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Massage Girl in South Andaman: Premium Relaxation Services

Our site can help you find a professional massage girl in South Andaman who will help you relax in the best manner possible. We connect you with professional therapists who can offer you a massage that will make you feel better and more relaxed. The pros on our list are ready to provide you with a fantastic experience at your house or in one of their particular spots, whether you want to relax or get away from it all.

Whats New

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Introduction

Massage is currently one of the finest methods to relax your mind, body, and overall health. Our website makes it easy to locate the top massage services in South Andaman that meet your demands. This will be a one-of-a-kind and calming experience for you.

Tottaa wants to make it simple for clients to find the top masseuse. The South Andaman massage service providers on our list offer the greatest quality, comfort, and competence, whether you want a full-body massage or a massage for a particular location.

How Tottaa Helps Advertisers Reach More Customers

Tottaa is not only a list of masseuses, it’s also a secure location for them to show off what they can do. People in South Andaman who are seeking massage services may find them on our website. This makes them easier to find and gets them more appointments.

Advertisers may simply put up profiles, offer their services, and talk about pricing and discounts on our sites. This makes sure that the relevant people notice your South Andaman massage service, which makes it easier to obtain more customers.

Different Types of Massages We Offer

There are a lot of different types of massage services on our site, so you may choose one that works for you. You may choose the kind of treatment that works best for you, whether it’s profound rest or a particular type of therapy.

1. Swedish Massage

A calm and gentle way to ease muscular tension and improve blood flow. This South Andaman massage is perfect for you if you want to relax and forget about your concerns.

2. Deep Tissue Massage

This approach employs a lot of pressure to get to deeper muscle layers. It’s helpful for folks who have muscular discomfort or stiffness that won’t go away. There are specialists on our profiles of massage girls in South Andaman who are good at deep tissue treatments that function effectively.

3. Aromatherapy Massage

Calming massage strokes and essential oils are beneficial in making people feel improved both emotionally and physically. Most massage companies in South Andaman employ the use of custom oil preparations to make you feel good.

4. Thai Massage

A therapy that wakes you up by using a mix of regular massage, stretching, and compression. This traditional massage in South Andaman helps you relax, become more flexible, and get your mind and body back in harmony.

5. Hot Stone Massage

Heated stones are placed on various parts of the body to help with deep muscular tightness. People who want to feel good, relax, and help their muscles recover quickly can use this massage service in South Andaman

How to Book Our Massage Services

Tottaa makes it simple and fast to book. With our listings, you can see what kind of massage you want, read about the providers, see that they are free and then contact them directly. After you choose, you can book a massage in South Andaman at your convenient time and location. In order to get your desired massage services, apply the following simple steps:

Step 1: Browse Our Listings

Take a peek around our site to view a few massage professionals. Each listing gives you information about the many sorts of massages, how long they last, how much they cost, and where they are situated. This makes it easier to choose the finest ones.

Step 2: Compare and Shortlist

Examine the profiles carefully to compare how the services, talents, and reviews posted by customers differ. This phase makes sure you choose a business that has the style, pricing, and supply you desire.

Step 3: Connect with the Provider

When you have decided, use the information that you are offered so that you can contact them directly. One can communicate it to the massage giver thus making it understood what massage you want at what time and when.

Step 4: Confirm the Appointment

The date, time and place of the service, which could be your home, a hotel or the spa where the therapist may be found. You also need to agree on the payment method and any other accords prior to commencement of the course.

Step 5: Relax and Enjoy Your Massage

All you have to do on the day of the appointment is have your area ready for the house visit. The remainder will be handled by the expert. Take it easy and enjoy a massage that is made just for you.

Frequently Asked Questions

To locate a professional who can meet your needs, read our biography, reviews and advertising.

Yes, many of the therapists on our site will come to your house so you may feel safe and at ease.

You may pick based on talents since most adverts provide their qualifications in their profiles.

It would be advisable to make a reservation earlier to guarantee that you would be able to get a massage, particularly against the prevalent services of massage.

Not at all. Tottaa exclusively connects users with service providers. The doctor gets to choose how to handle payment.

Read Our Top Call Girl Story's

प्रेषक : उमेश Hindi Porn Stories

गुरूजी आपने मेरी सही Hindi Porn Stories अनुभव वाली कहानी स्वर्ग का अनुभव प्रस्तुत की, उसके लिए मैं आपका बहुत आभारी हूँ।

मैंने कभी सोचा भी नहीं था किमुझे इतने सारे मेल आयेंगे, खास करके लड़कियों और औरतो के मुझे बहुत मेल आए। आपका इतना प्यार देखकर मुझे एक और सही अनुभव वाली कहानी प्रस्तुत करने की प्रेरणा मिली है। इस कहानी में मेरी कोई कल्पना नहीं है बल्कि मेरे साथ जो हो चुका है वो ही मैं आपको बता रहा हूँ।कहानी को रसदार बनाने के लिए मैंने इसमें कोई बात भी अपनी तरफ़ से नहीं जोड़ी है।

कहानी प्रस्तुत करने से पहले मैं आपको अपना परिचय दे देता हूँ। मैं अहमदाबाद में रहने वाला लड़का हूँ, मेरी उम्र ३५ साल की है। दिखने में स्मार्ट हूँ। मैं एक लिमिटेड कंपनी में अकाउंट एक्जीक्यूटिव की जॉब करता हूँ। मैं जिस कंपनी में काम करता हूँ, उसकी मैडम के साथ मेरा सम्बंध है। उसकी उम्र ४५ साल है। वो दिखने में बहुत खूबसूरत है। उसको मेरे पर बहुत भरोसा है और वो भरोसा मैं कभी नहीं तोडूंगा। यह उसी की कहानी है।

एक दिन छुट्टी से पहले वाले दिन हमने छुट्टी के दिन कहीं पर मिलने का नक्की किया(कार्यक्रम बनाया)।

उसने कहा- घर मे मिलने से कोई न कोई आता जाता रहता है, इसलिए हम किसी होटल में मिलते हैं। तुम कोई अच्छा सा ए सी कमरा बुक करना।

फ़िर दूसरे दिन मैं सुबह होटल का कमरा खोजने निकल गया। मैंने एक अच्छे होटल में ए सी कमरे का रेट पूछा, उसने मुझे ४ घंटे के ७०० रूपए बताये, मैंने कमरा बुक कर लिया फ़िर मैंने मैडम को बताया के मैंने एसी कमरा बुक कर लिया है। मैंने होटल का पता मैडम को दे दिया और कहा- मैंने यहाँ पर अपने नाम बदल कर कमरा बुक किया है। आप यहाँ आ कर अपना नाम पूजा बताना और कहना कि मुझे अनिल से मिलना है जो २०३ नम्बर के कमरा में ठहरे हैं। तो उसने सब बात समझ ली और मुझे दोपहर को २ बजे वहाँ आने का बोल दिया।

मैंने तो १ बजे कमरे में जा कर स्नान कर लिया।

अब वो करीब २ बजे मेरे कमरे में आ गई। उसने भी ‘मैं फ्रेश होकर आती हूँ’ कह के स्नान कर लिया, क्योकि जब हम स्नान कर के सेक्स करते हैं तो मजा दुगना हो जाता है। फ़िर वो स्नान कर के सिर्फ़ तौलिया लपेट कर बाहर आ गई। मैं तो उसको देख कर देखता ही रह गया। वो तौलिये में बहुत खूबसूरत लग रही थी। मैं तो पहले से ही तौलिये में था।

फ़िर हम दोनों पलंग पर आ गए। हमने कुछ बीते हुए पलों के बारे में बात की। फ़िर मैंने उसके गाल पर और होठों पर किस किया, उसका तौलिया निकाला, उसने लाल रंग की ब्रा और पैंटी पहनी थी। मैंने उसे एक बार कहा था कि तुम पर लाल रंग की ब्रा और पैंटी खूब जमती है। उसने वो याद रख लिया था और ऐसा ही किया था। वो किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी।

फ़िर मैंने उसके सारे बदन पे चुम्मी ली। उसकी पैंटी के साथ में ही उसके चूतड़ को भी चूमा, उसके पैर के अंगूठे को भी चूमा, उसके कान को भी चूमा। उसका कोई अंग ऐसा नहीं रहा था कि मैंने उसे वहाँ चूमा न हो। फ़िर मैंने उसके होठों को अपने होठों से लगा लिया। हम दोनों काफ़ी वक्त तक एक दूसरे के मुँह में मुँह रख कर चूमते रहे। उसकी जीभ से अपनी जीभ लगा कर हम दोनों ने एक दूसरे का रसपान किया। हम दोनों दो नहीं बल्कि एक ही हैं ऐसा हमको महसूस होता था।

फ़िर मैंने उसकी ब्रा को निकाला। उसके स्तन बहुत बड़े और रसीले थे। मैं करीब ५ मिनट तक उनको चूसता रहा। मैं किसी जन्नत की सैर कर रहा हूँ ऐसा मुझे महसूस होने लगा। अब वो बहुत उत्तेजित हो चुकी थी। फ़िर उसने मेरे तौलिए को निकाला और मेरी छाती को चूसने लगी। फ़िर उसने मेरे होठों को चूमा, वो चूमते चूमते नीचे तक आई। मैंने अन्डरवीयर पहन रखा था, वो उसने निकाल दिया।

