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Antarvasna

मेरा नाम सुरेश है। एक दिन घर में मैं, मेरा भाई और भाभी Antarvasna थे। मेरा रूम भाभी के बगल में है। रात में भाभी के कमरे से अजीब आवाज आ रही थी। मैंने वेंटीलेटर से देखा भाई और भाभी दोनो नंगे थे। भाई उनकी चूत चाट रहे थे। भाभी आंख बंद किये मजा ले रही थी। और आह ऊऊओहह्ह की आवाज निकाल रही थी। भाभी की चूची एक दम साफ़ नजर आ रही थी। एक दम कड़े थे। भाई चूत चाटने में मस्त थे। ये देख कर मेरा लंड तनता जा रहा था भाभी ने इशारे से कहा कि अब बरदाश्त नहीं हो रहा है। अब चोद दो लंड मेरी चूत में डाल दो, भाभी भरपूर जोश में थी। भाई जब हटे तब भाभी के चूत देखाई दी, एक भी बाल नहीं था, लाल लाल चूत पानी निकल रहा था। मैं जोश में भर गया था तभी भाई ने अपना लंड उनकी रसीली चूत में डाल दिया थोड़ी देर बाद में ही वो रुक गये। भाभी बोली बस हो गया भाई उनके ऊपर से हट गये और दूसरी तरफ़ सो गये मगर भाभी ने गुस्से में थी। अपनी ही उंगली को अपनी चूत में डाल रही थी। मुझे लगा कि भाभी अभी झड़ी नहीं है। तभी मेरा पैर फोटो से टकराया। भाभी ने मुझे देख लिया। भाभी साल लपेट कर मेरे कमरे के तरफ़ आ रही थी।

मैं झट से बेड पर आ कर लेट गया भाभी कमरे में मेरे पास आ कर खड़ी हो गयी। बरमूडा में मेरा लंड खड़ा था। उन्होंने मुझे चूमना शुरु किया वो इतने जोश में थी। मेरे सारे कपड़े निकाल दिये। मेरे लंड को चाटने लगी। भूखी शेरनी की तरह वो मुझपर टूट पड़ी। भाभी का साल हट गया था। सो उनकी चिकनी गांड साफ़ साफ़ देखाई दे रही थी। उनकी चूची अभी बहुत टाइट थी। मैंने कहा भाभी दरवाजा खुला है, कहीं भाई आ गये तो भाभी बोली आने दो मेरी प्यास अब तक नहीं बुझा पाये, मैं बहुत प्यासी हूं मेरी प्यास बुझा दो जो कहो मैं करूंगी। भाभी मेरा लंड चूस रही थी जैसे लोलीपोप। मैंने भाभी की चूत पर अपनी झीभ रख दी, वो मदहोश होती जा रही थी। भाभी की आंखों में अजीब सा नशा था। भाभी बोली अपने लंड से आज मेरी इतनी चुदाई करो इतनी चुदाई कि मेरी सालों की प्यास बुझ जाये। मैंने भाभी को लिटा कर कहा भाभी अब आप सिर्फ़ आंख बंद कर के मजे लो। भाभी की चूत एक दम लाल थी। मैंने अपना मोटा लंड भाभी की चूत पर रख दिया और अन्दर डालने लगा। भाभी ने अपने होठों को दातों से दबा रखे थे। उनको बहुत मजा आ रहा था। भाभी की चूत इतनी गरम थी कि मेरा लंड अन्दर गर्मी पा कर और भी मोटा हो गया था। अब मैंने पूरा लंड भाभी की चूत में डाल दिया और धक्का मारने लगा भाभी अपनी कमर ऊपर उठा रही थी, मेरा साथ दे रही थी, लगभग ४० मिनट तक भाभी को चोदता रहा भाभी ने मुझे कस के पकड़ लिया और बोली मेरा माल बाहर आने वाला है, मैं धक्का मार ही रहा था मैंने सोचा कि भाभी झड़नेवाली है। मैं भी साथ में झड़ जाऔं मगर वो बोली बस करो वो हाफ़ रही थी। मैंने कहा मैं अभी नहीं झड़ा हूं तो जल्दी करो मैंने स्पीड बढ़ा दी और थोड़ी देर बाद मेरे लंड का रस भी भाभी के चूत में गिर रहा था मुझे बहुत मजा आया। थोड़ी देर तक हम दोनो ऐसे ही पड़े रहे फिर दोनो अलग अलग हुये। जैसे भाभी की चूत से मैंने अपना लंड निकाला ढेर सारा वीर्य भाभी की चूत से निकलने लगा, चूत से सफ़ेद सफ़ेद रस बाहर निकलते पहली बार देख रहा था। मैं और भाभी थक गये थे। वो उठी और मुझे चूम लिया फिर मेरे लंड को चूम कर बोली थैंक्स प्लीज़ अमित, ऐसे ही मुझे चोदते रहना, तुम जो बोलोगे मैं वो करूंगी। मैने कहा ठीक है फिर भाभी को मैंने नये तरीके से चोदा। वो बाद में बताऊंगा Antarvasna

Antarvasna

इस भाग में आप पढ़ें कि कैसे मैंने Antarvasna अपनी सगी बुआ को चोदा! या बुआ ने मुझे चोदा! जब हम शादी में से वापस आए तो मैंने सोचा कि अब मैंने बुआ के साथ ऊपर का मजा ले लिया। फ़िर मुझे लगा कि यार ये सब ग़लत हो रहा है। रानी मेरी बहन लगती है उसके साथ किया। गौरी मेरी बहन लगती है उसको भी चोदा। और ये भी मेरी बुआ लगती है इसको भी ऊपर से चोद दिया। इसीलिए मैंने सोचा के अब मैं रानी, गौरी और बुआ के साथ नहीं करूँगा। और मैंने इनके बारे में ग़लत सोचना छोड़ दिया।

