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में बता रही थी जिसमें पड़ोस के बाप-बेटे पर मेरा दिल आ गया। मैंने अंकल को आंटी की चुदाई करते देख लिया और फिर उनसे बात करके खुद भी चुदने की सोचने लगी।

अंकल ने छत पर मुझे अपना लंड दिखाया और मैंने मुठ मारकर उनके लंड का पानी निकलवा दिया।
फिर मैं नीचे आ गई।

मेरी चूत में खुजली मची थी और लंड लेने का बहुत मन कर रहा था।

अब आगे हॉट भाभी Xxx स्टोरी:

लंड छूने के बाद चूत में आग लगी हुई थी।
लेकिन मेरे पति बाहर थे इसलिए मुझे चूत में उंगली देकर ही अपनी प्यास को शांत करना पड़ा।

कुछ दिन ऐसे ही निकल गए, मुझे और अंकल को दोबारा मौका नहीं मिल पा रहा था।

एक दिन की बात है कि मेरे सास-ससुर चेकअप के लिए डॉक्टर के पास चले गए।
घर में मैं अकेली थी।

मैं सोच रही था कि काश आज अंकल घर आ जाते और मुझे यहीं चोद जाते।

मानो मेरे मन की बात सच हो गई।

कुछ देर बाद ही घर की बेल बजी और गेट खोला तो अंकल सामने थे।
वो अंदर आ गए और मैंने दरवाजा बंद कर दिया।

अंकल बोले- तुम्हारे ससुर जी हैं क्या?
मैंने कहा- नहीं अंकल, वो दोनों तो बाहर गए हैं। मैं ही हूं घर पर, बिल्कुल अकेली!
ये सुनते ही अंकल की आंखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान आ गई।

इससे पहले कि मुझे कुछ करने की जरूरत पड़ती, अंकल ने मेरा हाथ पकड़ा और जल्दी से मुझे अंदर खींच ले गए।
वो बोले- मैंने उन दोनों को बाहर जाते देख लिया था, मैं तो बस अपनी तसल्ली के लिए पूछ रहा था। यही मौका तो ढूंढ रहा था मैं कई दिन से!

मैं भी मन ही मन खुश हो रही थी और कह रही थी कि आज तो जमकर चुदूंगी इनसे! अच्छा हुआ ये खुद ही घर चले आये।

फिर भी मैंने थोड़ा नाटक किया और कहा- नहीं अंकल, ये गलत है, किसी ने देख लिया तो मुसीबत हो जाएगी।
वो बोले- कोई नहीं आने वाला रोमा डार्लिंग, अब मुझसे दूर मत रहो, जल्दी आ जाओ मेरी बांहों में!

मैंने कहा- लेकिन पहले तो आप बेटा कहकर बुलाते थे, अब एकदम से डार्लिंग बुला रहे हो, मुझे बहुत डर लग रहा है अंकल!

उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और बांहों में जकड़ते हुए बोले- तुम बातें बहुत करती हो रोमा, मौके का फायदा उठाओ, आज मुझसे सब्र नहीं हो रहा है!

यह कहकर अंकल मुझ पर टूट पड़े और और जोर-जोर से किस करने लगे।
मेरे दोनों होंठ उनके होंठों के अन्दर थे। मेरे अन्दर भी सेक्स की आग लग चुकी थी तो जल्द ही मैं भी उनका साथ देने लगी।

अंकल ने मेरी साड़ी उतार दी, फिर धीरे से मेरा ब्लाउज भी उतार दिया।
फिर मेरे पेटीकोट का नाड़ा खींचा तो पेटीकोट नीचे गिर गया।

अब मैं उनके सामने सिर्फ ब्रा-पैंटी में थी।
अंकल कहने लगे- रोमा, तुम तो बहुत सेक्सी हो! क्या जवानी है तुम्हारी!
फिर उन्होंने मेरी ब्रा-पैंटी भी उतार दी और मुझे नंगी करके मुझे धक्का देते हुए मुझे वहीं सोफे पर लेटाकर वो मेरे पूरे शरीर को किस करने लगे।

वो मेरे मम्मों को जोर-जोर से मसलने लगे। उन्हें भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी।
अंकल ने कहा- रोमा, तेरे बूब्स तो काफी बड़े हैं … तूने ऐसा क्या किया कि तेरे बूब्स इतने बड़े-बड़े हो गए?

