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प्रेषक : दीवाना “अजनबी”Hindi Sex Stories

बहुत अँधेरा है कमरेHindi Sex Storiesमें रौशनी कर दो ,

उतार दो यह पैराहन, चांदनी कर दो .

चली भी आओ मैं जकड़ूँगा तुम को बाँहों से ,

मैं पीना चाहता हूँ आज बस निगाहों से .

दिखा के अपना हुस्न मेरे होश गुम कर दो ,

कि आज प्यार की पहली पहल भी तुम कर दो .

चले भी आओ तड़प के हमारी बाँहों में ,

कि अपनी सांस मिला दो हमारी सांसों में .

मेरे जलते हुए होठों पे अपने लब रख दो ,

उतार दो ये कपडे पलंग पे सब रख दो .

मैं अपने लबों को रख दूँ तेरे रुखसारों पे ,

और अपने हाथ फिराऊँ तेरे उभारों पे .

तुझे सर से पाँव तक मैं चूमता ही रहूँ ,

तेरे कंधे , तेरी छाती को चूसता ही रहूँ .

मैं चाहता हूँ छेड़ना तेरे तेरे अंगारों को ,

दबा के चूस के पी लूँगा इन उभारों को .

तेरा वोह अंग जो दुनिया में सब से प्यारा है ,

मैं उसे जीभ से चाटूं तेरा इशारा है .

फिरा के हाथ बदन पे मैं सज़ा दूँ तुझको ,

फिर अपनी जीभ से ज़न्नत का मज़ा दूँ तुझको .

मेरे लिए भी तो यह काम एक बार करो ,

मुंह में लेके चूसो इसे और प्यार करो .

फिर आओ इसके बाद एक हो जाएँ हम तुम ,

मुझे अपने बदन में पूरा समा लेना तुम .

और इस खेल में आखिर में वोह मुकाम आये ,

मेरे बदन में जो भी कुछ है तेरे काम आये .