लेकिन, कुछ दिनों के बाद बुआ का फोन मम्मी के पास आया। मम्मी ने मुझे बताया के मुझको रात में बुआ के घर जाना है क्योंकि फूफा जी और उनका लड़का एक शादी में गये हैं। मैं फिर बुआ के घर चला गया।

मैं जब बुआ के घर में घुसा तो बुआ सामने ही बैठी थी। उस ‍‍दिन उसने काली साड़ी और काला ब्लाउज पहन रखा था। मैं सामान्य था क्योंकि बुआ, गौरी और रानी का ख्याल मन से निकाल चुका था। बुआ उठी और मेरे लिए खाना लेकर आई। हम खाना खाने बैठ गये। खाना खाते वक्त बुआ ने अपनी साड़ी को उपर किया और बुआ इस तरह से बैठ गई कि मुझे उसकी चूत दिखाई दे। पर मैंने ध्यान नहीं दिया।

ख़ाने के बाद बुआ बोली- रात के दस बज गये हैं, अब सो जाते हैं।

मैं बेड पर लेट गया और बुआ भी मेरे बराबर में आकर लेट गई। मैं सोने की कोशिश कर रहा था। उस कमरे के बाहर की लाइट जल रही थी। जिससे कमरे में बहुत रोशनी हो रही थी कि सब साफ दिख रहा था। मैं आज चुपचाप लेटा हुआ था। मेरी आँख थोड़ी खुली थी थोड़ी बंद थी। एक दम मुझको झटका लगा। जब बुआ ने अपना पैर मेरे पैर से छुआ। पर मैंने सोचा कि बुआ सो चुकी है। और मैंने अपना पैर अलग कर लिया।

फिर थोड़ी देर बाद बुआ खड़ी हुई और उसने अपनी साड़ी उतार दी। और वो पेटिकोट और ब्लाउज में लेट गई। उसने सोचा कि मैं सो चुका हूँ। मुझको दोबारा झटका जब लगा जब उसने अपनी गांड को मेरे लंड पर छुआ दिया। पर मैं चुप अपने मन पर काबू करके पड़ा रहा।

बुआ इस हरकत से मुझको जगाना चाहती थी। पर मैंने कोई हरकत नहीं की। बुआ को बुरा लगा और बैठ गई और बोली आज ‘बुआ चोद’ सो रहा है। जब मेरा मन आज चुदने का कर रहा हैं तो आज ‘बुआ का लंड’ सो रहा है और उस दिन मेरे मना करने पर भी खुद ही कर रहा था।

और फिर, बुआ ने अपने ब्लाउज के हुक खोल दिए। आज बुआ ने कॉटन की काली ब्रा पहन रखी थी। फिर बुआ मेरी तरफ मुंह करके लेट गयी। और अपना एक हाथ मेरे अंडरवियर के उपर से मेरे लंड पर रख दिया। मुझको फिर झटका लगा और मैंने उसका हाथ अपने हाथ से हटा दिया।

फिर बुआ बोली- मुझको आज तुझको चोदना पड़ेगा।
मैं तो उसकी बोली सुनकर दंग रह गया कि बुआ ऐसी बोली बोल रही है।

फिर उसने अपने एक हाथ से मेरे अंडरवियर से मेरा लंड निकाल लिया। अबकी बार मैंने बुआ को कुछ नहीं कहा और बस सोचता रहा कि क्या करूँ? बुआ ने मेरे लंड को अपने कोमल हाथ से सहलाना शूरु कर दिया। मैंने अपनी आँख खोली तो बुआ बोली आज तेरा मन नहीं कर रहा है क्या?

तो मैंने कहा- तुम मेरी बुआ लगती हो।
तो उसने कहा- उस दिन तो तू मुझको रंडी समझ रहा था।

और वो बोलते बोलते मेरे लंड की मूठ मार रही थी। मेरा लंड भी अब खड़ा होने लगा था। मैं भी एक मर्द हूँ। कब तक मैं मन पर काबू रखता। फिर भी मैंने बुआ का हाथ पकड़ कर अपने लंड से अलग कर दिया।

फिर बुआ बोली- मुझको आज तुझसे हर हाल में चुदना है। क्योंकि आज मैंने तेरे लिये ब्लू फिल्म देखी है।
मैंने उससे कहा- तुम मेरी बुआ हो उस दिन जो हुआ वो ग़लत था। और जब तुमको सब पता था तो तुमने मुझको रोका क्यों नहीं?

बुआ ने कहा- मैं तेरे लंड को देख कर गरम हो गई थी। और तेरे लंड की दीवानी भी। क्योंकि आज तक मुझको इतना मोटा और लम्बा लंड कभी भी नहीं मिला हैं। क्योंकि तेरे फूफा के सिवाय मैं आज तक किसी और से नहीं चुदी हूँ। और उसका लंड तो बहुत छोटा और पतला हैं। और वो बस मुझको चोदता हैं और सो जाता है चाहे मैं झड़ूं या ना झड़ूं। उसका लंड ठीक से अन्दर नहीं जाता है जिससे मुझको सही मजा नहीं आता है और मैं हमेशा तड़पती रहती हूँ। और कभी उंगली से तो कभी लम्बे बैंगन से अपनी प्यास बुझाती हूँ। तूने भी उस दिन खुद तो मजा ले लिया और अपनी बुआ को तड़पते हुए छोड़ दिया। पर आज सुबह जब तेरा फूफा मुझको चोद कर खुद ही झड़ कर चला गया और मुझे बिना झड़े छोड़ गया तो मैं ब्लू फिल्म देखने लगी तो मुझको तेरा ख्याल आया कि तू भी तो मुझको चोदना चाहता हैं।

फिर उसने अपनी ब्रा उपर की और मेरे मुंह में अपनी चूची का दाना देने लगी। फिर मैंने अपना मुंह बंद कर लिया।

