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Massage Girl in Karaikal: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in Karaikal who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Whats New

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Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in Karaikal that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The Karaikal massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in Karaikal who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your Karaikal massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This Karaikal massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in Karaikal who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in Karaikal employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in Karaikal helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in Karaikal

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in Karaikal at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna

हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम राजा है बदला हुआ Antarvasna नाम है और ये मेरी और मेरी मामी की है जो एक छोटे से गांव में रहती थी और मेरे मामा की वहां खेती- बाड़ी है। पर वहां सूखा पड़ जाने के कारण मेरे मामा हमारे यहाँ रहने के लिए आ गये तो मेरे पापा ने उनको कहा कि जब तक तुम को कोई काम नहीं मिल जाता तुम लोग हमारे ही साथ ही रहो। तो मेरे मामा मान गए और वो रोज़ मेरे पापा के साथ जाते।

मेरे पापा को अक्सर अपने काम से बाहर जाना पड़ता था और एक बार मेरे पापा को गोवा जाना पड़ा तो वो मामा को भी साथ ले गए और वो लोग करीब 2 महीने के बाद लौटेंगे, ऐसा कह कर गए। तो मेरी मम्मी ने कहा कि चलो उनकी सास के यहाँ होकर आते हैं.

पर मैं नहीं गया तो मेरे कारण मामी भी नहीं गई क्योंकि वो मुझे बहुत चाहती हैं इसी लिए वो नहीं गई। मेरी मम्मी ने कहा कि वो 1 सप्ताह बाद लौटेंगी और चली गई।

मेरे मन में मेरी मामी के बारे में कुछ गंदे विचार नहीं थे पर एक दिन जब मैं कोलेज़ से वापस आया तो मैंने घर का दरवाज़ा ख़टखटाया पर कोई जवाब नही मिला। मैंने फिर दरवाज़े को मारा तो उस के कुछ देर बाद मेरी मामी ने दरवाज़ा खोला और उस समय वो कुछ इस तरह थी कि सिर्फ़ एक तौलिया लपेटे हुए थी।

और मैं उनको ऐसे ही घूरता रहा क्योंकि उनका जिस्म ऐसा ही था, 36 28 36
वो मुझे देख कर हँसने लगी। उस समय उनको देख कर मेरा लंड खड़ा हो गया और वो वहां से चली गई पर मेरा तो दिमाग कुछ देर के लिए काम नहीं कर रहा था।

कुछ देर बाद मामी मेरे कमरे में आई और मुझे देख कर हँसने लगी तो मैंने उनसे पूछा कि वो क्योँ हस रही है, तो उन्होंने कहा कि क्या तुमने किसी को ऐसी हालात में नहीं देखा?

मैंने कहा कि नहीं !

वो और हँसने लगी और उस कारण मेरा मुंह लाल हो गया, मैंने उनसे कहा कि क्या आप मुझे अपना जिस्म दिखाएँगी?
तो उन्होंने गुस्से से अपना मुँह लाल किया और मुझे डाँट कर चली गई। फिर रात को जब हमने डिनर किया और मैं अपने कमरे में चला गया। मैंने उस रात को मेरी मामी के बारे में सोच कर 4 बार मुठ मारी।

अगला दिन रविवार था और जब सुबह को उठा तो मैं नहाने के लिए बाथरूम में गया और नहा कर जब वापिस आया तो मैंने देखा कि मामी वही तौलिया पकड़े हुए है जिस पर मैंने अपना वीर्य गिराया था। उन्होंने मुझसे पूछा कि तुमने रात को मुठ मारी थी क्या?

मैं कुछ नहीं बोला और मैंने अपना सर नीचे झुका लिया और उस समय मैं सिर्फ़ अंडरवीयर में ही था। मैंने मामी से कहा कि यह बात मम्मी को मत बताना वरना वो तो मुझे घर से बाहर निकाल देगी और उनके पैरों पर गिर गया और उनसे माफ़ी मांगी। पर उन्होंने हँस कर कहा कि मुझे कहा होता तो मैं तुम्हारी मदद कर देती !

यह सुन कर मैं समझ गया कि मामी को मेरा लण्ड चाहिए और मैंने उठ कर मामी को गले लगाया, उस समय मामी सिर्फ़ ब्रा और पेटीकोट में ही थी। उस समय मेरा लण्ड तना हुआ था और जैसे ही मैंने उनको गले लगाया तो मेरा लण्ड उनकी फुद्दी को छू रहा था।

मामी ने कहा- यह क्या नीचे मेरे फुद्दी को छू रहा है?
तो मैंने कहा- मामी ये मेरा लण्ड है।

तो वो हँस कर धत्त कह कर चली गई और फिर मैं घूमने के लिए बाहर चला गया।

शाम 5 बजे जब मैं घर आया तो मैंने देखा कि मामी बाथरूम में है। मैं अपने कमरे में चला गया और फिर सो गया।

रात को मामी ने मुझे खाने के लिए बुलाया। मैं उठ कर फ्रेश हो गया और जैसे ही मैं कमरे से बाहर निकल रहा था तो मेरे मन में ख्याल आया कि क्योँ न आज नंगा ही मामी के सामने जाऊँ ! मैंने अपना अंडरवीयर उतार दिया और वैसे ही नंगा चला गया।

जैसे मामी ने मुझे देखा तो वो जोर से चिल्लाई और कहा कि तुम तो बहुत बेशरम हो गये हो! अब जाओ!

