Important Notice: Post Free Ads Unlimited...🔥🔥🔥

Male Escorts in Gorakhpur Premium Companionship and Escort Services

Read Our Top Call Girl Story's

Antarvasna stories
हाय दोस्तो, मेरा नाम मोहित है। मैं बीए कर रहा हूं। मेरी उमर बीस वर्ष की है। मैं इन्दौर में रहता हू। मैं आपको मेरी पहली Antarvasna सेक्स कहानी सुनाने जा रहा हूं।

मेरे घर के पास दीपिका नाम की लड़की रहती थी, वो सिर्फ़ 18 वर्ष की थी। मेरी एक गर्ल फ़्रेण्ड थी उसका नाम विनीता था। दीपिका को मेरे और विनीता के सेक्स सम्बन्ध के बारे पता था।

जब मैं विनीता को कहीं ले जाता था तो ये बात दीपिका के अलावा कोई नहीं जानता था। क्योंकि मैं दीपिका के घर से ही विनीता को फोन किया करता था। विनीता और दीपिका अच्छी सहेलियों की तरह बाते करते थे। विनीता, मेरे और उसके के बीच हुये सेक्स के बारे में दीपिका को बता दिया करती थी।

विनीता को ये नहीं पता था कि उसके द्वारा सेक्स के बातें बता देने से दीपिका के मन में भी चुदाने की इच्छा जागृत हो गयी थी।
वो मेरे घर आकर मुझे पूछती- मोहित भैया, कल आपने विनीता के साथ क्या क्या किया।
मैं उससे बोलता- तुझे क्या काम है?
और टाल देता था।
वो मेरी देख कर शरमा कर चली जाती थी।

जब मैंने विनीता से दीपिका के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वो मेरे और उसकी चुदायी की सारी बातें दीपिका को बता देती थी। मैं अब सब कुछ समझ गया था।

एक दिन जब मैं आपने घर में काम कर रहा था तो दीपिका मेरे पास आई और मुझसे बात करने लगी। मैंने उसको कहा- तू अभी जा, थोड़ी देर से आना, मुझे कुछ काम करना है।
मगर वो नहीं मानी।
मैं थोड़ी देर तक कहता रहा फिर वो चली गयी।

मेरी मम्मी को बाज़ार जाना था तो मम्मी ने मुझसे कहा कि वो थोड़ी देर में वापिस आ जायेगी तुझे चाय पीनी हो तो दीपिका को बोल देना वो बना देगी।
मैंने कहा- ठीक है।

मम्मी के जाने के ठीक बाद दीपिका फिर से मेरे यहां आ गयी और मुझे परेशान करने लगी। मैं आज अपना काम नहीं कर पा रहा था। इतने में दीपिका मेरे हाथ से पेन छीन कर मेरे कमरे में भागने लगी। मैं उसे पकड़ने के लिये खड़ा हुआ और झपट कर मैंने उसे पीछे से पकड़ लिया।

जब मैंने उसको पकड़ा तो मेरे हाथ उसकी चूचियों पर आ गये थे। वो बहुत ही नर्म थे और छोटे छोटे ही थे। मेरे हाथों से उसके कोमल स्तन दब से गये थे। मेरा लण्ड उसकी गाण्ड पर था। उसकी चूतड़ की गोलाइयों ने मेरे लण्ड को छू कर उसमें आग सी लगा थी। थोड़ी देर तक पकड़ने के बाद उसने मुझे मेरा पेन वापस दे दिया। मैं अब पेन नहीं लेना चाहता था, मजा जो आ रहा था। पर मुझे छोड़ना ही पड़ा।

मैंने उसको कहा- मेरे लिये चाय बना दे।
उसने कहा- ठीक है भैया!
और वो चाय बनाने के लिये चली गयी।

मैं थोड़ी देर तक सोचता रहा कि अब क्या करूँ। मगर अब मुझसे बिना सेक्स करे बिना नहीं रहा जा रहा था। मैं धीरे से उसके पास किचन में गया। और उसके पीछे जा कर खड़ा हो कर चिपक सा गया और कहने लगा- क्या अभी तक चाय नहीं बनी।
मेरे स्पर्श से वो लहरा सी गयी। फिर मैं उसके पीछे से हट गया क्योंकि वो समझ गयी थी।

वो मुझसे कहने लगी- भैया दूर रहो, करण्ट सा लगता है!
मैं भी समझ गया गया था कि वो क्या कह रही है।

उसने मुझे चाय दी और कहा- भैया में जा रही हूं अपने घर।
मैंने कहा- रुक ना … चाय तो पीने दे, उसके बाद चली जाना।

उसने कहा- ठीक है, पी लो।
मैं उसे अपने कमरे में ले गया। वो मेरे कमरे में एक कोने में चुपचाप खड़ी हो गयी। मैंने सोचा कि अब क्या किया जाये।

मैंने उससे जान कर विनीता की बात को छेड़ा, मैंने उससे पूछा- तेरी विनीता से कोई बात हुई है क्या?
उसने कहा- नहीं।
फिर मैंने उसको कहा- तू विनीता को फोन कर के यहां बुला ले।

उसने कहा- क्यों, यहां क्यों बुला रहे हो भैया?
मैंने कहा- मम्मी नहीं है ना इसीलिये।
उसने कहा- ठीक है।
वो बोली- मैं फोन कर के आती हूं।
मैंने कहा- रुक।

मेरे यह कहने से वो रुक गयी और कहने लगी- क्या कह रहे हो भैया?
मैंने उससे पूछा- विनीता तुझे क्या क्या बताती है?
तो उसने कहा- कुछ नहीं।

मैं समझ गया कि यह अब डर रही है मुझसे बोलने में।
मैंने कहा- दीपिका मेरे पास तो आ।
वो बोली- क्यों?
मैंने कहा- आ तो सही।

वो धीरे से मेरे पास आई, मैंने उसको बेड पर बैठाया और कहा- दीपिका तुझे सब पता है ना मेरे और विनीता के सेक्स के बारे में?
तो वह कहने लगी- भैया मुझे कुछ नहीं पता है कसम से।
वो उस समय डर गयी थी।

फिर मैंने कहा- कोई बात नहीं। तुझे हमारी बातें जानना हो तो मुझसे पूछ लिया कर मगर विनीता से मत पूछा कर।
तो उसने तुरन्त पूछा- क्यूं?
मैंने कहा- कहीं विनीता ने तेरी मम्मी से कह दिया तो?
उसने धीरे से हां की।

उसके बाद मैंने उससे पूछा- तुझे जानना है क्या? अभी बता।
तो उसने धीरे से अपने चेहरे को नहीं में हिलाया।

फिर भी मैंने उसको बात बताना शुरु कर दिया। थोड़ी देर तक तो वो ना ना कर रही थी उसके बाद वो गौर से सुनने लगी। मैंने उसको एक दिन की बात तो पूरी बता दी।
उसके बाद उसने मुझसे कहा- भैया कोई और दिन की बात सुनाओ ना?

जब मैंने उससे कहा- मैं अब सुनाऊंगा नहीं बल्कि करके बताऊंगा।
“नहीं ना … हटो … नहीं।”
“करके बताना चाहता हूं। उसमें अधिक मजा आता है.”
वो एकदम से खड़ी हो गयी। मैंने उसको आगे से पकड़ लिया और उसके होठों की चुम्मी लेने लगा। वह मुझसे छूटने की पूरी पूरी कोशिश कर रही थी। मगर मैंने उसको छोड़ा नहीं।

थोड़ी देर के बद मैंने उसको कहा- बेड पर लेट जा.
मगर वो बोली- मैं चिल्ला दूंगी। भैया मुझे छोड़ो!
मैंने कहा- ठीक है, तू चिल्ला!

