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हेलो मित्रो ! Sex Stories

मैं लुधियाना से 33 साल की Sex Stories पायल, फ़ीगर, 36-32-40 एक बार फ़िर एक नई कथा आपके लिए ले कर अन्तर्वासना पर आई हूँ।

छेदी राम पंजाब में ईंटों के भट्टे पर काम करता था। दुबला पतला सा, बिहार के छपरा से आकर वो समाना शहर के पास एक भट्टे पर काम पे लग गया। जब वो कमाने लगा तो घर वालों ने बिहार में ही उसका रिश्ता तय कर दिया। जब छेदी राम गाँव गया तो उसकी शादी गुलाबी से कर दी गई।

शादी करके छेदी बहुत खुश था क्योंकि गुलाबी के रूप में उसे एक भरे बदन की गोरी चिट्टी बीवी मिल गई पर शादी से गुलाबी को कोई ख़ुशी ना मिली। 3 इंच की लुल्ली वाला छेदी उसकी प्यास नहीं बुझा पाता था, ना छेदी की लुल्ली में मोटाई थी, ना लम्बाई और ना कड़कपन। पर गुलाबी ने इसे ही अपना भाग्य मन लिया और चुप करके दिन काटने लगी।

शादी के कुछ दिन बाद छेदी काम के लिए वापिस पंजाब आ गया और अपने साथ अपनी पत्नी गुलाबी को भी ले आया। छेदी ने सोचा कि अगर दो हाथ कमाने वाले होंगे तो गुज़ारा अच्छा हो जायेगा इसलिए उसने भट्टे के ठेकेदार से बात करके गुलाबी को भी काम पे रखवा दिया।

एक दिन जब ठेकेदार भट्टे का मुआयना कर रहा था तो उसने गुलाबी को ईंटें उठा कर ले जाते देखा और अपने मुंशी से पूछा,’अरे बनवारी, ये औरत कौन है?’

बनवारी ठेकेदार की रग रग से वाकिफ था, बोला,’ सरकार ! अपने छेदी की जोरू है, कहो तो बुलाऊं?’

‘अरे नहीं, अभी नहीं, पर साली है जोरदार ! देखो कोई जुगाड़ बिठाओ, देखें तो साली मीठी है या नमकीन !’

इस पर दोनों हंस दिए और आगे बढ़ गए।

कुछ दिनों बाद छेदी के गाँव से कुछ पैसों की ज़रुरत आ गई तो छेदी ने अपनी बीवी से बात की। पर दोनों के पैसे जोड़ कर भी घर भेजने के लिए पैसे पूरे ना पड़े। छेदी ने अगले दिन पे बात टाल दी। अगले दिन जब सुबह छेदी सो कर उठा तो उसका बदन तो बुखार से तपा पड़ा था सो वो काम पे ना जा सका और गुलाबी को अकेले ही काम पे जाना पड़ा।

काम पे गुलाबी ने अपनी एक सहेली चंदा से बात की तो उसने कहा,’ तो क्या हुआ, ठेकेदार से उधर मांग ले और अपनी पगार से कटवाते रहना।’

यह सोच कर कि चलो आसानी से काम बन गया, भोली-भाली गुलाबी ठेकेदार के पास गई।
जब ठेकेदार ने गुलाबी को आते देखा तो मुंशी से बोला- बनवारी, ये इधर किधर आ रही है?

तो बनवारी बोला- सरकार ! लगता है आपकी तो निकल पड़ी, आएगी तो…
इस पे दोनों जोर से हंस दिए। जब गुलाबी ठेकेदार के सामने आ कर खड़ी हुई तो बातों बातों में ठेकेदार ने उसके जिस्म का पूरा जायज़ा ले लिया, गोरा रंग, भरा बदन, दो गोल गोल बड़ी सी छातियाँ, सपाट पेट, मोटा कुल्हा, भारी भारी चूतड़, सच में गुलाबी एक सेक्स बम्ब लगी और गुलाबी का जिस्म देखते देखते ही ठेकेदार का लण्ड खड़ा हो गया।

ठेकेदार अपनी धोती में से ही अपने लण्ड को हिला रहा था जिसे गुलाबी भी देख रही थी। ठेकेदार ने बिना ज्यादा बात किये गुलाबी को पैसे दे दिए। जब गुलाबी पैसे ले कर जाने लगी तो ठेकेदार ने उसे आँख मार दी, जिस पर गुलाबी सिर्फ मुस्कुरा कर चली गई। उसके मुड़ते ही ठेकेदार बोला,’ बनवारी लाल ये तो …..’

‘टाँगें उठा उठा कर देगी सरकार !’ मुंशी ने बात पूरी की।

उन्होंने जानबूझ कर इतनी ऊंची आवाज़ में कहा कि गुलाबी सुन ले, और गुलाबी भी सुन कर चुपचाप चली गई। ना जाने क्यों उसे ठेकेदार का आँख मारना अच्छा लगा।

2-3 दिन बाद जब सारा भट्टा भर गया तो उसे बस फूस डाल कर आग लगानी बाकी थी। तो पहले से बनाये कार्यक्रम के अनुसार मुंशी ने गुलाबी को कहा,’ ए गुलाबी ! जा अन्दर जाकर देख, अगर सारा फूस लग गया हो तो मैं ठेकेदार से पूछ कर आग लगवाऊं !’

जब गुलाबी भट्टे के अन्दर चली गई तो मुंशी गेट के बाहर अपना मेज़ लगा कर बैठ गया ताकि कोई अन्दर ना जा सके।

गुलाबी जब बिल्कुल अन्दर पहुंची तो देखा कि वहां ठेकेदार पहले से ही खड़ा था,’ अरे गुलाबी, तू कैसे आई?’ ठेकेदार बोला।

‘जी मैं तो ये देखने आई थी कि ..’

‘कि मैं अन्दर क्या कर रहा हूँ, जानेमन मैं तो तुम्हारा ही इंतज़ार कर रहा था आ जाओ !’ कह कर ठेकेदार ने आगे बढ़ कर गुलाबी अपनी बाँहों में ले लिया।

गुलाबी एकदम डर गई- नहीं ठेकेदार साब, मुझे छोड़ दो !

तो ठेकेदार बोला- देख गुलाबी, सच कहता हूँ जब से तुम्हें देखा है, मेरे मन पे काबू नहीं रहा, अब तुम्हारे बिना रहा नहीं जाता, अब ना मत कहना, मैं तेरे लिए तड़प रहा हूँ !
कहते हुए ठेकेदार ने गुलाबी को चूमना चाटना शुरू कर दिया। चूमने चाटने से गुलाबी को भी मज़ा आया और ठेकेदार का लण्ड खडा हो गया। वो भी अपना लण्ड गुलाबी की चूत से टकराने लगा।

अब तो गुलाबी के भी बस से बात बाहर होने लगी और उसने ठेकेदार को कस कर बाँहों में भर लिया।

ठेकेदार ने बिना वक्त गंवाए अपने और गुलाबी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए और 1 मिनट बाद ही दोनों बिल्कुल नंगे थे। गुलाबी आज पहली बार इतना लम्बा, मोटा और तना हुआ लण्ड देख रही थी। ठेकेदार ने उसे अपना लण्ड पकड़ाया और गुलाबी की छातियाँ चूसने लगा और चूसते चूसते उसके पेट और जांघों को भी चूमता रहा। गुलाबी की चूत से पानी चू कर उसकी टांगों से बहने लगा।

ठेकेदार ने गुलाबी को बाँहों में उठाया और फूस के ढेर पे लिटा दिया और उसके ऊपर लेट गया। उसके लेटने के बाद गुलाबी ने खुद अपनी टाँगें चौड़ी की और ठेकेदार की टांगों से अपनी टाँगें लिपटा दी।

ठेकेदार ने गुलाबी के गाल चूसते हुए कहा- गुलाबी इसे पकड़ कर अपनी चूत पे रख !

जब गुलाबी ने ठेकेदार का लण्ड हाथ में पकड़ा तो वो उसके लण्ड का कड़कपन देख कर हैरान रह गई पर बोली कुछ नहीं। उसने चुपचाप लण्ड को अपनी चूत पे रखा तो ठेकेदार ने एक झटके में अपना आधा लण्ड गुलाबी की चूत में डाल दिया जिससे गुलाबी के मुंह से एक हल्की सी चीख निकल गई और इस हल्की सी चीख ने ठेकेदार का मज़ा 10 गुणा कर दिया।

वो जोर लगा कर लण्ड अन्दर ठेलता रहा और गुलाबी दर्द से ‘हाय-हाय’ करती रही पर उसने एक बार भी ठेकेदार को रुकने के लिए नहीं कहा क्योंकि इस दर्द के लिए वो कब से इंतज़ार कर रही थी।

खैर हौले हौले ठेकेदार का सारा लण्ड गुलाबी की चूत में घुस गया और ठेकेदार ने बड़े प्यार से चूस चूस कर गुलाबी की चुदाई शुरू की।
चुदाई के दौरान ठेकेदार ने गुलाबी को जी भर के मसला। गुलाबी की बड़ी बड़ी छातियाँ मसल मसल के उसने लाल कर दी, गाल चूस चूस कर गुलाबी कर दिए, घस्से मार मार के चूत को भी सुर्ख कर दिया पर गुलाबी को इस सब में दर्द कम और मज़ा ज्यादा आया।

यह वो आनंद था जो छेदी उसे कभी नहीं दे पाया था। ठेकेदार की एक चुदाई में गुलाबी दो बार पानी छोड़ गई। ठेकेदार ने भी अपने माल से गुलाबी की चूत को ऊपर तक भर दिया और थक कर गुलाबी के ऊपर ही लेट गया।

10-15 मिनट आराम करने के बाद ठेकेदार ने गुलाबी को दोबारा जम कर चोदा और इस बार गुलाबी ने भी सारी लाज-शर्म त्याग कर ठेकेदार का भरपूर साथ दिया और अपनी कमर उठा उठा कर ठेकेदार से चुदी।

जब चुदाई के बाद गुलाबी भट्टे से बाहर निकली तो वहां मुंशी ने उसे पकड़ लिया और उसके मम्मे दबाये तो ऊपर से ठेकेदार आ गया और बोला- मुंशी, नहीं इसको मैं निज़ी माल बना कर रखूंगा, इसको हाथ मत लगा, गुलाबी तू जा और सुन, मिलती रहा कर !

और गुलाबी अपने घर को चल दी। आज गुलाबी बहुत खुश थी क्योंकि उसकी बरसों की प्यास आज शांत हो गई थी। उसे लग रहा था कि आज उसकी सुहागरात या सुहागदिन था। आज वो एक लड़की से पूरी औरत बन गई थी।

यह एक काल्पनिक कथा है और सच्चाई से इसका कोई लेना देना नहीं है। आप सिर्फ इसे पढ़ो और मज़े लो।