मैंने मामी से कहा- आप ने ही तो कहा था कि जब मेरा मन मुठ मारने का हो तो मैं आपके पास आ जाऊँ! तो मेरा मन मुठ मारने का है और मैं अब आपसे मुठ मरवाने आया हूँ।

हम दोनों ने मिल कर डिनर किया और मैं सीधे मामी के कमरे में चला गया और उनके बेड पर लेट कर मुठ मारने लगा तो मामी ने कहा- चलो मैं तुम्हारी मदद करती हूँ। उन्होंने मेरा लण्ड अपने हाथ में लिया और उसे हिलाने लगी और कुछ देर हिलाने के बाद मामी भी अब जोश में आने लगी और एक हाथ से मेरा लण्ड हिलाने लगी और एक हाथ से अपने बूब्स को सहलाने लगी तो मैं समझ गया कि मामी अब जोश में आ रही हैं और फिर मैंने अपना हाथ मामी के बूब्स पर रख दिया।

वो कुछ नही बोली और मैं उनको सहलाने लगा और फिर मैं उठ कर उनके दोनों बूब्स को सहलाने लगा। पहले तो उन्होंने मना कर दिया पर मेरे थोड़ा मनाने के बाद वो मान गई। मैंने उनकी ब्रा खोल दी और उनको बेड पर लिटा कर उनके बूब्स को दबाने और चूसने लगा। अब मामी और जोश में आने लगी तो मैंने उनका पेटीकोट ऊपर किया और उनकी फुद्दी को सहलाने लगा। मामी ने पैंटी भी नही पहनी थी। मैंने अपनी एक ऊँगली उनकी फ़ुद्दी में डाल दी और अपनी ऊँगली से उनको चोदने लगा। वो कुछ अजीब सी आवाज़ निकाल रही थी– आ आ आआ आ ऊ ऊऊ ओ श्श्श्श् अह हह हाहा

फिर मैंने उनका पेटीकोट उतार दिया और उनकी फुद्दी को अपनी जीभ से चाटने लगा। अब वो और जोश के कारण आ आआआ आ आअ ऊ ऊऊ ऊओ श्श्श्शश्श ऊऊ ऊऊओ अह हहहहः कर रही थी। कुछ देर बाद मामी ने कहा- मैं झड़ने वाली हूँ और इतना कह कर वो झड़ गई। उन्होंने कहा- मुझे आज तक तेरे मामा ने ऐसा मजा नही दिया जो आज तूने मुझे मजा दिया है। अब आज से मैं तेरी रंडी हूँ और तू मेरा राजा है, आज से तू जो कहेगा मैं वही करूंगी।

तो मैंने उनको अपना लण्ड चूसने को कहा और उन्होंने मेरा लण्ड चूसना शुरू किया। कुछ देर बाद मैंने मामी से कहा- मैं झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा- मेरे मुँह में झड़ जा !

मैंने अपना सारा वीर्य उनके मुँह में झाड़ दिया। उनका सारा मुँह भर गया और हम दोनों वैसे ही लेटे रहे। मामी ने मेरा लण्ड सहला कर फिर से खड़ा कर दिया और फिर मैंने उनके पैर फैलाए और उनकी फुद्दी के द्वार पर अपना लण्ड रख कर एक धक्का मारा। मेरा आधा लण्ड उनकी फुद्दी के अन्दर घुस गया।

मैंने एक और धक्का मारा और मेरा पूरा लण्ड उनकी फुद्दी के अन्दर घुस गया। और फिर मैंने अपनी कारवाई शुरू की। मैंने जैसे जैसे स्पीड बढ़ाई, मामी जोश के कारण ऊ ऊऊ ऊआ आआ आअ ओइइ… ऊईओओइइ… ओइओइ अह्हाहा श्श्शश्श्स कर रही थी और बोल रही थी और जोर से और जोर से !

वो अपनी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी और फिर कुछ देर बाद मामी झड़ गई और मुझे रुकने को कहा।

मैं कहाँ रुकने वाला था और फिर 25 मिनट के बाद मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने मामी से कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उन्होंने कहा कि मेरी फुद्दी में झाड़ दो तो मैंने वैसे ही किया और फिर मामी की फुद्दी मेरे वीर्य से भर दी और मैं शांत होकर उनके ऊपर लेट गया और फिर हमने उस रात को 6 बार चुदाई की। और फिर मैंने मामी की गांड भी मारी, यह सब अगली कहानी में !

अगर किसी ने मुझसे संपर्क करना हो तो वो मुझे मेरे मेल कर सकते हैं Antarvasna

प्रेषक : राजेश Hindi Sex Stories

मित्रो, अंतर्वासना के लिए यह मेरी पहली Hindi Sex Stories कहानी है। यूं तो मैं अंतर्वासना की कहानियों को पिछले दो सालों से पढ़ रहा हूं। बहुत समय तक सोचने के बाद आज मैं अपनी एक सच्‍ची कहानी आप सब के साथ शेयर करना चाहता हूं। यद्यपि इस वाकये को दस बरस का लंबा समय बीत चुका है। मगर, गर्मी की उस रात का एक-एक अहसास आज भी मेरे जेहन में दर्ज है।

बात है 1999 की है, तब बारिश का मौसम चल रहा था।। तब मैं 22-23 बरस का नवजवान था। 18 साल की एक प्‍यारी से लड़की से मेरा प्रेम संबंध चल रहा था।

सही मायनों में पहले मुझे उससे प्‍यार नहीं था, मैं तो बस उसे चोदना चाहता था। योजना बनाकर मैंने उसे लाईन मारना शुरू कर दिया। उसके कालेज आने जाने के वक्‍त मैं रास्‍ते में खड़े होकर उसका इंतजार करता था। वह भी मुझमें शुरू से बराबर रूचि ले रही थी।

बात आगे बढ़ी और हम दोनों के बीच प्‍यार की शुरूआत हो गई। धीरे-धीरे ठंठ का मौसम आने तक हमारे संबंधों में इतनी प्रगाढ़ता आ चुकी थी, कि एक दूसरे पर गहरा विश्‍वास कायम हो गया था। एकांत में मिलने पर मैं उसके स्तन दबाता और निप्‍पल चूसता !

