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प्रेषिका : पूजा राय Indian Sex Stories

आज मैं एक असली कहानी सुनाने जा Indian Sex Stories रहा हूँ। यह घटना मेरे साथ १ साल पहले घटी थी जब मेरी उमर २१ साल थी। दरअसल बात मेरे भइया की शादी से शुरू होती है जो कि जबलपुर में थी। वैसे तो मैं भोपाल शहर का रहने वाला हूँ। पर अपने भाई की शादी होने की वजह से मैं जबलपुर गया था जहाँ हमारे सारे रिश्तेदार आए थे। जिनमें से एक थी किरण चाची। वैसे तो वो मेरी दूर की रिश्तेदार थी पर उनके साथ मैं घुल मिल गया था।

वो दिल्ली की रहने वाली थी, पर उनके पति का देहांत कई सालों पहले हो हो चुका था। किरण चाची की उमर करीब ३०-३२ साल है । पर देखने में वो बला सी खूबसूरत हैं। उनका जिस्म देख के सारे शरीर मैं कंपकपी होने लगती है। उनका फिगर ३६-२४-३६ है। और वो हमेशा थोड़ा पतले कपड़े का बलाउज़ पहनती हैं जिसमें से उनकी ब्रा साफ़ साफ़ दिखती थी।

शादी को अभी २ दिन बाकी थे और घर में भीड़ होने की वजह से कुछ लोगों ने तय किया कि वो छत पे सोयेंगे। उन लोगों में से मैं भी एक था। छत पे हम सिर्फ़ ६ लोग सो रहे थे। जब रात के २ बजे मेरी नींद खुली और मैं दूसरी तरफ़ पेशाब करने गया तो मैंने पाया कि वहां पलंग पे कोई औरत सोई हुई थी जिसका पेटीकोट उसके घुटने के ऊपर तक आ गया था। उसको देखते ही मेरा लंड खड़ा हो गया और मैं ख़ुद को उस औरत के पास जाने से रोक नहीं सका। जब मैं उसके नजदीक पहुँचा तो पाया कि वो कोई और नहीं बल्कि किरण चाची थी। उनको देखते ही मेरा लंड मेरे पायजामे में से बाहर आने लगा था। मैंने फैसला कर लिया था कि आज तो मैं इनके बदन को छू के ही रहूँगा।

मैं सबको देख कर आया कि कहीं कोई उठा तो नहीं है। पर सब गहरी नींद में सो रहे थे। शायद किरण चाची भी गहरी नींद में सो रही थी तो मेरी हिम्मत और बढ़ गई और मैं उनके पलंग के बाजू में जाकर बैठ गया और धीरे धीरे उनके पेटीकोट को ऊपर की तरफ़ सरकाने लगा। थोड़ी ही देर में उनका पेटीकोट बिल्कुल ऊपर तक आ चुका था। शायद वोह चड्डी नही पहनती थीं, जिस कारण उनकी चूत मुझे साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी जिस पर हलके से बाल थे।

उनकी चूत देखकर मुझसे रहा नहीं गया और मैंने उनकी जांघ पे धीरे धीरे हाथ फेरना शुरू कर दिया और उनके जिस्म के भी रोंगटे खड़े हो गए थे, थोड़ी ही देर में उन्होंने करवट ले ली और अब उनकी चूत के दर्शन मुझको साफ़ तरीके से होने लगे थे। तो मैंने भी देर ना करते हुए उनके गड्ढे में अपनी एक ऊँगली डालना शुरू कर दी पर उनकी चूत बहुत ही टाईट थी जिस वजह से मैं और पागल हो चुका था और थोड़ी देर में मैंने एक ऊँगली से दो उँगलियाँ उनकी चूत में अन्दर बाहर करना शुरू कर दी।

मैं इतना जोश मैं आ चुका था कि मैं चाची के ऊपर चढ़ गया और उनकी चूची को दबाने लगा ऊपर से ही। पर तब तक वो जाग चुकी थी। उनकी आँख खुली देखकर मैं एकदम डर सा गया, चाची ने मुझे एक चांटा लगाया और फ़िर रोने लगी और मुझसे चिपक गई, मुझे भी एक दम से कुछ समझ नहीं आया था पर उनके बदन की गर्मी से मैं पागल हो गया और उनके होंठो को मैंने चूमना शुरू कर दिया। धीरे धीरे उनके दूध दबाने लगा और वो भी मेरा बराबरी से साथ देने लगी जिससे हमारे बीच सेक्स का मज़ा दोगुना हो गया।

अब मैंने पेटीकोट को हटा दिया और उनकी चूत पर अपना मुँह रख दिया जिससे चाची परेशान हो गई और चुदने के लिए अपनी चू्त को उछालने लगी। मैं खीर को धीरे धीरे खाना चाहता था, इस वजह से मैंने उनके छेद में अपनी जीभ डाल के अन्दर बाहर करना शुरू कर दी और उनके झड़ने का इंतज़ार करने लगा।

जैसे ही चाची झड़ने वाली थी मैंने सब कुछ एकदम से रोक दिया जिस वजह से चाची झड़ नहीं पाई और वो और भी ज्यादा गरम हो गई और मुझसे कहने लगी कि आज तक इतना सुखद अनुभव उसको कभी नहीं हुआ, उसके पति के जाने के बाद से वो प्यासी थी, आज मैं उसकी प्यास बुझाऊं।

मैंने भी देरी ना करते हुए अपने ९ इंच का लंड चाची के हाथ में दे दिया और चाची ने भी बुद्धिमानी दिखाते हुए मेरे लंड को अपने मुँह में ले लिया और उसे चूसना शुरू कर दिया और जब मेरी झड़ने की बारी आई तो चाची ने सब रोक दिया जैसा कि मैंने उनके साथ किया था।

अब बारी थी असली मज़ा करने की। मैंने चाची के छेद के ऊपर अपना सु्पाड़ा रखा और थोड़ा सा धक्का लगाया और कुछ ही देर में मेरा लंड उनकी चूत में समां चुका था फ़िर मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और अन्दर बाहर करने लगा। फ़िर थोड़ी देर के लिए चाची मेरे ऊपर आई और अपने दूध मेरे मुँह के सामने रख दिए तो मैंने भी उसकी चुचियों को अपने दांतों में रख के धीरे धीरे दबाना शुरू कर दिया और अन्दर से उस पे जीभ फेरना भी शुरू कर दिया।

