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Sex Stories

हाय! अन्तर्वासना के पाठकों Sex Stories के लिये पेश है पुलकित झा का एक और तोहफा! इस बार यह कहानी मैं सीमा की ओर से उसी के शब्दों में पेश कर रहा हूं।

हाय! मम्मी की डैथ के बाद पापा अकेले हो गये और उन्होंने पीना शुरू कर दिया। पापा के दो दोस्त थे, गुरुबचन अंकल और अकील अंकल। तीनों रोज शाम को किसी एक के घर बैठते थे। जब ये बैठक हमरे घर होती थी तो मैं ही उन्हें पानी नमकीन आदि सर्व करती थी। कुछ ही दिनों में मैंने महसूस किया कि जब भी मैं नमकीन आदि रखने के लिये झुकती हूँ तो अकील मेरे अन्दर झाँकने की कोशिश करते थे।

मैं भी कोई दूध की धुली नहीं थी तीन चार बार चुदवा चुकी थी सो उनका आशय समझ गई। चुदे हुए काफ़ी समय हो चुका था। मेरी चूत में खुजली मचने लगी। मैंने भी चारा डालने का मन बना लिया। आज जब वे आये तो मैंने अपनी ब्रा टाइट की और कुर्ते का ऊपर का एक बटन खोल लिया इससे झुकते ही मेरी जवानी बाहर झलकने लगती थी। पापा वाइन निकालने गये तो मैं नमकीन लेकर पहुँच गई और अकील की ओर मुँह करके प्लेट रखते हुए झुकी और थोड़ा रुक गई। इस बीच जब उनकी ओर निगाह की तो वे टकटकी लगाये देख रहे थे। जब आँखे मिली तो मैं मुस्करा दी। थोड़ा दूर पहुँचकर जब मैंने वापस देखा तो वे मेरी ओर ही देख रहे थे मैं फिर मुस्करा दी। मेरा संदेश उन तक पहुँच चुका था अब तो जबाव की बारी थी। गुरू अंकल ने भी यह सब नोट कर लिया था। बीच में जब पापा बाथरूम गये तो मैंनें उनकी बातें सुनी … …

उसकी बेटी पर लाइन मार रहा है क्या??? यह गुरू की आवाज थी।

जवानी सम्भाल नहीं पा रही है साली … … … अकील ने मुस्कराते हुए आँख मारी।

पट जायेगी????

पट तो चुकी है। … हाय!!! बस एक बार मौका मिल जाये तो लौड़े पर उछाल उछाल के चोदूंगा … … …

अकेले अकेले मत चोद लेना … … … ।

चिंता मत कर … । कल ऐसा करना … यहां आने के बाद इसके बाप के साथ दारू लेने चले जाना … पीछे से मैं सब सैट कर दूँगा … और हाँ … आना आराम से …

तभी पापा आ गये। मैं रोमांचित हो रही थी, मन कर रहा था कि अभी जाके गोद में बैठ जाऊँ पर इन्तजार तो करना ही था। दूसरे दिन मैंनें अपनी झांटें साफ़ कीं। शाम को जब वे आये तो आते ही गुरू बोले- अरे यार आज दारू लाना तो भूल ही गया …

चलो मैं ले आता हूं … … पापा ने कहा।

तो गुरू बोले- मैं भी चलता हूँ … … … …

फिर वे चले गये तो अकील ने मुझे आवाज दी … ।

मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था। आज मैंने टी शर्ट पहने थी जिसमें से मेरे स्तन बाहर निकले पड़ रहे थे। जब मैं पहुँची तो वह मुस्कराते हुए बोला- आ न … मैं अकेला बोर हो रहा हूँ … … मैं जब उसके सामने बैठने को हुई तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपने पास बिठा लिया … …

कुछ देर चुप रहने के बाद उसने अपना एक हाथ मेरे कन्धे पर रखा और बोला- आज बडी क्यूट लग रही है … पर … कल के बराबर नहीं … … …

मैंने उसकी ओर देखा तो उसने मुस्कराते हुए आँख मार दी तो मैं भी मुस्करा दी। और उसने जब अपनी ओर खींचा तो मैं खिंची चली गई। उसने मुझे अपनी गोद में लिटा लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पर जमा दिये और एक हाथ से चूचियां दबाने लगा। मैं तो पहले से ही मरी जा रही थी सो कोई विरोध नहीं किया। जैसे ही उसका चूचियों वाला हाथ चूत पर पहुंचा मैं उससे लिपट गई। जैसे ही उसने होंठ छोड़े मैंने एक लम्बी सांस ली।

उसने अपना हाथ मेरे लोअर में डाल दिया और बोला … आज तेरे पापा को ज्यादा पिला दें?????

क्यों????

गहरी नींद में सो जायेगा … फ़िर???? चूत पर उंगली दबाते हुये जोर का चुंबन दिया। मैंने आंखें बंद कर ली … तो उसने अपना हाथ चड्डी में डाल दिया।

बोल ना … चुदवायेगी … … …? वह चूत की दरार में उंगली चलाने लगा।

पर?? गुरू अन्कल भी तो हैं … … … अब मैं पूरी तरह से खुल चुकी थी।

उसे भी दे देना … … … वह चूत के छेद पर उंगली दबाते हुए बोला।

नहीं … … … दोनों से नहीं !!

अरे बहुत मजा आयेगा … … चुदवा तो चुकी है ना पहले????