मैं भी बहुत उत्तेजित हो चुका था, उसने मेरे ७” लण्ड को अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपोप की तरह वो तो उसे चूसने लगी। अब मैं आपे में नहीं रह पाया। वो करीब ५ मिनट तक मेरा लंड चूसती रही। उसके ऐसा करने से मैं झड़ गया। मैंने बाथरूम में जा कर साफ़ कर लिया। फ़िर मैं वापिस आ गया, मैंने उसे बोला- अभी तो शुरूआत है, अब मेरा सेक्स लम्बी देर तक चलता रहेगा।

फ़िर मैंने उसकी पैंटी को निकाला, उसने अपनी चूत के सारे बाल हटा के रखे थे। फ़िर मैंने उसकी चूत को चाटने का शुरू किया, उसकी चूत में से अजीब सा पानी निकल रहा था, मैं वो सारा पानी निगल गया। वो बहुत उत्तेजित हो चुकी थी और लम्बी लम्बी आहें भरने लगी थी। हम दोनों कहीं स्वर्ग में पहुँच गए हो और आनंद लूट रहे हों, ऐसा हम दोनों को महसूस हो रहा था। मैं अपनी जीभ को उसकी चूत में बहुत अन्दर तक ले जाता था।

फ़िर मैंने अपना ७” का लण्ड उसकी चूत में डाल दिया। फ़िर मैं उसे धीरे धीरे पेलने लगा. करीब २० मिनट तक मैं ऐसे ही पेलता रहा। मैं एक बार झड़ चुका था इसलिए दूसरी बार जल्दी झड़ जाने की कोई गुन्जायिश नहीं थी। अब मैं बहुत जोरों से धक्के देने लगा। वो भी उसमें धक्के दे कर मुझे साथ देने लगी। हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था। फ़िर हम दोनों साथ में ही झड़ चुके।

फ़िर थोड़ी बात हमने की और हम दोबारा शुरू हो गए। मैंने उसके साथ फ़ोर-प्ले शुरू कर दिया इसलिए वो दुबारा तैयार हो गई। मैंने उसकी चूतड़ को बहुत चाटा और फ़िर मैंने अपना लण्ड उसमें डाल दिया। फ़िर हम दोनों साथ में झड़ गए। यह झड़ना मेरा तीसरी बार का और उसका दूसरी बार का था। वो तो सोचते ही रह गई कि मैं एक ही साथ में तीन बार सेक्स कर सकते हूँ। उसने मुझे कहा- तुम्हारी पत्नी बहुत खुशकिस्मत है जिसे तुम जैसा पति मिला है। मेरे हसबंड बिज़नस के टेंशन में ही रहते हैं। और ६ महीने में एक बार सेक्स करते है और उसमें भी मुझे तो मजा नहीं आता। मैं तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ सकती।

फ़िर मैंने भी उसे ऐसा वादा करके अपने गले से लगा लिया। हमने करीब ३ घंटे तक सेक्स किया। उसने कहा कि तुम्हारे साथ तो पूरी रात हो तो भी कम है। ऐसा स्वर्ग का अनुभव हम दोनों ने कभी नहीं किया. मैं अपने बारे में कम और उसके बारे में ज्यादा सोचता हूँ कि उसको ज्यादा से ज्यादा आनंद कैसे मिल पाये।

हम ऐसे ही होटल में एक ही बार नहीं बल्कि बहुत बार मिल चुके हैं।

ऑफिस से निकलते हैं तो रात को उसकी गाड़ी में भी अंधेरे में मिलते रहते हैं।

मैं कोई कथाकार नहीं हूँ, पर यह मेरे सही अनुभव की कहानी है इसीलिए मैं कहानी में जान डाल सकता हूँ।

मेरी सही अनुभव वाली दूसरी कहानी मैं बाद में बताऊंगा अगर तुम्हारे मेल मुझको आते रहेंगे तो ! ख़ास करके लड़की और औरत के। Hindi Porn Stories

नमस्कार दोस्तो, Hindi Sex Stories

इसके पहले की कहानी को Hindi Sex Stories आप लोगों ने बहुत सराहा तो मैंने सोचा कि अपना अगला अनुभव भी आप लोगों को बताया जाए। तो अब मेरी कहानी पढ़िये !

एक बार फिर बता दूँ, मै एक जवान लड़का हूँ। मैं जब पटना में रह कर पढ़ता था तो मेरे कमरे के नीचे एक परिवार रहता था। उस परिवार में एक आरती नाम की औरत और उसके पति रहते थे। उसके दो छोटे लड़के भी थे। उसके पति सुबह छः बजे काम पर चले जाते थे, बच्चे पास के ही एक स्कूल में पढ़ने जाते थे, तो आठ बजे के बाद बच्चे भी चले जाते थे। आरती का कमरा नीचे था और मेरा कमरा ऊपर था। आरती देखने में काफी सुंदर थी, मैं उसे भाभी कहकर बुलाता था। बात करने में वो काफी माहिर थी, ऊपर मेरे कमरे में आकर बात करने लगती थी, वो छत पर कपड़े पसारने आती थी तो उसकी चूचियाँ ब्लाऊज़ को फाड़ने पर तुली रहती थी। देखने में वो दो बच्चो की माँ कभी नहीं लगती थी। मै तो बार बार उसकी चूची को ही देखता था। शाय्द उसका पति उसको मन से कभी नहीं चोदता था इसलिए वो प्यासी प्यासी निगाहों से देखती रहती थी।

मै कभी कभी उसके कमरे में टी.वी देखने चला जाता था। दिन में अकसर वो अकेली ही रहती थी। मुझे पूरा मन रहता कि उसे चोदूँ पर मैं उसे बोल नहीं पाता था, डर लगता था।

एक दिन की बात है, मैं दोपहर में उसके कमरे में गया तो दरवाजा से आवाज दी तो कोई नहीं बोला। तो मैंने दरवाजा खोलने की कोशिश की तो देखा कि दरवाजा नहीं लगा हुआ है।

मैं अन्दर घुस गया और सीधे भाभी के टी.वी. वाले कमरे में चला गया।

जब वहाँ पहुँचा तो देखा कि भाभी पलंग पर सोई हुई हैं और टीवी चल रहा है।

वो उस समय साड़ी में थी, उनकी साड़ी उनके घुटने तक आई हुई थी। यह देखकर मेरी नीयत खराब हो गई। अब मुझे लगा कि मैं उनकी बुर में सीधे लंड पेल दूँ पर मुझे डर लग रहा था कि भाभी जग जायेगी तो शोर न मचाने लगे !

मैं बहुत हिम्मत करके उनके पास गया और उनकी साड़ी को ऊपर सरकाया। जैसे ही साड़ी को ऊपर किया, उनकी काली काली झांट नजर आने लगी। मै तो उनकी लम्बी-लम्बी झांटों को देखकर दंग रह गया।

धीरे-धीरे मैंने उनकी साड़ी को और ऊपर कर दिया, फिर उनके चेहरे पर देखा तो वो आराम से सो रही थी। मेरा साहस बढ़ गया। उनकी बुर को देख कर ऐसा लग रहा था कि काले जंगल में कोई घाटी हो। अब मुझसे रहा नहीं गया, मैं झट से अपना लंड सहलाने लगा।

इतने में भाभी जग गई और मेरे लंड को पकड़कर बोली- लाओ इसको मेरे हवाले कर दो ! कब से इस साले को मैं खोज रही थी, तुमने इसे कहाँ छुपा रखा था।

जब भाभी ने ऐसा कहा तो मेरा सब डर दूर भाग गया।

भाभी ने कहा- मैं सोई थोड़े ही थी, सब देख रही थी कि तुम क्या करने वाले हो !

भाभी ने कहा- साला मेरा पति मुझे चोदता ही नहीं है, वो बहुत थका रहता है।

भाभी मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी। फिर मैंने भाभी को जमकर चोदा।

तब से दो साल लगातार मैंने भाभी को चोदा, हर रोज़ दिन में उनको चोद कर मस्त कर देता।

एक बार भाभी की छोटी बहन उनके घर आई थी। भाभी ने उसको चोनने में मेरी मदद की।

इस बात को मैं अपनी अगली कहानी में लिखूंगा।

यह कहानी आपको कैसी लगी, मुझे जरुर लिखिएगा। Hindi Sex Stories

Antarvasna

रोज की तरह मैं और Antarvasna दिव्या अपने ऑफ़िस में बैठे हुये काम रहे थे। दिव्या हमेशा अपने कम कपड़ों में मुझे उत्तेजित करने का प्रयास करती रहती थी। उसे देख कर मैं भड़क भी जाता था और फिर वो चुद भी जाती थी पर अब असमय भी चुदाई करने में मजा नहीं आता था। पर आज मुझे ताऊजी फोन आया कि विक्की और सोफिया गोआ घूमने आ रहे हैं। दिव्या विक्की को नहीं जानती थी। उसके आने की सूचना पाकर मुझे बहुत ही खुशी हुई।

ठीक समय पर मैं अपनी कार लेकर दिव्या के साथ रेलवे स्टेशन पहुंच गया। ट्रेन आ चुकी थी। मैंने मोबाईल पर सोफिया को बता दिया था कि मैं और दिव्या बाहर खड़े इन्तज़ार कर रहे हैं। कुछ ही देर में एक बेहद खूबसूरत लड़की और एक सुन्दर सा हीरो जैसा लगने वाला लड़का दिखाई दिया। मेरा अनुमान सही था। वही दोनों सोफिया और विक्की थे। पहले तो वो दोनों बाहर खड़े हो कर यहाँ-वहाँ देखते रहे। दिव्या ने मुझे कहा,”शायद वो ही है … लड़का तो बड़ा मस्त है यार … “