चाची अब पागलों की तरह मेरे पूरे बदन पे हाथ फेरने लगी थी और फ़िर बारी आई चाची को निढाल करने की। तो अब मैंने चाची को अपने ऊपर चढ़ाया और धीरे धीरे उसे ऊपर नीचे होने के लिए कहा। और चाची भी एक्सपर्ट थी जैसा कहा बिल्कुल वैसा ही करती रही और कुछ ही देर में हम दोनों साथ झड़ गए और एक दूसरे की बाहों में करीब ३० मिनट तक लिपटे रहे और मेरा पूरा वीर्य चाची की चूत में ही था। अब सुबह होने को थी तो मैं अपने बिस्तर पे चला गया।

उसके बाद मुझको चाची के साथ सेक्स करने का मौका नहीं मिल पाया। पर हमारी बात होती रहती है और वो मेरे साथ और सेक्स करना चाहती हैं।

अब मैं जून मैं दिल्ली जाऊंगा तब चाची को अपना और करिश्मा दिखाऊंगा। Indian Sex Stories

Antarvasna

दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं गुड़गाँव में रहता Antarvasna हूं। ये स्टोरी उस टाइम की है जब मैं 12वीं क्लास में पढ़ता था। हमारे घर में किराये पर नये किरायेदार आये।

हमारे किरायेदार की वाइफ़ बहुत ही सुन्दर थी वो हिमाचल की रहने वाली थी और जब हिमाचल की है तो सुन्दर तो होगी ही। उसका नाम सोना था उमर होगी करीब 26 -27 साल, रंग एकदम दूध की तरह सफ़ेद। एकदम गोल-2 बूब्स थे उसके।

उन दिनो मैं बहुत सी एडल्ट बुक्स पढ़ता था। एडल्ट बुक्स पढ़ने की वजह से मुझे छोटी सी उमर में की सेक्स की काफ़ी नोलेज़ हो गयी थी। बस हर टाइम चूत मारने का दिल करता रहता था। और जब सोना आंटी को देख लेता था तो मेरा लंड पैंट फाड़कर बाहर आने को हो जाता था। सोना को कहने में भी डर लगता था क्योंकि वो तो मुझे बच्चा समझती थी। इसलिये मुट्ठी मार कर ही काम चलाना पढ़ता था।

मैं तो सोना के बूब्स देखने के लिये बेचैन रहता था। जब वो अपने रूम में झुककर झाड़ू लगाती थी तो मुझे उसके सेक्सी बूब्स के दर्शन हो जाते थे। दोस्तो अभी तक तो मैं उसके बूब्स ही देखता था लेकिन एक दिन मेरी किस्मत खुली और मैंने सोना को बिल्कुल नंगा देखा।
हुआ क्या कि मैं अक्सर उसके रूम में जाता था ताकि मैं उसको देख सकुं, एक दिन मम्मी ने मुझे सोना को कुछ देने के लिये भेजा, मैं दरवाजे को बिना खटखटाये ही सोना के रूम में घुस गया, उस टाइम सोना अपने कपड़े बदल रही थी और वो बिल्कुल नंगी थी, मैंने जैसे ही उसको देखा तो मेरे सारे शरीर में एक करेंट सा दौड़ गया, वो शरमाकर बेड के पीछे छिप गयी और मैं भी रूम से बाहर आ गया।
मेरा दिल जोर-2 से धड़क रहा था क्योंकि ऐसा हसीन नजारा मैंने पहली बार जो देखा था।

मुझे थोड़ा बुरा भी लगा कि मैं बिना खटखटाये रूम में चला गया, लेकिन दिल में एक खुशी भी थी चलो इसी बहाने मैंने सोना को नंगा तो देखा। जिस दिन से मैंने सोना आंटी को नंगा देखा तब से तो उसको चोदने की तम्मना और ज्यादा बढ़ गयी। रात को बस वो ही सपनों में आती थी।

सोना के पति फ़ौजी थे। उनकी 1 वीक दिन की ड्युटी होती थी और 1 वीक रात की। जब उनकी रात की ड्युटी होती थी तो वो मुझे अपने रूम में सोने के लिये बुला लेती थी, उन्हें अकेले सोने में डर लगता था। वो तो मुझे बच्चा समझकर सोने के लिये बुलाती थी लेकिन उन्हें क्या पता कि मैं रोज़ उनको ही सपनों में देखकर मुट्ठी मारता हूं।
रात को जब वो गहरी नींद में होती थी तो मैं धीरे-2 उनके बूब्स और कूल्हों पे हाथ फेर लेता था। दिल तो करता था कि अभी के अभी चोद दूं लेकिन डरता था कि कहीं ये मेरे घर में न बता दे।

एक दिन मैं उनके साथ रूम में सो रहा था, सोना शाड़ी डाल कर सो रही थी, ब्लाउज़ में से उनके सेक्सी बूब्स बाहर आने को हो रहे थे, बूब्स को देखकर मेरे लंड का बुरा हाल हो रहा था, जब मेरे से कंट्रोल नहीं हुआ तो मैंने अपना लंद बाहर निकाला और मुट्ठी मारने लगा तो सोना आंटी नींद से जग गयी और बोली- क्या कर रहा है?

मैं डर गया और बोला- मैं तो कुछ नहीं कर रहा!
फिर मैं चुपचाप सो गया।
सुबह मेरे से आंटी से नजर नहीं मिलाई जा रही थी मुझे डर था कि कहीं ये किसी को बता न दे।

अगले दिन वो मेरे से बोली- रात को क्या कर रहा था?
मैं कुछ नहीं बोला.
सोना बोली कि मुट्ठी मार रहे थे न?
मैंने कहा- हां।
वो बोली कि किसके बारे में सोच रहे थे?
मैंने कहा कि आपके बारे में।
‘अच्छा चल ठीक है, तुझे मुट्ठी मारने की जरूरत नहीं है तू मेरे साथ कर ले जो करना है। आज रात को जब तू मेरे साथ सोयेगा तो हम एंजोय करेंगे।

मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा था कि चलो चूत का जुगाड़ तो हुआ। इन्तजार के पल तो वैसे भी बहुत मुश्किल से कटते हैं वो सारा दिन मैं रात होने का वैट करता रहा।