मैं चुप रही।

फिर क्या प्राब्लम है? …

और फ़िर उसने मुझे सोफ़े पर सीधा लिटाया और लोअर को नीचे खिसकाना शुरू किया तो मैंने रोका- वे लोग आने वाले होंगे … … … …

चलने से पहले गुरू काल करेगा … … …

अच्छा!!! तो सारा प्लान बना कर आये थे … … … मैं लिपटते हुए बोली।

और क्या … तूने भी चूत हमारे लिये ही तो चिकनी की है … … … उसने मेरा लोअर व चड्डी उतार दी और चूत भींचते हुए बोला।

पहले तेरे पापा को डाउन कर देंगे फ़िर तेरी चिकनी चूत को जमकर चोदेंगे … … … फ़िर उसने अपना पैंट उतारा। उसका 7 इंच का मोटा तगड़ा लंड तना हुआ था। मेरी खुजली और बढ़ गई।

आजा ! जब तक वे आयें एक राउन्ड कर लें। और उसने वहीं जमीन पर लिटा लिया तो मैंने भी टांगे उपर उठा ली। उसने मेरा शर्ट गले तक उठाया और दोनों चूचियां थामते हुए लन्ड चूत पर टिका दिया जिसे मैंने हाथ से छेद पर लगा दिया। अकील ने दबाव बढ़ाया तो मेरे मुँह से आह निकल गई … …

उसने फ़िर एक जोरदार धक्का दिया तो लन्ड चूत की दीवार को चीरता हुआ जड़ तक समा गया …

आआह्ह्ह्ह्ह्ह् … … … … … मेरी चीख निकल गई।

उसने पूरा लन्ड बाहर खींचा और फ़िर पूरी ताकत से पेल दिया।

आह्ह्ह … … मारोगे क्या … … !

चुपचाप पड़ी रह बहन की लौड़ी … … आज बरसों के बाद नई चूत मिली है … और फिर वह रुका नहीं … सचमुच एक पक्का मर्द था … … उसकी हर एक चोट पर मुझे लगता था कि मेरी कमर टूट जायेगी … उसने दनादन चोदना शुरू कर दिया। मैं आह्ह आह्ह करती रही और वह चोदता रहा। लगभग 200 चोट मारने के बाद हम दोनों एक साथ झड़े। झड़ते समय उसने लन्ड बाहर खींच लिया और सारा पानी चूत के ऊपर निकाल दिया। फ़िर लन्ड चूत में वापस डालकर मेरे उपर लेट गया।

मजा आया मेरी जान को … … …? वह चूमते हुए बोला तो मैंने उसके गले में बांहे डालकर कई चुंबन ज़ड दिये।

अब सैकिण्ड राउंड में इससे भी बढ़िया चुदाई होगी … … मैं और कस के लिपट गई।

तेरी चूत का हलवा बना देंगे … … और फ़िर गुरू का काल आने तक हम यूँ ही लेटे रहे। जैसे ही गुरू का काल आया, हम सीधे बाथरूम में गये, जहाँ मैंने उसके लंड को और उसने मेरी चूत को साफ किया एक बड़े किस के साथ अलग हुए। फ़िर उनका दौर चला। अपने प्लान के मुताबिक उन्होंने पापा को ज्यादा पिला दी जिससे वे 9:30 तक ही लुढ़क गये तो वे उन्हें सुला आये। सोने से पहले पापा ने उनसे वादा लिया कि वे अपना कोटा पूरा करके ही जायेंगे। जैसे ही उन्होंने पापा के कमरे का दरवाजा बन्द किया मेरी धड़कने तेज हो गई। पहले तो जोश में चुदवा लिया पर अब दो, वो भी एक साथ, की कल्पना से डर लग रहा था। मैं दरवाजे की ओर पीठ करके लेट गई। वे धीरे से मेरे कमरे में घुसे तो मेरी साँस अटकने लगी। अकील मेरे पीछे से लेट गया और मुझे भींच कर बोला …

तो चुदने के लिये तैयार है मेरी रानी …

आज रहने दो, पापा की नींद कच्ची है … फ़िर किसी दिन कर लेना … मेरी बात में दम था सो वे मान गये

… इस बीच गुरू भी आगे से मेरे पास बैठ गया और मेरा चेहरा उठा कर बोला … मुझे प्यासा ही छोड़ देगी क्या … ?

मैंने कुछ नहीं कहा।

तो ऐसा कर गुरू से तो चुदवा ही ले … मैं बाहर तेरे पापा का ध्यान रखूंगा … अकील बोला।

जा तू बाहर ध्यान रख जब तक मैं इससे परिचय कर लूँ … गुरू अकील से बोला तो अकील बाहर चला गया।

गुरू ने मुझे अपनी बांहों व टांगों में भींचकर लिपटा लिया मैंने भी अपनी बाँह उसकी कमर में डाल दी और लिपट गई। गुरू तो इस मौके के इंतजार में ही था और पूरी तरह गरम भी था जिसका एहसास उसके लंड की सख्ती से, जो कि चूत पर दस्तक दे रहा था, से मुझे हो रहा था। जल्दी ही उसने मुझे नंगा किया और खुद भी हो गया। फ़िर वह सीधे ऊपर आया और लंड चूत पर टिका कर मेरे होंठ चूसने लगा।

मैं भी गरम हो चुकी थी सो बोली … … जल्दी करो … !!

तो ले … मादरचोद … और उसने एक ही झटके में लौड़ा चूत में उतार दिया। अकील की तरह उसका लंड भी खूब बड़ा और मोटा था। मैंने टांगे फ़ैला दी और फ़िर वह मेरी कमर तोड़ने में जुट गया। उसकी ताबड़तोड़ चुदाई से मैं कराहने लगी … पर वह तो भूखे भेड़िये की तरह टूट पड रहा था। थोड़ी देर बाद उसने मुझे चौपाया बनाया और फ़िर पिल पडा। उसकी चुदाई अकील से भी ज्यादा भारी थी। लगभग आधा घंटे चोदने के बाद वह झड़ गया तब जाकर मुझे कुछ चैन मिला। वे चले गये पर मेरा शरीर सारी रात दर्द करता रहा। Sex Stories

प्रेषक : ओ पी झाकड़ Sex Stories

मैं प्रकाश आपका दोस्त Sex Stories लेकर आ गया आप लोगों के लिए यौन-कथा !