“तुझे तो बस लण्ड ही देखता है … जा कर पता कर … ” दिव्या को तो मौका चाहिये था। कार से उतर कर सीधे उस लड़के पास गई। लड़का दिव्या को देखता ही रह गया। सोचने लगा कि ये अचानक एक जवान सी सुन्दरी उसके सामने कौन आ गई। मैं कार से उतर चुका था और उनकी तरफ़ देखा, वो आपस में कुछ बाते कर रहे थे और सोफिया का हाथ मेरी ओर लहरा उठा। आते ही सोफिया ने मुझे औपचारिक तौर पर किस किया, पर शरारत के साथ … अपनी चूचियाँ मेरी छाती से लगा कर मेरे बदन में सिरहन पैदा कर दी। मुझे तुरन्त मालूम हो गया कि ये खूबसूरत सी मेरी कजिन शरारती टाईप की है। विक्की और दिव्या साथ बैठ गये और सोफिया मेरे साथ आगे बैठ गई। मुझे लगने लगा कि कुछ समय तो बड़ा मजेदार निकलेगा।

घर पहुंचने पर शाम को हम घूमने का कार्यक्रम बनाने लगे। कुछ ही समय ने दिव्या ने विक्की से अच्छी दोस्ती कर ली। विक्की भी खुश था। इधर सोफिया भी मेरे साथ बहुत ही इनफ़ॉर्मल हो गई थी। कुछ ही समय में मुझसे खुल कर बातें करने लगी थी। दिव्या से मेरे सम्बंध के बारे में पूछने लगी थी। मैंने उसे खुलने पर स्पष्ट बता दिया था कि वो मेरी दोस्त है, आज कल वो मेरे साथ ही रह रही है, और इसमे कोई बुराई नहीं है। सोफिया भी मेरे खुलेपन से बहुत खुश थी … शायद वो अपनी इस यात्रा को मजेदार और मस्त बनाना चाहती थी। घर पहुंचने पर हमने लन्च लिया और वो दोनों आराम करने लगे। दिव्या मेरे साथ लेटी हुई सोफिया की बातें ही कर रही थी और मेरे मन की टोह ले रही थी।

शाम को हमने समुद्र के किनारे जाने का प्रोग्राम बना लिया और लगभग छः बजे हम चारों बीच की ओर रवाना हो गये। रास्ते में हमने दो-दो पेग काजू फ़ेनी के भी लिये और कुछ फ़्राई की हुई फ़िश और चिकन रख लिया था।

कुछ ही देर में हम बेनौलिम बीच पर पहुंच गये। लम्बा सा बीच था। कुछ और भी लोग वहाँ पर थे। हम लोग बीच के पास ही चादर बिछा कर बैठ गये। दिव्या तो अपने कपड़े उतार कर सिर्फ़ ब्रा और पेण्टी में ही समुद्र की ओर भाग ली, विक्की भी अपने कपड़े उतार कर सिर्फ़ अंडरवियर में दिव्या के पीछे हो लिया।

सोफिया ने मुझसे कहा,”आप नहीं चलोगे क्या ?”

“आप साथ चलोगी … ?”

“मुझे शरम आती है दिव्या जैसे कपड़ों में … “

“मुझे तो नहीं आती है, ये देखो … ” मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिये … बस अंडरवियर में था। पर ये भूल गया था कि मेरा लण्ड उस छोटे से अंडरवियर में साफ़ उठा हुआ नजर आ रहा था। सोफिया ने मेरे लण्ड के उभार को अच्छी तरह से निहारा और कुछ उत्तेजित हो गई।

“फिर तुम उधर देखो … मैं कपड़े उतार लेती हूँ … ” उसने भी शर्माते हुये अपने कपड़े उतार दिये। उसका गोरा बदन दमक उठा। ब्रा में से चूचियां जैसे उछल कर बाहर आने को बेताब हो रही थी। मेरा मन विचलित हो उठा। लण्ड और कड़ा हो गया।

उसकी बहुत ही छोटी सी पेण्टी में से उसके तराशे हुये चूतड़ और उसकी गोलाईयाँ मेरी जान निकाल रही थी। पतली कमर, उभरे हुये कामुक कूल्हे, तराशी हुई जांघें मुझे मदमस्त कर रही थी। जाने कब मेरे दोनों बाहें उठ गई उसे अपनी आलिंगन में लेने के लिये। और सोफिया भी मंत्र मुग्ध सी मेरी बाहों में सिमट आई। हमारे नंगे बदन आपस में छूते ही ही जैसे आग बनने लगे। सोफिया के होंठ मेरे गर्दन और होंठ के पास रगड़ खाने लगे। अपने चूतड़ों को दबा कर जैसे मेरे लण्ड का स्पर्श अपनी चूत से करने लगी। हम दोनों अब वही दरी पर लेट गये और एक दूसरे से लिपट कर जैसे लोट लगाने लगे। हम लोट लगाते हुये रेत पर आ गये हमें पता ही नहीं चला। मेरे हाथों ने ब्रा के ऊपर से ही उसकी एक चूची दबा दी … सोफिया सिसक उठी। दूसरी लोट में सोफिया मेरे ऊपर सवार थी और मुझे बेतहाशा चूमने लगी थी। मुझे उसकी चूत के पास कुछ कड़ा सा लगा। शायद इसी हालत में काफ़ी देर तक आनन्द में प्यार करते रहे थे।

“बस करो भई … ये एक समुद्र का तट है … कोई कमरा नहीं ” दिव्या की खनकती हंसी सुनाई दी। हमें समय का ध्यान ही नहीं रहा … वो दोनों वापस आ चुके थे। सोफिया को तो पहले कुछ समझ में नहीं आया फिर जैसे एक दम होश में आई। इतनी देर में विक्की की उत्तेजना बढ़ गई। उसने हमारी हालत देख कर दिव्या को दबोच लिया और उसकी गीली पेण्टी उतार दी। उधर दिव्या ने भी बेशर्मी से विक्की का लण्ड पकड़ लिया। अब विक्की और दिव्या भी नीचे दरी पर एक दूसरे को दबाये हुये चोदने की कोशिश कर रहे थे। सोफिया मेरे उपर से हट चुकी थी और मैं भी उठ खड़ा हुआ था। दोनों को बड़ी मुश्किल से खींच कर अलग किया।

अरे ये सब यहां नहीं … यहां से चलो अभी … दिव्या … चलो कपड़े पहनो, गश्ती जीप आ रही है।

“घर चलो ना … तुम्हें तो बस करने की लगी है … और ये सार्वजनिक स्थल है … ” विक्की को सोफिया ने समझाया, दिव्या अपने बदन पर से रेत साफ़ कर रही थी। मैंने यहाँ-वहाँ देखा … अधिकतर लोग जा चुके थे और एक गश्ती जीप की रोशनी नजर आ रही थी, जो पास आती जा रही थी। कपड़े पहन कर हम कार में बैठे ही थे कि वो गश्ती जीप पास में आकर रुकी,”ओह जो साहब … गुड इवनिंग … कैसे हो … “

“क्या यार … गोआ में रहो तो पूरे समय … रिश्तेदारो को घुमाते ही रहो … “

“हां यार ये तो गोआ में रहने की सजा है … ” और हंसता हुआ आगे बढ़ गया।

हम लोग रेत से निकल कर बाहर आये और कार में बैठ कर वापस मडगांव रवाना हो गये।

घर पर आते ही पोर्ट वाईन का एक एक पेग बनाया और सभी सोफ़े पर बैठ कर सिप लेने लगे। दिव्या और विक्की की शरारतें बढती जा रही थी। वो सब चुपके से कर रहे थे, पर मेरी तेज निगाहें उसकी हर हरकत देख रही थी। सोफिया भी मुझे चोरी चोरी देख रही थी। मैंने सोफिया का हाथ जान कर के दबाया। पर अप्रत्याशित रूप से उसने अपना हाथ खींच लिया। मुझे झटका सा लगा।

“क्या हुआ … ?”

