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Hindi Porn Stories

मैने गाण्ड मारने पर बहुत कहानियाँ पढ़ी Hindi Porn Stories हैं, कुछ अच्छी होती हैं लेकिन ज़्यादातर झूठ होती हैं। ऐसा लगता है यह कहानी नहीं बल्कि लेखक की कल्पना है। जिन लोगों को सेक्स नहीं मिलता या जो अपनी ख्वाहिश पूरी नहीं कर पाते वो कल्पना से कहानियाँ लिखते हैं।

अगर इन कहानियों को सच समझा जाए तो गाण्ड मारना बहुत आसान लगता है। बस, लंड के सुपारे को गाण्ड के मुँह पर रखो और ज़ोर से धक्का लगाओ- हो गया… लड़की ज़ोर से चिल्लाएगी…” ऊऊउउइ मर गयी…… मेरी गाण्ड फाड़ दी……”

और थोड़ी देर बाद उसे मज़ा आने लगेगा !! असलियत में ऐसा नहीं होता है।

आप लोगों ने भी ऐसी बहुत कहानियाँ पढ़ी होंगी।

मैने बहुत गाण्ड मारी है और मैं आपको यकीन दिलाना चाहता हूँ कि गाण्ड मारना इतना आसान नहीं है। मेरे अनुभव में तो चूत लेना भी इतना आसान नहीं होता जितना यह लोग गाण्ड मारना समझते हैं।

अगर आप सचमुच में गाण्ड मारना चाहते हो और आप चाहते हो कि लड़की को भी उतना ही मज़ा आए जितना आपको आता है और वो बार बार आपसे गाण्ड मरवाने की चाहत रखे तो आपको मैं सही विधि बताता हूँ। ध्यान से पढ़िए आपकी मनोकामना पूरी होगी…

इस विधि में लड़की की गाण्ड की बात की गई है लेकिन अगर आप लड़के की गाण्ड मारना चाहते हैं तो भी यही विधि लागू होगी क्योंकि गाण्ड दोनों की एक जैसी होती है।

ज़रूरी बातें :

गाण्ड मारने से पहले कुछ ज़रूरी बातों का ध्यान रखना होगा। अगर इन बातों का ध्यान रखा गया तो लड़की को भी उतना ही मज़ा आएगा जितना आपको और वो आपसे बार बार गाण्ड मरवाने की कोशिश करेगी। अगर इन ज़रूरी बातों को नज़रअंदाज़ कर दिया तो हो सकता है आप गाण्ड कभी मार ही नहीं पाएँगे !

लड़की की मंज़ूरी

सबसे पहले यह बहुत ज़रूरी है कि लड़की गाण्ड मरवाने के लिए राज़ी हो। इसके लिए आपको उसे यह भरोसा दिलाना होगा कि आप ज़बरदस्ती नहीं करेंगे और अगर किसी भी वक़्त वो मना करती है तो आप रुक जएँगे। लड़की को ज़्यादा दर्द नहीं होना चाहिए। दर्द को कम करने का तरीक़ा इस विधि में आगे बताया गया है।

गाण्ड की बनावट

भगवान ने गाण्ड को संभोग के लिया नहीं बनाया इसलिए इसकी बनावट, पोज़िशन और प्रक्रिया ऐसी है कि आदमी का लिंग आसानी से उस में प्रवेश नहीं कर सकता (जैसा की चूत में कर सकता है)। इसके लिए आप को गाण्ड की बनावट के बारे में जानकारी होनी चाहिए।

गाण्ड का काम शरीर से मल बाहर निकलना है। इसके मुँह की तरफ दो छल्लेदार मांसपेशियाँ (रिंग मसल्स) होते हैं जो कि अपनी इच्छा से खोले या बंद किए जा सकते हैं। एक छल्ला बिल्कुल मुँह पर होता है और दूसरा करीब पौन इंच अंदर की तरफ होता है। इन मांसपेशियों को आप अपनी गाण्ड में महसूस कर सकते हैं।
अपनी बीच की उंगली पर तेल या क्रीम लगा कर अपनी गाण्ड में डालने की कोशिश करें। जो बाहर की मांसपेशी है वो अपने आप सिमट कर सिकुड़ जाएगी क्योंकि उसका काम है बाहर की चीज़ को अंदर जाने से रोकना !
अपने आप को थोड़ा रिलॅक्स करो और गाण्ड की मांसपेशी को ढीला करो तो आपकी उंगली थोड़ा अंदर चली जाएगी। अब आप दूसरी मांसपेशी को महसूस कर सकेंगे जो कि आपकी उंगली को और अंदर नहीं जाने देगी। इस मांसपेशी को भी आप ढीला कर सकते हैं और थोड़ी कोशिश के बाद आपकी उंगली इसके भी पार हो जाएगी। जब दूसरी मांसपेशी पार कर ली तो फिर कोई और रुकावट नहीं होगी और आपकी उंगली आसानी से अंदर जा सकती है।

गाण्ड की ये मान्सपेशियाँ काफ़ी मज़बूत होती हैं और इनको आसानी से पार नहीं किया जा सकता। ख़ास तौर से अगर लड़की की मर्ज़ी ना हो तो। दूसरी बात यह भी है कि उंगली के मुक़ाबले में लंड का घेरा (साइज़) ज़्यादा होता है, इस कारण भी गाण्ड के अंदर डालना मुश्किल होता है।

गाण्ड की एक ख़ासियत है कि चूत की तरह इसमें कोई तरल (लिक्विड) चीज़ का प्रवाह नहीं होता। जब लड़की सेक्स की लिए उत्सुक होती है तो उसकी चूत में अपने आप गीलापन होता है जिससे लंड का प्रवेश आसान हो जाता है। यह प्रकृति का तरीक़ा है क्योंकि चूत को बनाया ही इस काम के लिए है। गाण्ड में कोई प्राकृतिक चिकनाहट नहीं होती इसलिए वो हमेशा सूखी सी रहती है। ऐसी हालत में लंड के प्रवेश से ना केवल लड़की को दर्द होगा बल्कि पुरुष को भी मज़ा नहीं आएगा। कुछ देर के बाद लंड में भी दर्द हो सकता है तो चुदाई का मज़ा किरकिरा हो सकता है।

गाण्ड की इन मांसपेशियों के इर्द गिर्द बहुत सी चेतना-नसें(नर्व-एंडिंग्स) होती हैं जिनमें रक्त संचार होता है। इस कारण गाण्ड मरवाने के दौरान लड़की को भी बहुत मज़ा आता है, शर्त यह है कि उसे दर्द ना हो।

गाण्ड ठीक से ना मारी जाए तो लड़की को बहुत दर्द होता है।

गाण्ड की बनावट से यह साफ हो गया है कि:
1) गाण्ड में कोई बाहर की चीज़ आसानी से अंदर नहीं जा सकती।
2) गाण्ड के अंदर कुछ भी डालने के लिए गाण्ड की मांसपेशियाँ को ढीला करना ज़रूरी है।
3) गाण्ड की मांसपेशियों को लड़की अपनी मर्ज़ी से ढीली या टाइट कर सकती है।
4) गाण्ड को बाहरी चिकनाहट की ज़रूरत होती है।
5) गाण्ड में नर्व एंडिंग्स होती हैं जिससे लड़की को गाण्ड मरवाने मैं मज़ा आता है। (यही कारण है कि दुनिया में इतने पुरुष समलिंगी होते हैं और खुशी खुशी गाण्ड मरवाते हैं)

गाण्ड की तैयारी

क्योंकि भगवान ने गाण्ड को संभोग के लिए नहीं बनाया है तो यह आपकी ज़िम्मेदारी बनती है कि आप उसे इस काम के लिए तैयार करें। यह तैयारी तुरन्त नहीं हो सकती। इसमें 2-3 दिन से लेकर 6-7 दिन तक लग सकते हैं। जितनी आराम से तैयारी करेंगे, लड़की को आप पर उतना ही भरोसा बढ़ेगा और आपको भी उतना ही सुख गाण्ड मारने में मिलेगा। इसलिए जल्दबाज़ी मत करें।

गाण्ड की सफाई

अगर लड़की ने मंज़ूरी दे दी है और वो गाण्ड मरवाने का अनुभव करना चाहती है तो अपने आप वो अपनी गाण्ड को अच्छी तरह से साफ करके आएगी। गाण्ड अगर गंदी होगी तो सारा मज़ा खराब हो जाएगा। सबसे मज़ेदार तरीक़ा है जब आप दोनों एक साथ स्नान करो और इस दौरान एक दूसरे के गुप्तांगों को सहलाओ और साफ करो।

ज़रूरी सामान

साफ बिस्तर
1-2 सख़्त तकिये
1-2 छोटे तौलिए
1 मोटी मोमबत्ती (1.5 – 2.0 इंच चौड़ी, 6-8 इंच लंबी)
1 ट्यूब के-वाइ जेली / नारियल तेल (तेल से जेली बेहतर है)

के वाइ जेली की ट्यूब रु 90/- किसी भी केमिस्ट की दुकान पर मिल जाएगी।

शुरुआत

ध्यान रखो कि आपकी उंगली के नाख़ून बढ़े हुए नहीं हैं और ठीक तरह से कटे हुए हैं। नाख़ून के किनारे तेज़ नहीं होने चाहिए, उन्हें ठीक से फ़ाइल कर लो। अगर नाख़ून बढ़े होंगे तो जब उंगली लड़की की गाण्ड में डालोगे तो उसे लग सकता है।

लड़की को गाण्ड की बनावट के बारे में और रिंग मसल्स को किस तरह से ढीला या टाइट कर सकते हैं, के बारे में बताओ।

अब प्यार से लड़की के कपड़े उतारो और एक साफ बिस्तर पर पीठ के बाल लिटा दो। उसकी टाँगों को मोड़ दो और थोड़ा खोल दो। अब उसके चूतड़ों के नीचे 1-2 सख़्त तकिये रख कर उसके चूतड़ उपर की तरफ उठा दो जिससे उसकी चूत और गाण्ड साफ दिखाई दे। खुद भी पूरी तरह नंगे हो जाओ। अब उससे प्यार भारी बातें करो और पूरे शरीर को सहलाओ, खास तौर से उसके गाल, गर्दन, स्तन, चूचुक, पेट, जांघें और टाँगें !