पहले अपने बारे में बताता हूँ मैं प्रकाश इक्कीस साल का जवान जयपुर का रहने वाला हूँ। मैं आज आप लोगो के लिए ऐसी सेक्स स्टोरी लाया हूँ जिसे पढ़ कर लड़कियों की चूत में से ५ बार पानी और लड़के २५ बार मुठ मारेंगे।

चलो, अब मैं अपनी कहानी शुरू करता हूँ ! हाँ कहानी पढ़ने के बाद मुझे मेल जरूर करना…!

बात करीब पाँच साल पहले की है जब हमारे घर के पास एक भैया रहने आये जिनका नाम सुनील और २२ साल के थे। वो अभी शादीशुदा नहीं थे उनकी न तो सेहत थी न लम्बाई !

मैं सोचता कि कौन सी लड़की इनसे शादी करेगी .. !

मैं सोलह साल का होता हुआ भी उनसे अच्छा दीखता था। पर स्वभाव उनका बहुत अच्छा था। हम दोनों जल्दी अच्छे दोस्त बन गए। वो मुझ से हर बात शेयर करने लगे। फिर मैंने उनसे पूछा- आपने कभी किसी लड़की को चोदा है?

तो बोले- नहीं !

फिर बात आई गई हो गई। २ साल बाद मुझे पता चला कि उनके घर वालो ने उनके लिए एक लड़की देख ली है, बस भैया को जा कर पसंद करनी है।

वो मुझे भी साथ ले गए। मैं था तो अट्ठारह का पर लग रहा था पूरा नौजवान बीस साल का ….

जब हम लोग लड़की वालों के पहुँचे तो सबने मुझे लड़का समझा।

तो मैंने उन्हें कहा- मैं नहीं, ये हैं जो आपकी लड़की से शादी करना चाहता है !

उन्हें ये पता लगते ही लगा कि वो भैया के साथ अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहते।

पर उनकी कुछ मज़बूरी थी जिस कारण वो कुछ नहीं बोल पाए ……

जैसे ही लड़की आई, हम दोनों उ़से ही देखते रहे- क्या तो लग रही थी ! बिल्कुल परी जैसी थी !

मैं तो बार बार उसके स्तनों और गांड को ही देख रहा था। मुझे तो उसी समय उसे चोदने का मन करने लगा पर मैं शांत ही रहा।

भैया ने शादी के लिए हाँ कह दी।

४० दिन बाद का मुहूर्त निकला शादी का ……

मैं तो दिन-रात मुस्कान ( भैया की होने वाली बीबी ) के बारे में ही सोचता रहता …… तब मुझे मूठ मरना नहीं आता था …..

शादी वाला दिन भी आ ही गया। मैंने अपने लिए नए कपड़े लिए तो जिसे देख भैया बोल उठे- आज तो तू ही दूल्हा लग रहा है..!

मैं भी हंस दिया।

बारात चलने लगी मैंने बारात में खूब डांस किया …. फिर करीब डेढ़ घंटे बाद हम शादी वाली जगह पहुँच गए …

शादी में हमने बहुत मस्ती की और भैया की साली जो मेरे बराबर थी के साथ बहुत मजे किये। बहुत बार उसकी गांड और बूब्स को दबा देता पर वो कुछ नहीं बोली…

शादी अच्छी तरह हो गई।

मुझे तो भाभी और उनकी बहन दोनों को चोदने की इच्छा होने लगी।

लेकिन दो महीने बाद मेरे एग्ज़ाम थे तो मैं उनकी तैयारी में लग गया। कभी कभी भैया के घर जाने लगा …

एग्ज़ाम खत्म होते ही मैं भैया के घर ही दिन भर बिताता …

मुझे भाभी कभी खुश नहीं लगी। मैंने कई बार पूछा, पर वो कुछ नहीं बोली। मैंने भैया को भी बोला कि क्या बात है !

तो भी बोले- कुछ नहीं ! लड़कियों की आदत ही होती है गुमसुम रहने की !

फिर मैंने भी कुछ नहीं कहा ….

२ महीने बाद मैं ऐसे ही रोज की तरह भैया के घर गया …. उनका गेट जो अक्सर बंद ही रहता है, आज खुला था। मैं सीधे अन्दर घुस गया।

सामने का नज़ारा देख कर मैं दंग रह गया।

भाभी ब्लू फिल्म देख रही थी जिसमें आदमी लड़की की चूत में अपनी ऊँगली डाल रहा था, भाभी भी अपनी चूत में ऊँगली डाल रही थी …

मैं जाने लगा तो भाभी ने देख लिया और जल्दी से कपड़े ठीक कर बोली- प्रकाश तुम कब आये?

मैं कुछ नहीं बोला और उनकी चूत की तरफ देखने लगा तो वो बोली- क्या देख रहे हो?

मैं बोला- कुछ नहीं ….!

तो एकदम से बोली- मेरी चूत की तरफ ना !

मैंने कहा- हाँ !

तो बोली- मुझे चोदोगे ?

मैं बोला- क्या????

तो बोली- तुम्हारे भैया तो नामर्द हैं, कभी लंड ही खड़ा नहीं होता। शादी के ९ महीने बाद भी मैं अक्षत-योनि हूँ…..!

मैं बोला- क्या????

वो बोली- प्लीज़ ! मेरी चूत की प्यास मिटाओ !