रात को सोने के लिये उनके रूम पे गया तो वो भी तैयार बैठी थी। मेरे मन में थोड़ी हिचकिचाहट भी थी क्योंकि एक तो मैंने कभी सेक्स नहीं किया था और दूसरे वो मेरे से उमर में काफ़ी बड़ी थी।
वो बोली- इतना क्यों शरमा रहा है?
फिर मैं बिल्कुल सोना के पास बैठ गया उनको छूते ही मेरी नस-2 में आग सी लग गयी मेरा लंड एकदम तनकर पैंट फाड़ने को हो गया.
आंटी बोली कि तेरे लंड को बहुत जल्दी लगी हुई है चूत में घुसने की।
मैं बोला कि हां, बेचारे ने कभी चूत का मजा नहीं लिया है न।

अब मेरी शरम भी खत्म हो गयी थी, मैंने सोना के ब्लाउज़ में हाथ डाल दिया और उनके बूब्स को दबाने लगा, साथ ही उनके रसीले होंठों को अपने होंठों में ले कर चूसने लगा वो भी बहुत बुरी तरह से मेरे होंठों को चूस रही थी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था। काफ़ी देर तक हम एक दूसरे के होंठों को चूसते रहे, मैंने उनके ब्लाउज़ के हुक खोल कर उनके बूब्स को आज़ाद कर दिया, सोना के मोटे-2 बूब्स ऐसे लग रहे थे जैसे कश्मीर के सेब हों, उसके एक बूब को मैंने अपने मुँह में लिया और दूसरे को हाथ से दबाने लगा, वो सिसकियाँ ले रही थी, दिल तो कर रहा था कि इसके बूब्स को खा जाउं.

सोना बोली कि अकेले ही चूसते रहोगे कुछ मुझे भी चूस लेने दो, मैं उनका इशारा समझ गया कि वो मेरे लंड को चूसना चाहती है, मैंने अपनी पैंट खोल दी, पैंट खोलते ही मेरा लंड एक झटके से बाहर आकर ऐसे खड़ा हो जैसे कुतुब मिनार, उसने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़कर बोली कि मैं तुझे बच्चा समझती थी पर तूने तो अपना लंड पूरा जवान कर रखा है।

वो मेरे लंड को मुँह मेँ लेकर ऐसे चूस रही थी जैसे कि आइस-क्रीम चूस रही हो। मैं अपना लंड उसके मुँह में अंदर बाहर करने लगा, मुझे भी लंड चुसवाने में बहुत मजा आ रहा था।
मैंने कहा कि अब इस लंड को खा कर ही छोड़ोगी क्या?
उसने मेरा लंड छोड़ दिया मैंने उसे बेड पे लेटा लिया और उसके बूब्स को फिर से चूसने लगा, बूब्स चूसते-2 मैंने बूब्स पे जोर से काट लिया वो चिल्ला पड़ी बोली क्या खा ही जायेगा इन्हें, मैंने कहा कि तुम्हारे बूब्स हैं ही एकदम कश्मीरी सेब की तरह दिल तो यही कर रहा है कि इन्हें खा ही जाउं।

सोना को मैंने अब सीधा लेटा लिया और उसने अपनी टांगे फ़ैला ली, मैं अपना लंड उसकी चूत पे रगड़ने लगा, वो बोली कि अब क्यों तड़पा रहा है लंड को अब मेरी चूत में डाल भी दे!

मैंने अपना लंड उसकी चूत पे लगा कर एक झटका मारा, मेरा पूरा लंड अब सोना की चूत में घुस गया। मैं धीरे-2 झटके मारने लगा वो भी नीचे से गांड उठा-2 कर झटके मार रही थी, उसके मुँह से आह्हह्ह ऊह्हहह्ह की आवाजें आ रही थी, मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और जोर-2 से झटके मारने लगा, पूरे रूम में फ़च-2 की आवाज आ रही थी.

थोड़ी देर के बाद हम दोनो डिस्चार्ज हो गये और 15 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहे। फिर हम दोनो अलग हो गये और दोनो ने अपने कपड़े डाल लिये।
वो बोली क्यों चूत का मजा आया या नहीं मैं बोला हां सच में बहुत मजा आया ऐसे लग रहा था जैसे कि मैं स्वर्ग में आ गया हूं। Antarvasna

Hindi Sex Stories

मैं आज एक सच्ची कहानी Hindi Sex Stories बताने जा रहा हूं !मैं जब नौकरी कर रहा था तो एक क्रेडिट कार्ड कम्पनी से फ़ोन आया। एक लड़की बोल रही थी कि सर आप क्रेडिट कार्ड बनवा लो।

मैंने कहा- बनवा लूंगा तुम मुझ से डोक्यूमेंट ले जाओ।

जब मैं उससे मिला तो देख कर मेरा लण्ड खड़ा हो गया क्योंकि वह बहुत खूबसूरत थी। मैंने उसे डोक्यूमेंट दे दिए और उसका मोबाईल नम्बर ले लिया। हम दोनों में आपस में बातें होने लग गई, मैं उसके घर जाने लग गया। मैंने उसका और उसकी मम्मी का दिल जीत लिया।

एक दिन जब मैं उसके घर गया तो वो घर पर अकेली थी। उसने मुझ अपने कमरे मे बैठाया और पानी लेने चली गई। उसने नीले रंग का गाऊन पहन रखा था। उसके बूब्स बड़े बड़े थे। उसे देख मेरा लण्ड खड़ा हो गया।

मैंने उससे पूछा कि उसका कोई बोय-फ़्रेन्ड है क्या?

उसने कहा- नहीं !

तो मैंने कहा- तुम मेरी गर्ल-फ़्रेन्ड बन जाओ ! मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कहा- जान ! मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ !

वह शरमाई तो मैंने देर नहीं की और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और अपनी बाहों में भर लिया।

उसने कहा- छोड़ो मुझे ! कोई आ जाएगा !

मैंने कहा- कोई नहीं आएगा ! मैं उसके बूब्स दबाने लगा। अब उसको भी मज़ा आने लगा। मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में दे दी। मैंने उसका गाऊन उतार दिया, उसने काली ब्रा, पैन्टी पहन रखी थी। मैंने उसके बूब्स को ब्रा से आज़ाद कर दिया और उसकी छोटी छोटी चुचूक चूसने लगा। वह पागल हो गई और कहने लगी- और करो और करो !

मैंने उसकी पैन्टी उतार दी और उसे पूरा नंगा करके बेड पर लिटा दिया। अपने सारे कपड़े उतार कर मैंने अपना लण्ड उसके हाथ में दे दिया। वह उसे दबाने लगी। मैं उसकी चूत को चूसने लगा तो उसने कहा- और चूसो ! इसकी प्यास बुझा दो !

मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाली तो वो सिसकारी भरने लगी। अभी उसकी चूत की सील नहीं टूटी थी। वो बार बार कह रही थी-इसे चूत में डालो !

तो मैंने कहा- इसे क्या कहते हैं? इस डंडे को ?

तो उसने कहा- इस लण्ड को मेरी चूत में डालो !

मैंने लन्ड उसकी चूत पर रख कर जैसे ही थोड़ा धक्का दिया तो वो चिल्लाई। मैंने उसका मुँह बंद करके जोर का झटका दे कर पूरा लण्ड उसकी चूत में घुसा दिया। वह छटपटा रही थी। मैं धीरे धीरे लन्ड को उसकी कसी हुई चूत में अन्दर बाहर कर रहा था।

अब उसे भी मज़ा आने लगा था और अब वो नीचे से अपने कूल्हों को उठा रही थी। अब मैं उसकी भोंसड़ी को जोर जोर से चोद रहा था। उसे बहुत मज़े आ रहे थे। उसकी चूत से पानी आने लगा, वो झड़ गई थी।

मैंने देखा कि उसकी चूत से खून आ रहा था। मैंने कहा- जान ! पहली बार चुदवा रही हो इसलिए खून आ रहा है।

मैं जोर जोर से झटके दे रहा था, अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने लण्ड चूत से निकाल कर उसके मुँह में डाल दिया और झड़ गया। वो मेरा सारा वीर्य गटक गई। हम दोनों को नींद आ गई।

थोड़ी देर बाद मेरी नींद खुली तो देखा वो मज़े से नंगी सो रही है। फ़िर मैंने उसे दो बार और चोदा।