कुछ देर तक उसकी चूत और गाण्ड को हाथ ना लगाएँ। थोड़ी देर में लड़की की चूची सख़्त हो जाएगी और वो अपनी टाँगें और खोल देगी। अब उसकी चूत को प्यार से सहलाना शुरू करो जिससे वो उत्तेजित हो जाए और चूत में से पानी का रिसाव होने लगे।

अब लड़की चुदाई के लिए तैयार है पर हमारा इरादा उसकी गाण्ड मारने का है। अपनी एक उंगली पर अच्छी तरह से के-वाइ जेली (या नारियल तेल) लगा कर लड़की की गाण्ड के मुँह पर सहलाओ। अभी उंगली अंदर डालने की कोशिश ना करो। उसे अपनी मांसपेशियाँ बारी बारी ढीली और टाइट करने को कहो। आप अपनी उंगली पर उसकी रिंग मसल्स को महसूस कर सकोगे। लड़की से प्यारी प्यारी बातें करो और उसको रिलॅक्स होने को कहो। थोड़ी देर में जब लड़की रिलॅक्स होने लगेगी तो उसकी गाण्ड भी थोड़ी ढीली हो जाएगी।

अब अपनी उंगली पर थोड़ी और जेली लगा कर धीरे धीरे उसकी गाण्ड के अंदर धकेलो। अगर लड़की गाण्ड को टाइट कर ले तो फिर उसे विश्वास दिलाओ कि उसे दर्द नहीं होने दोगे। ज़रूरत हो तो उंगली बाहर निकल लो और उसकी चूत, जांघें और बूब्स को प्यार से सहलाओ। जब लड़की दोबारा रिलॅक्स हो जाए तो उंगली पर जेली लगा कर एक बार और गाण्ड में डालने की कोशिश करो, जल्दबाज़ी नहीं करना। गाण्ड की बाहरी रिंग मसल को धीरे धीरे ढीला कर के उंगली को करीब आधा इंच अंदर डाल दो। अब धीरे धीरे उंगली को आधा इंच तक अंदर बाहर करो। देखो कि लड़की को दर्द नहीं हो रहा है। अगर लड़की खुश नहीं है तो उंगली अंदर रख कर रुक जाओ और थोड़ी देर बाद फिर शुरू करो।

अगर लड़की खुश है तो धीरे धीरे उंगली को और अंदर करो। कुछ दूर तक तो उंगली अंदर चली जाएगी पर फिर ऐसा लगेगा जैसे आगे कोई रुकावट है। यह उसकी गाण्ड की दूसरी रिंग मसल है। इसको पार करने की लिए एक बार फिर लड़की को रिंग मसल ढीला करने के लिए बोलो। (इस वक़्त लड़की को अपनी गाण्ड पर नीचे के तरफ ज़ोर लगाना चाहिए जैसा कि पॉटी करते वक़्त लगाते हैं, ऐसा करने से रिंग मसल खुल जाएगी और आप अपनी उंगली उसके पार ले जा सकते हैं). अगर लड़की रिलॅक्स नहीं करती है तो आपको धीरज रख कर धीरे धीरे उंगली से उसकी रिंग मसल को खोलने की कोशिश करनी होगी। याद रहे, कोई काम जल्दबाज़ी में ना करो। देखा जाए तो इस क्रिया में भी आप काफ़ी मज़ा ले सकते हो।

किसी भी वक़्त अगर लड़की को तकलीफ़ होने लगे तो उंगली तुरंत बाहर निकाल लो और उसको प्यार करो। उसे यह पूरा विश्वास होना चाहिए कि गाण्ड मारने के वक़्त आप उसे तकलीफ़ नहीं दोगे।

जब उंगली दूसरी रिंग मसल को पार कर जाए तो आपकी उंगली ने फ़तेह पा ली है। अब आप आराम से उंगली को जितना अंदर डालना चाहो डाल सकते हो। ध्यान रहे कि उंगली पर जेली या तेल अच्छी तरह लगा हो। अगर सूख गया है तो उंगली बाहर निकल कर दोबारा लगा लो और फिर से धीरे धीरे अंदर डालो। अगर एक बार उंगली अंदर चली गई है तो इसका मतलब यह नहीं है कि अब हमेशा आसानी से चली जाएगी। गाण्ड की मसल्स तो फिर से बंद हो गई होंगी, इसलिए हर बार गाण्ड में धीरे धीरे और प्यार के साथ ही प्रवेश करना है।

जब आपकी एक उंगली गाण्ड के अंदर बाहर जाने लगे और लड़की को तकलीफ़ नहीं हो रही हो तो आप यही प्रक्रिया दो उंगलियों पर जेली लगा कर कोशिश करो। इसमें शुरू में थोड़ी मुश्किल होगी क्योंकि गाण्ड का छेद छोटा होता है। एक उंगली तो चली जाती है पर दो उंगलियाँ मोटी होती हैं. लेकिन यह काम भी प्यार से और धीरज से हो जाएगा। आप महसूस करोगे कि जैसे जैसे लड़की को आप पर भरोसा बढ़ेगा वो इस काम में आपको सहयोग देगी और थोड़ा बहुत दर्द भी सहन करने लगेगी।

जब आपकी दो उंगलियाँ पूरी तरह अंदर चली जाएँ तो धीरे धीरे उंगलियों को दोनो तरफ घुमाना शुरू करो, इससे गाण्ड का पूरा छेद ढीला होगा। साथ ही साथ उंगलियों को अंदर बाहर भी करो।

हो सकता है इतना सब कुछ करने के बाद आप दोनों थक गये हों। अगर ऐसा है तो उंगलियाँ बाहर निकाल लो और आप दोनों कुछ और कार्यवाही कर सकते हो। अगर लड़की खुश है तो वो आपके लंड को मुँह में ले कर चूस सकती है जिससे आपके तने हुए लंड को आराम मिलेगा। यह मैं इस लिए कह रहा हूं क्योंकि उंगली करने के चक्कर में आप का लंड ज़रूर तैयार हो गया होगा। पर अभी मंज़िल बहुत दूर है और आप को धीरज से काम करना होगा। दूसरी बात यह है कि जो लड़की गाण्ड मरवाने के लिए तैयार होगी वो लंड तो चूस ही लेती होगी। अगर नहीं करती है तो उसे मेरी “लंड चूसने की विधि” पढ़नी चाहिए।

चलिए, आप दोनों ने आराम कर लिया। अब आगे बढ़ते हैं !

अब एक मोटी मोमबत्ती लो जिसका घेरा आपके तने हुए लंड के बराबर हो। इसकी लंबाई 6 इंच से कम नहीं होनी चाहिए। मोमबत्ती को अच्छी तरह चिकना कर लो। मोमबत्ती का सिरा पैना (शार्प) नहीं होना चाहिए। उसे चाकू से छील करके लंड-नुमा शेप दे दो। अब आगे के 3-4 इंच पर अच्छी तरह से जेली लगा लो।

एक बार फिर लड़की को रिलॅक्स होने के लिए बोलो और उसकी गाण्ड के अंदर और बाहर भी अच्छी तरह से जेली लगा दो। कभी भी जेली लगाने में कंजूसी ना करो।

अब मोमबत्ती का सिरा गाण्ड के मुँह पर रख कर धीरे धीरे अंदर डालने की कोशिश करो। शुरू में मुश्किल होगी। अगर ज़रूरत हो तो गाण्ड में एक उंगली डाल कर उसकी दोनों रिंग मसल्स को ढीला कर लो। लड़की को भी गाण्ड ढीली करने को कहो। जब मोमबत्ती करीब आधा इंच अंदर चली जाए तो एक दो बार उतना ही अंदर बाहर करो। लड़की के इशारों का ध्यान रखो कि उसे कोई तकलीफ़ तो नहीं हो रही। उससे बातें करते रहो। जब लड़की आधा इंच तक अंदर बाहर को सहन करने लगे तो आप मोमबत्ती को घुमाते हुए और अंदर डालने की कोशिश करो। (यकीन करो कि जेली सूख ना गई हो. ज़रूरत हो तो और लगा लो).