मैंने उसको अपने हाथों में उठाया और बेड पर लेटा दिया और उसके उपर लेट गया। मैंने उसके दोनों हाथों को पकड़ लिया और उसको चूमने लगा। थोड़ी देर तक तो वो ना ना करती रही। फिर मैंने अपने एक ही हाथ से उसके दोनों हाथ पकड़ लिय। और एक हाथ से उसके सलवार का नाड़ा खोल लिया।
वो नहीं नहीं कर रही थी।
फिर मैं उसकी सलवार में हाथ डाल कर उसकी चूत को सहलाने लगा। थोड़ी देर तक यह करने के बाद वो भी गर्म होने लगी। मैंने फिर उसके हाथ को छोड़ दिया और उसके बाद में समझ गया कि अब यह भी गर्म हो गयी है।

फिर मैंने उसकी कुरती उतार दी और उसके साथ उसकी शमीज भी उतार दी. मैं उसके स्तन को सहलाने लगा और उसकी चूत को भी सहलाने लगा। मुझे पता था कि यह पहली बार सेक्स कर रही है।
उसके मुंह से ह्हह्ह ह्हह्ह … ह्हह की आवाज आ रही थी।

मैंने उसको कहा- मैं विनीता के साथ भी यही करता हूं।
तो उसने अपनी बन्द आँखें खोली और कहा- उसके बाद क्या करते हो?
मैं समझ गया था कि यह अब पूरी गर्म हो गयी है। मैंने उसके पूरे कपड़े उतार दिये। अब वह मेरे सामने पूरी नंगी थी।

मैंने भी फिर अपने कपड़े उतारे और तेल की शीशी ले कर आया। मैंने मेरे लण्ड पर तेल लगाया जो कि 7 इन्च का है। उसके बाद उसकी चूत पर तेल लगाया।
मैंने उससे कहा- क्या मैं अपना लण्ड डालूं?
तो उसने कहा- डाल दो ना भैया।
मैंने जैसे ही अपना लण्ड थोड़ा सा उसकी चूत में दबाया तो वह जोर से चिल्ला दी- ऊऊऊऊ उम्म्ह… अहह… हय… याह… ऊओ म्मम आआआ आयीईईई ईईईईए नहीईईई उईईई भैयाआआ निकालो।

मैंने अपना लण्ड निकाला और कहा- थोड़ा तो दर्द होगा, तू इतनी ज़ोर से मत चिल्लाना।
उसने कहा- ठीक है, मगर भैया थोड़ा धीरे धीरे डालना।

मैंने फिर से अपना लण्ड उसकी चूत में डाला। तो वह फिर से चिल्लाई. मैंने अपना मुंह उसके मुंह में रख दिया और उसके होंठों को चूसने लगा।
थोड़ी देर के बाद उसका चिल्लाना कम हुआ।
फिर मैंने अपनी कमर को थोड़ा पीछे कर के ज़ोर से एक झटका दिया और अपना पूरा लण्ड उसकी चूत में डाल दिया।

उसके बाद वह तो समझो मर ही गयी थी, इतनी ज़ोर से चिल्लाई- मम्मयय ययय नहीईई ईईई भैअयाआआ आआआ आअ निकालो ऊऊऊ ऊऊऊह
फिर मैंने उसका मुंह से अपना मुंह लगा लिया और वो ज़ोर ज़ोर से हिलने लगी। उसकी चूत में से खून आने लग गया और वह पागल सी हो गयी।

मैंने उसके चिल्लाने पर भी उसे चोदना नहीं छोड़ा और चोदते ही चला गया। थोड़ी देर के बाद मेरे लण्ड से सफ़ेद गाढ़ा सा वीर्य निकल गया जो मैंने बाहर निकाल दिया और उसके ऊपर ही थोड़ी देर लेटा रहा।
मेरे लण्ड को उसकी चूत में से बाहर निकालने बाद ही उसने शान्ति की सांस ली और कहा- भैया, अब मैं आपसे कभी नहीं चुदवाऊंगी।
मैंने उससे कहा- तू अपना खून साफ़ कर ले और कपड़े पहन ले।

मैंने भी अपने कपड़े पहन लिये और उसके बाद अपना काम करने लग गया।
थोड़ी देर के बाद वह कमरे में से बाहर आई और कहा- भैया मैं जा रही हूं।
मैंने कहा- ठीक है, अब कब आयेगी?
तो उसने कहा- जब समय मिलेगा।

Antarvasna stories आज भी मैं उसको जब भी मौका मिलता है तो चोदता रहता हूं। अब वो भी चुदायी का पूरा मजा लेती है।

हैलो दोस्तो, Hindi Sex Stories

मैं पहली बार कोई कहानी Hindi Sex Stories लिख रहा हूँ। यह मेरी वास्तविक कहानी है। मैं ट्युशन पढ़ाने का कार्य करता हूँ। बात उस समय की है जब अंजना नाम की एक लड़की ट्युशन पढ़ने आई। पहले ही दिन से उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या होने लगा। हालांकि मैंने सैकडों लड़कियों को पढ़ाया है पर उसे देखकर ना जाने मेरे मन में क्या-क्या उमंगें उठने लगी।

वार्षिक परीक्षा के बाद जब सभी छात्र आखरी दिन मिलने आये तब वह बहुत जोर-जोर से रोने लगी और कहने लगी- अब तो हम सभी आपसे जाने कब मिलेंगे !

तब मैंने कहा- इसमें रोने की क्या बात है तुम जब चाहो मेरे मोबाईल पर कॉल करके मुझसे बातें कर लिया करना।

यह सुनकर उसने रोना बंद कर दिया।

उसके बाद उसने अगले दिन मुझे कॉल किया। तब हमने थोड़ी बहुत बातें की और उसके बाद हमारी बातों का सिलसिला चल पड़ा और यह सिलसिला धीरे-धीरे कब प्यार में बदल गया दोनों को पता ही नहीं चला।

फिर एक दिन हिम्मत जुटा कर मैंने उससे अपने प्यार का इजहार भी कर दिया। इजहार करते वक्त मुझे कितनी घबराहट हो रही थी, इसको मैं बता भी नहीं सकता। लेकिन मेरी घबराहट तब खुशी में बदल गई जब उसने भी मुझसे कहा कि वह भी मुझसे प्यार करती है।

इसके बाद हम दोनों अकेले में मिलने के रास्ते ढूँढने लगे। हमारा कस्बा ज्यादा बड़ा नहीं है, लगभग सभी लोग एक दूसरे को जानते हैं, ऐसे में बाहर हमारा मिलना सम्भव नहीं था।

तब एक दिन उसने मुझसे कहा- क्या तुम रात को मेरे घर पर आ सकते हो? मैं पढ़ाई के बहाने अलग कमरे में आ जाऊँगी।

मैंने भी उसे हाँ कर दी। इसके बाद उस रात को करीब २ बजे मैं उसके घर गया। हम दोनों अकेले एक बंद कमरे में अलग थे और उसके मम्मी-पापा तथा भाई बहन अलग कमरे में थे। हम दोनों धीरे-धीरे एक दूसरे से बातें करते रहे। धीरे-धीरे मैंने उसका हाथ अपने हाथ में ले लिया और फिर उसके गालों पर एक चुम्बन दे दिया। यह पहला मौका था जब मैंने उसे छुआ था। मेरे शरीर में एक अजीब सी सिरहन दौड़ गई। फिर हम दोनों ने एक दूसरे को चूमना शुरू किया और एक दूसरे से लिपट गये। धीरे-धीरे मैंने उसके स्तन दबाने शुरू किये जो कि बहुत ही कड़े थे, तो उसने मना कर दिया।