चले आओ मेरी खुशियों को सौ गुणी कर दो ,

बहुत अँधेरा है कमरे में रौशनी कर दो . “”Hindi Sex Stories

दोस्तो में रोहित एक बार फिर आपका स्वागत करता हु अपनी इस सच्ची कहानी में। मेरी कहानी का पहला पार्ट ‘ बहन की सील तोड़ी मुस्लिम दोस्त ने ’ पढ़ कर आप में से बहुत लोगों ने मेल पर तारीफ करी। कुछ लोगों को इसकी सत्यता पर शक भी था, तो उनको में बता दूं ये बिलकुल सच्ची कहानी है और किसी के नहीं मानने से कोई झूठ नहीं हो जाएगा। ये कहानी उसके आगे का भाग है तो जिन लोगों ने पहला पार्ट नहीं पढ़ा वो पहले जाकर उसको पढ़े ताकि उनको पात्रों एवं अब तक की कहानी की जानकारी मिल जाए। अब तक आपने पढ़ा कैसे फैजान ने हिमानी की सील तोड़ी ओर सलीम ने मुझे अपना लन्ड चुसाया। अब अगले दिन जब हिमानी वापस अपने हॉस्टल आई, तब से उसकी चाल ही बदल गई और अब वह फैजान के प्यार में पागल सी हो गई थी। क्योंकि फैजान ने उसको चरमसुख जो दे दिया था। वो दिन भर फैजान से बाते करती उसके साथ घूमने जाती। उसके साथ जो भी बाते होती, फैजान वो सब मुझे बताता। फैजान ने हिमानी से उसकी न्यूड फोटो मांगी, उसने वो खुशी खुशी दे दी। मैने फैजान से पूछा, कि अब आगे क्या करोगे तुम हिमानी के साथ तो वो बोला तेरी बहन को तो में छिनाल बनाऊंगा। उसको चुदाई कि इतनी आदत लगा दूंगा कि जिससे बोलूं, उससे चुदाने को राजी हो जाएगी अब ये सुन कर में भी उत्सुक हो गया, की आगे क्या होगा। 2–3 दिन बाद जब हिमानी फैजान से कॉल पर बात कर रही थी तब फैजान ने उसको बताया कि फ्लैट का मालिक सलीम खान वापस अपने फ्लैट पर आ रहा है, ये सुन कर हिमानी उदास हो गई और बोली कि अब चुदाई कहा करेंगे, तो फैजान बोला कि सलीम भाईजान मेरे बहुत खास हैं और मैने उनको तुम्हारे बारे मे बता दिया है, हम लोग बिंदास उनके होते हुए उनके फ्लैट पर जा सकते है, कोई दिक्कत नहीं होगी। हिमानी थोड़ा हिचकिचाई लेकिन फैजान के ज़ोर देने के बाद और अपनी चूत में खुजली होने की वजह से वह मान गई। में तो हैरान हो गया कि हिमानी की चूत में इतनी खुजली है कि वह सलीम की मौजूदगी में भी वहा जाने को तैयार हो गई। फैजान ने जादू कर दिया था उसके ऊपर। अगले दिन वो शाम को मिले और घूमने निकले, हिमानी ने कट स्लीव का छोटा टॉप और नीचे जींस पहनी थी। उस जींस में उसकी गांड़ बहुत उभर कर आ रही थी। दोनो कार में बैठ कर निकल गए , थोड़ी देर बाद फैजान ने हिमानी को चलती कार में लन्ड चूसने को बोला, हिमानी ने मना कर दिया लेकिन फैजान कहा मानने वालों में से था, उसने अपना लन्ड पैंट में से बाहर निकाला और हिमानी का मुंह अपने लन्ड पर दबा दिया, हिमानी अब उसका लन्ड चूसने लगी। शाम को घूमने के बाद दोनों लोग सलीम भाईजान के फ़्लैट पर पहुंचे, जहां पर में पहले से पहुंच चुका था, उनके आते ही मैने सलीम भाईजान को बोला कि चलो अपन पास वाले रूम में चले जाते है , वरना हिमानी देख लेगी। सलीम भाईजान हंसे और बोले कि तू जाके रूम में छुप जा, में तो यही रुकूंगा, और तेरी रण्डी बहन से मिलकर फिर रूम में आऊंगा। दोस्तो उस समय सलीम ने सिर्फ लूंगी पहनी हुई थी, उसका चौड़ा शरीर पूरा दिख रहा था, ये उसके प्लान का हिस्सा था, वो हिमानी को अपनी बॉडी दिखाना चाहता था। में जल्दी से रूम में आ गया, फैजान ओर हिमानी जैसे ही फ्लैट में आए, फैजान ने सलीम से हिमानी की मुलाकात करवाई। हिमानी उसको देख कर शर्मा रही थीं क्योंकि सलीम ने सिर्फ लूंगी पहनी हुई थीं। सलीम उसको देखते ही बोला, कि तुम बहुत सुंदर ओर सेक्सी हो। हिमानी ने समझ नहीं आया कि क्या बोले तो उसने सर झुका कर थैंक यूं कहा। सलीम हिमानी से बोला तुम कभी भी बेझिझक यहां आ सकती हो, इसे अपना ही घर समझो। सलीम ने फैजान में बोला दोनों लोग बैठो थोड़ी देर बाते करते है और शराब का दौर जमाते है, आज काफी दिन हो गए। फैजान ने बोला बिल्कुल भाईजान हम तीनों पियेंगे। इस बात पर हिमानी ने बोला कि में दारू नहीं पीती, तो सलीम ने कहा तुम बीयर पी लेना, उसमें बिल्कुल भी नशा नहीं होता और उसके बाद सेक्स करने का मज़ा भी दुगुना हो जाएगा। हिमानी का चेहरा शर्म से लाल हो गया, तो सलीम बोला इसमें शर्माने जैसा कुछ नहीं है, यही उम्र है मज़े करने की, खुल कर अपनी इच्छा पूरी करो, क्योंकि शादी के बाद तुमको इतना मज़ा कभी नहीं मिलेगा। हिमानी ने धीरे से पूछा ऐसा क्यों तो सलीम बोला रहने दो तुम शर्मा जाओगी अगर मैं बताऊंगा तो। हिमानी को अब जानना था कि सलीम ने ऐसा क्यूं बोला। उसने जोर दिया की आप बताओ कि शादी के बाद मजा क्यों नहीं मिलेगा। सलीम ने बोला, देखो बुरा मत लगाना लेकिन तुम्हारे हिन्दू लोगों का लन्ड बहुत छोटा होता है और उनका बहुत जल्दी झड़ भी जाता है। तुम जब तक गरम होगी तब तक तो तुम्हारा पति झड़ कर सो जाएगा। हिन्दू आदमी सिर्फ औरत पर चिल्ला सकता था, न तो वो बाहर हम मुल्लों से लड़ सकता था और ने ही वह घर में अपनी औरतों को चुदाई से संतुष्ट कर सकता है। कुछ लोग तो शादी के थोड़े समय बाद चुदाई करना ही छोड़ देते है।जबकि हम मुल्लों का लन्ड बहुत बड़ा होता है हम लोग बहुत देर तक चुदाई कर सकते है। हमारा लन्ड कटा हुआ होने की वजह से वह देखने में भी बहुत अच्छा लगता हैं। औरते मरती हैं हमारे साथ सोने के लिए क्योंकि हम 50–60 की उम्र के बाद भी उसी जोश में चुदाई करते हैं। हिमानी यह सब बहुत ध्यान से सुन रही थी, तभी फैजान बोला कि चलो पीते है, तो दोनों लोग दारू पीने लगे और फैजान ने हिमानी को भी ज़ोर देकर एक बियर पीला दी। हिमानी पहली बार पी रही थीं तो उसको हल्का हल्का सुरूर चढ़ने लगा। सलीम ने मौका देख दिया बोला कि हिमानी तुम बहुत खुश नसीब हो कि तुम्हारा मुस्लिम बॉयफ्रेंड है, हिमानी ने पूछा ऐसा क्यों तो सलीम बोला कि फैजान तुम्हे चुदाई का पूरा सुख देता है और वह देखने में भी मर्द लगता है। सभी मुस्लिम लोग बहुत ताकतवर होते हैं, मुझे ही देख लो। ये सुनकर हिमानी ने पहली बार 2 मिनिट के लिए सलीम को घूर कर देखा तो उसको लगा कि सलीम कितना चौड़ा और बड़ा मर्द है। सलीम ने ये भाप लिया और उसने मौके पर चौका लगाते हुए कहा कि एक बात पुछूं क्या, बुरा तो नहीं मानोगी। हिमानी ने कहा बिलकुल पूछिए, इस समय हिमानी को सलीम की बाते सुन कर अच्छा लग रहा था। सलीम बोला कि मुझे देख कर तुमको क्या लगता है कि तुम्हारे घर का कौनसा मर्द मुझसे लड़ाई कर जीत सकता है, हिमानी कुछ नहीं बोली क्योंकि उसको पता था कि हमारे घर का कोई आदमी सलीम से जीत नहीं पाएगा। अब वो भी थोड़ा थोड़ा मुस्लिम की और झुकने लगी। फैजान बस मुस्करा रहा था। सलीम बोला मैने बहुत सी हिन्दू औरतों को चोदा है क्योंकि वह सब अपने हिंदू पतियों से असंतुष्ट हैं। मेरा शरीर देख कर वे मुझ पर फ़िदा है जाती हैं। हिमानी ने अब दूसरी बियर भी खत्म कर दी थी और वो सलीम की बातों में आने लगी थी। फैजान ओर सलीम को लगा आज के लिए बहुत है इतना फिर फैजान बोला चलो अन्दर रूम में जाते है, तो सलीम बोला कि ठीक है दोनों लोग मज़े करना ओर कुछ भी काम हो तो बता देना में पास के रूम में ही हु। दोनो लोग अंदर गए और फैजान झट से हिमानी पर टूट पड़ा, हिमानी भी बियर के नशे में थी और सलीम की बातों से बहुत उत्तेजित हो गई थी तो वह भी फैजान का पूरा साथ दे रही थी। दोनो ने अपने कपड़े उतार कर फेक दिए और फैजान ने हिमानी को अपना लन्ड चूसने बोला, हिमानी भी बिना किसी देर के, उसका लन्ड किसी पोर्नस्टार की तरह चूसने लगी। आज वो फैजान के लन्ड को बार बार देख रही थीं, क्यूंकि सलीम ने मुस्लिम लन्ड की बहुत तारीफ की थी। इसी बीच सलीम अंदर आया और लूंगी खोल कर मेरे सामने खड़ा हो गया। में समझ गया मुझे क्या करना है , में बिना कुछ बोले उसका लन्ड चूसने लगा। आज मुझे भी मज़ा आ रहा था, क्योंकि बाहर सलीम की बाते सुन कर में भी मुस्लिम मर्द की तरफ आकर्षित हो गया था। सलीम मुझे बोला, क्या मस्त चूस रहा है तु आज, बहुत जल्दी तेरी रण्डी बहन को चुसाऊंगा अपना ये मूसल