“अपना हाथ दूर रखो … “

“पर वहां समुद्र के किनारे तो … “

“वो तो बस मुझे कुछ हो गया था … सॉरी … जो … ” सोफिया उठ कर चली गई। मैं निराशा से उसे देखता रह गया। दिव्या ने पलक झपकते ही सारा मामला समझ लिया। वो तुरन्त मेरे पास आ गई।

“जो … मैं तो हू ना … उससे अधिक सुन्दर … उससे अधिक मजा दूंगी … ” विक्की भी उठ कर मेरे पास आ गया।

“जो मैं दीदी को समझाता हूँ … ” विक्की को अपना कार्यक्रम भी बिगड़ता नजर आया।

“नहीं विक्की … ये दिल के सौदे है … तुम दोनों मस्ती करो … जाओ … ” मैंने उठते हुये कहा।

“चलो दिव्या … अन्दर चलते हैं … “विक्की ने दिव्या का हाथ पकड़ा … दिव्या ने उसे देखा और गुस्से में बोली,”मेरा जो दुखी है और तुम्हें … जाओ , अब सो जाओ … मैं जो के साथ रहूंगी।” दिव्या ने अपना फ़ैसला सुना दिया।

“दिव्या प्लीज … विक्की को ऐसा मत कहो … उसे खुशी दो … जाओ, दोनों मजे लो और दो !” मैंने कहा और अपने कमरे में चला आया।

मन में थोड़ी सी बैचेनी सी लगी। यूं तो मैंने कई लड़कियों को चोदा था सो आज सोफिया चुदने को नहीं मिली, तो इतना बुरा नहीं लगा। कुछ ही देर में सब कुछ भूल कर मैं गहरी नींद में सो गया। अचानक रात को मेरी नींद किसी की आहट से खुल गई। उसी समय कमरे की बत्ती भी जल गई। देखा तो सोफिया सामने खड़ी थी।

“जो … बुरा लग गया ना … मुझे माफ़ कर दो … ” नींद में अलसाया सा भी उसकी सूरत देख कर मुझे हंसी आ गई।

“अरे नहीं नहीं … ये सब कुछ नहीं … मुझे आपकी फ़ीलिंग्स का ध्यान रखना चहिये था … ” मैंने उस बात को हवा उड़ाते हुये कहा।

“नहीं … मैं सच में बीच पर आप पर मोहित हो उठी थी … और मेरे मन में भावनायें जाग उठी थी … “

“मेरे साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ था … पर भूल जाईये उस बात को … “

“कैसे भूल जाऊँ … विक्की और दिव्या तो मौज कर रहे है … पर मैं अभागी … हाय रे मैं माहवारी से हूँ … क्या करती … मुझे माफ़ कर दो … ” वो मेरे बिस्तर के सिरहाने आ कर बैठ गई … और मेरे बालों से खेलने लगी।

“सोफी … ऐसे समय में ये होता है … और असमंजस की स्थिति होती है … ” मैंने उसे सामान्य करने की कोशिश की … । पर उसका चेहरा मेरे होंठो की तरफ़ बढ़ता ही गया और अब उसके नरम होंठ मेरे होंठों से प्यार कर रहे थे। एक व्हिस्की का भभका मेरे नाक के नथुनों से आ टकराया। पर वो अपने पूरे होश में थी। मैंने अपनी आंखें बंद कर ली और अधरपान का आनन्द लेने लगा। मैंने धीरे धीरे उसे कमर से पकड़ कर अपने शरीर से लिपटाना आरम्भ कर दिया। बिना कोई विरोध किये वो मेरे ऊपर आकर लेट गई और अब अब हम एक दूसरे की आगोश में थे। उसकी चूत ऊपर से ही मेरे लण्ड के ऊपर जोर मार रही थी … पर अब मुझे उसके लगाये गये नेपकिन का अहसास होने लगा था। मुझे कुछ भी करते हुये डर लग रहा था कि कहीं मेरी किसी भी हरकत से नाराज ना हो जाये।

सोफिया की बैचेनी बढ़ने लगी, उसने मेरे हाथ खींच कर अपने स्तनों पर रख दिये। साधारण साईज़ के स्तन थे … पर निपल कठोर और तने हुये थे … कुछ बड़े से लग रहे थे। मैंने उसकी चूंचियाँ धीरे धीरे सहलाना और गुदगुदाना आरम्भ कर दिया। उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी …

अब वो मेरे बिस्तर पर मेरी बगल में लेट गई थी। वो मुझे बहुत ही प्यार से देख रही थी … उसकी चूंचियों के सहलाने और निपल को हल्के से मलने पर उसे बहुत आनन्द आ रहा था। उसने मुझे देखा और नजरें दबा कर इशारा किया … और उसका हाथ धीरे से मेरी चड्डी के ऊपर आ गया और हौले से मेरे लण्ड को दबा दिया। कुछ अजीब सी स्थिति थी … चूत पर लाल पट्टा चढ़ा था और उसका मन चुदने को कर रहा था … या कुछ ओर ही … । उसके पतले से सफ़ेद पाजामे पर हाथ घुमाते ही मालूम हो गया कि … पट्टा लगा हुआ था। वो मेरे लण्ड को अब दबाने और सहलाने लगी थी। मेरी छोटी सी चड्डी में से अब मेरा लण्ड नहीं समा रहा था। साईड से सोफिया ने मेरा लण्ड खींच कर निकाल लिया और अब उसके साथ खेलने लगी। कभी वो मुठ मारती और कभी वो लण्ड को अपने शरीर से रगड़ती। उसके निपल और सारे उभारों को मैं सहला कर दबा रहा था। उसकी सिसकारियाँ बढ़ रही थी। मेरा लण्ड भी उत्तेजना के मारे फ़ूल रहा था। सोफिया के आंखो में वासना के गुलाबी डोरे उसकी उत्तेजना को दर्शा रहे थे।

मैंने अपनी सहन शीलता खो दी और सोफिया की चूत दबा डाली। वो एकदम से सिमट गई और एक जोर से सिसकारी भरी और झड़ने लगी। मुझे अहसास हुआ कि शायद वो यही चाह रही थी। अपनी आंखें बंद किये वो झड़ने का आनन्द लेने लगी। मैंने भी उसका शरीर को सहलाना और दबाना जारी रखा। धीरे धीरे सोफिया सामान्य होने लगी। उसका हाथ मेरे लण्ड पर कस गया। मेरे लण्ड में उसके हाथों से मीठी सी सुरसुराहट जागने लगी। मैंने सोफिया को प्यार से अपने शरीर से लिपटा लिया और प्यार करने लगा।

मुठ मारते मारते मेरा लण्ड भी कड़कने लगा … मुझे लगने लगा कि अन्दर से माल अब निकला ही चाहता है। मेरे चूतड़ हिल हिल कर उसके मुठ मारने में सहायता करने लगे … और मेरे उफ़नते हुये लण्ड ने अपनी सीमा तोड़ते हुये अपना रस उसके हाथों में निकाल दिया। उसका हाथ मेरे वीर्य से भर गया। पर उसका हाथ चलता रहा और मेरे लण्ड से रस रह रह कर छलकता रहा। मेरा पूरा लण्ड वीर्य से भर गया … सोफिया का हाथ भी मेरे लसलसे वीर्य से भर गया था। उसने मेरे नाभि के आस पास वीर्य रस को फ़ैला दिया और अपना गीला हाथ मेरे गालो पर रख कर मुझे चूम लिया। उसने जल्दी से अपना पजामा उतारा और नेपकिन को उतार दिया। मैंने तुरन्त अपना मुख दूसरी ओर कर लिया। उसने मुझे देखा और मुस्करा उठी।

“जो … अपना लण्ड तो चड्डी में छिपा लो वर्ना नजर लग जायेगी … ।” दिव्या की हंसी सुनाई दी और नया नेपकिन सोफिया की ओर उछाल दिया।

“अरे रात के दो बज रहे है … तुम सोये नहीं … ?”

“आज की रात कौन सोता है … पर जो, आखिर आपने सोफिया को पटा ही लिया ना … ” दिव्या ने कटाक्ष किया।

“नहीं सोफिया ने मुझे पटा लिया … उसे देखो, उसकी मजबूरी … उसकी सादगी … उसका अन्दाज़” मैंने सोफिया की तारीफ़ की।

“नहीं, जो बहुत समझदार और प्यारा है … उसने मेरे साथ बहुत प्यार किया , मेरी रजामन्दी से !”

दिव्या और विक्की दोनों खुश हो गये। सारा मामला ठीक हो गया था। सोफिया ने मुझे प्यार से चूमा और मुझे अकेला छोड़ कर इठलाते हुये अपने कमरे में चली गई। दिव्या भी विक्की के साथ चली गई। मैं अब ये सोचता हुआ सो गया कि जब सोफिया की माहवारी समाप्त होगी तो मैं उसे किस किस तरह से चोदूंगा। ये सोचते सोचते कुछ समय में ही मैं निंद्रा के आगोश में खो गया। Antarvasna

Antarvasna

हाय मैं राजेशमेरी उम्र २० वर्ष है आपके लिये मै एक ऐसे स्टोरी Antarvasna लेकर आया हूँ जिसे पढकर आपका मन चोदने और चुदवाने का करने लगेगा

मेरे घर में चार भाई है और मेरे पिताजी है माँ का देहांत तब ही हो गया था जब मेरी उम्र ९ साल की थी। मेरे दो भाई मुंबई में सॉफ्टवेर इन्जिनेअर है जबकि सबसे बड़ा
भाई हमारे साथ ही जालंधर में रहता है। मेरे भाई की शादी हुई तो मैं बड़ा खुश हुआ कि जो माँ का प्यार माँ से नहीं मिला वह भाभी से मिल जायेगा। शादी के बाद भाभी
हमारे साथ ही रहने लगी हम गाँव के सबसे बड़े परिवार से ह। पिताजी का धयान रखने के लिए नौकर तो था पर नौकर और घर के सदस्य में रात दिन का अंतर था। भाभी
भी मुझसे मजाक किया करती।

एक दिन की बात है मैं बाथरूम में नहाने जा रहा था तो मेने भाभी से मेरी अंडरवियर और बनियान मांगी। भाभी बोली कि देवर जी आप नहाना तो शुरू करो मैं ढूँढकर
लाती हूँ मेने कहा ठीक है जब मैं नहा लिया और मैं केवल एक पतला सा टॉवेल लपेटकर खडा था तभी भाभी आई और बोली कि लो अपने अंडरवियर लो यह कहकर वो
दरवाजे के बहार खड़ी होकर दूर से अपना हाथ दिखा रही मेने भाभी से अंडरवियर लेने के लिए जैसे ही दरवाजा खोला भाभी ने दरवाजे में जोर से धक्का दिया और मेरे
बाथरूम में घुस आई और मेरी कमर पर गुदगुदी करने लगी्।

इस मजाक में वह हो ही गया जिसका मुझे डर था मेरा टॉवेल खुल गया और भाभी के हाथ में मेरा लिंग आ गया.
इसी बीच मैं शर्म के मारे बाथरूम से नंगा बाहर निकल कर भाग गया क्यूंकि उस समय घर पर मेरे और भाभी के अलावा कोई नहीं था.

