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Massage Girl in Agartala: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Agartala who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Agartala that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Agartala massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Agartala who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Agartala massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Agartala massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Agartala who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Agartala employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Agartala helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Agartala

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Agartala at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

हेलो दोस्तों मैं प्रथा(बदला हुआ नाम) वापस हाजिर हो एक कहानी लेकर लेकिन यह कहानी इस बार मेरी है जो कि मेरे आशिक के द्वारा सुनाई जा रही है। इस कहानी को सुनिए और आनंद लीजिए। तो दोस्तों मैं हूं सोहन(बदला हुआ नाम)और आज मैं अपनी प्रेमिका प्रथा के साथ हुए अनुभव को साझा कर रहा हूं। मैं और मेरी प्रेमिका प्रथम दोनों ही मध्य प्रदेश से संबंध रखते हैं और जहां एक और मैं छत्तीसगढ़ अंचल का निवासी हूं (जैसा कि आपको पता है कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ पहले एक ही हुआ करता था इसलिए मैं भी खुद को मध्यप्रदेश का मानता हूं और मेरी प्रेमिका प्रथा को छत्तीसगढ़ की संस्कृति भी बहुत पसंद हैं)वही दूसरी ओर प्रथा मूल रूप से मध्य प्रदेश के मध्य में ही है। गोपनीयता के लिए मैंने स्थान का नाम नहीं बताया। यह बात है जनवरी 2025 कि जब मैं अपने आंचल छत्तीसगढ़ से मध्य प्रदेश जा रहा था और प्रथम और मेरी मुलाकात सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से हुई थी जहां पर हम तीन-चार महीने बात किया और एक दूसरे के नजदीक आ गए। धीरे-धीरे प्रेम उपजा और हम दोनों को जैसे एक दूसरे का सच्चा प्यार मिल चुका था बस अब हमारा मिलन बाकी था क्योंकि हमने एक दूसरे को सिर्फ वीडियो कॉल ऑडियो कॉल और सोशल मीडिया अकाउंट में ही देखा था और आमने-सामने नहीं देखे थे। हालांकि हम दोनों के बीच में प्राइवेट चार्ट और प्राइवेट कॉल होते थे लेकिन अब बस मिलने की बेताबी थी तो जैसे तैसे मैं अपना काम निपटाकर जनवरी 2025 में मध्य प्रदेश की धरती में कदम रखा और फिर एक दिन 11 जनवरी 2025 को मैं उस स्थान की बस पर बैठ गया जहां पर मेरी प्रेमिका प्रथम रहती थी। वो बस का सफर धीरे-धीरे बेचैनी बढ़ा रहा था मेरी क्योंकि हम पहली बार मिलने वाले थे और फिर शाम को 5:00 बजे बस वहां रुक जहां पर मेरी प्रेमिका रहती थी। प्रथा कोचिंग करती थी और साथ में रूम से रहती थी वह मुझे लेने आई बस स्टैंड और फिर हम दोनों साथ में उसके रूम चल दिए बातों बातों में मैंने उसकी तारीफ किया कि तुम फोटो से तो अधिक सुंदर हो रियल दिखने में और ऐसे ही हम उसके कमरे पर पहुंच गए कमरे पर जाते ही मैं उसके बेड पर बैठ गया और वह मेरे लिए मक्के की रोटी और अंडे की सब्जी बनाने की तैयारी करने लगी। जैसे ही वह मक्के की रोटी बना रही थी एक दो तीन चार रोटी बन गई लेकिन पांचवी रोटी नहीं बन रही थी तो मैंने शरारत करते हुए उसके कमर से हाथ डालकर उसकी हाथों में अपने दोनों हाथ लेकर आटा गुथना चाहा और उसे छेड़ता रहा। मेरी हरकत से वह शर्मा गई और फिर मुझे प्यार से धक्का देकर वापस अपने काम पर जुड़ गई मैं फिर एक बार वापस आता गुठने आया और प्यार से उसके कानों को सुनते हुए आता गुठने लगा और रोटी बनाने की कोशिश करने लगे। इस बार उसने मजाक से बेलन हाथ में लिया और बोले तुम चुपचाप बैठो मैं बना रही हूं और हंसते हुए मुझे छुड़ा लिया। मेरे से उठने के बाद ही उसे मक्के की रोटी बन गई। रोटी बनाने के बाद उसने बोली थोड़ी देर बात करते हैं और सब्जी बाद में बना लूंगी। वह और रोटी बनाने के बाद उसने एकाएक मुझे जोर से आलिंगन कर लिया। प्रथम के इस अनमोल स्पर्श को पकड़ मेरा रोम रोम रोमांचित हो चुका था जैसे मेरी रूह में मेरी प्रेमिका बस गई हो। उसके बाद मैं भी उसे ज़ोर से गले लगा लिया और हम दोनों प्यार के इस समंदर में डूबते चले गए उसके बाद उसने प्यार से मेरा माथा चूमा और फिर देखते ही देखते हमारे लब एक - दूसरे के आगोश में हो गए और हम दोनों एक दूसरे को बेतहाशा चूमने लगे। सच्चे प्रेम का सच्चा स्पर्श पाकर हम दोनों बेतहाशा एक दूसरे के होठों को कस रहे