लन्ड। उधर रूम में अब फैजान हिमानी की चूत चाट रहा था और हिमानी बहुत जोर जोर से सिसकारियां ले रहीं थी। उसने फैजान का मुंह अपनी चूत पर दबा रखा था। अब फैजान उठा और अपना लन्ड हिमानी कि चूत पर रगड़ने लगा, हिमानी बोली जान अब मत तड़पाओ, ज्लदी से अंदर डाल दो। लेकिन फैजान ने उसे मना कर दिया और बोला कि नहीं चोदूंगा। में हैरान हो गया कि वह ऐसा क्यों बोल रहा है, तभी हिमानी ने बोला क्या हुआ जान कुछ गलती हो गई क्या मुझे। तभी फैजान बोला में अपना लन्ड तुम्हारी चूत में तभी डालूंगा जब तुम मुझसे भीख मांगोगी चुदाई की और बोलोगी की अपना ये मूसल मेरी चूत में डाल कर फाड़ दो इसको। हिमानी हवस के नशे में चूर होकर बोली कि फैजान में तुमसे हाथ जोड़ कर भीख मांगती हूं कि अपना ये मूसल लन्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को फाड़ दो। ये सुन कर सलीम हंस पड़ा और बोला देख रहा है अपनी रण्डी बहन को कैसे चूदने के लिए बेताब हैं, में सर झुका कर उसका लन्ड चूसने लगा। उसने जोर से मेरी गांड़ पर एक थप्पड़ मारी और मेरी सिसकारी निकल गई। उसने 2–3 बार और मारा, मुझे भी अच्छा लगा। उधर फैजान हिमानी को बोला की बोल तू मेरी रांड़ है, तो हिमानी बोली फैजान में तुम्हारी रण्डी हु, जल्दी से अपना मूसल लन्ड मेरी चूत में घुसा दो। अब फैजान ने भी देर न करते हुए उसकी चूत में लन्ड डाल दिया और उसको चोदने लगा। पूरे रूम में सिर्फ हिमानी की चीखने की आवाजे आ रही थीं। इधर सलीम ने मुझसे अपने निपल्स चूसने को बोला और वो बिस्तर पर लेट गया, में उसके ऊपर चढ़ कर उसके छाती को चूमने लगा। उसका मर्दाना शरीर छूने के बाद मुझे एहसास हुआ कि क्यों हिन्दू औरते उससे चुदाने के लिए राजी होती है। वहां फैजान ने लगातार हिमानी को चोद रहा था और करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद फैजान ने अपना माल हिमानी के मुंह पर निकाल दिया जिसमे से थोड़ा हिमानी ने पी लिया। हिमानी इस चुदाई में करीब 3 बार झड़ गई थी। उसके चेहरे पर संतुष्टि साफ साफ दिख रही थी। अब हिमानी को सलीम की बाते वापस याद आने लगी़, उसका बियर का नशा भी उतर गया था। उसने फैजान को पूछा कि सच में सब मुस्लिम मर्द ताकतवर होते है। फैजान बोला बिल्कुल, तुमने देखा नहीं सलीम भाईजान को कितना ताकतवर शरीर है उनका। हिमानी बोली वो तो बिल्कुल सांड जैसे मजबूत लगते है, में तो उनके सामने बिल्कुल नन्हीं बच्ची लग रही थीं। हिमानी बोली कि सच में हिन्दू लोग सेक्स में औरत को संतुष्ट नहीं कर पाते है तो फैजान को मन में लगा यहां तो शिकार सामने से हलाल होने आ रहा है, उसने हिमानी को अपना ट्विटर अकाउंट खोल कर कुछ हिंदू लोगों के लन्ड के फोटोस दिखाए। वो सब लन्ड बहुत छोटे और बेकार दिख रहे थे, हिमानी बोली इतने से ही होते हैं क्या ओर ये बोल कर उसने फैजान के हाथ से फोन ले लिया और बाकी पोस्ट्स देखने लगी। हिमानी मूसल लन्ड देख कर पागल हो गई साथ ही उसको हिन्दू लन्ड देख कर हसी आ रही थी। फैजान को अपनी मंजिल पास आती दिखाई देने लगी। हिमानी ने बोला कि अगर सभी हिन्दू लोगों का लन्ड ऐसा होता है तो में हमेशा तुम्हारे साथ ही रहूंगी और जो बोलोगे वो करुंगी।हमारे पूरे परिवार तुम्हारे जैसी बॉडी किसी की नहीं सब लोग दुबले हैं है या तो पेट निकला हुआ है। ये बोल कर वो फैजान से लिपट गई। हिमानी को प्यास लग रही थीं तो वो बाहर पानी पीने के लिए उठी और अपना टॉप और पेंटी पहनी, वैसे भी रात के 3 बज रहे थे बाहर कोई नहीं होगा तो उसने जींस पहनना ठीक नहीं समझा, सिर्फ़ टीशर्ट और पेंटी पहन कर बाहर जाने लगी इधर सलीम ने भी अपना सारा माल मुझे पिला दिया और लूंगी पहन कर जान बुझ कर हिमानी के सामने बाहर जाने लगा। हिमानी टीशर्ट और पेंटी में बाहर किचन में पहुंची और सलीम भी वहा आ गया और उसके पीछे खड़ा हो गया जैसे ही हिमानी पानी पीकर पीछे मुड़ी और सलीम से टकरा गई। हिमानी गिरने को हुई लेकिन सलीम ने उसकी कमर को पकड़ कर अपने पास खींच लिया। हिमानी सलीम के आगोश में थी और वो भूल गई कि उसने नीचे सिर्फ पेंटी पहनी हुई है। सलीम ने उसे छोड़ा और बोला कैसी रही रात। तुम्हारी सिसकारियों से तो लग रहा था कि फैजान ने बहुत खुश कर दिया तुमको। हिमानी शर्म से लाल हो गई और वहां से जाने लगी तभी फैजान बाहर आ गया और हिमानी से पानी मांगा। वो सलीम को देख कर बोला आप सोए नहीं भाईजान अभी तक। तो सलीम बोला तेरी गर्लफ्रेंड की चीखों ने सोने ही नहीं दिया। दोनो इस बात पर ठहाके लगाने लगे। सलीम ने फैजान को शाबाशी दी कि ऐसे ही हिमानी को मज़े दो ओर खुद भी मज़े करो। फैजान बोला सब आपसे ही सीखा है भाईजान। तभी फैजान ने कहा कि काफी पीने का मन कर रहा है, हिमानी तुम बना दोगी क्या अपन तीनों के लिए। हिमानी ने बिलकुल बना दुगी ये भी कोई पूछने की बात है, उसी समय हिमानी को एहसास हुआ कि उसने नीचे सिर्फ पेंटी पहनी हुई है और वह सलीम के साथ खड़ी है। वो शर्मा कर जल्दी रूम कि तरफ भागने लगी तो सलीम ने उसे रोका और बोला कि मुझे पता है तुम रूम में जींस पहनने जा रही हो लेकिन आधी रात में टाइट जींस पहनोगी तो खुद ही अनकंफर्टेबल हो जाओगी । तुम्हे शर्माने की जरूरत नहीं है और वैसे भी मैने तुमको पेंटी में देख लिया है और मैने खुद ने भी सिर्फ लूंगी ही पहनी हुई है। फैजान बोला कि सलीम भाईजान सही कह रहे हैं, ये तुम्हारा हिन्दू घर नहीं हैं जहां तुमको पूरा ढक कर रहना पड़ता हैं, इस घर में तुमको किसीसे शर्माने की जरूरत नहीं है। हिमानी को उसकी बात ठीक लगी वो बोली आप लोग सोफे पर बैठे में कॉफी बनाकर लाती हु और वो अंदर जा कर काफी बनाने लगी। हिमानी कॉफी लेकर बाहर आई और टेबल पर रखी लेकिन सलीम ओर फैजान सोफे पर इस तरह बैठे थे कि हिमानी को उन दोनों के बीच में बैठना पड़ा। सलीम ने काफी की सीप ली और हिमानी की तारीफों के पुल बांधने लगा। हिमानी बोली इतनी भी अच्छी नहीं है कॉफी आप भी बस मजाक करते हैं। में अंदर से सब देख रहा था और सोच रहा था कि पहली मुलाकात में हिमानी सलीम से इतना गुल मिल गई। तभी फैजान हिमानी को छेड़ते हुए बोला कि वैसे हिमानी इस टीशर्ट और पेंटी में तुम बहुत सेक्सी लग रही हो। हिमानी शर्मा गई और उसने फैजान के कमर पर चुटकी करी और चुप रहने का इशारा किया। हिमानी बोली में अन्दर जाती हूँ तो सलीम बोला कि अरे हिमानी शरमाओ मत, फैजान बिलकुल सच बोल रहा है, तुम तो बिल्कुल बॉलीवुड हीरोइन से भी ज्यादा सेक्सी लग रही हो। हिमानी ने कहा कि इतनी भी सुंदर नहीं हु में लेकिन मन ही मन वो अपनी तारीफ सुन कर खुश हो रही थी। अब हिमानी सलीम से काफी खुल गई थी। सलीम उसकी गोरी गोरी टांगों को घूर रहा था जिसे हिमानी ने भाप लिया और वो बोली कि आपने तो इतनी औरतों के साथ मज़े किए है, मेरी टांगें इतनी अच्छी है क्या जो आप बार बार देख रहे हों, हिमानी ने ये बात हस कर मजाक में कही। सलीम बोला मैने बहुत औरतों को संतुष्ट किया है लेकिन तुम्हारी जैसी चिकनी टांगें किसी की नहीं है, फैजान के तो मज़े है। फैजान बोला ये बात तो आपने सही कही भाईजान और ये बोलते हुए फैजान ने हिमानी को लिप्स पर किस किया, हिमानी भी सलीम के सामने खुल गई थी तो उसने भी फैजान को खुल कर किस किया। काफी खत्म कर सब अपने रूम में चले गए और थोड़ी मस्ती करने के बाद फैजान ओर हिमानी भी सो गए। तो दोस्तो आज की ये कहानी यही खत्म होती है। कहानी के अगले भाग में लिखूंगा कैसे हिमानी ओर सलीम आपस मे खुलने लगें ओर हिमानी मुस्लिम को ही असली मर्द समझने लगी। ये भी लिखूंगा कि कैसे हिमानी को मेरे और सलीम के बारे मे पता चला और उसने मुझे साड़ी पहना कर सलीम के साथ सुहागरात मनाने के लिए तैयार किया ओर मेकअप किया। कहानी में ओर भी मज़ा आने वाला है ये बिलकुल सच्ची कहानी है, इसे पढ़ कर अपना फीडबैक जरूर दे। आपके मेल से ही अगली कहानी अपलोड करने का प्रोत्साहन मिलता है Mail I'd - jainhimangi306@gmail.com
दोस्तो, Hindi Sex Stories