मोमबत्ती थोड़ा और अंदर जाएगी और फिर रुक जाएगी। अब तो आपको मालूम है यह क्यों रुकी है, दूसरी रिंग मसल सामने है। लड़की के स्तनों को चूमो और उसकी चूत को सहलाओ। साथ ही उसे रिलॅक्स करने और गाण्ड को ढीला करने को कहो। जैसे ही वो गाण्ड को रिलॅक्स करेगी, मोमबत्ती आराम से अंदर चली जाएगी।

अब थोड़ा इंतज़ार करो जिससे लड़की मोमबत्ती की मोटाई को अपनी गाण्ड में महसूस कर सके और उसका शरीर इस नई फीलिंग को समझ सके। थोड़ी देर के बाद मोमबत्ती को धीरे धीरे अंदर बाहर करना शुरू करो। बाहर करते वक़्त लड़की को कोई तकलीफ़ नहीं होगी पर अंदर करते वक़्त आप को ध्यान रखना होगा कि जल्दबाज़ी ना हो। अगर जेली कम हो गई हो या सूख गई हो तो और लगा लो। इस तरह मोमबत्ती से आप उसकी गाण्ड को चोदना शुरू करो।

धीरे धीरे लड़की की तकलीफ़ कम हो कर ख़तम हो जाएगी और वो आनंद महसूस करने लगेगी। अब आप ४-५ इंच तक मोमबत्ती अन्दर बाहर कर सकते हो। जब तक लड़की चाहे उसे मोमबत्ती से चोदते रहो और फिर धीरे धीरे मोमबत्ती को बाहर निकाल लो। यह काम भी धीरे धीरे ही करना चाहिए।

मेरी राय में आपको यह उंगली और मोमबत्ती वाली प्रक्रिया दो तीन दिन तक करनी चाहिए। वैसे भी अब तक आप दोनों थक गये होंगे और इंतज़ार का फल हमेशा मीठा होता है।

उम्मीद है आपने दो तीन दिन तक बताई हुई प्रक्रिया कर ली है और अब लड़की अपनी गाण्ड की मसल्स को ढीला और टाइट करना सीख गई है।

गाण्ड मारना

मुबारक हो !! अब आपकी साथी लड़की गाण्ड मरवाने के लिए पूरी तरह तैयार है। जिस दिन का इंतज़ार था वो आ गया है। आशा है आप भी तैयार होंगे। गाण्ड मारने के लिए ज़रूरी है कि आपका लंड मज़बूती से खड़ा हो। वैसे तो पहली बार गाण्ड मारने की कामना में आपका लंड अपने आप ही तना हुआ होगा लेकिन अगर ऐसा नहीं है (और आप हृदय या रक्त चाप के रोगी नहीं हो) तो आप फ़ोर्ज़ेस्ट 10 या 20 की एक गोली करीब 30 मिनट पहले ले सकते हो।

अगर लड़की भरोसे वाली नहीं है तो कॉन्डोम का इस्तेमाल ज़रूर करो क्योंकि एच आई वी का खतरा गाण्ड मारने में सबसे ज़्यादा होता है। लेकिन अगर आप एक दूसरे को जानते हो और एक दूसरे पर भरोसा है तो कॉन्डोम की ज़रूरत नहीं है।

एक ज़रूरी बात और है- कभी भी गाण्ड मारने के दौरान या उसके एकदम बाद, अपने लंड को लड़की की चूत में नहीं डालो। ऐसा करने से लड़की को चूत में इंफेक्शन हो सकता है। अगर चूत मारनी है तो पहले लंड को अच्छी तरह से धो लो।

गाण्ड मारने के आसन

गाण्ड मारने के दो आसन हैं। इन दो बेसिक आसनों के कई रूप हो सकते हैं जो आप अपने आप बना सकते हैं।

आसन 1
इसमें लड़की पीठ के बाल लेटी होती है जैसा इस विधि के शुरू में बताया गया है और उसके चूतड़ के नीचे तकिये रखे जाते हैं जिससे उसकी गाण्ड उपर उठ जाए। इसको मिशनरी पोज़िशन या मॅन सुपीरियर पोज़िशन भी कहते हैं।

आसन 2
इसमें लड़की अपने घुटने और हाथों पर होती है और उसकी गाण्ड की ऊँचाई आप अपने हिसाब से उपर नीचे कर सकते हो। कुछ लड़कियाँ अपना सर नीचे बिस्तर पर टिका देती हैं और गाण्ड उपर की तरफ उठा देती हैं। इसको रियर एंट्री या डॉगी स्टाइल भी कहते हैं।

दोनों ही आसान ठीक हैं और आपको जो अच्छा लगे उसे इस्तेमाल करो। पहले आसन में लड़की आराम से होती है और आप उसके स्तन और चूत को देख व सहला सकते हो। लड़की भी आप को देख सकती है। आप एक दूसरे को किस कर सकते हो लेकिन लंड पूरा अंदर नही जा पाता। दूसरे आसन में लड़की जल्दी थक जाती है और आपको देख नहीं सकती। आप भी उसकी चूत और बूब्स को नहीं देख सकते हो ना ही ठीक से सहला सकते हो। लेकिन इस आसन में लंड ज़्यादा अंदर जा सकता है। इसमें लड़की भी पीछे की तरफ धक्का देकर लंड को प्रवेश में मदद कर सकती है।

चलिए, अब गाण्ड मारते हैं!

लड़की को पहले की तरह आरामदेह पोज़िशन में बिस्तर पर लिटा दो। उसके पूरे तन को अच्छी तरह से प्यार करो और उसे मीठी मीठी बातें बोलो। उसके पूरे शरीर को सहलाओ तथा चूमो। उसकी चूत जब गीली हो जाए तो उसे उंगली से थोड़ी देर तक चोदो और उसकी भग्नासा के इर्द गिर्द सहलाओ। कुछ देर में लड़की चुदाई के लिए तैयार हो जाएगी। अब पहले की तरह जेली लगा कर शुरू में एक और फिर दो उंगलियों से उसकी गाण्ड को तैयार करो। लड़की अब तैयार है, उम्मीद है आप का लंड भी तैयार होगा।

जब पहली बार गाण्ड मारनी हो तो मेरी राय में दूसरा वाला आसान इस्तेमाल करना चाहिए (डॉगी स्टाइल) जिससे लड़की आपकी मदद कर सके और लंड के प्रवेश को कंट्रोल कर सके।

तो लड़की को डॉगी स्टाइल में आने को कहो और उसके चूतड़ की ऊँचाई को अपने लंड की उँचाई के हिसाब से ऊपर नीचे करो। उसका सर आराम से बिस्तर पर रह सकता है। अपने पूरे लंड पर खूब अच्छी तरह से जेली लगा लो और लड़की की गाण्ड के अंदर बाहर भी जेली अच्छे से लगा लो। एक बार फिर दो उँगलियों से उसकी गाण्ड को ढीला कर लो।

अब अपने लंड के सुपारे को गाण्ड के छेद पर रखो और धीरे से अंदर के तरफ धकेलो। अगर आपका लंड मोमबत्ती से बड़ा है तो धीरज से काम लो। धीरे धीरे, प्यारी-प्यारी बातें करते हुए और एक हाथ से उसकी चूत को सहलाते हुए अपने लंड को गाण्ड में धकेलते रहो। लड़की को अपनी गाण्ड ढीली करने के लिए याद दिलाते रहो।

एक बात और है, जब हम गाण्ड की मांसपेशी को ढीला करते हैं तो वो सिर्फ़ एक क्षण (सेकेंड) के लिए होती है और फिर टाइट हो जाती है। उसको अपनी मर्ज़ी से हम ज़्यादा देर तक ढीला नहीं रख सकते। आप इस बात को अपनी गाण्ड में खुद उंगली डाल कर महसूस कर सकते हो। इसलिए आप और लड़की के बीच ताल-मेल की ज़रूरत है। जब आप अंदर को धकेलो, तभी लड़की गाण्ड ढीली करे नहीं तो फ़ायदा नहीं होगा।

अगर गाण्ड का छेद ना खुले तो उंगली या मोमबत्ती का इस्तेमाल फिर करो और लड़की को रिलॅक्स करने को कहो। इस बात का ध्यान रखो कि लंड का घेरा काफ़ी ज़्यादा होता है और पहली बार आसानी से गाण्ड में नहीं जाता है। जेली लगी होने के कारण लण्ड फिसलता भी रहता है और गाण्ड में नहीं जा पाता।

थोड़ी कोशिश के बाद आपका लंड करीब 1/4 इंच अंदर चला जाएगा। यहाँ पर रुक जाओ और लड़की से पूछो उसे कैसा लग रहा है। अगर उसे दर्द हो रहा हो तो लंड बाहर निकाल लो, हो सकता है आपका लंड काफ़ी बड़ा है। यह तो आपके लिए खुश खबरी है !! या फिर लड़की को डर लग रहा है !