थे फिर करीबन 10 मिनट किसिंग करने के बाद हम दोनों अलग हुए और एक दूसरे की आंखों में प्यार से देखने लगे और फिर एकाएक हमने एक दूसरे को गले लगा लिया। उसके बाद मैंने कहा कि मैं तुमसे बेइंतहा मोहब्बत करता हूं और प्रथा ने कहा तुम मेरी जान हो,मेरा बच्चा हो। मैंने उसकी मेहंदी अच्छी जो उसने मेरे लिए लगाई थी उसने एक दिन पहले पैरों में और 2 दिन पहले हाथों में मेहंदी लगाई थी जिसका रंग काफी निखार गया था और जिसमें मेरे नाम का प्रथम अक्षर S लिखा हुआ था। मैंने उसके हाथों और पैरों दोनों की मेहंदी को अपने होठों से चूम लिया और उसे आई लव यू कहा बदले में उसने भी मुझे आई लव यू मेरी जान कहा। उसके बाद वहां अंडे बनाने में व्यस्त हो गई और मैं भी मोबाइल चलाने में बिजी हो गया। जब खाना बन गया तो हमने एक दूसरे को अपने हाथों से खाना खिलाया उसने अपने कोमल उंगलियों से मुझे खाना खिलाया और मैं अपने हाथों से प्रथा को खाना खिलाया या हमारे लिए एक बेहद अनोखा अहसास था।खाना खाने के बाद मैंने जो गिफ्ट उसके लिए लाया था वह दिया जिसमें दो डेरी मिल्क चॉकलेट्स,दो चिप्स पैकेट,सेव का पैकेट और भुने हुए चने भी थे। इसके अलावा मैंने उसे हाथों का ब्रेसलेट दिया। मेरे पास एक अनोखा गिफ्ट था लेकिन उसे कैसे दूं यह सोच रहा था। जब उसने सब खा लिया और अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मेरे द्वारा लाई गई चॉकलेट और ब्रेसलेट को अपलोड किया उसके बाद हम दोनों एक दूसरे को गले लगा कर लेट गए। मैंने उसे कहा कि मेरे पास और एक गिफ्ट है लेकिन उसे कैसे दूं प्रथा ने कहा दे दो। मैंने कहा ठीक है तुम आंखें बंद करो और हाथ ऊपर करो धीरे से मैं उसकी टी शर्ट उतार दिया और उसके ऊपरी अंडर गारमेंट्स को उतार कर मैंने उसे एक जालीदार एवं ट्रांसपेरेंट ब्रा अपने हाथों से पहना और उसके बाद मैंने उसे टी शर्ट भी पहना दिया। मेरे मन में उसे समय तक वासना ने स्थान नहीं दे रहा था क्योंकि मैं प्रथा से सच्चा प्यार करता था इसीलिए उसे बिना कपड़ों के देखकर भी मैंने कुछ प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की। इसके बाद हम पुनः वापस एक दूसरे की बाहों में बाहें डालकर लेट गए। इसके बाद प्रथा ने कहा मुझे लगा तुम कुछ करोगे लेकिन तुमने तो कुछ किया ही नहीं और हंसने लगी तो मैंने कहा यदि तुम्हारा मन हो तब ही मैं करूंगा तुम्हारी अनुमति के बिना मैं तुम्हें कुछ नहीं करूंगा। तभी उसने शरारती अंदाज में कहा कि मेरा बच्चा जो तुमने पहनाया हो उसे उतरना भी पड़ेगा और उसकी इस बात पर मैं शर्मा गया। अब मैं उसे किस करने लगा और इसके बाद हम दोनों धीरे-धीरे वस्त्रहीन होने लगे मैं उसके शरीर के एक-एक अंग को चूमने लगा जिससे वह काफी सिहर उठती उसके बाद मैंने उसके स्तन को ऐसे चूस रहा था जैसे एक बच्चा अपने मां के स्तन को चुस्त है इस चूसने में वात्सल्य का भाव था ना ही कोई भारीपन या वहशीपन था,मैं बड़े प्यार से ही प्रथा के कोमल स्तनों का रस ले रहा था। प्रथा उम्मममम ahhhhhhh करने लगी।उसके बाद मैं नीचे बड़ा और उसकी नाभि में अपनी जीभ घुसा दी जिससे मेरी प्रेमिका सिहर उठी और इश्श इश्श आह्ह्ह्हा कहने लगी। इसके बाद मैं अपनी प्रेमिका प्रथा की शेव की हुई कोमल टांगों को चूमने लगा जिससे वो रोमांचित हो उठी और मेरे सर को अपने हाथों से पकड़ने लगी और आह्ह्ह्हा आह्ह्ह्हा उफ्फ उफ्फ मेरी जान कहने लगीं। उसके बदन के हर एक-एक अंगों को चूमने के बाद मैंने उसकी ग्राम योनि में अपनी उंगली को डाला जिससे वह काफी रोमांचित हो उठी उसके बाद मैंने दो उंगली डाल और अंदर बाहर करने लगा। इसके बाद मैंने अपना लिंग योनि की दीवार पर रगड़ने लगा और क्लिटोरिस को हाथों से छेड़ने लगा जिससे प्रथा आह्ह्ह्हा आह्ह्ह्हा आह्ह्ह्हा उफ्फ उफ्फ उफ्फ करने लगी। धीरे से मैंने अपना लिंग उसकी योनि में डाला और धीरे-धीरे अंदर बाहर करने लगा जिससे प्रथा को अनोखे आनंद की प्राप्ति हो रही थी और वह आह्ह्ह्हा आह्ह्ह्हा उफ्फ उफ्फ कहने लगी। तकरीबन 10 15 मिनट करने के पश्चात ही प्रथा ने कहा आज के लिए इतना ही और फिर मैं भी अपनी काम क्रीड़ा को रोक दिया और हम दोनों ऐसे ही निर्वस्त्र होकर नींद की गहराइयों में डूब गया जब हम सुबह उठ तो सूर्य की करने में अपनी प्रेमिका प्रथा को ऐसे निर्वस्त्र देखकर मुझे उसके भोले चेहरे पर बड़ा ही प्रेम आ रहा था क्योंकि वहां सोते हुए बहुत ही प्यारी दिख रही थी। कहानी लंबी चलेगी क्योंकि यहां तीन दिन तीन रातों की कहानी है तो इंतजार कीजिए अगले भाग का और जानिए कि आगे हमने क्या-क्या किया और कैसे इस सच्चे प्रेम के पहला अनुभव में हम एक दूसरे में खो गए।
(Mai Aur Mausi)- Hindi sex stories

