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Massage Girl in South Goa: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in South Goa who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Near By Cities to South Goa

Whats New

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Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in South Goa that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The South Goa massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in South Goa who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your South Goa massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This South Goa massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in South Goa who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in South Goa employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in South Goa helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in South Goa

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in South Goa at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

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Antarvasna

बात उन दिनों की है जब मैं Antarvasna पढ़ता था। मैं हमेशा लड़कों से ज्यादा लड़कियों में रहता था ! मैं पढ़ने में भी तेज था ! मुझे गाँव में दोस्तों से सेक्स के बारे में पता चला तो मैंने बहुत बार स्कूल में लड़कियो से छेड़खानी करनी शुरू की।

एक लड़की थी जिसके बूब्स बहुत बड़े थे। मैं उसको कई बार मजाक में दबा चुका था। मेरे अन्दर सेक्स जगने लगा।

मेरे परिवार में मैं, मेरा भाई और दो बहनें हैं !

मेरे पड़ोस में मेरे अंकल रहते हैं, मेरी आंटी गोरी, चिकनी और बहुत ही मस्त थी। मेरा मन उन्हें चोदने को हुआ। बहुत बार मैं उनके पास जाता था, छेड़ता था पर वो मुझसे दूर हो जाती थी ! मेरी आंटी बहुत बदमाश भी थी। मेरे और उनके परिवार में बनती नहीं थी।

आंटी का गांव के एक आदमी से चक्कर चल रहा था इसीलिए मैं उन पर ट्राई मारना चाह रहा था पर वो हाथ ही नहीं रखने देती थी।
एक दिन उनकी दाढ़ में दर्द हुआ और वो शहर गई तो वापस नहीं आई। उनके मरने की ख़बर आई।

कुछ दिनों बाद मेरे अंकल ने दूसरी शादी कर ली। मेरे अंकल के दो बेटे और दो बेटियाँ थी।

नई आंटी दिखने में सुंदर थी पर रँग थोड़ा साँवला था ! उसके बूब्स बड़े बड़े थे !

कहानी की शुरुआत शादी से ही हो गई। शादी के बाद मेरा उनसे बोलना-मिलना बढ़ गया।

एक दिन उनके यहाँ कोई नहीं था, आंटी सफाई कर रही थी। मैंने भी उनकी मदद की। ऊपर से कुछ निकालना था तो मैं मेज पर चढ़कर निकालने लगा। आंटी ने मुझे पकड़ कर रखा था, उनके स्तन मुझे पीछे से टकराने लगे जिससे मुझे मजा आने लगा। फिर अलमारी हटाते हुए उनके बूब्स को छुआ, मुझे बहुत मजा आ रहा था।

बहुत देर तक ऐसा चलता रहा। फिर कील ठोकते हुए मैं उनके बूब को छू रहा था। अचानक मेरी कमीज कील में अटक गई। आंटी निकालने लगी तो मैं सीधे खड़ा था, आंटी मेरे सामने से मुझसे चिपककर पीछे हाथ डालकर कमीज निकल रही थी।

उनके स्तन मेरे सीने से चिपक गए, मुझे ऐसा लग रहा था मानो मैं स्वर्ग में हूँ। मैं आगे की तरफ़ दबाव डाल रहा था, कमीज निकल नहीं रही थी।

आंटी ने जोर से निकालने की कोशिश की तो मुझसे और चिपक गई। अचानक मेरा हाथ उनके चूतड़ पर चला गय। मेरा लंड भी खड़ा हो गया।
मैं वासना की आग में जल रहा था। मैंने हिम्मत करके आंटी के चूतड़ों को दोनों हाथों से दबाया और अपनी तरफ़ खींचा, मेरा लंड उनकी चूत से टकरा रहा था। इतने में आंटी ने झटका मारा तो कमीज फट गई।

आंटी हटी और कहा कि तुम कमीज निकाल दो, मैं सिल देती हूँ !

मैंने कहा- रहने दो !

तो आंटी ने जबरदस्ती मेरी कमीज़ निकाल दी। मैंने कमीज के अन्दर कुछ नहीं पहना था। मैंने कहा- मुझे शर्म आ रही है !

तो आंटी बोली- मुझसे क्या शरमाना ! मैं तो तुम्हारी माँ जैसी हूँ !मैंने कहा- ठीक है !

मेरा लंड अभी भी खड़ा ही था तो पूछने लगी कि तुम्हारी कोई गर्लफ़्रेन्ड है?

मैंने कहा- नहीं है।

तो कहने लगी कि तुम्हारा लंड क्यों खड़ा हो गया?

मैंने हिम्मत कर के कहा- आप के पकड़ने से हुआ है !

कहने लगी- मैं तुम्हें बच्चा समझ रही थी, तुम तो बड़े हो गए हो ! और आंटी ने मेरा लंड पकड़ लिया।

फिर क्या था ! मैंने भी आंटी के बूब्स पकड़ लिए और दबाने लगा तो कहने लगी कि कोई देख लेगा।

मेरा लंड दर्द कर रहा था। मैंने आँटी को बताया कि मेरा लण्ड दर्द कर रहा है। आँटी ने मुझे पकड़ा और मेरा लंड पैंट से बाहर निकाला और हिलाने लगी।

मैंने कहा- मजा आ रहा है ! करो ! करती रहो !

आंटी बोली- मुझसे मुठ मरवा रहा है? चल कोई बात नहीं ! आज तुझे सिखाती हूँ। तूने कभी किसी को चोदा है?

मैंने कहा- नहीं !

आँटी बोली- चल मैं सिखा दूंगी और लंड हिलाने लगी।

मैं बेकाबू हो रहा था और वो हिलाए जा रही थी। फिर आँटी ने मेरा लंड मुँह में ले लिया और पूछा कि इसे रोज धोता है?

मैंने कहा- हाँ !

आँटी दो मिनट तक मेरा लौड़ा मुँह में चूसती रही। अचानक मेरा पानी निकल गया तो बोली- साले ! ये क्या किया? इतनी जल्दी छुट गया?

फ़िर मेरी बारी थी। मैंने उनके स्तनों को पकड़ के दबाया और ब्लाउज निकाल दिया। फ़िर मैं उनके नंगे स्तन जोर जोर से दबाने लगा। आंटी गरम हो गई, उन्होंने खुद ही अपनी साड़ी भी निकाल दी, पेटीकोट भी निकाल दिया, मैं दबाये जा रहा था। वो मुँह से आवाजें निकाल रही थी-आ आआ आअ चूस साले चूस आआअ ऊ ऊऊऊऊऊ ऊवो और जोर से आआया ऊऊऊऊ ऊऊ माँ मर गई !

फ़िर मैंने उनकी भी चड्डी निकाल दी। आंटी की चूत बड़ी ही मजेदार थी, एक दम फूली हुई चूत थी, मैं हाथ फेर रहा था। आंटी को मैंने मेज़ पर ही लिटा दिया। मैंने दो उंगलियाँ आँटी की चूत में डाल दी और जोर से दबा दी। आँटी मेरा हाथ पकड़ के वो ख़ुद ही अन्दर बाहर करने लगी।

मेरा लंड खड़ा था और दर्द कर रहा था। मैंने कहा- मेरा लंड दर्द कर रहा है !

तो बोली- इसमें डाल दे।

मैंने कहा- किस में?

तो बोली- झील में डाल दे, ठंडा हो जाएगा। और मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत में डालने लगी, बोली- तेरा लंड बहुत बड़ा है ! मुझे तकलीफ हो रही है।

फ़िर आँटी तेल लाई और मेरे लंड पे लगाया, चूत पे भी लगाया और लंड चूत के मुँह पर रखा, बोली- झटका मार !

मैंने झटका मारा तो मेरा लंड आधे से ज्यादा अन्दर चला गया। वो चीख पड़ी- ओए ममा ममामा माआआआ आआआ ऊऊऊवो निकाल !

मैं डर गया। मैं फ़िर भी झटके मारता रहा। थोड़ी देर बाद उसे मजा आने लगा और वो अपने चूतड़ जोर जोर से उछालने लगी।

मैं झटके मारता गया, वो कहती रही- चोद चोद बेटा चोद उईईईए ऊऊऊऊवो म्ह्हहह्ह्छ बहुत मजा आ रहा है और जोर से आआ आआआ ऊऊऊ ऊऊऊऊ हीईई ईईईईए कहते हुए बोली- मैं झड़ने वाली हूँ !

मैंने कहा- पर मैं नहीं ! मेरा अभी बाकी है। और मैं मारता गया आंटी झड़ गई।

पर मेरा लंड खड़ा ही था तो आँटी बोली- मैं इसे मुँह में ले लेती हूँ और चूसके झड़ा दूंगी ! और मुँह में लेके चूसने लगी।

मैंने कहा- चूसो ! मजा आ रहा है !उम्म्मम्म्म आऊऊऊ बस थोडी देर और उमम्मम् आऊऊऊवो !

फ़िर मैं भी झड़ गया और सारा पानी उनके स्तनों पर छोड़ दिया। हम दोनों शान्त हो गए।

जब मेरी नज़र उनकी चूत पर पड़ी तो देखा कि चूत में से खून निकल रहा है। मैंने पूछा- यह खून क्यों निकला?

तो बोली- तेरे अंकल ने मुझे अभी तक चोदा ही नहीं है। शादी को पूरे दस दिन हो गए। रात में सिर्फ़ लंड मुँह में लेने को बोलते हैं। मैं चूसती हूँ और वो झड़ जाते है और सो जाते हैं। तुम्हारे साथ यह मेरा पहला सेक्स था मुझे चुदने से डर भी लगता था, मेरी भाभी ने बताया था कि बहुत दर्द होता है, पर आज मजा आ गया। फिर कभी समय मिलेगा तो फ़िर चुदाई करेंगे। ठीक है?

यह कहकर मेरा लंड अपनी चड्डी से साफ किया और हम दोनों कपड़े पहन कर काम में लग गए। काम करते करते मैं उनके बूब दबाता था तो वो लंड पकड़ लेती थी।