अब जब भी मौका मिलता है, मैं उसे चोद देता हूँ  Hindi Sex Stories

दोस्तो में रोहित एक बार फिर आपका स्वागत करता हु अपनी इस सच्ची कहानी में। मेरी कहानी का पहला पार्ट ‘ बहन की सील तोड़ी मुस्लिम दोस्त ने ’ पढ़ कर आप में से बहुत लोगों ने मेल पर तारीफ करी। कुछ लोगों को इसकी सत्यता पर शक भी था, तो उनको में बता दूं ये बिलकुल सच्ची कहानी है और किसी के नहीं मानने से कोई झूठ नहीं हो जाएगा। ये कहानी उसके आगे का भाग है तो जिन लोगों ने पहला पार्ट नहीं पढ़ा वो पहले जाकर उसको पढ़े ताकि उनको पात्रों एवं अब तक की कहानी की जानकारी मिल जाए। अब तक आपने पढ़ा कैसे फैजान ने हिमानी की सील तोड़ी ओर सलीम ने मुझे अपना लन्ड चुसाया। अब अगले दिन जब हिमानी वापस अपने हॉस्टल आई, तब से उसकी चाल ही बदल गई और अब वह फैजान के प्यार में पागल सी हो गई थी। क्योंकि फैजान ने उसको चरमसुख जो दे दिया था। वो दिन भर फैजान से बाते करती उसके साथ घूमने जाती। उसके साथ जो भी बाते होती, फैजान वो सब मुझे बताता। फैजान ने हिमानी से उसकी न्यूड फोटो मांगी, उसने वो खुशी खुशी दे दी। मैने फैजान से पूछा, कि अब आगे क्या करोगे तुम हिमानी के साथ तो वो बोला तेरी बहन को तो में छिनाल बनाऊंगा। उसको चुदाई कि इतनी आदत लगा दूंगा कि जिससे बोलूं, उससे चुदाने को राजी हो जाएगी अब ये सुन कर में भी उत्सुक हो गया, की आगे क्या होगा। 2–3 दिन बाद जब हिमानी फैजान से कॉल पर बात कर रही थी तब फैजान ने उसको बताया कि फ्लैट का मालिक सलीम खान वापस अपने फ्लैट पर आ रहा है, ये सुन कर हिमानी उदास हो गई और बोली कि अब चुदाई कहा करेंगे, तो फैजान बोला कि सलीम भाईजान मेरे बहुत खास हैं और मैने उनको तुम्हारे बारे मे बता दिया है, हम लोग बिंदास उनके होते हुए उनके फ्लैट पर जा सकते है, कोई दिक्कत नहीं होगी। हिमानी थोड़ा हिचकिचाई लेकिन फैजान के ज़ोर देने के बाद और अपनी चूत में खुजली होने की वजह से वह मान गई। में तो हैरान हो गया कि हिमानी की चूत में इतनी खुजली है कि वह सलीम की मौजूदगी में भी वहा जाने को तैयार हो गई। फैजान ने जादू कर दिया था उसके ऊपर। अगले दिन वो शाम को मिले और घूमने निकले, हिमानी ने कट स्लीव का छोटा टॉप और नीचे जींस पहनी थी। उस जींस में उसकी गांड़ बहुत उभर कर आ रही थी। दोनो कार में बैठ कर निकल गए , थोड़ी देर बाद फैजान ने हिमानी को चलती कार में लन्ड चूसने को बोला, हिमानी ने मना कर दिया लेकिन फैजान कहा मानने वालों में से था, उसने अपना लन्ड पैंट में से बाहर निकाला और हिमानी का मुंह अपने लन्ड पर दबा दिया, हिमानी अब उसका लन्ड चूसने लगी। शाम को घूमने के बाद दोनों लोग सलीम भाईजान के फ़्लैट पर पहुंचे, जहां पर में पहले से पहुंच चुका था, उनके आते ही मैने सलीम भाईजान को बोला कि चलो अपन पास वाले रूम में चले जाते है , वरना हिमानी देख लेगी। सलीम भाईजान हंसे और बोले कि तू जाके रूम में छुप जा, में तो यही रुकूंगा, और तेरी रण्डी बहन से मिलकर फिर रूम में आऊंगा। दोस्तो उस समय सलीम ने सिर्फ लूंगी पहनी हुई थी, उसका चौड़ा शरीर पूरा दिख रहा था, ये उसके प्लान का हिस्सा था, वो हिमानी को अपनी बॉडी दिखाना चाहता था। में जल्दी से रूम में आ गया, फैजान ओर हिमानी जैसे ही फ्लैट में आए, फैजान ने सलीम से हिमानी की मुलाकात करवाई। हिमानी उसको देख कर शर्मा रही थीं क्योंकि सलीम ने सिर्फ लूंगी पहनी हुई थीं। सलीम उसको देखते ही बोला, कि तुम बहुत सुंदर ओर सेक्सी हो। हिमानी ने समझ नहीं आया कि क्या बोले तो उसने सर झुका कर थैंक यूं कहा। सलीम हिमानी से बोला तुम कभी भी बेझिझक यहां आ सकती हो, इसे अपना ही घर समझो। सलीम ने फैजान में बोला दोनों लोग बैठो थोड़ी देर बाते करते है और शराब का दौर जमाते है, आज काफी दिन हो गए। फैजान ने बोला बिल्कुल भाईजान हम तीनों पियेंगे। इस बात पर हिमानी ने बोला कि में दारू नहीं पीती, तो सलीम ने कहा तुम बीयर पी लेना, उसमें बिल्कुल भी नशा नहीं होता और उसके बाद सेक्स करने का मज़ा भी दुगुना हो जाएगा। हिमानी का चेहरा शर्म से लाल हो गया, तो सलीम बोला इसमें शर्माने जैसा कुछ नहीं है, यही उम्र है मज़े करने की, खुल कर अपनी इच्छा पूरी करो, क्योंकि शादी के बाद तुमको इतना मज़ा कभी नहीं मिलेगा। हिमानी ने धीरे से पूछा ऐसा क्यों तो सलीम बोला रहने दो तुम शर्मा जाओगी अगर मैं बताऊंगा तो। हिमानी को अब जानना था कि सलीम ने ऐसा क्यूं बोला। उसने जोर दिया की आप बताओ कि शादी के बाद मजा क्यों नहीं मिलेगा। सलीम ने बोला, देखो बुरा मत लगाना लेकिन तुम्हारे हिन्दू लोगों का लन्ड बहुत छोटा होता है और उनका बहुत जल्दी झड़ भी जाता है। तुम जब तक गरम होगी तब तक तो तुम्हारा पति झड़ कर सो जाएगा। हिन्दू आदमी सिर्फ औरत पर चिल्ला सकता था, न तो वो बाहर हम मुल्लों से लड़ सकता था और ने ही वह घर में अपनी औरतों को चुदाई से संतुष्ट कर सकता है। कुछ लोग तो शादी के थोड़े समय बाद चुदाई करना ही छोड़ देते है।जबकि हम मुल्लों का लन्ड बहुत बड़ा होता है हम लोग बहुत देर तक चुदाई कर सकते है। हमारा लन्ड कटा हुआ होने की वजह से वह देखने में भी बहुत अच्छा लगता हैं। औरते मरती हैं हमारे साथ सोने के लिए क्योंकि हम 50–60 की उम्र के बाद भी उसी जोश में चुदाई करते हैं। हिमानी यह सब बहुत ध्यान से सुन रही थी, तभी फैजान बोला कि चलो पीते है, तो दोनों लोग दारू पीने लगे और फैजान ने हिमानी को भी ज़ोर देकर एक बियर पीला दी। हिमानी पहली बार पी रही थीं तो उसको हल्का हल्का सुरूर चढ़ने लगा। सलीम ने मौका देख दिया बोला कि हिमानी तुम बहुत खुश नसीब हो कि तुम्हारा मुस्लिम बॉयफ्रेंड है, हिमानी ने पूछा ऐसा क्यों तो सलीम बोला कि फैजान तुम्हे चुदाई का पूरा सुख देता है और वह देखने में भी मर्द लगता है। सभी मुस्लिम लोग बहुत ताकतवर होते हैं, मुझे ही देख लो। ये सुनकर हिमानी ने पहली बार 2 मिनिट के लिए सलीम को घूर कर देखा तो उसको लगा कि सलीम कितना चौड़ा और बड़ा मर्द है। सलीम ने ये भाप लिया और उसने मौके पर चौका लगाते हुए कहा कि एक बात पुछूं क्या, बुरा तो नहीं मानोगी। हिमानी ने कहा बिलकुल पूछिए, इस समय हिमानी को सलीम की बाते सुन कर अच्छा लग रहा था। सलीम बोला कि मुझे देख कर तुमको क्या लगता है कि तुम्हारे घर का कौनसा मर्द मुझसे लड़ाई कर जीत सकता है, हिमानी कुछ नहीं बोली क्योंकि उसको पता था कि हमारे घर का कोई आदमी सलीम से जीत नहीं पाएगा। अब वो भी थोड़ा थोड़ा मुस्लिम की और झुकने लगी। फैजान बस मुस्करा रहा था। सलीम बोला मैने बहुत सी हिन्दू औरतों को चोदा है क्योंकि वह सब अपने हिंदू पतियों से असंतुष्ट हैं। मेरा शरीर देख कर वे मुझ पर फ़िदा है जाती हैं। हिमानी ने अब दूसरी बियर भी खत्म कर दी थी और वो सलीम की बातों में आने लगी थी। फैजान ओर सलीम को लगा आज के लिए बहुत है इतना फिर फैजान बोला चलो अन्दर रूम में जाते है, तो सलीम बोला कि ठीक है दोनों लोग मज़े करना ओर कुछ भी काम हो तो बता देना में पास के रूम में ही हु। दोनो लोग अंदर गए और फैजान झट से हिमानी पर टूट पड़ा, हिमानी भी बियर के नशे में थी और सलीम की बातों से बहुत उत्तेजित हो गई थी तो वह भी फैजान का पूरा साथ दे रही थी। दोनो ने अपने कपड़े उतार कर फेक दिए और फैजान ने हिमानी को अपना लन्ड चूसने बोला, हिमानी भी बिना किसी देर के, उसका लन्ड किसी पोर्नस्टार की तरह चूसने लगी। आज वो फैजान के लन्ड को बार बार देख रही थीं, क्यूंकि सलीम ने मुस्लिम लन्ड की बहुत तारीफ की थी। इसी बीच सलीम अंदर आया और लूंगी खोल कर मेरे सामने खड़ा हो गया। में समझ गया मुझे क्या करना है , में बिना कुछ बोले उसका लन्ड चूसने लगा। आज मुझे भी मज़ा आ रहा था, क्योंकि बाहर सलीम की बाते सुन कर में भी मुस्लिम मर्द की तरफ आकर्षित हो गया था। सलीम मुझे बोला, क्या मस्त चूस रहा है तु आज, बहुत जल्दी तेरी रण्डी बहन को चुसाऊंगा अपना ये मूसल