मै 35 साल का युवक हूँ, मेरा नाम Hindi Sex Stories राजेश है और अन्तर्वासना की कथाओं का नियमित पाठक हूँ। दोस्तों मै आज आप सभी को अपनी एक सच्ची कहानी भेज रहा हूँ।

बात करीब दो वर्ष पहले की है, मै अपने एक दोस्त की शादी में लखनऊ गया था। वहां मैंने एक खूबसूरत लड़की को देखा जिसकी उम्र 28 साल की होगी और उसका फिगर भी गजब का था, स्तन और गांड तो देखने लायक थे, उसको देखते ही मेरे मन में उसको चोदने का ख्याल आने लगा। फिर मैंने पता किया कि ये है कौन? पता चला कि ये मेरे दोस्त के बड़े भाई की साली है।

मैंने सोचा फिर तो ठीक ही है और उसको पटाने के लिए उसके पास जाकर उससे मेल जोल बढ़ाने के लिए बातचीत शुरू की और उसको बताया कि राजू जिसकी शादी हो रही है मेरा दोस्त है। और उससे उसका नाम पूछा तो उसने बताया- मेरा नाम प्रियांसी है।

मैंने कहा- मुझ को मालूम है कि तुम राजू के बड़े भाई की साली हो।
और पूछा कि तुम्हारा पति भी शादी में आया है?
तो प्रियांसी ने बताया- वो नहीं आए हैं ऑफिस के काम से बाहर जाना पड़ा है इसलिए नहीं आ सके।

बात करता हुआ मै प्रियांसी के बूब्स को देख रहा था। प्रियांसी भी समझ रही थी कि मै उसके स्तनों का जायजा ले रहा हूँ। तब प्रियांसी ने कहा- राजेश तुम बात तो हमसे कर रहे हो लेकिन नजरें तुम्हरी कहीं और हैं इरादा नेक है कि नहीं?

मै समझ गया कि प्रियांसी की भी इच्छा कुछ करने की है, मैंने कहा कि प्रियांसी तुम्हारी चूचियों के निप्पल तो बड़े बड़े लग रहे हैं तुम्हारे ब्लाउज के अंदर से निप्पल निकलने को बेकरार हैं।
तो प्रियांसी ने कहा- कैसी बातें करते हो?
मैंने कहा- जैसे तुमने पूछा कि नजरे कहाँ हैं तो मैंने बता दिया कि क्या देख रहा हूँ !