उसने कहा- तू मुझको मत चोद पर जो मैं कर रही हूँ वो तो करने दे। वरना मैं तेरी उस हरकत के बारे में सब को बता दूँगी।

और मैं डर गया। और मैंने कहा जो करना है कर लो। और मैं चुपचाप पड़ा रहा। पर मैं आज सच्ची में बुआ के साथ नहीं करना चाहता था।

फिर बुआ ने मेरा अंडरवियर उतारा और मेरे लंड की खाल को आगे पीछे करने लगी। यानी वो मेरी मूठ मार रही थी। और अपने एक हाथ से अपनी चूत में उंगली कर रही थी। फिर बुआ ने मेरे लंड को अपनी चूची के बीच में फंसाया और अपनी चूची को मेरे लंड से चोदना शुरू कर दिया।

अब मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था। फिर मैंने बुआ को अलग कर दिया। पर आज तो बुआ मुझसे अपनी चूत की प्यास बुझाना चाहती थी। फिर बुआ उठी और उसने अपने पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और उसे उतार दिया। बुआ ने नीचे मिनी स्कर्ट पहनी हुई थी। क्योंकि बुआ नर्स हैं। ‍इसी कारण वो अपने घर पर पेटीकोट के नीचे स्कर्ट पहनती है। और बुआ अपने घर पर ‍अधि‍कतर स्कर्ट और ब्रा में ही रहती हैं ताकी जब भी क्लीनिक पर जाना हो तो बस नर्स वाला गाऊन पहना और चल दी। जो उसने अपने घर के बाहर के कमरे में खोल रखा हैं।

बुआ ने अपनी स्कर्ट उठाई और मेरे लंड बैठने लगी तो मैंने उसको धक्का दिया और जाने लगा। पर बुआ तो आज एक मर्द की तरह हो रही थी। और उसने मुझको अपनी तरफ खींचा और मेरे लंड के ऊपर चढ़ कर बैठ गयी। अब मैं अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करता रहा।

तो बुआ ने मुझे दो थप्पड़ मारे और बोली- चोद अपनी बुआ को।

फिर उसने अपने हाथ से मेरे हाथ पीछे किए और अपनी साड़ी से बेड से बाँध दिए। फिर उसने अपनी स्कर्ट ऊपर की और मेरे लंड पर अपनी चूत रगड़ने लगी। उसकी चूत से चिकना और गरम पानी निकल रहा था।

करीब दस मिनट बाद मेरा लंड पूरा खड़ा हो गया। अब उसने मेरे लंड को हाथ में पकड़ कर सीधा खड़ा किया और अपनी चूत को मेरे लंड पर रख कर बैठ गयी। मेरा पूरा लंड उसकी चूत में बिना किसी रुकाबट के अंदर चला गया।

फिर बुआ हँसी और बोली- बोल! बुआ लंड! आ रहा है मज़ा।

मैं चुप पड़ा रहा।

फिर वो बोली- मैं तुझको बहुत मजा दूँगी। जब भी तेरा मन चूत मारने का करे तो तू बता देना तेरी ये रंडी आ जायेगी। फिर बुआ मेरे लंड पर धक्के लगाने लगी। बुआ ने अपनी ब्रा से एक चूची को निकाली और मेरे मुंह में दे दी और बोली- आज तू इस रंडी का दूध भी पी!

मैं उसकी चूची पी नहीं रहा था, तो बोली- बुआ चोद! पी इसे!

मैं डरकर उसे पीने लगा। बुआ की चूची एकदम सख़्त हो गई थी। अब बुआ को मजा आने लगा था। फिर वो उठी और उसने अपनी चूत को पौंछा। मैंने सोचा कि वो झड़ चुकी है पर पता ही नहीं था कि वो अभी भी झड़ी नहीं है।

फिर उसने मेरे लंड को अपनी ब्लाउज से पौंछा और बोली- अब मैं अपनी चूत को सुखा लूं।

उसने अपनी चूत को एक दम सुखा लिया। वो बोली- ले अब सुखी चूत मार, अपनी बुआ की सूखी चूत मारने में तुझको बहुत मजा आएगा।
और वो मेरे खड़े लंड पर बैठ गई, उसने एक बार में ही पूरा लंड अपनी चूत में ले लिया और वो ज़ोर ज़ोर से धक्के लगाने लगी।

करीब दस मिनट बाद मैं झड़ने वाला था तो मैंने कहा- मैं झड़ने वाला हूँ।

तो बुआ रुक गई। फिर उसने पाँच मिनट बाद धक्के मारने शुरू किये। अब की बार बुआ पूरा लंड बाहर निकालकर जड़ तक लंड को पूरा अंदर कर रही थी। और धक्के भी ज़ोर से मार रही थी। बुआ की स्पीड बढ गई और वो मुझसे चिपक गई। मैं भी बुआ से अपने आप चिपक गया। हम दोनों एक साथ झड़ चुके थे।
बुआ मेरे कान में बोली- आया अपनी इस रंडी बुआ को चोदने में मज़ा?

उस रात बुआ ने मुझे तीन बार चोदा और हम तीनों बार एक साथ ही झड़े। बुआ ने मेरा सारा पानी अपनी चूत में ही छुड़वाया था। फिर सुबह को बुआ नहाकर चाय बनाकर लाई और बोली- रात कैसी रही? तीन बार अपनी बुआ को चोदा तूने!