आंटी को मैंने तीन बार चोदा। कैसे चोदा?अगली कहानी में बताऊंगा।

यह मेरी हकीकत थी आप को कैसी लगी? बताना ! Antarvasna

मैं मानस आज आपके सामने अपनी सच्ची कहानी लेकर आ रहा हूं उम्मीद करता हूं आपको पसंद आएगी मैं राजस्थान के सीमावर्ती शहर भरतपुर का रहने वाला हूं मेरे पिताजी का बिल्डिंग मटेरियल का बहुत बड़ा काम था बहुत अच्छी आमदनी हुआ करती थी पांच साल पहले कोविड के समय में अचानक पिताजी नहीं रहे मैं उस समय 20 साल का था और बीकॉम कर चुका था सीए की तैयारी करनी थी पर इस अनहोनी से बिजनेस की सारी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई, मैंने बिजनेस को अच्छे से संभाल लिया, पर इतना बड़ा काम अकेले का नहीं होता इसमें मेरी मां को की मदद करनी पड़ी क्योंकि परिवार में कोई और इस काम में कोई मदद नहीं कर सकता , दूसरे खानदान वाले बिजनेस को हड़पने के चक्कर में लगे रहते थे मैं पूरी तरह से अनुभवहीन था परंतु मां के सहयोग से धीरे-धीरे 3 महीने में सब कुछ सीख गया और 6 महीने में व्यापार को अच्छे से चलाने लगा मेरी मां बहुत समझदार थी उसे ऊंच-नीच और सामाजिक बुराइयों वगैरा का बहुत ज्ञान था वह मुझे समझाती रहती थी की अपने परिवार मैं बहनों की बड़ी जिम्मेदारी अब मुझे ही उठानी है मैं मेरे परिवार में सबसे बड़ा हूं आज मेरी उम्र 25 साल है, मुझसे छोटी तीन बहनें जिसमें से नव्या 22 साल की है वह ग्रेजुएशन में बीएससी कर रही है उसकी शादी की बात चल रही है जल्दी ही अच्छा लड़का मिलते ही उसकी शादी कर दी जाएगी बहुत अच्छे-अच्छे रिश्ते आ रहे हैं पर वह कोई ना कोई नुक्स निकाल कर मना कर देती है और मैं भी उसे पर कोई दवाब नहीं डालता, उसकी और मेरी शादी को लेकर मां बहुत चिंतित रहती है भव्या 19 साल की है और अभी बारहवीं का एग्जाम दिया है और इंजीनियरिंग करना चाहती है कई इंस्टिट्यूट का एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म भर्ती रहती है माया 15 साल की है और अभी हाई स्कूल का एग्जाम दिया उसका पढ़ाई में मन बहुत ज्यादा लगता है वह डॉक्टर बनना चाहती है मैं भी उसे बहुत सपोर्ट करता हूं। पिताजी के जाने के बाद कितनी जिम्मेदारियां का बोझ मुझ पर आ गया कि मेरा सारा लड़कपन खत्म हो गया स्कूल कॉलेज के यार दोस्त छूटते चले गए लेकिन एक चीज बहुत अच्छी हुई कि हम भाई बहनों में एक दूसरे के लिए प्यार और केयर की भावना बढ़ती गई मां भी यह सब देखकर खुश होती थी पहले कोई बहन मुझे एक गिलास पानी भी नहीं देती थी अब शोरूम से आने के बाद कि मेरे लिए पानी चाय नाश्ता लेकर भव्या आ जाती है चाय पीकर थोड़ी देर लेटकर आराम करता हूं तो माया मेरे शरीर पर चढ़कर पैरों से पूरे शरीर को दबाती है और मेरा सारा बदन का दर्द निकल जाता है फिर थोड़ी देर बाद मैं उठकर नहा धोकर फ्रेश होता हूं नव्या और नव्या पूरा किचन का काम संभाल लेती हैं खाना सबका तैयार हो चुका होता है मां जाकर गरमा गरम फुल्के बनती है क्योंकि मुझे मां के हाथ के फुल्के पसंद है और हम डाइनिंग टेबल और खाने के लिए आ जाते हैं अब सबके साथ मेरी भी खाने पीने की पसंद का ख्याल रखा जाता है पहले ऐसा नहीं था खाना खाते-खाते हम पूरे दिन की बातें करते हैं मैं अपनी बहनों से उनका रोज का काम पूछता हूं जैसे की उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है आगे क्या करना है कौन से किताब चाहिए कौन से कपड़े चाहिए उनकी सहेली का क्या हुआ, आगे कौन सा कोचिंग करना है कौन सा सब्जेक्ट पढ़ना है कहां का फॉर्म भरना है किसी को कुछ पैसे तो नहीं चाहिए वगैरा। मैं सबके साथ मूवी देखता हूं और घूमाने फिराने भी ले जाता हूं पिताजी के बाद मुझे ही सबकी केयर करनी थी। हम आपस में एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं और बहुत ही खुले हुए हैं। मां: अकेले में ) मानस जब लड़कियां जब 16 की हो जाती हैं तो जवानी उबाल मारने लगती उनके कदम बहकने लगते हैं अगर उनका मन घर में पहले से ही भरा रहे तो बाहर की तरफ नहीं देखेंगी। मैं : मां मुझे अपनी बहनों पर पूरा भरोसा है वह कुछ भी गलत नहीं करेंगी अपनी सभी बहनों की शादी कर दूंगा मां: बेटा तेरी तीनों बहनें जवान हो गई है इस उम्र की वजह से मन मचलता है मैं प्रैक्टिकल लाइफ में ज्यादा विश्वास रखती हूं बाहर की लड़कियां गलत संगत में बिगड़ जाती हैं इस समय को शरीर की और ज़रूरतें भी होती हैं इनकी शादी तक इन्हें बाहर मुंह करने से रोकना होगा इसलिए कह रही हूं का ख्याल रखा कर उनके करीब रहा कर। मैं: मां वह मेरी बहन है। मां: मैं तेरी और तेरी बहनों की भलाई के लिए की कह रही हूं इससे पहले कुछ कर ले तू ही उनकी जवानी का संभाल ले वरना बाहर परिवार की इज्जत नाम खराब कर सकती हैं और फिर घर की बात घर में रहेगी और किसी को पता नहीं चलेगा और उनकी शादी तक उनकी जवानी को संभालना की तेरी जिम्मेदारी है मन बहुत है परिवार की सपना खराब हो लड़कियों के कदम ना देखें इसलिए वह नव्या की शादी जल्दी कर देना चाहते हैं ताकि वह भी अपने लिए बहू ला सके और बहू का सुख ले सकें हर लडके नव्या मना कर देती है मां को बहुत टेंशन हो रही है मैं: मां को समझाता हूं) आप चिंता ना करो कोई अच्छा लड़का देखकर उसकी अच्छी शादी करेंगे। मां: वह तुझसे कोई बात नहीं छुपाती उससे बात करके देख वह क्या चाहती है। कहीं किसी लड़के के साथ उसका चक्कर तो नहीं चल रहा क्या कहीं मुंह तो काला नहीं करवा रही है। मैं: ठीक है मां आप परेशान ना हो मैं सब संभाल लूंगा। दोस्तों आप सभी को मालूम होगा की बिल्डिंग मटेरियल के अच्छे काम करने वालों को कंपनियां विदेश के टूर पैकेज करने के लिए देती रहती हैं अभी तक पिताजी उनका पैकेज को काश कर लेते थे उन्हें घूमने फिरने का शौक नहीं था परंतु मुझे और मेरी बहनों को घूमने फिरने का शौक बहुत था। पिताजी के पास मां और मैं मिलकर बिजनेस को आगे बढ़ाया तो हमें वह स्कीम के टूट पैकेज भी ज्यादा मिलने लगे। इस बार अल्ट्राटेक कंपनी से दो लोगों का इंडोनेशिया का टूर पैकेज आया था नव्या : भैया इस बार मैं भी आपके साथ चलूंगी । मैं: पहले मां से पूछ लो यदि मां कहेंगी तभी मैं तुम्हें ले जा सकता हूं। नव्या : भैया आप जानते हो मां मुझे मना कर देंगी वो नहीं मानेंगी आप ही बात करो ना । मैं: ठीक है कल खाते समय बात करेंगे। अगली शाम को रात में डिनर करने के बाद मैंने नव्या को इशारा किया कि सब को यहां से ले जाए तो मां से बात करूं। वह खुश हो गई और भव्या माया को उनका होमवर्क देखने के बहाने उनके कमरे में ले गई मैं: मां इस बार इंडोनेशिया की ट्रिप आई है दो लोगों की अगस्त में जाना है 5 दिन का है आप संभाल लोगे न। मां: ठीक है मैं संभाल लूंगी तू कितनी मेहनत करता है सारी जिम्मेदारी अच्छी तरह से संभाल रहा है जा एंजॉय कर आ। इस बार किस दोस्त को ले जायेगा। मैं: नहीं मां इस बार मैं किसी भी दोस्त को नहीं ले जाऊंगा। मैं सोच रहा हूं कि नव्या को ले जाऊं उसे भी बाहर की दुनिया देखनी चाहिए। शादी के बाद पता नहीं कहीं घूम फिर पाती भी है या नहीं। मां: अरे जब शादी करेगी तब ना मैं तो समझा समझा कर हार गई‌ पता नहीं अभी आगे और कितना पढ़ना चाहती है। तू भी उससे बात कर ही चाहती क्या है। मैं: मां, नव्या मेरे साथ वहां जाएगी तो मैं उससे प्यार से उसके मन की बातें जानने की कोशिश करूंगा कि ये शादी के लिए क्यों मना कर देती है। मां: तुम उसे लेकर तो जाओगे लेकिन वहां इसका बहुत ख्याल रखना पड़ेगा पहले कभी बाहर नहीं निकली है। मैं: मां जब निकलेगी तभी तो सीखेगी। मां: ठीक है ले जाओ अच्छी तरह से केयर करना उसके और करीब होना। फिर मैं सोने के लिए अपने कमरे में चला आया। मां और माया 1 कमरे में सोते थे नव्या और भव्या एक कमरे में, मेरा कमरा ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर था। मैं एक बात बताना भूल गया कि हम भाई बहनों में बहुत प्यार है जो कि पिताजी के न रहने के बाद और भी बढ़ गया। हम पहले एक दूसरे के साथ लड़ते झगड़ते लिपटते चिपटते थे कभी कोई ग़लत भावना नहीं जगी थी मां थकी होने की वजह से जल्दी सो गई,नव्या ने भव्या से कहा की माया को थोड़ी देर पढ़ा दो। भव्य बोली दीदी उसका सारा काम दिन में करवा दिया है और सो जाओ मैं थोड़ी देर ऊपर भैया से बात करके आती हूं वह बोली ठीक है आप जाओ। मैं अपने कपड़े चेंज करके नाइटी पहन ली थी और बाथरूम जाकर फ्रेश हुई। और ऊपर जाकर भैया के पास लेट कर बातें करने लगी। नव्या : भैया मां से क्या बात हुई मां ने क्या कहा मैं भी आपके साथ चल रही हूं ना। मैं: हां बात हो गयी मां तेरी शादी को लेकर बहुत परेशान है वह जल्दी से तेरी शादी करना चाहती हैं तू उन्हें परेशान मत किया कर जल्दी से शादी कर ले। नव्या: भैया आप जानते हो मैं अभी और पढ़ाई करना चाहती हूं। मुझे बताइए मां ने इंडोनेशिया जाने के बारे में क्या कहा। मैं: दुःख से) नव्या तू परेशान मत हो मैं मां को समझा लूंगा हम अगली बार चलेंगे। नव्या : मतलब आप कहना क्या चाहते हो मां ने मना कर दिया क्या, मैं जानती थी की मां मुझे नहीं जाने देंगी वह तो हमें प्यार नहीं करती। नव्या ने रोनी सी सूरत बना ली और मैं उसे देखकर मन में मुस्कुरा रहा था और समझा ही रहा था मैं: नहीं नव्या मां हम सबको एक जैसा प्यार करती हैं उनकी अपनी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं जिनसे वह मुक्त होना चाहती हैं तुम अभी नहीं समझ रही हो जब तुम मां बनोगी तब समझोगी मां अपने हर बच्चे को कितना चाहती है। नव्या : रोते हुए) मुझे पता है भैया की मां हमें कितना चाहती हैं घर में ना रहते हुए भी हम पर कितनी सख्ती रखी जाती है मां ना डरती है कि हम बहक नहीं जाएं। लेकिन अब हम बड़ी हो गए हैं ऊंच नीच समझते हैं। अगर कभी कुछ गलत करना होता तो सबके सामने रहते हुए भी किया जा सकता है लेकिन हमें भी अपने परिवार की इज्जत और मर्यादा का ख्याल है। मैं: उसके आंसू पोंछते हुए) अरे मेरी लाडली बहन तो रोने लगी कितनी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है अब मुझे लगता है कि वह वास्तव में बड़ी हो गई है। रोते-रोते नव्या मेरे सीने से लग गई और मुझे जकड़ लिया उसकी चूचियां मेरे सीने में घुस गई और मुझे पहली बार कुछ अलग सा महसूस हुआ। मैं: बस करो नव्या अब चुप हो जाओ तो मैं तुम्हें एक और बात बताना चाहता हूं नव्या : अपने आंसू पोंछते हुए ) क्या बताना चाहते हो भैया कि अगली ट्रिप अप्रैल में आएगी तो ले चलेंगे। मैं: नहीं मेरी लाडो बहन, तुम इस ट्रिप में मेरे साथ चलोगी मैंने मां को मना लिया है और 15 दिन के बाद हम इंडोनेशिया जायेंगे लेकिन मेरी एक शर्त है की हम घर में भाई बहन रहेंगे लेकिन घर से बाहर निकलते हुए पक्के दोस्त बन जाएंगे जो अपनी हर बातें एक दूसरे से शेयर करते हैं और कोई बात नहीं छुपाते, अगर मंजूर हो तो बोलो तभी ले चलूंगा। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया दे दिया मैं पीठ के बल गिर पड़ा और वह लपक के मेरे ऊपर कमर पर चढ़ गई और मुझे सीने पर मुक्के मारने लगी। नव्या : इतनी देर से मुझे परेशान कर रहे थे मुझे रुला रहे थे क्यों भैया ऐसा क्यों किया आई हेट यू आई हेट यू आई हेट यू। मैं: मैं देखना चाहता था की तू मेरे और मां के बारे में क्या सोचती है और रोते समय कैसी लगती है। कहते हुए मैंने उसको छुपा कर अपने सीने से लगा लिया और आई लव यू आई लव यू आई लव यू बोलने लगा नव्या : आई लव यू टू आई लव यू टू आई लव यू टू भैया मैं जानती थी मां को मना लेंगे। कह कर नव्या मुझे चूमने लगी और मैं भी उसे चूमने लगा, पता नहीं कैसे किसने एक दूसरे के होंठों को चूमा और फिर स्मूच करने लगे। कुछ अचानक से लगा कि हम ये क्या कर रहे हैं एक दूसरे से अलग हो गए। नव्या : थैंक्स भैया आई लव यू अब मैं चलती हूं। मैं: याद रखना हम घर से बाहर क्लोज फ्रेंड्स रहेंगे तभी तुम मेरे साथ चलोगी। नव्या : ओके भैया। गुड नाइट नव्या के जाने के बाद मुझे उसका अपने सीने से चिपकना और मेरे ऊपर चढ़कर प्यार से मारना और फिर मुझे चूमना बहुत उत्तेजित कर रहा था। मैं भी बहक रहा था मैं अभी तक किसी भी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था आज मेरा मन मुठ मारने को कर रहा था वो भी अपनी छोटी बहन नव्या के नाम की। लंड महाराज पजामे में अकड़े पड़े थे। मैं बाथरूम में गया गया और शैंपू को हाथ में लेकर नव्या के नाम से मूठ मारी तो वीर्य बहुत दूर जाकर गिरा। फिर मैं जाकर सो गया। सुबह सोकर उठा तो शोरूम पर निकलते समय नव्या ने मुझे कुछ पैसे मांगे। नव्या : भैया मुझे कुछ पैसे दे दीजिए थोड़ी शॉपिंग करनी है वहां जाने के लिए। मैं: कितने पैसे चाहिए नव्या : भैया 2000 से मेरा काम चल जाएगा मैं: कोई बात नहीं यह लो 5000 अच्छे से तैयारी कर लो हमें वहां को इंजॉय करना है कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। नव्या : थैंक यू भैया आई लव यू। मां: क्या बात है नव्या आज भैया पर बहुत प्यार आ रहा है। उसने तुम लोगों को सर चढ़ा कर रखा है बहुत छूट दे रखी है। नव्या : थैंक यू मम्मी आई लव यू टू आप मेरी तरफ से बेफिक्र रहें। मुझे आपका और परिवार का बहुत ख्याल है। मां: ठीक है ठीक है अब जाने की तैयारी ठीक से कर लो सारी जरूर का सामान लेकर जाना वरना वहां छोटी-छोटी चीज के लिए परेशान होना पड़ सकता है। नव्या : मां संडे को दिल्ली चलो ना मुझे कुछ शॉपिंग करनी है यहां कुछ अच्छा नहीं मिलता। मां: बेटा मेरे पास समय नहीं है जब तुम जाओगी तो एक दिन पहले ही चले जाना और दिल्ली में शॉपिंग कर लेना भैया तुम्हारे साथ होगा मैं सब सामान दिलवा देगा। नव्या : आप ठीक कह रही हूं मां। फिर मैं शोरूम निकल गया और सारे अरेंजमेंट करने लगा हमें 15 दिन बाद जाना था मेरे पीछे बिजनेस संभालने में मां को कोई तकलीफ ना हो सभी स्टाफ को बोल दिया था कि किसी को छुट्टी लेनी है तो एक हफ्ते में काम करके चला आए उसके बाद एक महीने तक किसी को छुट्टी नहीं दूंगा। 1 महीने का स्टॉक और ऑर्डर कैलकुलेट करके लगा दिया था ताकि मेरे पीछे कोई समान शोरूम पर कम ना पड़े और काम सही से चलता रहे। थोड़ी देर में भी शोरूम पर आ गई तो मैं मां को भी सब समझा दिया की कैसे क्या करना होगा सब कुछ ऑटो मोड में चलता रहेगा बस उन्हें देखना रहेगा। शाम को जब घर पहुंचे तो नव्या बहुत खुश दिखाई पड़ रही थी भव्या और माया का मूड़ उखड़ा हुआ था । भव्या मेरे लिए चाय और पानी ले आई और रखकर बिना कुछ बोले चली गई। माया मेरे पास आई और मेरे गोद में बैठ कर बोली माया: भैया आप दीदी को घूमाने ले जा रहे हैं हम भी चलेंगे आप दीदी को अकेले क्यों ले जा रहे हैं। मैं: बेटा केवल दो टिकट है और दीदी तुम सबसे बड़ी है अभी जल्दी ही उसकी शादी होने वाली है तो उसे घूम लेने दो उसकी शादी हो जाएगी तो फिर मैं भव्या और तुमको खूब घुमाऊंगा, यह भव्या क्यों रूठी हुई है। माया: भव्या दीदी भी घूमने जाना चाहती है और आप केवल नव्या दीदी को ले जा रहे हैं वह इसलिए नाराज हैं। मैंने भव्या को बुलाया और प्यार से अपनी गोद में बिठाकर किस किया। मैं: भव्या इतनी छोटी सी बात के लिए तुम नाराज हो यह गलत है तुम्हारी बड़ी बहन है जल्दी ही उसके शादी हो जाएगी फिर वह चली जाएगी उसे बाहर घूमने फिरने का मौका पता नहीं मिले या ना मिले इसलिए अभी उसको घुमा देते हैं उसके बाद तुम और माया को भी मैं सब जगह घुमाऊंगा प्रॉमिस। भव्या: प्रॉमिस भैया ठीक है आप दीदी को बाहर घूमा लो लेकिन बीच-बीच में हमें भी कहीं घुमा दिया करो। आई लव यू भैया कहकर भव्या ने मुझे किस किया मैं: आई लव यू टू बेटा। भव्या: लेकिन हम आपको ऐसे नहीं छोड़ेंगे आपको हमें गोद में उठाकर पूरे घर में घूमना पड़ेगा। यह कहकर भव्या मेरे पीठ पर लद गई और माया भी दौड़कर सामने से मेरी गोद में चढ़ गई और दोनों बोली अब हमें पूरा घर में घुमाईये मां: आज तुम लोगों को अपने भाई पर बहुत प्यार आ रहा है अभी थका हुआ आया है उसे आराम तो कर लेने दो जो कि दोनों घोड़ी हो गई हैं और अभी भी बच्चों जैसी हरकतें करती हैं यह सब तेरे प्यार में बिगड़ गई है। भव्या की चूचियां मेरी पीठ पर दबीं थी और माया के टिकोरे सामने से मेरे सीने में दबे हुए थे मेरी हालत खराब हो रही थी फिर भी मैं किसी तरह उन्हें पूरे घर का एक चक्कर लगाकर उतारा और बोला अब मैं थक गया हूं ऊपर जाकर आराम करूंगा। मैं: मां मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है कोई दवा हो तो दे दो। मां: तूने अपनी बहनों को सिर चढ़ा रखा है इतनी बड़ी हो गई जरा भी समझ नहीं है यह दवा खा ले और थोड़ी सी बदन की मालिश करवा ले तो आराम आ जाएगा मैं माया को बोलती हूं। माया जरा सरसों का तेल गर्म करके अपने भैया की पीठ की मालिश तो कर दे देखा उसका बदन दर्द कर रहा है और तुम लोग उसके ऊपर चढ़कर घूम रही थी। माया: मां में स्कूल का काम करने जा रही हूं बहुत सारा होमवर्क मिला है भव्या दीदी से कह दो। भव्या: मां मैं किचन में खाना बनाने जा रही हूं आप ही कर दो ना। मां: अरे मैं भी तो थकी हुई आई हूं तुम्हें तो मेरी भी मालिश करनी चाहिए मेरी ना सही कम से कम अपने भाई की तो कर दो। नव्या: चलो मां पहले मैं आपकी थोड़ी सी चंपी कर देती हूं और हाथ पैर में मैं मालिश कर देती हूं फिर भैया की भी मालिश कर दूंगी। मां: बहुत खुश है आज नव्या मां और भाई की सेवा बिना कहे कर रही हो। नव्या : आप तो ऐसे कह रही हो कि जैसे मैंने पहले कभी नहीं किया हमेशा बिना कहे करती हूं। मां: हां मेरी रानी बिटिया मैं जानती हूं मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी। नव्या ने आधे घंटे तक मां की चंपी और मालिश की मां को आराम आ गया और मां बैठकर टीवी देखने लगी कटोरी में तेल लेकर ऊपर मेरे कमरे में आई। नव्या : भैया चलो अपनी टीशर्ट और पजामा उतार दो मैं मालिश कर देता हूं। मैं: नहीं नव्या यार अब तुम बड़ी हो गई हो मैं तुमसे मालिश नहीं करवाऊंगा। नव्या : भैया शर्माइए मत अभी मेरे हाथों के जादू से आपका सारा बदन का दर्द निकल जाएगा मां को भी आराम आ गया है। मां देखो भैया मालिश नहीं करवा रहा है अभी 10 मिनट में आराम आ जाएगा। मां: अरे मानस मालिश करवाले शर्मा मत तेरी छोटी बहन ही है और तू उसका बड़ा भाई। कोई बात नहीं हम लोग एक दूसरे का सुख-दुख में साथ नहीं देंगे तो कौन देगा। मैं: मां मैं नहीं करवाऊंगा मुझे शर्म आती है। नव्या: धीरे से) अरे करवा लो भैया जब स्मूच करने में शर्म नहीं आई तो मालिश करवाने में कैसी शर्म। मैं: तू बहुत शरारती हो गई है मुझे लगता है जल्दी ही तेरी शादी करवानी पड़ेगी तभी तू मुझे परेशान करना छोड़ेगी। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धकेल दिया और मेरे पेट पर बैठकर मेरी शर्ट खींच कर उतार दी और मेरा पजामा भी खींचकर निकाल दिया मुझे पेट के बल लेटा कर मेरे जाघं पर चढ़कर बैठ गई और फिर तेल डालकर मालिश करने लगी। उसके मुलायम हाथ मुझे गुदगुदी कर रहे थे थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा फिर उसने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और मेरे सीने पर तेल डालकर मालिश करने लगी। मुझे बहुत आराम आ गया और मुझे जोर से नींद आ रही थी भव्या: सब लोग आकर खाना खा लो खाना तैयार है। नव्या : चलो भैया खाना खाकर तब सोइयेगा। हम सबने आकर खाना खाया और सब सोने चले गए मैंने नव्या से कहा मेरा सिर दर्द कर रहा है कोई सिरदर्द की दवा दे तो वह बोलि आप चलिए मैं आपके सिर में भी तेल लगा देती हूं वह 10 मिनट में ऊपर आई। मैं: इतनी देर कैसे लगा दी है मेरा सर दर्द से फटा जा रहा है। नव्या: मम्मी भी बहुत थकी हुई है उनको सोने के लिए नींद की गोली दी है कृपया और माया भी सोने चली गई है पूरा घर बंद कर तब आपके पास आई हूं अभी 10 मिनट में आपका सिर का दर्द दूर हो जाएगा। मुझे कल की स्मूच याद आ गई और मैं मुस्कुराने लगा। नव्या : क्या हुआ भैया आप मुस्कुरा क्यों रहे हैं। मैं: कुछ नहीं तुम तेल लगाओ। नव्या : नहीं पहले आप बताइए आप क्यों मुस्कुरा रहे हैं मुझे देखकर। मैं: कुछ नहीं मुझे कल रात की बातें याद आ गई वैसे तुम्हारी कैसे बहुत मीठी थी क्या मुझे आज भी दोगी। नव्या : धत् भैया वह तो कल जाने की खुशी में गलती से हो गया था आज थोड़ी ना वैसा होगा। मैं: अगर आज भी मैं तुझे कुछ अच्छे से न्यूज़ दूं घूमने वाली तो क्या होगा । स्मूच करेगी। नव्या : भैया आप भी ना कैसी बातें कर रहे हो मैं आपकी छोटी बहन हूं। मैं: हमने कल ही एक दूसरे को वादा किया था कि अब हम घर में भाई बहन और बाहर दो अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे यानी कि तू मेरी गर्लफ्रेंड और मैं तेरा बॉयफ्रेंड तू बड़ी जल्दी भूल गई। नव्या : मुझे याद है भैया लेकिन घर से बाहर अभी हम घर में हैं। मैं: तो सुन वीजा के लिए हमें परसों दिल्ली जाना होगा सुबह 10:00 की अपॉइंटमेंट है और कल शाम को हम दिल्ली जाएंगे रात में होटल में रखेंगे सुबह अपना काम निपटाकर शाम को निकलकर रात तक वापस आ जाएंगे। अब तो स्मूच बनता है ना। नव्या : भैया पहले आपके सर की मालिश कर दूं तब तक सब लोग सो जाएंगे तब आप स्मूच कर लेना। मैं: मतलब तुम अकेले में भी मेरी गर्लफ्रेंड बनी रहोगी आई लव यू। नव्या : भैया आप बड़े वो हो अपनी छोटी बहन को गर्लफ्रेंड बना रहे हो प्लीज यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और गर्लफ्रेंड से आगे कोई बात नहीं करनी होगी। मैं: नव्या यह गर्लफ्रेंड से आगे क्या बात होती है। नव्या : आप मुझसे क्या-क्या बातें पूछ रहे हैं। कितने गंदे हैं अपनी बहन से कोई ऐसी बातें पूछता है क्या। मैं: मैं अपनी बहन से कहां अपनी गर्लफ्रेंड से पूछ रहा हूं तुम्हें क्या एतराज है। नव्या : अच्छा मालिश करने दीजिए बाकी बातें हम कल भी कर सकते हैं नव्या बिस्तर पर पैर लटकाकर बैठ गई और मैं जमीन पर उसके पैरों के बीच में बैठ गया अब वो मेरे सिर में तेल डालकर मालिश कर रही थी मुझे आराम आने लगा और बात करते करते मुझे नींद आ गई नव्या ने मुझे जगाया और बिस्तर पर लिटा कर चादर उढा कर खुद भी सोने चली गई। सुबह 6 बजे नीचे मां उठ गई मां: नव्या आज तो बड़ी जल्दी उठ गई ऊपर टहलने गई थी। इसी तरह जल्दी उठकर थोड़ी एक्सरसाइज किया करो एक्टिव रहोगी। नव्या: ओके मां। मां भैया ने बताया था कि आज शाम को वीजा के लिए दिल्ली जाना है मैं सोच रही हूं कि मैं अपनी शापिंग भी दिल्ली से कर लूं। मां: ठीक है बेटा जाओ खूब एन्जॉय करना। जाकर भैया को उठा दो। नव्या ने ऊपर आकर मुझे किस करके उठाया और बोली भैया जल्दी से तैयार हो जाईए आज वीज़ा के लिए दिल्ली भी जाना है मैं: इंडोनेशिया जाने की क्या तैयारी कर रही हो। नव्या : कुछ खास नहीं भैया कुछ कपड़े लेने हैं और ब्युटीपारलर जा कर वैक्सिंग पैडीक्योर मैनीक्योर आदि करवानी है। मैं: कपड़े तो हम कल दिल्ली से ले लेंगे और बाकी ब्यूटी पार्लर का काम जैसे यहां से चलेंगे उस दिन करवाना तो वह सारा ट्रीटमेंट एक हफ्ते तक आराम से चल जाएगा। नव्या : आप मुझे दिल्ली में शॉपिंग करवाएंगे आई लव यू भैया कहकर नव्या ने मेरे माथे को चूम लिया मेरी आंख गाल को चूमते हुए होठों को चूम लिया अभी उसके होठों को अपने मुंह पर लिया और चूसने लगा। मैं नहा धोकर तैयार हो कर नीचे आया मां के साथ नाश्ता किया फिर मैं मां को लेकर शोरूम आ गया रास्ते में मां ने पूछा रात को एंजॉय किया था मैं शरमा कर बोला आप भी ना, क्या एंजॉय। मां: मैंने नव्या को रात में मालिश करने भेजा था तुझे मालिश करा कर मज़ा आया था तू रोज़ नव्या से मालिश करवा लिया कर। मैं नव्या को भी कह दूंगी। मैं : मां हम दोपहर में दिल्ली निकल जाएंगे शाम को बहुत देर हो जायेगी। मां: ठीक है बेटा नव्या को वहां वहां शॉपिंग करा देना और थोड़ा घूम फिर भी लेना एक दिन और रुक सकते हो तो उसके और करीब हो जाना ऐसे रिलेशनशिप बनाना कि बाहर कहीं उसके कदम नहीं बहकें । मैं: आप चिंता मत करो ना मैं अपनी किसी भी बहन को बहकने नहीं दूंगा और उनको खुद ही संभाल लूंगा जब तक शादी नहीं हो जाती सबका पूरा ख्याल रखूंगा बस आप खुश रहो। कहकर मैंने मां को गले से लगाया तो मां मेरे कान में धीरे से बोली कल रात में बात कहां तक पहुंची तुमने इंजॉय किया तो मैं चौंक गया मां: कान में) ज्यादा नादान ना बनो तुम जानते हो कि मैं क्या कह रही हूं सुनना ही चाहते हो तो सुनो मैं चाहती हूं कि तुम्हारी बहनों की शादी होने तक उनकी शारीरिक जरूरतों को भी तुम पूरा करो। मैं इसे बुरा नहीं मानती मेरी समझ से इससे आपसी प्यार और स्नेह अधिक गहरा होता है अपने लक्ष्य को हासिल करने की राह से भटकते नहीं है मैं इससे अधिक साफ और नहीं कह सकती हूं । मैं: शर्मा कर) मां मैं आपको निराश नहीं करूंगा और आपकी यह इच्छा भी पूरी करूंगा। मैंने नव्या को फोन कर कहा नव्या हम दोपहर 2:00 बजे निकलेंगे तुम सारी तैयारी कर लेना पासपोर्ट आईडी ऐड्रेस फोटोस भी रख लेना जरूरत पड़ सकती है और हम अपनी ये ट्रिप को खूब एंजॉय करेंगे मैं शोरूम से 1:00 बजे तक घर लौट आया गाड़ी निकली उसमें सारा सामान रख दिया और खाना खाकर मैं और नव्या दिल्ली के लिए चल पड़े हम 3 घंटे में यानी की पांच 5:30 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाले थे 15 मिनट में हम हाईवे पर आ गए और मैंने नव्या से पूछा मैं: नव्या क्या प्लान है पूरे 2 दिनों तक तुम मेरे साथ में हो मेरी गर्लफ्रेंड बनकर मैं होटल में तुम्हारी एंट्री अपनी मंगेतर के तौर पर करवाऊंगा, क्योंकि गर्लफ्रेंड के साथ दिक्कत हो सकती हैं तुम्हें कोई एतराज तो नहीं।। नव्या: नहीं भैया जब आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं तो कोई बॉयफ्रेंड और मंगेतर ही ऐसे केयर करता है आई लव यू भैया मैं: तो इतनी देर हो गई तुमने सुबह से अपने बॉयफ्रेंड को किस नहीं किया नव्या:हम हाईवे पर हैं भैया और आप गाड़ी चला रहे हैं कैसे किस करेंगे। मैं: मैं गाड़ी को 2 मिनट के लिए किनारे रोक देता हूं इतने समय में मुझे किस करना है नव्या: नहीं भैया हम दोनों दो दिन अकेले साथ में होटल में रहेंगे थोड़ा सा सब्र करो। मैंने भी जोर नहीं दिया और शाम 6 बजे दिल्ली के कनाट प्लेस में वीजा आफिस के पास एक 3 स्टार होटल में चेक-इन किया सामान को रूम में रखवा कर वेटर को चाय और स्नैक्स लाने को कहा और दरवाजा बंद कर मैंने नव्या को हग किया । मैं: बेबी आई लव यू नव्या: आई लव यू टू भैया। मैं: अब तो मैं अपनी गर्लफ्रेंड को किस कर सकता हूं यहां हम होटल में अकेले हैं कोई भी नहीं देख रहा और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। नव्या: शर्माते हुए) भैया मुझे लगता है कि आप मुझे आज नहीं छोड़ेंगे और अपनी गर्लफ्रेंड की मोहर लगाकर ही मानेंगे आई लव यू भैया मैं आपको यहां कैसे मना कर सकती हूं। मैंने नव्या को उसके माथे पर किस किया और उसकी आंखों को चुम्मा लिया। तभी बेल बजी और वॉटर चाय और स्नेक्स ले आया मुझे बहुत जोर से गुस्सा आया। नव्या: भैया लो कबाब में हड्डी आ गई। मैं: कोई बात नहीं पहले कबाब खा लेते हैं फिर आगे करेंगें मैं रूम खोलकर चाय नाश्ता रखवाया और आसपास की जानकारी वेटर से ली बेटा ने बताया की रात को 9:00 बजे से नीचे पब में गेस्ट के लिए पार्टी है वहां हम कपल एंजॉय कर सकते हैं मैं : एंट्री कैसे होगी। वेटर: सर कपल के लिए ढाई हजार रुपए की एंट्री है वहां पर आपका डिनर और ड्रिंक लाइव डीजे सब फ्री है। आप काउंटर पर डिपॉजिट करके एंट्री कार्ड ले सकते हैं। मैंने उसको थैंक यू बोलकर भेज दिया। मैं: बेबी क्या प्लान है एंजॉय करोगी हम पहले पब में जाकर ड्रिंक लेंगे डांस करेंगे और डिनर लेकर रूम में आ जाएंगे ज्यादा नहीं सिर्फ एक डेढ़ घंटे में। नव्या: ठीक है भैया जैसा आप ठीक समझे मैं तो आपकी हर बात मानूंगी और मां का भी यही इंस्ट्रक्शन है। मैं फिर नव्या को अपनी गोद में बिठाया और अपने हाथ से स्नेक्स खिलाया और साथ में हमने चाय पी। नव्या: क्या बात है भैया आज आप अपनी बहन को खूब प्यार कर रहे हैं और मक्खन लगा रहे हैं कुछ स्पेशल चाहिए क्या। मैं: नव्या तू जानती है कि अब हम गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड है तो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड से अकेले में क्या चाहता है मुझे भी वही चाहिए और मैं आज उसे अपनी गर्लफ्रेंड से लेकर ही रहूंगा। नव्या: उसके लिए बॉयफ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत पटाना और खुश करना होता है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड के हर सपने को पूरा करूंगा जो भी वह अपने बॉयफ्रेंड से चाहती है लेकिन मुझे उसका सहयोग चाहिए कि वह मुझे खुलकर बताएं। मैंने नव्या को अपनी बाहों में भरते हुए बहुत सारा किस किया और उसके पीठ को सहलाने लगा। नव्या: मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से खूब सारा प्यार चाहिए और मेरा भैया मेरे को केयर करता है और हर इच्छा को पूरी करता है मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं चाहिए आई लव यू जानू मुझे ऐसे ही खूब प्यार करना। मैं : बेबी यदि तुम फ्रेश होना चाहो तो बाथरूम में जाकर नहा धोकर फ्रेश हो जाओ फिर हम नीचे पार्टी में चलेंगे देखो 8:00 बज ही रहे हैं नव्या 10 मिनट में नहा धोकर फ्रेश होकर तैयार होने लगी फिर मैं अभी फ्रेश होकर आया और तैयार हो गया। 8:45 हो गए थे हम दोनों ने कपल की तरह एक दूसरे के कमर में हाथ डालकर नीचे रिसेप्शन पर गए और पब की फीस ढाई हजार रुपए जमा करके कपल एंट्री कार्ड ले लिया और रूफटॉप पब में चले गए। वहां का माहौल बहुत ही रंगीन था चारों तरफ कपल ही कपल टेबल पर बैठकर ड्रिंक को एंजॉय कर रहे थे और लाइट म्यूजिक चल रहा था मैं: हम वहां कोने की सीट पकड़ लेते हैं उधर हल्का सा अंधेरा भी है बोलो तुम क्या पीना पसंद करोगी। नव्या: भैया मैं कुछ भी नहीं पियूंगी आपको जो लेना हो वह ले लीजिए मैंने कभी ड्रिंक नहीं किया है। मैं: कोई बात नहीं बेबी आज थोड़ा सा वाइन ले लो बहुत मजा आएगा बाकी मैं हूं तुम्हें ज्यादा नहीं पीने दूंगा और सब संभाल लूंगा यू ट्रस्ट मी ना। नव्या: अगर आप मेरे साथ हैं तो फिर मुझे कोई चिंता नहीं आपको जो ठीक लगे वह मंगा लीजिए। मैं: दैटस् गुड गर्ल, आज तुम शुरुआत कर रही हो तो हम रेड वाइन लेंगे। मैंने एक रेड वाइन बोतल का आर्डर किया थोड़ी देर में वेटर दो क्लास और एक चिल्ड् वाइन की बोतल ले आया। और दोनों क्लास में निकाल कर सर्व कर दी साथ में फ्रूट सलाद और चीज़ चिली भी दे गया। मैं: ये लो बेबी अपनी लाइफ का पहला जाम मेरी गर्लफ्रेंड की खुशियों के लिए चीयर्स चीयर्स बोलकर मैंने एक ग्लास नव्या को और एक क्लास को लेकर हल्के से ग्लास को टकराकर टन् की आवाज निकालकर अपने होठों से लगाकर एक सिप लिया। नव्या: भैया यह तो बहुत ही टेस्टी है हल्की सी खट्टी मीठी कुछ कुछ मीठे सिरके का स्वाद दे रही है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड आज अपनी लाइफ में पहली बार अपने भैया के साथ एंजॉय कर रही है आज की रात उसके जीवन में एक यादगार रात होगी जिसे वह कभी नहीं भूलेगी और मैं अपनी बहन की यह रात एक यादगार रात बना दूंगा आई लव यू बेबी। नव्या: आई लव यू टू भैया मै धीरे-धीरे एक ग्लास वाइन खत्म कर दी मैंने नव्या को थोड़ा धीरे पीने के लिए कहा और अपना दूसरा ग्लास भर लिया मेरा दूसरा ग्लास खत्म करने तक नव्या एक गिलास पी चुकी थी उसे हल्का सा मजा आने लगा था मैं: बेबी आओ चलो फ्लोर पर थोड़ा सा डांस करते हैं ओके जानू कहकर नव्या उठी और मेरी कमर में हाथ डालकर डांस फ्लोर पर ले आई हम दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर थोड़ी देर डांस किया डांस करते-करते एक दूसरे को किस करने लगे और फिर दूसरे कपल की तरह हमने भी स्मूच करते-करते डांस किया थोड़ी देर में हमारी सांस भारी हो गई। नव्या: जानू अब बस करो हम डिनर करके रूम में चलते हैं। मैं: क्या तुम और वाइन लेना पसंद करोगी डिनर के साथ मैं तो और लेना चाहता हूं नव्या: ठीक है जानू मुझे कोई एतराज नहीं। हम वापस अपनी टेबल पर आ गए और वेटर को डिनर के साथ एक वाइन की बोतल और आर्डर कर दी थोड़ी देर में वह लेकर आ गया डिनर के साथ वाइन सर्व करके चला गया फिर मैं और नव्या ने वाइन को डिनर के साथ एंजॉय किया मुझे नव्या को संभालना भी था वह पहली बार ले रही थी इसलिए मैंने उसे ज्यादा नहीं पीने दिया डिनर के बाद हम रूम में आ गए। नव्या: आई लव यू भैया मैं सच में आपसे बहुत प्यार करती हूं आपने आज मुझे बहुत खुश कर दिया मैं पब में वाइन के साथ डांस और डिनर नहीं सोच सकती थी लेकिन आपने आज मुझे लाइफ एंजॉय करा दी आपने मुझे खुश कर दिया मैं भी आपको खुश करना चाहती हूं आई लव यू भैया। मैं: आई लव यू टू नव्या बेबी मैं भी बहुत खुश हूं कि मैं तुम्हें खुशी दे पाया बेबी तुम्हें हल्का सा सुरूर हो गया है कैसा लग रहा है नव्या: आई लव यू भैया बहुत मजा आ रहा है लग रहा है कि मैं हवा में उड़ रही हूं प्लीज भैया मुझे खासकर पकड़ लो मैं गिर पड़ूंगी मैं: इंजॉय करो नव्या मैं तुम्हें गिरने नहीं दूंगा नव्या: भैया मुझे गोदी में उठा लीजिए मैंने नव्या को अपनी गोद में उठा लिया और किस करने लगा फिर मैं उसको लेकर बेड पर आया और लेट दिया मैं: बेबी ड्रेस चेंज कर लो कपड़े उतार दो फिर हम आराम से सो जाएंगे नव्या: भैया आज मुझे बहुत शरारत करने का मन कर रहा है आई लव यू भैया मेरी कुछ और भी इच्छाएं हैं क्या मैं आपसे शेयर कर सकती हूं। मैं: नव्या मेरी जान तुम अपने भाई के साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो तुम्हारा भाई तुम्हें बहुत प्यार करता है वह तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी है शरमाओ मत नव्या: भैया हमें रात में कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा मैं आज बिना कपड़ों के सोना चाहती हूं मैं सो सकती हूं क्या। मैं: बिल्कुल बेबी तुम अपनी हर इच्छा पूरी कर सकती हो क्या मैं तुम्हारी मदद करूं कपड़े उतारने में नव्या: हां भैया मुझे बहुत गर्मी लग रही है प्लीज हेल्प मी। नव्या ने अपने हाथ ऊपर कर दिए और मैं उसकी शर्ट को उतार दिया और उसकी जींस भी खोल दी अब वह केवल ब्रा पैंटी में थी फिर वह पीछे घूम गई अपने ब्रा खुलवाने के लिए। मैं: बेबी ब्रा और पेंटी तो पहने रहो बाकी सब ठीक है नव्या: ओके जानू। फिर मैं भी अपने कपड़े उतार कर अंडरवियर में आ गया और रूम की लाइट ऑफ करके बिस्तर में घुस गया नव्या : भैया मुझे आपको कुछ दिखाना है आप देखना चाहेंगे क्योंकि यह मैं सबसे पहले सिर्फ अपने बॉयफ्रेंड से शेयर करना चाहती थी अब आप ही मेरे बॉयफ्रेंड हैं। मैं: क्यों नहीं बेबी अब तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो मेरे साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो नव्या शर्माते हुए मेरे सीने से लग गई और मैंने उसको अपनी बाहों में जकड़ कर लिया और किस करने लगा। नव्या : भैया आप मुझे गर्लफ्रेंड के जैसे प्यार करो मैं: जानू मैं भी तुमको बॉयफ्रेंड की तरह प्यार करना चाहता हूं आई लव यू बेबी नव्या : भैया मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है मेरी सभी सहेलियों के दो-तीन बॉयफ्रेंड है लेकिन मुझे डर लगता है कहीं मेरे परिवार की इज्जत खराब ना हो इस वजह से मैंने कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं बनाया। पर मेरा भी बहुत मन करता है कि मेरा भी बॉयफ्रेंड है और मुझे प्यार करें। मैं: परिवार की इज्जत और जिम्मेदारी के लिए मैंने भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। नव्या : शर्माते हुए) सच भैया आप मुझे बॉयफ्रेंड वाला प्यार करेंगे। आई लव यू भैया। मैंने नव्या को जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और किस करने लगा अब हम दोनों एक दूसरे को स्मूच कर रहे थे । मैंने अपने हाथ नव्या की चूचियों पर रख कर धीरे से दबा दिया नव्या : उई मां भैया धीरे धीरे करिये मैं: बेबी तुम अपने ब्वायफ्रेंड से शर्मा रही हो शर्माओ नहीं और जैसे अपने ब्वायफ्रेंड से प्यार करना चाहती हो वैसे ही करो। नव्या :कान में बोली) भैया मेरी ब्रा उतार दीजिए फिर मजा आएगा। मैंने ब्रा को खोलने की कोशिश की लेकिन पहली बार मैं किसी लड़की की ब्रा खोल रहा था और वह भी मेरी बहन थी तो अनुभव न होने के कारण खोल नहीं पा रहा था तो मैंने झट कैसे उसकी ब्रा के को खींच कर तोड़ दी और ब्रा को उसकी तकिया के नीचे रख दिया दो सफेद कबूतर आजाद हो कर फड़फड़ाने लगे। नव्या : भैया आप ने ब्रा फाड दी आपके इरादे बहुत खतरनाक लग रहे हैं कह कर नव्या मेरे गले लग गई हमारे ऊपर के नंगे जिस्म एक दूसरे से लिपट कर मज़ा दे रहे थे। मैं: बेबी गर्लफ्रेंड बायफ्रेंड और कैसे प्यार करते हैं नव्या : आप मुझ से पूछ रहे हैं आप बायफ्रेंड हो तो प्यार करो ना। मैं: तेरी सहेली ने तुझको बताया था कि उसके बायफ्रेंड ने कैसे प्यार किया था बता ना मैं भी वैसे ही करूंगा। नव्या : धत् आप मुझसे ही पूछ रहे हो कि कैसे करें। मैं: हां बेबी मुझे अनुभव नहीं है नव्या : भैया मुझे भी नहीं है अनुभव। मेरी सहेली रीना भी अपने बड़े भाई राजीव की गर्लफ्रेंड बनी हुई है और उसकी कहानी सुनकर मेरा मन भी आपको अपना बायफ्रेंड बनाने का था पर डरती थी । मैं: राजीव तो मेरा दोस्त है,उसकी बहन रीना तेरी सहेली है, बहन चोद मुझे तो उसने कभी बताया ही नहीं, मुझे तो पता ही नहीं था अब डर खत्म हो गया मेरी बहन मेरी गर्लफ्रेंड मुझे प्यार करेगी ना। नव्या : हां भैया, रीना के भैया ने उसे एग्जाम दिलाने आगरा ले गए और एग्जाम नहीं देने दिया तीन दिन तक आगरा में बायफ्रेंड बन कर खूब प्यार किया। मैं: रीना ने बताया था कि कैसे प्यार किया था उसके भैया ने,बताओ हम भी वैसे ही करेंगे। नव्या : उसके भैया उसे आगरा इंजीनियरिंग का एग्जाम दिलाने ले गए दो दिन पेपर था एक दिन पहले सेंटर देखने पहुंचे और जे पी होटल में रीना को अपनी मंगेतर बता कर डबल बेड रूम लिया, उन्होंने भी आपकी तरह अपनी बहन को अपनी मंगेतर बनाकर डबल बैडरूम बुक किया था और जाते ही रूम बंद कर एक दूसरे से लिपट कर चूमने लगे और कपड़े उतार कर बाथरूम में बाथटब में घुस गए रीना को अपनी गोद में बिठाकर पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ कर मसलने लगे और गर्दन पर दांत गडा कर चूसने लगे मैं भी नव्या की चूचियों को अपने हाथ में भर कर मसलने लगा मैं: इसी तरह मसल रहे थे क्या। नव्या: हां भैया रीना ने ऐसे ही बताया था उई मां सीई सी उफ़ भैया आराम से करो बहुत अच्छा लग रहा है फिर रीना के भैया ने उसे अपनी ओर घुमाया और उसकी एक चूची को अपने मुंह में भरकर पीने ले और दूसरी चूची को अपने हाथ से टीपने लगे वो सी सी ई उई करने लगी मैं: बेबी तुम भी उसकी तरह घूम कर मेरे गोद में बैठ जाओ मैं भी तुम्हारे दूध पीना चाहता हूं। नव्या : भैया मुझे शर्म आती है मैं: अरे अंधेरा है अपने भैया को दूध पिलाओ जैसे तुम्हारी सहेली ने अपने भैया को दूध पिलाया था शर्माओ मत। नव्या : भैया आप मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे लीजिए मैं आपकी गोद में बैठ गई और लीजिए मेरे छोटे छोटे दूध पी लीजिए। मैं: बेबी एक बात बताऊं बहुत सीक्रेट है तुम एकदम अप्सरा की तरह सुंदर हो तुम्हारी चूचियां बहुत ही शानदार है नव्या तेरे दूध तो एकदम ताजी रसीली मुसम्मी जैसी हैं उम आ उम् म बड़ा मज़ा आ रहा है चूसने में आई लव यू बेबी, फिर रीना ने आगे क्या किया। नव्या : भैया आगे वो दोनों नहा कर बाहर निकल आये और आपस में डिसाइड किया कि रात भर प्यार करेंगे और सुबह पेपर देने नहीं जायेंगे पूरे 3 दिन होटल में प्यार करेंगे। मैं: उन्होंने और कैसे प्यार किया बेबी। मैंने दूध को पीते हुए पूछा नव्या : भैया मैं वो प्यार नहीं कर पाऊंगी मुझे बताने में ही बहुत शर्म आ रही है। मैं: अगर बताओगी नहीं तो फिर कैसे प्यार किया जाएगा। प्लीज बताओ ना। अब मैंने उसकी दूसरी चूची को अपने मुंह में भरकर पीने लगा नव्या: दोपहर में वो ताजमहल देख कर आये रात में डिनर करने के बाद बिस्तर में चले गए एक दूसरे के कपड़े उतार कर एसी 16° कर दिया उन्हें ठंड लगने लगी, वो कंबल में घुस गए उनके नंगे बदन एक दूसरे को बहुत मज़ा दे रहे थे। मैं: कैसे मज़ा दे रहे थे खुल कर बता ना जैसे रीना ने तुझको अकेले में बताया था। नव्या : आप भी ना भैया मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे मैं उनकी डिटेलिंग नहीं कर सकती शार्ट में बताती