मैं अटकता अटकता बोला- ठीईई ठीई ठीक है ! चोदता हूँ ! पर भैया को पता चला तो ?

वो बोली- कुछ नहीं बोलेगा वो भैन का लौड़ाऽऽऽ !

मैं मन मन बहुत खुश हुआ, मेरी पहली चुदाई 18 साल की उम्र में ! मज़ा आ जायेगा …!

फिर मैं भाभी को उठा कर बेड पर ले गया और उनके स्तन ब्लाऊज़ के ऊपर से ही दबाने लगा।

वो आहें भरने लगी…अह्ह्ह्ह् ह्ह्ह्ह्ह्ह उह्ह्ह्ह्ह मज़ा आ गया ! तेज़ दबाओ जान्न्न् …

मैं और तेज़ दबाने लगा, उसके बूब्स को उसकी ब्रा से आजाद कर के दबाने लगा वो और तेज़ आहे भरने लगी…अह्ह्ह्ह्ह्ह्ह या आआआअह्ह् उह्ह्हुहुहू अहः

फिर मैं बूब्स को मुँह में चूमने लगा …..

फिर उनकी साड़ी हटा कर पूरा नंगा करने लगा ……. और उसके बदन पर हाथ फेरने लगा।

वो बोली- जान ! बड़ा मज़ा आ रहा है…

मैंने उसे पूरा नंगा कर दिया, बस पैंटी नहीं खोली और बोला- मेरा लंड तो बाहर निकालो और तरोताजा करो…..!

तो बोली- अभी निकलती हूँ…..

२ मिनट में मुझे पूरा नंगा कर के मेरे ७.५ इंच के मोटे लंड से खेलने लगी….

मुझे भी काफी मज़ा आ रहा था….. मैं भी आहें भरने लगा..

मेरे लंड ने एक बार करीब २० मिनट बाद पानी छोड़ दिया….

फिर मैं उसकी चूत को पैंटी हटा कर नंगा करने लगा। क्या तो मस्त चूत थी उसकी ….छोटे छोटे बाल और गुलाबी रंग की….

मैं उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा तो वो आहें भरने लगी- आ आआ आह्ह ऊऊओह्ह्ह्ह माज्ज़ा आआआ राह्हा है जानी….

मैं बोला- अभी तो असली मज़ा आना बाकी है मेरी जान ….. मैं ऊँगली से उसकी चूत को खोलने लगा….

तो वो चिल्लाई- आह्ह्ह दर्द हो रहा है !

तो मैं बोला- फिर मेरा मोटा लंड घुसने पर क्या होगा मेरी जान…..?

कुछ देर बाद बोली- अब सब्र नहीं होता ! चोदो मेरी चूत को….

तो मैंने उसे बेड पर लेटा कर धीरे धीरे उसकी अनछुई चूत में लंड डालने लगा। मुझे पता था कि दर्द होगा, सो मैंने आराम से घुसाना जारी रखा…

उसे थोड़ा दर्द हुआ पर इतना नहीं जितना आमतौर पर लड़कियों को पहली चुदाई में होता है।

थोड़ी देर बाद मैं स्पीड बढ़ाता गया … अब उसे भी मज़ा आ रहा था, बोलने लगी- प्रकाश जान, और तेज्ज़ फाड़ दे मेरी चूत …

मैं और तेज़ हो गया और उसकी चूत को मज़े देने लगा….

उसकी चूत को चोदते हुए इतना मज़ा आ रहा था कि मुझे लगा कि मैं हमेशा ऐसे जीवन भर चोदता रहूँ…

१५ मिनट बाद वो झड़ गई और बोलने लगी- अब प्लीज़ ! रुक जाओ !

पर मैं कहाँ रुकने वाला था, मैं अपनी स्पीड पर उसे चोदता रहा…..

दस मिनट बाद मैं भी झड़ गया और सारा पानी उसकी चूत में छोड़ दिया…..

वो बोली- जान आज तो मुझे मज़ा आ गया !

मैं बोला- जान ! तुमने मुझे जो मज़ा दिया उसे मैं कभी नहीं भूलूंगा….

उस दिन हमने करीब ५ बार चुदाई की।

अब हम रोज चुदाई करने लगे। मैंने ही उसे बच्चा दिया।

मैंने मुस्कान की छोटी बहन की मीनाक्षी को भी खूब चोदा ……

पर यह कहानी बाद में !

मुझे मेल जरूर करना दोस्तों … मुझे आपके मेल कर इन्तज़ार रहेगा.. Sex Stories

हेलो मित्रो ! Sex Stories

मैं लुधियाना से 33 साल की Sex Stories पायल, फ़ीगर, 36-32-40 एक बार फ़िर एक नई कथा आपके लिए ले कर अन्तर्वासना पर आई हूँ।

छेदी राम पंजाब में ईंटों के भट्टे पर काम करता था। दुबला पतला सा, बिहार के छपरा से आकर वो समाना शहर के पास एक भट्टे पर काम पे लग गया। जब वो कमाने लगा तो घर वालों ने बिहार में ही उसका रिश्ता तय कर दिया। जब छेदी राम गाँव गया तो उसकी शादी गुलाबी से कर दी गई।

शादी करके छेदी बहुत खुश था क्योंकि गुलाबी के रूप में उसे एक भरे बदन की गोरी चिट्टी बीवी मिल गई पर शादी से गुलाबी को कोई ख़ुशी ना मिली। 3 इंच की लुल्ली वाला छेदी उसकी प्यास नहीं बुझा पाता था, ना छेदी की लुल्ली में मोटाई थी, ना लम्बाई और ना कड़कपन। पर गुलाबी ने इसे ही अपना भाग्य मन लिया और चुप करके दिन काटने लगी।

शादी के कुछ दिन बाद छेदी काम के लिए वापिस पंजाब आ गया और अपने साथ अपनी पत्नी गुलाबी को भी ले आया। छेदी ने सोचा कि अगर दो हाथ कमाने वाले होंगे तो गुज़ारा अच्छा हो जायेगा इसलिए उसने भट्टे के ठेकेदार से बात करके गुलाबी को भी काम पे रखवा दिया।

एक दिन जब ठेकेदार भट्टे का मुआयना कर रहा था तो उसने गुलाबी को ईंटें उठा कर ले जाते देखा और अपने मुंशी से पूछा,’अरे बनवारी, ये औरत कौन है?’