मैं बोला- बुआ मैं तो अपने मन से तुम्हारा ख्याल निकाल चुका हूँ, मैं बहुत शर्म महसूस कर रहा हूँ।
फिर बुआ बोली- ठीक है। अब ऐसा दोबारा नहीं होगा। उस दिन तूने बुआ को चोदा और आज मैंने तुझको चोद दिया। हिसाब बराबर तुझको शर्म आती है तो ठीक है।
और बुआ वहाँ से अपने क्लीनिक पर जाने के लिये तैयार होने के लिये चली गई।
पर फिर मैंने दिन में बुआ की गांड भी मार ली। ये अगली कहानी में।

मैंने अपनी बुआ को चोदा… आपको यह कहानी कैसी लगी? Antarvasna

Antarvasna

आसाम की हरी भरी वादियां और जवान Antarvasna दिलों का संगम … किसको लुभा नहीं लेगा।
ऐसे ही आसाम की हरी भरी जगह पर मेरे पति का पदस्थापन हुआ।

हम दोनों ऐसी जगह पर बहुत खुश थे। हमें कम्पनी की तरफ़ से कोई घर नहीं मिला था इसलिये हमने थोड़ी ही दूर पर एक मकान किराये पर ले लिया था … उसका किराया हमें कम्पनी की तरफ़ से ही मिलता था।

मेरे पति मोहित की ड्यूटी शिफ़्ट में लगती थी।

घर में काम करने के लिये हमने एक नौकरानी रख ली थी। उसका नाम काजल था।

उसकी उम्र लगभग 20 साल होगी। भरपूर जवान, सुन्दर, सेक्सी फ़िगर … बदन पर जवानी की लुनाई … चिकनापन … झलकता था।

मोहित तो पहले दिन से ही उस पर फ़िदा था। मुझसे अक्सर वो उसकी तारीफ़ करता रहता था।
मैं उसके दिल की बात अच्छी तरह समझती थी।
मोहित की नजरें अक्सर उसके बदन का मुआयना करती रहती थी … शायद अन्दर तक का अहसास करती थी।

मैं भी उसकी जवानी देख कर चकित थी। उसके उभार छोटे छोटे पर नुकीले थे। उसके होंठ पतले लेकिन फ़ूल की पन्खुडियों जैसे थे।

एक दिन मोहित ने रात को चुदाई के समय मुझे अपने दिल की बात बता ही दी।
उसने कहा-नेहा … काजल कितनी सेक्सी है ना!

“हं आ … हां … है तो … जवान लडकियां तो सेक्सी होती ही है …” मैं उसका मतलब समझ रही थी।

“उसका बदन देखा … उसे देख कर तो… यार मन मचल जाता है.” मोहित ने कुछ अपना मतलब साधते हुए कहा।

“अच्छा जी … बता भी दो जानू … जी क्या करता है.” मैं हंस पड़ी … मुझे पता था वो क्या कहेगा.
“सुनो नेहा … उसे पटाओ ना … उसे चोदने का मन करता है.”

“हाय … नौकरानी को चोदोगे … पर हां …वो चीज़ तो चोदने जैसी तो है.”
“तो बोलो … मेरी मदद करोगी ना?”

“चलो यार …तुम भी क्या याद करोगे … कल से ही उसे पानी पानी करती हूं.”

फिर मैं सोच में पड़ गयी कि क्या तरीका निकाला जाये।
सेक्स तो सभी की कमजोरी होती ही है।
मुझे एक तरकीब समझ में आयी।

दूसरे दिन काजल के आने का समय हो रहा था … मैंने अपने टीवी पर एक ब्ल्यू हिन्दी फ़िल्म लगा दी।
उस फ़िल्म में चुदाई के साथ हिन्दी डायलोग भी थे।

काजल कमरे में सफ़ाई करने आयी तो मैं बाथरूम में चली गयी।

सफ़ाई करने के लिये जैसे ही वो कमरे के अन्दर आयी तो उसकी नजर टीवी पर पडी … चुदाई के सीन देख कर वो खड़ी रह गयी और सीन देखती रही।

मैं बाथरूम से सब देख रही थी।
उसे मेरा वीडियो प्लेयर नजर नहीं आया क्योंकि वह लकड़ी के केस में था।

वो धीरे से बिस्तर पर बैठ गयी।
उसे पिक्चर देख कर मजा आने लग गया था।
चूत में लन्ड जाता देख कर उसे और भी अधिक मजा आ रहा था।

धीरे धीरे उसका हाथ अब उसके स्तनो पर आ गया था … वह गर्म हो रही थी।
मेरी तरकीब सटीक बैठी।

मैंने मौका उचित समझा और बथरूम से बाहर आ गयी.

“अरे … टीवी पर ये क्या आने लगा है?”
“दीदी … साब तो है नहीं …चलने दो ना …अपन ही तो है.”
“अरे नहीं काजल … इसे देख कर दिल में कुछ होने लगता है.” मैं मुस्करा कर बोली.

मैंने चैनल बदल दिया.
काजल के दिल में हलचल मच गयी थी … उसके जवान जिस्म में वासना ने जन्म ले लिया था।

“दीदी … ये किस चेनल से आता है?” उसकी उत्सुकता बढ़ रही थी।

“अरे तुझे देखना है ना तो दिन को फ़्री हो कर आना … फिर अपन दोनों देखेंगे … ठीक है ना.”

“हां दीदी …तुम कितनी अच्छी हो.” उसने मुझे जोश में आकर प्यार कर लिया।
मैं रोमांचित हो उठी … आज उसके चुम्बन में सेक्स था।

उसने अपना काम जल्दी से निपटा लिया और चली गयी।
तीर निशाने पर लग चुका था।

करीब दिन को एक बजे काजल वापस आ गयी।
मैंने उसे प्यार से बिस्तर पर बैठाया और नीचे से केस खोल कर प्लेयर में सीडी लगा दी और मैं भी बिस्तर पर बैठ गयी।

ये दूसरी फ़िल्म थी।
फ़िल्म शुरू हो चुकी थी।

मैं काजल के चेहरे का रंग बदलते देख रही थी। उसकी आंखो में वासना के डोरे आ रहे थे।

मैंने थोड़ा और इन्तजार किया … चुदाई के सीन चल रहे थे।

मेरे शरीर में भी वासना जाग उठी थी।
काजल का बदन भी रह रह कर सिहर उठता था।

मैंने अब धीरे से उसकी पीठ पर हाथ रखा। उसकी धड़कन तक महसूस हो रही थी। मैंने उसकी पीठ सहलानी चालू कर दी।