हूं उसके बाद उन्होंने ओरल किया फिर इंटरकोर्स किया। मैं: ओरल मतलब और इंटरकोर्स क्या। नव्या : भैया आप सब जानते हैं फिर भी परेशान कर रहे हैं क्या आप मेरे नंगे जिस्म को अपने से लिपटा कर मेरी चूचियों को दबाने और चूसने के बाद इतने पर छोड़ देंगे ओरल और इंटरकोर्स नहीं करेंगे। मैं: जानूं मुझे तुम्हारे मुंह से सुनना अच्छा लगता है प्लीज बताओ ना ओरल और इंटरकोर्स कैसे किया उन्होंने फिर हम भी उनकी तरह से ही करेंगे। नव्या : मुझे बेशर्म बनाना चाहते हैं तो सुनिए रीना के भैया ने रीना की दोनों चूचियों को अपने हाथ में भर बहुत जोर जोर से टीपने लगे दबा दबा कर उसकी चूचियां लाल कर दी वह मजे से कराह रही थी आ आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है उफ़ मां मर गई फिर भैया ने उसकी एक चूची को अपने मुंह में भर लिया और दूध पीने लगे वह बीच-बीच में हल्के से निप्पल को काट ले रहे थे और उनके निप्पल काटने से रीना चिहुंक जाती थी और चिल्ला पडती थी आह उफ़ उई मां भैया आराम से पीओ काटो मत मुझे दर्द हो रहा है भैया प्लीज आप आराम से पीना काटना नहीं मेरे निप्पल बहुत सॉफ्ट है खून जम जाएगा आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है आह उफ़ उई मां भैया आर.. र … आराम से चूसो प्लीज आप लड़कों को निप्पल काटने में इतना मजा क्यों आता है और हम तड़प जाती हैं आप मुझे इस तरह सताएंगे तो मैं आपको रीना की कहानी नहीं बताऊंगी और कुछ भी नहीं करने दूंगी मैं: सॉरी बेबी मैं आराम से करूंगा लेकिन तुम्हारा दूध पीने मैं बहुत मजा आ रहा है और चूसते समय हल्के से दांत लग जाते हैं मैं जानबूझकर नहीं कर रहा आई लव यू बेबी, क्यों ना हम रीना और उसके भाई की तरह प्यार करें। नव्या: नहीं भैया मैं इंटरकोर्स नहीं करूंगी , मैं अपनी सील अपने भैया को बहुत ही स्पेशल मौके पर गिफ्ट करूंगी। मैं: आई लव यू बेबी मैं तुम्हारा साथ कोई जबरदस्ती नहीं करूंगा तुम जैसे चाहो फिर आगे रीना और उसके भाई ने क्या किया वह तो बताओ। नव्या: राजीव भैया ने खूब देर तक रीना की दोनों दूध काट काट कर पिए और उनको लाल नीला कर दिया बेचारी चीख चीखकर उनको को दूध पिलाती रही। फिर वो राजीव भैया को नीचे लेटा कर उनके ऊपर चढ़कर लेट गई और उनके निप्पल को पीने लगी। अब नव्या ने मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरे उपर आ गई और मेरे निप्पल को चूसने लगी और मेरे निप्पल को अपने मुंह में भर लिया और चाटने लगी मुझे बहुत तेज गुदगुदी हो रही थी मैं भी आ आ सीसी कर रहा था नव्या ने मेरे निप्पल को हल्का सा दांत से दबाया तो मैं चिहुंक गया फिर उसने मेरी पूरी निप्पल को अपने मुंह में भरकर काट लिया तो मैं : चीख पडा) आह उफ़ उई जानू आराम से करो बहुत मज़ा आ रहा है आई लव यू बेबी दूसरे निप्पल को भी दबाओ उसे भी चूसो बहुत मज़ा दे रही हो मेरी जान आ आ आई ओ मां आई लव यू बेबी ऐसे ही करते रहो। नव्या: भैया सेम टू सेम से मुझे भी मजा आता है मुझे दर्द भी होता है। फिर राजीव भैया ने रीना की टांगों को फैला कर उसकी जांघों के बीच में आकर उसकी बुर पर झुक गए और रीना की नन्ही सी कुंवारी बुर को अपने मुंह में भरकर पीने लगे और रीना ने उनके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके भैया ने उसकी बुर का पानी जीभ से चाट चाट कर पी लिया। मैं: रीना को तो बहुत मजा आया होगा ना नव्या : शर्माते हुए) हां भैया उसे बहुत मज़ा आया था। मैं: बेबी आओ हम भी ओरल सेक्स करते हैं ना बेबी तुझे भी बहुत मज़ा आयेगा। नव्या: भैया आपकी बातों से मेरा मन भी बहकने लगा है आप भी मेरी बुर पीना चाहते हैं आई लव यू भैया बोलकर वह शर्मा गई मैं उठ कर बैठा और मैंने उसकी पैंटी उतारने की कोशिश की तो उसने भी अपने चूतड़ों को उठाकर सहयोग किया। नव्या: लीजिए भैया मैंने भी आपके लिए अपनी टांगें खोल दी है आईये मेरी रसगुल्ला बुर का पूरा रस निचोड़ लीजिए। कहकर नव्या नीचे लेट गई और अपनी जांघों को दूर तक फैला दिया मुझे अपनी जांघों के बीच में ले लिया मैंने मैं अंधेरे में ही उसकी टांगों को चौड़ा किया और उसकी बुर को सूंघने लगा फिर मैंने उसके ऊपर अपनी जीभ चलाई वह एकदम से सिहर गई। नव्या: आ आ भैया क्या कर रहे हो बड़ी गुदगुदी लग रही है सी ई मत करो। मैं 69 पोजिशन में आ गया और बोला मैं: जानू मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर सहलाओ तुझे मजा आएगा और मुझे अपनी बुर पीने दे उसने कोई हरकत नहीं की तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर लैंड पर रख दिया और मुट्ठी में पकड़ा कर सहलाने लगा थोड़ी देर बाद वह खुद मेरे लैंड को सहलाने लगी मुझे मजा आने लगा था मैं: बेबी उसको मुंह में लॉलीपॉप की तरह से चूसो। नव्या: नहीं भैया मुझको अच्छा नहीं लगता। मैं: बेबी पहले किस करो फिर जीभ से चाटो उसकी खुशबू लो तुम को अच्छा लगेगा फिर रसगुल्ले को मुंह में भरकर चूसो मज़ा आयेगा। मुझे तुम्हारे बुर की खुशबू पागल बना रही है कितना मज़ा आ रहा है नव्या: ठीक है भैया मैं कोशिश करती हूं आप मेरी बुर में अपनी जीभ डालकर चूसो बहुत मज़ा आ रहा है उई मां बड़ी गुदगुदी लग रही है आ आ और अंदर भैया हां हां और थोड़ा सा मैं: बेबी मुंह में लो और चूसो आह आह बड़ा मज़ा आ रहा है पहले मैं तेरे बुर को पी लूं फिर तुझे अपनी क्रीम रोल खिलाऊंगा नव्या ने मेरे सिर को अपनी बुर पर जांघों से कस लिया और पानी छोड़ने लगी मैं सारा पानी चाट चाट कर पी गया बहुत ही बढ़िया था कुछ नमकीन सा कसैला थोड़ा सा मीठा........... जैसे कच्चे नारियल का पानी। बहुत ही स्वादिष्ट। मैं: नव्या कैसा लगा अपनी बुर पिला कर खूब सारा पानी आया था बहुत ही स्वादिष्ट है तेरी बुर का पानी। नव्या: भैया मैं तो हवा में उड़ गई थी झड़ने पर बहुत मज़ा आया और आपकी जीभ ने क़माल कर दिया। आई लव यू भैया आई लव यू इतना प्यार करने के लिए। मैं: चल अब तुझे और मजा देता हूं मैं खड़ा होता हूं तुम नीचे बैठ कर मेरे लंड को अपने मुंह में भरकर चूसो। नव्या: मुझे अच्छा नहीं लगता पर आज आपने इतना मज़ा दिया है मैं मना नहीं कर सकती नव्या ने मेरे लंड को अपनी हथेलियों में सहलाकर पकड़ा और बोली नव्या : भैया ये तो बहुत बड़ा और मोटा लग रहा है मेरी हथेलियों में नहीं आ रहा। उफ़ भैया ये रसगुल्ला कितना मोटा है मेरे होंठों में नहीं जा रहा। मैं: चाटो बेबी मुंह में लेने की कोशिश करो। आह तुम्हारे कोमल हाथों में जादू है नव्या ने सुपाड़ा अपने मुंह में ले लिया और उसके होंठ पूरे खुले हुए थे मुझे मज़ा आने लगा मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और मुंह में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा नव्या: ऊं....ऊं गूं ...गूं ऊ उक आह भैया आराम से चूसने दो उम्म आ मैं: बेबी इसको पूरा अन्दर तक लो मज़ा आ रहा है मैंने नव्या के मुंह से और अंदर डाल दिया और फिर सिर को पकड़ कर अपने लंड को पूरा उसके मुंह से घुसा दिया वो तड़प उठी लंड उसके गले में उतर गया उसकी आंखों में आसूं आ गया और मैं उत्तेजना में उसके मुंह को चोदने लगा और सारा वीर्य उसके गले में डाल दिया। फिर अपने लंड को बाहर निकाल लिया। नव्या: आप क्या कर रहे थे भैया मेरी सांसें रूकने वाली थी आई हेट यू कह कर रोने लगी मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा फिर वो बोली मैं मर जाती तो मैं: तेरा भैया तुझे बहुत प्यार करता है वो मरने नहीं देगा आज पहली बार हमने ओरल सेक्स किया है तुम्हे कितना मज़ा आया नव्या: शर्माते हुए) आई हेट यू जानूं तुमने मेरी जान निकाल दी थी पर बहुत मज़ा आया। भैया अब सो जाईए रात तभी भैया का फोन बज फोन उठा कर देखा तो मां का फोन था मां: तुम लोग दिल्ली ठीक से पहुंच गए वहां पहुंचकर फोन नहीं किया मुझे बड़ी चिंता हो रही थी मैं सो भी नहीं पा रही मैं: मां हम लोग 6:00 बजे दिल्ली पहुंच गए थे और होटल में चेकिंन करते हुए 7:00 बज गए थोड़ा फ्रेश हुए और फिर डिनर करने निकल गए अभी हम आपको फोन करने ही वाले थे । मां: मुझसे झूठ मत बोलो मुझे पता है तुम लोग भूल गए थे अपनी मस्ती में डूब गए मां का जरा भी ख्याल नहीं रहा कि मैं कितनी परेशान हो रही होगी। मैं: सॉरी मां मुझे माफ कर दो मां : कोई बात नहीं तुम लोग कैसे हो तुमने नव्या से बात की वह कुछ घुल मिल रही है तुमसे मैं चाहती हूं कि तुम उसे खूब प्यार करो, तुम समझ रहे हो ना मैं क्या कह रही हूं उसे खूब प्यार से खुश कर दो। मैं: मुझे थोड़ा समय दो मैं आपको निराश नहीं करूंगा नव्या को शीशे में उतारकर आपकी इच्छा पूरी करूंगा। मां: नव्या से बात कराओ नव्या बेटा रास्ते में परेशानी तो नहीं की बेटा खूब इंजॉय करना खूब सारी शॉपिंग करना मैंने भैया को बोल दिया है तुम्हें जो भी कुछ चाहिए भैया से कहना वह सब दिला देगा और भैया की सारी बातें मानना भैया तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हें घुमाने ले गया है और अभी इंडोनेशिया भी लेकर जाएगा तुम्हारा कितना ख्याल रखता है तुझे भी उसकी खुशी का ख्याल रखना चाहिए उसे कुछ अच्छा सा गिफ्ट पूछ कर दे देना नव्या: अगर भैया ने कुछ ऐसा मांगा जो मैं ना दे सकूं तो क्या करूंगी मां: तेरा भैया बहुत समझदार है मैं तुझे वही मांगेगा जो तेरे पास होगा अपने भैया का पूरा भरोसा रख। नव्या: ठीक है मां आप जैसा क्या है मैं वैसा ही करूंगी मां: ठीक है अब मैं रखती हूं तुम लोग सो जाओ कल बात करते हैं ओके गुड नाइट स्वीट ड्रीम्स स्वीट मेमोरीज लव यू मेरे बच्चों मै: नव्या मां क्या कह रही थी नव्या: कुछ नहीं भैया वह कह रही थी एक दूसरे का ख्याल रखना और मैं आपसे पूछ कर आपको कोई अच्छा सा गिफ्ट दे दूं । चलिए भैया अब सो जाते हैं मैं: नव्या अभी नींद नहीं आ रही है क्या तुम सोना चाहती हो नव्या:भैया नींद तो मुझे भी नहीं आ रही है नव्या ने मेरे सीने पर अपना सर रख लिया था और एक हाथ से मेरे निप्पल को सहला रही थी जिससे मेरा मन मचलने लगा मैं: नव्या ओरल के बाद राजीव और रीना ने इंटरकोर्स किया वह कैसे हुआ प्लीज बताओ ना नव्या: आप मुझसे मेरी सहेली और उसके भाई के इंटरकोर्स के बारे में पूछ रहे हैं फिर आप मुझसे भी चाहेंगे कि मैं भी आपके साथ इंटरकोर्स करूं। मैं नहीं नव्या मैं तुम्हारी इच्छा के बिना कुछ भी नहीं करूंगा लेकिन मैं जानना चाहता हूं की राजीव ने रीना के साथ कैसेचुदाई की। नव्या : भैया आप इस तरीके से लोकल लैंग्वेज में बात ना करें मुझे बहुत शर्म आती है यह चुदाई क्या होता है मैं: बेबी लोकल लैंग्वेज में बात करने से मज़ा और दोगुना हो जाता है अगर तुम और मजे लेना चाहती हो तो अबसे लोकल लैंग्वेज में ही बात करेंगे तुम्हें मेरी कसम। नव्या: जानू लगता है कि अपने जैसे कसम खा ली है मुझे बेशर्म बनाने की चलिए आपकी खुशी के लिए मैं भी लोकल लैंग्वेज में बात करने की कोशिश करूंगी मैं: बेबी मुझे भूख लग रही है प्लीज मुझे दूध पिला दो नव्या : भैया इतनी रात में तो दूध नहीं मिल पाएगा मैं: क्यों नहीं मिल पाएगा मुझे दो टांगों वाली बछिया का ताजा-ताजा दूध पीना है मेरी बछिया मेरी गोद में है और मुझे उसका ताजा मीठा दूध पीना है नव्या: शर्मा गई ) धत् आप कितने गंदे हैं अपनी बहन को बछिया बोल रहे हैं और उसके दूध को पीना चाहते हैं भैया आप अपनी रोमांटिक प्यारी प्यारी गंदी बातें कैसे कर लेते हैं आई लव यू बाबू यह सुनकर मैंने उसको लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके निप्पल को मुंह में भर लिया और दूध पीने लगा नव्या:आ आ आह उई मां भैया थोड़ा आराम से पियो इतनी जोर से मत चूसो मुझे दर्द हो रहा है मैं: आगे बताओ ना रीना और राजीव की चुदाई कैसे हुई नव्या: तो सुनिए ओरल के बाद राजीव भैया ने रीना को अपने नीचे लिटा लिया और उसके दूध यानी कि उसकी चूची मुंह में भरकर पीने लगे दोनों फिर से गर्म हो गए फिर राजीव भैया ने रीना टांगों को फैला दी और उसकी टांगों के बीच में आ गए फिर रीना की गांड़ के नीचे अपना तौलिया बिछा दिया। भैया आप मेरा दूध पी रहे हो मुझे भी कुछ-कुछ हो रहा है और मैं महसूस कर रही हूं कि आपका लंड अपनी औकात में आ रहा है मुझे लगता है कि इसके इरादे सही नहीं है मैं: बेबी इसके इरादे और नियत दोनों सही है यह भी तुमको प्यार करना चाहता है जैसे रीना को उसके भैया ने किया था लेकिन मैंने इसको समझा रखा है कि बिना तुम्हारे इच्छा के कुछ भी नहीं करेगा। नव्या: भैया मैं भी अपनी बुर की सील खुलवाना चाहती हूं लेकिन मैं आपको अपनी सील बहुत ही खास मौके पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज कुछ ऐसा कीजिए जिससे मेरी यह इच्छा भी पूरी हो जाए 15 दिन बाद आपका बर्थडे है हम उसे समय इंडोनेशिया में होंगे मैं वही आपसे अपनी सील खुलवाना चाहती हूं मैं आपको अपनी सील आपका बर्थडे पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज क्या आप मेरी इच्छा पूरी करेंगे। मैं: आई लव यू बेबी तुम मुझे कितना प्यार करती हो मुझे नहीं पता था तुमने अपनी सील मेरे लिए बचा कर रखी थी तो मैं ही इसको तोडूंगा आई लव यू और तुम्हारी इच्छा से तुम्हारी बर्थडे के दिन ही मैं सील लूंगा। तुम आगे बताओ राजीव ने रीना की चूची पी और दोनों गर्म हो गए उसके बाद कैसे उसने रीना की सील तोड़ी मुझे यह जानना है नव्या: बताती हूं भैया ठंड रखो, आप तो बहुत बेसब्र हो रहे हैं गर्म होने के बाद राजीव भैया ने रीना की जांघो को फैला दिया उसकी जांघों के बीच में बैठ गए फिर अपने 6 इंच के लंड के सुपाड़े को रीना की बुर पर रगड़ने लगे और वह बेचैन हो उठे वह अपना सुपाड़ा रीना न की बुर की पर रगड़ रहे थे फिर धीरे से उन्होंने रीना की बुर में एक धक्के में लंड का सुपाड़ा अंदर घुसा दिया वो दर्द से कराह उठी वो रुक गये और फिर थोड़ी देर बाद दूसरा धक्का लगाया और तीन इंच और अंदर ठोंक दिया रीना तड़प उठी वो रोने लगी कि भैया प्लीज़ आप मुझे छोड़ दो बाहर निकल लो मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है उसके भैया ने कहा रीना बस बस हो गया अब तुझे मजा आने लगेगा और उसके होंठों को चूसने लगे और धीरे धीरे लंड को अंदर-बाहर करते हुए 5 इंच अन्दर डाल दिया अब रीना की बुर की झिल्ली पर लंड को भैया महसूस करने लगे रीना को अब मज़ा आने लगा था भैया ने रीना को कहा रीनू थोडा सा बचा है डाल दूं रीना को होने वाले दर्द का अंदाजा नहीं था वो बोली डाल दो भैया बडा मजा आ रहा है मैं: नव्या क्या हम थोड़ा सा कर ले रीना और राजीव की चुदाई का वर्णन सुनकर मेरा मन भी तुम्हें चोदने का हो गया है तुम्हारा भी मन है मेरा भी लंड खड़ा हो गया है सिर्फ थोड़ा सा सुपाड़ा डालकर चोदूंगा सील नहीं तोडूंगा आई लव यू मेरी बहना प्लीज मुझे तेरी बुर में सुपाड़ा डालने की परमिशन दे हैं आई लव यू नव्या: भैया मन तो मेरा भी कर रहा है लेकिन मैं अपनी सील आपको आपके बर्थडे के दिन गिफ्ट करना चाहती हूं मैं: नव्या एक काम करें क्यों ना मैं तेरी बर्थडे की पार्टी आज ही कर लूं और इंडोनेशिया में हनीमून मना लेंगे आई लव यू मेरी बहना मेरी जान अपने भैया के लिए इतना तो कर ही सकती हो वैसे मम्मी ने भी तुम्हें मेरी पसंद का गिफ्ट देने की यह कहा है। नव्या: भैया मम्मी ने गिफ्ट दिलाने की बात की थी बुर देने के लिए थोड़े ना कहा था मैं यह आपको आपके बर्थडे पर देना चाहती हूं प्लीज मान जाइए ना आप ज़िद करेंगे तुम्हें बहक जाऊंगी और आपको अपनी बुर की सील देने के लिए अपने टांगे खोल दूंगी प्लीज भैया मैं: मुझे तेरी सील पैक कुंवारी बुर पसंद है मैं तो तेरी बुर ही गिफ्ट में चाहता हूं अगर तू मुझसे इतना प्यार करती है तो ठीक है मुझे आज अपनी सील मत तोड़ने दे लेकिन सुपाड़ा घुसा कर थोड़ी सी प्रैक्टिस कर लेने दे तुझे भी बहुत मजा आएगा नव्या: आई लव यू भैया अब यह सील पैक कुंवारी बुर आपकी है आप जैसा ठीक समझे आज नहीं तो 15 दिन बाद मुझे आप ही को देनी है यह आपकी अमानत है लेकिन मेरी इच्छा का मान रखेंगे तो मुझे भी अच्छा लगेगा मैं:आई लव यू मेरी बहन तू भी अपने सहेली रीना की तरह और मेरे सुपारी को अपने बुर के छेद पर लगा के पकड़ इसलिए कि मैं ज्यादा ना घुसा पाऊं मैं तेरी सील आज नहीं तोडूंगा हम दोनों मजा करेंगें और उनकी भी कहानी सुनाती रहे तो ज्यादा मजा आएगा नव्या: भैया, राजीव भैया ने रीना कीबुर में झिल्ली को 5 इंच अंदर लंड घुसने के बाद महसूस आया था तो इतना आप भी कर सकते हो। मैं: ठीक है जानू मैं ख्याल रखूंगा लेकिन जैसे ही सुपाड़ा तुम्हारी झिल्ली तक पहुंचे मुझे बता देना आई लव यू बेबी मैं तुम्हारी जैसी बहन का धन्य हो गया नव्या: भैया मैं आपके लंड का सुपाड़ा अपनी बुर पर लगा दिया है धीरे से धक्का लगाइए उसको मेरी बुर में घुसा दीजिए सी सी ई आ भैया धीरे से करिए दर्द हो रहा है। मैं: बेबी एक बार सुपाड़ा अंदर घुस जाने दो थोड़ा सा जांघों को ढीला छोड़ दो आह बेबी तेरी बुर बहुत टाइट है आई लव यू नव्या: भैया बहुत दर्द हो रहा है कुछ लगा लो मेरे पर्स में कोल्ड क्रीम निकालकर मेरी बुर में और अपने लंड पर लगा लीजिए तो आराम से घुस जाएगा लाइए मैं लगा दूं नव्या ने थोड़ी सी क्रीम अपनी बुर और मेरे लंड पर लगा कर सुपाड़ा को फिर से अपनी बुर के छेद पर टिकाया और धीरे से बोली अब भैया मैंने इसकी गर्दन पकड़ ली ये इधर उधर नहीं फिसलेगा घुसा दो, मैंने धीरे से धक्का लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर के छेद को फैला कर अंदर घुस गया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया सुपाड़ा अन्दर चला गया मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू। मैं: ठीक है बेबी , पुचच् पुच्ची उम् आ कितना अच्छा लग रहा है मेरा सुपाड़ा तेरी बुर में फस गया है तेरी कुंवारी बुर बहुत टाईट है बेबी आई लव यू। बोलते हुए मैं सुपाड़े को धीरे धीरे अंदर-बाहर कर रहा था और उसके निप्पल को मुंह में चुभला रहा था 2 मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा उसकी दर्द वाली सिसकारियां आनंददायक सिसकारियों में बदल गई। नव्या: सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मुझे दर्द थोड़ा कम हो गया है और अच्छा सा लग रहा है इसी तरह निप्पल चूसते हुए धीरे धीरे अंदर-बाहर करते रहिए आ उह् … सी… सी….ई उम्म…. आ.. धीरे धीरे मज़ा आ रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्ची मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आह आ सी….ई उम्म…. आ .. तुम्हारी बुर कितनी गर्म है अंदर कितनी चिकनी है जानू थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं मज़ा आयेगा आ आह। नव्या:आई लव यू भैया मुझे इतना प्यार करने के लिए कितना अच्छा लग रहा है थोड़ा सा और अन्दर डाल दो लेकिन धीरे-धीरे आऊ ...आ …आह… इ मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए 3 इंच अंदर तक घुसा कर चोदने लगा नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर नाभी के नीचे ऊपर नीचे चलता हुआ लग रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च पुच मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आ आई लव यू बेबी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च बेबी तुम्हारे निप्पल से दूध आ रहा है पीने में मस्त मीठापन है जानू राजीव और रीना ने आगे क्या किया नव्या:सी… सी….ई उम्म…. भ..भ्.. भैया…. वो दूध नहीं है अआ दूध तो बच्चे पैदा होने पर आता है लेकिन आपको द..