दोस्तों, अगर आपको यह कहानी अच्छी लगी तो अपनी राय मुझे ज़रूर भेजना ! Sex Stories

मैं मानस आज आपके सामने अपनी सच्ची कहानी लेकर आ रहा हूं उम्मीद करता हूं आपको पसंद आएगी मैं राजस्थान के सीमावर्ती शहर भरतपुर का रहने वाला हूं मेरे पिताजी का बिल्डिंग मटेरियल का बहुत बड़ा काम था बहुत अच्छी आमदनी हुआ करती थी पांच साल पहले कोविड के समय में अचानक पिताजी नहीं रहे मैं उस समय 20 साल का था और बीकॉम कर चुका था सीए की तैयारी करनी थी पर इस अनहोनी से बिजनेस की सारी जिम्मेदारी मेरे कंधों पर आ गई, मैंने बिजनेस को अच्छे से संभाल लिया, पर इतना बड़ा काम अकेले का नहीं होता इसमें मेरी मां को की मदद करनी पड़ी क्योंकि परिवार में कोई और इस काम में कोई मदद नहीं कर सकता , दूसरे खानदान वाले बिजनेस को हड़पने के चक्कर में लगे रहते थे मैं पूरी तरह से अनुभवहीन था परंतु मां के सहयोग से धीरे-धीरे 3 महीने में सब कुछ सीख गया और 6 महीने में व्यापार को अच्छे से चलाने लगा मेरी मां बहुत समझदार थी उसे ऊंच-नीच और सामाजिक बुराइयों वगैरा का बहुत ज्ञान था वह मुझे समझाती रहती थी की अपने परिवार मैं बहनों की बड़ी जिम्मेदारी अब मुझे ही उठानी है मैं मेरे परिवार में सबसे बड़ा हूं आज मेरी उम्र 25 साल है, मुझसे छोटी तीन बहनें जिसमें से नव्या 22 साल की है वह ग्रेजुएशन में बीएससी कर रही है उसकी शादी की बात चल रही है जल्दी ही अच्छा लड़का मिलते ही उसकी शादी कर दी जाएगी बहुत अच्छे-अच्छे रिश्ते आ रहे हैं पर वह कोई ना कोई नुक्स निकाल कर मना कर देती है और मैं भी उसे पर कोई दवाब नहीं डालता, उसकी और मेरी शादी को लेकर मां बहुत चिंतित रहती है भव्या 19 साल की है और अभी बारहवीं का एग्जाम दिया है और इंजीनियरिंग करना चाहती है कई इंस्टिट्यूट का एंट्रेंस टेस्ट का फॉर्म भर्ती रहती है माया 15 साल की है और अभी हाई स्कूल का एग्जाम दिया उसका पढ़ाई में मन बहुत ज्यादा लगता है वह डॉक्टर बनना चाहती है मैं भी उसे बहुत सपोर्ट करता हूं। पिताजी के जाने के बाद कितनी जिम्मेदारियां का बोझ मुझ पर आ गया कि मेरा सारा लड़कपन खत्म हो गया स्कूल कॉलेज के यार दोस्त छूटते चले गए लेकिन एक चीज बहुत अच्छी हुई कि हम भाई बहनों में एक दूसरे के लिए प्यार और केयर की भावना बढ़ती गई मां भी यह सब देखकर खुश होती थी पहले कोई बहन मुझे एक गिलास पानी भी नहीं देती थी अब शोरूम से आने के बाद कि मेरे लिए पानी चाय नाश्ता लेकर भव्या आ जाती है चाय पीकर थोड़ी देर लेटकर आराम करता हूं तो माया मेरे शरीर पर चढ़कर पैरों से पूरे शरीर को दबाती है और मेरा सारा बदन का दर्द निकल जाता है फिर थोड़ी देर बाद मैं उठकर नहा धोकर फ्रेश होता हूं नव्या और नव्या पूरा किचन का काम संभाल लेती हैं खाना सबका तैयार हो चुका होता है मां जाकर गरमा गरम फुल्के बनती है क्योंकि मुझे मां के हाथ के फुल्के पसंद है और हम डाइनिंग टेबल और खाने के लिए आ जाते हैं अब सबके साथ मेरी भी खाने पीने की पसंद का ख्याल रखा जाता है पहले ऐसा नहीं था खाना खाते-खाते हम पूरे दिन की बातें करते हैं मैं अपनी बहनों से उनका रोज का काम पूछता हूं जैसे की उनकी पढ़ाई कैसी चल रही है आगे क्या करना है कौन से किताब चाहिए कौन से कपड़े चाहिए उनकी सहेली का क्या हुआ, आगे कौन सा कोचिंग करना है कौन सा सब्जेक्ट पढ़ना है कहां का फॉर्म भरना है किसी को कुछ पैसे तो नहीं चाहिए वगैरा। मैं सबके साथ मूवी देखता हूं और घूमाने फिराने भी ले जाता हूं पिताजी के बाद मुझे ही सबकी केयर करनी थी। हम आपस में एक दूसरे को बहुत प्यार करते हैं और बहुत ही खुले हुए हैं। मां: अकेले में ) मानस जब लड़कियां जब 16 की हो जाती हैं तो जवानी उबाल मारने लगती उनके कदम बहकने लगते हैं अगर उनका मन घर में पहले से ही भरा रहे तो बाहर की तरफ नहीं देखेंगी। मैं : मां मुझे अपनी बहनों पर पूरा भरोसा है वह कुछ भी गलत नहीं करेंगी अपनी सभी बहनों की शादी कर दूंगा मां: बेटा तेरी तीनों बहनें जवान हो गई है इस उम्र की वजह से मन मचलता है मैं प्रैक्टिकल लाइफ में ज्यादा विश्वास रखती हूं बाहर की लड़कियां गलत संगत में बिगड़ जाती हैं इस समय को शरीर की और ज़रूरतें भी होती हैं इनकी शादी तक इन्हें बाहर मुंह करने से रोकना होगा इसलिए कह रही हूं का ख्याल रखा कर उनके करीब रहा कर। मैं: मां वह मेरी बहन है। मां: मैं तेरी और तेरी बहनों की भलाई के लिए की कह रही हूं इससे पहले कुछ कर ले तू ही उनकी जवानी का संभाल ले वरना बाहर परिवार की इज्जत नाम खराब कर सकती हैं और फिर घर की बात घर में रहेगी और किसी को पता नहीं चलेगा और उनकी शादी तक उनकी जवानी को संभालना की तेरी जिम्मेदारी है मन बहुत है परिवार की सपना खराब हो लड़कियों के कदम ना देखें इसलिए वह नव्या की शादी जल्दी कर देना चाहते हैं ताकि वह भी अपने लिए बहू ला सके और बहू का सुख ले सकें हर लडके नव्या मना कर देती है मां को बहुत टेंशन हो रही है मैं: मां को समझाता हूं) आप चिंता ना करो कोई अच्छा लड़का देखकर उसकी अच्छी शादी करेंगे। मां: वह तुझसे कोई बात नहीं छुपाती उससे बात करके देख वह क्या चाहती है। कहीं किसी लड़के के साथ उसका चक्कर तो नहीं चल रहा क्या कहीं मुंह तो काला नहीं करवा रही है। मैं: ठीक है मां आप परेशान ना हो मैं सब संभाल लूंगा। दोस्तों आप सभी को मालूम होगा की बिल्डिंग मटेरियल के अच्छे काम करने वालों को कंपनियां विदेश के टूर पैकेज करने के लिए देती रहती हैं अभी तक पिताजी उनका पैकेज को काश कर लेते थे उन्हें घूमने फिरने का शौक नहीं था परंतु मुझे और मेरी बहनों को घूमने फिरने का शौक बहुत था। पिताजी के पास मां और मैं मिलकर बिजनेस को आगे बढ़ाया तो हमें वह स्कीम के टूट पैकेज भी ज्यादा मिलने लगे। इस बार अल्ट्राटेक कंपनी से दो लोगों का इंडोनेशिया का टूर पैकेज आया था नव्या : भैया इस बार मैं भी आपके साथ चलूंगी । मैं: पहले मां से पूछ लो यदि मां कहेंगी तभी मैं तुम्हें ले जा सकता हूं। नव्या : भैया आप जानते हो मां मुझे मना कर देंगी वो नहीं मानेंगी आप ही बात करो ना । मैं: ठीक है कल खाते समय बात करेंगे। अगली शाम को रात में डिनर करने के बाद मैंने नव्या को इशारा किया कि सब को यहां से ले जाए तो मां से बात करूं। वह खुश हो गई और भव्या माया को उनका होमवर्क देखने के बहाने उनके कमरे में ले गई मैं: मां इस बार इंडोनेशिया की ट्रिप आई है दो लोगों की अगस्त में जाना है 5 दिन का है आप संभाल लोगे न। मां: ठीक है मैं संभाल लूंगी तू कितनी मेहनत करता है सारी जिम्मेदारी अच्छी तरह से संभाल रहा है जा एंजॉय कर आ। इस बार किस दोस्त को ले जायेगा। मैं: नहीं मां इस बार मैं किसी भी दोस्त को नहीं ले जाऊंगा। मैं सोच रहा हूं कि नव्या को ले जाऊं उसे भी बाहर की दुनिया देखनी चाहिए। शादी के बाद पता नहीं कहीं घूम फिर पाती भी है या नहीं। मां: अरे जब शादी करेगी तब ना मैं तो समझा समझा कर हार गई‌ पता नहीं अभी आगे और कितना पढ़ना चाहती है। तू भी उससे बात कर ही चाहती क्या है। मैं: मां, नव्या मेरे साथ वहां जाएगी तो मैं उससे प्यार से उसके मन की बातें जानने की कोशिश करूंगा कि ये शादी के लिए क्यों मना कर देती है। मां: तुम उसे लेकर तो जाओगे लेकिन वहां इसका बहुत ख्याल रखना पड़ेगा पहले कभी बाहर नहीं निकली है। मैं: मां जब निकलेगी तभी तो सीखेगी। मां: ठीक है ले जाओ अच्छी तरह से केयर करना उसके और करीब होना। फिर मैं सोने के लिए अपने कमरे में चला आया। मां और माया 1 कमरे में सोते थे नव्या और भव्या एक कमरे में, मेरा कमरा ऊपर फर्स्ट फ्लोर पर था। मैं एक बात बताना भूल गया कि हम भाई बहनों में बहुत प्यार है जो कि पिताजी के न रहने के बाद और भी बढ़ गया। हम पहले एक दूसरे के साथ लड़ते झगड़ते लिपटते चिपटते थे कभी कोई ग़लत भावना नहीं जगी थी मां थकी होने की वजह से जल्दी सो गई,नव्या ने भव्या से कहा की माया को थोड़ी देर पढ़ा दो। भव्य बोली दीदी उसका सारा काम दिन में करवा दिया है और सो जाओ मैं थोड़ी देर ऊपर भैया से बात करके आती हूं वह बोली ठीक है आप जाओ। मैं अपने कपड़े चेंज करके नाइटी पहन ली थी और बाथरूम जाकर फ्रेश हुई। और ऊपर जाकर भैया के पास लेट कर बातें करने लगी। नव्या : भैया मां से क्या बात हुई मां ने क्या कहा मैं भी आपके साथ चल रही हूं ना। मैं: हां बात हो गयी मां तेरी शादी को लेकर बहुत परेशान है वह जल्दी से तेरी शादी करना चाहती हैं तू उन्हें परेशान मत किया कर जल्दी से शादी कर ले। नव्या: भैया आप जानते हो मैं अभी और पढ़ाई करना चाहती हूं। मुझे बताइए मां ने इंडोनेशिया जाने के बारे में क्या कहा। मैं: दुःख से) नव्या तू परेशान मत हो मैं मां को समझा लूंगा हम अगली बार चलेंगे। नव्या : मतलब आप कहना क्या चाहते हो मां ने मना कर दिया क्या, मैं जानती थी की मां मुझे नहीं जाने देंगी वह तो हमें प्यार नहीं करती। नव्या ने रोनी सी सूरत बना ली और मैं उसे देखकर मन में मुस्कुरा रहा था और समझा ही रहा था मैं: नहीं नव्या मां हम सबको एक जैसा प्यार करती हैं उनकी अपनी भी कुछ जिम्मेदारियां हैं जिनसे वह मुक्त होना चाहती हैं तुम अभी नहीं समझ रही हो जब तुम मां बनोगी तब समझोगी मां अपने हर बच्चे को कितना चाहती है। नव्या : रोते हुए) मुझे पता है भैया की मां हमें कितना चाहती हैं घर में ना रहते हुए भी हम पर कितनी सख्ती रखी जाती है मां ना डरती है कि हम बहक नहीं जाएं। लेकिन अब हम बड़ी हो गए हैं ऊंच नीच समझते हैं। अगर कभी कुछ गलत करना होता तो सबके सामने रहते हुए भी किया जा सकता है लेकिन हमें भी अपने परिवार की इज्जत और मर्यादा का ख्याल है। मैं: उसके आंसू पोंछते हुए) अरे मेरी लाडली बहन तो रोने लगी कितनी बड़ी-बड़ी बातें कर रही है अब मुझे लगता है कि वह वास्तव में बड़ी हो गई है। रोते-रोते नव्या मेरे सीने से लग गई और मुझे जकड़ लिया उसकी चूचियां मेरे सीने में घुस गई और मुझे पहली बार कुछ अलग सा महसूस हुआ। मैं: बस करो नव्या अब चुप हो जाओ तो मैं तुम्हें एक और बात बताना चाहता हूं नव्या : अपने आंसू पोंछते हुए ) क्या बताना चाहते हो भैया कि अगली ट्रिप अप्रैल में आएगी तो ले चलेंगे। मैं: नहीं मेरी लाडो बहन, तुम इस ट्रिप में मेरे साथ चलोगी मैंने मां को मना लिया है और 15 दिन के बाद हम इंडोनेशिया जायेंगे लेकिन मेरी एक शर्त है की हम घर में भाई बहन रहेंगे लेकिन घर से बाहर निकलते हुए पक्के दोस्त बन जाएंगे जो अपनी हर बातें एक दूसरे से शेयर करते हैं और कोई बात नहीं छुपाते, अगर मंजूर हो तो बोलो तभी ले चलूंगा। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धक्का दे दिया दे दिया मैं पीठ के बल गिर पड़ा और वह लपक के मेरे ऊपर कमर पर चढ़ गई और मुझे सीने पर मुक्के मारने लगी। नव्या : इतनी देर से मुझे परेशान कर रहे थे मुझे रुला रहे थे क्यों भैया ऐसा क्यों किया आई हेट यू आई हेट यू आई हेट यू। मैं: मैं देखना चाहता था की तू मेरे और मां के बारे में क्या सोचती है और रोते समय कैसी लगती है। कहते हुए मैंने उसको छुपा कर अपने सीने से लगा लिया और आई लव यू आई लव यू आई लव यू बोलने लगा नव्या : आई लव यू टू आई लव यू टू आई लव यू टू भैया मैं जानती थी मां को मना लेंगे। कह कर नव्या मुझे चूमने लगी और मैं भी उसे चूमने लगा, पता नहीं कैसे किसने एक दूसरे के होंठों को चूमा और फिर स्मूच करने लगे। कुछ अचानक से लगा कि हम ये क्या कर रहे हैं एक दूसरे से अलग हो गए। नव्या : थैंक्स भैया आई लव यू अब मैं चलती हूं। मैं: याद रखना हम घर से बाहर क्लोज फ्रेंड्स रहेंगे तभी तुम मेरे साथ चलोगी। नव्या : ओके भैया। गुड नाइट नव्या के जाने के बाद मुझे उसका अपने सीने से चिपकना और मेरे ऊपर चढ़कर प्यार से मारना और फिर मुझे चूमना बहुत उत्तेजित कर रहा था। मैं भी बहक रहा था मैं अभी तक किसी भी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया था आज मेरा मन मुठ मारने को कर रहा था वो भी अपनी छोटी बहन नव्या के नाम की। लंड महाराज पजामे में अकड़े पड़े थे। मैं बाथरूम में गया गया और शैंपू को हाथ में लेकर नव्या के नाम से मूठ मारी तो वीर्य बहुत दूर जाकर गिरा। फिर मैं जाकर सो गया। सुबह सोकर उठा तो शोरूम पर निकलते समय नव्या ने मुझे कुछ पैसे मांगे। नव्या : भैया मुझे कुछ पैसे दे दीजिए थोड़ी शॉपिंग करनी है वहां जाने के लिए। मैं: कितने पैसे चाहिए नव्या : भैया 2000 से मेरा काम चल जाएगा मैं: कोई बात नहीं यह लो 5000 अच्छे से तैयारी कर लो हमें वहां को इंजॉय करना है कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। नव्या : थैंक यू भैया आई लव यू। मां: क्या बात है नव्या आज भैया पर बहुत प्यार आ रहा है। उसने तुम लोगों को सर चढ़ा कर रखा है बहुत छूट दे रखी है। नव्या : थैंक यू मम्मी आई लव यू टू आप मेरी तरफ से बेफिक्र रहें। मुझे आपका और परिवार का बहुत ख्याल है। मां: ठीक है ठीक है अब जाने की तैयारी ठीक से कर लो सारी जरूर का सामान लेकर जाना वरना वहां छोटी-छोटी चीज के लिए परेशान होना पड़ सकता है। नव्या : मां संडे को दिल्ली चलो ना मुझे कुछ शॉपिंग करनी है यहां कुछ अच्छा नहीं मिलता। मां: बेटा मेरे पास समय नहीं है जब तुम जाओगी तो एक दिन पहले ही चले जाना और दिल्ली में शॉपिंग कर लेना भैया तुम्हारे साथ होगा मैं सब सामान दिलवा देगा। नव्या : आप ठीक कह रही हूं मां। फिर मैं शोरूम निकल गया और सारे अरेंजमेंट करने लगा हमें 15 दिन बाद जाना था मेरे पीछे बिजनेस संभालने में मां को कोई तकलीफ ना हो सभी स्टाफ को बोल दिया था कि किसी को छुट्टी लेनी है तो एक हफ्ते में काम करके चला आए उसके बाद एक महीने तक किसी को छुट्टी नहीं दूंगा। 