इस बात पर मैं भाभी से इतना नाराज़ हुआ कि पूरा दिन बोला नहीं।
पर शाम को वह मुझसे बोली कि राजेशतुम मुझसे नाराज़ हो क्या?
तो मेने अपनी नाराजगी तोड़ते हुए न कहा दिया। अगले दिन जब मैं पढ़ाई कर रहा था तभी भाभी मुझसे बोली कि राजेशमैं
नहाने जा रही हूँ तुम कल की बात का बदला लेने की कोशिश मत करना,
तो मैं बोला- नहीं भाभी, मैं तो उस बात को कब का भूल चूका हूँ।

तभी नहाते हुए भाभी बोली कि राजेशमुझे एक साबुन लाकर दो मेरा साबुन खत्म हो गया है मैं बोला अभी तो मैं दुकान जाकर साबुन नहीं ला सकता। भाभी बोली कि
दुकान से लाने को थोड़े ही कह रही हूँ, मेरे ड्रोर में रखा वहीं से ला दो। जैसे मैं साबुन लेकर आया तो भाभी दरवाजे में से मुह निकालकर झांक रही थी तो जैसे ही मैंने जैसे
ही हाथ बढाया तो भाभी ने साबुन लेने के बहाने मेरा हाथ पकड़ कर खींच लिया और मैं बाथरूम में गिरने लगा तो भाभी ने हाथ पकड़कर मुझे संभाला तभी मेरा हाथ उनकी
चूत पर पड़ गया। मैंने देखा कि भाभी बिलकुल नंगी खड़ी थी और उनके बूब्स बहुत बड़े थे और उनके निप्पल गुलाबी रंग के थे और उनकी चूत पर बहुत बड़े बाल थे और उन
बालो के कारण चूत भी ठीक से नहीं दिख रही थी।

तभी मुझे अपन पेंट में कुछ रेंगने का अनुभव हुआ मैंने देखा जब तक तो भाभी मेरे पूरे कपडे (पेंट, अंडरवियर) दोनों उतार चुकी थी। मैं भाभी के सामने बिलकुल निवस्त्र खडा था और भाभी मेरे लंड को बड़े मजे से चूस रही थी तभी भाभी ने नीचे लेट कर पोसिशन ६९ में आ गयी और अब वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उनकी न चाह कर भी उनकी बालो वाली चूत चाट रहा था थोडी देर बाद वह उठी और मुझसे अपना 7″ लंबा लंड मेरी चूत में डालने को कहने लगी

मैंने जैसे ही अपना लंड भाभी की चूत पर रख कर जोर से धक्का दिया वह भाभी की चूत में न जाकर वहां से फिसलकर पीछे की और सरक गया फिर भाभी बोली जानू ऐसे नहीं और फिर वह साबुन उठाकर अपने हाथ पर लगाकर मेरे लंड पर रगड़ने लगी फिर उसके बाद उन्होंने उतना ही साबुन अपनी चूत पर लगा दिया और फिर बोलीं कि जान अब धक्का दो जैसे ही मैंने जोर से एक धक्का दिया वह चिल्ला पड़ी आआह्ह्ह् ईईइह्ह् ऊऊह्ह् फिर मैंने एक और झटका देकर पूरा लंड भाभी की चूत में समां दिया और अब उनका और मेरा शरीर आपस में रगड़ने लगे उस दिन भाभी ने मुझे जिन्दगी मैं पहली बार सेक्स करना सिखाया

लेकिन उस सेक्स के बाद मुझे उस गलती पर बड़ा पछतावा हुआ और मैंने भाभी के कितना भी उकसाने पर ये गलती न दोहराने का संकल्प लिया। एक दिन जब मैं बाज़ार सामान लेने गया तो मुझे रास्ते जाकर ध्यान आया कि मैं पैसे लाना तो भूल गया हूँ। जैसे ही मैं घर पैसे लेने वापस आया तो देखा कि भाभी एक नौकर के साथ चिपकी हुई थी मुझे देख कर वह दूर हट गयी और फिर नौकर मुझे देख कर चला गया तभी मैंने भाभी से पूंछा तो वह कहने लगी कि तुम्हारे भैया तो बस काम के कारण बाहर ही रहते है उन्हें तो मुझे संतुष्ट करने का तो उन्हें कोई ख्याल नहीं रहता और तुम भी मेरे साथ एक बार सेक्स करके ही रह गए अब तुम ही बताओ ऐसे में मैं क्या करूं

वह बोली तुम्हे तो मेरे साथ … ऐतराज़ है मै बोला ऐतराज नहीं है मैं इस काम को पाप समझता हूँ वह बोली कि तुम मुझे इस तरह खु्श करो कि तुमसे पाप भी न हो और मुझे मजा भी आ जाये। मैं बोला क्या सच में ऐसा हो सकता हैं वह बोली कि हाँ क्यूँ नहीं तो मैंने कह दिया ठीक है वो मुझे कमरे मैं ले गयी और मेरे होठ चूमने लगी तो मैंने मना किया तो वह बोली कि मैं तुमसे तुम्हारा लंड अपनी चूत में डालने को तो नहीं कह रही हूँ फ़िर उन्होंने मेरे पूरे कपडे उतार दिए फिर अपने कपडे भी उतार कर बैठ गयी और मेरा लंड जोर जोर से चूसने लगी तभी मेरी नज़र उनकी चूत पर गयी आज वह बड़ी सुंदर और चिकनी दिख रही थी अब मुझसे नहीं रहा गया और मैं अपना संकल्प भूलकर पोसिशन ६९ में आकर भाभी की चूत चाटने लगा।

फिर भाभी ने मुझे उठाकर मेरा मुंह अपने बूब्स पर रख दिया फिर मैंने दोनों स्तनों से नीचोड़ नीचोड़ कर स्तनपान किया और कुछ देर बाद भाभी की दोनों टांगें विपरीत दिशा में करके उनकी चूत पर लंड फेरने लगा भाभी के मुह से आआह्ह ऊऊउह्ह्ह् ईईह्ह्ह निकल पड़ा तभी मैंने भाभी की चूत पर एक जोर से झटका मारा तो भाभी और तेज़ और तेज़ कह कर मेरा साथ देने लगी मेरा जोश यह सुनकर दुगना हो गया फिर भाभी और मैं एक साथ स्खलित हो गए उस दिन मुझे पहली बार से भी ज्यादा आनंद आया अब भाभी और मैं जब भी हमें मौका मिलता है तब यह खेल खेलते है Antarvasna