मैंने कहा- करना क्या था … आह्ह … रोज अपने पति से इनको खूब दबवाती हूँ… तब जाकर ये इतने बड़े हुए हैं!
अंकल ने कहा- आज से मैं भी इनको दबाऊंगा और इससे भी और ज्यादा बड़े कर दूँगा।
मैंने कहा- ठीक है दबा लेना, मगर अभी तो आप मुझे जल्दी से चोद दो।

अंकल मुझे और जोर-जोर से किस करने लगे, मैं भी पागल हो गई बिल्कुल!
फिर अंकल ने मेरी टांगें चौड़ी कीं और मेरी चूत को चूसने लगे।
मुझे बहुत मजा आ रहा था।

फिर अंकल ने अपने कपड़े उतारे और अपना लंड निकाल कर मेरे मुँह में दे दिया और कहा- रोमा इसे चूसो!
मैं भी लंड लेने के लिए तरस रही थी।
इसलिए मैंने भी बिना देर किए अंकल के लंड को मुँह में लिए हुए चूसना शुरू कर दिया।

अंकल का लंड मेरे पति के लंड से थोड़ा ज्यादा लंबा और मोटा था। अंकल ने मेरे सिर को पकड़ा और जोर-जोर से अपने लंड से मेरे मुँह की चुदाई करने लगे।
कभी-कभी वो अपना लंड मेरे गले तक उतार देते, जिससे मुझे ठसका लग जाता मगर वो अपने काम में लगे रहते।

थोड़ी देर बाद अंकल ने कहा- रोमा, मेरे लंड का रस निकलने वाला है!
इतना बोलते ही उनके लंड का रस मेरे मुँह में ही निकल गया और मैं उनके लंड का सारा रस पी गई।
बहुत दिन बाद मुझे किसी नए लंड का रस मिला था और मुझे माल पीना बहुत अच्छा लग रहा था।

मैंने फिर अंकल से कहा- चलो रूम में चलते हैं।
मैं उन्हें अपने रूम में ले गई।

रूम में जा कर हम दोनों फिर से एक दूसरे से लिपट गए और चुम्मा-चाटी करने लगे।

कुछ देर किस करने के बाद मैंने फिर से अंकल के लंड को चूसना शुरू कर दिया.
कुछ ही देर में अंकल का लंड फिर से तन कर खड़ा हो गया।

अंकल ने कहा- रोमा, मुझे तेरी चूत की चुदाई करनी है।
मैंने कहा- हाँ अंकल, मैं भी अपनी चूत की चुदाई चाहती हूँ। चोद दो मेरी चूत को!

इतना सुनते ही अंकल ने मुझे बिस्तर पर पटका और मेरे ऊपर चढ़ गए और बोले- आज तो रोमा तेरी चूत की ऐसी चुदाई करूँगा कि तू जिंदगी भर याद करेगी!

अंकल ने अपना लंड मेरी चूत पर रगड़ना चालू कर दिया, मैं पागल सी होने लगी।
तभी अंकल ने एक झटके में मेरी चूत में अपने लंड को उतार दिया और मेरे मुँह से आह्ह … निकल गई।
अंकल मेरे होंठों को किस करने लगे।

वो साथ ही मेरे मम्मों को भी मसलने लगे।
मुझे बहुत अच्छा लग रहा था कि मेरी चूत में किसी पराये मर्द का लंड घुसा हुआ था।

अंकल मेरी चूत की जोर-जोर से चुदाई करने लगे और मैं मदहोश होने लगी।

मैंने अंकल से कहा- अंकल और तेज़ … और तेज़ चोदो मुझे … मेरी चूत का रस निकलने वाला है … अह्ह … उम्म्ह … अहह … हय … याह … ओह्ह्ह।
अंकल ने कहा- हाँ मेरी जान … ये ले मेरे लंड का पूरा मजा!

ये कह कर वो और जोर-जोर से मेरी चूत में धक्के लगाने लगे।
थोड़ी देर में ही मेरी चूत का रस निकलने लगा और मैं जोर से चीखी।
तभी अंकल ने मेरा मुँह दबा दिया।

वो फिर मुंह दबाये हुए अपने धक्के लगाते रहे और दस मिनट बाद उनका भी निकलने को हो गया।
तभी एकदम से उन्होंने लंड को चूत से बाहर निकाल दिया और मेरे मुंह में लंड को पेल दिया।

एक दो धक्का ही लगाया था कि उनके मुंह से आह्ह … आह्ह … करके सिसकारियां निकलने लगीं और मेरे मुंह में उनका वीर्य गिरने लगा।

अंकल ने सारा रस मेरे मुंह में ही छोड़ दिया, जिसे मैं पी गई।
फिर हम थक कर लेट गए।

थोड़ी ही देर बाद दोनों फिर से लिपटने लगे और गर्म हो गए।
अंकल ने मुझे एक बार फिर से चोदकर मुझे माल पिला दिया।