1 महीने का स्टॉक और ऑर्डर कैलकुलेट करके लगा दिया था ताकि मेरे पीछे कोई समान शोरूम पर कम ना पड़े और काम सही से चलता रहे। थोड़ी देर में भी शोरूम पर आ गई तो मैं मां को भी सब समझा दिया की कैसे क्या करना होगा सब कुछ ऑटो मोड में चलता रहेगा बस उन्हें देखना रहेगा। शाम को जब घर पहुंचे तो नव्या बहुत खुश दिखाई पड़ रही थी भव्या और माया का मूड़ उखड़ा हुआ था । भव्या मेरे लिए चाय और पानी ले आई और रखकर बिना कुछ बोले चली गई। माया मेरे पास आई और मेरे गोद में बैठ कर बोली माया: भैया आप दीदी को घूमाने ले जा रहे हैं हम भी चलेंगे आप दीदी को अकेले क्यों ले जा रहे हैं। मैं: बेटा केवल दो टिकट है और दीदी तुम सबसे बड़ी है अभी जल्दी ही उसकी शादी होने वाली है तो उसे घूम लेने दो उसकी शादी हो जाएगी तो फिर मैं भव्या और तुमको खूब घुमाऊंगा, यह भव्या क्यों रूठी हुई है। माया: भव्या दीदी भी घूमने जाना चाहती है और आप केवल नव्या दीदी को ले जा रहे हैं वह इसलिए नाराज हैं। मैंने भव्या को बुलाया और प्यार से अपनी गोद में बिठाकर किस किया। मैं: भव्या इतनी छोटी सी बात के लिए तुम नाराज हो यह गलत है तुम्हारी बड़ी बहन है जल्दी ही उसके शादी हो जाएगी फिर वह चली जाएगी उसे बाहर घूमने फिरने का मौका पता नहीं मिले या ना मिले इसलिए अभी उसको घुमा देते हैं उसके बाद तुम और माया को भी मैं सब जगह घुमाऊंगा प्रॉमिस। भव्या: प्रॉमिस भैया ठीक है आप दीदी को बाहर घूमा लो लेकिन बीच-बीच में हमें भी कहीं घुमा दिया करो। आई लव यू भैया कहकर भव्या ने मुझे किस किया मैं: आई लव यू टू बेटा। भव्या: लेकिन हम आपको ऐसे नहीं छोड़ेंगे आपको हमें गोद में उठाकर पूरे घर में घूमना पड़ेगा। यह कहकर भव्या मेरे पीठ पर लद गई और माया भी दौड़कर सामने से मेरी गोद में चढ़ गई और दोनों बोली अब हमें पूरा घर में घुमाईये मां: आज तुम लोगों को अपने भाई पर बहुत प्यार आ रहा है अभी थका हुआ आया है उसे आराम तो कर लेने दो जो कि दोनों घोड़ी हो गई हैं और अभी भी बच्चों जैसी हरकतें करती हैं यह सब तेरे प्यार में बिगड़ गई है। भव्या की चूचियां मेरी पीठ पर दबीं थी और माया के टिकोरे सामने से मेरे सीने में दबे हुए थे मेरी हालत खराब हो रही थी फिर भी मैं किसी तरह उन्हें पूरे घर का एक चक्कर लगाकर उतारा और बोला अब मैं थक गया हूं ऊपर जाकर आराम करूंगा। मैं: मां मेरा बदन बहुत दर्द कर रहा है कोई दवा हो तो दे दो। मां: तूने अपनी बहनों को सिर चढ़ा रखा है इतनी बड़ी हो गई जरा भी समझ नहीं है यह दवा खा ले और थोड़ी सी बदन की मालिश करवा ले तो आराम आ जाएगा मैं माया को बोलती हूं। माया जरा सरसों का तेल गर्म करके अपने भैया की पीठ की मालिश तो कर दे देखा उसका बदन दर्द कर रहा है और तुम लोग उसके ऊपर चढ़कर घूम रही थी। माया: मां में स्कूल का काम करने जा रही हूं बहुत सारा होमवर्क मिला है भव्या दीदी से कह दो। भव्या: मां मैं किचन में खाना बनाने जा रही हूं आप ही कर दो ना। मां: अरे मैं भी तो थकी हुई आई हूं तुम्हें तो मेरी भी मालिश करनी चाहिए मेरी ना सही कम से कम अपने भाई की तो कर दो। नव्या: चलो मां पहले मैं आपकी थोड़ी सी चंपी कर देती हूं और हाथ पैर में मैं मालिश कर देती हूं फिर भैया की भी मालिश कर दूंगी। मां: बहुत खुश है आज नव्या मां और भाई की सेवा बिना कहे कर रही हो। नव्या : आप तो ऐसे कह रही हो कि जैसे मैंने पहले कभी नहीं किया हमेशा बिना कहे करती हूं। मां: हां मेरी रानी बिटिया मैं जानती हूं मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी। नव्या ने आधे घंटे तक मां की चंपी और मालिश की मां को आराम आ गया और मां बैठकर टीवी देखने लगी कटोरी में तेल लेकर ऊपर मेरे कमरे में आई। नव्या : भैया चलो अपनी टीशर्ट और पजामा उतार दो मैं मालिश कर देता हूं। मैं: नहीं नव्या यार अब तुम बड़ी हो गई हो मैं तुमसे मालिश नहीं करवाऊंगा। नव्या : भैया शर्माइए मत अभी मेरे हाथों के जादू से आपका सारा बदन का दर्द निकल जाएगा मां को भी आराम आ गया है। मां देखो भैया मालिश नहीं करवा रहा है अभी 10 मिनट में आराम आ जाएगा। मां: अरे मानस मालिश करवाले शर्मा मत तेरी छोटी बहन ही है और तू उसका बड़ा भाई। कोई बात नहीं हम लोग एक दूसरे का सुख-दुख में साथ नहीं देंगे तो कौन देगा। मैं: मां मैं नहीं करवाऊंगा मुझे शर्म आती है। नव्या: धीरे से) अरे करवा लो भैया जब स्मूच करने में शर्म नहीं आई तो मालिश करवाने में कैसी शर्म। मैं: तू बहुत शरारती हो गई है मुझे लगता है जल्दी ही तेरी शादी करवानी पड़ेगी तभी तू मुझे परेशान करना छोड़ेगी। नव्या ने मुझे बिस्तर पर धकेल दिया और मेरे पेट पर बैठकर मेरी शर्ट खींच कर उतार दी और मेरा पजामा भी खींचकर निकाल दिया मुझे पेट के बल लेटा कर मेरे जाघं पर चढ़कर बैठ गई और फिर तेल डालकर मालिश करने लगी। उसके मुलायम हाथ मुझे गुदगुदी कर रहे थे थोड़ी देर बाद मुझे मजा आने लगा फिर उसने मुझे पीठ के बल लिटा दिया और मेरे सीने पर तेल डालकर मालिश करने लगी। मुझे बहुत आराम आ गया और मुझे जोर से नींद आ रही थी भव्या: सब लोग आकर खाना खा लो खाना तैयार है। नव्या : चलो भैया खाना खाकर तब सोइयेगा। हम सबने आकर खाना खाया और सब सोने चले गए मैंने नव्या से कहा मेरा सिर दर्द कर रहा है कोई सिरदर्द की दवा दे तो वह बोलि आप चलिए मैं आपके सिर में भी तेल लगा देती हूं वह 10 मिनट में ऊपर आई। मैं: इतनी देर कैसे लगा दी है मेरा सर दर्द से फटा जा रहा है। नव्या: मम्मी भी बहुत थकी हुई है उनको सोने के लिए नींद की गोली दी है कृपया और माया भी सोने चली गई है पूरा घर बंद कर तब आपके पास आई हूं अभी 10 मिनट में आपका सिर का दर्द दूर हो जाएगा। मुझे कल की स्मूच याद आ गई और मैं मुस्कुराने लगा। नव्या : क्या हुआ भैया आप मुस्कुरा क्यों रहे हैं। मैं: कुछ नहीं तुम तेल लगाओ। नव्या : नहीं पहले आप बताइए आप क्यों मुस्कुरा रहे हैं मुझे देखकर। मैं: कुछ नहीं मुझे कल रात की बातें याद आ गई वैसे तुम्हारी कैसे बहुत मीठी थी क्या मुझे आज भी दोगी। नव्या : धत् भैया वह तो कल जाने की खुशी में गलती से हो गया था आज थोड़ी ना वैसा होगा। मैं: अगर आज भी मैं तुझे कुछ अच्छे से न्यूज़ दूं घूमने वाली तो क्या होगा । स्मूच करेगी। नव्या : भैया आप भी ना कैसी बातें कर रहे हो मैं आपकी छोटी बहन हूं। मैं: हमने कल ही एक दूसरे को वादा किया था कि अब हम घर में भाई बहन और बाहर दो अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे यानी कि तू मेरी गर्लफ्रेंड और मैं तेरा बॉयफ्रेंड तू बड़ी जल्दी भूल गई। नव्या : मुझे याद है भैया लेकिन घर से बाहर अभी हम घर में हैं। मैं: तो सुन वीजा के लिए हमें परसों दिल्ली जाना होगा सुबह 10:00 की अपॉइंटमेंट है और कल शाम को हम दिल्ली जाएंगे रात में होटल में रखेंगे सुबह अपना काम निपटाकर शाम को निकलकर रात तक वापस आ जाएंगे। अब तो स्मूच बनता है ना। नव्या : भैया पहले आपके सर की मालिश कर दूं तब तक सब लोग सो जाएंगे तब आप स्मूच कर लेना। मैं: मतलब तुम अकेले में भी मेरी गर्लफ्रेंड बनी रहोगी आई लव यू। नव्या : भैया आप बड़े वो हो अपनी छोटी बहन को गर्लफ्रेंड बना रहे हो प्लीज यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए और गर्लफ्रेंड से आगे कोई बात नहीं करनी होगी। मैं: नव्या यह गर्लफ्रेंड से आगे क्या बात होती है। नव्या : आप मुझसे क्या-क्या बातें पूछ रहे हैं। कितने गंदे हैं अपनी बहन से कोई ऐसी बातें पूछता है क्या। मैं: मैं अपनी बहन से कहां अपनी गर्लफ्रेंड से पूछ रहा हूं तुम्हें क्या एतराज है। नव्या : अच्छा मालिश करने दीजिए बाकी बातें हम कल भी कर सकते हैं नव्या बिस्तर पर पैर लटकाकर बैठ गई और मैं जमीन पर उसके पैरों के बीच में बैठ गया अब वो मेरे सिर में तेल डालकर मालिश कर रही थी मुझे आराम आने लगा और बात करते करते मुझे नींद आ गई नव्या ने मुझे जगाया और बिस्तर पर लिटा कर चादर उढा कर खुद भी सोने चली गई। सुबह 6 बजे नीचे मां उठ गई मां: नव्या आज तो बड़ी जल्दी उठ गई ऊपर टहलने गई थी। इसी तरह जल्दी उठकर थोड़ी एक्सरसाइज किया करो एक्टिव रहोगी। नव्या: ओके मां। मां भैया ने बताया था कि आज शाम को वीजा के लिए दिल्ली जाना है मैं सोच रही हूं कि मैं अपनी शापिंग भी दिल्ली से कर लूं। मां: ठीक है बेटा जाओ खूब एन्जॉय करना। जाकर भैया को उठा दो। नव्या ने ऊपर आकर मुझे किस करके उठाया और बोली भैया जल्दी से तैयार हो जाईए आज वीज़ा के लिए दिल्ली भी जाना है मैं: इंडोनेशिया जाने की क्या तैयारी कर रही हो। नव्या : कुछ खास नहीं भैया कुछ कपड़े लेने हैं और ब्युटीपारलर जा कर वैक्सिंग पैडीक्योर मैनीक्योर आदि करवानी है। मैं: कपड़े तो हम कल दिल्ली से ले लेंगे और बाकी ब्यूटी पार्लर का काम जैसे यहां से चलेंगे उस दिन करवाना तो वह सारा ट्रीटमेंट एक हफ्ते तक आराम से चल जाएगा। नव्या : आप मुझे दिल्ली में शॉपिंग करवाएंगे आई लव यू भैया कहकर नव्या ने मेरे माथे को चूम लिया मेरी आंख गाल को चूमते हुए होठों को चूम लिया अभी उसके होठों को अपने मुंह पर लिया और चूसने लगा। मैं नहा धोकर तैयार हो कर नीचे आया मां के साथ नाश्ता किया फिर मैं मां को लेकर शोरूम आ गया रास्ते में मां ने पूछा रात को एंजॉय किया था मैं शरमा कर बोला आप भी ना, क्या एंजॉय। मां: मैंने नव्या को रात में मालिश करने भेजा था तुझे मालिश करा कर मज़ा आया था तू रोज़ नव्या से मालिश करवा लिया कर। मैं नव्या को भी कह दूंगी। मैं : मां हम दोपहर में दिल्ली निकल जाएंगे शाम को बहुत देर हो जायेगी। मां: ठीक है बेटा नव्या को वहां वहां शॉपिंग करा देना और थोड़ा घूम फिर भी लेना एक दिन और रुक सकते हो तो उसके और करीब हो जाना ऐसे रिलेशनशिप बनाना कि बाहर कहीं उसके कदम नहीं बहकें । मैं: आप चिंता मत करो ना मैं अपनी किसी भी बहन को बहकने नहीं दूंगा और उनको खुद ही संभाल लूंगा जब तक शादी नहीं हो जाती सबका पूरा ख्याल रखूंगा बस आप खुश रहो। कहकर मैंने मां को गले से लगाया तो मां मेरे कान में धीरे से बोली कल रात में बात कहां तक पहुंची तुमने इंजॉय किया तो मैं चौंक गया मां: कान में) ज्यादा नादान ना बनो तुम जानते हो कि मैं क्या कह रही हूं सुनना ही चाहते हो तो सुनो मैं चाहती हूं कि तुम्हारी बहनों की शादी होने तक उनकी शारीरिक जरूरतों को भी तुम पूरा करो। मैं इसे बुरा नहीं मानती मेरी समझ से इससे आपसी प्यार और स्नेह अधिक गहरा होता है अपने लक्ष्य को हासिल करने की राह से भटकते नहीं है मैं इससे अधिक साफ और नहीं कह सकती हूं । मैं: शर्मा कर) मां मैं आपको निराश नहीं करूंगा और आपकी यह इच्छा भी पूरी करूंगा। मैंने नव्या को फोन कर कहा नव्या हम दोपहर 2:00 बजे निकलेंगे तुम सारी तैयारी कर लेना पासपोर्ट आईडी ऐड्रेस फोटोस भी रख लेना जरूरत पड़ सकती है और हम अपनी ये ट्रिप को खूब एंजॉय करेंगे मैं शोरूम से 1:00 बजे तक घर लौट आया गाड़ी निकली उसमें सारा सामान रख दिया और खाना खाकर मैं और नव्या दिल्ली के लिए चल पड़े हम 3 घंटे में यानी की पांच 5:30 बजे तक दिल्ली पहुंचने वाले थे 15 मिनट में हम हाईवे पर आ गए और मैंने नव्या से पूछा मैं: नव्या क्या प्लान है पूरे 2 दिनों तक तुम मेरे साथ में हो मेरी गर्लफ्रेंड बनकर मैं होटल में तुम्हारी एंट्री अपनी मंगेतर के तौर पर करवाऊंगा, क्योंकि गर्लफ्रेंड के साथ दिक्कत हो सकती हैं तुम्हें कोई एतराज तो नहीं।। नव्या: नहीं भैया जब आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं तो कोई बॉयफ्रेंड और मंगेतर ही ऐसे केयर करता है आई लव यू भैया मैं: तो इतनी देर हो गई तुमने सुबह से अपने बॉयफ्रेंड को किस नहीं किया नव्या:हम हाईवे पर हैं भैया और आप गाड़ी चला रहे हैं कैसे किस करेंगे। मैं: मैं गाड़ी को 2 मिनट के लिए किनारे रोक देता हूं इतने समय में मुझे किस करना है नव्या: नहीं भैया हम दोनों दो दिन अकेले साथ में होटल में रहेंगे थोड़ा सा सब्र करो। मैंने भी जोर नहीं दिया और शाम 6 बजे दिल्ली के कनाट प्लेस में वीजा आफिस के पास एक 3 स्टार होटल में चेक-इन किया सामान को रूम में रखवा कर वेटर को चाय और स्नैक्स लाने को कहा और दरवाजा बंद कर मैंने नव्या को हग किया । मैं: बेबी आई लव यू नव्या: आई लव यू टू भैया। मैं: अब तो मैं अपनी गर्लफ्रेंड को किस कर सकता हूं यहां हम होटल में अकेले हैं कोई भी नहीं देख रहा और किसी को कुछ पता नहीं चलेगा। नव्या: शर्माते हुए) भैया मुझे लगता है कि आप मुझे आज नहीं छोड़ेंगे और अपनी गर्लफ्रेंड की मोहर लगाकर ही मानेंगे आई लव यू भैया मैं आपको यहां कैसे मना कर सकती हूं। मैंने नव्या को उसके माथे पर किस किया और उसकी आंखों को चुम्मा लिया। तभी बेल बजी और वॉटर चाय और स्नेक्स ले आया मुझे बहुत जोर से गुस्सा आया। नव्या: भैया लो कबाब में हड्डी आ गई। मैं: कोई बात नहीं पहले कबाब खा लेते हैं फिर आगे करेंगें मैं रूम खोलकर चाय नाश्ता रखवाया और आसपास की जानकारी वेटर से ली बेटा ने बताया की रात को 9:00 बजे से नीचे पब में गेस्ट के लिए पार्टी है वहां हम कपल एंजॉय कर सकते हैं मैं : एंट्री कैसे होगी। वेटर: सर कपल के लिए ढाई हजार रुपए की एंट्री है वहां पर आपका डिनर और ड्रिंक लाइव डीजे सब फ्री है। आप काउंटर पर डिपॉजिट करके एंट्री कार्ड ले सकते हैं। मैंने उसको थैंक यू बोलकर भेज दिया। मैं: बेबी क्या प्लान है एंजॉय करोगी हम पहले पब में जाकर ड्रिंक लेंगे डांस करेंगे और डिनर लेकर रूम में आ जाएंगे ज्यादा नहीं सिर्फ एक डेढ़ घंटे में। नव्या: ठीक है भैया जैसा आप ठीक समझे मैं तो आपकी हर बात मानूंगी और मां का भी यही इंस्ट्रक्शन है। मैं फिर नव्या को अपनी गोद में बिठाया और अपने हाथ से स्नेक्स खिलाया और साथ में हमने चाय पी। नव्या: क्या बात है भैया आज आप अपनी बहन को खूब प्यार कर रहे हैं और मक्खन लगा रहे हैं कुछ स्पेशल चाहिए क्या। मैं: नव्या तू जानती है कि अब हम गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड है तो एक बॉयफ्रेंड अपनी गर्लफ्रेंड से अकेले में क्या चाहता है मुझे भी वही चाहिए और मैं आज उसे अपनी गर्लफ्रेंड से लेकर ही रहूंगा। नव्या: उसके लिए बॉयफ्रेंड को अपनी गर्लफ्रेंड को बहुत पटाना और खुश करना होता है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड के हर सपने को पूरा करूंगा जो भी वह अपने बॉयफ्रेंड से चाहती है लेकिन मुझे उसका सहयोग चाहिए कि वह मुझे खुलकर बताएं। मैंने नव्या को अपनी बाहों में भरते हुए बहुत सारा किस किया और उसके पीठ को सहलाने लगा। नव्या: मुझे मेरे बॉयफ्रेंड से खूब सारा प्यार चाहिए और मेरा भैया मेरे को केयर करता है और हर इच्छा को पूरी करता है मुझे इसके अलावा और कुछ नहीं चाहिए आई लव यू जानू मुझे ऐसे ही खूब प्यार करना। मैं : बेबी यदि तुम फ्रेश होना चाहो तो बाथरूम में जाकर नहा धोकर फ्रेश हो जाओ फिर हम नीचे पार्टी में चलेंगे देखो 8:00 बज ही रहे हैं नव्या 10 मिनट में नहा धोकर फ्रेश होकर तैयार होने लगी फिर मैं अभी फ्रेश होकर आया और तैयार हो गया। 8:45 हो गए थे हम दोनों ने कपल की तरह एक दूसरे के कमर में हाथ डालकर नीचे रिसेप्शन पर गए और पब की फीस ढाई हजार रुपए जमा करके कपल एंट्री कार्ड ले लिया और रूफटॉप पब में चले गए। वहां का माहौल बहुत ही रंगीन था चारों तरफ कपल ही कपल टेबल पर बैठकर ड्रिंक को एंजॉय कर रहे थे और लाइट म्यूजिक चल रहा था मैं: हम वहां कोने की सीट पकड़ लेते हैं उधर हल्का सा अंधेरा भी है बोलो तुम क्या पीना पसंद करोगी। नव्या: भैया मैं कुछ भी नहीं पियूंगी आपको जो लेना हो वह ले लीजिए मैंने कभी ड्रिंक नहीं किया है। मैं: कोई बात नहीं बेबी आज थोड़ा सा वाइन ले लो बहुत मजा आएगा बाकी मैं हूं तुम्हें ज्यादा नहीं पीने दूंगा और सब संभाल लूंगा यू ट्रस्ट मी ना। नव्या: अगर आप मेरे साथ हैं तो फिर मुझे कोई चिंता नहीं आपको जो ठीक लगे वह मंगा लीजिए। मैं: दैटस् गुड गर्ल, आज तुम शुरुआत कर रही हो तो हम रेड वाइन लेंगे। मैंने एक रेड वाइन बोतल का आर्डर किया थोड़ी देर में वेटर दो क्लास और एक चिल्ड् वाइन की बोतल ले आया। और दोनों क्लास में निकाल कर सर्व कर दी साथ में फ्रूट सलाद और चीज़ चिली भी दे गया। मैं: ये लो बेबी अपनी लाइफ का पहला जाम मेरी गर्लफ्रेंड की खुशियों के लिए चीयर्स चीयर्स बोलकर मैंने एक ग्लास नव्या को और एक क्लास को लेकर हल्के से ग्लास को टकराकर टन् की आवाज निकालकर अपने होठों से लगाकर एक सिप लिया। नव्या: भैया यह तो बहुत ही टेस्टी है हल्की सी खट्टी मीठी कुछ कुछ मीठे सिरके का स्वाद दे रही है। मैं: मेरी गर्लफ्रेंड आज अपनी लाइफ में पहली बार अपने भैया के साथ एंजॉय कर रही है आज की रात उसके जीवन में एक यादगार रात होगी जिसे वह कभी नहीं भूलेगी और मैं अपनी बहन की यह रात एक यादगार रात बना दूंगा आई लव यू बेबी। नव्या: आई लव यू टू भैया मै धीरे-धीरे एक ग्लास वाइन खत्म कर दी मैंने नव्या को थोड़ा धीरे पीने के लिए कहा और अपना दूसरा ग्लास भर लिया मेरा दूसरा ग्लास खत्म करने तक नव्या एक गिलास पी चुकी थी उसे हल्का सा मजा आने लगा था मैं: बेबी आओ चलो फ्लोर पर थोड़ा सा डांस करते हैं ओके जानू कहकर नव्या उठी और मेरी कमर में हाथ डालकर डांस फ्लोर पर ले आई हम दोनों ने एक दूसरे की कमर में हाथ डालकर थोड़ी देर डांस किया डांस करते-करते एक दूसरे को किस करने लगे और फिर दूसरे कपल की तरह हमने भी स्मूच करते-करते डांस किया थोड़ी देर में हमारी सांस भारी हो गई। नव्या: जानू अब बस करो हम डिनर करके रूम में चलते हैं। मैं: क्या तुम और वाइन लेना पसंद करोगी डिनर के साथ मैं तो और लेना चाहता हूं नव्या: ठीक है जानू मुझे कोई एतराज नहीं। हम वापस अपनी टेबल पर आ गए और वेटर को डिनर के साथ एक वाइन की बोतल और आर्डर कर दी थोड़ी देर में वह लेकर आ गया डिनर के साथ वाइन सर्व करके चला गया फिर मैं और नव्या ने वाइन को डिनर के साथ एंजॉय किया मुझे नव्या को संभालना भी था वह पहली बार ले रही थी इसलिए मैंने उसे ज्यादा नहीं पीने दिया डिनर के बाद हम रूम में आ गए। नव्या: आई लव यू भैया मैं सच में आपसे बहुत प्यार करती हूं आपने आज मुझे बहुत खुश कर दिया मैं पब में वाइन के साथ डांस और डिनर नहीं