चूमा-चाटी तथा बाहों में लेने का यह सिलसिला करीब २ घण्टे तक चला और फिर मैंने कहा- अब मुझे चलना चाहिए।

उसके बाद करीब ४ बजे मैं वापस आ गया।

इसके बाद जब भी मौका मिलता हम उसके घर मिल लेते। एक बार उसने मुझे बताया कि उसके घर के सभी सदस्य किसी रिश्तेदार की शादी में गये हैं और वो आज घर में अकेली है।

यह सुनकर मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।

मैं रात को ११ बजे ही उसके घर पहुँच गया। यह पहला मौका था जब हम बिना किसी डर के एक दूसरे से मिल रहे थे। जब मैं वहाँ पहुँचा तो मैंने देखा कि उसने बिस्तर लगा रखा था। मैंने उसे देखते ही उसे अपनी बाहों में ले लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगा क्योंकि आज किसी के भी आने का डर नहीं था। फिर मैंने उसे उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और मैं उसके पास ही लेट गया। हम काफी देर तक एक दूसरे से प्यार की बातें करते रहे। इस बीच मैं उसके शरीर पर हाथ भी फेरता जा रहा था। आज वह मुझसे कोई विरोध नहीं कर रही थी क्योंकि शायद वह जानती थी कि ऐसे मौके बार-बार नहीं आते हैं।

मैंने फिर उसके कुर्ती के अन्दर हाथ डालकर उसके स्तन दबाने शुरू किये। उस समय तो मानो स्वर्ग का आनन्द मिल रहा था। काफी देर तक स्तन दबाने के बाद मैंने उसकी कुर्ती को उतार दिया और साथ ही उसके सलवार को भी उतार दिया। अब वह मेरे सामने ब्रा और पेंटी में लेटी थी। मैंने उसके शरीर को अच्छी तरह से सहलाना और रगड़ना शुरू कर दिया और उसे चूमने लगा।

मैंने अपने भी सारे कपड़े उतार दिये और उसके स्तनों को जोर-जोर से दबाने लगा। इसके बाद मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया। इसके बाद हम ६९ की पोजीशन में आ गये। मैं उसकी चूत को काफी देर तक चाटता रहा और वह भी मेरे लण्ड को मुँह में लेकर चूसने लगी।

हम दोनों ही बहुत ज्यादा गर्म हो चुके थे और मेरा लण्ड उसको चोदने के लिये उतावला हो रहा था। मैंने अपने लण्ड को उसकी चूत के मुंह पर रखा और एक हल्का सा झटका दिया। वह चिल्लाने लगी तथा मुझे दूर हटाने लगी। लेकिन मैं उस पर हावी हो चुका था, मैंने उसके होठों पर अपने होठ रखकर उसके मुँह को बंद कर दिया और एक जोरदार झटका दिया जिससे मेरा आधा लण्ड उसकी कुंवारी चूत में घुस गया। वह बुरी तरह से छटपटाने लगी और रोने लगी। उसकी चूत से खून भी निकलने लगा था।

वह रोते हुए कहने लगी- प्लीज ! मुझे छोड़ दो ! फिर कभी करेंगे !

लेकिन मैंने उसकी एक भी न सुनी और दो-तीन झटकों में पूरे लण्ड को उसकी चूत में घुसेड़ दिया जिससे वह एक चीख के साथ बेहोश हो गई। मैंने बेहोशी में ही उसे चोदना जारी रखा। तेज दर्द के कारण वह फिर होश में आ गई और जोर-जोर से रोने लगी।

यह देख मैं रूक गया। मैंने कहा- अब घबराने की कोई जरूरत नहीं है, तुम्हारी सील टूट चुकी है और अब तुम्हे सिर्फ मजा आयेगा।

इसके बाद मैंने उसे धीरे-धीरे चोदना चालू किया तो उसे भी मजा आने लगा और वह भी मेरा साथ देने लगी। करीब आधा घण्टा चोदने के बाद हम दोनों ही एक साथ झड़ गये।

उसके बाद उसे मैंने कई बार चोदा। Hindi Sex Stories

प्रेषक : लव बाईट्स Hindi Sex Stories

हाय ! मैं हूँ राहुल, चंडीगढ़ Hindi Sex Stories का रहने वाला एक आज़ाद ख्यालों वाला युवक। मेरी कहानी सिर्फ आप लोगों को उत्तेजित करने के लिए है, इसका मकसद अपनी सेक्स शक्ति का बखान करने के लिए नहीं है। सो, पढ़िए और मज़ा लीजिये।

चंडीगढ़ में हमारा लड़के-लड़कियों का ग्रुप होता था, जो हर रोज़ शाम को गेड़ी रूट पर मौज मस्ती करते थे। हमारे ग्रुप में सभी की जोड़ी बनी हुई थी। मेरी भी एक पार्टनर थी नेहा ! जो इतनी खूबसूरत तो नहीं थी, पर हमें कौन सा शादी करनी थी। शुरू शुरू में मैं उसे लेकर ग्रुप में घूमता था, धीरे धीरे हम लोग अकेले घूमने लगे। मैंने उसे पहले दिन ही कह दिया था कि मेरे साथ भावुक होने की कोई ज़रुरत नहीं, लेकिन कहीं न कहीं उसके मन में मुझे शादी के चक्कर में फ़ंसाने की बात थी।

धीरे धीरे हम लोग शाम को मेरी कार में 2-3 घंटे इधर उधर घूमने लगे। एक दिन मैंने मौका पा कर उसे चूम लिया। वो एकदम से घबरा गई पर उसे भी मज़ा आया। फिर हमारी मुलाकातों में चूमा-चाटी का दौर चलने लगा। हम सुनसान जगह पर गाड़ी पार्क करके पहले बातें करते, फिर धीरे-धीरे किस्सिंग शुरू हो जाती।

एक दिन मैंने उतेजना में आकर धीरे से अपना हाथ उसके मम्मे पर रख दिया। उसने हाथ वहीं पकड़ के नीचे कर दिया। मैंने चूमना चालू रखा, और दो मिनट बाद फिर से मम्मा दबा दिया। उसने फिर से मेरा हाथ हटाने की कोशिश की पर मैंने नहीं हटाया। उसने हार मान कर मज़ा लेना शुरू कर दिया। फिर मैंने उसके टॉप के अन्दर हाथ डाल कर ब्रा का हुक खुल दिया और फिर मैं जैसे जन्नत में पहुँच गया। एकदम गोरे गोरे माखन जैसे मम्मे देख कर मैं पागल होकर उन्हें अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। नेहा भी वासना की आग में अआह आआह्ह की आवाजें निकलने लगी, उसके निप्पल चूस चूस कर मैंने लाल कर दिए।

बस फिर क्या था, अब रोज़ का यही सिलसिला चलने लगा। मैं घंटों उसके मम्मे दबाता, उन्हें जी भर के चूसता। कुछ दिन यही खेल चला और मैं बीच बीच में उसे चेताता भी रहता कि यह सिर्फ अपनी दोस्ती है, इससे ज्यादा कुछ भी नहीं। पर वो शायद किसी उम्मीद में मुझे आगे बढ़ने दे रही थी।

