवि ऐसे ही आराम आराम से रिया की जांघों को सहलाता रहा.
रिया ने अपनी आंखें बंद कर लीं और उसका हाथ हटा दिया.
शायद वह गर्म होकर पिघल गई थी.

रवि गाड़ी चलाता रहा.

फिर बीच में रिया ने कहा- मुझे भूख लगी है.
रवि ने गाड़ी मैग्गी पॉइंट पर ले ली.

मैं उतर गया.
मेरे बाहर निकलते ही रिया ने रवि से कुछ कहा और दोनों उतर कर खाने के लिए आ गए.

रिया ने आकर मेरा हाथ पकड़ लिया और मेरे पास बैठ गई.

कुछ देर हम दोनों ने खाना पीना किया और हम सब फिर से गाड़ी में बैठ गए.
रिया फिर से आगे बैठ गई.

अब हम लोग काफी थक चुके थे और शाम के 5 भी बज चुके थे.

मैंने रवि से कहा- सीधा होटल चलो, अब थोड़ा आराम करेंगे.
थोड़ी देर बाद हम सब होटल पहुंच गए.

मैंने रिया से कहा- अभी थोड़ा आराम कर लेते हैं. रात को पार्टी करेंगे.
रिया बोली- यहां तो हमें कहीं का कुछ भी नहीं पता. आप अपने लिए बियर और बाकी का सामान कैसे लेने जाओगे?

मैंने कह दिया- मेरे पास रवि का नंबर है. उसी को कॉल कर लूंगा.
रिया ने कहा- ठीक है, वह भी आपको कंपनी दे देगा.

मैंने कहा- हां और तुम्हें भी!
रिया ने मेरी ओर देखा और बोली- अच्छा जी … वह कैसे?

मैंने कहा- यार, हम इतनी दूर आए हैं. ये पल यादगार होने चाहिए. अगर तुम मान जाओ … तो हम तीनों खूब मस्ती कर सकते हैं.

रिया मेरी बात समझ गई और बोली- पर यार, क्या आपको ये सब अच्छा लगेगा?
मैंने कहा- मैं मिलकर मस्ती करने की बात कर रहा हूँ. मेरा बहुत मन है कि सब एक साथ बिस्तर वाला खेल खेलें.

रिया मुस्कुरा कर बोली- अगर आपकी इसमें खुशी है तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है.

यह कह कर रिया ने मेरे होंठों पर किस किया और मैंने उसके कान में कह दिया- आज तुम्हें दो लंड का मजा मिलेगा.
वह शर्मा कर मुझसे अलग हुई और वाशरूम चली गई.

बाद में मैं रिया को अपनी बांहों में लेकर सो गया और एक घंटे बाद उठा.
तब 7:30 बजे थे.

रिया मेरे बाजू में नहीं थी.
मैंने रवि को कॉल की.
उसने फ़ोन उठाया.

मैंने कहा- कहां हो रवि?
उसने कहा- यहीं दो किलोमीटर की दूरी पर हूँ.

मैंने कहा- यार थोड़ा काम कर दोगे क्या?
रवि बोला- हां बताइए क्या करना है?
मैंने कहा- थोड़ा सा सामान लेकर आना था. तुम होटल आ जाओ, फिर मुझे दिला लाओ.

उसने बोला- भैया, आप क्यों परेशान होते हो. मुझे व्हाट्सएप पर बता दो, जो सामान लाना है … वह सब मैं ला दूंगा.
मैंने कहा- ठीक है.

तब मैंने उसको सामान के लिए रेडवाइन, सिगरेट और कुछ सामान की लिस्ट सैंड कर दी.
साथ में लिख दिया कि आज रात तुम खाना हमारे साथ खाना इसलिए अपनी मर्जी से जो भी और सामान लान चाहो, ले आना.

कुछ देर बाद रिया के मोबाइल की लाइट जली.
वह अपना मोबाईल छोड़ कर गई थी.

मैंने देखा तो रवि का व्हाट्सएप मैसेज था.
उसमें लिखा था ‘आपके लिए क्या लाना है.’

ऊपर कुछ मैसेज डिलीट किए हुए थे.
मैंने रिया के मोबाइल से उसे सैंड कर दिया ‘अपनी पसंद से ले आना अच्छा सा कुछ …’

उसने रिप्लाई किया- आपको कौन से फ्लेवर पसंद है.
मैंने लिख दिया कि मुझे चॉकलेट पसंद है.

उसने लिखा- हमारा भी कुछ हो सकता है क्या?
मैंने सैंड किया- सब कुछ हो सकता है.

उसने लिखा- आपके हस्बैंड भी तो हैं.
मैंने लिखा- उन्हें सब पता है. वे भी मस्ती करना चाहते हैं.
उसने लिखा- ठीक है. मैं पूरी तैयारी करके आता हूं.

मैंने सारे मैसेज डिलीट कर दिए.

कुछ देर बाद रिया कमरे में अन्दर आई.

मैंने उससे पूछा- रवि ने तुमसे नंबर लिया था क्या?
उसने कहा- हां जब हम पहाड़ पर थे, तब लिया था.
मैंने कहा- ठीक है.

फिर मैंने सोचा कि थोड़ा सेक्सी माहौल बना कर रिया के दिल की बात ली जाए.

रिया एक टॉप ओर लांग स्कर्ट पहन कर शीशे के सामने खड़ी थी.
मैं उसके पीछे गया.

मैंने कहा- क्या बात है डार्लिंग … रात के लिए तैयारी कर रही हो क्या?

ये कह कर मैं पीछे से उसकी गर्दन पर किस करने लगा और आराम आराम से उसके कान की लौ को चूसने लगा.
वह गर्म होने लगी.

मैंने रिया से कहा- जान, आज जी भर कर मस्ती करना.
रिया कहा- हम्म!

मैंने कहा- बताओ ना कैसे करना है?
उसने कहा- जैसे आपको पसंद हो.

मैंने कहा- तुम बताओ ना!
रिया ने कहा- आज मुझे मसल देना आप.
मैंने कहा- सिर्फ मैं … या हम दोनों?

रिया शर्मा गई और मेरे सीने से लग गई.
मैंने कहा- तुम तैयार हो ना दो लंड लेने के लिए!
रिया हां कह कर मेरे होंठ चूसने लगी.

वह दो लंड का सुनकर बहुत गर्म हो गई थी.

मैंने अपना लोअर नीचे किया और लंड रिया के हाथ में दे दिया.
वह लंड को मसलने लगी.

कुछ देर ऐसे ही मस्ती करने के बाद मैं वाशरूम चला गया और आराम से नहाने लगा.

मैं वाशरूम के अन्दर अपने लौड़े को सहलाते हुए अपनी बीवी की सुन्दर चूचियों को याद करके आने वाले पलों की याद करने लगा.

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