वह काफी सेक्‍सी थी। किस करते समय जब मैं गर्म व गहरी सांस छोड़ता, तो वह तड़फ जाती थी। हम 15-15 मिनट के लंबे समय तक प्रगाढ़ चुम्बन करते रहते थे। यकीन मानिये आज मेरी शादी हो गई, मगर उसके अधरों से निकलने वाले उस अमृत का स्‍वाद कहीं और नहीं मिल पाया।

और इस तरह गर्मी का दिन आ गया। उसकी परीक्षाएं शुरू हो गई। वह अपने कमरे में अकेली सोती थी। मैं देर रात उसके कमरे की खिडकी में कंकड मारकर उसे अपने आने का इशारा करता था। वह छत पर आ जाती थी। मै भी बाहर से ही छत पर चढ़ जाता था। फिर हम दोनों एक-दूसरे में घंटों तक खोए रहते थे।

एक दिन मैंने उसे कहा- चल तेरे कमरे में चलते है।

उसने हां कहा और उसके कमरे में हम पहुंच गए। उसका बिस्‍तर कम चौड़ाई का और छोटा सा था। सामने कूलर चल रहा था। हमने कई घंटों तक एक-दूसरे से प्‍यार किया। पूरी तरह निर्वस्‍त्र हो जाने के बावजूद उसने मेरा लंड अपने अंदर नहीं घुसाने दिया। मैने फोर्स किया, मगर उसने मेरे उस वादे की दुहाई देकर मुझे शांत करा दिया, जिसमें मैंने उससे वादा किया था, कि उसकी मर्जी के बगैर में उससे सेक्‍स संबंध स्‍थापित नहीं करूंगा। यद्यपि उस रात मैं दो बार झड़ा भी, और शायद वह भी झड़ी मगर अंदर घुसाने नहीं दिया। मैने भी जिद नहीं की।

मित्रो, 2003 तक हमारे बीच प्‍यार चलता रहा। फिर उसकी शादी हो गई और कहानी का समापन हो गया। मगर बाद में कभी उस तरह का मौका मुझे नहीं मिल सका। वे रातें अक्‍सर मुझे याद आती है। मैं चाहता तो उसे चोद भी सकता था। किंतु मैने ऐसा नहीं किया। अब कभी कभी मुझे रंज होता है कि काश उस रात मैंने उसका काम तमाम कर दिया होता, तो वह मुझे छोड़ कर दूसरे से शादी नहीं रचाती। किंतु मेरे मन में एक संतोष भी है कि मैंने उससे सच्‍चा प्‍यार किया है। वह आज भी जब मुझे याद करती होगी तो इज्‍जत व सम्‍मान के साथ करती होगी। क्‍योंकि मैंने उसका नाजायत फायदा नहीं उठाया था।

दोस्‍तो, अब मैं आप सब से पूछना चाहता हूं कि मेरा वह फैसला सही था अथवा नहीं। प्‍लीज मुझे मेल करें Hindi Sex Stories

Best Hindi sex stories with feelings

हेलो दोस्तों मैं पहली बार Hindi sex stories लिख रहा हून इस साइट पर मेरा नाम सोनू है और मेरी एज २४ साल है . बात उन दिनों की है जब मैं बीए क्लास में था और एक पड़ोस की लड़की मुझसे बहुत बहुत प्यार करती थी

पर उसने कभी बताया नही और वो भी मेरे साथ ही पढ़ती थी. उसके घर मैं जाता रहता था, एक बार रात में लाइट चली गयी तो मैं उनके घर घूमने चला गया पर उनके घर बिल्कुल अंधेरा था तो मैने आवाज़ लगाई की कोई है तो सामने से कोई आकर टकराया, तो पता लगा की वो वही थी.अंधेरे में कुच्छ न दिखने के कारण मेरा हाथ उसके बूब पर टकरा गया पर उसने कुच्छ नही बोला तब पता नही मुझे क्या होने लगा की मैने उसका हाथ पकड़ लिया और बोला आर्ची मैं तुमसे प्यार करता हून तो वो मुझसे लिपट गयी और कहने लगी मैं तो तुमसे बहुत पहले से प्यार करती हून पेर कभी हिम्मत नही हुए बताने की उसके बाद मैने उसको गाल पर किस किया और बोला की मैं चलता हूँ तो उसने बोला की सब लोग खाना खा कर घूमने गये है तुम थोड़ी देर रुक जाओ

मैं उसके पास ही बेड पर बैठ गया. वो मेरे हाथ को अपने हाट में पकड़े हुए थी तभी उसने अपना सिर मेरे कंधे पर रख लिया तो मुझसे यहा नही गया और उसको स्मूच करने लगा और थोड़ी ही देर में हम बाद पर लेट गये, मेरा हाथ उसके पेट पर था तो मैने तोड़ा और नीचे किया तो पता लगा की उसने स्कर्ट पहनी हुई है तब मैं स्कर्ट के ऊपर से हाथ घूमने लगा इतने में उसने मुझे बुरी तरह बाहों में भर लिया तो मे भी उसके बूब दबाने लगा जो की अभी बहुत बड़े नही थे.ये मैं पहली बार कर रहा था तो इतना पता भी नही था की कैसे करना होता है

अब मुझसे रहा नही गया तो स्कर्ट के नीचे से उसकी पैंटी निकल दी और अपनी पैंट की ज़िप खोल कर अपना लॅंड उसकी बिना बॉल की चू पर रख दिया और अंदर डालने लगा तो वो बहुत ज़्यादा चिल्लाने लगी और बोली प्लीज़ ज़्यादा मत डालो, और मुझे लग रहा था मेरा डिस्चार्ज होने वाला है तो मैने बहुत तेज धक्का मारा तो मेरा आधा लॅंड अंदर चला गया और वो रो पड़ी उसके बाद मैं आधा लॅंड ही अंदर बाहर करने तो वो थोड़ी शांत हुई फिर मैने एक एक और तेज धक्का मारा तो वो दाँत दबाकर रोने लगी फिर मैने सोचा अब ज़्यादा नही और मैने एक दो बार ही अंदर किया होगा की मेरा डिस्चार्ज हो गया और मैं खड़ा हो गया तभी लाइट भी आ गयी तो मैने देखा उसकी स्कर्ट पर काफ़ी ब्लड लग गया था और उसकी आँखें लाल हो गयी थी.