उसे मैंने हल्के से अपनी ओर खींचने की कोशिश की … तो वो मेरे से सट गयी।
उसका कसा हुआ बदन …उसकी बदन की खुशबू … मुझे महसूस होने लगी थी।

टीवी पर शानदार चुदाई का सीन चल रहा था।
काजल का पल्लू उसके सीने से नीचे गिर चुका था … मैंने धीरे से उसके स्तनों पर हाथ रख दिया.
उसने मेरा हाथ स्तनों के ऊपर ही दबा दिया और सिसक पडी।

“काजल … कैसा लग रहा है?”
“दीदी … बहुत ही अच्छा लग रहा है …कितना मजा आ रहा है.” कहते हुए उसने मेरी तरफ़ देखा.

मैंने उसकी चूचियां सहलानी शुरू कर दी … उसने मेरा हाथ पकड़ लिया.
“बस दीदी … अब नहीं …”

“अरे मजे ले ले … ऐसे मौके बार बार नहीं आते.” मैंने उसके थरथराते होंठों पर अपने होंठ रख दिये.
काजल उत्तेजना से भरी हुयी थी। काजल ने मेरे स्तनों को अपने हाथों में भर लिया और धीरे धीरे दबाने लगी।

मैंने उसका लहंगा ऊपर उठा दिया … और उसकी चिकनी जांघों पर हाथ से सहलाने लगी.
अब मेरे हाथ उसकी चूत पर आ चुके थे।
चूत चिकनाई और पानी छोड़ रही थी।

मेरे हाथ लगाते ही काजल मेरे से लिपट गयी।
मुझे लगा मेरा काम हो गया।

“दीदी … हाय … नहीं करो ना … मां …री … कैसा लग रहा है.”

मैंने उसकी चूत के दाने को हल्के हल्के से हिलाने लगी।
वो नीचे झुकती जा रही थी … उसकी आंखे नशे में बन्द हो रही थी।

उधर मोहित लन्च पर आ चुका था।
उसने अन्दर कमरे में झांक कर देखा।
मैंने उसे इशारा किया कि अभी रुको। मैंने काजल को और उत्तेजित करने के लिये उससे कहा- काजल … आ मैं तेरा बदन सहला दूं … कपड़े उतार दे!

“दीदी … ऊपर से ही मेर बदन दबा दो ना!” वो बिस्तर पर लेट गयी।
मैं उसके उभारों को दबाती रही … उसकी सिसकियां बढ़ती रही.

मैंने अब उसकी उत्तेजना देख कर उसका ब्लाऊज उतार दिया.
उसने कुछ नहीं कहा.

मैंने भी यह देख कर अपने कपड़े तुरन्त उतार दिये।
अब मैं उसकी चूत पर अपनी उंगली से दबा कर सहलाने लगी और धीरे से एक उंगली उसकी चूत में डाल दी।

उसके मुख से आनन्द की सिसकारी निकल पड़ी.
“काजल … हाय कितना मजा आ रहा है … है ना?”
“हां दीदी … हाय रे … मैं मर गयी.”

“लन्ड से चुदोगी काजल … मजा आयेगा.”
“कैसे दीदी … लन्ड कहां से लाओगी?”

“कहो तो मोहित को बुला दूं … तुम्हें चोद कर मस्त कर देगा.”
“नहीं …नहीं … साब से नहीं …”

“अच्छा उल्टी लेट जाओ … अब पीछे से तुम्हारे चूतड़ भी मसल दूं.”

वो उल्टी लेट गयी।
मैंने उसकी चूत के नीचे तकिया लगा दिया और उसकी गान्ड ऊपर कर दी।

अब मैंने उसके दोनों पैर चौड़ा दिये और उसके गान्ड के छेद पर और उसके आस पास सहलाने लगी।
वो आनन्द से सिसकारियां भरने लगी।

मोहित दरवाजे के पास खड़ा हुआ सब देख रहा था।
उसने अपने कपड़े भी उतार लिये।

ये सब कुछ देख कर मोहित का लन्ड टाईट हो चुका था।
वह अपना लन्ड पर उंगलियों से चमड़ी को ऊपर नीचे करने लगा।

मैं काजल की गान्ड और चूतडों को प्यार से सहला रही थी।
उसकी उत्तेजना बहुत बढ़ चुकी थी।

मैंने मोहित को इशारा कर दिया कि लोहा गर्म है … आ जाओ।

मोहित दबे पांव अन्दर आ गया।
मैंने इशारा किया कि अब चोद डालो इसे।

उसके फ़ैले हुये पांव और खुली हुयी चूत मोहित को नजर आ रही थी।
ये देख कर उसका लन्ड और भी तन्नाने लगा।
मोहित उसकी पैरों के बीच में आ गया।

मैं काजल के पीछे आ गयी.
मोहित ने काजल के चूतड़ों के पास आकर लन्ड को उसकी चूत पर रख दिया।

काजल को तुरन्त ही होश आया … पर तब तक देर हो चुकी थी।
मोहित ने उस काबू पा लिया था।
वो उसके चूतड़ों से नीचे लन्ड चूत पर अड़ा चुका था।
उसके हाथों और शरीर को अपने हाथों में कस चुका था।

काजल चीख उठी … पर तब तक मोहित का हाथ उसका मुँह दबा चुका था।
मैंने तुरन्त ही मोहित का लन्ड का निशाना उसकी चूत पर साध दिया।

मोहित हरकत में आ गया।
उसका लन्ड चूत को चीरता हुआ अन्दर घुस गया।
चूत गीली थी … चिकनी थी पर अभी तक चुदी नहीं थी।