ऐसे ही एक दिन हम मोरनी हिल्स के रास्ते पर सुनसान सी जगह पर गाड़ी रोक कर प्यार करने लगे। मैंने झट से उसके मम्मों को दबाना, चूसना शुरू कर दिया। नेहा की साँसें तेज़ होने लगी। मैंने उसकी चूत के ऊपर हाथ फिराया और धीरे से उसकी जींस की जिप खोल के अन्दर चिकनी चूत पर ऊँगली फिराई। चूत एकदम से साफ़ और मखमली थी। मैंने अन्दर ऊँगली डाल के जैसे ही घुमाई, नेहा के मुँह से आआअयीईइ की आवाज़ निकली। उसकी चूत एकदम गीली थी। मैंने उसे ऐसे तड़पाना शुरू किया कि वो पागल हुई मुझसे लिपटी जा रही थी।

मैंने उसका हाथ पकड़ कर अपनी जींस के ऊपर से अपने लौड़े पर रख दिया। नेहा ने झिझकते हुए उस पर हाथ फेरना शुरू किया। मैंने मौका देख कर जिप खोल के अपना सात इंच के लौड़े को बाहर निकाल कर उसके हाथ में दे दिया। उसका मुँह खुला का खुला ही रह गया। मैंने सर पकड़ा और झट से लौड़े को उसके मुँह में डाल दिया। नेहा ने हैरान होकर मुझे देखा, पर मैं कहाँ मानने वाला था। उसने धीरे धीरे सुपारे को चूसना शुरू किया और मैं जन्नत में !

दस मिनट लौड़े को चूसाने के बाद मैंने अपना रस उसके मुँह में ही छोड़ दिया। वो आधा घंटा सबसे हसीं लम्हे थे।

उसके बाद हमारा यह सिलसिला जारी रहा, मैं रोज़ उससे लौड़े को चुसवाता, शायद उससे भी मज़ा आता था।

फिर एक दिन मैंने उसके साथ अपने दिल्ली के टूर की सेट्टिंग की। मैं एक तरफ से दिल्ली पहुंचा, और वो अपने माँ बाप को बहाना बनाकर दिल्ली पहुँच गई। वहाँ मिलते ही हम दोनों ने एक होटल में कमरा ले लिया पति पत्नी बनकर।

कमरे में घुसते ही मैंने उसे बिस्तर पर गिराकर सारे कपड़े उतार फैंके। धीरे धीरे उसके मम्मों का सारा रस पी गया, निप्पल चूस चूस के लाल कर दिए।

मुझसे इंतज़ार नहीं हो रहा था, मैंने झट से अपना लण्ड उसके मुँह में दे दिया, वो मज़े से चूसने लगी।

अब मुझे इंतज़ार था उस चिकनी चूत का, जिसने मुझे इतना तड़पाया था। लौड़े को उसकी चूत के ऊपर रख कर जैसे ही मैंने धक्का लगाया, सीधा स्वर्ग में पहुँच गए हम दोनों ! फिर चुदाई का वो खेल शुरू हुआ कि दो दिन हमने न जाने कितनी बार चुदाई की, हम खुद भी नहीं जानते।

उसके बाद हम दोनों ने न जाने कितने मज़े एक साथ लूटे, कितनी बार चुदाई की, पर मैंने उससे एक बात साफ़ शब्दों में कह दी थी कि हमारी दोस्ती सिर्फ शारीरिक सुख तक सीमित है। फिर हम दोनों की शादियाँ हो गई और हम फिर कभी नहीं मिले पर वोह हसीं लम्हें आज भी आनंदित कर जाते हैं। Hindi Sex Stories

Chandigarh jaise shehar me personal life aur relationships ko lekar log aksar online information dhundhte hain. City-specific general details is section me available hain.

Surat jaise shehron me rehne wale log aksar call girls ke options explore karte hain, jinke liye aur details yahan mil sakti hain.

वाइफ चेंज सेक्स कहानी में पढ़ें कि शादी की दूसरी सालगिरह पर मेरी बीवी का मन हुआ कि उसे एक और लंड चाहिए. उसने मुझे कहा तो मैंने वाइफ स्वैप का खेल करने को कहा.

मेरा नाम रोहित है दोस्तो!
मैं 30 साल का एक हट्टा कट्टा नौजवान हूँ.
मेरा कद 5′ 10″ है, रंग एकदम गोरा है और बदन कसरती है।

मेरी शादी अभी 2 साल पहले ही हुई है। मेरी बीवी का नाम रश्मिका है।

रश्मिका 28 साल की बेहद खूबसूरत, सेक्सी और हॉट लड़की है।
उसके मम्मे बड़े बड़े हैं, उसकी बाहें बहुत ही सुन्दर और आकर्षक हैं।
वह हमेशा स्लीवलेस डीप नेक के कपड़े पहनती है जिससे उसके बड़े बड़े मम्मों के साइज का पता चलता है।
उसके चूतड़ थोड़ा उभरे हुए हैं और गांड बड़ी मस्त है।

मेरी बीवी पढ़ी लिखी है, बोल्ड है, और खुश मिज़ाज़ है।
उसे सेक्स बहुत ही ज्यादा पसंद है। उसे लण्ड पकड़ने, चाटने और चूसने का बड़ा शौक है.
उससे ज्यादा चुदवाने का शौक है.

वह रोज़ रात को नंगी होकर मेरे लण्ड से खेलती है और मैं भी उसके नंगे जिस्म से खेलता हूँ।

एक रात को जब मेरी बीवी मेरे लंड से खेल रही थी तो उसके मुंह से निकला- भगवान् ने अगर दो लण्ड बनाये होते तो कितना अच्छा होता! मैं तो एक लण्ड से खेलते खेलते बोर होने लगी हूँ।
मैंने कहा- हां यार, तुम सच कह रही हो। अगर तुम्हारे साथ एक और चूत होती तो अदल बदल कर चोदने में कितना मज़ा आता!

वह कुछ देर तक सोचती रही, फिर बोली- अगर तुमको एक और चूत चाहिए तो फिर वाइफ स्वैपिंग करना क्यों नहीं शुरू कर देते? तुमको दूसरी चूत मिल जाएगी और मुझे दूसरा लण्ड!

यहाँ से शरू होती है हमारी वाइफ चेंज सेक्स कहानी!

मैंने कहा- आईडिया तो तेरा बड़ा अच्छा है. पर वाइफ स्वैपिंग के लिए वाइफ का राज़ी होना बहुत जरूरी है। क्या तुम किसी और से चुदवाने के लिए राज़ी हो? साथ ही साथ मुझे किसी और की बीवी चोदने दोगी?
वह बोली- हां हां … क्यों नहीं चोदने दूँगी? बड़े शौक से चोदने दूंगी। जब तुम अपनी बीवी को किसी और से चुदवाने दोगे तो मैं भी तुम्हें किसी और की बीवी चोदने दूँगी।

मैंने कहा- ठीक है. तुम भी कोई ऐसा कपल ढूंढो जो हमारे साथ चोदा चोदी कर सके। मैं उसकी बीवी चोदूँ, वह मेरी बीवी चोदे!

बात पक्की हो गयी।

उस रात मुझे अपनी बीवी चोदने में ज्यादा मज़ा आया।

उसके बाद हम दोनों काम पर लग गए।

अगले दिन हम शॉपिंग हॉल में घूम रहे थे।
मैं थोड़ा दूर था रश्मिका से … इतने में मैंने देखा कि सामने से एक बड़ी खूबसूरत सेक्सी औरत मेरी बीवी की तरफ मुस्कराती हुई आई और आते ही मेरी बीवी से बोली- अरे यार रश्मिका, तू यहाँ कैसे?
वह भी उसे देख कर दंग रह गयी और कहा- अरे यार प्रेमा, तू यहाँ क्या कर रही है?