उसने हंस दिया तो मैंने कहा कि प्रियांसी तुमको देख कर चोदने का मन कर रहा है ! मै भी यहाँ अकेला ही आया हूँ, रात को शादी में शामिल होने के बाद कुछ मस्ती करने का इरादा है क्या?

तो प्रियांसी ने कहा कि किसी को मालूम हो गया तो हमारा घरवाला हमको निकल देगा !

मैंने कहा कि ऐसा करते हैं कि शादी की अगवानी की रस्म होने के बाद मेरे होटल में चलते हैं। मैंने लखनऊ जाकर एक होटल में कमरा ले लिया था क्योंकि शादी के घर में जगह नहीं होती है और मुझको बाथरूम में नंगे हो कर नहाने की आदत है, इसलिए कमरा लेना पड़ा था।

मैंने प्रियांसी से कहा कि रात में हमारे कमरे में रूक जाना, ऐसे समय में किसी को ध्यान नहीं होता कौन कहाँ है।

प्रियांसी ने कहा- देखा जायेगा !

फिर हम लोग अपने अपने काम से लग गए लेकिन मन ही मन सोच रहा था कि प्रियांसी चलेगी या नहीं?
लेकिन यह भी लग रहा था कि प्रियांसी का भी मन शायद चुदाई का है, नहीं तो वो दूसरे सुर में बात करती। खैर किसी तरह से शादी की अगवानी की रस्में पूरी हुई तो मैंने प्रियांसी से कहा- चलो जानेमन ! आज की रात हमारे लण्ड का भी मजा ले लो ! अभी तक तो तुमने अपने पति के लण्ड का ही मजा लिया होगा !

प्रियांसी भी चुदाने के पूरे मूड में थी, उसने कहा- बाहर चलो ! हम आते हैं !

और फिर 5 मिनट में ही प्रियांसी भी बाहर आ गई। हम और प्रियांसी एक ऑटो में बैठ कर होटल आ गए। कमरे में आते ही मैंने टीवी चालू कर दिया। रात का 1 बजा होगा, टी वी के चैनल बदलने में एक चैनल पर ब्लू फिल्म चल रही थी।

प्रियांसी ने कहा- यह क्या है?
मैंने कहा- ब्लू फिल्म ! अक्सर रात में डिस्क वाले लगा देते हैं, वही चल रही है।
तो उसने कहा- हमने तो कभी ब्लू फिल्म देखी ही नहीं है !

तो मैंने कहा- बड़े मौके से आ रही है, देख लो ! और टीवी चालू करके मैं बाथरूम में घुस गया, दरवाजा अंदर से बंद नहीं किया और नंगे होकर नहाने लगा।

उधर प्रियांसी ब्लू फिल्म देख कर गरम हो रही थी। फिल्म में एक लड़की को पॉँच आदमी चोद रहे थे, एक आदमी उसकी चूत में लण्ड डाले हुए था, दूसरा गांड में लण्ड डाले था, तीसरा मुंह में लण्ड डाले था और दो आदमी उसकी चुचियों को दबा रहे थे और वो लड़की उन दोनों आदमियों का लण्ड अपने हाथ में लेकर मुठ मारने में लगी थी।

यह सीन देख कर प्रियांसी बहुत गरम हो गई थी और उसने अपनी साड़ी खुद ही उतार दी। मेरा लण्ड भी यह देख कर डंडे जैसा तन गया और फिर मैं तौलिया लपेट कर बाहर आ गया। मेरा लण्ड तौलिये को फाड़कर बाहर आने को बेताब था।

प्रियांसी ने भी देखा कि मेरा लण्ड तना हुआ है, उसने उठ कर तुंरत मेरा तौलिया खींच दिया। अब मैं बिल्कुल नंगा हो गया, मेरा 8′ का लण्ड देख कर प्रियांसी तो ख़ुशी से उछल पड़ी, बोली- इतना लम्बा और मोटा लण्ड है? हमारे आदमी का तो 5′ का ही है ! आज पूरा मज़ा आयेगा !

मैंने कहा- जानी ! आज जैसा मज़ा तुमको पहले कभी नहीं मिला होगा !

और यह कह कर मैं उसको उठा कर बिस्तर पर ले गया और उसको किस करना शुरू कर दिया। मैंने उसके होंठों को किस करना शुरू किया तो उसने अपनी जीभ मेरे मुंह में दे दी। मैं उसको चूसता रहा और हाथों से उसके बूब्स को सहलाने लगा। और फिर धीरे धीरे उसका ब्लाउज उतार दिया, फिर उसके पेटीकोट का नाड़ा भी खोल दिया। अब प्रियांसी सिर्फ पैंटी और ब्रा में थी। उसकी चड्डी गीली हो रही थी, चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया था।

मैं तो उसके बदन को देख कर दंग रह गया। बिल्कुल दूध की तरह गोरी थी प्रियांसी !उसको देख कर तो किसी का भी मन चोदने का हो जायेगा। मैंने तुंरत ही उसकी ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी चूचियों को धीरे धीरे सहलाने लगा। फिर एक चूची को मुंह से चूसने लगा और फिर धीरे धीरे किस करते हुए उसकी नाभि तक आ गया।

प्रियांसी बहुत गरम हो रही थी उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया था और उसको हिला रही थी। मैंने उसकी चड्डी भी उतार दी, लगता था कि उसने अपनी बुर के बाल कुछ दिन पहले ही साफ किए थे।

प्रियांसी ने बताया कि अभी 3 दिन पहले ही महीना ख़तम हुआ है इसलिए मन तो चुदवाने का कर ही रहा था क्योंकि महीना समाप्त होने के बाद चूत की प्यास बढ़ जाती है, लेकिन शादी में आना पड़ा।

मैंने कहा- मेरी जान ! आज मैं तुम्हारी चूत की पूरी प्यास बुझा दूंगा !
और फिर मैं उसकी बुर को चाटने लगा तो वो बोली- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या तुम्हारे आदमी ने कभी तुम्हारी बुर नहीं चाटी?
उसने कहा- नहीं तो !

मैंने कहा कि तब तो तुमने अभी तक चुदाई का असली आनंद लिया ही नहीं ! आज ले लो मेरी जान पूरा आनंद !

और यह कह कर मैं उसकी बुर को थोड़ा फैला कर जीभ से चाटने लगा। प्रियांसी के मुंह से सिसकारी निकल रही थी और बड़बड़ा रही थी- ऐसा तो पहले कभी मज़ा नहीं आया !