लन्ड। उधर रूम में अब फैजान हिमानी की चूत चाट रहा था और हिमानी बहुत जोर जोर से सिसकारियां ले रहीं थी। उसने फैजान का मुंह अपनी चूत पर दबा रखा था। अब फैजान उठा और अपना लन्ड हिमानी कि चूत पर रगड़ने लगा, हिमानी बोली जान अब मत तड़पाओ, ज्लदी से अंदर डाल दो। लेकिन फैजान ने उसे मना कर दिया और बोला कि नहीं चोदूंगा। में हैरान हो गया कि वह ऐसा क्यों बोल रहा है, तभी हिमानी ने बोला क्या हुआ जान कुछ गलती हो गई क्या मुझे। तभी फैजान बोला में अपना लन्ड तुम्हारी चूत में तभी डालूंगा जब तुम मुझसे भीख मांगोगी चुदाई की और बोलोगी की अपना ये मूसल मेरी चूत में डाल कर फाड़ दो इसको। हिमानी हवस के नशे में चूर होकर बोली कि फैजान में तुमसे हाथ जोड़ कर भीख मांगती हूं कि अपना ये मूसल लन्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी चूत को फाड़ दो। ये सुन कर सलीम हंस पड़ा और बोला देख रहा है अपनी रण्डी बहन को कैसे चूदने के लिए बेताब हैं, में सर झुका कर उसका लन्ड चूसने लगा। उसने जोर से मेरी गांड़ पर एक थप्पड़ मारी और मेरी सिसकारी निकल गई। उसने 2–3 बार और मारा, मुझे भी अच्छा लगा। उधर फैजान हिमानी को बोला की बोल तू मेरी रांड़ है, तो हिमानी बोली फैजान में तुम्हारी रण्डी हु, जल्दी से अपना मूसल लन्ड मेरी चूत में घुसा दो। अब फैजान ने भी देर न करते हुए उसकी चूत में लन्ड डाल दिया और उसको चोदने लगा। पूरे रूम में सिर्फ हिमानी की चीखने की आवाजे आ रही थीं। इधर सलीम ने मुझसे अपने निपल्स चूसने को बोला और वो बिस्तर पर लेट गया, में उसके ऊपर चढ़ कर उसके छाती को चूमने लगा। उसका मर्दाना शरीर छूने के बाद मुझे एहसास हुआ कि क्यों हिन्दू औरते उससे चुदाने के लिए राजी होती है। वहां फैजान ने लगातार हिमानी को चोद रहा था और करीब 20 मिनट की चुदाई के बाद फैजान ने अपना माल हिमानी के मुंह पर निकाल दिया जिसमे से थोड़ा हिमानी ने पी लिया। हिमानी इस चुदाई में करीब 3 बार झड़ गई थी। उसके चेहरे पर संतुष्टि साफ साफ दिख रही थी। अब हिमानी को सलीम की बाते वापस याद आने लगी़, उसका बियर का नशा भी उतर गया था। उसने फैजान को पूछा कि सच में सब मुस्लिम मर्द ताकतवर होते है। फैजान बोला बिल्कुल, तुमने देखा नहीं सलीम भाईजान को कितना ताकतवर शरीर है उनका। हिमानी बोली वो तो बिल्कुल सांड जैसे मजबूत लगते है, में तो उनके सामने बिल्कुल नन्हीं बच्ची लग रही थीं। हिमानी बोली कि सच में हिन्दू लोग सेक्स में औरत को संतुष्ट नहीं कर पाते है तो फैजान को मन में लगा यहां तो शिकार सामने से हलाल होने आ रहा है, उसने हिमानी को अपना ट्विटर अकाउंट खोल कर कुछ हिंदू लोगों के लन्ड के फोटोस दिखाए। वो सब लन्ड बहुत छोटे और बेकार दिख रहे थे, हिमानी बोली इतने से ही होते हैं क्या ओर ये बोल कर उसने फैजान के हाथ से फोन ले लिया और बाकी पोस्ट्स देखने लगी। हिमानी मूसल लन्ड देख कर पागल हो गई साथ ही उसको हिन्दू लन्ड देख कर हसी आ रही थी। फैजान को अपनी मंजिल पास आती दिखाई देने लगी। हिमानी ने बोला कि अगर सभी हिन्दू लोगों का लन्ड ऐसा होता है तो में हमेशा तुम्हारे साथ ही रहूंगी और जो बोलोगे वो करुंगी।हमारे पूरे परिवार तुम्हारे जैसी बॉडी किसी की नहीं सब लोग दुबले हैं है या तो पेट निकला हुआ है। ये बोल कर वो फैजान से लिपट गई। हिमानी को प्यास लग रही थीं तो वो बाहर पानी पीने के लिए उठी और अपना टॉप और पेंटी पहनी, वैसे भी रात के 3 बज रहे थे बाहर कोई नहीं होगा तो उसने जींस पहनना ठीक नहीं समझा, सिर्फ़ टीशर्ट और पेंटी पहन कर बाहर जाने लगी इधर सलीम ने भी अपना सारा माल मुझे पिला दिया और लूंगी पहन कर जान बुझ कर हिमानी के सामने बाहर जाने लगा। हिमानी टीशर्ट और पेंटी में बाहर किचन में पहुंची और सलीम भी वहा आ गया और उसके पीछे खड़ा हो गया जैसे ही हिमानी पानी पीकर पीछे मुड़ी और सलीम से टकरा गई। हिमानी गिरने को हुई लेकिन सलीम ने उसकी कमर को पकड़ कर अपने पास खींच लिया। हिमानी सलीम के आगोश में थी और वो भूल गई कि उसने नीचे सिर्फ पेंटी पहनी हुई है। सलीम ने उसे छोड़ा और बोला कैसी रही रात। तुम्हारी सिसकारियों से तो लग रहा था कि फैजान ने बहुत खुश कर दिया तुमको। हिमानी शर्म से लाल हो गई और वहां से जाने लगी तभी फैजान बाहर आ गया और हिमानी से पानी मांगा। वो सलीम को देख कर बोला आप सोए नहीं भाईजान अभी तक। तो सलीम बोला तेरी गर्लफ्रेंड की चीखों ने सोने ही नहीं दिया। दोनो इस बात पर ठहाके लगाने लगे। सलीम ने फैजान को शाबाशी दी कि ऐसे ही हिमानी को मज़े दो ओर खुद भी मज़े करो। फैजान बोला सब आपसे ही सीखा है भाईजान। तभी फैजान ने कहा कि काफी पीने का मन कर रहा है, हिमानी तुम बना दोगी क्या अपन तीनों के लिए। हिमानी ने बिलकुल बना दुगी ये भी कोई पूछने की बात है, उसी समय हिमानी को एहसास हुआ कि उसने नीचे सिर्फ पेंटी पहनी हुई है और वह सलीम के साथ खड़ी है। वो शर्मा कर जल्दी रूम कि तरफ भागने लगी तो सलीम ने उसे रोका और बोला कि मुझे पता है तुम रूम में जींस पहनने जा रही हो लेकिन आधी रात में टाइट जींस पहनोगी तो खुद ही अनकंफर्टेबल हो जाओगी । तुम्हे शर्माने की जरूरत नहीं है और वैसे भी मैने तुमको पेंटी में देख लिया है और मैने खुद ने भी सिर्फ लूंगी ही पहनी हुई है। फैजान बोला कि सलीम भाईजान सही कह रहे हैं, ये तुम्हारा हिन्दू घर नहीं हैं जहां तुमको पूरा ढक कर रहना पड़ता हैं, इस घर में तुमको किसीसे शर्माने की जरूरत नहीं है। हिमानी को उसकी बात ठीक लगी वो बोली आप लोग सोफे पर बैठे में कॉफी बनाकर लाती हु और वो अंदर जा कर काफी बनाने लगी। हिमानी कॉफी लेकर बाहर आई और टेबल पर रखी लेकिन सलीम ओर फैजान सोफे पर इस तरह बैठे थे कि हिमानी को उन दोनों के बीच में बैठना पड़ा। सलीम ने काफी की सीप ली और हिमानी की तारीफों के पुल बांधने लगा। हिमानी बोली इतनी भी अच्छी नहीं है कॉफी आप भी बस मजाक करते हैं। में अंदर से सब देख रहा था और सोच रहा था कि पहली मुलाकात में हिमानी सलीम से इतना गुल मिल गई। तभी फैजान हिमानी को छेड़ते हुए बोला कि वैसे हिमानी इस टीशर्ट और पेंटी में तुम बहुत सेक्सी लग रही हो। हिमानी शर्मा गई और उसने फैजान के कमर पर चुटकी करी और चुप रहने का इशारा किया। हिमानी बोली में अन्दर जाती हूँ तो सलीम बोला कि अरे हिमानी शरमाओ मत, फैजान बिलकुल सच बोल रहा है, तुम तो बिल्कुल बॉलीवुड हीरोइन से भी ज्यादा सेक्सी लग रही हो। हिमानी ने कहा कि इतनी भी सुंदर नहीं हु में लेकिन मन ही मन वो अपनी तारीफ सुन कर खुश हो रही थी। अब हिमानी सलीम से काफी खुल गई थी। सलीम उसकी गोरी गोरी टांगों को घूर रहा था जिसे हिमानी ने भाप लिया और वो बोली कि आपने तो इतनी औरतों के साथ मज़े किए है, मेरी टांगें इतनी अच्छी है क्या जो आप बार बार देख रहे हों, हिमानी ने ये बात हस कर मजाक में कही। सलीम बोला मैने बहुत औरतों को संतुष्ट किया है लेकिन तुम्हारी जैसी चिकनी टांगें किसी की नहीं है, फैजान के तो मज़े है। फैजान बोला ये बात तो आपने सही कही भाईजान और ये बोलते हुए फैजान ने हिमानी को लिप्स पर किस किया, हिमानी भी सलीम के सामने खुल गई थी तो उसने भी फैजान को खुल कर किस किया। काफी खत्म कर सब अपने रूम में चले गए और थोड़ी मस्ती करने के बाद फैजान ओर हिमानी भी सो गए। तो दोस्तो आज की ये कहानी यही खत्म होती है। कहानी के अगले भाग में लिखूंगा कैसे हिमानी ओर सलीम आपस मे खुलने लगें ओर हिमानी मुस्लिम को ही असली मर्द समझने लगी। ये भी लिखूंगा कि कैसे हिमानी को मेरे और सलीम के बारे मे पता चला और उसने मुझे साड़ी पहना कर सलीम के साथ सुहागरात मनाने के लिए तैयार किया ओर मेकअप किया। कहानी में ओर भी मज़ा आने वाला है ये बिलकुल सच्ची कहानी है, इसे पढ़ कर अपना फीडबैक जरूर दे। आपके मेल से ही अगली कहानी अपलोड करने का प्रोत्साहन मिलता है Mail I'd - jainhimangi306@gmail.com
Hindi Sex Stories