वे दोनों थोड़ा दूर कोने में चली गई तो रश्मिका ने उसके कान में कहा- यहाँ क्या गांड मरा रही है तू अपनी?
प्रेमा बोली- तू क्या अपनी माँ चुदा रही है यहाँ?
दोनों हंसने लगी।

फिर प्रेमा बोली- मैं तो यही रहती हूँ अपने हसबैंड के साथ।
रश्मिका ने पूछा- तो फिर कहाँ है तेरा हसबैंड?
प्रेमा ने बताया- वो तो आया नहीं है, घर पर है।

मेरी बीवी ने फिर मुझे बुलाया और उसे मुझसे मिलवाया।
मैंने उसे बड़े प्यार से नमस्ते की।

यह सच है दोस्तो … कि प्रेमा मुझे एक नज़र में भा गयी।
वह बोली- अच्छा अब आप लोग मेरे घर चलो।

पहले तो हमने थोड़ा न नुकुर किया फिर हम दोनों उसके घर पहुँच गए।

रश्मिका ने बताया कि प्रेमा मेरी कॉलेज की दोस्त है।

हम दोनों उसके पति पवन से मिले परिचय हुआ और खूब ढेर सारी बातें हुईं।

मेरी बीवी ने अंदर जाकर प्रेमा से खुल कर वाइफ स्वैपिंग के लिए बात की.
उसने मौके का फायदा उठाया।
प्रेमा खुश होकर बोली- अरे यार, मेरा पति तो जाने कबसे वाइफ स्वैपिंग के लिए तैयार है। तुम किसी दिन प्रोग्राम बना लो, हम दोनों आयेंगे।

हमारा हौंसला बढ़ गया और अगले दिन हम दोनों शाम को अपने दोस्त आरव के घर पहुँच गए।
उसने हमारा स्वागत किया।
हम लोग एक दूसरे से अच्छी तरह मिले।

आरव की बीवी सपना बहुत ही सुन्दर सभ्य और हॉट बीवी है। मैं जब जब उसे देखता हूँ तो मेरे मन में कुछ कुछ होने लगता है।
अब आपसे क्या छिपाना दोस्तो, सच्चाई यह है कि मैं जब अपनी बीवी चोदता हूँ तो मन में सोचता हूँ कि मैं आरव की बीवी चोद रहा हूँ।

मैं आरव से बातें करने लगा और मेरी बीवी रश्मिका सपना भाभी से।
हम दोनों बाहर कमरे में थे और वो दोनों अंदर किचन में।

कुछ देर बाद जब दोनों बीवियां कमरे में वापस आईं तो मेरी बीवी ने इशारा किया कि काम हो गया।
मैंने मन में कहा कि सपना भाभी मान गयी है तो आरव भी मान ही जाएगा; अपनी बीवी से विपरीत वह नहीं जा सकता।

अब वह दिन दूर नहीं जब मैं आरव की बीवी चोदूंगा।

हम दोनों ने खूब जम कर नाश्ता किया और खूब मस्त मस्त बातें कीं।

रात को सपना भाभी का फोन मेरी बीवी के पास आ गया।
वह बोली- मेरा हसबैंड वाइफ स्वैपिंग के लिए तैयार हो गया है। अब आप तारीख़ बताइये कि हमें किस दिन आना है।

मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा।
रश्मिका भी ख़ुशी के मारे नाचने लगी।

अगले ही दिन मेरी शादी की सालगिरह थी।
मैंने दोनों कपल को रात भर के लिए डिनर और वाइफ स्वैपिंग की पार्टी के लिए आमंत्रित कर लिया।

अगले दिन की छुट्टी ले ली मैंने और सारा इंतज़ाम कर लिया।

शाम को 8 बजे दोनों कपल आ गए।
हमने उनका तहे दिल से स्वागत किया और उन्होंने हमको शादी की साल गिरह पर बधाई दी.

पवन प्रेमा और आरव सपना दोनों कपल भी एक एक दूसरे से मिलकर बहुत खुश हुए।
दोनों ही स्मार्ट और हैंडसम थे इसलिए ख़ुशी सबके चेहरे पर साफ़ झलक रही थी।

मेरी बीवी ने सपना और प्रेमा को अंदर बुलाकर सारी बात खुल कर बता दी और कहा- आज रात भर हम तीनों बीवियां एक ही बिस्तर पर एक दूसरे के पति से चुदवाएंगी।
सपना बोली- अरे यार, हम लोग एक बार एक कपल के साथ ऐसा कर चुके हैं। एक ही बेड पर मैंने उसके पति से चुदवाया और उसने मेरे पति से चुदवाया। इसलिए मुझे तो कोई शर्म नहीं।
प्रेमा बोली- तो मुझे भी शर्म नहीं है. मैं तो भकाभक चुदवाऊंगी तुम दोनों के पतियों से.

फिर तीनों बीवियां बाहर कमरे में आ गयीं।
हमने ड्रिंक्स शुरू कर दी।

पराई बीवियों के साथ शराब पीने का यह मेरा पहला मौक़ा था।
मैं तो इसका पूरा फायदा उठाने लगा।
मुझे मज़ा आने लगा।

फिर बातें होने लगीं तो धीरे धीरे और गहरी खुल कर बातें होने लगीं; सेक्स की बातें होने लगीं।
मैंने देखा कि शराब पीने में और बातें बीवियां सबसे आगे हैं।

तो मेरे मुंह से निकला- प्रेमा भाभी, कोई फड़कता हुआ नॉन वेज चुटकुला सुनाओ न प्लीज?
वह बोली- अच्छा तो सुनो!

एक बस में दो औरतें सीट के लिए लड़ रहीं थीं।
आखिरकार पहली बोली- ले राण्ड ये सीट तू अपने भोसड़ा में डाल ले!
दूसरी बोली- तू मादरचोद पूरी बस अपनी गांड में डाल ले!
इतने में कंडक्टर बोला- तो क्या मैं पैसेंजर्स को अपने लण्ड पर बैठा के ले जाऊंगा?

सबने खूब तालियां बजायी और एन्जॉय किया।

फिर सपना भाभी ने भी सुनाया- एक ने पूछा तुम्हारा नाम क्या है?
दूसरा बोला- लाला उमा नाथ दास.
पहले वाला बोला- इसे छोटा करके बताओ।
दूसरा बोला- LUND ( Lala Uma Nath Das )

सबने खूब तालियां बजाईं।

फिर मेरी बीवी का नंबर आया तो उसने कहा- एक बार एक लड़का और एक लड़की बात कर रहे थे।
लड़का बोला- यार तुम लड़कियां तो बहुत अच्छी हो। रात तो मजे से सोती तो हो?
लड़की बोली- सोते तो तुम भी हो मजे से?
लड़का बोला- कहाँ मजे से यार? हमको तो हर करवट पर अपना लण्ड सेट करना पड़ता है।

सबने खूब एन्जॉय किया और तब माहौल एकदम से गर्म हो गया।

उधर दो दो पैग व्हिस्की भी ख़त्म हो गई।
सब लोग नशे में आ गए।
नशे में थोड़ी बेशर्मी, थोड़ी सी शरारत और थोड़ी बदतमीजी करने का बहाना मिल जाता है।

अचानक मैंने प्रेमा भाभी का हाथ पकड़ लिया तो उसने मेरे गाल चूम लिए और बोली- यार रोहित, आज तुम बहुत हैंडसम लग रहे हो!
मैंने उसे अपने गले लगा लिया।

उधर सपना भाभी ने पवन के गले में अपनी बाहें डाल दीं।
वे दोनों एक दूसरे को चूमने लगे।

फिर मेरी बीवी कहाँ पीछे रहने वाली थी, उसने आरव को अपनी तरफ खींचा और उससे चिपक गयी।
आरव उसकी चूँचियाँ दबाने लगा तो मेरी बीवी उसका लण्ड टटोलने लगी।

पवन बड़े प्यार से बोला- रोहित, आज तेरी शादी की साल गिरह है। आज तुम मेरी बीवी के साथ अपनी सुहागरात मनाओ। मैं आरव की बीवी के साथ सुहागरात मनाऊंगा।
तब मैंने कहा- आरव मेरी बीवी रश्मिका के साथ सुहागरात मनाएगा।

सब लोग हंस पड़े।
अब यह तो ज़ाहिर हो गया कि बीवियों की अदला बदली में कौन किसकी बीवी चोदेगा और कौन किसके पति से चुदवायेगी.