सोच सकती थी लेकिन आपने आज मुझे लाइफ एंजॉय करा दी आपने मुझे खुश कर दिया मैं भी आपको खुश करना चाहती हूं आई लव यू भैया। मैं: आई लव यू टू नव्या बेबी मैं भी बहुत खुश हूं कि मैं तुम्हें खुशी दे पाया बेबी तुम्हें हल्का सा सुरूर हो गया है कैसा लग रहा है नव्या: आई लव यू भैया बहुत मजा आ रहा है लग रहा है कि मैं हवा में उड़ रही हूं प्लीज भैया मुझे खासकर पकड़ लो मैं गिर पड़ूंगी मैं: इंजॉय करो नव्या मैं तुम्हें गिरने नहीं दूंगा नव्या: भैया मुझे गोदी में उठा लीजिए मैंने नव्या को अपनी गोद में उठा लिया और किस करने लगा फिर मैं उसको लेकर बेड पर आया और लेट दिया मैं: बेबी ड्रेस चेंज कर लो कपड़े उतार दो फिर हम आराम से सो जाएंगे नव्या: भैया आज मुझे बहुत शरारत करने का मन कर रहा है आई लव यू भैया मेरी कुछ और भी इच्छाएं हैं क्या मैं आपसे शेयर कर सकती हूं। मैं: नव्या मेरी जान तुम अपने भाई के साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो तुम्हारा भाई तुम्हें बहुत प्यार करता है वह तुम्हारा बॉयफ्रेंड भी है शरमाओ मत नव्या: भैया हमें रात में कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा मैं आज बिना कपड़ों के सोना चाहती हूं मैं सो सकती हूं क्या। मैं: बिल्कुल बेबी तुम अपनी हर इच्छा पूरी कर सकती हो क्या मैं तुम्हारी मदद करूं कपड़े उतारने में नव्या: हां भैया मुझे बहुत गर्मी लग रही है प्लीज हेल्प मी। नव्या ने अपने हाथ ऊपर कर दिए और मैं उसकी शर्ट को उतार दिया और उसकी जींस भी खोल दी अब वह केवल ब्रा पैंटी में थी फिर वह पीछे घूम गई अपने ब्रा खुलवाने के लिए। मैं: बेबी ब्रा और पेंटी तो पहने रहो बाकी सब ठीक है नव्या: ओके जानू। फिर मैं भी अपने कपड़े उतार कर अंडरवियर में आ गया और रूम की लाइट ऑफ करके बिस्तर में घुस गया नव्या : भैया मुझे आपको कुछ दिखाना है आप देखना चाहेंगे क्योंकि यह मैं सबसे पहले सिर्फ अपने बॉयफ्रेंड से शेयर करना चाहती थी अब आप ही मेरे बॉयफ्रेंड हैं। मैं: क्यों नहीं बेबी अब तुम मेरी गर्लफ्रेंड हो मेरे साथ कुछ भी शेयर कर सकती हो नव्या शर्माते हुए मेरे सीने से लग गई और मैंने उसको अपनी बाहों में जकड़ कर लिया और किस करने लगा। नव्या : भैया आप मुझे गर्लफ्रेंड के जैसे प्यार करो मैं: जानू मैं भी तुमको बॉयफ्रेंड की तरह प्यार करना चाहता हूं आई लव यू बेबी नव्या : भैया मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है मेरी सभी सहेलियों के दो-तीन बॉयफ्रेंड है लेकिन मुझे डर लगता है कहीं मेरे परिवार की इज्जत खराब ना हो इस वजह से मैंने कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं बनाया। पर मेरा भी बहुत मन करता है कि मेरा भी बॉयफ्रेंड है और मुझे प्यार करें। मैं: परिवार की इज्जत और जिम्मेदारी के लिए मैंने भी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनाई। नव्या : शर्माते हुए) सच भैया आप मुझे बॉयफ्रेंड वाला प्यार करेंगे। आई लव यू भैया। मैंने नव्या को जोर से अपनी बाहों में जकड़ लिया और किस करने लगा अब हम दोनों एक दूसरे को स्मूच कर रहे थे । मैंने अपने हाथ नव्या की चूचियों पर रख कर धीरे से दबा दिया नव्या : उई मां भैया धीरे धीरे करिये मैं: बेबी तुम अपने ब्वायफ्रेंड से शर्मा रही हो शर्माओ नहीं और जैसे अपने ब्वायफ्रेंड से प्यार करना चाहती हो वैसे ही करो। नव्या :कान में बोली) भैया मेरी ब्रा उतार दीजिए फिर मजा आएगा। मैंने ब्रा को खोलने की कोशिश की लेकिन पहली बार मैं किसी लड़की की ब्रा खोल रहा था और वह भी मेरी बहन थी तो अनुभव न होने के कारण खोल नहीं पा रहा था तो मैंने झट कैसे उसकी ब्रा के को खींच कर तोड़ दी और ब्रा को उसकी तकिया के नीचे रख दिया दो सफेद कबूतर आजाद हो कर फड़फड़ाने लगे। नव्या : भैया आप ने ब्रा फाड दी आपके इरादे बहुत खतरनाक लग रहे हैं कह कर नव्या मेरे गले लग गई हमारे ऊपर के नंगे जिस्म एक दूसरे से लिपट कर मज़ा दे रहे थे। मैं: बेबी गर्लफ्रेंड बायफ्रेंड और कैसे प्यार करते हैं नव्या : आप मुझ से पूछ रहे हैं आप बायफ्रेंड हो तो प्यार करो ना। मैं: तेरी सहेली ने तुझको बताया था कि उसके बायफ्रेंड ने कैसे प्यार किया था बता ना मैं भी वैसे ही करूंगा। नव्या : धत् आप मुझसे ही पूछ रहे हो कि कैसे करें। मैं: हां बेबी मुझे अनुभव नहीं है नव्या : भैया मुझे भी नहीं है अनुभव। मेरी सहेली रीना भी अपने बड़े भाई राजीव की गर्लफ्रेंड बनी हुई है और उसकी कहानी सुनकर मेरा मन भी आपको अपना बायफ्रेंड बनाने का था पर डरती थी । मैं: राजीव तो मेरा दोस्त है,उसकी बहन रीना तेरी सहेली है, बहन चोद मुझे तो उसने कभी बताया ही नहीं, मुझे तो पता ही नहीं था अब डर खत्म हो गया मेरी बहन मेरी गर्लफ्रेंड मुझे प्यार करेगी ना। नव्या : हां भैया, रीना के भैया ने उसे एग्जाम दिलाने आगरा ले गए और एग्जाम नहीं देने दिया तीन दिन तक आगरा में बायफ्रेंड बन कर खूब प्यार किया। मैं: रीना ने बताया था कि कैसे प्यार किया था उसके भैया ने,बताओ हम भी वैसे ही करेंगे। नव्या : उसके भैया उसे आगरा इंजीनियरिंग का एग्जाम दिलाने ले गए दो दिन पेपर था एक दिन पहले सेंटर देखने पहुंचे और जे पी होटल में रीना को अपनी मंगेतर बता कर डबल बेड रूम लिया, उन्होंने भी आपकी तरह अपनी बहन को अपनी मंगेतर बनाकर डबल बैडरूम बुक किया था और जाते ही रूम बंद कर एक दूसरे से लिपट कर चूमने लगे और कपड़े उतार कर बाथरूम में बाथटब में घुस गए रीना को अपनी गोद में बिठाकर पीछे से उसकी चूचियों को पकड़ कर मसलने लगे और गर्दन पर दांत गडा कर चूसने लगे मैं भी नव्या की चूचियों को अपने हाथ में भर कर मसलने लगा मैं: इसी तरह मसल रहे थे क्या। नव्या: हां भैया रीना ने ऐसे ही बताया था उई मां सीई सी उफ़ भैया आराम से करो बहुत अच्छा लग रहा है फिर रीना के भैया ने उसे अपनी ओर घुमाया और उसकी एक चूची को अपने मुंह में भरकर पीने ले और दूसरी चूची को अपने हाथ से टीपने लगे वो सी सी ई उई करने लगी मैं: बेबी तुम भी उसकी तरह घूम कर मेरे गोद में बैठ जाओ मैं भी तुम्हारे दूध पीना चाहता हूं। नव्या : भैया मुझे शर्म आती है मैं: अरे अंधेरा है अपने भैया को दूध पिलाओ जैसे तुम्हारी सहेली ने अपने भैया को दूध पिलाया था शर्माओ मत। नव्या : भैया आप मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे लीजिए मैं आपकी गोद में बैठ गई और लीजिए मेरे छोटे छोटे दूध पी लीजिए। मैं: बेबी एक बात बताऊं बहुत सीक्रेट है तुम एकदम अप्सरा की तरह सुंदर हो तुम्हारी चूचियां बहुत ही शानदार है नव्या तेरे दूध तो एकदम ताजी रसीली मुसम्मी जैसी हैं उम आ उम् म बड़ा मज़ा आ रहा है चूसने में आई लव यू बेबी, फिर रीना ने आगे क्या किया। नव्या : भैया आगे वो दोनों नहा कर बाहर निकल आये और आपस में डिसाइड किया कि रात भर प्यार करेंगे और सुबह पेपर देने नहीं जायेंगे पूरे 3 दिन होटल में प्यार करेंगे। मैं: उन्होंने और कैसे प्यार किया बेबी। मैंने दूध को पीते हुए पूछा नव्या : भैया मैं वो प्यार नहीं कर पाऊंगी मुझे बताने में ही बहुत शर्म आ रही है। मैं: अगर बताओगी नहीं तो फिर कैसे प्यार किया जाएगा। प्लीज बताओ ना। अब मैंने उसकी दूसरी चूची को अपने मुंह में भरकर पीने लगा नव्या: दोपहर में वो ताजमहल देख कर आये रात में डिनर करने के बाद बिस्तर में चले गए एक दूसरे के कपड़े उतार कर एसी 16° कर दिया उन्हें ठंड लगने लगी, वो कंबल में घुस गए उनके नंगे बदन एक दूसरे को बहुत मज़ा दे रहे थे। मैं: कैसे मज़ा दे रहे थे खुल कर बता ना जैसे रीना ने तुझको अकेले में बताया था। नव्या : आप भी ना भैया मुझे बेशर्म बनाकर छोड़ेंगे मैं उनकी डिटेलिंग नहीं कर सकती शार्ट में बताती हूं उसके बाद उन्होंने ओरल किया फिर इंटरकोर्स किया। मैं: ओरल मतलब और इंटरकोर्स क्या। नव्या : भैया आप सब जानते हैं फिर भी परेशान कर रहे हैं क्या आप मेरे नंगे जिस्म को अपने से लिपटा कर मेरी चूचियों को दबाने और चूसने के बाद इतने पर छोड़ देंगे ओरल और इंटरकोर्स नहीं करेंगे। मैं: जानूं मुझे तुम्हारे मुंह से सुनना अच्छा लगता है प्लीज बताओ ना ओरल और इंटरकोर्स कैसे किया उन्होंने फिर हम भी उनकी तरह से ही करेंगे। नव्या : मुझे बेशर्म बनाना चाहते हैं तो सुनिए रीना के भैया ने रीना की दोनों चूचियों को अपने हाथ में भर बहुत जोर जोर से टीपने लगे दबा दबा कर उसकी चूचियां लाल कर दी वह मजे से कराह रही थी आ आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है उफ़ मां मर गई फिर भैया ने उसकी एक चूची को अपने मुंह में भर लिया और दूध पीने लगे वह बीच-बीच में हल्के से निप्पल को काट ले रहे थे और उनके निप्पल काटने से रीना चिहुंक जाती थी और चिल्ला पडती थी आह उफ़ उई मां भैया आराम से पीओ काटो मत मुझे दर्द हो रहा है भैया प्लीज आप आराम से पीना काटना नहीं मेरे निप्पल बहुत सॉफ्ट है खून जम जाएगा आह उफ़ उई मां भैया आराम से दबाओ मुझे दर्द हो रहा है आह उफ़ उई मां भैया आर.. र … आराम से चूसो प्लीज आप लड़कों को निप्पल काटने में इतना मजा क्यों आता है और हम तड़प जाती हैं आप मुझे इस तरह सताएंगे तो मैं आपको रीना की कहानी नहीं बताऊंगी और कुछ भी नहीं करने दूंगी मैं: सॉरी बेबी मैं आराम से करूंगा लेकिन तुम्हारा दूध पीने मैं बहुत मजा आ रहा है और चूसते समय हल्के से दांत लग जाते हैं मैं जानबूझकर नहीं कर रहा आई लव यू बेबी, क्यों ना हम रीना और उसके भाई की तरह प्यार करें। नव्या: नहीं भैया मैं इंटरकोर्स नहीं करूंगी , मैं अपनी सील अपने भैया को बहुत ही स्पेशल मौके पर गिफ्ट करूंगी। मैं: आई लव यू बेबी मैं तुम्हारा साथ कोई जबरदस्ती नहीं करूंगा तुम जैसे चाहो फिर आगे रीना और उसके भाई ने क्या किया वह तो बताओ। नव्या: राजीव भैया ने खूब देर तक रीना की दोनों दूध काट काट कर पिए और उनको लाल नीला कर दिया बेचारी चीख चीखकर उनको को दूध पिलाती रही। फिर वो राजीव भैया को नीचे लेटा कर उनके ऊपर चढ़कर लेट गई और उनके निप्पल को पीने लगी। अब नव्या ने मुझे बिस्तर पर लिटा कर मेरे उपर आ गई और मेरे निप्पल को चूसने लगी और मेरे निप्पल को अपने मुंह में भर लिया और चाटने लगी मुझे बहुत तेज गुदगुदी हो रही थी मैं भी आ आ सीसी कर रहा था नव्या ने मेरे निप्पल को हल्का सा दांत से दबाया तो मैं चिहुंक गया फिर उसने मेरी पूरी निप्पल को अपने मुंह में भरकर काट लिया तो मैं : चीख पडा) आह उफ़ उई जानू आराम से करो बहुत मज़ा आ रहा है आई लव यू बेबी दूसरे निप्पल को भी दबाओ उसे भी चूसो बहुत मज़ा दे रही हो मेरी जान आ आ आई ओ मां आई लव यू बेबी ऐसे ही करते रहो। नव्या: भैया सेम टू सेम से मुझे भी मजा आता है मुझे दर्द भी होता है। फिर राजीव भैया ने रीना की टांगों को फैला कर उसकी जांघों के बीच में आकर उसकी बुर पर झुक गए और रीना की नन्ही सी कुंवारी बुर को अपने मुंह में भरकर पीने लगे और रीना ने उनके लंड को अपने मुंह में लेकर चूसने लगी। उसके भैया ने उसकी बुर का पानी जीभ से चाट चाट कर पी लिया। मैं: रीना को तो बहुत मजा आया होगा ना नव्या : शर्माते हुए) हां भैया उसे बहुत मज़ा आया था। मैं: बेबी आओ हम भी ओरल सेक्स करते हैं ना बेबी तुझे भी बहुत मज़ा आयेगा। नव्या: भैया आपकी बातों से मेरा मन भी बहकने लगा है आप भी मेरी बुर पीना चाहते हैं आई लव यू भैया बोलकर वह शर्मा गई मैं उठ कर बैठा और मैंने उसकी पैंटी उतारने की कोशिश की तो उसने भी अपने चूतड़ों को उठाकर सहयोग किया। नव्या: लीजिए भैया मैंने भी आपके लिए अपनी टांगें खोल दी है आईये मेरी रसगुल्ला बुर का पूरा रस निचोड़ लीजिए। कहकर नव्या नीचे लेट गई और अपनी जांघों को दूर तक फैला दिया मुझे अपनी जांघों के बीच में ले लिया मैंने मैं अंधेरे में ही उसकी टांगों को चौड़ा किया और उसकी बुर को सूंघने लगा फिर मैंने उसके ऊपर अपनी जीभ चलाई वह एकदम से सिहर गई। नव्या: आ आ भैया क्या कर रहे हो बड़ी गुदगुदी लग रही है सी ई मत करो। मैं 69 पोजिशन में आ गया और बोला मैं: जानू मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ कर सहलाओ तुझे मजा आएगा और मुझे अपनी बुर पीने दे उसने कोई हरकत नहीं की तो मैंने उसका हाथ पकड़ कर लैंड पर रख दिया और मुट्ठी में पकड़ा कर सहलाने लगा थोड़ी देर बाद वह खुद मेरे लैंड को सहलाने लगी मुझे मजा आने लगा था मैं: बेबी उसको मुंह में लॉलीपॉप की तरह से चूसो। नव्या: नहीं भैया मुझको अच्छा नहीं लगता। मैं: बेबी पहले किस करो फिर जीभ से चाटो उसकी खुशबू लो तुम को अच्छा लगेगा फिर रसगुल्ले को मुंह में भरकर चूसो मज़ा आयेगा। मुझे तुम्हारे बुर की खुशबू पागल बना रही है कितना मज़ा आ रहा है नव्या: ठीक है भैया मैं कोशिश करती हूं आप मेरी बुर में अपनी जीभ डालकर चूसो बहुत मज़ा आ रहा है उई मां बड़ी गुदगुदी लग रही है आ आ और अंदर भैया हां हां और थोड़ा सा मैं: बेबी मुंह में लो और चूसो आह आह बड़ा मज़ा आ रहा है पहले मैं तेरे बुर को पी लूं फिर तुझे अपनी क्रीम रोल खिलाऊंगा नव्या ने मेरे सिर को अपनी बुर पर जांघों से कस लिया और पानी छोड़ने लगी मैं सारा पानी चाट चाट कर पी गया बहुत ही बढ़िया था कुछ नमकीन सा कसैला थोड़ा सा मीठा........... जैसे कच्चे नारियल का पानी। बहुत ही स्वादिष्ट। मैं: नव्या कैसा लगा अपनी बुर पिला कर खूब सारा पानी आया था बहुत ही स्वादिष्ट है तेरी बुर का पानी। नव्या: भैया मैं तो हवा में उड़ गई थी झड़ने पर बहुत मज़ा आया और आपकी जीभ ने क़माल कर दिया। आई लव यू भैया आई लव यू इतना प्यार करने के लिए। मैं: चल अब तुझे और मजा देता हूं मैं खड़ा होता हूं तुम नीचे बैठ कर मेरे लंड को अपने मुंह में भरकर चूसो। नव्या: मुझे अच्छा नहीं लगता पर आज आपने इतना मज़ा दिया है मैं मना नहीं कर सकती नव्या ने मेरे लंड को अपनी हथेलियों में सहलाकर पकड़ा और बोली नव्या : भैया ये तो बहुत बड़ा और मोटा लग रहा है मेरी हथेलियों में नहीं आ रहा। उफ़ भैया ये रसगुल्ला कितना मोटा है मेरे होंठों में नहीं जा रहा। मैं: चाटो बेबी मुंह में लेने की कोशिश करो। आह तुम्हारे कोमल हाथों में जादू है नव्या ने सुपाड़ा अपने मुंह में ले लिया और उसके होंठ पूरे खुले हुए थे मुझे मज़ा आने लगा मैंने उसके सिर को पकड़ लिया और मुंह में धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा नव्या: ऊं....ऊं गूं ...