लड़की से दोबारा पूछो कि वो क्या करना चाहती है। ज़्यादातर लड़कियाँ आपको दोबारा कोशिश करने को कहेंगी। अगर ना भी कहे तो भी आप धीरज रखो और कुछ देर और मोमबत्ती वाली प्रक्रिया करो। मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि मेरी विधि से आप चलोगे तो कोई भी लड़की आपसे गाण्ड मरवाने के लिए मना नहीं करेगी। मेरे तज़ुर्बे में अच्छी तरह से मारी हुई गाण्ड में लड़कियों को चूत मरवाने से भी ज़्यादा मज़ा आता है। गाण्ड की बाहरी और अंदर की रिंग मसल्स के इर्द गिर्द बहुत नर्व-एंडिंग्स होती हैं जिसमें रक्त प्रवाह होता है जिस से गाण्ड मरवाने के दौरान लड़की को बहुत मज़ा आता है. आप धीरज से काम लो….

थोड़ी देर रुकने के बाद एक बार फिर लंड को गाण्ड के छेद पर रख कर अंदर डालने की कोशिश करो। जेली लगाना नहीं भूलना और जल्दबाज़ी नहीं करना। (मुझे मालूम है आपके लंड का सब्र ख़तम हो रहा होगा। अगर आपसे और ना रुका जाए तो चूत में डाल के संभोग कर लो। चिंता मत करो आपका लंड फिर तैयार हो जाएगा।

जब लंड पहली रिंग मसल को पार कर ले तो थोड़ी देर रुक जाओ और लड़की को रिलॅक्स करने को कहो। उसको बताओ कि अब आप लंड को और अंदर नहीं करोगे। लड़की खुद पीछे की तरफ धक्का लगा के लंड को जितना चाहे अंदर करेगी। अब कंट्रोल लड़की के पास है और आपको उसे तकलीफ़ पहुँचने की चिंता नहीं करनी।

जब कंट्रोल लड़की के पास आ जाता है तो आपको आश्चर्य होगा कि कितनी आसानी से वो आपके लंड को अंदर ले लेती है। आपको भी लड़की की टाइट गाण्ड का पहली बार अनुभव होगा। आपका लंड बिल्कुल टाइट फिट में जकड़ा जाएगा और आपको स्वर्ग महसूस होगा। ज़्यादातर लोग इससे ज़्यादा रोक नहीं पाते और क्लाइमॅक्स कर जाते हैं। अगर आप टारजन हैं तो कुछ देर तक लंड को पूरी तरह अंदर होने का आनंद उठाने दो, फिर धीरे धीरे लंड को बाहर की तरफ निकालने की कोशिश करो। लड़की की गाण्ड आपके लंड को कस के पकड़ लेगी।

आपका लंड आसानी से बाहर नहीं आएगा। करीब आधा इंच बाहर निकाल कर फिर धीरे धीरे अंदर करो। यह प्रक्रिया 3-4 बार करो। हर बार अंदर धीरे धीरे ही करना है। लड़की को पूछो कि उसे कैसा लग रहा है। अगर वो ठीक है तो अब करीब एक इंच तक अंदर बाहर करना शुरू करो। अभी भी धीरे धीरे ही !! फिर लड़की से पूछो उसका हाल कैसा है… अगर वो खुश है तो और ज़्यादा अंदर बाहर करना शुरू करो।
कोशिश करो कि लंड अंदर की रिंग मसल के बाहर नहीं निकल जाए। अगर उसके बाहर निकल जाएगा तो आपको फिर से धीरे धीरे अंदर डालना पड़ेगा और लड़की को भी मदद करनी होगी. (पर इस में आपको मज़ा भी बहुत आएगा) इस तरह धीरे धीरे आप ३-४ इंच अन्दर बाहर कर पाओगे।

अगर अब तक भी आपका क्लाइमॅक्स नहीं हुआ है और लड़की को भी तकलीफ़ नहीं हो रही है तो धीरे धीरे अपना स्ट्रोक बड़ा करते रहो, ध्यान रखो कि जेली सूख ना गयी हो। ज़रूरत हो तो और लगा लो और फिर से शुरू हो जाओ। एक समय आएगा जब लड़की पूरी तरह से रिलॅक्स हो जाएगी और आपका लंड बिना मुश्किल के पूरा अंदर बाहर होने लगेगा। लड़की को दर्द नहीं होगा और वो आपके साथ मज़ा लेने लगेगी। वो अपने आप अपनी गाण्ड को आगे पीछे करने लगेगी और चाहेगी कि यह चुदाई ख़तम ना हो…

जब आपका क्लाइमॅक्स हो जाए तो आराम से लंड बाहर निकाल लो और लड़की को अच्छी तरह से प्यार करो। उसने दर्द सहकर भी आपको इतनी खुशी दी है। अगर लड़की का क्लाइमॅक्स नहीं हुआ है तो उसकी चूत और भग को सहला कर उसको चरम सीमा तक ले जाओ। फिर एक दूसरे की बाहों में जितनी देर तक लेट सकते हो लेते रहो।

जब अगली बार उसी लड़की की गाण्ड मारनी हो तो यह ना समझना कि अब तो उसकी गाण्ड हमेशा के लिए तैयार हो गई है। जब तक 7-8 बार उसकी गाण्ड नहीं मार लोगे, आपको धीरज से ही काम लेना पड़ेगा। यह ज़रूर है कि पहली बार गाण्ड मारने के मुक़ाबले बाद के मारने में थोड़ा फ़र्क़ तो आ जाता है, पर इतना नहीं आता कि लड़की को तकलीफ़ ना हो।

अगर आप कुछ अरसे (1-2 महीने) के बाद दोबारा गाण्ड मारने लगते हो तो आपको पूरी सावधानी फिर से बरतनी पड़ेगी जो इस विधि में बताई गई है।

और अधिक आनंद देने के लिए लड़की अपनी मांसपेशियों के ज़रिए आप के लंड को जकड़ सकती है और ढील दे सकती है। इससे आपका लंड ज़्यादा देर तक तना रह सकता है और आपको मज़ा भी ज़्यादा आएगा। जब आपका लंड पूरी तरह अंदर हो तो लड़की को गाण्ड की मान्सपेशियाँ कसने और ढीला करने को बोलो और स्वर्ग प्राप्त करो। यह क्रिया चूत से भी हो सकती है पर गाण्ड की बात ही और है !!

गाण्ड मारने के फायदे

गाण्ड मारने के बहुत फायदे हैं:
1) दोनों को ज़्यादा मज़ा आता है क्योंकि गाण्ड चूत के मुक़ाबले ज़्यादा टाइट होती है और इसको ज़्यादातर लोग नहीं कर पाते हैं।
2) बच्चे होने का डर नहीं होता।
3) मासिक-धर्म के दौरान भी इसका मज़ा ले सकते हैं।

पता नहीं ज़्यादातर लड़कियाँ गाण्ड क्यों नहीं मरवाती ! ज़्यादातर लड़कियाँ इस सुख को भोग नहीं पाती हैं क्योंकि हम मर्द सही तरीका नहीं जानते और शुरू में ही उन्हें बहुत ज़्यादा दर्द का अहसास करा देते हैं। उन बेचारी लड़कियों को पता ही नहीं कि वो क्या खो रही हैं।

आशा है आपको मेरी विधि पसंद आई होगी। आप इस विधि का इस्तेमाल करो और बताओ कि आपको सफलता मिली या नहीं और लड़की को कैसा लगा। अगर कोई लड़की गाण्ड मरवाने को बिल्कुल राज़ी नहीं हो तो उसे यह विधि पढ़ने को बोलो। मुझे पूरा भरोसा है कि अगर वो तुमसे प्यार करती है तो ज़रूर राज़ी हो जाएगी।

अगर आपको कोई और क्रिया की विधि सीखनी हो तो भी मुझे लिखो। Hindi Porn Stories

प्रेषक : उमेश Sex Stories

आज तक मैं अन्तरवासना Sex Stories पर यही पढ़ते आया हूँ कि दोस्तों मैं अगली कहानी लेकर हाजिर हूँ। इसका मतलब पाठक काल्पनिक कहानी भी भेजते हैं।

परन्तु मेरे पास ऐसी काल्पनिक नहीं अपितु सत्य घटना है जो मेरे साथ घटी है।

बात कुछ साल पहले की है मेरे एक दूर के रिश्ते के मामा जी एक बड़े शहर में उच्च अधिकारी हैं। मेरी मम्मी ने गर्मी की छुटिटयों में मुझे उनके घर भेज दिया कि जाओ घूम कर आ जाओ।

घर में मामा, मामी, व उनकी बेटी गीता जो उस समय १८ वर्ष की थी । वह बहुत सुन्दर है।

एक दिन मामी जी ने कहा- राज ,तुम गीता को स्कूटी चलाना सिखा दो !