दूसरे ही धक्के में लन्ड गहराई में उतरता चला गया।

काजल की आंखें फ़टी पड़ रही थी, घू घू की आवाजें निकल रही थी।

उसने अपने हाथों से जोर लगा कर मेरा हाथ अपने मुख से हटा लिया और जोर से रो पड़ी.
उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे … चूत से खून टपकने लगा था।

“बाबूजी … बहुत दर्द हो रहा है … धीरे धीरे करो!” उसने विनती भरे स्वर में रोते हुये कहा।
पर लन्ड अपना काम कर चुका था।

“बस …बस … अभी सब ठीक हो जायेगा … रो मत!” मैंने उसे प्यार से समझाया।

वो नीचे दबी हुयी छटपटाती रही।
हम दोनों ने मिलकर उसे दबोच लिया।
दबी चीखें उसके मुह से निकलती रही। मोहित ने लन्ड को धीरे धीरे से अन्दर बाहर करना शुरु कर दिया।

मोहित ने अब उसकी चूचियां भी भींच ली। वो नीचे से अपने बदन को छटपटाकर कर हिलाती कर निकलने की कोशिश करती रही।
लेकिन वो मोहित के शरीर और हाथों में बुरी तरह से दबी थी।

मोहित ने अपनी चुदाई अब तेज कर दी … उसका कुंवारापन देख कर मोहित और भी उत्तेजित होता जा रहा था।
धक्के तेजी पर आ गये थे। कुछ ही देर में काजल को अन्दर ही अन्दर शायद उसे मस्ती चढ़ने लगी.

“हाय मैं … मर गयी!” बस आंखें बन्द करके यही बोलती जा रही थी … नीचे तकिया खून से सन गया था।
अब मोहित ने उसकी चूचियां फिर से पकड़ ली और उन्हें दबा दबा कर चोदने लगा।

काजल अब चुप हो गयी थी … शायद वो समझ चुकी थी कि उसकी झिल्ली फ़ट चुकी है और अब ज्यादा दर्द नहीं होने वाला है।
अब उसके चेहरे से लग लग रहा था कि उसे मजा आ रहा है।
मैंने भी चैन की सांस ली।

मैंने देखा कि मोहित का लन्ड खून से लाल हो चुका था।

काजल की कुँवारी चूत पहली बार चुद रही थी।
उसकी टाईट चूत का असर ये हुआ कि मोहित जल्दी ही चरमसीमा पर पहुंच गया।
अचानक नीचे से काजल की सिसकारी निकल पड़ी और वो झड़ने लगी।

मोहित को लगा कि काजल को अन्तत: मजा आने लगा था और वो उसी कारण वो झड़ गयी थी।

अब मोहित ने अपना लन्ड बाहर निकाल लिया और अपनी पिचकारी छोड़ दी।
सारा वीर्य काजल के चूतडों पर फ़ैलने लगा।
मैंने जल्दी से सारा वीर्य काजल की चूतड़ों पर फ़ैला दिया।

मोहित अब शान्त हो चुका था। मोहित बिस्तर से नीचे उतर आया।

काजल को भी चुदने के बाद अब होश आया … वो वैसी ही लेटी हुई थी।

“बस अब तो हो गया … देख तेरी इच्छा भी तो पूरी हो गयी ना!”

उसने अपने कपडे उठाये और पहनने लगी … मोहित भी कपड़े पहन चुका था।

मैंने मोहित को तुरन्त इशारा किया … वो समझ चुका था … जैसे ही काजल जाने को मुड़ी मैंने उसे रोक लिया- सुनो काजल … मोहित क्या कह रहा है!

“काजल … मुझे माफ़ कर दो … देखो मुझसे रहा नहीं गया तुम्हे उस हालत में देख कर … प्लीज!”

मोहित ने अपनी जेब से सौ सौ के दो नोट निकाल कर उसे दिये.
उसने देख कर कोई खुशी नहीं दिखाई.

मोहित ने फिर और सौ सौ के पाँच नोट निकाल दिये.
उसकी आंखो में एकबारगी चमक आ गयी … मैंने तुरन्त उसे पहचान लिया।

मैंने मोहित के हाथ से नोट लिये और अपने पर्स से सौ सौ के कुल एक हज़ार रुपये निकाल कर उसके हाथ में पकड़ा दिये।
उसका चेहरा खिल उठा।

“देख … ये साब ने जो किया, ये उसका हरज़ाना है … हां अगर साब से और करवाना हो तो इतने ही नोट और मिलेंगे!”
“दीदी … मैं आपकी आज से बहन हूं … पैसों की जरूरत किसे नहीं होती है!”

मैंने उसे काजल को गले लगा लिया- काजल … तू सच में आज से मेरी बहन है … तेरी इच्छा हो … तभी ये करना!
काजल खुश हो कर जाने लगी … दरवाजे से उसने एक बार फिर मुड़ कर देखा … फिर भाग कर आयी … और मेरे से लिपट गयी … और मेरे कान में कहा- दीदी … साब से कहना … धन्यवाद!

“अब साब नहीं, जीजाजी बोल! और धन्यवाद किस लिये … पैसों के लिये?”
” नहीं … मेरी चुदाई के लिये!”