मेरा नाम संजीव Hindi Sex Stories है। मेरी उम्र 24 साल है। यह कहानी मेरी जिन्दगी का असली और सत्य अनुभव है। उन दिनों मैं जयपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। मैं जुलाई 2008 जयपुर में आया था। मैंने जयपुर आने से पहले कभी चुदाई नहीं की थी। चुदाई करने की कसक मेरे दिल में हमेशा से ही थी लेकिन न जाने क्यों 24 की उम्र में आते आते मुझे अपने नाग की तरह फुनकते लंड को थामना बहुत ही मुश्किल पड़ रहा था। मुठ मारने से भी में अब बोर हो गया था। मुझे चूत की बहुत जरूरत थी और इस बार किस्मत ने भी मेरा भरपूर साथ दिया।

मेरी कक्षा में सिर्फ दो लड़कियाँ थी। उन दोनों में से एक थी गार्गी ! गार्गी क्या लड़की थी, उसके दो दो किलो के चूचे थे और गांड भी खूब भारी थी। उसी दिन मुझे लगा कि गार्गी की चूत ही मेरे लंड की गर्मी को ठंडा कर सकती है।

अगले दिन गार्गी ने मुझे बताया कि उसे मोबाइल फ़ोन खरीदना है। कॉलेज से मार्केट काफी दूर था और मेरे पास बाइक भी नहीं थी। मैंने अपने दोस्त से पल्सर मांग ली।

फिर क्या था, क्लास ख़त्म होने के बाद गार्गी और मैं बाइक पर चल दिए। मैंने बाइक की स्पीड १०० से भी ऊपर कर दी और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया जैसे ही उसके नाजुक नाजुक हाथ मुझे छू रहे थे मेरी पूरी बॉडी में सनसनाहट दौड़ रही थी और मेरे लंड तो आज सारी हदें पार कर रहा था। उस वक़्त मुझे लगा कि अभी बाइक रोक कर उसे अपने लंड का स्वाद चखा दूँ। लेकिन मैंने अपनी भावनाओं को काबू में रखा। मुझे तो समुन्दर में तैरना था, नदी में नहाने में क्या रखा था।