हालाँकि मैं दीदी से छोटा था फिर भी मैं गाड़ी चलाना जानता था।

मैं दीदी को आगे बिठाता था और मैं पीछे बैठता था । यूँ तो मेरा लंड रोज ही अकड़ जाता था लेकिन एक दिन दीदी ने अपने पिछवाड़े पर कुछ दबाब महसूस किया। घर आकर गाड़ी खड़ी करते ही गुस्सा करने लगी और कहने लगी- अभी मम्मी को बताती हूँ।

शायद उसने अपनी मम्मी को कुछ बताया भी क्योंकि मामी जी ने एक दो बार मेरे अंग की तरफ गौर से देखा, जब मैं लन्च के लिए नेकर पहन कर टेबल पर आता था।

फिर दो दिन के बाद दीदी ने फिर गाड़ी निकाली। लेकिन इस बार भी उसमें तनाव आ गया, परन्तु गीता दीदी ने घर आकर मुझे डांटा नहीं बल्कि दूसरी मंजिल में अपने कमरे में ले गई और वहाँ जाकर उन्होंने मुझसे कहा- जरा दिखाओ पैंट खोलकर ! मैं भी तो देखूं क्या चुभता है मुझे ।

मैं शरमा गया और दीदी का कहना टाल दिया ।

फिर अगले दिन मामा जी व मामी जी को अचानक दो दिन के लिए गाँव जाना पड़ा तो मामी जी बोलकर गईं कि डरना नहीं, दोनो भाई बहन नीचे ही सोना और कोई बात होने से तृप्ति आँटी को फोन करके बुला लेना।

आज देखा कि गीता दीदी बहुत खुश थीं। रात को खाना खाने के बाद दीदी ने जल्दी टी वी बन्द कर दिया और ताश ले आई और कहा- जो हारेगा उसे दूसरे की पीठ मालिश करनी पड़ेगी।

मैं पहले से ही डरा था इसलिए समहत हो गया। अब मैं जीत गया तो भी मैं मालिश कराना नहीं चाहता था लेकिन दीदी ने कमर पर ऐसे ही हाथ फिराते हुए एक बार हाथ को लन्ड से छू दिया जो अपने पूरे आकार में था।

फिर इस बार दीदी जीत गई। जब मैंने मालिश शुरू की तो दीदी ने उल्टी होकर धीरे धीरे अपना पजामा और कच्छा नीचे कर दिया। दीदी की दूध जैसी सफेद गाण्ड देखकर मेरे रोंगटे खड़े हो गये और मेरे लन्ड से कुछ चिपचिपा पदार्थ रिसने लगा।

अचानक दीदी ने पलटकर कहा- राजू, तुम क्या देख रहे हो? मम्मी से कह दूंगी और अगर कुछ नहीं देख रहे हो तो यह क्या है दिखाओ पैन्ट खोलकर !

आज मैंने पैन्ट खोलकर दिखा ही दिया।

दीदी तो जैसे पागल हो गई, कहने लगी- बाप रे ! इतना बड़ा और मोटा !

मैंने कहा- अब क्या तुम भी दिखा सकती हो?

गीता दीदी तैयार हो गई और उन्होंने नीचे के सारे कपड़े उतार दिये। अब उनकी गुलाबी चूत की फ़ांके काली छोटी छोटी झांटों से ढकी दिख रही थीं।

दीदी ने कहा- राजू देखो, जो मैं करती हूं, मुझे करने दो।

और दीदी ने मेरा ८ इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा लन्ड चूसना शुरू कर दिया।

मैंने कहा- दीदी, यह गन्दी बात है।

दीदी ने बताया- मैंने एक दिन अपने मम्मी पापा को रात में ऐसा करते देखा है।

कुछ देर चूसने के बाद दीदी ने डॉगी पोज़िशन बना ली और कहा- राजू पकड़ कर धीरे से लगाना, क्योंकि बहुत मोटा है !

इससे पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था इसलिए बहुत देर के बाद दीदी ने खुद पकड़ कर लगाया। लेकिन ६-७ धक्के मारने के बाद ही मेरी पिचकारी छूट पड़ी।

उस रात को दीदी ने चार बार चुदवाया, परन्तु मेरी इच्छा थी कि एक बार दीदी गोरी गाण्ड में लन्ड डालने दे।

दीदी ने कहा- ना बाबा ! गाण्ड फड़वानी है क्या !

दोस्तो और सहेलियो ! अभी दीदी की शादी हो गई है।

मैंने एक दिन मौका मिलने पर गुजारिश की तो दीदी ने मना कर दिया परन्तु थोड़ी देर बाद उन्होंने कुछ सोचकर मुझे अपने घर बुलाया और उस दिन कहा- तुझे मेरी गाण्ड मारने की बहुत इच्छा थी ना?

मैंने पूछा- यह खयाल कैसे आया?

तो उन्होंने कहा- आजकल सीडी देखकर सब मर्द बिगड़ गये हैं, मेरे श्रीमान भी हफ़्ते में एक बार मेरी पिछली मारते हैं और अब मुझे भी मजा आने लगा है।

और फिर दीदी ने उस दिन गाण्ड भी दो बार मरवाई।

मेरे दोस्तो और कन्याओं ! अब आप ही बताये कि इस वास्तविक घटना में क्या मेरा कोई दोष है?

हाँ, जब से गीता दीदी को चोदा है मुझे एहसास हुआ कि सचमुच मेरा काफी बड़ा है।

मेरी सच्ची कहानी पसन्द आने पर मेल करें। Sex Stories

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मैं शर्मीला हीरो पटना बिहार से एक स्टोरी Sex stories लेके आया हूं। जवान औरत से सेक्स करना और औरत को चोदना हर जवान लड़के का सपना होता है। मेरा भी था कि किसी अल्हड़, मस्त, जवान औरत की गांड और चूत मारी जाये और उसकी गांड में ज़बान डाल कर उसका रस चखा जाये। औरत की भरी-भरी कसी-कसी उठान लिये ब्लाउज़ में कैद दूध से भरी चूचियां हमेशा हिलते हुए मुझे अपनी ओर अकार्षित करती और मैं उनको दबाने के सपनो में खो जाता कि कब ब्लाउज़ के बटन खोल उन चूचियों को आज़ाद करुंगा, ब्लाउज़ के हुक खोल कर, ब्रा को हटा कर, दोनो चूचियां अपने हाथों में लेकर दबाउंगा। कब औरत के बूब्स, स्तन मेरे हाथों में आयेंगे? कब मैं भी उन निप्पलों को मुंह में लेकर पी पाउंगा? मोहल्ले की हर जवान, गोरी, सुन्दर और प्यारी भाभी के बारे में सोचता रात को ये कितना मज़ा लुटवाती होंगी और लंड की सवारी कर रोज़ जन्नत घूमने जाती होंगी। हर भाभी भी मुझसे बहुत घुली-मिली थी, कभी भी कोई काम होता तो उनका ये देवर हमेशा काम करने को तैयार रहता था।

एक बार मेरे एक दूर के भैया हमारे यहां अपनी बीवी के साथ रहने आये। बात एक रात की है कि मुझे गरमी के कारण नींद नही आ रही थी। हम ऐसे ही बाहर आंगन में निकल आ गये। सामने बेडरूम की खिड़की से हल्की ट्यूब लाइट की रोशनी बाहर आ रही थी क्योंकि खिड़की के कांच पर कपड़ा पड़ा था। परन्तु खिड़की का एक दरवाज़ा हल्का टेढ़ा खुला था ताकि साफ़ हवा कमरें में आ जा सके। मैने सोचा ये भैया क्या पढ़ रहे हैं? मैने बस हल्के से दबे पांव पास जाकर खिड़की के नीचे से अन्दर देखा तो मेरी सांस जैसे रुक गयी। भाभी पूरी नंगी होकर पेट के बल लेटी थी और उनकी मस्त, मांसल गांड ऊपर की ओर थी। भैया उनकी पीठ पर सरसों के तेल से मसाज कर रहे थे साथ-साथ वो उनके चुतड़ की भी मसाज कर रहे थे। भाभी हल्के-हल्के मुंह से अह्हह्हह्हह।।।स्सस्सस्स। अह्हह्हह।। कर रहीं थी। ह्हह्हह्हह्हम्मम्मम्म।।म्मम्मम्मम्म।।ऊऊ। और जब भैया तेल लगा कर अपनी उंगली भाभी के चूतड़ को फैला कर गांड में अन्दर घुसा डालते तो भाभी कह उठती, “धीरे-धीरे डालो बाबा दर्द होता है।” भैया लुंगी पहने अपने दोनो हाथो से उनके ऊपर जांघो पे बैठ कर दोनो चूतड़ों की मालिश कर रहे थे। गांड की मालिश से भाभी बहुत खुश नज़र आ रही थी। भाभी के उल्टा हो लेटने से मैने देखा, कि भैया हल्के से लेट कर पीछे से उनकी गांड में अपनी ज़बान भी लगा रहे थे, जिस से भाभी आआह्हह।।। ऊ।। करती जाती फिर पीछे से ही भैया ने भाभी के जांघों को को फैलाया जिससे उनकी चूत भी दो फांकों में बंट गयी और Sex stories

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इस प्रकार दो दिन मस्ती Hindi Sex Stories से गुजार कर घर लौट आया ! घर आकर मैंने सीमा दीदी और विजय भैया को सारी बातें बताई और हम तीनों ने कई दिनों तक उसी तरीके से काफी मजे किये।

फिर मैं अपने एक केमिस्ट दोस्त के पास गया, उससे पूछा- क्या ऐसी कोई दवाई है जिससे कोई जल्दी से डिसचार्ज ना हो सके?

उसने कहा- है ना ! उसको वियाग्रा कहते हैं और मुश्किल से ही मिलती है ! अगर कोई खाकर किसी लड़की या औरत पर चढ़ जाये तो साला तीन चार घंटे तक उतरने का नाम ही नहीं लेगा ! लकिन बहुत प्रचलित नहीं है इसलिए बहुत मुश्किल से मिलती है !