मैं फिर उसकी बुर की तिकोन को मुंह में भर कर चूसने लगा और फिर उसको जीभ से ही चोदने लगा। मैं अपने हाथों से उसकी चूचियों को मसलता रहा और गांड पर भी हाथ फिराता रहा।फिर मैंने 69 की पोसिशन बनाई और अपना लण्ड उसके मुंह के पास ले गया और प्रियांसी से कहा- इसको भी तो चूसो !

उसने कहा- लण्ड भी चूसा जाता है क्या?
मैंने कहा- चूसो मेरी जान ! आज चुदाई का पूरा मज़ा लो !

तब प्रियांसी ने मेरे लण्ड का सुपाड़ा खोल कर जीभ से चाटना शुरू किया। मैंने उसका सर पकड़ कर पूरा लण्ड उसके मुंह में डाल दिया और उसकी बुर चूसने लगा। उसकी बुर बहुत गीली हो रही थी और फिर थोडी देर में ही प्रियांसी कि बुर ने पानी छोड़ दिया।

मेरा लण्ड भी तन कर डंडा बना हुआ था तो फिर मैंने अपना लण्ड उसके मुंह से निकाला और उसको घोड़ी बनने को कहा तो वो बोली- घोड़ी बना के क्या करोगे?
मैंने कहा- पहले तुम्हारी गांड मारूंगा !
वो बोली- हमने कभी गांड नहीं मरवाई है, उसमें तो बहुत दर्द होगा !

मैंने कहा कि पहली बार बुर चुदाई में भी तो दर्द हुआ होगा बस वैसा ही होगा फिर मज़ा आने लगेगा।

उसने कहा- धीरे धीरे डालना ! कहीं मेरी गांड न फट जाये !

मैंने उसकी गांड पर थूक लगाया और फिर अपने लण्ड का सुपाडा उसकी गांड के छेद पर लगा कर हलके से धक्का दिया मेरा सुपाड़ा उसकी गांड में घुस गया।

वो धीरे से चिल्लाई- लग रहा है !
मैंने कहा- बस अब नहीं लगेगा ! और फिर एक धक्का दे दिया मेरा आधा लण्ड उसकी गांड में घुस गया।
उसको कुछ ज्यादा ही दर्द हुआ और बोली- लण्ड बाहर निकालो प्लीज़ ! लग रहा है !

मैं फिर उसकी पीठ पर चुम्बनों की बौछार करने लगा और लण्ड डाले डाले ही उसकी चूचियों को हाथ से पकड़ कर सहलाने लगा। थोड़ी देर में उसका दर्द कुछ कम हुआ। फिर मैंने अपने लण्ड का एक धक्का जोर से मारा, मेरा पूरा लण्ड उसकी गांड में घुस गया और फिर मैंने अपने धक्के तेज कर दिए अब तो प्रियांसी को भी मज़ा आने लगा और वो भी अपने चूतड़ उठा उठा के मेरा पूरा लण्ड अन्दर लेने लगी।

थोड़ी देर बाद मैंने अपना लण्ड निकाल कर उसकी चूत में पीछे से ही डाल दिया चूत बिल्कुल गीली थी आधा लण्ड उसकी चूत में घुस गया। फिर मैंने थोड़ा सा लण्ड बाहर निकाल कर एक जोर का धक्का मारा, मेरा पूरा लण्ड उसकी बुर में जड़ तक घुस गया।

वो चिल्लाई- मर गई ! धीरे धीरे करो ! तुम्हारा लण्ड बहुत बड़ा है !

मैंने फिर धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू कर दिए। अब प्रियांसी को भी मज़ा आने लगा था और वो भी चूतड़ उठा उठा कर धक्के लगाने लगी। करीब आधे घंटे की चुदाई में प्रियांसी दो बार झड़ चुकी थी और अब मेरा भी पानी निकलने वाला था। मैंने अपने लण्ड को प्रियांसी की बुर से बाहर निकाला और उससे कहा- मुंह खोलो !मेरा पानी पी लो ! मज़ा आ जायेगा !

और फिर उसने मेरा सारा पानी पी लिया और लण्ड को चाट चाट कर साफ़ कर दिया।

उस रात हम लोगों ने चार बार चुदाई की। प्रियांसी बहुत खुश थी, बोली- जिन्दगी में पहली बार ऐसा चुदाई का मज़ा आया है, अब हम कानपुर तुमसे मिलने जरुर आया करेंगे।

दोस्तो, मेरी कहानी कैसी लगी जरूर लिखियेगा। Hindi Sex Stories

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मेरे मामा Indian Sex Stories जी की पत्नी यानि मेरी मामी का अकस्मात निधन हो गया था। मामाजी अट्ठाईस साल के खूबसूरत वयक्तित्व वाले हैं। उनकी पत्नी भी पढ़ी-लिखी सुंदर औरत थी। निधन के समाचार से मेरी मम्मी और परिवार के सभी सदस्यों को बहुत दुःख हुआ था। मामाजी की एक दो साल की लड़की थी।

थोड़ा अपने बारे में बता दूँ!
मेरी उम्र 18 से कुछ ज्यादा है, बला की खूबसूरत हूँ मैं! मुझे देखते ही आदमी की आह निकल जाती है। बी.कॉम की परीक्षा के बाद गर्मियों की छुट्टियों में मम्मी ने मामाजी की लड़की जॉली को सम्हालने के लिए मुझे इस वर्ष अकेले ही भेज दिया।

मामाजी के यहाँ पूरा परिवार छोटे मामाजी, नानी जी, नानाजी सभी जॉली को बहुत अच्छे से रखते हैं। मामाजी बिलकुल उदास और गमगीन रहते थे। वो अकसर कामकाज के सिलसिले में बाहर जाते थे, रात को देर सवेर घर पर आते थे।

एक रोज रात को मामाजी करीब साढ़े गयारह बजे घर पर आये। मैं जॉली को सुला रही थी, सोते वक्त जोली रोने लगी, मुझे बहुत दया आई और अपनी शर्ट को खोलकर जॉली को अपना चुचूक चुसाने लगी। चुसाते-पिलाते कब जाने नींद लग गई।

जब मेरी नींद उड़ी तो देखा मामाजी के हाथ मेरे स्तनों को धीमे धीमे सहला रहे थे, नींद उड़ते ही एकदम से मैं सन्नाटे में आ गई। पर सोचा कि आज चार माह हो गए मामीजी को मरे हुए, रोजाना सेक्स करने वालों की क्या हालत होती होगी। फिर सबसे बड़ी बात मेर गुलाबी चुचूकों पर मामाजी का हल्का स्पर्श पाकर मैं खुद रोमांचित हो गई। मैं नींद का बहाना करके सोई रही।