मैं पवन की बीवी प्रेमा से लिपट गया।
मुझे पराई बीवी का आलिंगन बड़ा सुख देने लगा।

पवन आरव की बीवी के आलिंगन से खुश हो रहा था और आरव मेरी बीवी को चिपका कर मज़ा करने लगा था।

बीवियां भी पराये मरद से चिपक चिपक कर बड़ा आनंद का अनुभव कर रही थी।

इतने में मैंने प्रेमा भाभी के कपड़े उतार दिए और उसने मेरे कपड़े।

हम दोनों एक दूसरे के आगे एकदम नंगे खड़े हो गए।
मैं प्रेमा भाभी की मस्त मस्त चूचियाँ दबाने लगा तो वह मेरा लण्ड पकड़ कर बड़े मजे से हिलाने लगी।

वह बोली- यार रोहित, बड़ा मोटा तगड़ा है तेरा भोसड़ी का लण्ड!
उसने झुक कर मेरे लण्ड की चुम्मी ली तो मैं गनगना उठा।
मुझे प्रेमा भाभी पर प्यार आ गया, मैं उसके नंगे जिस्म से खेलने लगा।

तब मैंने देखा कि आरव नंगा होकर मेरी बीवी के नंगे जिस्म से खेल रहा है और पवन आरव की बीवी को नंगी करके उसकी चूचियाँ दबा रहा है और चूत सहला रहा है।

आरव की बीवी सपना पवन का लण्ड मस्ती से चाटने लगी और उसके पेल्हड़ भी चूमने लगी।
मेरी बीवी आरव का लण्ड ऐसे चूस रही थी जैसे उसे पहली बार कोई लण्ड मिला है।

तीनों बीवियां पराये मरद का लण्ड पाकर बेहद खुश थीं और तीनों मरद भी पराई बीवी के मम्मे दबा दबा कर, उनकी चूत सहला सहला कर, उनके चूतड़ों पर थप्पड़ मार मार कर, उनके नंगे बदन पर हाथ फिरा फिरा कर मज़ा लूट रहे थे।

मेरी नंगी बीवी बड़े प्यार से आरव का लण्ड चूसने लगी, आरव की नंगी बीवी सपना पवन का लण्ड और पवन की बीवी प्रेमा नंगी नंगी मेरा लण्ड चूसने लगी।

अब आने लगा हम सबको पराई बीवी से लण्ड चुसवाने का मज़ा।
मैं मन ही मन बड़ा खुश हो रहा था।

हम तीनों कपल एक ही बेड पर एकदम नंग धड़ंग बीवियों की अदला बदली का मज़ा लेने लगे।

मेरी बीवी बोली- यार सपना, बड़ा मोटा लण्ड है तेरे पति का! मुझे इसका टोपा चाटने में बड़ा अच्छा लग रहा है।
सपना बोली- मुझे तो प्रेमा के पति का लण्ड बड़ा मज़ा दे रहा है क्या मस्त लौड़ा है इसका मादरचोद … एकदम घोड़े का लण्ड लग रहा है।

प्रेमा ने भी अपने मन की बात कही- यार, मुझे तो रश्मिका के पति का लण्ड पसंद आ गया है। भोसड़ी का जितना मोटा है उतना ही कड़क भी है। ये तो आज मेरी चूत का भोसड़ा बना देगा।

बीवियों की इन मस्त मस्त बातों ने सबके लण्ड में एक नया जोश भर दिया।
उनके मुंह से गन्दी गन्दी बातें सुनकर लण्ड भी साले एकदम घोड़े के लण्ड की तरह खड़े हो कर हिनहिनाने लगे।
बीवियों को पराये मर्दों के लण्ड बहुत ज्यादा ही मज़ा देने लगे।

मेरी बीवी बोली- मन करता है कि मैं हर रोज़ पराये मरद का लण्ड अपने मुंह में लूँ, उसके लण्ड से खेलूं और फिर उसे अपनी चूत में पेलूं।

उत्तेजना सबकी इतनी बढ़ गयी कि अब किसी से रुका नहीं गया।
मैंने तो लण्ड गप्प से पवन की बीवी की चूत में पेल दिया।
लण्ड एक बार में पूरा घुस गया और मैं सटासट चोदने लगा उसकी चूत।

पवन ने भी जोश में आकर अपना लण्ड आरव की बीवी की चूत में पेल दिया।
वह मस्ती से आरव की बीवी चोदने लगा।

आरव ने अपना लम्बा लण्ड मेरी बीवी की चूत में ठोंक दिया और घपाघप चोदने उसकी चूत!
मेरी बीवी रश्मिका उससे बड़े प्यार से चुदवाने लगी।

हम तीनों इस तरह खुल्लम खुल्ला चोदने लगे एक दूसरे की बीवी की चूत।
बीवियां भी बड़ी बेशर्मी से एक दूसरे के पति से अपनी अपनी गांड उठा उठा के चुदवाने लगीं।

जितनी बेताबी हम लोगों को दूसरे की बीवी चोदने की थी, उससे कहीं ज्यादा बेताबी इन बीवियों को दूसरों के पतियों से चुदवाने की थी।

मुझे तो यकीन हो गया कि हर बीवी भोसड़ी वाली किसी न किसी पराये मरद से चुदवाती जरूर है।

मेरी बीवी को शायद बहुत ही ज्यादा अच्छा लग रहा था।
वह बोली- हाय मेरे राजा आरव, मुझे आज खूब अच्छी तरह चोदो, तुम्हारा लौड़ा बड़ा दमदार है। बड़ा मज़ा आ रहा है मुझे। आज मैं सच में अपनी असली सुहागरात मना रही हूँ। हाय रे फाड़ डालो मेरी चूत, चीर डालो मेरी चूत. ऐसा मज़ा तो मुझे पहले कभी नहीं आया।

उधर प्रेमा भी ऐसा ही कुछ कहे जा रही थी- हाय मेरे रोहित राजा, बड़ा जबरदस्त है तेरा लौड़ा। अंदर दूर तक चोट कर रहा है तेरा लण्ड मेरी चूत में। इतना मज़ा तो मुझे अपनी सुहागरात में भी नहीं आया था। आज तो सबके सामने चुदाने का मज़ा ही कुछ और है। और चोदो मुझे, अपनी बीवी की तरह चोदो मुझे, चीथड़े उड़ा दो मेरी चूत के!