वो मुड़ी और बाहर भाग गयी.
मैं उसे देखती रह गयी.
तो क्या ये सब खेल खेल रही थी।
मेरी नजर ज्योंही मेज़ पर पड़ी तो देखा कि सारे नोट वहीं पड़े हुए थे.
मोहित असमंजस में था. Antarvasna

मैं सनी भोपाल से, मेरी उम्र 30 साल है। Hindi Porn Stories

यह बात उस समय की है जब Hindi Porn Stories मैं कंप्यूटर का कोर्स कर रहा था। मुझे उस समय कंप्यूटर ठीक करने के लिए लोगों के घर पर भी जाना पड़ता था।

एक बार की बात है, मेरे एक सीनियर ने मुझे एक पता दिया और कहा कि इस घर में जाकर इनकी प्रॉब्लम देखना है। मैंने जाने से पहले वहाँ काल किया तो उन्होंने कहा कि दो बजे के बाद आना।

मैं उनके घर अढाई बजे गया तो एक बहुत ही प्यारी सेक्सी लड़की ने दरवाजा खोला, उम्र कोई अट्ठारह-उन्नीस साल होगी। मैंने उससे पूछा कि कम्प्यूटर में क्या प्रॉब्लम है तो उसने कहा की काम करते समय कंप्यूटर कभी भी बंद हो जाता है।

मैंने कंप्यूटर ऑन किया और चेक किया तो पता लगा कि वायरस के कारण परेशानी हो रही थी। मैंने वायरस हटा दिया और उसे चेक करने को कहा। लेकिन उससे पहले उसने कहा कि आप क्या लोगे- चाय या ठंडा?

मैंने उसे कहा कि पहले चेक कर लो फिर देखते हैं।

उसने चेक किया और कहा कि आप कोई मूवी लगा कर छोड़ दो, कुछ देर में अगर बंद नहीं होता है तो ठीक है।

मुझे उसमें कहीं भी कोई मूवी नहीं दिखी तो मैंने उससे कहा- मूवी तो नहीं है!
तो उसने आकर एक फाइल खोल दी, वो अंग्रेजी मूवी थी।

वो लगाकर किचन में चली गई। कुछ देर में उसमें सेक्स के सीन आने लगे तो मैंने फाइल को बंद कर दिया।

उसने आकर कहा- प्रॉब्लम आई?
मैंने कहा- प्रॉब्लम तो नहीं आई!
तो उसने कहा कि मूवी बंद क्यों कर दी?
उसने फिर से मूवी चालू कर दी।

जैसे ही मूवी में सेक्स के सीन आये तो मैं उठकर बाहर जाने लगा।
उसने कहा- क्या हुआ?
मैंने कहा- अगर ऐसी मूवी देखेंगे तो कुछ हो जायेगा!
वो बोली- कुछ नहीं होगा!

मैं भी बैठ गया लेकिन कुछ देर बाद वो मेरे साथ वाली कुर्सी के पास आकर खड़ी हो गई। अब मुझसे भी सब्र नहीं हो रहा था सो मैंने भी उसे पकड़ अपनी गोद में बिठा लिया। वो कुछ नहीं बोली। मैंने उसके वक्ष पर हाथ रख दिया तो बोली- यही प्रॉब्लम है! फिल्म पूरी नहीं देख पाती! अकेले में देखकर फिल्म बंद करनी पड़ती है!

अब वो खुल कर मेरा साथ दे रही थी। बोलने के बाद उसने अपनी जीभ मेरे मुंह में अन्दर कर दी। अब मैं भी उसे चूसने लगा। धीरे-धीरे मेरा हाथ उसके स्तनों को मसलते हुए उसके पेट तक चला गया। मैंने फ़ौरन उसका टॉप उतार दिया।

कसम से ऐसे स्तन अपने जीवन में कभी नहीं देखे। जैसे ही वो ब्रा से आजाद हुए, मैंने एक चुचूक को मुंह में भर लिया। उसे भी जवानी का मजा आने लगा। उसने जोश में आकर मेरी पैंट के अन्दर हाथ डालकर मेरा लंड पकड़ लिया और उसे आगे पीछे करने लगी।

अब हम दोनों अपने बस में नहीं थे। मैंने बिना देर किये उसका स्कर्ट उतार दिया और उसकी क्रीम रंग की पैंटी उतार दी। उसकी चूत पे हल्के से बाल थे। मैंने उसकी चूत में एक ऊँगली डाल दी। उसने एक हल्की सी आह भरी। अब वो अपने पंजे के बल बैठ कर मेरी पैंट खोल के मुझे पूरा नंगा किया, एक झटके से वो मेरा लंड पकड़ कर अपने मुंह में लेकर प्यार से चूसने लगी। मैं तो जन्नत की सैर कर रहा था।

अब वो कहने लगी- फिल्म को पूरा करो!
मैंने उसे वहीं सोफे पे लिटाया और उसके चुचूक चूसने लगा। साथ में उसकी चूत में ऊँगली करने लगा और वो आह आह कर रही थी।
वो बोली- अब सब्र नहीं हो रहा है, कर दो पूरा!

मैंने उसकी टाँगें उठाकर अपने लंड को उसकी बुर के मुंह पर रखा और एक हल्का सा धक्का दिया। लेकिन वो कुंवारी थी इसलिए लंड आसानी से नहीं गया तो मैंने उससे कहा- थोड़ा दर्द होगा!
तो वो बोली- परवाह मत करो! लेकिन आज खुश कर दो!

इस बार मैंने उसे कमर से पकड़ के लंड को बुर के मुंह में रखकर तेजी से धक्का दिया मेरा लंड सीधे उसके बुर में तीन इंच तक चला गया। उसके आंसू आ गए और निकालने को कहने लगी। लेकिन मैं कुछ देर रुका और उसके स्तन चूसने लगा। इससे उसे दर्द कुछ कम लगा और नीचे से कमर उठाने लगी।

फिर मैं उसके होठों को चूमने लगा और उसकी कमर को कस के पकड़ के एक जोर से धक्का मारा। इस बार मेरे पूरा लंड उसकी चूत की गहराई में चला गया लेकिन होंठों पर होंठ रखे होने के कारण उसकी आवाज बाहर नहीं आ पाई। थोडी देर शांत रहने के बाद वो बोली- अब जितनी तेजी से कर सकते हो, करो!

फिर मैं भी जोर से अन्दर बाहर करने लगा और वो भी इस काम में मेरा साथ देने लगी, वो कहने लगी- मेरे अन्दर से कुछ निकल रहा है!