एक घंटे में हमने दो बार चुदाई कर ली थी।

उसके आधे घंटे बाद तीसरा राउंड भी अंकल ने खेल दिया।
मेरी चूत अब चुद चुदकर सूज गई थी।

मैं थक गई और अब सास-ससुर के आ जाने का डर भी सताने लगा।
इसलिए मैंने अंकल को जाने के लिए कहा।

वो पहले तो मना करने लगे लेकिन फिर बड़ी मुश्किल से मैंने दोबारा चूत मरवाने का आश्वासन देकर उनको घर भेजा।

उसके बाद कई बार जरा सा भी मौका मिलते ही अंकल मेरी चूत में लंड उतार देते थे और हम जल्दी से चुदाई का मजा ले लेते थे।
अंकल अब तक 4-5 बार मुझे चोद चुके थे।

उसके बाद कई महीने तक हमें मौका नहीं मिल पाया।
मेरे पति भी वापस आ चुके थे. अब पति भी मेरी चुदाई कर रहे थे।

फिर एक बार की बात है कि आंटी की तबियत खराब हो गई।
उनको अस्पताल लेकर गए।

मुझे भी उनके बारे में पता लगा तो मैं भी आंटी से मिलने के लिए गई।
जाकर मैंने उनसे बात की।
अंकल ने उनको दवाई दे दी।

कुछ देर मैं आंटी के पास बैठी रही और हम लोग बातें करते रहे।

फिर मैं उठकर जाने लगी।

जब मैं बाहर निकलने को थी तो अंकल ने मुझे पीछे से आकर पकड़ लिया, मेरी चूचियों को भींचते हुए उन्होंने मेरी गांड पर लंड लगा दिया।
मैं एकदम से घबरा गई और छुड़ाते हुए बोली- क्या कर रहे हो अंकल! कोई देख लेगा!

वो फिर से मुझे जकड़ते हुए बोले- रोमा, दो महीने से तुम्हारे लिए तड़प रहा हूं। बहुत मन कर रहा है। रुक जाओ थोड़ी देर, आज तो मौका मिला है, इतने दिनों के बाद!

कहते हुए उन्होंने मेरा हाथ पक़ड़ कर लंड पर टिका दिया।
उनका लंड एकदम से तना हुआ था।

वो बोले- देखो, कैसे तड़प रहा है तुम्हारी चूत के लिए।
मैं बोली- लेकिन ऐसे कोई आ जाएगा!
वो बोले- कोई नहीं है घर में। बेटा ऑफिस गया है। तुम्हारी आंटी अब 2 घंटे से पहले नहीं उठने वाली है। मैंने उसको दवाई देकर सुलाया है।

ये बोलकर अंकल ने मुझे बेतहाशा चूमना शुरू कर दिया।
वो मेरी गर्दन को चूमने लगे।

मेरी चूचियों में मुंह देते हुए उन्होंन मुझे सोफे पर गिरा दिया।
फिर उन्होंने मेरे ब्लाउज और ब्रा को ऊपर उठा कर मेरे बूब्स को बाहर निकाल कर चूसना शुरू कर दिया।

मेरे ऊपर भी अंकल के चुम्बनों और चूचियों की चुसाई की मदहोशी छाने लगी।
मेरा हाथ उनके लंड को टटोलने लगा और मैंने उनका लंड बाहर निकाल कर उसके हाथ से हिलाना शुरू कर दिया।
कुछ देर बाद वो उठकर खड़े हो गए।

मैं सोफे पर बैठी थी और उनका लंड ठीक मेरे मुंह के सामने था।
मैंने उनकी पैंट का हुक खोला और चड्डी समेत से नीचे खींचते हुए एकदम से लंड को मुंह में भर लिया।

मैं बहुत मस्ती में अंकल के लंड चूसने लगी जैसे कि मुझे बहुत दिनों के बाद आइसक्रीम नसीब हुई हो।
अंकल के मुंह से आहें निकलने लगीं।

दो-तीन मिनट तक अंकल ने लंड चुसवाया और फिर मेरे मुंह से बाहर खींच लिया।
उन्होंने मेरी साड़ी ऊपर की और पैंटी को नीचे खींच दिया।
मेरी टांगें चौड़ी कर उन्होंने चूत में मुंह लगा दिया और मेरी चूत को चूसने लगे।

मैं पगला गई।
मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं जिनको रोक पाना मेरे लिए बहुत मुश्किल हो रहा था।
फिर भी मैंने किसी तरह अपनी चुदास भरी आवाजों को कंट्रोल में किया।

बस मैं धीमी आवाज में सिसकार रही थी- आह्ह … उम्म .. ओह्ह … ऊईई … अह्ह्ह्ह … उम्म्ह … अहह … हय … याह … ओह्ह्ह … अंकल!