गूं ऊ उक आह भैया आराम से चूसने दो उम्म आ मैं: बेबी इसको पूरा अन्दर तक लो मज़ा आ रहा है मैंने नव्या के मुंह से और अंदर डाल दिया और फिर सिर को पकड़ कर अपने लंड को पूरा उसके मुंह से घुसा दिया वो तड़प उठी लंड उसके गले में उतर गया उसकी आंखों में आसूं आ गया और मैं उत्तेजना में उसके मुंह को चोदने लगा और सारा वीर्य उसके गले में डाल दिया। फिर अपने लंड को बाहर निकाल लिया। नव्या: आप क्या कर रहे थे भैया मेरी सांसें रूकने वाली थी आई हेट यू कह कर रोने लगी मैंने उसे अपनी बाहों में भर लिया और उसके होंठों को चूसने लगा फिर वो बोली मैं मर जाती तो मैं: तेरा भैया तुझे बहुत प्यार करता है वो मरने नहीं देगा आज पहली बार हमने ओरल सेक्स किया है तुम्हे कितना मज़ा आया नव्या: शर्माते हुए) आई हेट यू जानूं तुमने मेरी जान निकाल दी थी पर बहुत मज़ा आया। भैया अब सो जाईए रात तभी भैया का फोन बज फोन उठा कर देखा तो मां का फोन था मां: तुम लोग दिल्ली ठीक से पहुंच गए वहां पहुंचकर फोन नहीं किया मुझे बड़ी चिंता हो रही थी मैं सो भी नहीं पा रही मैं: मां हम लोग 6:00 बजे दिल्ली पहुंच गए थे और होटल में चेकिंन करते हुए 7:00 बज गए थोड़ा फ्रेश हुए और फिर डिनर करने निकल गए अभी हम आपको फोन करने ही वाले थे । मां: मुझसे झूठ मत बोलो मुझे पता है तुम लोग भूल गए थे अपनी मस्ती में डूब गए मां का जरा भी ख्याल नहीं रहा कि मैं कितनी परेशान हो रही होगी। मैं: सॉरी मां मुझे माफ कर दो मां : कोई बात नहीं तुम लोग कैसे हो तुमने नव्या से बात की वह कुछ घुल मिल रही है तुमसे मैं चाहती हूं कि तुम उसे खूब प्यार करो, तुम समझ रहे हो ना मैं क्या कह रही हूं उसे खूब प्यार से खुश कर दो। मैं: मुझे थोड़ा समय दो मैं आपको निराश नहीं करूंगा नव्या को शीशे में उतारकर आपकी इच्छा पूरी करूंगा। मां: नव्या से बात कराओ नव्या बेटा रास्ते में परेशानी तो नहीं की बेटा खूब इंजॉय करना खूब सारी शॉपिंग करना मैंने भैया को बोल दिया है तुम्हें जो भी कुछ चाहिए भैया से कहना वह सब दिला देगा और भैया की सारी बातें मानना भैया तुम्हारी खुशी के लिए तुम्हें घुमाने ले गया है और अभी इंडोनेशिया भी लेकर जाएगा तुम्हारा कितना ख्याल रखता है तुझे भी उसकी खुशी का ख्याल रखना चाहिए उसे कुछ अच्छा सा गिफ्ट पूछ कर दे देना नव्या: अगर भैया ने कुछ ऐसा मांगा जो मैं ना दे सकूं तो क्या करूंगी मां: तेरा भैया बहुत समझदार है मैं तुझे वही मांगेगा जो तेरे पास होगा अपने भैया का पूरा भरोसा रख। नव्या: ठीक है मां आप जैसा क्या है मैं वैसा ही करूंगी मां: ठीक है अब मैं रखती हूं तुम लोग सो जाओ कल बात करते हैं ओके गुड नाइट स्वीट ड्रीम्स स्वीट मेमोरीज लव यू मेरे बच्चों मै: नव्या मां क्या कह रही थी नव्या: कुछ नहीं भैया वह कह रही थी एक दूसरे का ख्याल रखना और मैं आपसे पूछ कर आपको कोई अच्छा सा गिफ्ट दे दूं । चलिए भैया अब सो जाते हैं मैं: नव्या अभी नींद नहीं आ रही है क्या तुम सोना चाहती हो नव्या:भैया नींद तो मुझे भी नहीं आ रही है नव्या ने मेरे सीने पर अपना सर रख लिया था और एक हाथ से मेरे निप्पल को सहला रही थी जिससे मेरा मन मचलने लगा मैं: नव्या ओरल के बाद राजीव और रीना ने इंटरकोर्स किया वह कैसे हुआ प्लीज बताओ ना नव्या: आप मुझसे मेरी सहेली और उसके भाई के इंटरकोर्स के बारे में पूछ रहे हैं फिर आप मुझसे भी चाहेंगे कि मैं भी आपके साथ इंटरकोर्स करूं। मैं नहीं नव्या मैं तुम्हारी इच्छा के बिना कुछ भी नहीं करूंगा लेकिन मैं जानना चाहता हूं की राजीव ने रीना के साथ कैसेचुदाई की। नव्या : भैया आप इस तरीके से लोकल लैंग्वेज में बात ना करें मुझे बहुत शर्म आती है यह चुदाई क्या होता है मैं: बेबी लोकल लैंग्वेज में बात करने से मज़ा और दोगुना हो जाता है अगर तुम और मजे लेना चाहती हो तो अबसे लोकल लैंग्वेज में ही बात करेंगे तुम्हें मेरी कसम। नव्या: जानू लगता है कि अपने जैसे कसम खा ली है मुझे बेशर्म बनाने की चलिए आपकी खुशी के लिए मैं भी लोकल लैंग्वेज में बात करने की कोशिश करूंगी मैं: बेबी मुझे भूख लग रही है प्लीज मुझे दूध पिला दो नव्या : भैया इतनी रात में तो दूध नहीं मिल पाएगा मैं: क्यों नहीं मिल पाएगा मुझे दो टांगों वाली बछिया का ताजा-ताजा दूध पीना है मेरी बछिया मेरी गोद में है और मुझे उसका ताजा मीठा दूध पीना है नव्या: शर्मा गई ) धत् आप कितने गंदे हैं अपनी बहन को बछिया बोल रहे हैं और उसके दूध को पीना चाहते हैं भैया आप अपनी रोमांटिक प्यारी प्यारी गंदी बातें कैसे कर लेते हैं आई लव यू बाबू यह सुनकर मैंने उसको लिटा दिया और उसके ऊपर लेट कर उसके निप्पल को मुंह में भर लिया और दूध पीने लगा नव्या:आ आ आह उई मां भैया थोड़ा आराम से पियो इतनी जोर से मत चूसो मुझे दर्द हो रहा है मैं: आगे बताओ ना रीना और राजीव की चुदाई कैसे हुई नव्या: तो सुनिए ओरल के बाद राजीव भैया ने रीना को अपने नीचे लिटा लिया और उसके दूध यानी कि उसकी चूची मुंह में भरकर पीने लगे दोनों फिर से गर्म हो गए फिर राजीव भैया ने रीना टांगों को फैला दी और उसकी टांगों के बीच में आ गए फिर रीना की गांड़ के नीचे अपना तौलिया बिछा दिया। भैया आप मेरा दूध पी रहे हो मुझे भी कुछ-कुछ हो रहा है और मैं महसूस कर रही हूं कि आपका लंड अपनी औकात में आ रहा है मुझे लगता है कि इसके इरादे सही नहीं है मैं: बेबी इसके इरादे और नियत दोनों सही है यह भी तुमको प्यार करना चाहता है जैसे रीना को उसके भैया ने किया था लेकिन मैंने इसको समझा रखा है कि बिना तुम्हारे इच्छा के कुछ भी नहीं करेगा। नव्या: भैया मैं भी अपनी बुर की सील खुलवाना चाहती हूं लेकिन मैं आपको अपनी सील बहुत ही खास मौके पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज कुछ ऐसा कीजिए जिससे मेरी यह इच्छा भी पूरी हो जाए 15 दिन बाद आपका बर्थडे है हम उसे समय इंडोनेशिया में होंगे मैं वही आपसे अपनी सील खुलवाना चाहती हूं मैं आपको अपनी सील आपका बर्थडे पर गिफ्ट करना चाहती हूं प्लीज क्या आप मेरी इच्छा पूरी करेंगे। मैं: आई लव यू बेबी तुम मुझे कितना प्यार करती हो मुझे नहीं पता था तुमने अपनी सील मेरे लिए बचा कर रखी थी तो मैं ही इसको तोडूंगा आई लव यू और तुम्हारी इच्छा से तुम्हारी बर्थडे के दिन ही मैं सील लूंगा। तुम आगे बताओ राजीव ने रीना की चूची पी और दोनों गर्म हो गए उसके बाद कैसे उसने रीना की सील तोड़ी मुझे यह जानना है नव्या: बताती हूं भैया ठंड रखो, आप तो बहुत बेसब्र हो रहे हैं गर्म होने के बाद राजीव भैया ने रीना की जांघो को फैला दिया उसकी जांघों के बीच में बैठ गए फिर अपने 6 इंच के लंड के सुपाड़े को रीना की बुर पर रगड़ने लगे और वह बेचैन हो उठे वह अपना सुपाड़ा रीना न की बुर की पर रगड़ रहे थे फिर धीरे से उन्होंने रीना की बुर में एक धक्के में लंड का सुपाड़ा अंदर घुसा दिया वो दर्द से कराह उठी वो रुक गये और फिर थोड़ी देर बाद दूसरा धक्का लगाया और तीन इंच और अंदर ठोंक दिया रीना तड़प उठी वो रोने लगी कि भैया प्लीज़ आप मुझे छोड़ दो बाहर निकल लो मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है उसके भैया ने कहा रीना बस बस हो गया अब तुझे मजा आने लगेगा और उसके होंठों को चूसने लगे और धीरे धीरे लंड को अंदर-बाहर करते हुए 5 इंच अन्दर डाल दिया अब रीना की बुर की झिल्ली पर लंड को भैया महसूस करने लगे रीना को अब मज़ा आने लगा था भैया ने रीना को कहा रीनू थोडा सा बचा है डाल दूं रीना को होने वाले दर्द का अंदाजा नहीं था वो बोली डाल दो भैया बडा मजा आ रहा है मैं: नव्या क्या हम थोड़ा सा कर ले रीना और राजीव की चुदाई का वर्णन सुनकर मेरा मन भी तुम्हें चोदने का हो गया है तुम्हारा भी मन है मेरा भी लंड खड़ा हो गया है सिर्फ थोड़ा सा सुपाड़ा डालकर चोदूंगा सील नहीं तोडूंगा आई लव यू मेरी बहना प्लीज मुझे तेरी बुर में सुपाड़ा डालने की परमिशन दे हैं आई लव यू नव्या: भैया मन तो मेरा भी कर रहा है लेकिन मैं अपनी सील आपको आपके बर्थडे के दिन गिफ्ट करना चाहती हूं मैं: नव्या एक काम करें क्यों ना मैं तेरी बर्थडे की पार्टी आज ही कर लूं और इंडोनेशिया में हनीमून मना लेंगे आई लव यू मेरी बहना मेरी जान अपने भैया के लिए इतना तो कर ही सकती हो वैसे मम्मी ने भी तुम्हें मेरी पसंद का गिफ्ट देने की यह कहा है। नव्या: भैया मम्मी ने गिफ्ट दिलाने की बात की थी बुर देने के लिए थोड़े ना कहा था मैं यह आपको आपके बर्थडे पर देना चाहती हूं प्लीज मान जाइए ना आप ज़िद करेंगे तुम्हें बहक जाऊंगी और आपको अपनी बुर की सील देने के लिए अपने टांगे खोल दूंगी प्लीज भैया मैं: मुझे तेरी सील पैक कुंवारी बुर पसंद है मैं तो तेरी बुर ही गिफ्ट में चाहता हूं अगर तू मुझसे इतना प्यार करती है तो ठीक है मुझे आज अपनी सील मत तोड़ने दे लेकिन सुपाड़ा घुसा कर थोड़ी सी प्रैक्टिस कर लेने दे तुझे भी बहुत मजा आएगा नव्या: आई लव यू भैया अब यह सील पैक कुंवारी बुर आपकी है आप जैसा ठीक समझे आज नहीं तो 15 दिन बाद मुझे आप ही को देनी है यह आपकी अमानत है लेकिन मेरी इच्छा का मान रखेंगे तो मुझे भी अच्छा लगेगा मैं:आई लव यू मेरी बहन तू भी अपने सहेली रीना की तरह और मेरे सुपारी को अपने बुर के छेद पर लगा के पकड़ इसलिए कि मैं ज्यादा ना घुसा पाऊं मैं तेरी सील आज नहीं तोडूंगा हम दोनों मजा करेंगें और उनकी भी कहानी सुनाती रहे तो ज्यादा मजा आएगा नव्या: भैया, राजीव भैया ने रीना कीबुर में झिल्ली को 5 इंच अंदर लंड घुसने के बाद महसूस आया था तो इतना आप भी कर सकते हो। मैं: ठीक है जानू मैं ख्याल रखूंगा लेकिन जैसे ही सुपाड़ा तुम्हारी झिल्ली तक पहुंचे मुझे बता देना आई लव यू बेबी मैं तुम्हारी जैसी बहन का धन्य हो गया नव्या: भैया मैं आपके लंड का सुपाड़ा अपनी बुर पर लगा दिया है धीरे से धक्का लगाइए उसको मेरी बुर में घुसा दीजिए सी सी ई आ भैया धीरे से करिए दर्द हो रहा है। मैं: बेबी एक बार सुपाड़ा अंदर घुस जाने दो थोड़ा सा जांघों को ढीला छोड़ दो आह बेबी तेरी बुर बहुत टाइट है आई लव यू नव्या: भैया बहुत दर्द हो रहा है कुछ लगा लो मेरे पर्स में कोल्ड क्रीम निकालकर मेरी बुर में और अपने लंड पर लगा लीजिए तो आराम से घुस जाएगा लाइए मैं लगा दूं नव्या ने थोड़ी सी क्रीम अपनी बुर और मेरे लंड पर लगा कर सुपाड़ा को फिर से अपनी बुर के छेद पर टिकाया और धीरे से बोली अब भैया मैंने इसकी गर्दन पकड़ ली ये इधर उधर नहीं फिसलेगा घुसा दो, मैंने धीरे से धक्का लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर के छेद को फैला कर अंदर घुस गया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया सुपाड़ा अन्दर चला गया मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू। मैं: ठीक है बेबी , पुचच् पुच्ची उम् आ कितना अच्छा लग रहा है मेरा सुपाड़ा तेरी बुर में फस गया है तेरी कुंवारी बुर बहुत टाईट है बेबी आई लव यू। बोलते हुए मैं सुपाड़े को धीरे धीरे अंदर-बाहर कर रहा था और उसके निप्पल को मुंह में चुभला रहा था 2 मिनट बाद उसे भी मजा आने लगा उसकी दर्द वाली सिसकारियां आनंददायक सिसकारियों में बदल गई। नव्या: सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मुझे दर्द थोड़ा कम हो गया है और अच्छा सा लग रहा है इसी तरह निप्पल चूसते हुए धीरे धीरे अंदर-बाहर करते रहिए आ उह् … सी… सी….ई उम्म…. आ.. धीरे धीरे मज़ा आ रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्ची मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आह आ सी….ई उम्म…. आ .. तुम्हारी बुर कितनी गर्म है अंदर कितनी चिकनी है जानू थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं मज़ा आयेगा आ आह। नव्या:आई लव यू भैया मुझे इतना प्यार करने के लिए कितना अच्छा लग रहा है थोड़ा सा और अन्दर डाल दो लेकिन धीरे-धीरे आऊ ...आ …आह… इ मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए 3 इंच अंदर तक घुसा कर चोदने लगा नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर नाभी के नीचे ऊपर नीचे चलता हुआ लग रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च पुच मैं : बेबी, मज़ा आ रहा है न सी… आ आई लव यू बेबी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च बेबी तुम्हारे निप्पल से दूध आ रहा है पीने में मस्त मीठापन है जानू राजीव और रीना ने आगे क्या किया नव्या:सी… सी….ई उम्म…. भ..भ्.. भैया…. वो दूध नहीं है अआ दूध तो बच्चे पैदा होने पर आता है लेकिन आपको द..दूध आ चूची पिलाने से आपके लंड की शैतानियों आ.. अ उ … और मजा आ रहा है भैया मज़ा लेने दो किसी और की बात न करो मेरे राजा आई लव यू टू राज्जा.. मैं: आ अ अगर बताओगी तो और भी ज्यादा मजा आएगा नव्या: रीना को बहुत मज़ा आ रहा था राजीव भैया बोले एक बार थोड़ा सा दर्द करेगा अब मैं तेरी सील पैक बुर की सील खोलूंगा रीना बोली खोल दो मेरी सील भैया मैंने आपके लिए ही बचाकर रखी है आई लव यू भैया। और उसके भैया ने उसकी टांगों को उठाया और अपने कंधों पर रख कर उसे अपनी बाहों में भर लिया वो हिल भी नहीं सकती थी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर एक जोरदार धक्का लगाया और भैया का लंड रीना की सील तोड़ता हुआ अन्दर तक बच्चेदानी में घुस गया रीना बहुत जोर से चीख पड़ी आंखों से आंसू निकलने लगे पर उसकी चीख भैया के मुंह में घुटकर रह गई वो बेहोश हो गई उसकी बुर से खून का फौवारा निकल पड़ा। रीना के भैया ख़ून देखकर बहुत खुश हो गए कि उन्होंने अपनी बहन की सील खोली। मैं : ये तो बहुत मजेदार चुदाई है रीना को बहुत मज़ा आया होगा फिर तो रीना को होश कब आया। नव्या: कितनी दर्दनाक थी रीना की सील टूटना और आपको मजेदार लगा इसी लिए कहते हैं सब मर्द एक जैसे होते हैं सील तोड़ने में सबको मजा आता है। थोड़ी देर बाद रीना होश में आई और कराहती हुई बोली भैया आपने अपनी बहन की सील तोडी आपको तो बहुत मजा आया, लेकिन मेरी सज़ा हो गई भैया बोले आई लव यू रीना आई लव यू टू भैया, थोड़ी देर बाद रीना को भी मज़ा आने लगा वो भी सिसकारियां भरने लगी ये रीना की पहली चुदाई थी। मैं: बेबी, कैसा लगा रहा है अपनी सील पैक कुंवारी बुर में अपने भैया का लंड लेकर सी… सी….ई उम्म…. आ नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, बहुत मज़ा आ रहा है सी… आ अब दर्द बहुत कम हो गया इस दर्द में मज़ा मिल रहा है सी… सी….ई उम्म…. आ भैया मेरी बुर में से पानी निकल रहा है थोड़ा सा और अन्दर डालिए मैं: अ आह बेबी इसी तरह से खुल कर बात करने से मज़ा बढ़ जाता है अभी 3 इंच तेरी बुर में है मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल ल रहा हूं मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करते हुए लगभग 4 इंच लंड अंदर डाल दिया नव्या:आ आह उई मां बस रूक जाइए भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां बस बस्…से और नहीं जानू आपका पप्पू मेरी पप्पी में घुस कर सील तक पहुंच गया और सील को बार-बार टच कर रहा है भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ आह और अंदर मत डालना नहीं तो मेरी सील टूट जाएगी और गिफ्ट नहीं कर पाऊगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च हां भैया इसी तरह धीरे-धीरे अंदर-बाहर करिये भैया आ… आ… आह…बहुत मज़ा आ रहा है मैं: हां बेबी, मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है तेरी चिकनी बुर में फस फस कर चुदाई कर रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, और मजे करने है तो थोडा सा और डाल दूं। नव्या: आई लव यू भैया आप बहुत अच्छे हो आपका पूरा कंट्रोल है आपकी फीलिंग पर, राजीव भैया ने तो अब तक बेरहमी से रीना की सील तोडी डाली थी और आप मेरी इतनी केयर कर रहे हैं जिससे अभी तक मुझे कोई बहुत ज्यादा तकलीफ़ नहीं हुई, भैया मन तो मेरा भी कर रहा है पर सील टूट जाएगी तो आपको बर्थडे पर क्या गिफ्ट करूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, मैं : अभी और आज के मजे करने के बारे में सोचो बर्थडे गिफ्ट में हम हनीमून साथ में मना लेंगे वह भी इंडोनेशिया में बहुत मजा आएगा तुम मुझे सील गिफ्ट कर रही हो ना पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी. नव्या: ठीक है भैया जब हम दोनों चाहते हैं तो आप आज ही ले लीजिए मेरे बुर की सील भैया आपका लंड बहुत बड़ा है अभी कितना अंदर है मैं: अभी तो केवल 4 इंची अंदर गया है बेबी जब तुम्हारी सील तोड़कर पूरा अन्दर तक बच्चेदानी में घुस कर चुदाई करेगा तो तुम्हें बहुत मज़ा आयेगा। पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: भैया, अभी थोड़ा मीठा मीठा प्यारा सा दर्द है पूरा घुस कर ये जालिम मेरी बुर को फाड़ता हुआ मेरी बच्चेदानी में घुसेगा तो बहुत दर्द होगा ना मैं मर जाऊंगी बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगी अपका लंड बहुत बड़ा और मोटा है रीना अपने भैया के 6 इंच के लंड से बेहोश हो गई थी आपका तो 9 इंच लम्बा है। मेरा मन भी कर रहा है पर मैं डरती हूं। मैं: डरो मत बेबी मैं हूं ना मैं सब संभाल लूंगा सील टूटने में पहली बार तो दर्द होगा ही उसके बाद फिर मजा ही मजा मिलेगा जैसे तुम्हारी सहेली रीना को मिल रहा है नव्या:आई लव यू भैया मुझे होने वाले दर्द को सोच कर बहुत डर लग रहा है मैं: बेबी मुझे प्यार करती हो मुझ पर नहीं भरोसा है क्या नव्या: बहुत प्यार करती हूं भैया और आप पर अपने से ज्यादा भरोसा है पर ये आपका ज़ालिम लौड़ा, इस पर नहीं हो रहा। कितना बड़ा और खतरनाक है और कितना प्यारा भी, मेरी बुर में घुस कर मुझे प्यार करते करते आज सील तुड़वाने के लिए मना रहा है दर्द भी दिया और प्यार भी कर रहा है। ये मेरी बुर के साथ मेरी जान भी ले लेगा मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, ये सिर्फ सील तोड़ते समय ही दर्द करेगा फिर इतना प्यार करेगा इतना मज़ा देगा कि तुम फिर कभी इसे अपने से अलग नहीं करोगी रोज इससे प्यार मांगोगी।। नव्या:आई लव यू भैया, मैं आप पर भरोसा कर के आपको अपनी कुंवारी सील पैक बुर दे रही हूं आप अपने लौड़े को कंट्रोल करना ये मेरी बुर ले मेरी जान नहीं। मैं दर्द को बर्दाश्त कर लूंगी पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आप इसे निकाल कर इस पर और क्रीम लगा लो मेरी बुर में भी क्रीम भर दो मैं : ठीक है मेरी जान जैसी मेरी राजकुमारी की आज्ञा आई लव यू फिर मैंने नव्या के चूतड़ों को उठा कर तकिया लगाया और उस पर तौलिया बिछाकर उसकी बुर में क्रीम लगा दी और अपने लंड पर भी क्रीम लगाने के बाद उसकी पैंटी को उसके सिर के पास रख दिया मैं: बेबी, तैयार हो अपने भैया को बुर की सील गिफ्ट देने के लिए। नव्या: पुचच.