मैं विकाश गुजरात से अपको एक सच्ची Hindi sex stories बताने जा रहा हूं, जो मेरे साथ हुई थी, मेरी एक मौसी बहुत ही सेक्सी और मस्त लेकिन मैंने उनको कभी इस नज़रों से देखा नहीं था, लेकिन एक दिन की बात, मैं गर्मियों की छुट्टियों में उनके घर गया था अकेला, उनके परिवार में वो, मेरी मौसाजी और एक छोटी लड़की थी, मौसी देखने में गोरी, चिट्टी और बहुत सेक्सी थी, उनका फ़ीगर 38-32-38 था थोड़ी मोटी थी लेकिन अच्छी थी उनकी उमर 45 साल थी।

एक दिन मौसाजी किसी काम से बाहर गये थे घर में मैं और मौसी और उनकी लड़की जो 4 साल की थी इतने ही लोग थे, मैं बाहर खेल के लौटा तकरीबन 9 बजे थे उनकी बेटी सो गयी थी तब, मौसी बोली बेटा आज बहुत गर्मी है जाओ नहा लो!

मैंने कहा नहीं मैं बहुत थक चुका हूं.
वो बोली- नहीं चलो, मैं तुम्हे नहलाती हूं चलो!
और वो आ गयी बाथरूम में, उन्होंने मेरी शर्ट निकाल दी, और पैंट भी, अब मैं सिर्फ़ अपनी निक्कर में था, मौसी उसे भी निकालने जा रही थी मैंने कहा नहीं मौसी मुझे शर्म आती है, वो बोली ऐसे नहीं चलेगा ठीक से नहाना तो पड़ेगा, और एक ही झटके में मेरी निक्कर निकाल दी अब मैं बिल्कुल नंगा खड़ा था, और वो मुझे सेक्सी निगाहों से देख रही थी, उस टाइम मेरा लंड छोटा सा था 4′ का और वो नहलाते नहलाते उससे खेलने लगी, उसके बाद से उनकी निगाहें मेरी तरफ़ अलग नज़र से देखने लगी।