अंकल अपनी जीभ को पूरी की पूरी चूत में घुसा कर जोर जोर से चूत चाट रहे थे।
मेरी चूत से पानी निकलने लगा था।

इतने में ही डोरबेल बजी तो में घबरा गई।
मैंने जल्दी से अपनी साड़ी नीचे की, ब्रा और ब्लाउज को भी ठीक किया और अपने आप को नॉर्मल किया।

अंकल ने भी अपनी चड्डी और पैंट पहन ली।
नॉर्मल होकर उन्होंने दरवाजा खोला तो उनका बेटा दरवाजे पर था।

उसने दरवाजे पर ही अंकल से पूछा- मम्मी की तबियत कैसी है?
फिर उसकी नजर मेरे ऊपर गई।
उसने मुझे भी हैलो कहा।

अंकल बोले- तबियत ठीक है अब, उनको दवाई दे दी है और वो सो रही है।

मैं भी उठकर दरवाजे के पास आ गई और बोली- ठीक है अंकल, मैं आंटी से मिलने से फिर से आऊंगी।
फिर मैं अपने घर आ गई।
घर आकर मुझे पता चला कि मैंने अपनी पैंटी नहीं पहनी है।

मुझे याद आया कि घबराहट में मैनें अपनी पैंटी नहीं पहनी और वहीं भूल आई हूँ।

तो मैंने जल्दी से अंकल को फोन लगाया।
मैंने उनको सारी बात बताई।

वो बोले- ठीक है, मैं देखता हूं।
कुछ देर बाद उनका फिर से कॉल आया।
वो बोले- पैंटी नहीं मिली मुझे तुम्हारी!

मैं बोली- ऐसा कैसे हो सकता है, अच्छे से देखिये।
वो बोले- मैं सब जगह देख चुका हूं। मुझे कहीं नजर नहीं आई। जरा याद करो, शायद तुम पहनकर ही न आई हो?

यह सुनकर मैं भी सोच में पड़ गई, मैंने सोचा कि शायद अंकल ठीक कह रहे हों, मैंने पैंटी पहनी ही न हो, क्योंकि मैं साड़ी के नीचे पैंटी नहीं पहना करती थी।

फिर उसके अगले दिन मैं अंकल के घर गई।
वो दोपहर का टाइम था और गर्मियों के दिन थे।

मैंने डोरबेल बजाई तो अंकल ने ही दरवाजा खोला।
मुझे देख कर वो खुश हो गये थे।

उन्होंने मुझे अंदर आने के लिए कहा और बताया कि आंटी तो अभी दवाई खा कर सोई हैं।
ये बता कर उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया और मुझे चूमने लगे।

मैंने कहा- एक बार देख तो लीजिये, आंटी सोई भी है या नहीं?
वो बोले- खुद ही चलकर देख लो।
मैं आंटी के रूम में गई तो वो सचमुच सो रही थी।

फिर हम दोनों बाहर आए तो अंकल ने मुझे दबोच लिया और चूमने लगे।
फिर वो मुझे गोद में उठाकर दूसरे रूम में ले गए।

ये कमरा उनके बेटे का था।
वो मुझे बेट पर लिटाकर मुझ पर टूट पड़े।
मैं भी जोश में आकर उनका साथ देने लगी।

अंकल ने जल्दी से मेरा ब्लाउज उतार दिया और ब्रा उतार कर मेरे बूब्स को चूसने लगे।

कुछ देर बूब्स चूस कर अंकल ने मेरी साड़ी, पेटीकोट और पैंटी एक साथ उतार दिए।

फिर अंकल कुछ देर के लिए रुके और मेरी चूत को देखते हुए बोले– क्या माल है तू, मेरे हाथ तो हीरा लग गया है!
उन्होंने अपने कपड़े उतार दिए।

अपने कपड़े उतार कर अंकल ने मेरी टाँगें उठा लीं और लंड को सीधा मेरी चूत पर टिका दिया।
मेरी कोमल सी चूत अंकल के लंड का स्पर्श पाकर गीली हो गई।

मेरी चूत अंकल के 3 इंच मोटे लंड को लेने के लिए रेडी थी।
अंकल ने लंड को कुछ देर मेरी चूत पर रगड़ा तो मैं मदहोश होने लगी।
फिर उन्होने लंड को मेरी चूत के छेद पर रोक दिया।