पुच्च आओ भैया ले लो मैं नव्या के ऊपर लेट गया और उसे ढेर सारे किस करने के बाद उसकी चूचियों को सहलाने मसलने लगा और फिर उसके कान में धीरे से बोला जानू अपने मुंह में पैंटी डाल लो थोड़ा सा दर्द करेगा मैं दर्द को बहुत जल्दी मज़े में बदल दूंगा नव्या की आंखों में डर दिखाई पड़ रहा था मैंने उसे चूमते हुए भरोसा दिलाया कि मैं हूं उसने अपने मुंह में पैंटी डाल ली तो मैंने उसकी जांघों को सैट कर उसके हाथ के पंजों को सिर के पास रख कर अपने हाथ के पंजों में फंसा कर जकड़ लिया और उसे बोला। मैं: बेबी अपने भैया को अपनी बुर में जगह देने के लिए उसके रसगुल्ले को अपनी कटोरी पर रखो और दो मिनट बाद मिलने वाले आनंद की कल्पना में डूब जाओ कह कर मैंने एक धक्का धीरे से लगाया तो सुपाड़ा नव्या की बुर में आराम से चला गया नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे दर्द हो रहा है आ… सी… सी….ई उई मां धीरे धीरे से डालो… आ आ..ह . अ उफ भैया सी…. सी… .उन्..न्ह आ… आराम से जानू आ पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च फिर 6-7 बार लंड को अंदर बाहर करने के बाद मैंने नव्या को कस कर पकड़ा और एक जोर का धक्का लगाया तो 1 इंच लंड और अन्दर तक चला गया नव्या कराह उठी नव्या: आ आह उई मां आराम से भैया, मुझे लग रही है उ…. उई……… मां मैं: बेबी, तैयार हो जाओ अब तुम्हारी सील टूटने वाली है नव्या ने आंखों से मौन स्वीकृति दी उसकी आंखों में एक अजीब सा डर और खुशी का मिश्रित भाव था मैंने उसके मुंह से पैंटी निकाल दी और उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा फिर एक जोरदार धक्का पूरी ताकत से मारा तो लंड 2 इंच और अंदर घुस गया मुझे लगा जैसे मेरे लंड पर कसा कोई रबड़ बैंड टूटा हो नव्या एकदम दर्द से तड़प उठी और मुझे अपने से दूर धकेलने की नाकाम कोशिश करने लगी मैंने उसे मजबूती से पकड़ रखा था नव्या दर्द से तड़प गई उसका बदन ऐंठ गया आंखें फैल गई दर्द की वजह से उसकी आवाज़ नहीं निकल पा रही थी वह नीम बेहोशी की हालत में पहुंच गई मुझे एहसास था कि नव्या को इस तरह से दर्द होगा बेचारी की नाज़ुक कुंवारी सील पैक बुर में पहली बार 6 इंच लम्बा मोटा लंड घुस कर उसकी सील तोड़ा था बुर एक दम मेरे लंड पर कसी हुई थी मैंने लंड को वही पर रोक दिया। मुझे इस समय बहुत मज़ा आ रहा था आज के समय में जिसे बुर की सील तोड़ने को मिले वह बहुत लकी होता है मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब और नहीं डालूंगा हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह तूने अपनी सील मुझे गिफ्ट कर दी थैंक यू बेबी आई लव यू अब नव्या को धीरे धीरे सेन्स आ रहा था उसके होंठ हिलने लगे वो कराह रही थी मैंने नव्या के निप्पल को अपने मुंह में भरकर चूसने लगा उसे थोड़ी सी राहत मिली और वो बोली नव्या: आ आह उई मां भैया मैं मर जाऊंगी सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैया बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई आपने मेरी सील तोड दी बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरी सील मैंने आपको दे दी मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. आपको मज़ा आया मैं: हां बेबी मुझे बहुत मजा आ रहा है तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है? नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू भैया अभी तो ये मेरी सज़ा लग रहा है दर्द थोड़ा सा कम हो गया पर अभी भी बहुत दर्द है आप और अंदर मत डालना प्लीज आ… आ.. आ.ह.. सी… मैं: धीरे-धीरे अंदर-बाहर करता हूं तुझे अभी मज़ा आने लगेगा तेरी बुर बहुत कसी हुई है बेबी मज़ा आ गया थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को हिलाने लगी उसकी सिसकारियां और कराहने की आवाज मजे वाली हो गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया यह तो जादू हो गया अब बहुत अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू मैं: बेबी और मजा लेना है क्या मैं थोड़ा सा और अन्दर डाल दूं बस 3 इंच बचा है जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक पूरा मजा नहीं मिलेगा पूरा मजा लेने के लिए थोड़ा सा दर्द और बर्दाश्त करना होगा पुचच्… पुचच. उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, नव्या: नहीं नहह नहीं भैया और अंदर मत डालना मुझे अभी की तकलीफ हो रही है हां थोड़ा सा मजा ही मिल रहा है लेकिन मैं और अंदर नहीं ले सकती प्लीज आई लव यू बाबू। मैं: बेबी, जब तक पूरा अंदर नहीं जाएगा तब तक तुम्हें पूरा मजा नहीं मिलेगा और हम जब भी कोशिश करेंगे तुम्हें यह दर्द बार-बार सहन करना पड़ सकता है इसलिए मैं तुम्हारे फायदे के लिए समझा रहा हूं की अभी थोड़ा सा बर्दाश्त कर लो फिर दोबारा कभी दर्द नहीं होगा। नव्या: आप सही कह रहे हो पर मुझे बहुत डर लग रहा है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, प्लीज आज और मत डालो कल डाल देना मैं ऑफ नहीं करूंगी और पूरा अंदर ले लूंगी तुम्हारी कसम बाबू। मैं: ठीक है बेबी अभी तो मज़े लो । 1मिनट में नव्या अपने चूतड़ों को उठाकर मेरे धक्कों से ताल मिलाने लगी मुझे समझ में आ गया कि उसको बहुत मज़ा आने लगा वो थोड़ा सा और अन्दर लेने की कोशिश कर रही थी मुझे पूरा मजा लेना -देना था तभी नव्या: पुच्च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू बोलते हुए नव्या ने मुझे कसकर जकड लिया मैं समझ गया नव्या झड़ने वाली और इस समय अगर मैं पूरा लंड उसकी बुर में घुसा दूं तो झड़ने के उन्माद में उसे दर्द कम होगा मैंने अपने मन को बहुत बड़ा किया और सोचा उसी की भलाई के लिए एक बार मुझे थोड़ी सी जबरदस्ती करनी पड़ेगी, मैंने अपना लंड उसकी बुर से बाहर खींच लिया और चूतड़ों को उठाने के लिए कहा तौलिया पर काफी खून गिरा था मैंने उससे बुर को साफ़ किया और मोड़ कर साफ़ तौलिया की तरफ से, तकिया सही करके उसके चूतड़ों के नीचे लगा दिया, थोड़ी सी क्रीम उसके बुर में लगाई और अपने लंड पर थोड़ी सी लगाकर वापस उसकी बुर में सुपाड़े को डालकर सेट किया फिर उसकी जांघों को अपनी जांघों पर चढाकर के ऊपर लेट किया उसे अच्छे से जकड लिया। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च आई लव यू बेबी, अब तुम्हें अपनी चुदाई आर्गेज्म मिलने जा रहा है इसको बहुत पूरे मन से ध्यान लगाकर फील करो। मैं चाहता था कि मैं अपने पहले आरर्गेज्म को यादगार के साथ संजोकर रखे इस लिए मैंने डिसाइड किया कि इसको आर्गैज़्म पूरी तरह एंजॉय करने के तुरंत बाद मुझे पूरा मज़ा लेने देने के लिए अपने पूरे लंड को इसकी बुर में डाल कर चोदना होगा। कल के लिए कुछ नहीं छोड़ना। नव्या तेजी से अपने पहले आर्गेज्म की तरह बढ़ रही थी नव्या: आ.. आ ..आह… हां… भैया.. यस्स…यस… और तेज भैया बहुत म् …. मज… मजा आ रहा है बहुत तेज ग.. ग.. गुद… गुदगुदी हो रही है आ … हां ऐसे ही करते रहो आ… आह… चीख कर ढीली पड़ने लगी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… चुदाई से पहला आर्गैज़्म मिलने की बधाइयां पुचच.पुच्च। नव्या: य्स यह भैया यू आर ग्रेट माई लव आई लव यू भैया आपने मुझे जन्नत की सैर करा दी मैं आपके साथ पहली चुदाई जीवन भर याद रखूंगी आपने मुझे बहुत मजा दिया आपको भी आपकी बहन की सील तोड़ने की बहुत-बहुत बधाई पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म. पुच्च आई लव यू जानू। मैं: बेबी, अभी और मजा आयेगा तुम अभी दूसरा आर्गैज़्म एंजॉय करना चाहती हो आज के दूसरे आर्गैज़्म में बहुत मज़ा देगा पुचच्… पुचच.पुच्च उम् नव्या: भैया आपका अभी भी नहीं हुआ चलिए मेरे साथ आप भी अपना आर्गेज्म ले लो पुचच्… पुचच.पुच्च, मैंने धीरे धीरे अंदर-बाहर करना शुरू किया नव्या ने ढेर सारा पानी छोड़ दिया था जिससे मेरा लंड आराम से फिसलकर नव्या की बुर में अपना जादू दिखा रहा था मैंने अभी तक और लंड नव्या की बुर में नहीं डाला था मैं चाहता था कि नव्या पूरे लंड को कम से कम दर्द में अपनी बुर में घुसा कर मज़ा ले मैंने नव्या को सही से तरह से जकड़ा और एक जोर का ठाप मारा मेरा लंड 1 इंच उसकी बच्चेदानी में घुस गया वो बेचारी दर्द से तड़प उठी और मेरी पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी, मैंने उसे अच्छी तरह से जकड़ रखा था उसके होंठों को अपने मुंह में भरकर लाक करके एक जोरदार ठाप और मारी नव्या एकदम से बुरी तरह से तड़प उठी उसके मुंह से दर्द में गूं…गूं ऊं.. की आवाज निकल रही थी उसकी आंखों से आंसू निकलने लगे वो ये सोच कर बहुत परेशान दिख रही थी कि अभी भैया ने कितने प्यार और आराम से सील तोडी और अब कैसे जबरदस्ती उसकी बुर फाड़ कर बच्चेदानी में घुसा रहे हैं वो कुछ समझ पाती उससे पहले ही मैंने एक और जोरदार धक्का मारकर अपना पूरा 9 इंच लंबा लंड बेचारी नव्या की नाज़ुक बुर में उसकी बच्चेदानी में घुसा दिया वो मुंह लाक होने से चीख भी नहीं सकी और दर्द से तड़प कर बेहोश हो गई मुझे एहसास था कि मेरे इतने बड़े लंड से नव्या बेहोश हो सकती है लेकिन यह इस समय बहुत जरूरी था सारे दर्द से एक बार में छुट्टी हो गई उसे अब कभी इतने दर्द हो नहीं सहना पड़ेगा। मैं बिना रुके लंड को पूरा निकाल कर फिर पूरा-पूरा उसकी बच्चेदानी में ठोक रहा था जिससे उसकी बुर रवां हो जाये। 20-25 धक्के लगाने के बाद नव्या को होश आने लगा वो दर्द से बिलख बिलख के रो रही थी नव्या: आ… आआ…आह… उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे…. भैया..प्लीज़ आप बाहर निकल लो आ आह सी भैय् … भै.… भैया मैं मर जाऊंगी बहुत दर्द हो रहा है मेरी बुर फट गई बस्स बस भैया अब रूक जाओ अब मत डालना है आ आ आह मर गई रे उफ़ उ उई मां बहुत जोर से लग रही है पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, आराम से भैया, पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू, अब और नहीं डालना बहुत दर्द हो रहा है मेरे राजा आई लव यू। आ आ.. उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे भैया बहुत ज़ालिम लौड़ा है आपका मुझे मार डाला रे उई मां सी….सीई….. उफ़ मैं मर गई रे मैं : बस बस बेबी, हो गया बस अब हो गया हिम्मत रखो अब और दर्द नहीं होगा बस्स हो गया। पुचच्… पुचच….पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी, तुम बहुत प्यारी हो आह आह बहुत मज़ा आ रहा है बेबी आह मेरा पूरा 9 इंच लंबा लंड तेरी सील तोड़कर बच्चेदानी में घुस गया है बेबी आई लव यू। बस बस हो गया अब तुझे बहुत मज़ा आयेगा। मैं: बेबी अब तुम्हारा दर्द कैसा है तुम्हें मज़ा आ रहा है न? मुझे बहुत मज्जा आ रहा है थोड़ी अंदर बाहर करने नव्या को दर्द से राहत मिली तो वह नीचे से अपने चूतड़ों को उचकाने लगी उसकी रोने वाली सिसकारियां मजे वाली सिसकारियों में बदल गई। नव्या: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू जानू, आ.. आ.. उ.. भैया सी..सी… धीरे-धीरे दर्द काफी कम हो गया अब अच्छा लग रहा है मज़ा आ गया बाबू च्… पुचच. भैया थोड़ा जल्दी से तेजी तेजी करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मेरे अंदर से कोई सैलाब बहकर बाहर आना चाहता है मुझे फिर से आर्गैज़्म होने वाला है थोड़ा और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं नव्या की बुर में जोर-जोर से धक्के मरने लगा वो आह आह सी सी करती मजा ले रही थी मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी बेबी को मज़ा आया पुचच्… बेबी मैं भी पानी छोड़ने वाला हूं कहां निकालूं रानी अपना पानी नव्या:पुचच….पुच्च पुचच. ..भैया थोड़ा तेजी से करो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है अपना पानी मेरी बच्चेदानी में भर दो मैं आपके प्यार को पूरा पाना चाहती हूं और तेजी से करो पुच्च उम् उम्म… आ.. पुच्च आई लव यू बाबू मैं : आई लव यू बेबी, वह तो ठीक है लेकिन अगर कहीं तुम प्रेग्नेंट हो गई तो दिक्कत हो सकती है मैं तुम्हें कोई दुख नहीं देना चाहता मैं बाहर निकाल लेता हूं। नव्या: पुचच….पुच्च मेरे राजा मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी मैं सेफ हूं कल रात ही मेरा पीरियड खत्म हुआ है अभी 5 दिन तक बिना किसी परेशानी के आपका वीर्य अपने बच्चेदानी में ले सकती हूं प्रेगनेंसी के चांसेस बिल्कुल नहीं हैं आपको पता है मैं आपको इसीलिए इतना प्यार करती हूं क्योंकि आपको अपने मजे से ज्यादा चिंता मेरी तकलीफ की है आई लव यू भैया इतना केयरिंग भाई हर बहन को मिले। मैं: पुचच्… पुचच.पुच्च उम् उ. पुच्च आई लव यू बेबी मेरी राजकुमारी मैं भी तुझे बहुत प्यार करता हूं तूने मेरी खुशी के लिए अपनी कुंवारी सील पैक बुर में मेरा इतना बड़ा लंड घुसवा लिया आई लव यू पुचच.पुच्च इसके बाद 12-15 धक्कों में हम दोनों एक साथ छूट गए और पसीने से तरबतर होकर एक दूसरे को कस को पकड़ लिया, मैं हांफते हुए उसकी चूची पर सिर रख कर धीरे से लेट गया थोड़ी देर चलने के बाद फिर से उसकी चूची को अपने मुंह में भरकर छोड़ने लगा वह मेरे सिर पर हाथ कर रही थी और बार-बार इस मजे को देने के लिए थैंक यू भैया थैंक यू भैया बोल रही थी मैं भी उसको आई लव यू थैंक यू मेरी राजकुमारी बोल रहा था थोड़ी देर बाद थोड़ा सा उसके ऊपर से उठा वह बोली भैया मुझे टॉयलेट जाना है बहुत दर्द है प्लीज मेरी हेल्प करो टॉयलेट कराने ले चलो मैंने उसे उठाया तो वह खून से सना तौलिया देखकर चौंक के बोली नव्या: शर्माते हुए) हाय राम ये क्या भैया आपने कितनी बुरी तरह मेरी बुर की सील तोडी है कितना खून निकला है आपके खूनी लौड़े ने मुझे कितना दर्द दिया है मैं: बेबी खून तो पहली बार निकलता ही है और दर्द भी पहली बार होता है उसके बाद तुम्हें कितना मजा आया तू अपने चूतड उठा उठा कर और अंदर लेने की कोशिश कर रही थी याद है कि भूल गई। नव्या:पुचच….पुच्च मुझसे ज्यादा मुझे तो आप ले रहे थे कैसे मुझे जकड़ कर हुमच हुमच कर चोद रहे थे आई लव यू भैया और फिर से थैंक यू इस दर्दनाक मजे के लिए। फिर मैं नव्या को अपनी गोद में उठता बाथरूम ले गया और उसे टॉयलेट कराया हम बहुत थक गए थे हमने साथ-साथ नहाने के लिए हमने शावर को खोल कर नीचे खड़े हो गए और अच्छी तरह नहा धोकर फ्रेश होकर आए फिर नंगे ही बिस्तर में एक दूसरे के बाहों में एक दूसरे को चूमते हुए प्यार करते हुए सो गए क्योंकि सुबह 10:00 बजे वीजा के लिए इंडोनेशिया एंबेसी के ऑफिस में जाना था दोस्तों उम्मीद करते हैं कि आपको यह कहानी बहुत पसंद आई होगी आप इस कहानी पर रिस्पांस देकर उत्साह वर्धन करें तभी आगे की कहानी लिखने में मजा आएगा इतने मन से कहानी को पढ़ने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
हाय ! Antarvasna