दूध आ चूची पिलाने से आपके लंड की शैतानियों आ.. अ उ … और मजा आ रहा है भैया मज़ा लेने दो किसी और की बात न करो मेरे राजा आई लव यू टू राज्जा.. मैं: आ अ अगर बताओगी तो और भी ज्यादा मजा आएगा नव्या: रीना को बहुत मज़ा आ रहा था राजीव भैया बोले एक बार थोड़ा सा दर्द करेगा अब मैं तेरी सील पैक बुर की सील खोलूंगा रीना बोली खोल दो मेरी सील भैया मैंने आपके लिए ही बचाकर रखी है आई लव यू भैया। और उसके भैया ने उसकी टांगों को उठाया और अपने कंधों पर रख कर उसे अपनी बाहों में भर लिया वो हिल भी नहीं सकती थी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर एक जोरदार धक्का लगाया और भैया का लंड रीना की सील तोड़ता हुआ अन्दर तक बच्चेदानी में घुस गया रीना बहुत जोर से चीख पड़ी आंखों से आंसू निकलने लगे पर उसकी चीख भैया के मुंह में घुटकर रह गई वो बेहोश हो गई उसकी बुर से खून का फौवारा निकल पड़ा। रीना के भैया ख़ून देखकर बहुत खुश हो गए कि उन्होंने अपनी बहन की सील खोली। मैं : ये तो बहुत मजेदार चुदाई है रीना को बहुत मज़ा आया होगा फिर तो रीना को होश कब आया। नव्या: कितनी दर्दनाक थी रीना की सील टूटना और आपको मजेदार लगा इसी लिए कहते हैं सब मर्द एक जैसे होते हैं सील तोड़ने में सबको मजा आता है। थोड़ी देर बाद रीना होश में आई और कराहती हुई बोली भैया आपने अपनी बहन की सील तोडी आपको तो बहुत मजा आया, लेकिन मेरी सज़ा हो गई भैया बोले आई लव यू रीना आई लव यू टू भैया, थोड़ी देर बाद रीना को भी मज़ा आने लगा वो भी सिसकारियां भरने लगी ये रीना की पहली चुदाई थी। मैं: बेबी, कैसा लगा रहा है अपनी सील पैक कुंवारी बुर में अपने भैया का लंड लेकर सी… सी….ई उम्म…. आ नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, बहुत मज़ा आ रहा है सी… आ अब दर्द बहुत कम हो गया इस दर्द में मज़ा मिल रहा है सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मेरी बुर में से पानी निकल रहा है थोड़ा सा और अन्दर डालिए मैं: अ आह बेबी इसी तरह से खुल कर बात करने से मज़ा बढ़ जाता है अभी 3 इंच तेरी बुर में है मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल ल रहा हूं मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए लगभग 4 इंच लंड अंदर डाल दिया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर सील तक पहुंच गया और सील को बार-बार टच कर रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ आह और अंदर मत डालना नहीं तो मेरी सील टूट जाएगी और गिफ्ट नहीं कर पाऊगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च हां भैया इसी तरह धीरे-धीरे अंदर-बाहर करिये भैया आ… आ… आह…बहुत मज़ा आ रहा है मैं: हां बेबी, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है तेरी चिकनी बुर में फस फस कर चुदाई कर रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, और मजे करने है तो थोडा सा और डाल दूं। नव्या: आई लव यू भैया आप बहुत अच्छे हो आपका पूरा कंट्रोल है आपकी फीलिंग पर, राजीव भैया ने तो अब तक बेरहमी से रीना की सील तोडी डाली थी और आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं जिससे अभी तक मुझे कोई बहुत ज्यादा तकलीफ़ नहीं हुई, भैया मन तो मेरा भी कर रहा है पर सील टूट जाएगी तो आपको बर्थडे पर क्या गिफ्ट करूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, मैं : अभी और आज के मजे करने के बारे में सोचो बर्थडे गिफ्ट में हम हनीमून साथ में मना लेंगे वह भी इंडोनेशिया में बहुत मजा आएगा तुम मुझे सील गिफ्ट कर रही हो ना पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी. नव्या: ठीक है भैया जब हम दोनों चाहते हैं तो आप आज ही ले लीजिए मेरे बुर की सील भैया आपका लंड बहुत बड़ा है अभी कितना अंदर है मैं: अभी तो केवल 4 इंची अंदर गया है बेबी जब तुम्हारी सील तोड़कर पूरा अन्दर तक बच्चेदानी में घुस कर चुदाई करेगा तो तुम्हें बहुत मज़ा आयेगा। पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: भैया, अभी थोड़ा मीठा मीठा प्यारा सा दर्द है पूरा घुस कर ये जालिम मेरी बुर को फाड़ता हुआ मेरी बच्चेदानी में घुसेगा तो बहुत दर्द होगा ना मैं मर जाऊंगी बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगी अपका लंड बहुत बड़ा और मोटा है रीना अपने भैया के 6 इंच के लंड से बेहोश हो गई थी आपका तो 9 इंच लम्बा है। मेरा मन भी कर रहा है पर मैं डरती हूं। मैं: डरो मत बेबी मैं हूं ना मैं सब संभाल लूंगा सील टूटने में पहली बार तो दर्द होगा ही उसके बाद फिर मजा ही मजा मिलेगा जैसे तुम्हारी सहेली रीना को मिल रहा है नव्या:आई लव यू भैया मुझे होने वाले दर्द को सोच कर बहुत डर लग रहा है मैं: बेबी मुझे प्यार करती हो मुझ पर नहीं भरोसा है क्या नव्या: बहुत प्यार करती हूं भैया और आप पर अपने से ज्यादा भरोसा है पर ये आपका ज़ालिम लौड़ा, इस पर नहीं हो रहा। कितना बड़ा और खतरनाक है और कितना प्यारा भी, मेरी बुर में घुस कर मुझे प्यार करते करते आज सील तुड़वाने के लिए मना रहा है दर्द भी दिया और प्यार भी कर रहा है। ये मेरी बुर के साथ मेरी जान भी ले लेगा मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, ये सिर्फ सील तोड़ते समय ही दर्द करेगा फिर इतना प्यार करेगा इतना मज़ा देगा कि तुम फिर कभी इसे अपने से अलग नहीं करोगी रोज इससे प्यार मांगोगी।। नव्या:आई लव यू भैया, मैं आप पर भरोसा कर के आपको अपनी कुंवारी सील पैक बुर दे रही हूं आप अपने लौड़े को कंट्रोल करना ये मेरी बुर ले मेरी जान नहीं। मैं दर्द को बर्दाश्त कर लूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आप इसे निकाल कर इस पर और क्रीम लगा लो मेरी बुर में भी क्रीम भर दो मैं : ठीक है मेरी जान जैसी मेरी राजकुमारी की आज्ञा आई लव यू फिर मैंने नव्या के चूतड़ों को उठा कर तकिया लगाया और उस पर तौलिया बिछाकर उसकी बुर में क्रीम लगा दी और अपने लंड पर भी क्रीम लगाने के बाद उसकी पैंटी को उसके सिर के पास रख दिया मैं: बेबी, तैयार हो अपने भैया को बुर की सील गिफ्ट देने के लिए। नव्या: पुचच.पुच्च आओ भैया ले लो मैं नव्या के ऊपर लेट गया और उसे ढेर सारे किस करने के बाद उसकी चूचियों को सहलाने मसलने लगा और फिर उसके कान में धीरे से बोला जानू अपने मुंह में पैंटी डाल लो थोड़ा सा दर्द करेगा मैं दर्द को बहुत जल्दी मज़े में बदल दूंगा नव्या की आंखों में डर दिखाई पड़ रहा था मैंने उसे चूमते हुए भरोसा दिलाया कि मैं हूं उसने अपने मुंह में पैंटी डाल ली तो मैंने उसकी जांघों को सैट कर उसके हाथ के पंजों को सिर के पास रख कर अपने हाथ के पंजों में फंसा कर जकड़ लिया और उसे बोला। मैं: बेबी अपने भैया को अपनी बुर में जगह देने के लिए उसके रसगुल्ले को अपनी कटोरी पर रखो और दो मिनट बाद मिलने वाले आनंद की कल्पना में डूब जाओ कह कर मैंने एक धक्का धीरे से लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर में आराम से चला गया नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां धीरे धीरे से डालो… आ आ..ह . अ उफ भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च फिर 6-7 बार लंड को अंदर बाहर करने के बाद मैंने नव्या को कस कर पकड़ा और एक जोर का धक्का लगाया तो 1 इंच लंड और अन्दर तक चला गया नव्या कराह उठी नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे लग रही है उ…. उई……… मां मैं: बेबी, तैयार हो जाओ अब तुम्हारी सील टूटने वाली है नव्या ने आंखों से मौन स्वीकृति दी उसकी आंखों में एक अजीब सा डर और खुशी का मिश्रित भाव था मैंने उसके मुंह से पैंटी निकाल दी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा फिर एक जोरदार धक्का पूरी ताकत से मारा तो लंड 2 इंच और अंदर घुस गया मुझे लगा जैसे मेरे लंड पर कसा कोई रबड़ बैंड टूटा हो नव्या एकदम दर्द से तड़प उठी और मुझे अपने से दूर धकेलने की नाकाम कोशिश करने लगी मैंने उसे मजबूती से पकड़ रखा था नव्या दर्द से तड़प गई उसका बदन ऐंठ गया आंखें फैल गई दर्द की वजह से उसकी आवाज़ नहीं निकल पा रही थी वह नीम बेहोशी की हालत में पहुंच गई मुझे एहसास था कि नव्या को इस तरह से दर्द होगा बेचारी की नाज़ुक कुंवारी सील पैक बुर में पहली बार 6 इंच लम्बा मोटा लंड घुस कर उसकी सील तोड़ा था बुर एक दम मेरे लंड पर कसी हुई थी मैंने लंड को वही पर रोक दिया। मुझे इस समय बहुत मज़ा आ रहा था आज के समय में जिसे बुर की सील तोड़ने को मिले वह बहुत लकी होता है मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब और नहीं डालूंगा हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह तूने अपनी सील मुझे गिफ्ट कर दी थैंक यू बेबी आई लव यू अब नव्या को धीरे धीरे सेन्स आ रहा था उसके होंठ हिलने लगे वो कराह रही थी मैंने नव्या के निप्पल को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा उसे थोड़ी सी राहत मिली और वो बोली नव्या: आ आह उई मां भैया मैं मर जाऊंगी सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैया बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई आपने मेरी सील तोड दी बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरी सील मैंने आपको दे दी मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. आपको मज़ा आया मैं: हां बेबी मुझे बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है? नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू भैया अभी तो ये मेरी सज़ा लग रहा है दर्द थोड़ा सा कम हो गया पर अभी भी बहुत दर्द है आप और अंदर मत डालना प्लीज आ… आ.. आ.ह.. सी… मैं: धीरे-धीरे अंदर-बाहर करता हूं तुझे अभी मज़ा आने लगेगा तेरी बुर बहुत कसी हुई है बेबी मज़ा आ गया थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को हिलाने लगी उसकी सिसकारियां और कराहने की आवाज मजे वाली हो गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया यह तो जादू हो गया अब बहुत अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू मैं: बेबी और मजा लेना है क्या मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं बस 3 इंच बचा है जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक पूरा मजा नहीं मिलेगा पूरा मजा लेने के लिए थोड़ा सा दर्द और बर्दाश्त करना होगा पुचच्… पुचच. उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: नहीं नहह नहीं भैया और अंदर मत डालना मुझे अभी की तकलीफ हो रही है हां थोड़ा सा मजा ही मिल रहा है लेकिन मैं और अंदर नहीं ले सकती प्लीज आई लव यू बाबू। मैं: बेबी, जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक तुम्हें पूरा मजा नहीं मिलेगा और हम जब भी कोशिश करेंगे तुम्हें यह दर्द बार-बार सहन करना पड़ सकता है इसलिए मैं तुम्हारे फायदे के लिए समझा रहा हूं की अभी थोड़ा सा बर्दाश्त कर लो फिर दोबारा कभी दर्द नहीं होगा। नव्या: आप सही कह रहे हो पर मुझे बहुत डर लग रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, प्लीज आज और मत डालो कल डाल देना मैं ऑफ नहीं करूंगी और पूरा अंदर ले लूंगी तुम्हारी कसम बाबू। मैं: ठीक है बेबी अभी तो मज़े लो । 1मिनट में नव्या अपने चूतड़ों को उठाकर मेरे धक्कों से ताल मिलाने लगी मुझे समझ में आ गया कि उसको बहुत मज़ा आने लगा वो थोड़ा सा और अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी मुझे पूरा मजा लेना -देना था तभी नव्या: पुच्च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू बोलते हुए नव्या ने मुझे कसकर जकड लिया मैं समझ गया नव्या झड़ने वाली और इस समय अगर मैं पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दूं तो झड़ने के उन्माद में उसे दर्द कम होगा मैंने अपने मन को बहुत बड़ा किया और सोचा उसी की भलाई के लिए एक बार मुझे थोड़ी सी जबरदस्ती करनी पड़ेगी, मैंने अपना लंड उसकी बुर से बाहर खींच लिया और चूतड़ों को उठाने के लिए कहा तौलिया पर काफी खून गिरा था मैंने उससे बुर को साफ़ किया और मोड़ कर साफ़ तौलिया की तरफ से, तकिया सही करके उसके चूतड़ों के नीचे लगा दिया, थोड़ी सी क्रीम उसके बुर में लगाई और अपने लंड पर थोड़ी सी लगाकर वापस उसकी बुर में सुपाड़े को डालकर सेट किया फिर उसकी जांघों को अपनी जांघों पर चढाकर के ऊपर लेट किया उसे अच्छे से जकड लिया। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च आई लव यू बेबी, अब तुम्हें अपनी चुदाई आर्गेज्म मिलने जा रहा है इसको बहुत पूरे मन से ध्यान लगाकर फील करो। मैं चाहता था कि मैं अपने पहले आरर्गेज्म को यादगार के साथ संजोकर रखे इस लिए मैंने डिसाइड किया कि इसको आर्गैज़्म पूरी तरह एंजॉय करने के तुरंत बाद मुझे पूरा मज़ा लेने देने के लिए अपने पूरे लंड को इसकी बुर में डाल कर चोदना होगा। कल के लिए कुछ नहीं छोड़ना। नव्या तेजी से अपने पहले आर्गेज्म की तरह बढ़ रही थी नव्या: आ.. आ ..आह… हां… भैया.. यस्स…यस… और तेज भैया बहुत म् …. मज… मजा आ रहा है बहुत तेज ग.. ग.. गुद… गुदगुदी हो रही है आ … हां ऐसे ही करते रहो आ… आह… चीख कर ढीली पड़ने लगी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… चुदाई से पहला आर्गैज़्म मिलने की बधाइयां पुचच.पुच्च। नव्या: य्स यह भैया यू आर ग्रेट माई लव आई लव यू भैया आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी मैं आपके साथ पहली चुदाई जीवन भर याद रखूंगी आपने मुझे बहुत मजा दिया आपको भी आपकी बहन की सील तोड़ने की बहुत-बहुत बधाई पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म. पुच्च आई लव यू जानू। मैं: बेबी, अभी और मजा आयेगा तुम अभी दूसरा आर्गैज़्म एंजॉय करना चाहती हो आज के दूसरे आर्गैज़्म में बहुत मज़ा देगा पुचच्… पुचच.पुच्च उम् नव्या: भैया आपका अभी भी नहीं हुआ चलिए मेरे साथ आप भी अपना आर्गेज्म ले लो पुचच्… पुचच.पुच्च, मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया नव्या ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया था जिससे मेरा लंड आराम से फिसलकर नव्या की बुर में अपना जादू दिखा रहा था मैंने अभी तक और लंड नव्या की बुर में नहीं डाला था मैं चाहता था कि नव्या पूरे लंड को कम से कम दर्द में अपनी बुर में घुसा कर मज़ा ले मैंने नव्या को सही से तरह से जकड़ा और एक जोर का ठाप मारा मेरा लंड 1 इंच उसकी बच्चेदानी में घुस गया वो बेचारी दर्द से तड़प उठी और मेरी पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी, मैंने उसे अच्छी तरह से जकड़ रखा था उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर लाक करके एक जोरदार ठाप और मारी नव्या एकदम से बुरी तरह से तड़प उठी उसके मुंह से दर्द में गूं…गूं ऊं.. की आवाज निकल रही थी उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे वो ये सोच कर बहुत परेशान दिख रही थी कि अभी भैया ने कितने प्यार और आराम से सील तोडी और अब कैसे जबरदस्ती उसकी बुर फाड़ कर बच्चेदानी में घुसा रहे हैं वो कुछ समझ पाती उससे पहले ही मैंने एक और जोरदार धक्का मारकर अपना पूरा 9 इंच लंबा लंड बेचारी नव्या की नाज़ुक बुर में उसकी बच्चेदानी में घुसा दिया वो मुंह लाक होने से चीख भी नहीं सकी और दर्द से तड़प कर बेहोश हो गई मुझे एहसास था कि मेरे इतने बड़े लंड से नव्या बेहोश हो सकती है लेकिन यह इस समय बहुत जरूरी था सारे दर्द से एक बार में छुट्टी हो गई उसे अब कभी इतने दर्द हो नहीं सहना पड़ेगा। मैं बिना रुके लंड को पूरा निकाल कर फिर पूरा-पूरा उसकी बच्चेदानी में ठोक रहा था जिससे उसकी बुर रवां हो जाये। 20-25 धक्के लगाने के बाद नव्या को होश आने लगा वो दर्द से बिलख बिलख के रो रही थी नव्या: आ… आआ…आह… उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे…. भैया..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैय् … भै.… भैया मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे भैया बहुत ज़ालिम लौड़ा है आपका मुझे मार डाला रे उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब हो गया हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह मेरा पूरा 9 इंच लंबा लंड तेरी सील तोड़कर बच्चेदानी में घुस गया है बेबी आई लव यू। बस बस हो गया अब तुझे बहुत मज़ा आयेगा। मैं: बेबी अब तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है न? मुझे बहुत मज्जा आ रहा है थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को उचकाने लगी उसकी रोने वाली सिसकारियां मजे वाली सिसकारियों में बदल गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया सी..सी… धीरे-धीरे दर्द काफी कम हो गया अब अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है मुझे फिर से आर्गैज़्म होने वाला है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं नव्या की बुर में जोर-जोर से धक्के मरने लगा वो आह आह सी सी करती मजा ले रही थी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… बेबी मैं भी पानी छोड़ने वाला हूं कहां निकालूं रानी अपना पानी नव्या:पुचच….पुच्च पुचच. ..भैया थोड़ा तेजी से करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अपना पानी मेरी बच्चेदानी में भर दो मैं आपके प्यार को पूरा पाना चाहती हूं और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं : आई लव यू बेबी, वह तो ठीक है लेकिन अगर कहीं तुम प्रेग्नेंट हो गई तो दिक्कत हो सकती है मैं तुम्हें कोई दुख नहीं देना चाहता मैं बाहर निकाल लेता हूं। नव्या: पुचच….पुच्च मेरे राजा मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी मैं सेफ हूं कल रात ही मेरा पीरियड खत्म हुआ है अभी 5 दिन तक बिना किसी परेशानी के आपका वीर्य अपने बच्चेदानी में ले सकती हूं प्रेगनेंसी के चांसेस बिल्कुल नहीं हैं आपको पता है मैं आपको इसीलिए इतना प्यार करती हूं क्योंकि आपको अपने मजे से ज्यादा चिंता मेरी तकलीफ की है आई लव यू भैया इतना केयरिंग भाई हर बहन को मिले। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उ. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी राजकुमारी मैं भी तुझे बहुत प्यार करता हूं तूने मेरी खुशी के लिए अपनी कुंवारी सील पैक बुर में मेरा इतना बड़ा लंड घुसवा लिया आई लव यू पुचच.पुच्च इसके बाद 12-15 धक्कों में हम दोनों एक साथ छूट गए और पसीने से तरबतर होकर एक दूसरे को कस को पकड़ लिया, मैं हांफते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर धीरे से लेट गया थोड़ी देर चलने के बाद फिर से उसकी चूची को अपने मुंह में भरकर छोड़ने लगा वह मेरे सिर पर हाथ कर रही थी और बार-बार इस मजे को देने के लिए थैंक यू भैया थैंक यू भैया बोल रही थी मैं भी उसको आई लव यू थैंक यू मेरी राजकुमारी बोल रहा था थोड़ी देर बाद थोड़ा सा उसके ऊपर से उठा वह बोली भैया मुझे टॉयलेट जाना है बहुत दर्द है प्लीज मेरी हेल्प करो टॉयलेट कराने ले चलो मैंने उसे उठाया तो वह खून से सना तौलिया देखकर चौंक के बोली नव्या: शर्माते हुए) हाय राम ये क्या भैया आपने कितनी बुरी तरह मेरी बुर की सील तोडी है कितना खून निकला है आपके खूनी लौड़े ने मुझे कितना दर्द दिया है मैं: बेबी खून तो पहली बार निकलता ही है और दर्द भी पहली बार होता है उसके बाद तुम्हें कितना मजा आया तू अपने चूतड उठा उठा कर और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी याद है कि भूल गई। नव्या:पुचच….पुच्च मुझसे ज्यादा मुझे तो आप ले रहे थे कैसे मुझे जकड़ कर हुमच हुमच कर चोद रहे थे आई लव यू भैया और फिर से थैंक यू इस दर्दनाक मजे के लिए। फिर मैं नव्या को अपनी गोद में उठता बाथरूम ले गया और उसे टॉयलेट कराया हम बहुत थक गए थे हमने साथ-साथ नहाने के लिए हमने शावर को खोल कर नीचे खड़े हो गए और अच्छी तरह नहा धोकर फ्रेश होकर आए फिर नंगे ही बिस्तर में एक दूसरे के बाहों में एक दूसरे को चूमते हुए प्यार करते हुए सो गए क्योंकि सुबह 10:00 बजे वीजा के लिए इंडोनेशिया एंबेसी के ऑफिस में जाना था दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको यह कहानी बहुत पसंद आई होगी आप इस कहानी पर रिस्पांस देकर उत्साह वर्धन करें तभी आगे की कहानी लिखने में मजा आएगा इतने मन से कहानी को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
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म लोग शहर की घनी आबादी के एक Indian Sex Stories मध्यम वर्गीय मुहल्ले में रहते थे। वहां लगभग सभी मकान दो मंजिल के और पुराने ढंग के थे और सभी घरों की छतें आपस में मिली हुई थी। मेरे घर में हम मिया बीवी के साथ मेरी बूढ़ी सास भी रहती थी। य्ह कहानी मेरे पड़ोस में रहने वाले एक लड़के राज की है जो पिछ्ले महीने से ६-७ हमारे साथ वाले घर में किराये पर रहता था। राज अभी तक कुंवारा ही था और मेरा दिल उस पर आ गया था।