बनवारी ठेकेदार की रग रग से वाकिफ था, बोला,’ सरकार ! अपने छेदी की जोरू है, कहो तो बुलाऊं?’

‘अरे नहीं, अभी नहीं, पर साली है जोरदार ! देखो कोई जुगाड़ बिठाओ, देखें तो साली मीठी है या नमकीन !’

इस पर दोनों हंस दिए और आगे बढ़ गए।

कुछ दिनों बाद छेदी के गाँव से कुछ पैसों की ज़रुरत आ गई तो छेदी ने अपनी बीवी से बात की। पर दोनों के पैसे जोड़ कर भी घर भेजने के लिए पैसे पूरे ना पड़े। छेदी ने अगले दिन पे बात टाल दी। अगले दिन जब सुबह छेदी सो कर उठा तो उसका बदन तो बुखार से तपा पड़ा था सो वो काम पे ना जा सका और गुलाबी को अकेले ही काम पे जाना पड़ा।

काम पे गुलाबी ने अपनी एक सहेली चंदा से बात की तो उसने कहा,’ तो क्या हुआ, ठेकेदार से उधर मांग ले और अपनी पगार से कटवाते रहना।’

यह सोच कर कि चलो आसानी से काम बन गया, भोली-भाली गुलाबी ठेकेदार के पास गई।
जब ठेकेदार ने गुलाबी को आते देखा तो मुंशी से बोला- बनवारी, ये इधर किधर आ रही है?

तो बनवारी बोला- सरकार ! लगता है आपकी तो निकल पड़ी, आएगी तो…
इस पे दोनों जोर से हंस दिए। जब गुलाबी ठेकेदार के सामने आ कर खड़ी हुई तो बातों बातों में ठेकेदार ने उसके जिस्म का पूरा जायज़ा ले लिया, गोरा रंग, भरा बदन, दो गोल गोल बड़ी सी छातियाँ, सपाट पेट, मोटा कुल्हा, भारी भारी चूतड़, सच में गुलाबी एक सेक्स बम्ब लगी और गुलाबी का जिस्म देखते देखते ही ठेकेदार का लण्ड खड़ा हो गया।

ठेकेदार अपनी धोती में से ही अपने लण्ड को हिला रहा था जिसे गुलाबी भी देख रही थी। ठेकेदार ने बिना ज्यादा बात किये गुलाबी को पैसे दे दिए। जब गुलाबी पैसे ले कर जाने लगी तो ठेकेदार ने उसे आँख मार दी, जिस पर गुलाबी सिर्फ मुस्कुरा कर चली गई। उसके मुड़ते ही ठेकेदार बोला,’ बनवारी लाल ये तो …..’

‘टाँगें उठा उठा कर देगी सरकार !’ मुंशी ने बात पूरी की।

उन्होंने जानबूझ कर इतनी ऊंची आवाज़ में कहा कि गुलाबी सुन ले, और गुलाबी भी सुन कर चुपचाप चली गई। ना जाने क्यों उसे ठेकेदार का आँख मारना अच्छा लगा।

2-3 दिन बाद जब सारा भट्टा भर गया तो उसे बस फूस डाल कर आग लगानी बाकी थी। तो पहले से बनाये कार्यक्रम के अनुसार मुंशी ने गुलाबी को कहा,’ ए गुलाबी ! जा अन्दर जाकर देख, अगर सारा फूस लग गया हो तो मैं ठेकेदार से पूछ कर आग लगवाऊं !’

जब गुलाबी भट्टे के अन्दर चली गई तो मुंशी गेट के बाहर अपना मेज़ लगा कर बैठ गया ताकि कोई अन्दर ना जा सके।

गुलाबी जब बिल्कुल अन्दर पहुंची तो देखा कि वहां ठेकेदार पहले से ही खड़ा था,’ अरे गुलाबी, तू कैसे आई?’ ठेकेदार बोला।

‘जी मैं तो ये देखने आई थी कि ..’

‘कि मैं अन्दर क्या कर रहा हूँ, जानेमन मैं तो तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहा था आ जाओ !’ कह कर ठेकेदार ने आगे बढ़ कर गुलाबी अपनी बाँहों में ले लिया।

गुलाबी एकदम डर गई- नहीं ठेकेदार साब, मुझे छोड़ दो !