फिर सपना भाभी भी कहाँ पीछे रहने वाली थी, वह भी बोली- हाय पवन, तेरा लौड़ा भोसड़ी का बड़ा खूंखार है, बिना रुके गचागच चोदे चला रहा है मेरी चूत! ऐसी चुदाई तो मेरी कभी नहीं हुई बहनचोद। बड़ा अच्छा लग रहा है यार, खूब हचक हचक कर चोदो मेरे प्यारे। मुझे आज अपने मरद के आगे पराये मरद से चुदवाने में कुछ ज्यादा ही मज़ा आ रहा है। मुझे अपने पति को रोहित की बीवी चोदते हुए देख कर बड़ा अच्छा लग रहा है। कोई और भी है जो मेरे पति से चुदवाकर मज़ा लेती है।

उधर आरव बोला- यार रोहित, मुझे अपने बीवी के सामने तेरी बीवी चोदने में जो मज़ा आ रहा है उसे बयान नहीं किया जा सकता। बड़ा मस्त चुदवाती है तेरी बीवी यानि मेरी रश्मिका भाभी।

इस तरह हम सब एक दूसरे की बीवी चोदते हुए अपनी अपनी बीवी चुदवा भी रहे थे।

अपनी बीवी दूसरों से चुदवाना भी एक बड़ा मजेदार खेल है।
यह वाइफ चेंज सेक्स का खेल अमेरिका ऐसे देशों में खूब होता है।
लोग दूसरों की बीवियां कम चोदते हैं, अपनी बीवी दूसरों से ज्यादा चुदवाते हैं और एन्जॉय करते हैं।

इन सब मस्तानी बातों से लण्ड एक एक करके झड़ने लगे और चूत भी सबकी खलास होने लगी।

चुदाई की पहली पारी ख़त्म हुई तो सबने बड़े प्रेम से नंगे ही खाना खाया और आपस में खूब हंसी मजाक भी की।

दूसरी पारी में मैंने आरव की बीवी सपना की चूत में लौड़ा पेला और खूब मस्ती से चोदा।
आरव ने अपना लण्ड पवन की बीवी प्रेमा की चूत में घुसेड़ दिया और खूब तबीयत से चोदा।

पवन ने मेरी बीवी रश्मिका की चूत में लौड़ा ठोक दिया और खूब धकाधक चोदा।

इस तरह रात भर हम बीवियां अदल बदल कर चोदते रहे और हमारी बीवियां भी लण्ड अदल बदल कर चुदवातीं रहीं।

तो दोस्तो, यह थी हमारी शादी की सालगिरह पर बीवियों की अदला बदली की एक सच्ची कहानी।

Antarvasna

हेल्लो दोस्तो ! मेरा नाम सुंदर है Antarvasna और मैं बंगलोर में रहता हूँ। मैंने अन्तर्वासना पर बहुत सी सेक्सी कहानियाँ पढ़ी हैं। उन्हें पढ़ने के बाद मुझे लगा कि मुझे भी अपनी कहानी सभी लोगों को बतानी चाहिए।

वैसे तो मेरा घर दिल्ली में है पर अब से दो साल पहले ही मेरा तबादला बंगलोर में हो गया था। मेरी उम्र २७ साल है और मेरा रंग गोरा, सुडोल शरीर है और मेरा लण्ड ८’’ लम्बा और २.५ ’’ मोटा है। मेरे घर (दिल्ली)में मेरी मॉम, डैड, मेरे बड़े भैया और भाभी जी रहते हैं।

अब मैं सीधे कहानी पर आता हूँ, मैं एक बहुत ही सेक्सी किस्म का इन्सान हूँ।

ये कहानी मेरी और मेरी भाभी की है। अब से ६ साल पहले की बात है।

मुझे नग्न काम-कला वाली फिल्मों का बहुत शौक है। उस समय मैं रोज एक मूवी लाता था और देख कर मुठ मारता था। ये बात शायद मेरी भाभी को पता चल गई थी। एक बार मेरे मॉम डैड कुछ काम से १ महीने के लिए हमारे गाँव गए हुए थे। मैं रोज़ रात को सेक्सी मूवी देखने के बाद मुठ मर के ही सोता था। हमारा घर दो मंजिला है, मैं और मेरे भैया भाभी दूसरी मंजिल पर रहते थे और मेरा कमरा भाभी के बाजू में ही था।

एक रात को मैं मूवी देख रहा था तो मेरे को लगा कि कोई मेरे कमरे में झांक रहा है मैं देखने के लिए जैसे ही बाहर आया तो मैं अपनी भाभी को अंदर कमरे में जाते देखा। मैंने देखा कि भाभी ने कमरे का दरवाज़ा थोड़ा सा खुला ही छोड़ दिया और खिड़की भी खोल दी। फिर मैं छुप कर देखने लगा कि अन्दर क्या हो रहा है।

तब मैंने देखा कि भैया सो रहे थे और भाभी ने उनकी लुंगी खोल कर उनका लण्ड चूसना शुरू कर दिया। थोड़ी देर बाद उन्होंने एक एक करके अपने सभी कपड़े खोल दिए और नंगी हो गई और मेरी तरफ अपनी गांड करके बड़े ही सेक्सी ढंग से भैया का लण्ड चूसने लगी। फ़िर थोड़ी देर बाद भैया के ऊपर चढ़ कर अपनी चूत में लण्ड डाल कर बड़े सेक्सी ढंग से ऊपर नीचे होने लगी और पीछे मुड़ कर मुझे देखने लगी और जोर जोर से सीत्कार करते हुए भैया से चोदने के लिए कहने लगी।

तब मैं समझ गया कि भाभी मुझे ही यह सब दिखा रही हैं। भैया नीचे से जोर लगा कर भाभी को चोदने लगे, भाभी मेरी तरफ़ बड़े सेक्सी तरीके से देख रही थी। थोड़ी ही देर में भैया झड़ गए और भाभी को बोलने लगे- अब बस कर !

तब मैंने देखा कि भाभी प्यासी ही रह गई।

भाभी ने भैया से कहा- मैं हमेशा प्यासी ही रह जाती हूँ !

तो भैया उन्हें प्यार से बोले- जानू ! मैं क्या करूँ?

तभी भैया को ना जाने क्या ख्याल आया और बोले- तू सुंदर से क्यों नहीं सम्बंध बना लेती।

भाभी पहले गुस्से में बोली- तुम्हारा दिमाग तो ठीक है?

फ़िर भैया के जोर देने पर मान गई। मैं यह सब खिड़की पर खड़ा सुन रहा था। मैं अपने कमरे में जाकर लेट गया, काफ़ी देर बाद मुझे नींद आई। सुबह जब मैं उठा तो आठ बज चुके थे और भैया ऑफिस जाने को तैयार थे, तब भैया बोले कि सुंदर आज तुम कॉलेज नहीं जाना घर का थोड़ा ख्याल रखना, तुम्हारी भाभी की तबियत कुछ ख़राब है !

मैं हाँ बोला और नहाने चला गया। उसके बाद जब मैं तैयार हो कर नाश्ता कर रहा था तो भाभी बहुत ही सेक्सी गाऊन पहन कर आई। उन्हें देख कर और रात की बात याद कर के मेरा लण्ड खड़ा होने लगा पर मेरी हिम्मत नहीं हुई और भाभी भी मुझे कुछ नहीं बोल पाई।

इस तरह दोपहर के दो बज गए।

तब भाभी ने मुझे कहा- मेरे सर में दर्द हो रहा है। क्या तुम मेरे विक्स लगा दोगे?

मैं बोला- जी भाभी !

मैं उनके कमरे में चला गया। जब मैं विक्स लगा रहा था तो भाभी धीरे धीरे कराह रही थी।

मैं बोला- भाभी ! बहुत दर्द हो रहा है?