मैंने उससे कहा- यार, जैसे भी हो कुछ गोलियाँ मंगवा दो ! लेकिन जल्दी करना, वर्ना तेरे दोस्त की नाक कट जायेगी !

उसने कहा- दो चार दिन तो लग ही जायेंगे !

मैंने कहा- ठीक है जल्दी मंगवाना !

तीन चार दिन बाद उसने मुझे चार गोलियाँ दी और पूछने लगा- क्या करोगे ?

मैंने उसे टाल दिया। फिर सीमा दीदी के ससुराल जाने का जुगाड़ बैठाने लगा ! मेरी किस्मत अच्छी थी कि मुझे कुछ नहीं करना पड़ा।
घरवालों ने कहा- संजय, यह सामान सीमा की ससुराल पहुँचाना है ! अंधे को क्या चाहिए- दो आँखें !

मैं तुंरत तैयार हो गया और कहा- सुबह जल्दी निकल जाता हूँ जिससे उसी दिन लौट सकूँ !

मैं सुबह जल्दी निकाल पड़ा जिससे जीजू और उनके माता पिताजी के काम पर जाने के पहले ही पहुँच सकूँ ! पर रास्ते में बस के ख़राब हो जाने की वजह से परेशान था कि अगर समय पर नहीं पहुँचा तो शायद घर पर कोई नहीं मिलेगा और दिन भर परेशानी होगी।

जैसे ही मैं घर पंहुचा, मेरे आश्चर्य का कोई ठिकाना नहीं रहा! घर पर टीना मौजूद थी। वह भी मुझे देखकर ताज्जुब में पड़ गई और खुशी से मुझसे लिपट गई और चुम्बनों से मेरा चेहरा लाल कर दिया। फिर उसने मुझे पानी पिलाया और कहा- थोड़ा इंतजार करो, खाना तो बना हुआ है, बस रीना आ जाती है तो तीनों मिलकर खायेंगे ! तब तक चलो एक राउंड हो जाये !

मैंने तब तक एक गोली खा ली थी !

मैंने उसे कहा- रीना को आ जाने दो और मैं भी फ्रेश हो जाता हूँ !

फिर मैं नहाने चला गया। आकर देखा तो रीना आ चुकी थी और मेरे बाहर आने का इंतजार दोनों कर रही थी। रीना तुंरत आकर मुझसे लिपट गई। मैंने भी दोनों की चूचियाँ दबाकर और उन दोनों ने मेरा लंड सहलाकर स्वागत किया। फिर जल्दी से खाना खाकर टीवी देखने लगे। इधर मुझे चैन कहाँ ? हाँ चैन तो उनको भी नहीं था ! वे दोनों मेरे दोनों बगल में बैठ गई और मेरा हाथ पकड़कर अपनी अपनी चूचियों पर रख दिया और मेरा लंड पैंट में से निकालने लगी।

मैंने कहा- क्यों तकलीफ करती हो ? जो होना है उसमें कपड़ों का क्या काम !

ऐसा कह कर हम सबने अपने अपने कपड़े उतार दिए। पहले तो हम वहीं सोफे पर ही बैठे थे बाद में कारपेट पर आ गए। वहाँ पर भी असुविधा होने पर बेडरूम में आ गए।

मैंने उनसे कहा- आज दोनों को ऐसा चोदूंगा कि जब भी किसी से चुदवाओगी तो एक बार मेरा नाम जरुर याद करोगी कि किसी ने चोदा था !

उन्होंने कहा- तेरे जैसे बहुत देखे हैं ! अभी तेरे को दस मिनट में चूसकर निचोड़ लेंगी। पिछले बार की चुसाई भूल गए क्या ? कैसे निढाल हो गए थे?

फिर उन्होंने मेरे लंड को बारी बारी से चूसना चालू किया पर मेरा लंड तो मेरे काबू में नहीं था! मैंने पहले रीना को पकड़ कर चोदना चालू किया तो साली तीस मिनट में ही टें बोल गई, कहा- संजय, अ़ब बर्दाश्त नहीं होता ! मैं तो तीन बार झड़ चुकी हूँ, पहले एक बार टीना को कुछ देर मजा लेने दे!

टीना ने कहा- आज मैं तेरे को चोदूंगी !

मैंने कहा- नेकी और पूछ-पूछ ! जल्दी से ऊपर आ जा !

मेरा लंड तो आसमान की तरफ मुँह किये खड़ा था, टीना अपनी दोनों टांगें मेरे दोनों ओर करके बैठ गई और अपनी चूत को मेरे लंड पर रखकर धम से मेरे लंड पर बैठ गई ! मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ पूरा अन्दर बैठ गया ! टीना एक बार तो चिल्ला उठी, फिर धक्के पर धक्के लगाने लगी। वह जल्दी ही थक गई ! भला यह काम लड़कियों का कहाँ ! उसने कहा- संजय, मैं तो थक चुकी हूँ ! अ़ब जल्दी ऊपर आ जा और मेरी चुदाई चालू कर !

मैंने ऊपर आकर उसकी जो चुदाई चालू की, उसने तोबा बोल दी ! इधर रीना मुझे उत्तेजित करने के लिए कभी मेरे मुँह से अपना मुँह मिलाकर मेरी जीभ चूसती और कभी मेरी छाती के चुचूक को चूसती। पर मैं कहाँ रुकने वाला था, एक घंटे तक दोनों को चोदता ही रहा ! दोनों चिल्ला चिल्ला कर कहने लगी- आज तो तुमने हमारी चूत को भोसड़ा बना दिया ! अ़ब जब भी चुदेंगी, तेरे को जरुर याद करेंगी ! हमने काफी चुदवाया है पर तुम जैसा कोई नहीं मिला ! जिससे तेरी शादी होगी वह बहुत खुशनसीब होगी। क्यों ना तुम मुझसे ही शादी कर लो !

मैंने कहा- हमारा समाज इसकी इजाजत नहीं देता और मेरे और तेरे घरवाले भी नहीं मानेंगे। इसलिए जैसा चल रहा है वैसा ही चलने दो, जब कहोगी तब आ जाया करूँगा !

इस प्रकार मैं वापस जाने के लिए तैयार होने लगा तो उन्होंने कहा- माँ-पिताजी के आने के पहले नहीं जाने देंगी !

और मुझे रुकना पड़ा। जब जीजू, उनके माँ-पिताजी आये तो बहुत देर हो चुकी थी और उनके कहने पर मुझे रुकना पड़ा !

रात को रीना, टीना ने जीजू को दिन की घटना के बारे में बताया तो वो मुझसे पूछने लगे- कोई दवाई खाई थी क्या ? जैसा ये कह रही हैं, तुमने तो सीमा की चूत को भोंसड़ा ही बना दिया होगा, मेरे लिए कुछ छोड़ा है क्या ?

मैंने कहा- नहीं जीजू ! ऐसी कोई बात नहीं है, रात को देख लेना, दोनों फिर से चुदवाने को तैयार मिलेंगी।

रात को खाना खाने के बाद हम लोगों की महफ़िल जमी ! मैंने गोली नहीं ली ! जब हम कमरे में गए तो रीना और टीना ने कपड़े उतारते हुए अपनी अपनी चूत जीजू के सामने कर दी और कहा- देखो भैया, कैसे सुजा दी है !

जीजू और मैंने देखा कि रीना की चूत सामान्य ही थी पर टीना की चूत कुछ फूली हुई थी।

मैंने कहा- जब तू ऊपर चढ़ेगी तो यही तो होगा ना !

इस तरह हम दोनों ने रीना, टीना को दो दो बार चोदा और सो गए !

सुबह मैं वापस आ गया !

दस दिनों में ही सीमा दीदी और भैया की शादी फिक्स हो गई ! पहले दीदी की शादी थी और एक हफ्ते बाद भैया की ! शादी में करीब दो महीने बाकी थे ! दोनों शादियाँ बहुत धूमधाम से हुई ! एक तरफ दीदी गई दूसरी तरफ भाभी आ गई ! भैया को तो चुदाई का परमानेंट लाइसेंस मिल गया, मैं सोचने लगा कि अ़ब मेरा गुजारा कैसे होगा !

खैर जैसे तैसे दिन गुजरते गए ! मैं बैचैन रहने लगा !

भैया ने पूछा- क्या बात है संजय? आज कल बहुत बैचैन रहते हो?

मैंने कहा- भैया, आपकी तो मौज है ! मुझे तो रात सूखी ही काटनी पड़ती है !

भैया ने कहा- तेरी भाभी बहुत चुद्दकड़ है ! लगता है बहुत खेली खाई हुई है, बस एक बार उसे अपना लंड दिखा दे, साली, अपने आप ही चुदने आ जायेगी ! मैंने उससे शादी के पहले की चुदाई की बात की तो साली फूटी ही नहीं ! तो मैंने भी कुछ नहीं बताया ! अगर एक बार तुझसे चुद लेगी तो खुद ही अपना भांडा फोड़ देगी !

मैं तो घर पर ही रहता था, मेरे पास समय भी था।

मैं अगले दिन से ही भाभी पर लाइन मारने लगा, उनसे मजाक करने लगा और उनकी चूचियों को निहारने लगा !

उन्होंने कहा- क्यों देवरजी, क्या बात है ?