मेरे पति की ड्यूटी शिफ़्ट में चलती थी। जब रात की शिफ़्ट होती थी तो मैं छत पर अकेली ही सोती थी क्योंकि गरमी के दिन थे। राज़ और मैं दोनो अक्सर रात को बातें करते रहते थे। रात को छत पर ही सोते थे।

आज भी हम दोनो रात को खाना खा कर रोज की तरह छत पर बातें कर रहे थे। रोज की तरह उसने अपना सफ़ेद पजामा पहन रखा था। वो रात को सोते समय अंडरवियर नहीं पहनता था, ये उसके पजामे में से साफ़ ही पता चल जाता था। उसके झूलता हुए लण्ड का उभार बाहर से ही पता चल जाता था। मैंने भी अब रात को पेंटी और ब्रा पहनना बंद कर दिया था।

मेर मन राज से चुदवाने का बहुत करता था… क्युंकि शायद वो ही एक जवान लड़का था जो मुझसे बात करता था और मुझे लगता था कि उसे मैं पटा ही लूंगी। वो भी शायद इसी चक्कर में था कि उसे चुदाई का मजा मिले। इसलिये हम दोनों आजकल एक दूसरे में विशेष रुचि लेने लगे थे। वो जब भी मेरे से बात करता था तो उसकी उत्तेजना उसके खड़े हुए लण्ड से जाहिर हो जाती थी, जो उसके पजामे में से साफ़ दिखता था। उसने उसे छिपाने की कोशिश भी कभी नहीं की। उसे देख कर मेरे बदन में भी सिरहन सी दौड़ जाती थी।

मैं जब उसके लण्ड को देखती थी तो वो भी मेरी नजरें भांप लेता था। हम दोनो ही फिर एक दूसरे को देख कर शरमा जाते थे। उसकी नजरें भी जैसे मेरे कपड़ों को भेद कर अन्दर तक का मुआयना करती थी। मौका मिलने पर मैं भी अपने बोबे को हिला कर…या नीचे झुक कर दिखा देती थी या उसके शरीर से अपने अंगों को छुला देती थी। हम दोनो के मन में आग थी। पर पहल कौन करे, कैसे हो…?

मेरी छत पर अंधेरा अधिक रहता था इसलिये वो मेरी छत पर आ जाता था, और बहाने से अंधेरे का फ़ायदा हम दोनों उठाते थे। आज भी वो मेरी छत पर आ गया था। मैं छत पर नीचे बिस्तर लगा रही थी। वो भी मेरी सहयता कर रहा था। चूंकी मैंने पेंटी और ब्रा नहीं पहन रखी थी इसलिये मेरे ब्लाऊज में से मेरे स्तन, झुकने से उसे साफ़ दिख रहे थे… जिसे मैं और बिस्तर लगाने के बहाने झुक झुक कर दिखा रही थी। उसका लण्ड भी खड़ा होता हुआ उसके पज़ामे के उभार से पता चल गया था। मुझे लगता था कि बस मैं उसके मस्त लण्ड को पकड़ कर मसल डालू।

“भाभी… भैया की आज भी नाईट ड्यूटी है क्या…?”
“हां… अभी तो कुछ दिन और रहेगी… क्यों क्या बात है…?”
“और मां जी क्या सो गई हैं…?”
“बड़ी पूछताछ कर रहे हो… कुछ बताओ तो…!” मैं हंस कर बोली।

” नहीं बस… ऐसे ही पूछ लिया…” ये रोज़ की तरह मुझसे पूछता था, शायद ये पता लगाता होगा कि कहीं अचानक से मेरे पति ना आ जाएं।

हम दोनो अब छत की बीच की मुंडेर पर बैठ गये… मुझे पता था अब वो मेरे हाथ छूने की कोशिश करेगा। रोज़ की तरह हाथ हिला हिला कर बात करते हुए वो मुझे छूने लगा। मैं भी मौका पा कर उसे छूती थी।, पर मेरा वार उसके लण्ड पर सीधा होता था। वो उत्तेजना से सिमट जाता था। हम लोग कुछ देर तक तो बाते करते रहे फिर उठ कर टहलने लगे… ठंडी हवा मेरे पेटीकोट में घुस कर मेरे चूत को और गाण्ड को सहला रही थी… मुझे धीमी उत्तेजना सी लग रही थी।

जैसी आशा थी वैसा ही हुआ। राज ने आज फिर मुझे कुछ कहने की कोशिश की, मैंने सोच लिया था कि आज यदि उसने थोड़ी भी शुरूआत की तो उसे अपने चक्कर में फंसा लूंगी।

उसने धीरे से झिझकते हुए कहा -“भाभी… मैं एक बात कहूं… बुरा तो नहीं मनोगी ” मुझे सिरहन सी दौड़ गयी। उसके कहने के अन्दाज से मैं जान गई थी कि वो क्या कहेगा।

“कहो ना… तुम्हारी किसी बात का बुरा माना है मैंने…” उसे बढ़ावा तो देना ही था, वर्ना आज भी बात अटक जायेगी।

“नहीं… वो बात ही कुछ ऐसी है…” मेरे दिल दिल की धड़कन बढ़ गई। मैं अधीर हो उठी… मेरा दिल उछल कर गले में आ रहा था…

“राम कसम… बोल दो ना…” मैंने उसके चेहरे की तरफ़ बड़ी आशा से देखा।
“भाभी आप मुझे अच्छी लगती हैं…” आखिर उसने बोल ही दिया…और मेरा फ़ंदा कस गया।
“राज… मेरे अच्छे राज … फिर से कहो… हां… हां … कहो… ना…” मैंने उसे और बढ़ावा दिया।

उसने कांपते हाथों से मेरे हाथ पकड़ लिये। उसकी कंपकंपी मैं महसूस कर रही थी। मैं भी एकबारगी सिहर उठी। उसकी ओर हसरत भरी निगहों से देखने लगी।