थोड़े दिन ऐसे ही बीत गये, एक दिन हम दोनो रात को अकेले थे, वो बोली आज रात तुम मेरे कमरे में ही सोना, मुझे अकेले डर लग रहा है मैंने कहा ठीक है, मैं रात को उनके कमरे में गया सोने के लिये, वो बोली बहुत गर्मी है, मैंने कहा हां मौसी,
वो बोली इन कपड़ो मे बहुत गर्मी लगेगी निकाल दे, और वो भी अपने कपड़े निकालने लगी, उन्होंने ब्लु साड़ी पहन रखी थी बहुत सेक्सी लग रही थी, वो निकाल दी, और ब्लाउज़ भी, अब वो सिर्फ़ पेटीकोट में ही थी, और मैं सिर्फ़ अपनी निक्कर में था,

उन्होंने लाइट बुझा दी और हम सो गये, थोड़ी देर के बाद मुझे ऐसा लगा कि कोई मुझे छू रहा है और लंड को सहला रहा है, मैं जग गया, देखा तो मौसी प्यासी निगाहों से देख रही थी मुझे।

मैंने कहा मौसी ये क्या कर रही हैं आप, वो बोली कि तुम मुझे अच्छे लगते हो, तेरे मौसा को तो काम से फ़ुरसत ही नहीं है, और वो मुझसे लिपट गयी और मुझे चूमने लगी, और अपना पेटीकोट निकाल दिया वो अब सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी बहुत ही सेक्सी दिख रही थी, मैं भी उत्तेजित हो चुका था, मैंने अब तक किसी को छुआ भी नहीं था, और वो बहुत एक्सपर्ट थी, उनके बड़े बड़े मम्मे और बड़े चूतड़ उफ़्फ़ क्या सीन था, मैं उनके मम्मो को चूसने लगा ब्रा के ऊपर से ही, उन्होंने अपनी ब्रा भी निकाल दी और बहुत पागलों की तरह मुझे किस करने लगी, और निक्कर के ऊपर से ही लंड को सहलाने लगी, उन्होंने मुझे नंगा कर दिया और लंड चूसने लगी, जैसे कोई लोलीपोप हो, वो बोली बहुत मस्त लंड है

उस टाइम मेरा लंड छोटा था पर उनको अच्छा लगा, अब मेरी घबराहट थोड़ी दूर हो चुकी थी, और मैं भी रिस्पोंस दे रहा था, उनके निप्पल को चूस रहा था, वो बोली बेटे ऊपर आ जाओ!

मैं उन्हे किस कर रहा था पूरी बोडी पर, अब मैंने उनकी पैंटी भी निकाल दी, क्या मस्त चूत थी, एक भी बाल नहीं था, वो बोली चूसो इसे, मैं चूसने लगा वो आह, आह की आवाज़ें निकाल रही थी, फ़िर उन्होंने मेरा लंड पकड़ के चूत में डाल दिया और धक्के लगाने लगी और मैं भी धक्के लगा रहा था धीरे से एक दम फ़ास्ट चोद रहा था उन्हे, मुझे बहुत मज़ा आने लगा था

फ़िर उन्होंने मुझे लिटा दिया और वो मेरे ऊपर आ गयी और धक्के लगाने लगी, फ़िर हमने डौगी स्टाइल में भी किया उनके चूतड़ बहुत ही मस्त थे, मैं उनको पकड़ कर चोद रहा था, फ़िर हम दोनो 1 घंटे के बाद झड़ गये, और उसी रात को हमने दो बार और किया, फिर नंगे ही सो गये,

फिर सुबह वो जल्दी उठ गयी थी, मुझको उठाया और हम दोनो साथ में ही नंगे नहाये, मेरा तो ये पहला एक्सपेरिएंस ही था लेकिन खूब एन्जॉय किया फिर तो हमने कई और बार सेक्स किया जब भी मौका मिलता।
दोस्तो कैसी लगी Hindi sex stories ज़रूर बताना

लेखिका : रेखा Antarvasna Sex Stories

सबसे पहले गुरु जी को मेरा Antarvasna Sex Stories कोटि-कोटि प्रणाम ! गुरु जी का क्या कहना ? क्या वेबसाइट लॉन्च की है,जिसमे लोगों की चुदाई के किस्से पढ़ के चूत गीली हुए बिना नहीं रहती !