मेरी मम्मी मुझे लेकर अपनी सहेली के घर गई थी वहां पर वह अपनी सहेली के साथ बैठ कर बातें कर रही थी और मैं दूसरे छोटे बच्चों के साथ खेल रहा था. tabi एक पड़ोस की औरत एक बकरी लेकर आई. उस औरत ने कहा कि उसकी बकरी 2 साल की हो गई है. और वह बच्चे देने के लिए तैयार है. तभी मेरी मम्मी की सहेली उठी और अपने घर के पीछे बंधे बकरे को वहां पर लेकर आ गई. मेरी मम्मी की सहेली का नाम सुनीता था. पड़ोस वाली आंटी जो बकरी लेकर आई थी उसका नाम अर्चना था. सुनीता आंटी ने अर्चना आंटी से कहा कि तुम अपने बकरी को बंद दो और उसको गले से पकड़ लो. सुनीता आंटी फिर बकरे को लेकर उसके पीछे चली गई. बकरा पीछे जाकर उसकी चूत को सूखने लग गया. Kabi kabi vha उसकी चूत को चाटने भी लगता. ek do मिनट तक वह ऐसा करता रहा. थोड़ी देर बाद बकरे को जोश आ गया. वह सीधा उसे बकरी के ऊपर चढ़ गया. उसका लंड बकरी की चूत में नहीं जा रहा था. उसने बहुत कोशिश की और नीचे उतर गया. थोड़ी देर बाद में दोबारा उसकी चूत को सूखने लगा. फिर सुनीता आंटी से कहा कि तुम बकरी को सही से पकड़ लो और बकरी के पीछे बैठ गई. जैसे ही वह बकरा बकरी के ऊपर दोबारा चढ़ा, सुनीता आंटी ने अपने हाथ से उसके लंड को पड़कर बकरी की चूत में डाल दिया. अचानक हुए हमले से बकरी जोर से चिल्लाई. क्योंकि बकरी की चुदाई फर्स्ट टाइम हुई थी. फिर वह बकरा आगे पीछे होकर धक्के मरने लगा. दो-तीन मिनट बाद में दोबारा नीचे उतर गया. इसी तरह सुनीता आंटी ने उसे एक बार दोबारा चढ़कर बकरी की चूत मरवाई. फिर वह बकरे को ले जाकर बॉडी में बंद आई. अर्चना के जाने के बाद सुनीता आंटी मेरी मम्मी के साथ बैठकर बातें करने लगी.में जाकर उनके पास बैठ गया. मैं सुनीता आंटी से बोला कि अभी यह बकरा और बकरी क्या कर रहे थे. पहले तो उन्होंने मुझे इग्नोर करने लगी लेकिन जब मेने जिद की तो उन्होंने कहा कि वह बकरे की लंबाई चेक कर रही थी. फिर मैंने कहा कि मेरी भी लंबाई चेक करो यह सुनकर दो दोनों हंसने लग गई और आंखों ही आंखों में इशारा करने लगी. एक दिन में जल्दी स्कूल से आ गया था. हमारे घर के पीछे जानवरों का बाड़ा था. उसमें सभी छोटे बड़े भैंस बकरी बांधा करते थे. मैं एक भैंस के पीछे और उसकी चूत को देखने लगा. उसे वक्त मेरी उम्र 14 साल हो गई थी. साड़ी में एक बार इधर-उधर जाकर चेक किया कि कोई मुझे देखा तो नहीं रहा जब मुझे यह लगा कि कोई भी मुझे नहीं देख रहा तो मैं दोबारा उसे भैंस के पास आ गया. मुझे पता था कि वह बहुत ही अच्छी थी. मैंने उसकी चूत देखने लगा. थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत को दोनों हाथो से चौड़ा किया. उसकी चूत अंदर से बिल्कुल लाल रंग की थी. उसकी चूत को में उंगलियों से धीरे धीरे से सहराने लगा. फिर मैंने तीन उंगलियां उसकी चूत में डाली. भैंस की चूत अंदर से बहुत गर्म थी. धीरे-धीरे मैंने चारों उंगलियां उसकी चूत में अंदर डाल दी. थोड़ी देर बाद उसकी चूत गरम हो गई. अब तक मुझे चुदाई का कोई एक्सपीरियंस नहीं था. चूत गीला होने से मेरा हाथ उसके चूत के अंदर आसानी से जाने लगा तो मैंने मेरा हाथ पूरा उसके अंदर डालने की कोशिश की और मेरा हाथ पूरा उसके अंदर चला गया. मैं ऐसे ही अपने हाथ को उसकी चूत में अंदर बाहर करता रहा. थोड़ी देर बाद मुझे कुछ आवाज आई तो मैं उसे छोड़कर वहां से भाग गया. कुछ दिन बाद स्कूल में मेरे दोस्त ने मुझे कहा कि उसके पास एक सीडी है. पहले तो मुझे लगा कि वह ऐसे ही कोई मूवी की बात कर रहा होगा. मैंने उसे कहा कि वह किस तरह की है, मुझे भी सीडी देखनी है तो वह मुझे इंटरवल में अपने घर ले गया. हम दोनों चुपके से उसके घर चले गए. उसके घर के ऊपर एक कमरा बना हुआ था जिसमें कोई जाता नहीं था. यह उस जमाने की बात है जब ब्लैक एंड व्हाइट टीवी चला करते थे. उस दिन उसके घर पर कोई नहीं था. हम ऊपर कमरा बंद करके टीवी और सीडी प्लेयर कनेक्ट करके वह मूवी देखने लगे.उस मूवी के अंदर एक लड़की और दो आदमी थे. पहले तो वह दोनों उस लड़की के पास आकर उसे चुंबन आदि करने लगे. एक आदमी उसके स्तन दबा रहा था और दूसरा उसके गले को चूम रहा था.अब तक मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि यह किस तरह का वीडियो है क्योंकि मैंने जिंदगी में इस तरह का वीडियो कभी नहीं देखा था. धीरे-धीरे उन्होंने उस लड़की के ऊपर के कपड़े उतार दिए. यह देख कर मुझे मजा आने लगा. क्योंकि मैंने कभी किसी को इस तरह से आपका वीडियो में नहीं देखा था. तभी दूसरे आदमी ने उसके नीचे के कपड़े भी उतार दिए. उसकी चूत नीचे से बिल्कुल साफ थी. यह देखकर पहले तो मुझे बहुत हंसी आई. तभी मेरे दोस्त ने कहा कि अभी तो स्टार्टिंग हुआ है देखना यह आगे क्या-क्या करते हैं. फिर उन्होंने लड़की को नीचे लेटा दिया. और उन्होंने भी अपने कपड़े उतार दिए. फिर एक आदमी ने अपना लंड उसके मुंह में डाल दिया. दूसरा उसकी चूत को चाटने लगा. यह देखते हुई मुझे फील हुआ कि मेरी अंडरवियर में मेरा लंड बड़ा हो रहा है. मुझे बहुत मजा आ रहा था. मैंने दोस्त से कहा कि यह तो बहुत शानदार वीडियो है ऐसा वीडियो कभी देखा ही नहीं था. फिर उसने कहा कि आगे देखना क्या होगा अभी तो स्टार्ट हुआ है. थोड़ी देर बाद जो आदमी अपना लंड उसके मुंह में डाल रहा था. वह नीचे लेट गया. वह लड़की उस आदमी के ऊपर आकर अपनी चूत में उसके लंड के ऊपर बैठ गई. और ऊपर नीचे कूदने लगी. दूसरा आदमी उसके मुंह के पास खड़ा था और वह लड़की उसके लंड को अपने मुंह से चाट रही थी. यह सीन देखकर देख कर मेरा शरीर बहुत गर्म हो गया था. मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मुझे डेढ़ सौ डिग्री बुखार चढ़ गया हो. थोड़ी देर बाद जो आदमी खड़ा था वह उस लड़की के पीछे आया. और उसकी गांड में थूक लगाकर अपनी एक अंगुली डालने लगा. नीचे से दूसरा आदमी लगातार अपने लंड को उसकी चूत में बार-बार कर रहा था. फिर दूसरी आदमी ने थोड़ा सा थूक लगाकर उसकी गांड में दो उंगलियां डाल दी और अंदर बाहर करने लगा. तभी दूसरी आदमी ने अपना लंड उसकी गांड में डालने की कोशिश की. एक दो कोशिश के बाद लंड थोड़ा सा गांड में चला गया. फिर वह धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। 8-9 धक्के लगाने के बाद उसका लंड उसकी गांड में पूरा अंदर चला गया. फिर वे दोनों आदमी उसकी चूत और गांड में लगातार धक्के लगाने लगे. 15 मिनट धक्के मरने के बाद फिर वे दोनों खड़े हो गए. लड़की घुटनों पर बैठ गई और वे दोनों अपने हाथों से लंड को आगे पीछे करके मुट्ठी मारने लगे. तभी उनके लंड से पिचकारी छूट गई. मुझे ऐसा लगा कि उनके लंड में से कुछ सफेद सा निकला है और वह लड़की उसको चाटने लगी. फिर वह वीडियो पूरा हो गया और मैं अपने घर पर आ गया. मैं बार-बार सोच रहा था कि आखिर में वह सफेद सा क्या निकला था. उसी रात में खेत में गया जहां पर कोई नहीं देख सकता और मैं अपने लंड को बाहर निकाल कर हाथ से आगे पीछे करना स्टार्ट किया. शुरुआत में तो तुम मुझे कुछ भी महसूस नहीं हुआ लेकिन जैसे-जैसे में आगे पीछे करता रहा मुझे अच्छा फील होने लगा. मुझे मजा आने लगा तो मैं तेजी से आगे पीछे करने लगा. 