तो ठेकेदार बोला- देख गुलाबी, सच कहता हूँ जब से तुम्हें देखा है, मेरे मन पे काबू नहीं रहा, अब तुम्हारे बिना रहा नहीं जाता, अब ना मत कहना, मैं तेरे लिए तड़प रहा हूँ !
कहते हुए ठेकेदार ने गुलाबी को चूमना चाटना शुरू कर दिया। चूमने चाटने से गुलाबी को भी मज़ा आया और ठेकेदार का लण्ड खडा हो गया। वो भी अपना लण्ड गुलाबी की चूत से टकराने लगा।

अब तो गुलाबी के भी बस से बात बाहर होने लगी और उसने ठेकेदार को कस कर बाँहों में भर लिया।

ठेकेदार ने बिना वक्त गंवाए अपने और गुलाबी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए और 1 मिनट बाद ही दोनों बिल्कुल नंगे थे। गुलाबी आज पहली बार इतना लम्बा, मोटा और तना हुआ लण्ड देख रही थी। ठेकेदार ने उसे अपना लण्ड पकड़ाया और गुलाबी की छातियाँ चूसने लगा और चूसते चूसते उसके पेट और जांघों को भी चूमता रहा। गुलाबी की चूत से पानी चू कर उसकी टांगों से बहने लगा।

ठेकेदार ने गुलाबी को बाँहों में उठाया और फूस के ढेर पे लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया। उसके लेटने के बाद गुलाबी ने खुद अपनी टाँगें चौड़ी की और ठेकेदार की टांगों से अपनी टाँगें लिपटा दी।

ठेकेदार ने गुलाबी के गाल चूसते हुए कहा- गुलाबी इसे पकड़ कर अपनी चूत पे रख !

जब गुलाबी ने ठेकेदार का लण्ड हाथ में पकड़ा तो वो उसके लण्ड का कड़कपन देख कर हैरान रह गई पर बोली कुछ नहीं। उसने चुपचाप लण्ड को अपनी चूत पे रखा तो ठेकेदार ने एक झटके में अपना आधा लण्ड गुलाबी की चूत में डाल दिया जिससे गुलाबी के मुंह से एक हल्की सी चीख निकल गई और इस हल्की सी चीख ने ठेकेदार का मज़ा 10 गुणा कर दिया।

वो जोर लगा कर लण्ड अन्दर ठेलता रहा और गुलाबी दर्द से ‘हाय-हाय’ करती रही पर उसने एक बार भी ठेकेदार को रुकने के लिए नहीं कहा क्योंकि इस दर्द के लिए वो कब से इंतज़ार कर रही थी।

खैर हौले हौले ठेकेदार का सारा लण्ड गुलाबी की चूत में घुस गया और ठेकेदार ने बड़े प्यार से चूस चूस कर गुलाबी की चुदाई शुरू की।
चुदाई के दौरान ठेकेदार ने गुलाबी को जी भर के मसला। गुलाबी की बड़ी बड़ी छातियाँ मसल मसल के उसने लाल कर दी, गाल चूस चूस कर गुलाबी कर दिए, घस्से मार मार के चूत को भी सुर्ख कर दिया पर गुलाबी को इस सब में दर्द कम और मज़ा ज्यादा आया।

यह वो आनंद था जो छेदी उसे कभी नहीं दे पाया था। ठेकेदार की एक चुदाई में गुलाबी दो बार पानी छोड़ गई। ठेकेदार ने भी अपने माल से गुलाबी की चूत को ऊपर तक भर दिया और थक कर गुलाबी के ऊपर ही लेट गया।

10-15 मिनट आराम करने के बाद ठेकेदार ने गुलाबी को दोबारा जम कर चोदा और इस बार गुलाबी ने भी सारी लाज-शर्म त्याग कर ठेकेदार का भरपूर साथ दिया और अपनी कमर उठा उठा कर ठेकेदार से चुदी।

जब चुदाई के बाद गुलाबी भट्टे से बाहर निकली तो वहां मुंशी ने उसे पकड़ लिया और उसके मम्मे दबाये तो ऊपर से ठेकेदार आ गया और बोला- मुंशी, नहीं इसको मैं निज़ी माल बना कर रखूंगा, इसको हाथ मत लगा, गुलाबी तू जा और सुन, मिलती रहा कर !

और गुलाबी अपने घर को चल दी। आज गुलाबी बहुत खुश थी क्योंकि उसकी बरसों की प्यास आज शांत हो गई थी। उसे लग रहा था कि आज उसकी सुहागरात या सुहागदिन था। आज वो एक लड़की से पूरी औरत बन गई थी।

यह एक काल्पनिक कथा है और सच्चाई से इसका कोई लेना देना नहीं है। आप सिर्फ इसे पढ़ो और मज़े लो।

दोस्तों, अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी तो अपनी राय मुझे ज़रूर भेजना ! Sex Stories

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हय फ्रेंड्स! मेरा नाम अजय है और मैं दिल्ली Hindi Porn Stories में रहता हूँ. मेरा लण्ड 6.5 इन्च का है और मेरी हाईट 6.2 फ़ीट शरीर सामान्य.

तो फिर बात ऐसी है कि मेरी कोई गर्ल-फ़्रेन्ड नहीं है और मैं अक्सर अपने फ्रेंड्स की गर्ल-फ़्रेन्ड को देख कर परेशान सा होया करता था कि भगवान् मेरी कब सुनेगा. लेकिन उसक घर देर है पर अंधेर नहीं है.

अचानक मेरी नजर एक लड़की पर पड़ी जोकि हाईट में मुझ से बहुत छोटी थी मैंने मन ही मन कहा कि क्या माल है लेकिन फिर कहा कि यार ये तो अभी छोटी है लेकिन मैं ग़लत था उसकी हाईट ही बस छोटी थी बाकि और सब बड़े बड़े कसे हुए थे. मैंने कहा यह लड़की अगर मेरी फ्रेंड बन जाए तो क्या बात है और इतिफाक से वोह मेरे घर की तरफ़ ही आ रही थी।

मैंने देखा उसकी क्या गांड थी मानो दो ढोल. बाद में पता चला कि वोह मेरे आंटी के यहाँ काम करने आती है फिर क्या था सरदार बहुत ही खुश हुआ. और चोदने के प्लान बनाने लगा।

एक दिन वोह मेरे घर से गुजर रही थी मैंने बड़ी हिम्मत कर के उससे उसके फिगर के बारे मैं कह दिया। वोह सुनकर स्माईल देकर चली गई।फिर क्या था- जो हँसी उसकी फटी. अगले दिन मैं उसका घर के बाहर वेट कर रहा था तो मैंने पाया कि आज कुछ अलग ही लग रही थी, देखा तो पाया कि वो टाईट सूट पहने वो आ रही है. मैं मुस्कुराया और वो भी।

मैंने कहा कि एक जगह काम करना है उसने कहा कि कहाँ? मैंने कहा- मेरे घर। उसने कहा कि ठीक है। मैंने कहा कि ओके ! तुम कल से काम पर लग जाओ, कल 10:00 बजे से।

“ओके” उसने सर हिलाकर मान लिया.