मेरा नाम रेखा (काल्पनिक) है ! दोस्तो, मैं २६ बरस की एक जवान औरत हूँ ! वैसे तो मैंने एम. कॉम तक पढ़ाई की हुई है लेकिन मेरे पति देव नहीं चाहते कि मैं जॉब करूँ ! मेरी सुन्दरता को लेकर उनके दिमाग में मेरे प्रति गंदे ख्याल आते हैं ! शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ ! हाँ, इस वक़्त मैं पेट से हूँ ! शादी से पहले मेरी गिनती चालू गर्ल्स में रही है !

मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में हुई थी, जब मैं 12वीं की फाइनल पेपर दे कर अपने नानके गई हुई थी ! वहां मैं एक लड़के से इश्क लड़ा बैठी और उसने मेरा काम तमाम कर दिया ! एक महीने में कई बार चुदी ! फिर तो बस मुझे लड़कों का चस्का लग गया और मेरे न जाने कितने लड़कों से एफेअर चले ! मैंने उनमें से कुछ से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किये ! मेरे फिसलते क़दमों को मेरी माँ ने भांप लिया और एक रिश्ता ढूँढ मेरी भी शादी करवा दी !

पति का अच्छा बिज़नस है लेकिन उनमें वैसी सेक्स पॉवर नहीं है जैसी मुझे चाहिए थी ! कई बार बिना पानी की मछली की तरह बिस्तर पर तड़फती ! पति हफ्ते में सिर्फ तीन बार सेक्स करते जिससे मेरी प्यास बढ़ गई थी ! मैंने कहा कि मुझे जॉब मिल रही है लेकिन मेरे खसम ने ऐसा नहीं होने दिया ! उसको अपनी कमजोरी का डर था ! वो यह भी जानता था कि उसकी बीवी में कितनी आग है !

मेरे जेठ के बड़े लड़के ने बारहवीं कक्षा में कामर्स रखा लेकिन गाँव में कोई टयूशन नहीं पढ़ाता !
जेठानी जी ने मुझे कहा,”छोटी बहू, प्लीज़ इसको एक दो घंटे पढ़ा दिया कर !”

मैंने कहा,”ठीक है !”

अगले ही दिन समीर मेरे पास पढ़ने आने लगा ! उसका ध्यान मेरे मस्त मम्मों पर रहता ! गहरे गले के सूट से तो मेरा यौवन डुल-डुल जाता ! कई बार नोटिस किया कि उसके लौड़े वाला भाग फूला फूला सा रहता !

एक रोज़ सभी रात की शादी पर गए थे ! यहाँ पर भी मेरे पति को मैं सुरक्षित नहीं लगी! मुझसे बोला,”उसके दोस्त की शादी ही है ! “

जब मैंने कहा कि बाकी सब क्यूँ जा रहे हैं ?

तो बोले कि बचपन से उनका परिवार माँ बापू को जानते हैं ! मुझे कहा गया कि तुम रुको और समीर रुक जायेगा !

समीर भी रुक रहा था इसलिए पहले से सेक्सी कपड़े पहन रखे थे ! नाईटी में से मेरा जिस्म साफ़ दिखता ! पैंटी-ब्रा सब कुछ! आज समीर ने मुझे देखा तो देखता रह गया ! मैंने उसको बिठाया और बोली,” चलो पढ़ाई करें !”

“जी ,चाची ………! ”

एक बहुत मुश्किल गणित का सवाल था ! मैंने कहा,” इधर मेरे पास ही बैठ जाओ !”

मैंने उसे अपने पास बिठा लिया और मैं उसे गणित के सवाल का फार्मूला बताने लगी ! उसका ध्यान मेरी छातियों पर था ! मैंने उसकी जांघ पे हाथ फेरते हुए कहा,”अब इन्हें देखना छोड़ो !”

मेरा हाथ फिसलता हुआ उसके लौड़े की तरफ जाने लगा ! मैंने पहल इसलिए की क्योंकि वो डर रहा था ! हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था ! मैं उसके लौडे की तरफ अपना हाथ ले जाकर उसको मसलने लगी ! उसने भी सारा डर फेंक कर मुझे बाँहों में उठाया और सीधा बिस्तर पर ले गया ! देखते ही देखते उसने मुझे एक दम नंगी कर दिया और मेरी जवानी से खेलने लगा !

मैंने कहा,” वाह ! मेरे मुन्ना !!”

मैंने भी अब उसका लौड़ा निकाल लिया ! वाह ! क्या लौड़ा था !!!!!! छोटी उम्र से यह हाल था तो आगे क्या होगा ? मैंने भी उसका लौड़ा मुँह में ले लिया और खूब चूसने लगी ! वो आहें भर भर के कह रहा था,” मेरी रखैल चुदासी चाची, आज तुझे मसल दूंगा !”