“भाभी… मैं आपको प्यार करने लगा हूँ…!” लड़खड़ाती जुबान से उसने कहा।
“चल हट… ये भी कोई बात है… प्यार तो मैं भी करती हूँ…!” मैंने हंस कर गम्भीरता तोड़ते हुए कहा.
“नहीं भाभी… भाभी वाला प्यार नहीं… ” उसके हाथ मेरे भारी बोबे तक पहुंचने लगे थे।

मैंने उसे बढ़ावा देने के लिये अपने बोबे और उभार लिये। पर बदन की कंपकंपी बढ़ रही थी। उसे भी शायद लगा कि मैंने हरी झंडी दिखा दी है। उसके हाथ जैसे ही मेरे उरोज पर पहुंचे…मेरा पूरा शरीर थर्रा गया। मैं सिमट गयी।

“राऽऽज्… नहींऽऽऽ… हाय रे…” मैंने उसके हाथों को अपनी छाती पर ही पकड़ लिया, पर हटाया नहीं। उसके शरीर की कंपकपी भी बढ़ गयी। उसने मेरे चेहरे को देखा और अपने होंठ मेरे होंठो की तरफ़ बढ़ाने लगा। मुझे लगा मेरा सपना अब पूरा होने वाला है। मेरी आंखे बंद होने लगी। मेरा हाथ अचानक ही उसके लण्ड से टकरा गया। उसका तनाव का अहसास पाते ही मेरे रोंगटे खड़े हो गये। मेरे चूत की कुलबुलाहट बढ़ने लगी। उसके हाथ अब मेरे सीने पर रेंगने लगे। मेरी सांसे बढ़ चली। वो भी उत्तेजना में गहरी सांसे भर रहा था। मैं अतिउत्तेजना के कारण अपने आप को उससे दूर करने लगी। मुझे पसीना छूटने लगा। मैं एक कदम पीछे हट गयी।

“भाभीऽऽऽ … मत जाओ प्लीज्…” वह आगे बढ़ कर मेरी पीठ से चिपक गया। उसका एक हाथ मेरे पेट पर आ गया। मेरा नीचे का हिस्सा कांप गया। मेरा पेट कंपकंपी के मारे थरथराने लगा। मेरी सांसे रुक रुक कर निकल रही थी। उसका हाथ अब मेरी चूत की तरफ़ बढ़ चला। मेरे पेटीकोट के अन्दर हाथ सरकता हुआ मेरी चूत के बालों पर आगया। अब उसने तुरन्त ही मेरी चूत को अपने हाथों से ढांप लिया। मैं दोहरी होती चली गयी। सामने की ओर झुकती चली गयी। उसका लण्ड मेरी चूतड़ों कि दरार को रगड़ता हुआ गाण्ड के छेद तक घुस गया। मैं अब हर तरफ़ से उसके कब्जे में थी। वह मेरी चूत को दबा रहा था। मेरी चूत गीली होने लगी थी।

“राज्… हाऽऽऽय रे… मेरे राम जी… मैं मर गई!” मैंने उसका हाथ नहीं हटाया और वो ज्यादा उत्तेजित हो गया।

“भाभी… आप कितनी प्यारी है…” मैंने जब कोई विरोध नहीं किया तो वह खुल गया। उसने मुझे अब जकड़ लिया। मेरे स्तनो को अपने कब्जे में लेकर होले होले सहलाने लगा। उसके प्यार भरे आलिंगन ने और मधुर बातों ने मुझे उत्तेजना से भर दिया। जिस प्यार भरे तरीके से वो ये सब कर रहा था… मैंने अपने आपको उसके हवाले कर दिया। मेरा शरीर वासना के मारे झनझना रहा था। उसका लण्ड मेरी गाण्ड के छेद पर दस्तक दे रहा था।

“तुम मुझे प्यार करते हो…!” मैंने वासना में उसे प्यार का इज़हार करने को कहा।

“हां भाभी… बहुत प्यार करता हूं…तब से जब मैं आपसे पहली बार मिला था!”

“देखो राज…ये बात किसी को नहीं बताना… मेरी इज्जत तुम्हारे हाथ में है… मैं बदनाम हो जाऊंगी… मैं मर जाऊंगी…!” मैंने उस पर अपना जाल फ़ेंका।

“भाभी… मैं मर जाऊंगा…पर ये भेद किसी को नहीं कहूंगा…” मेरी विनती से उसका दिल पिघल उठा।

“तब देरी क्यूं… मेरा पेटीकोट उतार दो ना… अपने पजामे की रुकावट हटा दो…” मुझसे अब बिना चुदे रहा नहीं जा रहा था। उसने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोल डाला और पेटीकोट अपने आप नीचे फ़िसल गया। उसका लण्ड भी अब स्वतन्त्र हो गया था।

“भाभी… आज्ञा हो तो पीछे से शुरु करू… तुम्हारी प्यारे प्यारे गोल गोल चूतड़ मुझे बहुत पसन्द है…” उसने अपनी पसन्द बिना किसी हिचक के बता दी।

“राऽऽऽज… अब मैं तुम्हारी हू… प्लीज़ अब कहीं से भी शुरू करो… पर जल्दी करो… बस घुसा दो…” मैंने राज से अपनी दिल की हालत बयां कर दी।

“भाभी… जरा मेरे लण्ड को एक बार प्यार कर लो और थूक लगा दो…” मैंने प्यार से उसे देखा और नीचे झुक कर उसका लण्ड अपने मुंह में भर लिया… हाय राम इतना मस्त लण्ड!… वो तो मस्ती में फ़नफ़ना रहा था। मैंने उसका सुपाड़ा कस के चूस लिया। और फिर ढेर सारा थूक उस पर लगा दिया। अब मैं खड़ी हो गयी… राज के होंठो के चूमा… और अपने चूतड़ उघाड़ कर पीछे निकाल दी। मेरे गोरे चूतड़ हल्की रोशनी में भी चमक उठे। मैंने अपनी चूतड़ की प्यारी फ़ांके अपने हाथों से चीर दी और गाण्ड का छेद खोल कर दे दिया। मेरे थूक से भरा हुआ उसका लण्ड मेरी गाण्ड के छेद पर आ टिका। मैंने हल्का सा गाण्ड का धक्का उसके लण्ड पर मारा। उसकी सुपारी मेरे गाण्ड के छेद में फ़ंस गयी। उसके लण्ड के अंदर घुसते ही मुझे उसकी मोटाई का अनुमान हो गया।

“राज… प्लीज… चलो न अब… चलो…करो ना!” पर लगा उसे कुछ तकलीफ़ हुई। मैंने पीछे जोर लगाया तो उसने भी लण्ड को दबा कर अंदर घुसेड़ दिया। पर उसके मुख से चीख निकल गयी।

“भाभी… लगती है… जलता है…” मुझे तुरन्त मालूम हो गया कि उसने मुझे ही पहली बार चोदा है। उसके लण्ड की स्किन फ़ट चुकी थी। मेरा मन खुशी से भर उठा। मुझे एक फ़्रेश माल मिला था। एक बिलकुल नया लण्ड मुझे नसीब हुआ था। मेरे पर एक नशा सा चढ़ गया।

“राजा… बाहर निकाल कर धक्का मारो ना… देखो तो मेरा मन कैसा हो रहा है। ऐसी जलन तो बस दो मिनट की होती है…” मैंने उसे बढ़ावा दिया।

उसने मेरा कहा मान कर अपना लण्ड थोड़ा सा निकाल कर धीरे से वापस घुसेड़ा। फिर धीरे धीरे रफ़्तार बढ़ाने लगा। मैं उसका लण्ड पा कर मस्त हो उठी थी। मैंने अपने दोनो हाथ छत की मुंडेर पर रख लिये थे और घोड़ी बनी हुई थी। मैंने अपने दोनो पांव पूरे खोल रखे थे। चूतड़ बाहर उभार रखे थे। राज ने अब मेरे बोबे अपने हाथों में भर लिये और मसलने लगा। मैं वासना के मारे तड़प उठी। उसे लण्ड पर चोट लग रही थी पर उसे मजा आ रहा था। उसके धक्के बढ़ते ही जा रहे थे। उत्तेजना के मारे मेरी चूत पानी छोड़ रही थी। अचानक उसने अपना लण्ड बाहर निकाल लिया… और मेरी तरफ़ देखा। मैं उसका इशारा समझ गयी। मैं बिस्तर पर आ कर लेट गयी।

“भाभी… आप बहुत प्यारी है…सच बहुत मजा आ रहा है… जिन्दगी में पहली बार इतना मजा आया है…” मुझे पता था कि जब पहली बार किसी चूत में लण्ड जायेगा तो …मजा तो नया होगा… इसलिये आत्मा तक तो आनन्द मिलेगा। और फिर मेरी तो जैसे सुहाग रात हो गयी… कई दिनों बाद चुदी थी। फिर कितने ही दिनों से मन में चुदने कि इच्छा थी। किस्मत थी कि मुझे नया लण्ड मिला।

राज मेरे पास बिस्तर पर आ गया। मैंने अपनी दोनो टांगे ऊपर उठा दी और चूत खोल दी। राज ने आराम से बैठ कर अपना लण्ड हाथ से घिसा और हिला कर चूत के पास रख दिया। मैं मुस्कुरा उठी… उसे ये नहीं पता था कि लण्ड कहां रखना है… मैंने उसका लण्ड पकड़ कर चूत पर रख दिया।

“राजा… नये हो ना… तुम्हे तो खूब मजा दूंगी मै…आ जाओ… मुझ पर छा जाओ…” मैंने चुदाई का न्योता दिया।

उसने हल्का सा जोर लगाया और लण्ड बिना किसी रुकावट के मेरी गीली चूत के अन्दर सरकता हुआ घुसने लगा। मुझे चूत में तीखी मीठी सी गुदगुदी उठने लगी और लण्ड अन्दर सरकता रहा।

“आहऽऽऽ … राज… मेरे प्यार… हाय रे… और लम्बा सा घुसा दे…अन्दर तक घुसा दे…” मेरी आह निकलती जा रही थी। सुख से सराबोर हो गई थी। उसने मेरे दोनो चूंचक खींच डाले… दर्द हुआ … पर अनाड़ी का सुख डबल होता है… सब सहती गयी। अब उसके धक्के इंजन के पिस्टन की तरह चल रहे थे। पर अब वो मेरे शरीर के ऊपर आ गया था…मैं पूरी तरह से उससे दब गई थी। मुझे परेशानी हो रही थी पर मैं कुछ बोली नही… वो अपना लण्ड तेजी से चूत पर पटक रहा था, जो मुझे असीम आनन्द दे रहा था।

“भाभी… आह रे… तेरी चूत मारूं… ओह हां… चोद डालू… तेरी तो… हाय भाभी…” उसकी सिसकारियां मुझे सुकून पहुंचा रही थी। उसकी गालियाँ मानो चुदाई में रस घोल रही थी…

“मेरे राजा… चोद दे तेरी भाभी को… मार अपना लण्ड… हाय रे राज…तेरा मोटा लण्ड… चोद डाल…” मैंने उसे गाली देने के लिये उकसाया… और राज्…
“मेरी प्यारी भाभी… भोसड़ी चोद दूं… तेरी चूत फ़ाड़ डालू… हाय रे मेरी… कुतिया…मेरी प्यारी…” वो बोलता ही जा रहा था।
“हां मेरे राजा … मजा आ रहा है… मार दे मेरी चूत …”
“भाभी …तुम बहुत ही प्यारी हो…कितने फ़ूल झड़ते है तुम्हारी बातों में… तेरी तो फ़ाड़ डालूं… साली!”

फ़काफ़क उसके धक्के तेज होते गये… मैं मस्ती के मारे सिसकारियाँ भर रही थी…वो भी जोश में गालियाँ दे कर मुझे चोद रहा था। उसका लण्ड पहली बार मेरी चूत मार रहा था। सो लग रहा था कि वो अब ज्यादा देर तक रह नहीं पायेगा।

“अरे… अरे… ये क्या…?” मैंने प्यार से कहा.
उसका निकलने वाला था। उसके शरीर में ऐठन चालू हो गई थी। मैं जानती थी कि मर्द कैसे झड़ते हैं।

“हां भाभी… मुझे कुछ हो रहा है… शायद पेशाब निकल रहा है… नहीं नहीं… ये …ये… हाय्… भाभी…ये क्या…” उसके लण्ड का पूरा जोर मेरी चूत पर लग रहा था। और … और… उसका पानी छूट पड़ा… उसका लण्ड फ़ूलता… पिचकता रहा मेरी चूत में सारा वीर्य मेरी चूत में भरने लगा। मैंने उसे चिपका लिया। वो गहरी गहरी सांसे भरने लगा। और एक तरफ़ लुढ़क गया। मैं प्यासी रह गयी… पर वो एक २२ वर्षीय जवान लड़का था, मेरे जैसी ३३ साल की औरत के साथ उसका क्या मुकाबला…। उसमें ताकत थी…जोश था… पूरी जवानी पर था। वो तुरन्त उठ बैठा। वो शायद मुझे छोड़ना नहीं चाह रहा था। मुझे भी लग रहा था कि कही वो अब चला ना जाये। पर मेरा अनुमान गलत निकला। वो फिर से मुझसे प्यार करने लगा। मुझे अब अपनी प्यास भी तो बुझानी थी। मैंने मौका पा कर फिर से उसे उत्तेजित करना चालू कर दिया। कुछ ही देर में वो और उसका लण्ड तैयार था। एकदम टनाटन सीधा लोहे की तरह तना हुआ खड़ा था।
“भाभी…प्लीज़ एक बार और… प्लीज…” उसने बड़े ही प्यार भरे शब्दों में अनुरोध किया। प्यासी चूत को तो लण्ड चाहिये ही था… और फिर मुझे एक बार तो क्या… बार बार लण्ड चाहिये था…
“मेरे राजा… फिर देर क्यों … चढ़ जाओ ना मेरे ऊपर…” मैंने अपनी टांगे एक बार फिर चुदवाने के लिये ऊपर उठा दी और चूत के दरवाजे को उसके लण्ड के लिये खोल दिया।

वो एक बार फिर मेरे ऊपर चढ़ गया… उसका लोहे जैसा लण्ड फिर मेरे शरीर में उतरने लगा। इस बार उसका पूरा लण्ड गहराई तक चोद रहा था। मैं फ़िर से आनन्द में मस्त हो उठी… चूतड़ों को उछाल उछाल कर चुदवाने लगी। अब वो पहले की अपेक्षा सफ़ाई से चोद रहा था। उसका कोई भी अंग मेरे शरीर से नहीं चिपका था। मेरा सारा शरीर फ़्री था। बस नीचे से मेरी चूत और उसका लण्ड जुड़े हुये थे। दोनो हो बड़ी सरलता से धक्के मार रहे थे। वार सीधा चूत पर ही हो रहा था। छप छप और फ़च फ़च की मधुर आवाजे अब स्पष्ट आ रही थी। वो मेरे बोबे मसले जा रहा था। मेरी उत्तेजना दो चुदाई के बाद चरमसीमा पर आने लगी… मेरा शरीर जमीन पर पड़े बिस्तर पर कसने लगा, मेरा अंग अंग अकड़ने लगा। मेरे जिस्म का सारा रस जैसे अंग अंग में बहने लगा। मेरे दोनो हाथों को उसने दबा रखे थे। मेरा बदन उसके नीचे दबा फ़ड़फ़ड़ा रहा था।
“मेरे राजा… मुझे चोद दे जोर से…हाय राम जी… कस के जरा… ओहऽऽऽ … मैं तो गई मेरे राजा… लगा…जरा जोर से लगा…” मेरे शरीर में तेज मीठी मीठी तरावट आने लगी… लगा सब कुछ सिमट कर मेरी चूत में समा रहा है… जो कि बाहर निकले की तैयारी में है।
“मेरे राजा… जकड़ ले मुझे… कस ले हाऽऽऽय… मेरी तो निकली… मर गयीऽऽऽ ऊईईऽऽऽ आहऽऽऽ … ” मैं चरमसीमा लांघ चुकी थी… और मेरा पानी छूट पड़ा। पर उसका लण्ड तो तेजी से चोद रहा था। अब उसके लण्ड ने भी अन्गड़ाई ली और मेरी चूत में एक बार फिर पिचकारी छोड़ दी। पर इस बार मैंने उसे जकड़ रखा था। मेरी चूत में उसका वीर्य भरने लगा। एक बार फिर से मेरी चूत में वीर्य छोड़ने का अह्सास दे रहा था। कुछ देर तक हम दोनों ही अपना रस निकालते रहे। जब पूरा वीर्य निकल गया तो हम गहरी गहरी सांसे लेने लगे। मेरे ऊपर से हट कर वो मेरे पास ही लेट गया। हम दोनो शान्त हो चुके थे…और पूरी सन्तुष्टि के साथ चित लेटे हुए थे। रात बहुत हो चुकी थी। राज जाने की तैयारी कर रहा था। उसने जाने से पहले मुझे कस कर प्यार किया… और कहा…”भाभी… आप बहुत प्यारी है… आज्ञा हो तो कल भी…” हिचकते हुये उसने कहा, पर यहा कल की बात ही कहां थी…

मैंने उसे कहा -“मेरे राजा…मेरे बिस्तर पर बहुत जगह है… यही सो जाओ ना…”
“जी…भाभी…रात को अगर मुझे फिर से इच्छा होने लगी तो…”
“आज तो हमारी सुहागरात है ना… फिर से मेरे ऊपर चढ़ जाना…और चोद देना मुझे…”
“भाभी…आप कितनी…”
“प्यारी हूं ना… और हां अब से भाभी नही…मुझे कहो नेहा…समझे…” मैंने हंस कर उसे अपने पास लेटा लिया और बचपन की आदत के अनुसार मैंने अपना एक पांव उसकी कमर में डाल कर सोने की कोशिश करने लगी। Indian Sex Stories

Hindi Porn Stories

इस धरती पर शायद Hindi Porn Stories ही ऐसा कोई पुरुष होगा जिसे अपना लंड चुसवाना अच्छा नहीं लगता होगा। ज़्यादातर लोग इसकी कामना ही करके रह जाते हैं क्योंकि उनकी पत्नी या प्रेमिका इस क्रिया में दिलचस्पी नहीं रखतीं। कुछ लड़कियाँ इसे गन्दा समझती हैं और कई ऐसी हैं जिन्हें पता नहीं कि क्या करना होता है।

सबसे ज़रूरी जानने योग्य बात तो यह है कि लंड चूसना एक सुरक्षित क्रिया है जिससे लड़की को कोई भय नहीं होना चाहिए। लंड चूसने से वह गर्भ धारण नहीं कर सकती और अगर वह कुंवारी है तो अपने कुंवारेपन को कायम रखते हुए अपने प्रेमी को अद्भुत आनन्द प्रदान कर सकती है।

पुरुष के लिए यह सम्भोग के समान आनन्द-दायक क्रिया होती है। अगर उसकी प्रेमिका प्यार से उसका लंड चूसती रहे तो उसे सम्भोग की कमी महसूस नहीं होगी। उधर लड़की को भी इसक्रिया में बहुत आनन्द आ सकता है बशर्ते उसे सही तरीका आता हो और उसके मन में इस क्रिया के प्रति कोई गलत धारणाएँ ना हों।