मामाजी ने धीरे धीरे शर्ट के चार बटन खोल दिए ब्रा को थोड़ा और ऊपर खिसका कर एक स्तन पर अपने होंठ रगड़ने लगे, दूसरे पर हल्का हल्का हाथ चला रहे थे। मेरे पूरे बदन में चिंगारियाँ फूटने लगी। वक्ष पर मामाजी की चलती हुई जबान से मेरी चूत कुलबुलाने लगी।

इधर मामाजी के पजामे के सामने ऐसा लगा जैसे टेंट खड़ा हो गया हो। धीरे से मामाजी का हाथ मेरी कमर से रेंगते हुए जींस तक पहुँच गया परन्तु तंग जींस होने से हाथ चूत तक नहीं पहुँच सका। फिर मामाजी जो भी हरकत कर रहे थे, बहुत डरते डरते से कर रहे थे। मैं आँख बंद कर आनंद ले रही थी पर डर मुझे भी लग रहा था। थोड़ी देर बाद मामाजी ने चुचूक चूसते चूसते पजामे में से अपना आठ-नौ इंच लम्बा लंड निकाल कर हाथ में ले लिया। वासना के वशीभूत हो के हाथ से लंड को जोर जोर से हिलाने लगे, दूसरे से मेरे स्तन दबाते रहे और मुँह में निप्पल लेकर लॉलीपॉप सरीखे चूसते रहे।

इच्छा तो मेरी भी बहुत हुई पर आंखे मींचे शर्म के मारे लेटी रही। थोड़ी देर बाद मामाजी के लंड ने पिचकारी मारी, जैसे होली पर रंग निकला हो, ढेर सारा वीर्य निकल कर बेडशीट पर जा गिरा। मामाजी जोर जोर से हांफ़ने लगे। सांसों को ठीक कर धीरे धीरे मेरी शर्ट के बटन लगाने लगे। सब कुछ सामान्य हो गया सिवा मेरे बदन के, आग लग गई उसमें!

एक घंटे बाद जब लगा कि मामाजी सो गए, मैं धीरे से उठकर अपने कमरे में चली गई। सीधे बाथरूम में जाकर पूरी नंगी होकर नहाई, नहाते हुए जमकर चूत में ऊँगली डाली, तब जाकर राहत मिली और सो गई।

अगले रोज मामाजी से मैं बराबर निगाह नहीं मिला पा रही थी, पर ऐसा जाहिर किया जैसे रात जो कुछ हुआ उसकी मुझे जानकारी न हो। परन्तु सारे दिन रात के वाकयात मेरी निगाहों से न निकले, रह रह कर रात वाली बात याद आती और कुदरन सेक्स करने की इच्छा होने लगी। इससे पहले हल्का फुल्का वक्ष को स्पर्श करवाना, बन-ठन कर रहना, लड़कों को कुत्ते की तरह पीछे दौड़वाने तक का खेल मैंने किया था पर सेक्स के मामले में विगत रात अब तक का मेरा उच्च स्कोर थी।

जैसे-तैसे दिन कटा, रात होते ही खुद-ब-खुद मेरे कदम मामाजी के कमरे की तरफ बढ़ने लगे, परन्तु आज बहाना न रहा! जॉली नानीजी के पास जो सो गई थी। मन मार कर मैं अपने कमरे में सो रही थी।
नौ बजे के करीब मामाजी आये, उनकी कमर में थोड़ा दर्द हो रहा था। नानीजी ने मुझे आवाज लगाई- बेटी निशा, मामाजी के कमर पर जरा तेल लगा देना!

मुझे जैसे मुँह मांगी मुराद मिल गई हो। आज मैंने नाईट-सूट पहन रखा था, वो भी बिना ब्रा और पेंटी के! मामाजी चादर ओढ़ कर लेटे थे। मैंने पूछा- मामाजी, कहाँ दर्द हो रहा है?

मामाजी ने कमर की बगल में इशारा किया वहाँ तेल लगाने के लिए मामाजी को पजामा खोलना पड़ता। उन्होंने पजामा और चड्डी खोलकर नग्न होकर चादर डाल ली। मैं चादर के अंदर हाथ डालकर आहिस्ता-आहिस्ता मालिश करती गई। दस मिनट बाद मुझे कंपकपी छूटने लगी। वासना से मेरा बदन जलने लगा।

एकाएक मामाजी जो बगल में होकर लेटे हुए थे, थोड़ा सीधा हो गए। सीधा होते से ही सांप की फुफकारता उनका लंड मेरे हाथ से टकराया। रिश्ते-नाते, उम्र सब भूलकर मैंने लंड को हाथ में पकड़ लिया। मामाजी भी सिसकारियाँ भरने लगे। मुझसे और बर्दाश्त न हुआ, लंड को मुँह में ले लॉलीपोप की तरह चूसने लगी। मामाजी मेरी ब्रा विहीन चूचियों को कस के दबाने लगे, चूसने लगे। बेतहाशा लिपट गए, चिपट गए!

इसके आगे क्या हुआ?
बाकी की कहानियों में आप लोग रोजाना पढ़ते ही हो!
मतलब मामा ने चोदा अपनी भानजी को
मेरी सच्ची कहानी अच्छी लगी हो तो मेल करें! Indian Sex Stories

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मुझे बड़ी उमर की औरतें Hindi Sex Stories बहुत पसंद हैं। अक्सर ऐसी औरतें आसानी से नही मिलतीं। काफ़ी मेहनत से मिलती हैं। यह एक सच्ची घटना है।

मैं पुणे मे पेईंग गेस्ट बनकर एक घर में रहता था। घर के मालिक काफ़ी अच्छे थे लेकिन उनकी पत्नी हमेशा अकेली और उदास रहती थी। उसका नाम राधा था। जैसा नाम वैसे ही रूप। भगवान ने फ़ुर्सत में उसको बनाया था। बला की ख़ूबसूरती थी उसमें। उमर कोई 40-45 होगी। लेकिन चेहरे से मदमस्त मदमाती नशीली लगती थी जो कि रस से भरी हुई हो और उनके अंग-अंग से रस छलकता था।

उसके पति को उनमें कोई रूचि नहीं थी, ऐसा मुझे अक्सर लगता था। एक दिन राधा ने मुझे रात के खाने के लिए आमंत्रित किया। मैंने अपने व्यस्त होने का नाटक किया लेकिन उसके आग्रह करने पर मैं मान गया। दूसरे दिन शाम को मैं जल्दी ही ऑफिस से आ गया और मौक़े का इंतज़ार करने लगा।

रात के करीब साढ़े आठ बजे राधा ने मुझे खाने के लिए आवाज़ दी। मैंने कहा कि 5 मिनट में आता हूँ।