“वाह ! पट्ठे ! वाह ! मसल दे मुझे ! रौंद दे मुझे ! फाड़ दे मेरी चूत ! मत छोड़ना इसको !”

“अभी ले ,चाची ! कमीनी, कितना दिखा दिखा के तड़फाया मुझे !”

वो बखूबी खेल रहा था वॉलीबाल के साइज़ के मेरे मम्मे के साथ !

मैंने कहा,” बहन चोद ! मार मेरी !”

“अभी ले, रंडी !” कहते हुए उसने टांगें खोल कर अपना लम्बा मोटा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया !

“वाह ! और तेज़ ………और तेज़…… और तेज़ मार ……..! ” उसका जोश बढाने के लिए मैं अप-शब्द बोल रही थी !

“मादरचोद, बहनचोद ! तेरे चाचा से मेरी जवानी नहीं संभाली जाती ! मुझे अपनी बना ले !”

मैं झड़ने के करीब थी इस लिए और जोर-जोर से चूतड़ उठा के उसका लौड़ा ले रही थी !

वो बोला,”चाची, मैं झड़ने वाला हूँ !”

“अन्दर डाल दे समीर ! अपना गरम माल ! डाल दो अपना बीज मेरी कोख में !”

देखते ही देखते उसने सारा माल मेरी चूत में भर दिया और लौड़ा निकाल कर मुंह में डाल दिया ! मैंने उसको चाट-चाट कर साफ़ कर दिया !

“वाह ! मेरे राजा ! ” मैंने कहा ! उस रात हम नंगे बिस्तर पे रहे ! तीन बार उसने मुझे अलग अलग मुद्रा में ठोका !
उस रात के बाद चुदने के लिए हमें जगह नहीं मिल रही थी ! उसने मुझे कहा,” चाची, मेरा एक दोस्त अकेला रहता है ! उसका परिवार अमेरिका में है ! वहीं चला करो ! ” मैंने हामी भर दी और उसके साथ वहां गई। ?????????????????

इंतज़ार का फल मीठा होवे …………….!

कहानी कैसी लगी ? बताओ ताकि आगे लिख सकूँ ! बाय ………………………… Antarvasna Sex Stories

Antarvasna

जब मेरा ट्रान्सफर Antarvasna जयपुर से जालन्धर हुआ तो अपने एक दोस्त की वजह से मुझे एक कर्नल साहब की कोठी में पेइंग-गेस्ट के रूप में रहने का ठिकाना मिल गया। कर्नल साहब करीब १० साल पहले भगवान को प्यारे हो गए थे, घर में उनकी ७० वर्षीया पत्नी, ४० वर्षीय पुत्र तथा ३६ वर्षीया बहू कुल जमा तीन प्राणी रहते थे। रहने के लिहाज से घर और घर वाले बहुत अच्छे थे। कर्नल साहब की पत्नी का नाम रणवीर कौर था, वो एक बहुत ही शिष्ट, सौम्य, गंभीर और आकर्षक महिला थीं, उनको देखकर बार बार मन में एक ही बात आती थी कि काश ये मेरी माँ होतीं। उनके पुत्र का नाम महिंदर सिंह था, वह सुंदर, लम्बा और योग्य आदमी था। महिंदर की पत्नी का नाम मंजीत कौर था, वह गोरी, सुंदर और सेक्स से भरपूर महिला थी। दुर्भाग्य से इनके कोई संतान नहीं थी।

यहाँ रहते हुए मुझे २ महीने हो गए तो मैं मंजीत का दीवाना हो चुका था, जब वो चलती तो उसके भारी भारी चूतड़ मेरे लंड को खड़ा कर देते। ४-६ दिन में एक बार मुठ मार कर अपनी गर्मी निकालने के अलावा और कोई रास्ता समझ नहीं आ रहा था।

एक दिन पता चला कि दिल्ली में मंजीत के भाई की शादी है और वो अपने पति के साथ १५ दिन के लिए दिल्ली जा रही है। मुझे ऐसा लगा जैसे किसी ने मेरी जान निकाल ली हो।

जिस दिन ये लोग दिल्ली गए, मैं शाम को घर आया तो माँ जी अकेली थी, माँ जी को वो लोग बीजी कहते थे, इसलिए मैं भी बीजी कहने लगा। मैंने कहा- बीजी, जो काम मेरे लायक हो बता दीजिएगा, मैं कर दूंगा।