मेरा नाम राहुल वर्मा है। मैं Antarvasna आज आपको अपनी पहली कहानी भेज रहा हूँ। मेरी उमर २७ साल, कद ५’१०”, दिखने में सेक्सी हूँ ।

यह बात करीब ८ साल पुरानी है। तब मेरे बड़े भाई की शादी का अवसर था और घर में सब रिश्तेदार आए हुए थे। उनमें मेरे मामा की दो लड़कियाँ भी थी।

हम सब पास में सोते थे- मेरी मम्मी, मामी, दीदी, फ़िर मेरे मामा की छोटी लड़की, उसके बाद मेरी जान जिसका मैं नाम नहीं बता सकता, उसके पास मैं ! हम पर कोई कभी शक नहीं कर सकता था क्योंकि वो मुझसे ४ साल बड़ी थी। हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे पर कभी बोल नहीं सके।

शादी के दो दिन पहले की रात थी। हम सब लेट कर बातें कर रहे थे कि मैंने अचानक अपने पैरों पर कुछ महसूस किया। हाथ लगा कर देखा तो उसका पैर था।

मैंने उस से पूछा- यह क्या कर रही हो?

तो उसने बोला- सब को सो जाने दो, मैं बाद में बात करती हूँ।

मैंने कहा- ठीक है !

रात के करीब १:३० बजे होंगे, मैं भी सो गया था, उसने मुझे उठाया और पूछा कि वो मुझे कैसी लगती है।

मैंने कहा- अच्छी लगती हो !

तो उसने पूछा- कुछ करोगे नहीं ?

मैंने उससे पूछा- क्या करना है?

मुझे तब सेक्स के बारे में इतना कुछ पता नहीं था। तब उसने मेरा हाथ ले कर अपने सीने पर रख लिया। मैंने अनजान बनते हुए पूछा- यह क्या है? तब उसने कहा- क्यूँ ! कभी लड़की के साथ सेक्स नहीं किया क्या?

तो फिर मैं बोला- नहीं ! आज पहली बार किसी के वक्ष पर हाथ रखा है।

मैंने उससे पूछा- तुमने कभी सेक्स किया है?

तो उसने बोला- कोशिश की थी अपने बॉय-फ्रेंड के साथ ! पर दर्द हो रहा था तो पूरा मजा नहीं ले सकी !

मैंने कहा- आज क्या इरादा है?

तो वो बोल पड़ी- आज पूरा तो होने से रहा ! क्यूँकि सब पास में सो रहे हैं इसलिए !

फिर उस रात तो सिर्फ ऊपर के काम से ही मन को मसलना पड़ा। लेकिन भैया की शादी के दिन मुझे किस्मत की चाभी मिल गई।

शादी के दिन क्या हुआ कि बारात हमारे गाँव से ४३ किलोमीटर दूर वाले गाँव में जानी थी। सुबह से मेरे तबीयत थोड़ी ख़राब थी तो मैं फेरे होते ही पापा के साथ शाम के ७ बजे वापिस हो रहा था। तभी भैया के किसी दोस्त ने मेरे मामा की लड़की के बारे में कोई फ़िकरा कस दिया और भैया ने सुन लिया। तो भैया ने उन दोनों को भी मेरे और पापा के साथ वापिस भेज दिया।

फिर क्या था, पापा जीप में आगे बैठे थे हम सब पीछे। मैं और वो बहुत खुश हो रहे थे कि आज घर पर कोई नहीं है, आज हमारा काम बन जायेगा। करीब ८:४५ को हम घर पहुँच गए। पापा हॉल में अकेले सो रहे थे। हम तीनों कमरे में अकेले थे। मेरी तबीयत ठीक नहीं होने के कारण वो मुझसे बात करते करते मेरा सर दबा रही थी, उसकी छोटी बहन थोड़ी देर बात करते करते सो गई।

अब क्या था, वहां भैया की सुहागरात हो रही थी, यहाँ मेरी !पहले हम दोनों ने एक घण्टे तक चूमा-चाटी की आपस में।

फ़िर उसने मेरी पैंट खोल दी। देखते ही देखते हम नंगे हो गए। मेरे लण्ड को जब उसने अपने मुंह में लिया तो २ सेकंड में ही मैं झड़ गया। मुझे शर्म आ रही थी कि मैं कुछ किये बगैर ही झड़ गया।

फिर उसने बोला कि कभी-कभी पहली बार जल्दी हो जाता है, परेशान मत हो, अभी तो रात पूरी बाकी है।

उसके इतना बोलते ही मुझ में नया जोश आ गया लेकिन मुझे १० मिनट लगे वापस तैयार होने में।

मैंने धीरे से अपने लण्ड का सुपाड़ा उसकी चूत पर रखा और धीरे धीरे से अन्दर डालने का प्रयत्न करने लगा लेकिन हर कोशिश नाकाम रही।

फिर उसने कहा- जोर लगा !