मैने उसको सॉरी बोला तो वो रोने लगी और बोली सॉरी तो मुझे बोलना चाहिए की मैं तुम्हारा सात नही दे पाई पर अगली बार तुम्हे कोई दिक्कत नही होगी और हम पूरा एंजाय करेंगे. फिर एक दिन मैं उसको अपने दोस्त के रूम पर ले गया जहाँ कोई नही रहता था और हमने टीन घंटे में चार बार किया पर उस दिन मुझे पहली बार में दिक्कत हुई बात टीन बार बहुत देर तक और एंजाय के साथ किया और वो बहुत खुश लग राग रही थी और उसने बताया उसका डिस्चर्ग तो अब भी हो रहा है तब मुझे और भी खुशी हुई. उसके बाद तो मैं उसको महीने में ६०-७० बार सेक्स करता था. अब उसकी शादी हो चुकी है और कभी कभी घर आती है तो सोचकर बहुत अच्छा लगता है की हमने कभी जमकर सेक्स किया था. ईवन शादी के बाद भी मैने उसके साथ सेक्स किया तो वो बोली तुम्हारे साथ सेक्स करने में मुझे बहुत ज़्यादा मज़ा आता है. Hindi sex stories

लेखिका : रेखा Antarvasna Sex Stories

सबसे पहले गुरु जी को मेरा Antarvasna Sex Stories कोटि-कोटि प्रणाम ! गुरु जी का क्या कहना ? क्या वेबसाइट लॉन्च की है,जिसमे लोगों की चुदाई के किस्से पढ़ के चूत गीली हुए बिना नहीं रहती !

मेरा नाम रेखा (काल्पनिक) है ! दोस्तो, मैं २६ बरस की एक जवान औरत हूँ ! वैसे तो मैंने एम. कॉम तक पढ़ाई की हुई है लेकिन मेरे पति देव नहीं चाहते कि मैं जॉब करूँ ! मेरी सुन्दरता को लेकर उनके दिमाग में मेरे प्रति गंदे ख्याल आते हैं ! शादी को तीन साल हो चुके हैं लेकिन अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ ! हाँ, इस वक़्त मैं पेट से हूँ ! शादी से पहले मेरी गिनती चालू गर्ल्स में रही है !

मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में हुई थी, जब मैं 12वीं की फाइनल पेपर दे कर अपने नानके गई हुई थी ! वहां मैं एक लड़के से इश्क लड़ा बैठी और उसने मेरा काम तमाम कर दिया ! एक महीने में कई बार चुदी ! फिर तो बस मुझे लड़कों का चस्का लग गया और मेरे न जाने कितने लड़कों से एफेअर चले ! मैंने उनमें से कुछ से शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किये ! मेरे फिसलते क़दमों को मेरी माँ ने भांप लिया और एक रिश्ता ढूँढ मेरी भी शादी करवा दी !

पति का अच्छा बिज़नस है लेकिन उनमें वैसी सेक्स पॉवर नहीं है जैसी मुझे चाहिए थी ! कई बार बिना पानी की मछली की तरह बिस्तर पर तड़फती ! पति हफ्ते में सिर्फ तीन बार सेक्स करते जिससे मेरी प्यास बढ़ गई थी ! मैंने कहा कि मुझे जॉब मिल रही है लेकिन मेरे खसम ने ऐसा नहीं होने दिया ! उसको अपनी कमजोरी का डर था ! वो यह भी जानता था कि उसकी बीवी में कितनी आग है !

मेरे जेठ के बड़े लड़के ने बारहवीं कक्षा में कामर्स रखा लेकिन गाँव में कोई टयूशन नहीं पढ़ाता !
जेठानी जी ने मुझे कहा,”छोटी बहू, प्लीज़ इसको एक दो घंटे पढ़ा दिया कर !”

मैंने कहा,”ठीक है !”

अगले ही दिन समीर मेरे पास पढ़ने आने लगा ! उसका ध्यान मेरे मस्त मम्मों पर रहता ! गहरे गले के सूट से तो मेरा यौवन डुल-डुल जाता ! कई बार नोटिस किया कि उसके लौड़े वाला भाग फूला फूला सा रहता !

एक रोज़ सभी रात की शादी पर गए थे ! यहाँ पर भी मेरे पति को मैं सुरक्षित नहीं लगी! मुझसे बोला,”उसके दोस्त की शादी ही है ! “

जब मैंने कहा कि बाकी सब क्यूँ जा रहे हैं ?

तो बोले कि बचपन से उनका परिवार माँ बापू को जानते हैं ! मुझे कहा गया कि तुम रुको और समीर रुक जायेगा !

समीर भी रुक रहा था इसलिए पहले से सेक्सी कपड़े पहन रखे थे ! नाईटी में से मेरा जिस्म साफ़ दिखता ! पैंटी-ब्रा सब कुछ! आज समीर ने मुझे देखा तो देखता रह गया ! मैंने उसको बिठाया और बोली,” चलो पढ़ाई करें !”