उस दिन बाइक पर जो तीस मिनट का सफ़र था, उसको रात को सोच कर मैं मुठ ही लगा रहा था कि गार्गी का फ़ोन आ गया। अब मैंने गार्गी से फ़ोन पर बात करते करते ही लंड से ऐसी पिचकारी छोड़ी कि वीर्य दो मीटर दूर जाकर गिरा। लेकिन आज की मुठ में और दिनों से अलग मजा था।

अगले दिन क्लास में गार्गी मेरे आगे बैठी थी तो उसकी सलवार से उसकी पैन्टी दिख रही थी। उसने गुलाबी रंग की पैन्टी पहनी थी। अब तो मेरा लंड फ़ुफ़कारने लगा।

क्लास छुटने के बाद मैं गार्गी को कॉफ़ी के लिए कैंटीन ले गया। बात बात में उससे पता चला कि उसका अभी कोई बॉयफ़्रेंड नहीं है। अब तो मुझे गार्गी की चूत की सुरंग और मेरे लंड की तोप का मिलन साफ़ नजर आ रहा था। धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई।

एक दिन शाम के 4 बजे लैब में कोई नहीं था। मैंने गार्गी को अपने दिल की बात कह दी। उसने भी हामी भर दी, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और इमरान हाश्मी स्टाइल में गार्गी के होंठों का सारा रस चूस लिया। अब मेरे हाथ धीरे धीरे उसके वक्ष पर पहुँच गए। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरु कर दिया। उसके स्तन डनलप के गद्दे से कम नहीं लग रहे थेऔर मेरा लंड तो उस वक़्त हीरे से भी सख्त हो रहा था। उसने भी मेरा लंड अपने कोमल हाथो में ले लिया और सहलाने लगी। अपने हॉस्टल में मैंने खूब ब्लू फिल्म देखी थी और मैंने लैब के कंप्यूटर में गूगल से ढूंढ कर ब्लू फिल्म चला दी।

अब मैंने फिल्म की नक़ल करते हुए अपना लंड गार्गी के मुँह में दे दिया। पहले तो गार्गी ने मना किया फिर मान गई और वो लंड चूसने लगी। मेरा लंड पहली बार किसी लड़की के मुँह में गया था। एक मिनट के अंदर ही मैं झड़ने लगा और मैंने गार्गी के मुँह के ऊपर वीर्य बारिश कर दी और वो उसको ऐसे चूसने लगी जैसे अमृत की बारिश हो रही हो।

मैं झड़ चुका था लेकिन गार्गी की आग अभी बाकी थी। उसने अपनी चूत में ऊँगली करके अपनी आग बुझाई।

अगले दिन मुझे गार्गी को संतुष्ट करना था इसलिए मैं अगले दिन पॉवर कैप्सूल और कंडोम लेकर गया। लेकिन अगले दिन लैब में क्लास चल रही थी और मैंने लंच के बाद कैप्सूल खा लिया था। शाम के चार बज रहे थे और मेरा लण्ड नाग के फन की तरह जींस को फाड़ के बाहर आने को कर रहा था। आज किस्मत ने मेरा साथ दिया। एक टीचर को बाहर जाना था दो घंटे के लिए उसने मुझे अपने ऑफिस की चाबी दे दी क्योंकि टीचर का कुछ काम करना था। इधर मुझे अपने लंड की आग बुझानी थी।

मैं गार्गी को लेकर ऑफिस में आ गया। मेरे ऊपर अब तो कैप्सूल का पूरा असर हो चुका था। ऑफिस में घुसते ही मैंने गार्गी को बाहों में भर लिया और टूट पड़ा। मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और स्तनों को चूसने लगा और गार्गी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। आज मेरा लंड सात इंच से बढ़ कर आठ इंच का हो गया था। गार्गी की चूचियाँ दबाने में बहुत मजा आ रहा था, उसके स्तन काफी गुदगुदे थे।

मैंने अपना लंड उसके दोनों स्तनों के बीच में रख दिया और हिलाने लगा। अब मेरा हाथ अपने आप गार्गी की पैन्टी पर पहुँच गया और मैंने उसकी पैन्टी उतार दी। गार्गी की चूत पर एक भी बाल नहीं था और चूत एक दम गोरी गोरी थी। मैं चूत को सहलाने लगा।

अब उसकी चूत गीली होती जा रही थी, मुझे लगा कि गार्गी की सुरंग में तोप दागने का इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा और मैंने कंडोम चढ़ा के डाल दिया अपना लण्ड गार्गी की चूत में !

जैसे ही पहल झटका लगा, गार्गी कर गई- उहऽऽ ह्ह अह्ह्ह्हह्ह. और उसकी चूत से खून निकलने लगा। वो दर्द से कराहने लगी पर आज मेरा लण्ड कहाँ रुकने वाला था, मैंने उसकी एक टांग कुर्सी पर रखी और एक टांग को अपने हाथ में रख के झटके पे झटके देने लगा। उधर गार्गी दर्द से उफ्फ्फ अहह उफ़ आह्ह मर गई … और धीरे से डालो ..कहने लगी।

और जब तीन चार बार लंड चूत में घुस कर बाहर आ गया तो गार्गी को मजा आने लग गया।

अब गार्गी कहने लगी- और डालो … और डालो !पाँच मिनट तक मैंने गार्गी को खूब पेला। अब मेरा झड़ने वाला था कि तभी टीचर आ गया। लंड की आग में मुझे कुछ नहीं दिख रहा था। उसने हमें दरवाज़े के छेद में से देख लिया था। लेकिन जब तक मैंने अपने लंड से गार्गी की चूत को तृप्त नहीं कर दिया, मैं ठोकता रहा और अंत में मैं झड़ने लगा। फिर जल्दी जल्दी गार्गी और मैंने कपड़े पहने लेकिन टीचर हमें देख चुका था।

दरवाजा खोला तो टीचर ने गार्गी से कहा- मुझे भी अपनी चूत दे दे ! नहीं तो सबको बता दूंगा !

गार्गी मेरी तरफ देखने लगी, मेरे पास भी कोई और रास्ता नहीं था। टीचर ने भी गार्गी को ठोका और उसकी नई और गोरी गोरी चूत का मजा लूटा।

आज भी गार्गी और मेरा चुदाई कार्यक्रम चल रहा है और हफ्ते में एक दो बार टीचर गार्गी की ले लेता है।

लेकिन क्या करें ! हमे भी ऑफिस चुदाई करने को मिल जाता है।

दोस्तो, कहानी कैसी लगी, बताना जरूर ! Hindi Sex Stories

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