मैंने कहा- भाभी, अकेले मन नहीं लगता ! कभी तो मेरे कमरे आ जाया करो जिससे बातें ही करके समय गुजर सके ! आपका भी तो समय मुश्किल से ही कटता होगा ?

दूसरे दिन खाना खाकर भाभी को बोलकर कि कमरे में जा रहा हूँ, कोई काम हो तो बुला लेना !

भाभी को भी चैन नहीं था ! मैं कमरे में जाकर एक सेक्सी नॉवल निकाल कर पढ़ने लगा। मेरा लंड खड़ा था और मैं उसे मसल रहा था। जब नहीं रहा गया तो मैं लंड निकालकर मुठ मरने लगा। कमरे का दरवाजा मैंने जानबूझ कर थोड़ा खुला छोड़ दिया था कि अगर भाभी उधर आये तो देख सके !

मैंने महसूस किया कि भाभी दरवाजे की झिर्री से मुझे देख रही है ! जब तक मेरा नहीं हो गया तब तक वहाँ से हटी ही नहीं !

दो घंटे बाद जब मैं कमरे से निकला तो भाभी ने पूछा- क्यों देवरजी ! कमरे में क्या कर रहे थे?

मैंने कहा- कुछ नहीं भाभी, सो रहा था !

उन्होंने कहा- तुम सो नहीं रहे थे !

मैंने पूछा- बताओ ना क्या कर रहा था?

उन्होंने कहा- शर्म आती है !

मैंने कहा- जब देख ही लिया तो शर्माना क्या !

मैं भाभी के पास सरक आया और कहने लगा- बताओ ना !

वो फिर भी कुछ नहीं बोली तो मैंने उनका हाथ पकड़कर अपने पास खींचते हुए कहा- जब देख ही लिया है तो शर्माना क्यों !

वो नजरें नीची करके बोली- नहीं देवरजी, मुझे शर्म आती है !

मैंने कहा- अ़ब बता भी दो !

तो उन्होंने कहा- तुम कोई किताब पड़ते हुए अपने उसको हिला रहे थे !

मैंने पूछा- किसको ?

तो भाभी चुप रह गई !

मैंने फिर से पूछा तो उन्होंने कह ही दिया कि अपने लौड़े को !

मैंने कहा- भाभी, अगर फिर से और अच्छी तरह देखने का मन हो तो बता दो ! किसी को पता भी नहीं चलेगा !

मैं खुश हो गया कि चिड़िया जाल में फंस चुकी है ! मैं धीरे धीरे अपना हाथ उनके बोबे पर ले जाने लगा। वो कुछ नहीं बोल रही थी। जब मैं उनके बोबों को दबाने लगा तो उन्होंने कहा- देवरजी, क्या कर रहे हो ? कोई देख लेगा तो गजब हो जायेगा !

मैंने कहा- किसी को भी पता नहीं चलेगा और अपना काम भी बन जायेगा !

उन्होंने कहा- डर लगता है !

मैंने कहा- सब कुछ मुझ पर छोड़ दो ! अ़ब तुम मुझे देवरजी ना कह कर नाम से पुकारा करो !

कहते हुए उनका हाथ मेरे लंड पर रख दिया ! वो मजे ले ले कर मेरे लंड से खेलने लगी !

मैंने कहा- चलो भाभी, कमरे में चलो !

उसने कहा- नहीं, यहीं ठीक है, कोई आया तो तुंरत गेट खोल सकेंगे !

मेरा लंड तो उनके हाथ में ही था, फिर कहने लगी- संजय, तेरा लंड तो तेरे भैया से भी अच्छा है ! मुझे इसका स्वाद लेना है,

भाभी, अ़ब तो यह तुम्हारा हो चुका है, जैसी तुम्हारी इच्छा !

मेरे और कुछ बोलने के पहले ही भाभी मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगी। इधर मैं भाभी के बोबे दबा रहा था। मैंने कहा- भाभी, कपड़ों के ऊपर से मजा नहीं आ रहा है।

उन्होंने कहा- मजा तो मुझे भी नहीं आ रहा है पर शादी को अभी दस दिन ही हुए हैं, कब कौन टपक पड़ेगा, कोई भरोसा नहीं !

भाभी ने कहा- संजू राजा, चलो एक बार चोद दो !

मैंने कहा- जब तक मुझे बोबे चूसने नहीं दोगी मैं कुछ नहीं करूँगा !

उन्होंने हथियार डाल दिए और अपने बोबे आजाद कर दिए।

वाह क्या बोबे थे ! मैंने उनको चूस चूस कर लाल कर दिया और वो भी बेकाबू होने लगी। फिर मैंने जो उनकी चुदाई की कि वो मेरा लोहा मान गई !

मैं सोचने लगा कि ऐसा कुछ किया जाये कि दिन में भी भाभी को खुलकर चोदा जाये ! फिर मेरे दिमाग में एक विचार आया !

दूसरे दिन सबके चले जाने के बाद मैं पिछला गेट से निकला और मैं गेट पर ताला लगाकर फिर पिछले गेट से अन्दर आ गया! भाभी को कुछ पता ही नहीं चला !

मैं घर में घुसते ही अपने सब कपड़े उतारकर केवल अंडी में ही आकर भाभी को छेड़ने लगा।

भाभी ने कहा- क्या करते हो ? कोई आ जायेगा !

मैंने कहा- कोई नहीं आ सकता ! अगर कोई आ भी गया तो गेट पर ताला देखकर अपने आप चला जायेगा !

भाभी ने कहा- राज्जा, बहुत उस्ताद हो गए हो !

मैं भाभी के बोबे दबाने लगा साथ ही साथ उनके कपड़े भी उतारने लगा ! वो भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एकदम नंगे हो गए !

मैं भाभी को लेकर कमरे में आ गया और हम दोनों किसी को भी सब्र नहीं था। भाभी ने मेरे लंड को अपनी मुट्ठी में ले लिया और आगे पीछे करने लगी ! मैं भी उनकी चूचियां दबाने लगा जो कि एकदम सख्त हो गई थी और चूसने लगा। उधर भाभी भी मेरा लंड चूसने लगी। इसमें कुछ दिक्कत हो रही थी इसलिए मैं भाभी को 69 के अवस्था करके लंड चूसाते हुए उनकी चूत को छेड़ने लगा तो भाभी ने कहा- रज्जा, मेरी चूत चूसो ना !

मैं भाभी की चूत चूसने लगा। दोनों को भरपूर मजा आ रहा था !

भाभी ने कहा- अ़ब अपना वीर्य मेरे मुँह में डाल कर मुझे निहाल कर दो !

मैं भी तेज तेज अपना लंड उनके मुँह में करने लगा ! फिर मैं भाभी के मुँह में झड़ गया उन्होंने मजे ले ले कर पूरा रस चूस लिया और साथ ही वो भी झड़ गई। मैंने भी उनका पूरा रस चूस लिया फिर दोनों ने एक दूसरे को चाट चाट कर साफ किया। फिर बैठ कर बातें करने लगे !

मैंने भाभी से पूछा- भाभी यह तो बताओ कि सबसे पहले तुमको किसने और कैसे चोदा?

भाभी ने कहा- मुझे शर्म आयेगी, तुम अपनी बताओ !

मैंने कहा- पहले तुम बताओ !

मैंने जिद करके भाभी को सब कुछ बोलने पर मजबूर कर दिया जो अगले अंश में लिखूंगा !

कृपया मुझे मेल करके अपने विचार बताएँ इस कहानी पर ! Hindi Sex Stories

प्रेषक : अजय शर्मा Sex Stories

मैं आज अपनी सच्ची कहानी पहली बार Sex Stories आप सबको बताना चाहता हूँ। मैं ३६ साल का ५’११” लंबा ख़ूबसूरत मुंबई में रहता हूँ।

बात १ साल पहले की है. सुरुति नाम था उसका, टेली कालर थी वो, पहली बार जब उसका फ़ोन आया तो मैंने ज्यादा बात नहीं की उससे और ३५ मिनट में कॉल करने को कहा. ठीक ३५ मिनट के बाद उसका कॉल आया तो मैंने उसे कोम्प्लिमेंट दिया और इस तरह हमारी बातों का सिलसिला शुरू हुआ. वो रोज मुझे ऑफिस मैं ठीक उसी समय काल करने लगी और धीरे धीरे हम एक दूसरे को अच्छी तरह जानने लगे तो सोचा कि एक दिन हम कहीं मिलें

तो उसने कहा कि इस रविवार को वो अपनी एक सहेली की शादी में अलिबौग जा रही है चाहो तो तुम भी आ जाओ. हमने एक दूसरे को अभी तक देखा भी नही था इसलिए मिलने की तड़प काफी थी. दोनों तरफ़ आग लगी थी. हमने गेटवे से फेर्री मै जाने का प्लान बनाया और तय समय पे गेटवे पे मिलने का वादा किया.

रविवार के दिन सुबह जल्दी से उठ कर मैं तय जगह पर पहुँच कर उसका इंतज़ार करने लगा. तभी मैंने देखा एक बहुत ही ख़ूबसूरत लड़की ३५-३२-३६ साइज़ वाली मेरी तरफ़ आ कर बोली- विन्स !