मैंने खाना बनाने में बीजी की मदद की, दोनों ने खाना खाया और मैं अपने कमरे में चला गया। मेरा और बीजी का कमरा अगल-बगल था और दोनों के बीच एक कॉमन बाथरूम था जिसका दरवाजा दोनों कमरों में खुलता था।

मैं अभी लेटा ही था कि जोर से कुछ गिरने की आवाज आई, मैं बाहर आया तो देखा किचन में बीजी गिर गई हैं, मैंने जल्दी से उन्हें उठाया और सहारा देकर उनके कमरे में लाकर बेड पर लिटा दिया। बीजी लगभग ५’६” लम्बी और टीवी / फिल्म स्टार रीमा लागू की तरह भरे बदन की थीं। लेटने के बाद भी बीजी का कराहना कम नहीं हो रहा था, मेरे पूछने पर बताया कि बांह और कूल्हे पर बहुत दर्द हो रहा है।

मैंने देखा कि उनकी दाहिनी बांह कुहनी के पास काफी लाल थी।

बीजी ने कहा- पुत्तर, सम्मने बारी विच मूव पई ऐ, कड से ल्या !

मैंने मूव निकाली और बीजी से कहा- लाइए, मैं लगा देता हूँ।

बांह पर मूव लगाने के बाद मैंने कहा- बीजी, आप उल्टे लेटो, मैं हिप पर भी लगा दूं !

एक पल की हिचक के बाद बीजी पलटीं और बोलीं- ला दे पुत्तर, रब्ब तेरा भला करे, तैन्नू सुखी रखे, जे आज्ज तूं नां हुंदा ते मैं ताँ उठ के कमरे विच बी नई आ पादीं।

बीजी पेट के बल लेट गईं तो मैंने उनके गाऊन को कमर तक उठा दिया, उनकी केले के तने जैसी चिकनी, सुडौल और गोरी गोरी टाँगे देखकर मेरा मन मचल गया। मरून कलर की पैंटी उनके जिस्म की शान में चार चाँद लगा रही थी। मैंने तुंरत अपने आप को कोसा, खुद को काबू में किया कि ये तो माँ है।

बीजी की कमर पर कुछ नहीं दिखा तो मैंने पूछा कहाँ दर्द है बीजी ?

बीजी ने अपने दाहिने चूतड़ पर हाथ रखकर कहा- ऐत्थे !

मैंने बीजी की पैंटी थोड़ी नीचे खिसकाई तो देखा मेरी हथेली के बराबर जगह एकदम लाल थी, मैंने छुआ तो बीजी कराह उठीं। मैंने पैंटी थोड़ा और और नीचे खिसकाई ताकि मूव अच्छे से लग सके। हलके हलके हाथों से मूव लगाई और पैंटी ऊपर करके गाऊन नीचे कर दिया। मैंने बीजी से कहा- मैं आपके लिए हल्दी डालकर दूध लाता हूँ, आप पियोगे तो सारा दर्द चला जाएगा।

किचन में जाकर दो गिलास दूध गरम किया, एक गिलास खुद पी लिया और दूसरे में हल्दी डालकर बीजी के लिए ले आया। बीजी को सहारा देकर उठाया और वो धीरे धीरे दूध पीने लगीं। बीजी दूध पी रही थीं और मेरी आँखों के सामने बार बार उनकी गोरी टाँगें और चूतड़ आ रहे थे। मैंने तय कर लिया कि आज बीजी की बजानी है। बीजी के दूध पीने के बाद उनसे खाली गिलास लेकर किचन में रखा और आकर बीजी से पूछा- अब दर्द कैसा है?

तो बोली- अज्जे ते औंवे ई हैगा पुत्तर।

मैंने कहा- बीजी, एक बार मूव फिर लगवा लो, सुबह तक आराम आ जाएगा।

हाथ का सहारा देते हुए बीजी को उल्टा किया और उनका गाऊन कमर से और थोड़ा ऊपर तक उठा दिया। मूव की ट्यूब उठाई और अपने पास रखकर बीजी की पैंटी नीचे खिसकाने लगा। पैंटी नीचे खिसकाते खिसकाते उनके घुटनों तक कर दी। अपनी हथेली पर मूव ली और उनके चूतड़ों पर मलने लगा। मेरा ध्यान मूव मलने में कम और चूतड़ सहलाने में ज्यादा था। इस बीच मेरा लंड ७० साल की औरत को चोदकर एक नया अनुभव करने के लिए तैयार हो चुका था और लुंगी के अन्दर फड़फड़ा रहा था।

जब मैं काफी देर तक सहलाता रहा तो बीजी ने कहा- पुत्तर ! तेरे अंकल जी नू गए १० साल हो गे ने, आज्ज तूं मैंन्नू ओन्ना दी याद ल्या दित्ती ऐ ! ओ वी ऐन्जे ई सहलांदे रहंदे सी ! मैंन्नू बौह्त चान्हदे सी, रोज जैतून दे तेल नाल मेरियां लत्तां दी मालश करदे सी ! फ़ेर लत्तां से विच ई वड़ जांदे सी। मैं ओन्ना नूँ प्यार नाल पुच्चु कहंदी सी ते ओ वी मैंन्नू प्यार नाल पुच्चु कहंदे सी।

मैंने कहा- बीजी, क्या मैं आपको पुच्चु कह सकता हूँ ?