मैंने राधा के लिए एक प्यारा सा फूलों का गुलद़स्ता खरीदा था जो मैं लेकर उसके पास चल दिया। वहाँ पहुँचते ही मैंने पूछा कि अंकल (मकान मलिक) किधर हैं। इस बात पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। मैं समझ गया कि आज समय मुझ पर मेहरबान है। उन्होंने मुझे डिनर टेबल की तरफ इशारा कर बैठने को कहा और ख़ुद दूसरे कमरे में चली गईं।

डिनर टेबल कई तरह के पकवानों से सज़ा हुआ था। पर दोस्तों मुझे तो कोई और पकवान चाहिए था। थोड़ी देर मे वो एक पारदर्शी नाइट-गाउन पहन कर बाहर आई और मेरे सामने की कुर्सी पर बैठ गई।
उनको देखकर मेरा पप्पू सलामी के लिए अचानक तैयार हो गया। अचानक लण्ड खड़ा होने से मुझे बैठने मे दिक्कत होने लगी। ऐसा देखकर राधा ने पूछा कि क्या हुआ?
मैंने कहा- कुछ नहीं !

और फिर वो मुस्कुराने लगी और मेरे पीछे आकर खड़ी हो गई और मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी, ऐसा करने पर मेरी साँसें तेज हो गईं।

सिर पर हाथ फेरते हुए उसने अचानक मेरे कानों को भी छू लिया। उसी समय मैंने उसके नाज़ुक हाथों को पकड़ लिया और उन हाथों को अपने होंठों से चूम लिया। ऐसा करते ही उसकी साँसें तेज़ हो गईं, बिना देरी किए मैं कुर्सी से उठा और उसको अपनी बाहों मे भर लिया।

वो भी मुझसे कस कर चिपक गई और फिर मैंने अपने होंठ उनके नर्म होंठों पर रख दिए। उसने मुझे और मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया। मेरे हाथ उनके कबूतरों की तरफ बढ़ गए जो कि सदियों से किसी चाहने वाले के लिए बेताब थे।

मैंने बिना देर किए, उनको आज़ाद किया और मेरे हाथ उनसे खेलने लगे। उसने भी अपने हाथ मेरे पप्पू की तरफ बढ़ाए। मैंने अपने पैंट की ज़िप खोल दी। ऐसा करते ही मेरा पप्पू उसको सलामी देने को तैयार हो गया क्योंकि मैंने अंडरवीयर नहीं पहन रखी थी।

उसने मेरे पप्पू की सलामी ली और उसको नीचे झुक कर अपने मुँह में ले लिया और ऐसे चूसने लगी जैसे वो जन्मों की प्यासी हो। मैं भी उनके कबूतरों को दाना खिलाने लगा। थोड़ी ही देर में उन्होंने मेरी पैंट नीचे खींच दी और मेरे बदन से पैंट को अलग कर दिया।

अब पप्पू पूरी तरह से आज़ाद होकर उन होंठों का गुलाम हो गया। वह धीरे-धीरे मेरे पप्पू के चमड़े को ऊपर नीचे करने लगी। 5 मिनट में मुझे ऐसा लगा कि मैं किसी ज़न्नत में पहुँच गया हूँ।

मेरा पप्पू उसके मुख का स्वाद ले रहा था, अचानक उसने मुझसे कहा कि बेडरूम में चलो।
मुझे भी यही चाहिए था। वहाँ पहुँचते ही मैंने उसके गाउन को उतार दिया और उसके मख़मली ज़िस्म का दीदार करने लगा।

ऐसा करते देख कर उसने मुझसे कहा कि बुद्धू ऐसे ही देखते रहोगे या मुझे कुछ करोगे भी। आज की रात मैं तुम्हारी हूँ और मुझे प्यासमुक्त करो।

मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाकर बेड पर लिटा दिया और फिर दोनों 69 की पोज़ीशन मे आ कर एक दूसरे के जननांगों को चाटने लगे। मैंने मेरी पूरी जीभ उनकी प्यारी सी पप्पी मे घुसा दी जिससे उनक पूरा बद़न सिहर उठा और उसने मेरे पप्पू को अपने मुख से अलग कर दिया और अजीब क़िस्म की आवाज़ें निकालने लगी। इसके बाद मैं और तेज़ी से उसके पप्पी की पूजा करने लगा।

इसी दौरान वो दो बार झड़ गई और मैंने उसका सारा रस पी लिया। फिर भी रस रिस-रिस कर पप्पी से बाहर आ रहा था। वो मुझे ज़ोर-ज़ोर से गालियाँ देने लगी और कहने लगी की मुझे तृप्त कर।

अब समय आ गया था कि मैं उसकी पप्पी का मिलन अपने पप्पू से करवा दूँ। पप्पू को मैंने पप्पी के मुख पर रखने से पहले राधा के मुख-चोदन का आनंद लिया और फिर पप्पी के मुख पर रख कर धीरे से एक हल्का धक्का दिया ऐसा करने से पप्पू थोड़ा अंदर गया लेकिन पप्पी टाइट थी, इस वजह से राधा दर्द से चिहुँक उठी।

उसी समय मैंने अपने हाथों से राधा के कबूतरों को धीरे-धीरे दबाना शुरू किया और पप्पू को भी धक्का देना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे पप्पू पप्पी में समा गया। पूरी तरह से पप्पी में समाने के बाद राधा ने अपनी चिकनी चूतड़ उपर उठा-उठा कर पप्पी के पप्पू से मिलन की खुशियाँ मनाने लगी।

बीस मिनट तक ऐसा करते रहने के बाद मेरा पप्पू अपनी मलाई निकालने की तैयारी करने लगा तो मैंने राधा को पूछा की वो पप्पू की मलाई पप्पी को खिलाएगी या खुद खाएगी। उसने कहा कि उनको पप्पू की मलाई खानी है, फिर मैंने मेरे पप्पू को पप्पी से जुदा कर राधा के मुख में डाल दिया और सारी मलाई उनके मुख में आ गई और उसने सारी मलाई एक ही झटके मे चट कर ली।

काफ़ी देर तक मैं और राधा नंगे बदन बिस्तर पर लेटे रहे और आधे घंटे बाद बाथरूम में जाकर साथ मे नहाया और उस दौरान भी पप्पू-पप्पी एक बार फिर मिल गए। बाद मे साफ हो कर हमने साथ में खाना खाया और फिर साथ में बेडरूम मे चले गये।

उस रात हमने 5 बार रसपान किया और करवाया। जब तक मैं पुणे में रहा उसको अच्छी सेवा देता रहा। आज भी मैं उसे बहुत याद करता हूँ।

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