इस लेख के द्वारा मैं लड़कियों के लिए लंड चूसने और लड़कों के लिए लंड चुसवाने की सही विधि बताऊँगा जिससे आप इस अति-सुखदायक क्रिया का पूरा आनन्द उठा सकेंगे।
इस क्रिया में ज्यादा सक्रिय भूमिका लड़की की होती है और लड़के को आनन्द उठाने के अलावा कुछ ज्यादा नहीं करना होता। ठीक इसी प्रकार चूत चुसवाने की क्रिया भी होती है जिसमे लड़का क्रियाशील होता है और लड़की सिर्फ आनन्द उठाती है। चूत चुसवाने और चूसने की विधि अगले लेख में प्रस्तुत करूंगा।

तैयारी- पुरुष की

लंड चुसवाने के लिए यह अत्यंत ज़रूरी है कि लंड और उसके आस-पास का इलाका एकदम साफ़-सुथरा होना चाहिए। यह हर पुरुष की ज़िम्मेदारी है कि अपने लिंग को हर समय साफ़ रखे, ख़ास तौर से यौन-संसर्ग के समय। यह उस समय और भी ज़रूरी हो जाता है जब अपने लिंग को किसी के मुँह में डालने की उम्मीद रखते हों। लंड सफाई को एक मजेदार रूप दिया जा सकता है अगर आप के पास बाथरूम की सहूलियत है या तो अपने लिंग को आप खुद पानी से धो कर साफ़ कर सकते हो या आपकी प्रेमिका यह कर सकती है। वैसे भी मैथुन से पहले साथ-साथ स्नान करना बहुत अच्छा रहता है। स्नान के दौरान एक दूसरे के शरीर के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं और सम्भोग के लिए उत्तेजना पैदा कर सकते हैं। साथ-साथ स्नान एक बहुत ही मज़ेदार रति-क्रिया हो सकती है।

लिंग साफ़ करते वक़्त लंड के सुपारे की ऊपरी परत को अच्छे से खोल कर साफ़ करें और नाभि से नीचे तथा जाँघों से ऊपर के सभी हिस्से साफ़ कर लें। ख़ास तौर से चूतड़ और गांड के छेद को भी धो लें। लड़की को लंड चूसते वक़्त तुम्हारी निम्न शरीर की कोई दुर्गंध नहीं आनी चाहिए। अगर पहली बार में दुर्गंध आएगी तो वह दुबारा कभी लंड चूसने के लिए राज़ी नहीं होगी।

बेहतर होगा अगर लड़के अपने जघन के बालों (अंडकोष के आस-पास के बाल) को क़तर के थोड़ा छोटा कर लें। यह ज़रूरी नहीं है लेकिन ऐसा करने से लड़की को सहूलियत होगी। ध्यान रखें कि बाल ज्यादा छोटे नहीं काटें नहीं तो लड़की के मुँह में चुभेंगे।

तैयारी- लड़की की

पहली बार लंड चूसने के लिए सबसे महत्वपूर्ण तैयारी मानसिक होती है जिसमें लंड के प्रति गलत धारणाओं को मन से निकालना होगा। लंड अगर साफ़ सुथरा हो तो एक अत्यंत प्यारा और रोचक अंग होता है। किसी भी आदमी के लंड के कई रूप होते हैं और यह अलग अलग अवस्थाओं में अपना रूप, आकार और माप बदलता रहता है। यह छोटा और बड़ा हो सकता है, सख्त या मुलायम हो सकता है और लचीला या कठोर हो सकता है। लंड अपना रूप अपने आप बदलता है और इसमें पुरुष की मर्ज़ी नहीं चलती। अच्छा ही है क्योंकि अगर पुरुष अपनी मर्ज़ी से अपने लंड को खडा कर पाता तो लड़कियों के लिए जीवन दूभर हो जाता।

साफ़ सुथरे लंड में कोई दुर्गंध नहीं होती और चूत के मुक़ाबले इसमें से कोई द्रव्य नहीं रिसता जब तक वह वीर्य नहीं उगलता।

लड़कियों को यह भी पता होना चाहिए कि जब एक लंड उत्तेजित हो जाता है (यानि खड़ा हो जाता है) तो उसकी पेशाब की नली बंद हो जाती है और वह मूत्र नहीं कर सकता। कहने का मतलब कि वह तुम्हारे मुँह में पेशाब नहीं कर सकता। उत्तेजना के बाद जब लंड शिथिल पड़ जाता है तो भी पेशाब करने के लिए कुछ समय लगता है। तो यह डर भी लड़कियों को नहीं होना चाहिए।

मानसिक तौर से लड़कियों को लंड से प्यार करना चाहिए क्योंकि शरीर के दूसरे अंगों की माफ़िक़ इसको भी चूमा और चूसा जा सकता है। बहुत सी लड़कियाँ तो लंड चूसने में बहुत मजा लेती हैं। मानसिक तैयारी के अलावा कोई ख़ास तैयारी लड़कियों को नहीं करनी होती। अगर तुम चाहो तो एक अभ्यास कर सकती हो जिससे उत्तेजित लंड को पूरा चूसने में कठिनाई नहीं होगी।

मुँह का अभ्यास

इस अभ्यास का उद्देश्य धीरे धीरे अपने मुँह के आकार को बड़ा करना है जिससे एक पूरा मर्दाना लंड तुम्हारे मुँह में समा जाये और तुम्हें दम घुटने या सांस रुकने की समस्या ना हो। इसके लिए तुम्हें कुछ समय तक अभ्यास करना होगा क्योंकि यह योग्यता अचानक नहीं आ सकती। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तुम अभी से लंड नहीं चूस सकती हो। लंड तो चूस सकती हो लेकिन इसमें महारत हासिल करने के लिए मुँह और गले को इस काबिल बनाना होगा कि 5-7 इंच का तना हुआ लंड मुँह में निगल सको। यह लंड चूसने की उन्नत स्थिति है और हर लड़की को इसे पाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि इस कला को पाने के बाद तुम किसी भी मर्द को अपने वश में आसानी से कर सकती हो।

इसके लिए तुम्हें क्रमशः बढ़ते हुए आकार के ऐसे फल या सब्जियाँ चाहिएँ जिन्हें तुम मुँह में ले सकती हो। इनमें केला, खीरा, ककड़ी, लम्बे बैंगन इत्यादि उचित हैं। शुरू में छोटे आकार के फल इस्तेमाल करें और धीरे धीरे एक विकसित लंड के आकार से थोड़े बड़े आकार के फल के साथ अभ्यास करें।

अभ्यास करने के लिए जीभ को बाहर रखते हुए फल को मुँह के जितना अन्दर डाल सकती हो डाल कर अन्दर-बाहर करो। जब एक आकार के फल के साथ मुँह की क्षमता हासिल हो जाए तो उससे थोड़े बड़े आकार के फल के साथ अभ्यास करो। शुरू में मुश्किल होगी लेकिन धीरे-धीरे मुँह आदि हो जायेगा और 6-7 इंच लम्बे और 2-3 इंच चौड़े आकार के केले या खीरे अपने मुँह में ले पाओगी। जब ऐसा हो जाये तो तुम्हारा अभ्यास पूरा हो गया है और तुम अपने आदमी को अपने अधीन करने के लिए तैयार हो। ध्यान में रखने वाली बात यह है कि हमारी जीभ हमारे मुँह में काफी जगह ले लेती है।इसे जितना बाहर रखा जाये तो मुँह में लंड के लिए उतनी ज्यादा जगह बनेगी और लंड उतना ज्यादा अन्दर लिया जा सकता है।

लंड चूसने के लिए आसन

लण्ड चूसने के लिए कुछ सामान्य आसन इस प्रकार हैं। जब थोड़ा सामर्थ्य आ जाये तो अपनी मर्ज़ी से नए नए आसन बना सकते हो।

1- लड़का खड़ा हो और लड़की घुटने के बल बैठ कर लंड मुँह में ले।

2- लड़का बिस्तर पर लेटा हो और लड़की उसके पाँव की तरफ बैठी हो और आगे झुक कर लंड मुँह में ले।

3- लड़का बिस्तर पर लेटा हो और लड़की उसके सीने पर उसकी तरफ पीठ करके बैठी हो।

4- लड़की बिस्तर पर लेटी हो और लड़का ऊपर से आ कर उसके मुँह को लंड से चोदने की स्थिति में हो।

5- लड़का लड़की दोनों लेटे हों और दोनों के गुप्तांग परस्पर एक-दूसरे के मुँह के पास हों। (69 अवस्था)

पहली पहली बार लंड चूसने के लिए बताया गया दूसरा या तीसरा आसन बेहतर रहेगा क्योंकि इसमें लड़की अपनी मर्ज़ी के मुताबिक़ कार्यवाही कर सकती है। पहले और चौथे आसनों में लड़का आक्रामक हो सकता है। अतः इसे थोड़े अभ्यास के बाद और भरोसे वाले लड़के के साथ ही करना चाहिए। पाँचवा आसन तब ग्रहण करना चाहिए जब दोनों परस्पर एक-दूसरे के गुप्तांग चूसना चाहते हों।

लंड से जान-पहचान

अगर तुम लंड को पहली बार इतना नज़दीक से देख रही हो या पहली बार छू रही हो तो इसे बेझिझक हाथ में लेकर इसका निरीक्षण करो। उसको हर तरफ से उठा कर और घुमा कर देखो। अगर लंड खता हुआ नहीं है (कई पुरुषों की शिश्न-मुण्ड के ऊपर की त्वचा कटी होती है, इसे ही खता हुआ कहते हैं) तो उसके सुपारे के ऊपर की चमड़ी पीछे खींच कर सुपारे को उघाड़ कर देखो। सुपारे के शीर्ष पर एक छेद होगा जिसमें से वीर्य और पेशाब दोनों निकलते हैं पर एक समय पर सिर्फ एक ही निकल सकता है। जब लंड खड़ा होता है तो पेशाब नहीं निकल सकता और जब शिथिल होता है तो आम तौर पर वीर्य नहीं निकलता।

लंड का सुपारा सबसे संवेदनशील हिस्सा होता है ख़ास तौर से अगर वह खता हुआ नहीं है तो। खते हुए लंड तुलना में कम संवेदनशील होते हैं। लंड के छड़ की त्वचा मुलायम होती है और सुपारे के मुक़ाबले में कम नाज़ुक होती है।

लंड की जड़ के पास दो अंडकोष होते हैं जिनकी त्वचा खुरदुरी होती है और वे पूरी तरह बालों से ढके होते हैं। अंडकोष में वीर्य रहता है और वे ठण्ड में सिकुड़ कर और गर्मी में फैल कर वीर्य को सही तापमान पर रखते हैं। अंडकोष भी बहुत संवेदनशील होते हैं। हालाँकि लंड के मुक़ाबले इनमें स्पर्श-बोध कम होता है लेकिन ज़ोर से दबाने से या चोट लगने से इनमें बहुत दर्द होता है।
लंड चूसते समय अंडकोष को भी चूसा जा सकता है लेकिन इनको मुँह में लेते वक़्त सावधानी बरतनी चाहिए।

शेष दूसरे भाग में! Hindi Porn Stories

Hindi Sex Stories

अब बारी तृष्णा की Hindi Sex Stories थी, उसने विक्रम का अन्डरवीयर उतारा, अन्डरवीयर के उतरते ही मैं और तृष्णा विक्रम के लंड को देख कर आश्चर्यचकित हो गए, लगभग 8 या 9 इंच का लंड था। इतने बड़े लंड को देख के मेरी बीवी के चहरे पर ख़ुशी छा गई, वो इतने ही लम्बे लंड के साथ सम्भोग करना चाहती थी।

और फिर क्या! तृष्णा भी विक्रम के लंड पर इस प्रकार टूटी जैसे वो जन्मों-जन्मों की प्यासी हो। विक्रम के लंड को हाथों से सहला कर, आगे पीछे करके उसे जी भर कर देखने लगी। एक लम्बे लंड से चुदने की चाह आज उसकी पूरी हो रही थी। तृष्णा ने लंड के सुपारे को चूमा, अब उसने लंड को चूसना प्रारम्भ किया। कभी वो लंड को चूसती, कभी वो अण्डों को चूसती, उसके चूसने के तरीके ने मेरे लंड को भी खड़ा कर दिया।

मैंने भी अपने कपड़े निकाल कर उसके मुँह के सामने अपना लंड खड़ा कर दिया और बोला- लो! अब दो दो लंड को एक साथ चूसो!

दो लंड एक साथ देख कर उसको मजे आ गये और दोनों को एक एक हाथ में पकड़ कर बारी बारी से चूसने लगी। 15-20 मिनट चूसने के बाद विक्रम ने तृष्णा को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी दोनों टाँगों को चौड़ा किया। दोनों टाँगों के चौड़ी होते ही तृष्णा की चिकनी चूत खुल गई और अन्दर का गुलाबी भाग दिखने लगा। अब तक तृष्णा की चूत बहुत सारा पानी छोड़ चुकी थी और अब वो चुदने के लिए तैयार थी।

विक्रम ने एक ऊँगली तृष्णा की चूत में डाली, ऊँगली के अन्दर जाते ही तृष्णा के मुँह से आह निकली। विक्रम अब तक तृष्णा के ऊपर आ चुका था और तृष्णा को अपने आगोश में लेने को तैयार था। उसने अपने लंड का मुँह चूत पर रखा और धीरे से एक धक्का मारा, जिससे विक्रम का आधा लंड तृष्णा की चूत में चला गया। लंड के अन्दर जाते ही तृष्णा ने जोरदार तरीके से सिसकारी भरी।

इस दृश्य को देखने में मुझे बड़ा मजा आया क्यूंकि इसी नज़ारे का मैं कितने दिनों से इन्तजार कर रहा था।
क्या शानदार नजारा था मेरे सामने!

एक लड़का मेरी ही बीवी को चोद रहा था और मैं दर्शक की तरह इस नज़ारे को देखते हुए अपने लंड को सहला रहा था। विक्रम तृष्णा के होठों का रसपान करते हुए चोदने की गति बढ़ा देता तो कभी धीरे धीरे चोदता। उसके स्तनों को चूसते हुए वो काम क्रीड़ा को चरम सीमा पर पहुँचाने में लग गया। मेरी बीवी के मुँह से आज अलग अलग सिसकारियों, आहों की आवाजें निकलने लगी। वो भी कामक्रीड़ा के सागर में गोते लगाने लगी।

15 मिनट के बाद दोनों के मुँह से सिसकारियों की आवाजें तेज होने लगी और दोनों ने एक लम्बी आह्ह्ह्ह हह्ह्ह्ह भरते हुए अपना अपना पानी छोड़ दिया। विक्रम निढाल होकर तृष्णा के नंगे जिस्म पर लेट गया। तृष्णा उसको धीरे धीरे प्यार करने, चूमने लग गई। विक्रम तृष्णा के ऊपर तब तक रहा जब तक उसका लंड नौ इंच से घट कर तीन इंच का नहीं रह गया। तृष्णा अभी भी बिस्तर पर लेटी हुई थी और इस नग्न अवस्था में बहुत कामुक और सुन्दर लग रही थी।

उसने लेटे लेटे ही एक नेपकिन से विक्रम के वीर्य को साफ़ किया और मुझे अपनी बाँहों में भरने के लिए इशारा करने लगी। मैं तृष्णा के पास पेट के बल लेट गया और उसके स्तन चूसने लगा।
मैं धीरे धीरे उसके जिस्म को चूमने लगा जिससे वो फिर गर्म हो गई और एक झटके से उसने मुझे बिस्तर पर गिराया और मेरे ऊपर आ गई।
मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चूत के मुँह पर रखा और एक हल्के धक्के से मेरे लंड को अपनी चूत में समाने लगी। पूरा लंड अन्दर जाने के बाद वो मुझसे चिपक गई। अब वो धीरे धीरे अपनी कमर चलाने लगी। कमर को चलाते हुए वो मेरे होठों को चूसती रही।

मैंने तृष्णा से धीरे से पूछा- मजा आया या नहीं एक पराये लंड की सवारी करके?

वो बोली- एकदम मजा आ गया! उसका लंड आपसे भी लंबा था। मेरी चूत को फाड़ते हुए वो चूत की अंतिम दीवार तक को ठोक रहा था।

वो बोली- विक्रम का लंड लम्बा है और आप का लंड मोटा है, दो अलग अलग लंड से चुदने में मजा आ गया।

बातें करते हुए वो गर्म होने लगी और अपनी कमर को तेज चलाने लगी। वो अब मेरे ऊपर बैठ कर आगे पीछे होने लगी जैसे घुड़सवारी कर रही हो।

मैं भी नीचे से हल्के हल्के धक्के मारने लगा। मैं उसके स्तनों को मसलने लगा। वो धीरे धीरे अपनी चरमसीमा पर पहुँचने लगी और एक जोरदार धक्के के साथ उसने अपना पानी छोड़ दिया। अब बारी मेरी थी, मैं उसे बिस्तर पर लिटा कर जोरदार पेलमपेल करने लगा और अंत में मैंने अपना सारा वीर्य उसकी चूत में डाल दिया।

दो बार झाड़ने के बाद वो भी निढाल होकर लेट गई। विक्रम ने हमें खाने को चिप्स और ज्यूस दिया। बीस मिनट के ब्रेक में हमने थोड़ी बातचीत की। विक्रम बातें करते हुए तृष्णा के वक्ष पर हाथ फेरता, कभी तृष्णा की गांड पर हाथ फेरता।

अब विक्रम का लंड तृष्णा के स्पर्श से फिर खड़ा हो गया और एक बार फिर तृष्णा की चूत में हंगामा मचाने लगा। तृष्णा दो बार चुद कर थोड़ी थक गई थी, फिर भी नए और लम्बे लंड का मजा लेने लगी।

इस बार चुदाई थोड़ी लम्बी चली। विक्रम ने अलग अलग काम आसनों के जरिये चुदाई की। लगभग आधा घंटे की पेलमपेल करने के बाद दोनों फिर झड़ गए। अब हम तीनों बेड पर पूर्ण-नग्न ही लेटे रहे।

आधा घंटा सुस्ताने के बाद हम उठे। तृष्णा ने विक्रम के लंड पर एक चुम्बन लिया और कहा- तुमको मैं कभी भूल नहीं सकूंगी।

हम तीनों ने अपने अपने कपड़े पहने। जाते हुए तृष्णा ने विक्रम को गले लगा कर चूम लिया और आगे भविष्य की अनिश्चिताओं को छोड़ते हुए मैंने और तृष्णा ने विक्रम को अलविदा कहा।

घर लौटते हुए मैं और तृष्णा मंद मंद मुस्कुरा रहे थे। आज हमने उस काम को अंजाम दिया जिसकी हम कल्पना करते थे। आज मुझे विचार आ रहा था कि अन्तर्वासना पर बहुत सी कहानियाँ सच भी हैं क्यूंकि अब एक कहानी मेरे पास भी थी।

दोस्तो, मेरी सच्ची घटना पर आधारित यह हिन्दी सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी, मुझे जरूर जरूर बतायें। Hindi Sex Stories

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