मैंने अपनी आँखें बंद कर लीं और फिर अंकल का लंड मेरी चूत को फाड़ता हुआ अंदर घुसने लग गया।
मेरी तो चीख निकल गई और मैं अंकल की पकड़ से छूटने की कोशिश करने लगी।

उन्होंने अपने हाथ को मेरे मुंह पर रख कर दबा दिया।
मैं पूरा ज़ोर लगा कर भी सांड जैसे अंकल को हिला नहीं पाई।

उन्होंने लंड को और अंदर घुसा दिया और फिर रुक गए।
फिर वो मुझे चोदने लगे।

मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था लेकिन अंकल मुझे बुरी तरह से चोदे जा रहे थे।
उनके लगातार चोदने से मेरा दर्द कम होने लग गया, और फिर धीरे-धीरे मुझे मज़ा आने लगा।
अब अंकल का लंड भी आराम से चूत मे अंदर बाहर होने लगा।

चुदाई के मजे में मेरे मुंह से सिसकारियां निकलने लगीं- आह्ह … अह्ह … हये … उफ्फ … उम्म्म … अंकल … आह्ह … अंकल … आह्ह।

मेरी ऐसी आवाजें सुनकर अंकल और ज्यादा जोश में आ गए।

अब वो बेदर्दी से मेरी चूत को खोदने लगे।

मेरी चूत में दर्द होने लगा।
उनका मोटा लंड अब चूत को अंदर तक चोट पहुंचा रहा था और ऐसा लग रहा था जैसे मेरे पेट में कोई रॉड घुसा रहा हो।
वो मुझे जैसे चोद चोदकर बेहोश कर देने पर उतारू थे।

फिर एकदम से उन्होंने लंड को बाहर खींचा और मेरे ऊपर गिर कर होंठों चूसने लगे।
मुझे अपने पेट पर वीर्य की गर्म-गर्म पिचकारियां महसूस होने लगीं।

अंकल ने सारा माल मेरे पेट पर गिरा दिया।

कुछ देर हम पड़े रहे।
फिर सांसें नॉर्मल हुई तो अंकल उठ गए।
वो बोले- चलो, चलकर नहा लेते हैं। बहुत गर्मी हो गई है।

हम बाथरूम में गए।
मैंने शावर चालू कर लिया और उसके नीचे खड़ी हो गई।

एकाएक मेरी नजर सिंक पर पड़ी पैंटी पर गई। ये वही पैंटी थी जो मैंने कल पहनी हुई थी।

कहानी अगले भाग में जारी रहेगी।
तो दोस्तो, इस तरह से अंकल से मैं उनके बेटे के रूम में चुदी।

हेलो मेरा नाम राहुल है Antarvasna

मैं गुरुजी का शुक्रिया करना चाहता हूँ Antarvasna मैंने अन्तर्वासना में कितनी सारी कहानियाँ पढ़ी हैं।अब मैं चाहता हूँ कि आप मेरा अनुभव पढ़ें !यह कहानी मेरे सामने ही रहती एक भाभीजी की है जिन्हें मैं देखते हुए भी मुठ मार लिया करता था। उनकी बरफ़ बनाने की फ़ैक्टरी है। वोह रोज झाड़ू लगाती तो उसकी श्वेत दूधियाँ रोज़ मुझे दिखती थी।

एक दिन उसका पति किसी काम से बाहर गया था तो मैं उसके घर गया और बोला- भाभीजी ! आपके पास चार किनारे वाला स्क्रु ड्राईवर है?

तो उसने बोला- वोह तो आपके पास है !

मैं उसकी भाषा नहीं समझ पाया।

फ़िर भाभीजी बोली- आप रोज़ इस तरह मुझे क्यों घूरते हो?

मैं बोला- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो इसलिये मैं आपको देखता हूँ।

फ़िर भाभी बोली- तू भी मुझे बहुत अच्छा लगता है !