15 मिनट आगे पीछे करने के बाद मुझे ऐसा फील हुआ कि यही जन्नत है, मेरी आंखें बंद हो गई, उंगलियां अकड़ गई, शरीर के अंदर एक अजीब सी सरसराहट होने लगी. तभी मेरे लंड से कुछ चिपचिपा और गरम सा निकलता हुआ मुझे मेरे हाथ में फील हुआ. मुझे मजा आ गया. फिर मैं जल्दी वहां से घर आ गया. फिर मुझे सब समझ में आ गया. मैं यह भी समझ गया कि वह बकरा और बकरी क्या कर रहे थे. एक दिन जब घर पर कोई नहीं था तो मैं बाड़े में गया. मैंने सोचा की भैंस की चुदाई की जाए. हमारे घर पर एक छोटी भैंस थी वह बहुत ही अच्छी थी कभी मरती नहीं थी. मैं यह देख कर संतुष्ट हो गया कि वहां पर कोई नहीं आ सकता क्योंकि घर पर कोई था नहीं और सब लोग खेत में काम करने गए हुए थे जिनको आने में दो-तीन घंटे लगने वाले थे. जैसा कि मैंने वीडियो में देखा था, मैं उस भैंस के पीछे गया और अपने हाथों से फैला कर उसकी चूत को चाटने लगा. थोड़ी देर बाद मेरा लंड टाइट हो गया. उसकी ऊंचाई थोड़ी ज्यादा थी इसलिए मैंने एक बाल्टी वहां रख ली. फिर में बाल्टी पर चढ़कर उसकी चूत में लंड डालने लगा. जैसे ही पूरा लंड भैंस की चूत में अंदर गया तो मुझे ऐसा लगा कि यही जन्नत है क्योंकि अंदर से बहुत ही गर्म लग रहा था. उस वीडियो के जैसे मैं भी आगे पीछे होकर चुदाई करने लगा. मुझे ऐसा मजा आ रहा था कि जिसका में कोई वर्णन नहीं कर सकता. 15 मिनट बाद फिर मेरे साथ वही हुआ, मेरी आंखें बंद हो गई, उंगलियां अकड़ गई, शरीर के अंदर एक अजीब सी सरसराहट होने लगी. फिर मैंने स्पीड को तेज कर दी, और मैं भैंस की चूत में झड़ ही गया. फिर मैं वहां से भाग कर अपना होमवर्क करने लग गया दूसरे दिन में स्कूल में गया तो मैं मेरे दोस्त से कहा कि ऐसी और भी सीडी लेकर आना हम साथ में मिलकर देखेंगे तो मेरे दोस्त ने कहा कि उसके एक चाचा का लड़का है उसके पास ऐसी 4-5 सीडी है वह चार-पांच दिन में आने वाला है फिर हम उसे सीडी ले लेंगे. घर जाकर में दोबारा बाड़े में चला गया. मैंने आसपास देखा कि कोई मुझे देखा तो नहीं रहा. जब मुझे यह लगा कि वहां पर कोई नहीं है तो मैं दूसरी तरफ चला गया जहां पर बकरियां बंधी हुई थी. हमारे घर में तीन बकरियां थी. एक बकरी की चूत पीछे से बहुत ही गोरे कलर की थी. मैं उसके पास गया और उसके शरीर को सहलाने लगा. हमारा बाड़ा बहुत बड़ा था उसमें जाने के दो दरवाजे थे. मैंने एक दरवाजा पहले से बंद कर दिया था. बड़ा लंबा होने के कारण बीच में एक खिड़की थी. में बकरी को सहलाते हुए उसके पिछले टांगों के पास जाकर बैठ गया. और हाथों से उसके स्तनों को सहलाने लगा. बकरी बहुत ही सयानी थी उसका दूध चाहे कोई बड़ा या छोटा कोई भी निकल सकता था वह कभी दौड़ भाग नहीं करती थी. मैं एक हाथ से उसके स्तनों को सहला रहा था और दूसरे हाथ से धीरे-धीरे उसके पीछे ले जाकर उसकी चूत पर रखा. ऐसा करने से बकरी हिली नहीं और चुपचाप खड़ी रही. मैंने धीरे-धीरे उसकी चूत को सहलाना शुरु किया. फिर मैं खड़ा होकर उसके पीछे चला गया. मैंने धीरे-धीरे 1 अंगुली उसकी चूत में डालना शुरू किया. जब मेरी अंगुली पूरी अंदर जाने लगी तो मैंने 2 अंगुली डालने की कोशिश की. 2 अंगुली डालने से बकरी धीरे से मिमयाने लगी. मुझे पता नहीं चला लेकिन पीछे से खिड़की में मेरी बुआ मुझे यह करते हुए देख रही थी. तभी बुआ मेरे पीछे आगे खड़ी हो गई. मैं तब भी बकरी की चूत में उंगली कर रहा था. उसने एकदम से कहा क्या कर रहा है अनिल. जैसे ही मेरे कानों में यह बात पड़ी तो मेरे को ऐसा हुआ जैसे काटो तो खून नहीं. चूत से हाथ निकाल कर हुआ की तरफ हाथ जोड़कर खड़ा हो गया. बुआ से मैं थोड़ा डरता था. मेरी बुआ की उम्र उस वक्त 22 साल की थी. उसने कहा कि यह बात वह मेरे पापा को बताएगी. मैंने कहा कि मुझे माफ कर दो आप जो बोलोगी मैं वही करूंगा यह बात आप किसी को मत बताना. पता नहीं बुआ के दिमाग में उसे वक्त क्या चल रहा था उसने कहा कि मैं जो बोलेगी वही करेगा. बोला ठीक आप जो बोलोगी मैं वही करूंगा. फिर मैं वहां से भाग कर अपना होमवर्क करने लग गया. जब शाम को खाना खाकर सब सोने लग गए तो बुआ बोली तू आज मेरे साथ सोएगा. मैं उस वक्त इतना नादान था कि उसकी इस बात को नहीं समझ पाया कि वह साथ सोने के लिए क्यों बोल रही है. फिर बुआ मेरे से पूछने लगी की दिन में उस बकरी के साथ क्या कर रहा था. मैंने बुआ को मेरे दोस्त की सीडी के बारे में और सब चीजों के बारे में बता दिया. फिर बुआ बोली कि तू अपने दोस्त से कल वह सीडी लेकर आना. दूसरे दिन में दोस्त के घर से सीडी लेकर आ गया. बुआ चुदाई का मतलब तो समझती थी लेकिन उसने भी कभी इस तरह की सीधी नहीं देखी थी. उसने पड़ोस से सीडी प्लेयर लेकर ऊपर वाले कमरे में रख लिया था जिसमें बुआ सोई थी. बुआ बोली कि हम रात को सबके सोने के बाद सीडी देखेंगे. मैंने बोला कि आप ही देख लेना, मेरे को डर लगता है मैं नीचे सो जाता हूं. तो वह बोली कि डरने की जरूरत नहीं है मैं किसी को नहीं बताऊंगी और अगर मेरी बात नहीं मानी तो बकरी वाली बात पापा को बता दूंगी. गांव में सब 9:00 बजे तक सो जाते हैं बुआ ने 10:00 बजे तक इंतजार किया फिर उसने कमरा बंद करके सीडी को चालू किया. सीडी में फिर वही सीन स्टार्ट हो गए जो मैंने दोस्त के साथ देखे थे. सीडी देखते हुए मेरा लंड एकदम टाइट हो गया था. जब बुआ की नजर मेरी पेंट पर पड़ी तो समझ गई थी कि मैं एकदम से तैयार हो गया हूं. उसने मुझे पास बुलाया और बोली की तू भी मेरे साथ ऐसा करेगा क्या. मैंने बोला हां, लेकिन मुझे डर लगता है. उसने बोला की डर किस बात का. तो मैंने बोला कि मुझे आपका ऐसे ही डर लगता है आप मारती हो. फिर वह मुझसे पूछने लगी कि तुझे कल बकरी के साथ ऐसा करते हुए मजा आ रहा था क्या. मैंने बोला हां फिर वह बोलने लगी कि अगर तू मेरे साथ सीडी के जैसा करेगा तो में बाड़े में तेरा ध्यान रखूंगी और तू बकरी के साथ कर लेना. मैं तैयार हो गया. उसने मेरे से कहा कि अपने कपड़े उतार. वह मेरा लंड देखकर चौंक गई. तो मैंने पूछा क्या हुआ बुआ. उसने बोला कि तेरा लंड तो बहुत बड़ा है. तो मैंने पूछा कि आपको कैसे पता कि मेरा बड़ा है. वह बोली की वह मेरे पापा और मम्मी को कई बार चुपके से चुदाई करते हुए देख चुकी है मेरी साइज मेरे पापा से भी बड़ी थी. फिर बुआ ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए. मेरी बुआ के बोबे बहुत मोटे थे, और उसकी चूत नीचे से काली थी उस पर एक भी बाल नहीं था. बुआ बोलने लगी कि पहले हम थोड़ी देर सीडी देखते हैं. वह बोली तू ऐसा कर नीचे बैठ जा और मैं तेरी गोद में बैठकर सीडी देखती हूं. वहीं पास में एक सोफा रखा हुआ था मैं सोफे पर बैठ गया और वह मेरी गोद में बैठ गई. जैसे ही बुआ मेरी गोद में बैठी मेरा लंड उसकी जांघों को चीरता हुआ उसकी चूत के पास आ गया. मैं पीछे से अपने हाथों से उसके दोनों बोबे को सहलाने लगा. बुआ की सांस बहुत गर्म हो गई थी. 2 मिनट बाद वह उठ गई और बेड पर जाकर लेट गई. और मुझे बोला कि तू भी इस आदमी की तरह करना स्टार्ट कर.----------- मैंने बिना देर किया किए उसके टांगों के पास जाकर बैठ गया और उसकी टांगों को ऊपर हवा में उठाकर अपनी जुबान उसकी चूत पर लगा दी. जैसा कि मैंने उसे वीडियो में देखा था मैं भी खतरनाक तरीके से बुआ की चूत को चाटने और खाने लग गया. 