“जी ,चाची ………! ”

एक बहुत मुश्किल गणित का सवाल था ! मैंने कहा,” इधर मेरे पास ही बैठ जाओ !”

मैंने उसे अपने पास बिठा लिया और मैं उसे गणित के सवाल का फार्मूला बताने लगी ! उसका ध्यान मेरी छातियों पर था ! मैंने उसकी जांघ पे हाथ फेरते हुए कहा,”अब इन्हें देखना छोड़ो !”

मेरा हाथ फिसलता हुआ उसके लौड़े की तरफ जाने लगा ! मैंने पहल इसलिए की क्योंकि वो डर रहा था ! हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था ! मैं उसके लौडे की तरफ अपना हाथ ले जाकर उसको मसलने लगी ! उसने भी सारा डर फेंक कर मुझे बाँहों में उठाया और सीधा बिस्तर पर ले गया ! देखते ही देखते उसने मुझे एक दम नंगी कर दिया और मेरी जवानी से खेलने लगा !

मैंने कहा,” वाह ! मेरे मुन्ना !!”

मैंने भी अब उसका लौड़ा निकाल लिया ! वाह ! क्या लौड़ा था !!!!!! छोटी उम्र से यह हाल था तो आगे क्या होगा ? मैंने भी उसका लौड़ा मुँह में ले लिया और खूब चूसने लगी ! वो आहें भर भर के कह रहा था,” मेरी रखैल चुदासी चाची, आज तुझे मसल दूंगा !”

“वाह ! पट्ठे ! वाह ! मसल दे मुझे ! रौंद दे मुझे ! फाड़ दे मेरी चूत ! मत छोड़ना इसको !”

“अभी ले ,चाची ! कमीनी, कितना दिखा दिखा के तड़फाया मुझे !”

वो बखूबी खेल रहा था वॉलीबाल के साइज़ के मेरे मम्मे के साथ !

मैंने कहा,” बहन चोद ! मार मेरी !”

“अभी ले, रंडी !” कहते हुए उसने टांगें खोल कर अपना लम्बा मोटा लौड़ा मेरी चूत में घुसा दिया !

“वाह ! और तेज़ ………और तेज़…… और तेज़ मार ……..! ” उसका जोश बढाने के लिए मैं अप-शब्द बोल रही थी !

“मादरचोद, बहनचोद ! तेरे चाचा से मेरी जवानी नहीं संभाली जाती ! मुझे अपनी बना ले !”

मैं झड़ने के करीब थी इस लिए और जोर-जोर से चूतड़ उठा के उसका लौड़ा ले रही थी !

वो बोला,”चाची, मैं झड़ने वाला हूँ !”

“अन्दर डाल दे समीर ! अपना गरम माल ! डाल दो अपना बीज मेरी कोख में !”

देखते ही देखते उसने सारा माल मेरी चूत में भर दिया और लौड़ा निकाल कर मुंह में डाल दिया ! मैंने उसको चाट-चाट कर साफ़ कर दिया !

“वाह ! मेरे राजा ! ” मैंने कहा ! उस रात हम नंगे बिस्तर पे रहे ! तीन बार उसने मुझे अलग अलग मुद्रा में ठोका !
उस रात के बाद चुदने के लिए हमें जगह नहीं मिल रही थी ! उसने मुझे कहा,” चाची, मेरा एक दोस्त अकेला रहता है ! उसका परिवार अमेरिका में है ! वहीं चला करो ! ” मैंने हामी भर दी और उसके साथ वहां गई। ?????????????????

इंतज़ार का फल मीठा होवे …………….!

कहानी कैसी लगी ? बताओ ताकि आगे लिख सकूँ ! बाय ………………………… Antarvasna Sex Stories

लेकिन मुझे इस संबंध में बहुत सारे ईमेल आये जिसमें पाठकों ने कहा था कि वे मेरी कहानियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
इसलिए मुझसे भी रुका न गया और मैंने फिर से अपनी चुदाई की कहानी लिखना शुरू किया।

तो फ्रेंड्स, शादी के बाद मैंने चुदाई के खूब मजे लिए हैं, मेरे पति ने मुझे जमकर चोदा है।
मुझे कभी किसी चीज की कमी नहीं होने दी।

मेरे पति एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं इसलिए काम के कारण कई दिनों तक भी शहर के बाहर रह जाते हैं।

जितने दिन वो घर पर नहीं होते हैं, मेरी चूत को लंड भी नहीं मिल पाता है और मैं तड़प जाती हूं।

मेरी आज की हॉट अंकल Xx कहानी इसी बारे में है।

बात तब की है जब हमारे घर के बगल वाले घर में एक परिवार रहने के लिए आया था।
उस फैमिली में एक अंकल, आंटी और उनका बेटा था।

वो अंकल वन विभाग में काम किया करते थे।
जॉब के चलते उनका ट्रांसफर होता रहता था और अब वो हमारे साथ वाले घर में आकर रह रहे थे। हमारी छतें मिली हुई थी.
उनका बेटा एक बैंक में काम करता था।

चूंकि वो हमारे पड़ोसी थे तो धीरे-धीरे बातचीत भी होने लगी; धीरे-धीरे आपस में आना-जाना भी होने लगा।

ऐसे ही एक दिन मैं छत पर सुबह-सुबह जल्दी कपड़े सुखाने चली गई।
मैंने देखा कि अंकल और उनका बेटा दोनों वहां योग, एक्सरसाइज वैगरह कर रहे थे।

मेरी नजर उन पर पड़ी तो हट नहीं पाई।
दोनों ने बदन पर बस शॉर्ट्स डाले हुए थे।

उन दोनों की छाती नंगी थी और जांघें भी नंगी थीं।
मेरा ध्यान कपड़े सुखाने में कम और उनके शरीर पर ज्यादा लगा हुआ था।