और थोड़ी देर बाद उन्होंने मुझे ऐसे पकड़ा और मैं भी उनको चूमने लगा। मैंने गाल से चालू किया चूमना।

धीरे धीरे मैंने उनके होंठ के साथ अपने होंठों से किस किया। उनकी जीभ मेरे मुँह में ऐसे चल रही थी कि बहुत मज़ा आ रहा था।

फ़िर मैंने उनकी गर्दन पर अपनी जीभ चलानी शुरू की और वो थोड़ी गर्म होने लगी। फ़िर मैंने उसे दिवार की और उल्टा कर दिया। उनकी गान्ड मेरे लन्ड को छू रही थी और उनके मुँह से आवाज़ निकल रही थी- आ औ औइ अं अह …

और फ़िर मैंने उनका ब्लोउज़ निकाला। उसने काले रंग की ब्रा पहनी थी। पहली बार उनके बड़े बड़े स्तनों के पूर्ण नग्न दर्शन हुये। मेरा लन्ड भी अंगड़ाई ले रहा था और उनके चुचूक मैंने अपने मुँह में लिए।

अरे यारो ! उनके निपल इतने बड़े थे कि कैसे बताऊँ आपको ! मैंने इतने मोटे निपल पहले कभी नहीं देखे थे। और फिर मैंने उनके पेटिकोट का नाड़ा खोला और पेटिकोट निकाल दिया और उसने काले रंग की कच्छी पहनी थी।

अब वो सिर्फ़ कच्छी में थी और नीचे बैठ गई और मेरा लन्ड चूसने लगी। अब मेरे मुँह से आवाज़ निकल रही थी- श ऽऽह श ले मेरी रानी मेरा लन्ड चूस और चूस मेरी रानी !

उसके बाद मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उनकी कच्छी को निकाल दिया और उनकी चूत चाटने लगा। मैंने पूरी जीभ उसकी चूत में डाल दी और वो आहें भरने लगी- ऊऽऽ ऊऽ ऊ ऊऽआ आ आ आ औ इऽऽ … और अन्दर डाल कर जीभ हिलाओ मेरे राज़ा ! आज तू मुझे जी भर के चोदना ! मैं भी तेरे लन्ड की प्यासी हूँ !

मैं उल्टा हो गया, अब उनकी चूत मेरे मुँह में और मेरा लन्ड उनके मुँह में ! हम दोनों इतने मशगूल हो गये और फ़िर दोनों ने खूब चाटा।

फ़िर भाभी बोली- अब मुझसे नहीं रहा जा रहा ! तुम मुझे चोदो !

फ़िर मैंने मेरा लन्ड 6″ का उनकी चूत में डाला और थोड़ा गया तो भाभी बोली- धीरे से डालो ना !

फ़िर भाभी की बात ना सुनते हुए मैंने पूरा लन्ड ही उनकी चूत में डाल दिया।

भाभी बोली- मर गई मैं ! आऽऽऽऔ चोद डाला तूने जालिम मुझे ! मेरी चूत की थोड़ी तो चिन्ता कर !

फ़िर 15-20 धक्कों के बाद भाभी मुझे चोदने लगी। वो मुझे धक्के देने लगी। अब भाभी को मज़ा आने लगा था ऊऽऽआऽऽऔऽअऊ आ औ अ ऽऽऽ अ ऊ आ औ अ और जोर से चोद ! मेरी चूत फ़ाड डाल आज ! जोर से चोदो मुझे !

और मेरी स्पीड इतनी बढ़ गई थी कि भाभी इतनी देर में कई बार झड़ चुकी थी और उनकी चूत भी एक दम चिकनी हो गई थी। भाभी अब कुछ भी बोल नहीं पा रही थी, सिर्फ़ आवाज़ निकाल रही थी- आ आ औ औ औ ऊ ओ !

और करीब एक घंटे तक चुदाई चलती रही। फ़िर मैं भी झड़ने वाला था। मैंने भाभी को बोला- मैं झड़ने वाला हूँ, कर दूँ अन्दर ?

भाभी बोली- अन्दर नहीं करना, बाहर निकालो, उसको मुझे पीना है।

फिर मैंने भाभी को हाथ में दे दिया और भाभी मेरा लन्ड हिलाने लगी और जैसे ही मैं झड़ा तो भाभी ने मेरा सारा वीर्य अपने मुँह में समा लिया और सब पी गई।

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Sex Stories

दोस्तों मैं आप को एक सेक्सी Sex Stories बातचीत बताता हूँ।इसे पढ़कर आदमी का लंड चूत के लिए और औरत की चूत लंड के लिए बेताब हो जायेगी !

तो पेश है :

हाय

बोलिए

कैसे हैं आप !

ठीक हूँ और तुम ?

ठीक

क्या चल रहा है ?

बस ठीक कट रही हैं

लंड खड़ा हो गया तुझे ओन लाइन देख के

अच्छा इतनी जल्दी

इसका मतलब आप के लिए बहुत हॉट पिक हूँ मैं

हाँ यार बहुत दिन बाद मिली न

हा यार

अच्छा, फिर आज कुछ मूड है कि नहीं

गांड मारनी है या चूत ?

दोनों

पहले क्या ?