कहने लगी- आहो पुच्चु ! तूं मैंनू पुच्चु कह सकना ऐ।

मेरा काम लगभग बन चुका था।

मैंने कहा- पुच्चु ! वो जैतून का तेल कहाँ रखा है ?

बीजी ने अलमारी के ऊपर वाले खाने की ओर इशारा कर दिया। मैं उठा बाथरूम गया, पेशाब किया और अपना अंडरवियर उतार कर रख आया। जैतून के तेल का डिब्बा निकाला, बीजी यानि अपनी पुच्चु की पैंटी उतार दी और टांगों पर जैतून के तेल से मालिश करने लगा।

कुछ देर बाद मैंने कहा- पुच्चु, आप सीधे हो जाओ तो आगे भी कर दूं।

वो सीधी होकर पीठ के बल लेट गईं। मैं उनकी टांगों के बीच बैठ गया और हल्के हल्के हाथों से उनकी जांघो को सहलाने लगा, धीरे धीरे मैं थोड़ा सा आगे खिसक गया और लुंगी में से अपना लंड बाहर निकाल कर पुच्चु की चूत से छुआया तो बड़ी सेक्सी आवाज में बोलीं- की कर रहया ऐ पुच्चु ?

मैंने लंड को अन्दर सरकाते हुए कहा- कुछ नहीं पुच्चु।

मेरा पूरा लंड ७० साल की बीजी की चूत में चला गया था, ताज्जुब यह था कि बीजी की चूत किसी २० साल की कुंवारी चूत से कम नहीं थी।

उस रात बीजी को दो बार चोदा, हम दोनों संतुष्ट होकर सोये। उस दिन से आज तक हमें जब भी इच्छा होती है रात को बाथरूम के रास्ते एक कमरे में आ जाते हैं और मजे लेते हैं। Antarvasna

लड़कियों का और लड़कों का आकर्षण एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, और यह व्यक्ति के व्यक्तिगत विकास और परिस्थितियों पर निर्भर करता है। आकर्षण के साथ आने वाली उम्र विभिन्न लड़कियों के लिए अलग-अलग हो सकती है।

सामान्यत: लड़कियों में आकर्षण की शुरुआत सामान्यत: लड़कों के मुकाबले थोड़ी जल्दी हो सकती है। यह सामान्यत: यह समय जब वे किसी लड़के की ओर आकर्षित होने लगती हैं, विवादित हो सकता है और व्यक्तिगत हो सकता है।

समय की उम्र: इस बात का समय अलग-अलग हो सकता है, लेकिन आमतौर पर, बच्चों में आकर्षण की प्रारंभिक झलक बचपन से ही दिखाई देने लगती है। बच्चे अक्सर जिस लिंग के साथ अधिक समय बिताते हैं, वे उस लिंग के लिए आकर्षित होते हैं, परंतु यह आकर्षण आमतौर पर साथी के रूप में नहीं देखा जाता है, बल्कि दोस्ती और खेल के रूप में हो सकता है।

पूरा विकास: बच्चों के साथ अच्छा संबंध बनाने, स्नेह और सहयोग करने में विशेष ध्यान देना महत्वपूर्ण है। वे जो व्यक्तिगत और सामाजिक रूप से मनोबल की दर्जीकरण करते हैं, वे स्वयं के और दूसरों के आकर्षण के बारे में समझने में मदद कर सकते हैं।

सही संवाद: जब आपकी बेटी या बच्ची बढ़ती है और आकर्षण के सवाल उठते हैं, तो आपको उनके साथ खुले और सहमति आधारित संवाद करना चाहिए। उनके सवालों का सही जवाब देना और उनके विचारों का समर्थन करना महत्वपूर्ण होता है।

यदि आप चिंतित हैं कि आपकी बेटी या बच्ची का आकर्षण किसी विशेष समस्या का परिणाम हो सकता है, तो आपको एक सामाजिक पेशेवर या परिवारिक सलाहकार से परामर्श लेना सुझाया जा सकता है।

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