पांच मिनट बाद उनका बेटा उठा और ऑफिस का बोलकर वहां से चला गया।

मेरी नज़र बार-बार अंकल की तरफ ही जा रही थी।

कुछ देर बाद शायद अंकल ने मुझे देखा होगा तो उन्होंने मुझे गुड मॉर्निंग बोलकर विश किया।
मैंने भी मुस्कराते हुए उन्हें गुड मॉर्निंग विश की।

वो बोले- रोमा, आज इतनी सुबह-सुबह तुम यहाँ छत पर?
मैने कहा- हाँ अंकल, आज सुबह ही कपड़े धुल गए थे तो मैं इन्हें सुखाने के लिए तार पर डालने चली आई। आप क्या रोज इसी तरह यहाँ योग और एक्सरसाइज करते हैं?
(माफ करना दोस्तो, मैंने आप लोगों को अंकल का नाम नहीं बताया, अंकल का नाम अशोक राठौर था.)

अशोक अंकल- हाँ, मैं और मेरा बेटा, हम दोनों ही रोज सुबह योग और एक्सरसाइज करते हैं। ये हमारी दिनचर्या का हिस्सा है।
मैं- अंकल, आप की उम्र क्या होगी?
अशोक अंकल- मैं 48 साल का हूँ।

मैं- आपको देख कर लगता नही अंकल कि आप 48 साल के होंगे।
अशोक अंकल- क्या लगता है तुम्हें, मेरी उम्र क्या होगी?
मैं- यही कोई 38-40 साल की।

अशोक अंकल- नहीं, मैं 48 का ही हूँ। मेरा बेटा 25 साल का हो गया है। मैंने अपने आपको शुरू से ही काफी मेंटेन किया हुआ है योग और एक्सरसाइज करके, यही मैं अपने बेटे को भी सिखाता आ रहा हूँ।
मैं- सच में आप 48 के तो लगते ही नहीं हो।
अशोक अंकल- ठीक है, चलो तुम्हारी बात भी मान लेते हैं। अब मैं भी चलता हूँ, मुझे ऑफिस जाना है।

अंकल का गठीला बदन अब मेरी आंखों में बस गया था, मेरी चूत में आग लग गई थी।

मैं नीचे आकर अपने कमरे में आई तो पति सो रहे थे।
मैंने उनको सहलाकर जगाया और चोदने के लिए गर्म किया।

पति गर्म हो गए और उनका मूड भी अपनी प्यासी बीवी की चुदाई करने का बन गया।
वो मुझे नीचे लिटाकर मेरे ऊपर चढ़ गए।
लंड चूत में अंदर बाहर होने लगा तो मुझे बहुत मजा आने लगा।

मगर यहां चुदाई मेरे पति कर रहे थे और मैं ख्यालों में अंकल को सोच रही थी कि वो ही मुझे चोद रहे हैं।
उनके गठीले बदन को याद कर चुदने में और ज्यादा रस मिल रहा था मेरी चूत को!

अंकल के लंड को मैं कल्पना में ही सोच रही थी कि बदन इतना गठीला है तो लंड भी कितना मस्त होगा उनका!

कुछ दिन बाद मेरे हस्बेंड को अपने ऑफिस के काम से कहीं जाना पड़ गया।
कुछ दिन तो मेरे बिना चुदाई करवाए निकल गए लेकिन फिर मेरी चुदाई की वासना बढ़ने लगी।

अब मेरा मन मचलने लगा था।
रह-रहकर अब मेरे अंदर चुदाई की प्यास जग रही थी।
मुझे बस अब किसी का लंड चाहिए था।

तो फिर अब मेरे अंदर अंकल से चुदने का ख्याल आने लगा।

एक दिन मैं कुछ काम से अंकल के घर गई तो उनके घर का दरवाजा खुला हुआ ही था और अंदर से कुछ आवाजें आ रही थीं जो चुदाई की लग रही थीं।
मेरा दिल जोर-जोर से धड़कने लगा था।

मैंने किसी तरह की आवाज किए बिना आगे कदम बढ़ाए।
आवाजें अंकल के कमरे से ही आ रही थीं।

मैं दबे पैर कमरे के पास गई और देखा तो कमरे का दरवाजा भी खुला हुआ था।
अंदर का नज़ारा देख मेरे होश उड़ गए।

अंकल-आंटी आपस में बहुत ही जबरदस्त चूमा चाटी कर रहे थे और दोनों बहुत ही रोमांटिक मूड में थे।

यह देख मुझे तो वहाँ से चले जाना चाहिए था लेकिन मुझे मजा आने लगा।
ऊपर से मेरे अंदर अंकल का लंड देखने की प्यास भी लगी थी।

अंकल-आंटी पूरे नंगे थे।
इस तरह उन्हें पूरा नंगा देख मुझे उत्तेजना हो रही थी।

इधर मेरी भी चूत गीली होने लगी थी।

अंकल का मुंह आंटी की तरफ था तो अंकल की मुझे सिर्फ गांड ही दिख रही थी, अंकल का क्या गठीला शरीर था, एकदम मस्त! आंटी नीचे बैठ कर उनका लंड चूस रही थी।

कुछ देर बाद आंटी ने कहा- चलो अब चोदो मुझे!
तो अंकल कहने लगे- इतनी भी क्या जल्दी है! अभी मजे तो लेने दो!