आप का जो भी मन हो वो मार लो

एक साथ मारनी हो तो दो लोग लगेंगे

नहीं आप से ही मरवानी है और से नहीं

अच्छा क्या पहना है

मिनी स्कर्ट और टॉप पहना हैं, पैंटी और ब्रा भी हैं ब्लैक कलर की

मैंने पैन्ट और टी-शर्ट

अब एक दूसरे को किस करतें हैं और एक एक करके

कपड़े उतारते हैं

टी-शर्ट उतारो,

ओके आप भी हेल्प करो

अब मैं तुम्हारी टॉप

वो क्या साइज़ हैं बॉडी का बताओ जरा

बूब्स ३४ कमर ३० और हिप्स ३४

जान खुलकर बोल तभी मजा आयगा

बोल मेरी चूची ३४ , कमर ३० और गांड ३४

अच्छा अब जींस उतार दो

आप का लंड साइज़ क्या हैं

८.२ इंच लंबा हैं और २.१ इंच मोटा हैं

लंबा बहुत हैं

हां

जान

डरो नहीं तुम्हारे चूत इसी पूरा ले लेगी

बहुत डर लग रहा हैं

नहीं मेरी तो बहुत टाइट और छोटी हैं

जान क्या ये तुम पहली बार चुदने वाली हो

फट गई तो

नहीं पहले एक बार शुरुआत की थी पर ठीक से नहीं चुदवाई

अच्छा वो क्यूँ

उससे छोड़ो आप आगे बोलो

जान शुरू में तो थोड़ा दर्द होगा

लेकिन फ़िर मज़ा आएगा

अच्छा

जान तुम्हारी चूत पर बाल हैं क्या

या थोड़े थोड़े हैं और आपके लिए क्लीन शेव की हैं

तुम पूरा मुँह में ले लोगी

अच्छा चलो कोशिश कर लो

तुम्हारी चूत पर कुछ तेल /क्रीम लगा लेते हैं

तेल लगा लेने से आसानी से चूत में चला जाएगा

और तुम्हें दर्द भी कम होगा

अच्छा

हाथ में लो लंड को

अच्छा ले लिया बहुत हॉट हैं और टाइट भी रोड के जैसा

हम्म

अब पकड़ने से कुछ डर कम हुआ

अब आप ऐसे ही पैंटी के ऊपर से मेरी जांघों और चूत पर हाथ फेर रहे हो

मैं इसको किस कर लूँ , देख कर बहुत मन हो रहा हैं

एकदम अखरोट के जैसा

हाँ किस करो, और फिर इसे मुंह में लो जान

बहुत मोटा हैं मुंह में नहीं आ रहा

थोड़ा मुंह और खोलकर ट्राई करो जान, आ जायगा

जितना आ रहा है लो

पौचा पौच

कितना आ गया है

ऊई माँ ये तो किस करने से और मुंह में चूसने से और मोटा लंबा हो रहा है

अब मैंने तुम्हारे बालों को पीछे की तरफ़ से जोर से पकड़ लिया है

और अब अचानक मैंने एक ज़ोरदार झटके के साथ पूरा लंड तु्म्हारे मुंह में दे दिया

अह्हा मर गई ऐसे नहीं धीरे धीरे

तुम्हारी आवाज़ भी तुम्हारे मुंह में ही रह गई

रुको थोड़ी देर साँस लेने दो

आइस क्रीम लगा के चाटेगी ?