मैंने बोला- दर्द होगा !

तो उसने झट से कहा- तेरे लिए सहन कर लूंगी !

फिर क्या था, जोर के झटके से मेरा लण्ड का २ इंच उसकी चूत में, फिर २-३ झटकों में मेरा ५.५ इंच लम्बा लण्ड उसकी चूत में पूरा समां गया। दर्द के मारे उसकी आवाज नहीं निकल रही थी। फिर मैंने उस के स्तनों पर हाथ फेरना शुरू किया। थोड़ी देर बाद वो भी मज़े लूटने लगी। करीब १५ मिनट में मैं फिर झड़ गया, लेकिन वो नहीं झड़ी।

उस रात हमने ४ बार सेक्स किया, जिसमें वो सिर्फ एक बार ही झड़ी।

सुबह को देखा तो चादर पूरी खून में लाल हुई हुई थी। मैंने बाद में उसे देखा तो वो ठीक से चल नहीं पा रही थी।

मैंने पूछा तो वो बोली- कुछ नहीं पहली बार सेक्स करने पर खून निकलता है।

तो दोस्तों कैसा लगा मेरा सेक्स का पहला पहला प्रयास !

अगली बार मैं आप को बताऊंगा कि मैंने आंटी को ट्रेन में कैसे चोदा ! Antarvasna

Hindi Porn Stories

दोस्तो, जैसा कि आप Hindi Porn Stories सभी जानते हैं कि मैं चंदा और उसकी बेटी छवि दोनों की चूत और गांड दोनों चोद चुका हूँ। जिन पाठकों ने मेरी वो कहानियां
आंटी और उनकी छवि
नहीं पढ़ी तो पढ़ लें पहले, उसके बाद इस कहानी को पढ़ें!

अब मैं दोनों को एक साथ चोदना चाह रहा था जिससे कि मैं जब चाहूँ किसी की गांड या चूत में अपना लंड पेल सकूँ। यह सोच कर मैं समय की इंतजार करने लगा। शायद ऊपर वाले को मुझ पर जल्दी ही तरस आ गया।

छवि का फोन आया कि उसकी मम्मी अभी बाहर से नहीं आई है और उसके चूत में खुजली हो रही है जो मेरे लंड को अपने अंदर लेकर ही ठीक होगी। मैं छवि की चूत और गांड में अपने लंड पेलने को पहले से ही तैयार था, केवल उसके फोन का इंतजार कर रहा था कि कब छवि का फोन आये और मैं अपना सात इंच लंड उसकी चूत में पेल दूँ।

खैर समय पर मैं उसके दरवाजे पर था। दर्वाजे पर घण्टी बजाते ही दरवाजा खुला, छवि ने ही आकर दरवाजा खोला। दरवाजा तो छवि ने खोला लेकिन उसके सेक्सी बदन को देख कर मेरी आँखें खुली की खुली रह गई। उस साली ने केवल एक गाउन अपने बदन पर डाल रखा था। मेरा मन किया कि अभी इसकी गाउन नोच कर हटा दूँ और इसके चुचियों को मसल डालूँ, लेकिन ऐसा कर मैं अपना खेल ख़राब करना नहीं चाहता था। आखिर इसकी चूत और गांड मुझसे ही चुदने वाली थी।

दरवाजा बंद कर के छवि मुस्कुराते हुई आकर मुझसे लिपट गई। मेरे होंठ उसके होंठ का और उसके होंठ मेरे होंठ का स्वाद लेने लगे। दस मिनट चूमा-चाटी करने के बाद मुझसे अलग हुई तो मेरे हाथ छवि की कमर पर थे। दोनों एक साथ आगे चल दिए। सोफ़े पर बैठ कर छवि मेरी पैंट की जिप खोल केर मेरे लंड को चूसने लगी। शायद उसे चुदवाने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी। मैं भी जल्दी में था, फटाफट मैंने भी उसे गरम करने के इरादे से अपनी जीभ उसकी चूत पर लगा दी, तुंरत ही उसकी सेक्सी आवाज आने लगी. अह…अह…आह… मुझे चोद दो …वोह …अह …आह…

मैंने भी फटाफट अपना लंड उसकी चूत की सीध में लाकर जोर का धक्का मारा जिससे उसकी चूत को फाड़ता हुआ मेरा लंड आधे से ज्यादा अंदर था।
उसके मुँह से निकल गई- उई माँ …

छवि अभी संभल भी नहीं पाई थी कि दूसरे धक्के से उसकी चूत की गहराई को मेरे लंड ने नाप लिया। उसके मुँह से निकला- हाय मैं … मर गई अह…आह…
फिर तो आराम से धीरे धीरे चूत की आवाज फचा फच आने लगी। दोनों मस्ती में मजा लेकर एक दूसरे का साथ देने लगे। आधा घंटा चुदाई के बाद छवि की चूत मेरे वीर्य से लबलबा गई।
दस मिनट तक दोनों एक दूसरे से चिपके रहे, जब छवि अलग हुई तो बोली- मैं बाथ रूम रही हूँ!
मैं बोला- डार्लिंग, मैं भी चलता हूँ!

वो समझ गई कि मैं आज फिर उसका गांड में अपना लंड पेलूँगा। वो मुस्कुरा कर आगे और मैं उसके पीछे पीछे…

दोनों एक साथ नहा रहे थे, कभी मैं उसकी चुचियों को दबाता, कभी वो मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसती। फिर उसे घोड़ी बना कर उसकी गांड में मैंने अपना लंड पेल दिया। जिसे थोड़ी सी परेशानी के साथ वो झेल गई।

मैं उसकी गांड में अभी चोद ही रहा था कि डोर-बेल बजने की आवाज आई। हम दोनों एक दूसरे का चेहरा देखने लगे।
रात के 11 बजे कौन आ सकता है?
उसके होश उड़ रहे रहे थे!
कहीं उसकी मम्मी चंदा तो नहीं आ गई?
उसने तौलिया डाला और जाकर दरवाज़ा खोला।

सामने चंदा खड़ी थी। छवि की बोलती बंद!
मैं बाथरूम में फंस गया। काफी सोच विचार कर मैं सामने आने को तैयार हो गया। मेरा क्या होगा- ज्यादा से ज्यादा चिल्लाएगी- पूछेगी कि मेरी बेटी को क्यों चोदा ?
तो मैं सारा मामला सॉरी बोल कर खत्म करके निकल जाऊंगा।

जब मुझे चंदा ने देखा तो मेरे सोचने से उल्टा हुआ।
वो साली रंडी बोली- मुझे पहले ही शक था कि तुम मुझे ऐसे ही मिलोगे!
फिर छवि की तरफ देख कर बोली- कुछ दवाई ले कर चुदवा रही है या ऐसे ही?
छवि ने ना में सर हिलाया, चंदा ने दवाई लाकर दी और बोली- इस उम्र में यह सब आम बात है, लेकिन होशियारी से करो!

फिर मेरी जान में जान आई। फिर मैं छेड़खानी पर आ गया। अब तो माँ-बेटी दोनों को चोदने का रास्ता साफ था।
चंदा थकी हुई थी, वो बोली- तुम लोग अभी मजे करो! मैं सुबह मिलती हूँ।
यह कह कर चंदा चली गई।

अब हम बिना किसी डर के चुदम-चुदाई करने लगे। रात में मैंने छवि को तीन बार चोदा।

सुबह चंदा, मैं और छवि नाश्ते के समय मिले, हम तीनों मुस्कुरा रहे थे। नाश्ता करने के बाद तीनों का ग्रुप-सेक्स का खेल शुरु हुआ। अब माँ बेटी और मैं तीनों नंगे थे।
मेरा लंड कभी माँ चूसती तो कभी उसकी बेटी छवि चूसती। तीनों के मुँह से बस निकल रही थी तो अह… आह… ओह… ओह… आह..
फिर बारी-बारी से दोनों की गांड और चूत दो-दो बार मैंने चोदी।
ग्रुप सेक्स का मजा ही कुछ और है। जब मैं चलने लगा तो मेरी जेब में मेरा मेहनताना था।
दिल में इस बात की खुशी थी कि घर में चाहे कोई भी हो, मैं बेधड़क आकर उसे चोद सकता हूँ।

यह थी मेरी कहानी- माँ बेटी की चुदाई।
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Hindi Sex Stories

मेरा नाम संजीव Hindi Sex Stories है। मेरी उम्र 24 साल है। यह कहानी मेरी जिन्दगी का असली और सत्य अनुभव है। उन दिनों मैं जयपुर में एक इंजीनियरिंग कॉलेज का छात्र था। मैं जुलाई 2008 जयपुर में आया था। मैंने जयपुर आने से पहले कभी चुदाई नहीं की थी। चुदाई करने की कसक मेरे दिल में हमेशा से ही थी लेकिन न जाने क्यों 24 की उम्र में आते आते मुझे अपने नाग की तरह फुनकते लंड को थामना बहुत ही मुश्किल पड़ रहा था। मुठ मारने से भी में अब बोर हो गया था। मुझे चूत की बहुत जरूरत थी और इस बार किस्मत ने भी मेरा भरपूर साथ दिया।

मेरी कक्षा में सिर्फ दो लड़कियाँ थी। उन दोनों में से एक थी गार्गी ! गार्गी क्या लड़की थी, उसके दो दो किलो के चूचे थे और गांड भी खूब भारी थी। उसी दिन मुझे लगा कि गार्गी की चूत ही मेरे लंड की गर्मी को ठंडा कर सकती है।

अगले दिन गार्गी ने मुझे बताया कि उसे मोबाइल फ़ोन खरीदना है। कॉलेज से मार्केट काफी दूर था और मेरे पास बाइक भी नहीं थी। मैंने अपने दोस्त से पल्सर मांग ली।

फिर क्या था, क्लास ख़त्म होने के बाद गार्गी और मैं बाइक पर चल दिए। मैंने बाइक की स्पीड १०० से भी ऊपर कर दी और उसने मुझे कसकर पकड़ लिया जैसे ही उसके नाजुक नाजुक हाथ मुझे छू रहे थे मेरी पूरी बॉडी में सनसनाहट दौड़ रही थी और मेरे लंड तो आज सारी हदें पार कर रहा था। उस वक़्त मुझे लगा कि अभी बाइक रोक कर उसे अपने लंड का स्वाद चखा दूँ। लेकिन मैंने अपनी भावनाओं को काबू में रखा। मुझे तो समुन्दर में तैरना था, नदी में नहाने में क्या रखा था।

उस दिन बाइक पर जो तीस मिनट का सफ़र था, उसको रात को सोच कर मैं मुठ ही लगा रहा था कि गार्गी का फ़ोन आ गया। अब मैंने गार्गी से फ़ोन पर बात करते करते ही लंड से ऐसी पिचकारी छोड़ी कि वीर्य दो मीटर दूर जाकर गिरा। लेकिन आज की मुठ में और दिनों से अलग मजा था।

अगले दिन क्लास में गार्गी मेरे आगे बैठी थी तो उसकी सलवार से उसकी पैन्टी दिख रही थी। उसने गुलाबी रंग की पैन्टी पहनी थी। अब तो मेरा लंड फ़ुफ़कारने लगा।

क्लास छुटने के बाद मैं गार्गी को कॉफ़ी के लिए कैंटीन ले गया। बात बात में उससे पता चला कि उसका अभी कोई बॉयफ़्रेंड नहीं है। अब तो मुझे गार्गी की चूत की सुरंग और मेरे लंड की तोप का मिलन साफ़ नजर आ रहा था। धीरे धीरे हमारी दोस्ती प्यार में बदल गई।

एक दिन शाम के 4 बजे लैब में कोई नहीं था। मैंने गार्गी को अपने दिल की बात कह दी। उसने भी हामी भर दी, मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और इमरान हाश्मी स्टाइल में गार्गी के होंठों का सारा रस चूस लिया। अब मेरे हाथ धीरे धीरे उसके वक्ष पर पहुँच गए। मैंने उसके स्तनों को दबाना शुरु कर दिया। उसके स्तन डनलप के गद्दे से कम नहीं लग रहे थेऔर मेरा लंड तो उस वक़्त हीरे से भी सख्त हो रहा था। उसने भी मेरा लंड अपने कोमल हाथो में ले लिया और सहलाने लगी। अपने हॉस्टल में मैंने खूब ब्लू फिल्म देखी थी और मैंने लैब के कंप्यूटर में गूगल से ढूंढ कर ब्लू फिल्म चला दी।

अब मैंने फिल्म की नक़ल करते हुए अपना लंड गार्गी के मुँह में दे दिया। पहले तो गार्गी ने मना किया फिर मान गई और वो लंड चूसने लगी। मेरा लंड पहली बार किसी लड़की के मुँह में गया था। एक मिनट के अंदर ही मैं झड़ने लगा और मैंने गार्गी के मुँह के ऊपर वीर्य बारिश कर दी और वो उसको ऐसे चूसने लगी जैसे अमृत की बारिश हो रही हो।

मैं झड़ चुका था लेकिन गार्गी की आग अभी बाकी थी। उसने अपनी चूत में ऊँगली करके अपनी आग बुझाई।

अगले दिन मुझे गार्गी को संतुष्ट करना था इसलिए मैं अगले दिन पॉवर कैप्सूल और कंडोम लेकर गया। लेकिन अगले दिन लैब में क्लास चल रही थी और मैंने लंच के बाद कैप्सूल खा लिया था। शाम के चार बज रहे थे और मेरा लण्ड नाग के फन की तरह जींस को फाड़ के बाहर आने को कर रहा था। आज किस्मत ने मेरा साथ दिया। एक टीचर को बाहर जाना था दो घंटे के लिए उसने मुझे अपने ऑफिस की चाबी दे दी क्योंकि टीचर का कुछ काम करना था। इधर मुझे अपने लंड की आग बुझानी थी।

मैं गार्गी को लेकर ऑफिस में आ गया। मेरे ऊपर अब तो कैप्सूल का पूरा असर हो चुका था। ऑफिस में घुसते ही मैंने गार्गी को बाहों में भर लिया और टूट पड़ा। मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया और स्तनों को चूसने लगा और गार्गी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी। आज मेरा लंड सात इंच से बढ़ कर आठ इंच का हो गया था। गार्गी की चूचियाँ दबाने में बहुत मजा आ रहा था, उसके स्तन काफी गुदगुदे थे।

मैंने अपना लंड उसके दोनों स्तनों के बीच में रख दिया और हिलाने लगा। अब मेरा हाथ अपने आप गार्गी की पैन्टी पर पहुँच गया और मैंने उसकी पैन्टी उतार दी। गार्गी की चूत पर एक भी बाल नहीं था और चूत एक दम गोरी गोरी थी। मैं चूत को सहलाने लगा।

अब उसकी चूत गीली होती जा रही थी, मुझे लगा कि गार्गी की सुरंग में तोप दागने का इससे अच्छा मौका नहीं मिलेगा और मैंने कंडोम चढ़ा के डाल दिया अपना लण्ड गार्गी की चूत में !

जैसे ही पहल झटका लगा, गार्गी कर गई- उहऽऽ ह्ह अह्ह्ह्हह्ह. और उसकी चूत से खून निकलने लगा। वो दर्द से कराहने लगी पर आज मेरा लण्ड कहाँ रुकने वाला था, मैंने उसकी एक टांग कुर्सी पर रखी और एक टांग को अपने हाथ में रख के झटके पे झटके देने लगा। उधर गार्गी दर्द से उफ्फ्फ अहह उफ़ आह्ह मर गई … और धीरे से डालो ..कहने लगी।

और जब तीन चार बार लंड चूत में घुस कर बाहर आ गया तो गार्गी को मजा आने लग गया।

अब गार्गी कहने लगी- और डालो … और डालो !पाँच मिनट तक मैंने गार्गी को खूब पेला। अब मेरा झड़ने वाला था कि तभी टीचर आ गया। लंड की आग में मुझे कुछ नहीं दिख रहा था। उसने हमें दरवाज़े के छेद में से देख लिया था। लेकिन जब तक मैंने अपने लंड से गार्गी की चूत को तृप्त नहीं कर दिया, मैं ठोकता रहा और अंत में मैं झड़ने लगा। फिर जल्दी जल्दी गार्गी और मैंने कपड़े पहने लेकिन टीचर हमें देख चुका था।

दरवाजा खोला तो टीचर ने गार्गी से कहा- मुझे भी अपनी चूत दे दे ! नहीं तो सबको बता दूंगा !

गार्गी मेरी तरफ देखने लगी, मेरे पास भी कोई और रास्ता नहीं था। टीचर ने भी गार्गी को ठोका और उसकी नई और गोरी गोरी चूत का मजा लूटा।

आज भी गार्गी और मेरा चुदाई कार्यक्रम चल रहा है और हफ्ते में एक दो बार टीचर गार्गी की ले लेता है।

लेकिन क्या करें ! हमे भी ऑफिस चुदाई करने को मिल जाता है।

दोस्तो, कहानी कैसी लगी, बताना जरूर ! Hindi Sex Stories

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