थोड़ी देर में मुझे भी लगा कि मेरा भी निकल रहा है तो मैंने उसके मुंह में दे दिया। वो प्यार से चूसने लगी। मैंने उसके मुंह में अपना सारा रस दे दिया, वो भी प्यार से पी गई। इसके बाद उसने मेरे लंड को चाट के साफ कर दिया तो मैंने पूछा- अब तो कोई प्रॉब्लम नहीं कंप्यूटर में?

तो वो हंस के बोली- अब प्रॉब्लम होगी तो काल कर दूँगी।
मैंने उससे कहा- कंप्यूटर ठीक करने का चार्ज ऑफिस में देना होता है!
तो वो बोली- ऑफिस के चार्ज के अलावा तुम्हारा इनाम भी लो!

उसने मुझे दो सौ रूपये ऑफिस के और मुझे एक प्यारा चुम्बन और एक हजार रूपये दिए और कहा- प्रॉब्लम होने पर आ जाना!
मैंने भी उसे एक किस देकर वादा किया और वहां से चला गया।

उसके बाद उसने अपनी एक सहेली को बुलाया और मैंने उसकी भी प्रॉब्लम ख़त्म की लेकिन वो फिर कभी!

मुझे आप सबके जवाब का इन्तजार रहेगा। Hindi Porn Stories

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हाय फ़्रेंड्स कैसे हो? सब के लंड को मेरा Sex storiesसलाम और प्यारी चूतों को मेरा अतिविशेष प्रणाम। मैं अपना परिचय देता हूं।
मेरा नाम बंटी है और मैं काफ़ी हैंडसम दिखता हूं। मेरी हाइट ६” है और लंड मेरा ७ इंच का है जो किसी भी लड़की, औरत को घायल कर सकता है। मैं यहाँ अपनी पहली चुदाई की स्टोरी लिख रहा हूं।

मैं गुजरात के बड़े अच्छे शहर वडोदरा में रहता हूं। मेरे सामने एक मस्त अच्छी बड़े बूब्स वाली औंटी रहती हैं जिसको मैं भाभी कहता हूं। उसकी फ़ीगर ३८ २९ ३८ है। उनका नाम सोनू भाभी है। उनकी शादी को ८ साल हो गये लेकिन उन्हें अभी तक बच्चा नहीं है।

मैं उनके घर आता जाता रहता था। एक दिन मैं गया तो देखा कोईं नहीं था। मेरे घर पर भी कोई नहीं था। मेरी मोम ने उनके घर खाने को बोला था। मैं दोपहर के टाइम उनके घर गया। फिर हम दोनो ने साथ खाना खाया। खाते समय वो मेरी और देख कर कातिल सी मुस्कुराहट देती थी।

खाना खत्म करने के बाद हम दोनो उनके रूम में बेड पर बैठ कर बातें कर ने लगे। बातों बातों में मैने पूछ लिया कि आपको बच्चा क्यों नहीं होता? उन्होंने कहा कि मेरे पति में कुछ प्रोब्लम है। मैने कहा आपको दुख नहीं होता तो वो एक आह भरकर बोली होता है पर अब ये दुख तुम दूर कर सकते हो। मैने पूछा कैसे?

तो वो धीरे से मेरे पास आकर बोली ऐसे। मैने कहा मुझे कुछ पता नहीं चला? तो उन्होंने मेरे शर्ट के बटन खोल कर किस कर ने लगी। मैं दो मिनट के लिये दंग रह गया फ़िर धीरे से वो मेरे होंठ पर आयी मैने भी उनको किस करना स्टार्ट कर दिया। फिर धीरे धीरे मैने उनके कपड़े उतारे और ब्रा और पैंटी में ले आया। उन्होंने कहा “ये देखने के लिये ही, अब ये तुम्हारे है जो चाहो वो करो” मैने पहली ब्रा उतार कर बूब्स चूसना शुरु किया। उनके मुंह से सिस्कियां निकलने लगी। फिर धीरे धीरे किस करते करते मैं नीचे पैंटी तक पहुंच गया और उसको भी सरका दिया। फिर उनकी चूत को मैं चाटने लगा। वो तो मस्त हो कर लेट गयी थी। फिर मैने उनके मुंह पे अपना लंड रख दिया और हम ६९ पोजिशन में आ गये। हमने १५-२० मिनट तक ऐसा किया।

फिर उसने कहा कि बहुत हो गया अब तुम मुझे और मत तड़पाओ जल्दी अपना मोटा लंड घुसा दो मेरी चूत में। मैं खड़ा हो गया और मेरा लंड उनकी चूत पर रख दिया। और एक ही झटके में घुसा दिया वो तो चीख कर रो पड़ी फिर मैं रुक गया फिर धीरे धीरे स्ट्रोक लगाना शुरु किया उनको भी मज़ा आया। वो भी साथ देने लगी फिर मैं अपनी स्पीड बढ़ाता गया उनसे मुंह से आवाज़ आने लगी

“हा हा यस यस हाजु चोद मने हाजु चोद आ चुत ने फाड़ी ने भोस बनाई दे भेन चोद बाउ वरसो पछि चोदवा मल्यु छे चोद तु आजे चोद मने” और ये सुनकर मेरी स्पीड डबल हो गयी फिर मेरा पानी छुटने वाला था। मैने बोला तो वो कहने लगी कि चोदो और चोदो भर दो मेरी चूत तुम्हारे पानी से और मैं ने एक आखरी झटका दिया और छूट गया मेरा पानी। अब मैं उनके ऊपर लेट गया।

उस दिन हम ने ४ बार अलग-अलग तरीके से चुदाई की। और अब भी हम महीने में ३ -४ बार ऐसा करते है। तो फ़्रेंड्स मेरी स्टोरी कैसी लगी? आशा है, आपके लंड और चूत से पानी निकला हो। Sex stories

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