5 मिनट बाद बुआ मेरे सर को पकड़ कर अपनी चूत में दबने लग गई. और बोली की और जोर से कर. मैं जोर-जोर से चाटने लग गया और अंदर जुबान भी डालने लगा थोड़ी देर बाद बुआ झड़ गई. फिर मैंने बुआ से बोला कि आप अपनी टांगों को थोड़ा चौड़ा करके पकड़ लो. मैंने अपने हाथ से लंड को बुआ की चूत के मुंह के लगाया और धीरे-धीरे जोर लगाने लगा. वह अंदर नहीं जा रहा था क्योंकि बुआ ने केवल उंगलियों और मोमबत्ती से ही अभी तक अपनी चूत की चुदाई की थी. मैं पूरे जोश में था मैंने कहा कि आप अपने टांगों को थोड़ा और फेलाओ. जैसे ही बुआ ने अपनी टांगों को फैलाया तो मैंने जोर से धक्का लगाया. एक ही धक्के में मेरा लैंड 2 इंच बुआ की चूत में चला गया. बुआ की आंखों में आंसू आ गए. मैं थोड़ा डर गया कि क्या हुआ तो वह बोली कि रुको मत आराम से करो लेकिन धीरे-धीरे. फिर मैं 5 मिनट तक ऐसे ही आगे पीछे करता रहा. बुआ के दर्द कम हो गया. फिर मैं थोड़ा जोर लगा लगा कर करना स्टार्ट किया. ऐसे ही तीन-चार मिनट के बाद मेरा लंड पूरा बुआ के अंदर चला गया. फिर मैंने लगातार धक्के लगाने स्टार्ट कर दिए. वह बार-बार बोल रही थी कि तेरा बहुत बड़ा है ऐसा तो उसने कभी देखा ही नहीं. तो मैंने पूछा कि अपने पापा के अलावा और किसका देखा है. तो वह बोली कि उसने अपने पापा का यानी मेरे दादाजी का भी देखा है. फिर जैसे कि मैंने वीडियो में देखा था मैं नीचे से बुआ की चूत चोद रहा था और ऊपर मैंने अपनी जुबान बुआ के मुंह में डाल दी. बुआ भी मेरी जीभ को चाटने और चूसने लगी जैसे कि वह कोई आइसक्रीम हो. मैं नीचे लगातार चूत मैं धक्के लगा रहा था. धक्के लगाते हुए मुझे 20 मिनट हो गए थे. बुआ की हालत खराब हो गई थी. वह मेरे से बोली की और कितना टाइम लगेगा तेरे को. मैं बोला कि बुआ मैंने कभी किसी लड़की को आज तक नहीं चोदा. आज आपके साथ पहली बार कर रहा हूं. वह बोली कि थोड़ा जल्दी कर यार. मैं जोर जोर से धक्के लगाने लगा. तभी मैंने बुआ को बोला कि वह मेरा निकलने वाला है. इस वक्त में प्रेगनेंसी के बारे में कुछ नहीं समझता था लेकिन मेरी बुआ जो की कॉलेज में थी उसे पता था कि कब प्रेगनेंसी का खतरा रहता है और कब नहीं. वह बोली की अंदर ही कर ले. मैं और जोर जोर से धक्के लगाते हुए बुआ के ऊपर ही देर हो गया. मैं 10 मिनट तक बुआ के ऊपर ऐसे ही चूत में लंड डाले पड़ा रहा. जब मैं उठा तो बुआ की चूत से खून और मेरे सफेद सीमन का मिक्स बाहर आने लगा. अपने पास ही पड़ी कपड़े से बुआ ने अपनी चूत साफ कर ली और मेरे लंड को भी साफ कर दिया. तब तक वह वीडियो भी पूरा हो चुका था तो हम कपड़े पहन कर सो गए. जब मैं सुबह उठा तो बुआ कि मेरे प्रति विचार और नजर ही बदल गई. अब वह मेरे होमवर्क में भी मदद करने लग गई. ऐसे ही एक महीना निकल गया और इस महीने में बुआ ने मेरे से 12 बार चूत मरवाई. 1 दिन मैंने बुआ से कहा कि तुमने कहा था ना कि हम एक बार बकरी के साथ भी करेंगे. वह कहने लगी कि दो दिन बाद मामा जी के शादी है तो वहां सभी चले जाएंगे, मैं और तुम यहीं रह जाएंगे तब करेंगे. दो दिन बाद जब सब घर वाले मामा जी के चले गए तो मैं और बुआ ही घर पर रहे. बुआ बोली कि मैं एक-दो घंटे में घर का पूरा काम कर लेती हूं फिर मैं फ्री हो जाऊंगी.मैं बेसब्री से उस टाइम का इंतजार करने लगा. मेरे को यह 2 घंटे इतने बड़े लग रहे थे जैसे की 2 साल हो. जैसे ही बुआ ने सारा काम खत्म कर लिया तो हम दोनों बाड़े में चले गए. बुआ कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी इसलिए उसने मुझे कहा कि तुम एक बार जाकर छत पर यह देखो की आसपास की कोई इधर आ तो नहीं रहा. मैंने जाकर चेक कर लिया फिर मैं नीचे आ गया. बुआ ने बड़े के दोनों दरवाजे बंद कर दिए और खिड़की के अंदर एक कपड़ा लगा दिया कि कोई अंदर ना देख सके. फिर मैं और बुआ बकरी के पास चले गए. बुआ ने मेरे से पूछा कि बताओ अब तू अब क्या करना चाहता है. मैं बोला जैसा मैंने आपके साथ किया था वैसा ही इस बकरी के साथ करें. अब तक मैंने बहुत सी सीडी देख ली थी तो मुझे अच्छा खासा एक्सपीरियंस हो गया था. मैं बुआ से बोला कि मेरे पास एक प्लान है. बुआ से बोला कि आप बकरी को सामने से थोड़ी देर पड़कर खड़ी रहो. मैं पीछे जाकर बकरी की चूत मैं जीभ डालकर कर चाटने लगा. बकरी की चूत का स्वाद बुआ की चूत से बिल्कुल अलग था. उसमें एक अजीब सी गंध थी लेकिन वह मुझे अच्छी लग रही थी और टेस्ट भी थोड़ा अलग ही था. चार-पांच मिनट चाटने के बाद में खड़ा हुआ और बुआ से पीछे आने को बोलो. बुआ के बकरी को छोड़ने के बाद भी बकरी भाग नहीं चुपचाप खड़ी रही. शायद बकरी को भी चूत चटवाने में मजा आ रहा था. बुआ पीछे आकर बोली अब बता क्या करना है. मैं बोला बुआ तुम अपना सलवार खोलो. बुआ समझ गई थी कि मैं क्या करना चाह रहा था उसने अपना सलवार खोल दिया. मैंने बुआ से कहा कि तुम बकरी के ऊपर पीछे आकर खड़ी हो जाओ जिस तुम्हारी और बकरी की चूत पास-पास आ जाए. इससे पहले बुआ ने कहा कि तुम एक बार बकरी की चूत में अपना लंड डालकर चेक कर लो कि वह अंदर जा रहा है या नहीं क्योंकि तुम्हारा बहुत मोटा है. मैंने कहा बुआ यह तो बहुत अच्छी बात कही तुमने. मैं एक हाथ से अपना लंड बकरी की चूत में डालने की कोशिश करने लगा लेकिन वह डल नहीं रहा था. फिर मैंने बुआ से कहा कि तुम अपने हाथ से मेरा लंड बकरी की चूत में डालो मैं दोनों हाथों से बकरी को पीछे से पकड़ लेता हूं जैसे कि एक बकरा बकरी को चोदते हुए उसके ऊपर चढ़ता है. मैं बकरा जैसी पोजीशन में हो गया. बुआ ने बोला कि जब मैं कहूं तब जोर लगाना. बुआ ने मेरा लंड बकरी की चूत पर सेट कर दिया और कहा कि अब जोर लगाओ. मैंने जोर लगाना स्टार्ट किया. मैंने चार-पांच धक्के लगाए लेकिन लंड फिसल कर कभी ऊपर और कभी नीचे चला जाता. मैंने बुआ से कहा कि तुम टाइट पकड़ कर रखो मैं दोबारा जोर लगाता हूं. फिर मैंने एक जोरदार धक्का मारा मेरा लंड आधा बकरी की चूत में चला गया.अंदर जाने पर बकरी जोर से चिल्लाई. तभी बुआ बोली एक दो मिनट रुको. एक दो मिनट रुकने के बाद मैं मैंने थोड़ा सा बाहर निकाल कर दोबारा धक्का मारा, इस बार पूरा अंदर चला गया. इस बार बकरी धीरे से चिल्लाई. बकरी की चूत में लंड देखकर बुआ की चूत में पानी टपकने लगा जो साफ-साफ दिखाई दे रहा था. 5 मिनट बकरी की चूत मारने के बाद मैंने बुआ को बकरी के पीछे ऊपर आने को कहा. जैसे ही बुआ बकरी के पीछे ऊपर आई तो मैंने बकरी की चूत से लंड निकाल कर बुआ की चूत में डाल दिया. और जोर-जोर से धक्के मारकर बुआ की चुदाई करने लगा. 5 मिनट बाद मैंने दोबारा बुआ की चूत में से लंड निकाल कर बकरी की चूत में डाल दिया. जैसे ही मैंने लंड बकरी की चूत में डाला तो मुझे बकरी की चूत बुआ की चूत से कहीं गुना गर्म लगी. ऐसे ही बुआ और बकरी की बारी बारी से चुदाई करने के बाद. मैंने लंड दोबारा बकरी की चूत में डाल दिया, फिर मैंने बुआ से कहा कि अब मेरा होने वाला है तो वह बोली की बकरी की चूत में ही निकाल दो. मैंने बुआ से कहा, बुआ कहीं बकरी प्रेग्नेंट हो गई तो वह कहने लगी कि जानवरों का डीएनए और इंसानों का डीएनए अलग-अलग होता है इनमें कभी प्रेगनेंसी नहीं हो सकती इसलिए घबराने की कोई जरूरत नहीं है अंदर ही कर दो. फिर मुझे लगा मैं झड़ने वाला हूं तो मैं बकरी को पकड़ कर जोर-जोर से धक्का मार के अंदर ही निकाल दिया. फिर बुआ ने बोला कैसा लगा, मैंने बोला शानदार मजा आ गया.

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