भाभी बोली-हाँ ! बहुत दर्द हो रहा है।

मैं और जोर से सर दबाने लगा।

तब भाभी बोली- मेरे सीने में भी दर्द हो रहा है।

मैं थोड़ा घबराया और बोला- लाओ मैं वहाँ पर भी विक्स लगा देता हूँ, कुछ आराम मिलेगा।

वो कुछ नहीं बोली। फ़िर क्या था, मैंने फ़ौरन थोड़ी विक्स निकाली और उनके बड़े बड़े स्तनों पर विक्स लगाने लगा। वो सीत्कारने लगी। मैं दोनों बूब्स बारी बारी से दबा रहा था। मैने देखा- भाभी अपने गाउन के उपर से अपनी चूत को सहला रही थी। तब तक मैं भी पूरी तरह से गरम हो गया था, मैने झट से कहा- भाभी क्या तुम्हारी चूत में भी दर्द है?

मेरी ये बात सुनकर वो मुझसे चिपक गई और बोली- राजा ! चूत की वजह से ही तो मेरे स्तनों में दर्द है !

यहाँ मैं आपको बता दूँ मेरी भाभी और मुझे गन्दी गन्दी बातें करते हुए चुदाई में बहुत मजा आता है !

फिर तो मैं भी उनसे चिपक गया और उनके गाउन को उतार फेंका। अब वो मेरे सामने बिलकुल नंगी थी क्योंकि उन्होंने सुबह से ही कोई अंडर-गारमेंट नहीं पहना था। उसे नंगा कर के मैं पहले तो उसे देखता रहा फिर वाऽऽओ ! किया।

क्या फिगर है ३४ ३२ ३६ वाऽऽओ !

फिर मैंने उनकी चूत देखी, क्या गुलाबी चूत थी ! मैंने झट से उनकी चूत से मुंह लगा दिया और उनकी चूत को चाटने लगा।

वो बोली- हाँ जानू चाटो मेरी चूत को !

चूत सुनते ही मैं बोला- जानू मुझे चुदाई करते हुए गन्दी गन्दी बातें बोलना अच्छा लगता है, तुम मुझसे ऐसे ही चूत और लण्ड बोल बोल कर ही चुदाई करवाना !

वो बोली- मुझे भी ऐसे ही चुदाई में बहुत मजा आता है।

मैंने उसकी चूत को करीब आधे घंटे तक चाटा और वो इस दौरान कम से कम तीन बार झड़ चुकी थी। मैंने वैसे भी बहुत सारी मूवी देखी थी तो मैं उसी तरह से उसकी चूत को चाट रहा था और ऊँगली कर रहा था। वो जोर जोर से बोल रही थी- ऐसे ही चाटो मेरी चूत को ! आज पहली बार कोई मेरी चूत को चाट रहा है। तुम्हारे भैया तो चाटते ही नहीं हैं और न ही मुझे शांत करते हैं !

मैं चूत में ऊँगली करते हुए बोला- रात को मैंने सब देखा था !

तो वो बोली- तुमसे चुदवाने के लिए ही तो मैंने तुम्हारे भैया से रात को तुम्हें दिखाते हुए ही चुदवाया था।

फिर वो बोली- मुझे अपना लण्ड दिखाओ !

तब मैंने अपना लोअर निकाल दिया। वो देखते ही बड़ी खुश हुई और बोली- वाऽऽओ ! तुम्हारा लण्ड तो बहुत बड़ा है, आज मजा आयेगा !

मैं बोला- भाभी ! इसको अपने मुंह में नहीं लोगी?

तब झट से उन्होंने मेरा लण्ड पकड़ा और मुंह में डाल कर चूसने लगी।

मुझे बड़ा मजा आ रहा था, उनका मुंह बहुत गरम था, थोड़ी ही देर में मैं उनके मुंह में झड़ गया और वो सारा का सारा मेरा रस पी गई और बोली वह क्या रस है तुम्हारा ! आज पहली बार मैंने किसी लण्ड का रस पिया है !

फिर थोड़ी देर बाद वो फिर से मेरा लण्ड चूसने लगी। थोड़ी ही देर में मेरा लण्ड फिर से खडा हो गया। तब मैं बोला- भाभी ! अब मैं तुम्हें चोदना चाहता हूँ !

तो वो बोली- पहले मुझे गन्दी गन्दी गाली दो और मुझे अपनी रांड कहो तो मैं तुम्हें अपनी चूत दूंगी।

ये सुनते ही मैं बहुत खुश हुआ और बोला- साली रांड ! आज मैं तेरी चूत फाड़ कर रहूँगा। कुतिया ! तुझे इतनी बुरी तरह से चोदूंगा कि तू भी याद रखेगी !

फिर मैंने उसके बाल पकड़े और उससे बेड पर गिरा दिया और उसके बदन पर काटने लगा। वो कराहने लगी। तब मैं बोला- साली रण्डी ! तुझे मेरे भाई से संतुष्टि नहीं मिलती ! आज देख मैं तेरी चूत फाड़ कर रख दूंगा !

तो वो बोली- साले हरामी ! तेरे भाई के लण्ड में तो मुझे शान्त करने की हिम्मत ही नहीं है और तू कया मुझे चोदेगा ,मैंने झट से उसके मम्मे इतनी जोर से दबाये कि वो चिल्ला पड़ी और बोली थोड़ा धीरे पर मैं तब तक पागल हो गया था और एक साथ उसके उपर आ गया और उसकी चूत में अपना लण्ड रगड़ने लगा वो बोली गांडू लण्ड को चूत पर सहलाता ही रहेगा या इससे चूत में डालेगा भी मैंने झट से अपना लण्ड एक जोरदार झटके से उसकी चूत में डाल दिया। वो चिल्ला पड़ी और बोली- प्लीज़ इसे निकालो ! मुझे दर्द हो रहा है ! तुम्हारा बहुत बड़ा है !

पर मैं कहाँ सुनने वाला था, मैंने एक और झटका दिया और मेरा आधे से ज्यादा लण्ड चूत में चला गया। वो रोने लगी। फिर मैं तेज तेज से उसे चोदने लगा और बोला- बोल साली रंडी ! मजा आ रहा है? अब बोल मेरा लण्ड तो आराम से ले सकती है?

वो रोते हुए बोली- प्लीज़ सुंदर ! इसे निकालो मुझे बहुत दर्द हो रहा है !

मैं बोला- जानू बस अब तो पूरा लण्ड चूत में घुस गया है, अब तू मजे ले !

और थोड़ी देर के लिए शांत हो कर उसके बूब्स को और उसके होंटो को चूसने लगा। थोड़ी देर में वो भी जोश में आ गई और बोली- हाँ जानू ! अब मुझे जोर जोर से चोदो !

और किलकारियां मारने लगी- अऽआऽऽआहऽहऽह ओऽऊऽऽओ ओहऽहह !

मैं भी जोश में था, मैं और जोर जोर से चोदने लगा। वो चुदाई के दौरान करीब तीन बार झड़ी। फिर आखिर में मैं और वो एक साथ झड़े और एक दूसरे से चिपक कर काफी देर तक लेटे रहे।

तब तक ७ बज चुके थे। हम उठे और भाभी ने भैया को फ़ोन करके कहा कि कुछ खाने को ले आयें आज उनकी इतनी हिम्मत नहीं है कि कुछ पका सकें।

और इस के बाद हमें जब भी मौका मिलता हम चुदाई करते ..Antarvasna

TOTTAA’s Disclaimer & User Responsibility Statement

The user agrees to follow our Terms and Conditions and gives us feedback about our website and our services. These ads in TOTTAA were put there by the advertiser on his own and are solely their responsibility. Publishing these kinds of ads doesn’t have to be checked out by ourselves first. 

We are not responsible for the ethics, morality, protection of intellectual property rights, or possible violations of public or moral values in the profiles created by the advertisers. TOTTAA lets you publish free online ads and find your way around the websites. It’s not up to us to act as a dealer between the customer and the advertiser.

 

👆 सेक्सी कहानियां 👆