फिर क्या था वो आई मैंने गेट खोला तो पाया कि एक लाल रंग का टॉप और नीले रंग की जीन्स पहने वो खड़ी थी। मैं देख कर हैरान था। उसने कहा कि अन्दर नहीं आने दोगे?

इशारा करते मैंने मन में कहा कि आज तेरी मैया चुद गई. फिर क्या था… ???

मैंने उसे घर दिखाने के बहाने अपनी गोदी में उठा लिया था। क्योंकि वो मुझ से हाईट में छोटी थी न इसी लिए। और फिर उसे कमरे में ले जाने लगा।

वो बोली क्या कर रहे हो?

मैंने कहा- कुछ नहीं और जल्दी से कमरे में लाकर कुण्डी लगा दी

वो रोने लगी और उसे देख कर मेरी भी गांड फटने लगी

मैंने कहा- मैं तुम्हारे साथ कुछ भी नहीं करूँगा अगर तुम मुझ से प्यार नहीं करतीं तो!

उसने कुछ नहीं कहा और मैं समझ गया था। मैंने उसे लेट जाने को कहा और कहा मैं तुम्हारे साथ करना चाहता हूँ

फिर उसने कहा कि तो करो न…

मैंने कहा कि ले मेरी जान !

मैंने उसका टॉप के ऊपर उसके 2 रसगुल्ले जैसे बूब्स दबाने शुरू किए और वोह सिसकियां लेने लगी।

फिर क्या था मैंने अपना हाथ उसकी ब्रा में डाल दिया। क्या मजा था यारो ! मानो- या- ना -मानो ! बहुत ही अच्छा लगा।

मैंने पहली बार बूब्स का स्वाद जो लिया था न

मैंने कहा तुम मेरे सारे कपड़े उतार दो।

वो हँसी और बोली पहले मेरे तो उतार दो।

मैंने कहा लो मेरी जान। और मैंने उसे नंगी कर दिया उस बिना झांट वाली चूत क्या लग रही थी।

फिर क्या था वोह भी मेरे सारे कपड़े उतारने लगी और जब उसका हाथ मेरे लण्ड पर गया तो वो सिहर सी गई।

मैंने कहा- क्या हुआ मेरी जान वो बोली कुछ नहीं !

फिर मैंने उसे लेट जाने को कहा, और उसने ठीक वैसा ही किया। मैंने पहले तो 20 मिनट तक उसकी बिना बाल वाली चूत चाटी और फिर मैंने अपना लन उसके मुह में पेल दिया उसे भी स्वाद सा आया फिर मुझे अचानक गुस्सा सा आया और मैंने अपना लण्ड उसकी चूत में डाल दिया और इतनी जोर से धक्के मारने लगा कि उसकी इतनी जोर से चिल्ली निकली कि मेरे दोनों कान फ़ट से गये। मैंने धक्के मारने बंद कर दिए और उसके बूब्स दबाने लगा और किस करने लगा।

फिर अचानक उसे भी मजा आने लगा। मैं समझ गया था और मैंने जोर से धक्के मारने फिर से शुरू कर दिए इतनी जोर से मैंने धक्के मारे कि सिर्फ़ 2 धक्कों में मैंने उसकी आई एस आई सर्टिफ़ाईड चूत फाड़ दी. और पूरे कमरे में फचा फच की आवाज आ रही थी। उस दिन घर वाले भी कहीं बाहर गए हुए थे। और फिर चोद-चुदाई 20 मिनट तक चली और उसके बाद हम दोनों एक साथ ही झडे मैंने अपना तेजाब उसके मुह में और उसने अपना जलजीरा मेरे मुह में छोड़ दिया. फिर हम दोनों नहाने गए और नहाते हुए हम दोनों तो बस आपस में एक दूसरे को किस करते रहे।

तो दोस्तों यह मेरी कहानी कैसी लगी? Hindi Porn Stories

Indian Sex Stories

मेरा नाम संजू सिंह, उम्र Indian Sex Stories चब्बीस साल, चेन्नैई में रहता हूँ। अमिं अन्तर्वासना पर नियमित रूप से कहानियाँ पढ़ता हूँ।

अब मैं आपको अपनी एक कहानी सुनाता हूँ।

बात उन दिनों की है जब मैं इन्ज़िनियरिंग कर रहा था। मेरे एक दोस्त ने मुझे काल-बॉय सेवा के बारे में बताया और कहा- इसमें आमदनी भी अच्छी है और मज़ा भी है। तो पैसे के लिए मैं भी यह काम करने को तैयार हो गया और मेरे दोस्त ने मेरा सम्पर्क ऐसे किसी आदमी से करा दिया जो इस तरह का काम करता था।

एक दिन उसने मुझे एक महिला से मिलवाया। उस औरत का नाम हिना था, वो लगभग ३३ साल की होगी पर उसका फ़ीगर मस्त था। उसके कपड़े देख कर लग रहा था कि वो बहुत अमीर है।

उस औरत ने मुझे एक होटल में मिलने को कहा। जब मैं वहाँ पहुँचा तो वो मेरा इन्तज़ार कर रही थी। हम दोनों होटल के कमरे में गए। उसने मेरा नाम पूछा और साथ ही यह भी पूछा- तुमने कभी चुदाई की है?