फिर अंकल ने आंटी को बिस्तर पर लिटा दिया और उनकी चूत चाटने लगे।
मुझे अभी तक अंकल के लंड के दर्शन नहीं हुए थे।

कुछ देर बाद अंकल ने आंटी की चुदाई चालू कर दी।
दोनों खूब मजे ले कर चुदाई कर रहे थे।

इधर मेरी चूत भी पूरी गीली हो चुकी थी।
मैं भी अपनी साड़ी उठाकर अपनी चूत को रगड़ने लगी।
चुदाई देख कर मुझे मज़ा आने लगा था।

कुछ देर बाद अंकल आंटी की चुदाई पूरी हो गई।
फिर जैसे ही अंकल मेरी तरफ मुड़े, मुझे उनके लंड के दर्शन हुए।

लंड काफी बड़ा था लेकिन अब वो कुछ ढीला हो गया था।
मगर ढीला होने के बाद भी लंड साइज में काफी बड़ा और मोटा था।

अंकल कमरे से बाहर आने के लिए दरवाजे की तरफ आये और मैं दरवाजे पर ही साड़ी ऊपर उठाए हुए चूत को रगड़ रही थी।

जैसे ही अंकल की नज़र मुझ पर पड़ी, मैंने भी उनको देख लिया और मैं तुरंत वहां से भागी।
जब मैं घर आई तो मेरी सांसें फूल रही थीं और मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।

मैं थोड़ी घबरा गई थी क्योंकि मुझे अंकल ने देख लिया था।
अब क्या होगा ये सोचते हुए मैं बिस्तर पर लेट गई और थोड़ा रिलेक्स होने की कोशिश करने लगी।
फिर सोचने लगी कि अब मैं अंकल के सामने कभी नहीं जाऊंगी, और उनसे नज़रें भी नहीं मिलाऊंगी।

मगर फिर मैंने सोचा कि इसमें मेरी क्या गलती थी।
अगर वो लोग दरवाजा बंद किए बना चुदाई कर रहे थे तो इसमें उनकी ही गलती है।
मेरी जगह कोई और होता तो वो भी देख ही लेता।

वैसे भी लाइव चुदाई देखने का मौका कौन छोड़ता है।

फिर मैं तीन-चार दिन तक अंकल के घर नहीं गई, न ही उनसे मैंने नजरें मिलाईं।

कई दिन बाद छत पर अंकल-आंटी बैठे हुए चाय पी रहे थे।
मुझे देखकर उन्होंने चाय पीने का न्यौता दिया।

मैं बोली- नहीं, आप लोग पीजिए, मैं बस छत पर घूमने आई हूं, मौसम बहुत अच्छा है।

अंकल बोले- हां, मौसम तो है ही मस्त, इसलिए मैं और तुम्हारी आंटी यहां चाय पीने का मजा ले रहे हैं।

कुछ देर बाद आंटी वहाँ से चली गई.

तो अंकल ने मुझे बुलाया और पूछा- उस दिन तुम कुछ काम से आई थी क्या? फिर बिना कुछ बोले ही भाग गई?
ये सुन कर मैं घबरा गई।

मैं बोली- हां, आंटी से कुछ काम था।
अंकल बोले- तो क्या तुमने हमें सब कुछ करते हुए देख लिया था?

अंकल बहुत खुलकर सवाल कर रहे थे और मैं पसीना पसीना हो रही थी शर्म से!
फिर किसी तरह मैंने भी हिम्मत की और बोली- हां, मैंने आप लोगों को वो सब करते हुए देखा था। आप तो काफी स्टेमिना रखते हो। बहुत देर से मैं देख रही थी।

अंकल बोले- ओह्ह, तभी तो तुम चूत रगड़ने लगीं थी! लगता है कि तुम्हारी चूत ने पानी भी छोड़ दिया होगा।
मैंने भी हां में सिर हिला दिया।

धीरे-धीरे अंकल और मैं अब खुल गए और हमने खुलकर बातें कीं।
अब हम दोनों हंस रहे थे।

इतने में ही आंटी वहां आ गईं।
तभी अंकल ने बात को घुमा दिया।

अंकल से सेक्स की बात करने के बाद मेरी अब चूत चुदवाने की इच्छा और ज्यादा तीव्र हो गई थी।
मैंने सोच लिया था कि जैसे ही मौका मिलेगा, मैं अंकल से चुदाई करवा लूंगी।

अब मेरा ध्यान अंकल में रहने लगा था।

अगली सुबह मैं जानबूझकर कपड़े सुखाने छत पर गई।

रोज की तरह अंकल और उनका बेटा वहां योग-व्यायाम कर रहे थे।
मैं उन दोनों को बहाने से देखने लगी।
दोनों ने सिर्फ शॉर्ट्स पहन रखे थे।

कुछ देर बाद अंकल की नजर भी मेरे ऊपर गई।
मैंने पहले ही साड़ी को अपनी नाभि से नीचे बांध लिया था ताकि अंकल मेरी पतली कमर का नजारा ले सकें।

मैंने जानबूझकर ब्लाउज के अंदर ब्रा नहीं पहनी थी ताकि चूचियों की शेप और निप्पलों का आकार अंकल को सही से दिख जाए।
मैं अब ध्यान दे रही थी कि अंकल अब मेरी ओर ज्यादा देख रहे थे और अपने व्यायाम पर कम ध्यान दे रहे थे।

कुछ ही देर बाद मैंने नोटिस किया कि अंकल का लंड टाइट हो गया था।
उनके शॉर्ट्स में से लंड नजर भी आने लगा था।

अंकल अब जानबूझकर अपने लंड के आसपास सहला रहे थे और देख रहे थे कि मेरी नजर भी उनके लंड पर है या नहीं!