मैं तो एक पल के लिए सब कुछ भूल गया और उसे देखने मैं सब कुछ भूल गया, उसने टोका और कहा- कहाँ खो गए !

तो मैंने कहा- इस खूबसूरती में खो गया तो वो शरमा गई और बोली खोने के लिए और भी बहुत कुछ है, अभी यहाँ से चलो.

पूरे सफर में हम एक दूसरे के अंग से अंग रगड़ रहे थे। उसने बताया कि उसकी सहेली की शादी तो एक बहाना था, उसे तो मुझसे मिलना था, मैंने भी अपने दिल की बात उसको बताई तो वो मुझसे लिपट के बोली हम इतने दिनों तक क्यों नही मिले?

मैंने कहा- कोई बात नही देर आए दुरुस्त आए तो उसने पूछा- क्या मतलब?

मैंने कहा थोडी देर मै पता चल जाएगा.

हम अलिबौग पहुँच के थोड़ी देर बीच पे घूमे और पानी में मस्ती करने लगे तो उसके कपड़े गीले हो गए, जिससे उसके छाती के उभार सफ़ेद रंग के कपड़ों में काफी साफ़ दिखाई दे रहे थे. उसने मुझे कहा क्या देख रहे हो?

तो मैंने कहा- कहाँ दिख रहे है तो वो बोली- झूठे ! मुझे पता है तुम क्या देख रहे हो और मुझसे जोर से चिपक गई. उसके बदन की गर्मी से मेरे सारे बदन में करंट सा दौड़ गया और मैंने भी जोर से उसे बाहों में भर लिया. हम १० मिनट तक ऐसे ही खड़े रहे. फिर हमें ध्यान आया कि हम बीच पे हैं। उसने कहा भूख लगी है और कपड़े भी गीले हो गए हैं.

मैं तो जैसे इसी पल का इंतज़ार कर रहा था.तुंरत नजदीक के एक होटल मैं जा के एक कमरा बुक कर लिया और हम दोनों रूम में आ गए. मैंने उससे कहा अपने कपड़े बदल ले नही तो ठण्ड लग जायेगी. तो वो बोली वो तो तुम्हे भी लग जायेगी.हम दोनों ही बदल लेते हैं, खुला ग्रीन सिग्नल मिलते ही मैं तुंरत उसे बाथरूम में ले गया और उसके होठों को चूसने लगा, वो भी साथ देने लगी और धीरे धीरे मैं उसके बब्बो को मसलने लगा तो वो सिस्कारियां भरने लगी और गरम हो गई. धीरे धीरे मैंने उसको पूरा नंगा कर दिया और ख़ुद भी नंगा हो गया. उसके भरे भरे बब्बे देख के मेरा लण्ड तन के खंभे के जैसे खड़ा हो गया तो सुरुति की आँखे एकटक उसे ही देख रही थी।

मैंने पूछा क्या कभी देखा नही क्या तो वो बोली नहीं आज पहली बार देख रही हूँ सिर्फ़ सुना था कि मोटा और लंबा होता है, आज देख के मजा आ गया और मेरे लण्ड को छूकर बोली- माय गोड ! कितना बड़ा है यह !

फिर हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर खूब रगड़ रगड़ के नहाये और बाहर बेड पे आ गए. सुरुति बोली आज तुम मुझे चाहे जैसे प्यार करो जो चाहे वो करो. मैंने कहा- हम ६९ पोसिशन में आ के एक दूसरे का चाटते हैं तो वो शरमा के बोली- पहले आप करो मैं साथ देती हूँ।

मैंने उसे बिस्तर पे लेटा के उसकी कुंवारी चूत को अपनी जीभ से चाटना शुरू किया तो वो सिसकियाँ लेने लगी और पूरा कमरा आह ऊह से भर गया. वो अपनी गांड उठा उठा के अपनी चूत चटवा रही थी. थोडी देर बाद बोली- मुझे भी चॉकलेट खानी है तो मैंने अपने लंड को उसके मुंह की ओर किया और कहा- खा लो.

उसने तुंरत कहा- एक मिनट रुको और अपने बैग से कैडबरी डेरी मिल्क का एक बड़ा पैक ले आई और बोली अब लाओ और उसने डेरी मिल्क का एक टुकड़ा मुंह में लिया और थोड़ा खा के फिर लंड के नजदीक जा के बड़े ही प्यार से सुपाडे पे चॉकलेट का सिंगार किया और चाटने लगी। लंड मिक्स विद चॉकलेट गज़ब का स्वाद बोलते हुए वो लंड को एक सीखी हुई चुद्दकड़ के जैसे चूस रही थी। मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था मैंने भी थोडी चॉकलेट मुंह में ली और ६९ पोसिशन में चूत चॉकलेट का मजा लेने लगा. हम दोनों में जैसे होड़ लगी थी कौन कितना अच्छा चूस रहा है. इस बीच अचानक वो बोली- अन्दर कुछ तो हो रहा है जैसे कुछ बाहर आ जाएगा !

तो मैंने कहा- आने दो ! मैं तैयार हूँ पीने के लिए.

वो पूरी तरह से गांड हिला हिला के चुसवा रही थी और चूस रही थी. उसकी चूत से रस की फुहार निकली और मैंने पूरी पी ली। वो निढाल हो के बोली राजा ये क्या था? जो भी था बहुत मजा आया.

“असली मजा तो अब आएगा” मैं बोला तुम लंड चूसती रहो, मेरा भी रस निकलने वाला है।

तो उसने लपालप लंड को अन्दर बाहर करना शुरू किया और पूरा का पूरा मुंह में ले लिया, मेरे रस की फुहार पूरी चूस ली उसने.

सुरुति बोली- राजा मजा आ गया ! मुझे नही पता था लंड तो लंड उसका रस विद चॉकलेट कितना मजेदार होता है. पूरी जवानी के इतने दिन इस सुख से मैं कैसे वंचित रह गई.”

रानी क्यों घबराती हो, आज ऐसे चोदूंगा कि जितना खोया है उससे ज्यादा आज मिल जाएगा.

“सच” बोल के सुरुति चिपक गई फिर से लंड से, और सहलाते हुए बोली- हाय कहाँ था तू मेरे शेर ! कब से चूत तुम्हारे इंतज़ार में थी.

उसने लंड को चाटकर तुंरत ही फिर से घोड़े जैसे किया और बोली- राजा आ जा और चोद मुझे, फाड़ दे मेरी चूत को, बहुत तड़पा रही है मुझे, चूस मेरे इन बब्बो को दबा दबा के और पूरा दूध पी लो इनका !

आज मेरे लंड राजा को सुरुति की चूत मुबारक हो !

मैंने भी तुंरत लंड को चूत पे रखा और धीरे से धक्का दिया, पर सुरुति की कसी हुई कुंवारी चूत में मेरा घोड़े वाला लंड थोड़े ही आसानी से जाता !

वो तो चुदवाने के लिए मरी जा रही थी- हरामखोर ! खुली हुई चूत है, फिर भी तड़पा रहा है, डाल जल्दी से मुझसे नहीं रहा जाता है अब तो !भोसड़ा बना मेरी कुंवारी चूत को !

दो धक्के में लंड चूत में समां गया, सुरुति दर्द से कराह उठी लेकिन बोली- राजा छोड़ो मत ! चोदों मुझे !

८-१० धक्कों में ही वो मस्त हो गई और गांड उठा उठा के मजे लेने लगी। मैं भी मस्त हो के उसे चोद रहा था। अलग अलग आसन लगा के साली को चोदा।

वो भी मदमस्त घोड़ी के जैसे लंड से चुदवा रही थी,”मजा आ गया ! साले लन ऐसा होता है? पता होता तो हम फ़ोन पे फालतू ही गांड मरवा रहे थे। जानू पहले क्यों नही बताया कि चुदाई ऐसी होती है। बहनचोद ! क्या चीज़ है ये लंड और चूत ! मजा आ गया ! आज जिन्दगी का असली सुख मिला है ! जी भर के चोदों मुझे ! बब्बे चूसो मेरे ! चूत का भोसड़ा बना दो ! जैसे चाहो वैसे लो मेरी चूत को ! आज से ये तुम्हारी गुलाम है साली ! लंड राजा आजा !”

३० मिनट तक चोदने के बाद मेरे लंड से गरम गरम रस निकलने को तैयार हुआ तो धक्के और बढ़ गए- सुरुति रानी मैं अब आने वाला हूँ, संभालना ! मेरा घोड़ा तैयार है रस मलाई निकलने को !”

“मेरी चूत भी तैयार है खाने को.”वो बोली.

कुत्ते कुतिया की पोसिशन में उसको ले के जोर जोर से १५-२० कस के शोट लगाये- साली ले ! मैं आ रहा हूँ ! कहते हुए पूरा रस चूत मैंने उड़ेल दिया उसकी चूत के अन्दर तक.

सुरुति के चेहरे से खुशी झलक रही थी. उस दिन शाम तक हमने ५ बार चोदा और फिर शाम को खाना खा के फिर से अगली चुदाई का कार्यक्रम तय कर के मुंबई के लिए निकल पड़े…

अगली बार क्या हुआ? और कहाँ? किसके साथ हुआ? मैं आपके विचार जानकर लिखूंगा. Sex Stories

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