मैंने कहा- किया है पर आपकी उम्र की स्त्री के साथ नहीं। तब उसने मुझे मेरा लण्ड दिखाने को कहा और देख कर कहा कि यह तो बहुत ही लम्बा है, मेरे पति का तो इतना नहीं है। यह सुन कर मेरा थोड़ा आत्मविश्वास जागा और मैंने उसको बोला- कुछ घण्टे के लिए मैं आपका गुलाम हूँ और आपकी खिदमत के लिए आया हूँ, अगर आप मेरी बात मानती हैं और मेरे तरीके से चुदाई करवाती हैं तो आपको बड़ा मज़ा आएगा।

वो मैडम मान गई और मैंने अपना काम शुरू कर दिया। सबसे पहले मैंने उसके होंठों को चूमा दस मिनट तक। उसको बड़ा मज़ा आया। फ़िर मैंने उसके स्तनों को कपड़ों के ऊपर से ही दबाना शुरू किया तो वो आहऽ ह ऊहऽऽई करने लगी। फिर मैं धीरे धीरे उसके कट्स में किस करने लगा उसको बड़ा मजा आने लगा।

उसने कहा- तुम तो बड़े एक्सपर्ट हो !

तो मैंने उसको कहा- आपका सेवक हूँ !

फिर मैं अपने कम में लग गया और मैंने धीरे से उसके ब्लाउज़ के हुक खोल दिए। अब वो कसमसाने लगी, फिर मैंने उसकी ब्रा भी खोल दी। उसके बूब्स देख कर मैं हैरान रह गया। क्या मस्त बूब्स थे ! मजा आ गया !

अब एक स्तन को मैंने मुंह में रखा और दूसरे को हाथ से दबा रहा था, उसे बहुत मजा आ रहा था, वो बोल रही थी- और दबाओ ! और चूसो !

मैंने और जोर से दबाना चालू कर दिया। अब मैंने धीरे से एक हाथ उसकी पैंटी में डाल दिया। उसकी पैंटी उसके चूत के रस से भीगी थी। तब मैंने उसकी साड़ी भी खोल दी और उसकी पैंटी को भी निकाल दिया।

अब वो पूरी नंगी हो गई थी। मैं उसकी बूर में २ मिनट तक नीचे से ऊपर तक जीभ फिराता रहा। उसने बोला- ऐसे मत करो, नहीं तो मैं लीक हो जाऊँगी।

तो मैंने उसको कहा- यह तो पहली बार है, अभी तो मैं आपको कितनी बार लीक करूँगा। मैंने जीभ हिलाना चालू रखा और वो सचमुच लीक हो गई।

मैंने उसकी क्लिट को चूसना करना शुरू किया तो १० मिनट में ही फिर से वो सिसकियाँ लेने लगी और मुझे कहा- जल्दी से चुदाई करो ! मैं इंतजार नहीं कर सकती !

मैंने कहा- अभी तो शुरू ही किया है, और तुम बोलती हो कि चोदो !

मैंने फिर जीभ उसकी बूर में घुसा दी और अन्दर बाहर करने लगा तो उसे मजा आने लगा। ऐसे मैंने ५ मिनट तक किया तो उसने कहा- मुझे कब तक तड़पाओगे? अब तो करो !

मैंने कहा- रुकिए मैडम ! अभी और मज़ा आएगा !

मैं उसके स्तन चूसने लगा और एक उंगली उसकी बुर में अन्दर बाहर करने लगा।

वाह डार्लिंग ! मज़ा आ रहा है।

थोड़ा ऐसे करने के बाद मैंने दो उंग्लियाँ उसकी बुर में डाल दी। उसे बड़ा मज़ा आया।

अब मेरा लण्ड भी काबू से बाहर होने लगा था तो मैंने अपने लण्ड को मैडम की बुर के सामने रखा और धीरे से घुसा दिया। उसने आह! किया और कहा- कितना बड़ा है तुम्हारा लण्ड ! प्लीज़ धीरे से करो !

तब मैंने धीरे से धक्का मारा तो पूरा अन्दर चला गया और फ़िर मैं धीरे धीरे धक्के मारने लगा। ८-१० धक्कों के बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वो भी कमर उठा कर मदद करने लगी। मेरे करने के बीच वो दो बार लीक हो गई और जब मैं लीक होने वाला था तो उसने कहा- अन्दर लीक मत होना ! मेरे मुंह पर करना !

तब मैंने उसके मुंह पर लीक किया, उसे बड़ा मज़ा आया। फ़िर हम दोनों ने थोड़ी देर बेड पर आराम किया।

फ़िर मैंने कहा- यह तो पहली पारी थी, अब दूसरी पारी शुरु करते हैं।

वो मुझसे ही पूछने लगी- तुम ही बताओ कैसे शुरू करें?

तब मैंने कहा- तुम मेरा लण्ड चूसो और मैं आपकी चूसता हूँ।

हम दोनों ६९ होकर एक दूसरे को मुख-मैथुन सुख प्रदान करने लगे। फ़िर हमने एक बार और सम्भोग किया और फ़िर बाथरूम में फ़्रेश होकर कपड़े पहने। जब हम होटल से जा रहे थे तो उसने मुझे दस हज़ार रुपए दिए। मैंने मैडम को धन्यवाद दिया और हम अपने अपने रास्ते चले गए। Indian Sex Stories

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