इधर मैं भी अंकल की हरकतों को पूरे ध्यान से देख रही थी।
अंकल का लंड पूरा टाइट होकर अब तना हुआ अलग से दिखने लगा था।

हम दोनों अब एक दूसरे को पूरी लाइन दे रहे थे।
दोनों के मन में ही शायद चुदाई का ख्याल चल रहा था।

कुछ देर बाद उनका बेटा उठकर चला गया।
मैं भी इसी पल के इंतजार में थी।

बेटे के जाते ही अंकल ने मुझे आवाज देकर पास बुला लिया।

पास पहुंची तो उन्होंने गुड मॉर्निंग कहा और मैंने भी जवाब दिया।

फिर वो बोले- क्या कर रही हो?
मैंने कहा- कपड़े सुखाने आई थी अंकल!
वो बोले- लेकिन यहां तो कुछ गीला हो गया रोमा!
कहकर अंकल ने अपने लंड को सहला दिया।

मेरा चेहरा शर्म से लाल हो गया और मैं मुस्करा कर हंसने लगी।
फिर वो बोले- कल की बात अधूरी रह गई थी।

मैंने कहा- कौन सी बात अंकल? (मुझे अच्छी तरह याद था कि कल चुदाई की बात हुई थी, लेकिन फिर भी मैं जानबूझकर अनजान बन रही थी)

वो बोले- वही बात, जब तुमने मुझे और तुम्हारी आंटी को चुदाई करते हुए देख लिया था!

मैंने शर्माते हुए कहा- तो अंकल जब कोई दरवाजा खोलकर बिना किसी की परवाह किए ऐसे चुदाई करेगा तो सामने वाले की नजर कैसे नहीं जाएगी! वैसे भी आपका बदन इतना गठीला और जवान लगता है कि मैं भी देखने से रोक नहीं पाई। आपको देखकर तो मेरी भी (चूत) गीली हो गई थी।

इस बात पर वो हँस दिए।

फिर बोले- तो कैसा लगा तुम्हें वो सब देखकर?
मैंने कहा- बहुत अच्छा, बड़ा मजा आ रहा था आप दोनों की चुदाई देखकर! जब आंटी की दोनों टांगें आप कंधों पर रखवाकर जोर-जोर से शॉट मार रहे थे, और आंटी मजे लेकर चुद रही थी तो बहुत मजा आ रहा था। लेकिन …

इतना कहकर मैं रुक गई।

अंकल बोले- लेकिन क्या …
मैंने कहा- कुछ नहीं।

वो बोले- बताओ ना रोमा … ऐसी कौन सी बात है जो छुपा रही हो!
मैं बोली- अंकल … मैंने आपकी पूरी चुदाई देख ली, लेकिन लंड नहीं देख पाई। मुझे बस आपके चूतड़ ही दिख रहे थे। तभी आप मेरी ओर मुड़ गए थे और मैं वहां से भाग आयी थी।

अंकल इस बात पर हंसने लगे।
फिर उन्होंने जो किया, मुझे उस पर यकीन नहीं हुआ।
उन्होंने यहां-वहां देखा और एकदम से अपने शार्ट्स को नीचे खींच दिया।

उनका लंड एकदम से फनफना रहा था।
मैं लंड देखकर जैसे सुन्न सी हो गई।
फिर मैं साथ ही घबरा भी गई।

वो बोले- डरो नहीं, कोई नहीं है देखने वाला … आराम से देख लो!

अंकल का लंड देखकर मेरे मुंह में पानी आने लगा।
लंड बड़ा ही दमदार, मोटा और एकदम से सख्त था।

इससे पहले मैं कुछ बोलती, उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे नीचे खींच लिया और एक हाथ से मुझे आगोश में समाते हुए मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा दिया।

उनके लंड को छूते ही मेरे बदन में करंट दौड़ गया।
लंड एकदम से रॉड जैसा सख्त हो गया था।

लेकिन मैं बहुत घबरा रही थी और उठने लगी।
वो बोले- अरे कहां भाग रही हो, कोई नहीं है यहां, तुम्हें अच्छा नहीं लग रहा क्या इसे छूकर? देखो कैसे तड़प रहा है तुम्हारे लिए!
मुझे अंकल का लंड पकड़ने में बड़ा मजा आ रहा था लेकिन मैं कुछ कह नहीं रही थी।

फिर उन्होंने मेरे हाथ को पकड़ कर अपने लंड पर ऊपर नीचे करना शुरू किया।
मैं भी अंकल के लंड पर हाथ ऊपर नीचे चलाने लगी।

इससे अंकल को भी मजा आने लगा और वो आहें भरने लगे।

मेरा दिल जोर-जोर से धड़क रहा था।
डर तो बहुत लग रहा था लेकिन मजा भी बहुत आ रहा था।

मैं और जोर जोर से अंकल का लंड हिलाने लगी।
उनकी सिसकारियां तेज हो गईं।

वो अब कहने लगे- आह्ह … रोमा … क्या नर्म हाथ हैं तुम्हारे, और जोर से चलाओ हाथ … आह्ह … हाय … मेरी जान!
अंकल का हाथ मेरी पीठ पर से होता हुआ दूसरी तरफ मेरी चूची तक पहुंच कर उसे दबाने की कोशिश कर रहा था।
मेरा भी मन कर रहा था कि ब्लाउज उतार कर अंकल से यहीं चूचियां भिंचवा लूं लेकिन छत पर इतना रिस्क नहीं ले सकती थी।

दो मिनट के बाद ही अंकल के लंड ने माल फेंक दिया और मेरा पूरा हाथ उनके वीर्य में सन गया।

अंकल ने जल्दी से पास पड़े हैंड टावल से मेरा हाथ पौंछा और अपना लंड भी साफ कर लिया।
मैं भी फटाक से वहां से उठी और बाल्टी उठाकर नीचे आ गई।

मेरी चूत में पानी आ गया था।
मुझे चूत में गीलापन बिना हाथ लगाए ही महसूस हो गया था।
अब चूत को लंड लेने की खुजली मची थी।

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