नहीं चोकलेट

कौन सा फ़्लेवर पसंद है

अब लंड पर चोकलेट लगा दी है चाट ले पूरी

अब मैं तुम्हारे मुंह में लंड को अंदर बाहर कर रहा हूँ

अह्हा अब अच्छा लग रहा हैं

हम्म्म ऐसे ही करते रहो

कैसा लग रहा है

अहा अब अच्छा लग रहा हैं

और अब मैं तुम्हारी चूत और गांड में ऊँगली कर रहा हूँ

पहले थोड़ी देर ऐसे ही पूरा बदन मसलो

और अपना बदन भी रगड़वाओ

अच्छा अब अपनी चूत तो चटा, मुझको बहुत बेचैन कर रखा हैं इसने

हम्म चाट लो पर मैं भी आपका लंड चूसूंगी

तो ठीक है, लेट जा, मेरे लंड को मुँह में लेकर और में तेरी चूत चाटता हूँ

हम्म बहुत गुलाबी और उभरी हुई हैं जान तेरी चूत इसे मारने में बहुत मजा आयगा

प्लीज़ यार ऐसे मत बोलो मुझे शर्म आती हैं

चल ठीक हैं अब लंड डालता हूँ तेरी चूत में

बहुत गीली हो गई हैं चाटने से अब लंड भी आराम से जाएगा

गई अरी चिल्ला मत

उम् मर गयीईइ

रुको बहुत दर्द हो रहा हैं, रुक गया अब तेरे लिप्स चूस रहा हूँ

तेरे बूब्स दबा रहा हूँ

इससे दर्द कम हो जाएगा

अच्छा फिर

और फिर एक और झटके में लंड पूरा तेरी चूत में अन्दर गया

प्लीज़ रुको, मर गयी ई ओह ऊई, फट गयी ई

फिर थोड़ी देर तू अपने आप गांड हिलाने लगी जब दर्द कम हो गया

मस्ती में चुदा

मजा ले ले के

अब बोल मैं अपनी चूत मरा रही हूँ

मजा आ रहा है

हम्म्म पूरा पूरा जन्नत का

तुझे तो एक साथ तीन लंड चाहियें

नही यार ऐसे मत बोल

पहले बहुत दर्द हुआ था

आप की खुशी के लिए सहन कर रही थी

अच्छा फिर

मार घच घच

अब मेरा पानी निकलने वाला है

मैं झरने वाली हूँ

तेरे मुंह से लंड की गंध आ रही है

लौड़े का टेस्ट आ रहा है

हम्म तो चाट लो दोनों को अच्छा लगा

अपनी चूत का रस चूस न मेरे मुंह से

हाँ बहुत अच्छा लग रहा है

दोस्तो ! मैं आशा करता हूँ कि आपको यह बात-चीत पसन्द आई होगी, मुझे मेल करें Sex Stories

Antarvasna

दोस्तो ! मैं सेक्सी कहानियाँ सात महीनों Antarvasna से पढ़ रहा हूँ। मैं २५ साल का शादीशुदा मिडल परिवार का राजस्थान के एक छोटे से कसबे का सेक्सी लडका हूँ। मैं कम्प्यूटर इन्जीनियर हूं। मैं मेरी शादी को दो साल हो गये है।

आपने मेरी कहानी “कुंवारी सलहज को प्रेगनेंट किया” पढ़ी और बस एक मेल ही आया। दोसतो ये कहानी आपको लगता है पसंद नही आई। दोस्तो ! मैने वो पहली बार कहानी लिखी थी।

अब एक बार फिर हाज़िर हूँ अपने दोस्तो के लिए एक मसाले से भरी कहानी लेकर !

२००४ के दिसम्बर की छुट्टियों में मेरे मामा की लडकी हमारे घर १०-१५ दिन के लिए आई। वो २४ साल की थी. बहुत सुंदर है, उसका फिगर २८-२४-२८, ऊंचाई ५’३”, वो बहुत सेक्सी है. जब भी मैं उसके बारे मे सोचता तो उसको जमकर चोदने का मन करता लेकिन मैं कुछ नही कर पाता,वो मुझे तिरछी नजर से देखती थी।

बस तो सरदियों के दिन थे। सब लोग {परिवार वाले} रजाई ओढ़ के रात को बातें करते थे। वो मेरी वाली साईड में बैठ गयी। मैने धीरे से उसकी टांग पे हाथ फ़ेरना शुरु किया। वो मेरी तरफ़ देख के मुस्करायी तो मुझे ग्रीन सिगनल मिल गया। मैने उसके बुबस दबाने शुरु किये वो मस्त हो रही थी। वो कहने लगी- मुझे कम्प्यूटर सिखाओ !

मैने कहा क्लास लगेगी, वो भी रात के ९ बजे के बाद !

वो कहने लगी ठीक है। मैं डिनर करके आपके कमरे में आ जाऊगी। वो रात को मेरे कमरे में आयी। गांव में सब ८:३० बजे तक सब सो जाते है। हमारा घर बहुत बड़ा था। मैने उसे कम्प्यूटर ओन करके दिया। उसको गाने चलाना, ओफ़ीस ,सीडी चलाना बताने लगा। मैं उसको बताते हुए छू रहा था। उसे अजीब सी मस्ती चढ़ रही थी। उसका ध्यान मेरी ओर हो गया। धीरे से मैं सेक्सी फ़िल्म पर क्लिक करके सोने का नाटक करने लगा। उसने वो फ़िल्म एक दम डर के बंद कर दी और फ़िर कुछ देर तक वो कम्प्यूटर चलाने के बाद सोने को जाने लगी। लेकिन उसका मन उस फ़िल्म को देखने का था तो वो उठ कर मेरी ओर देखा तो मैं सोने का नाटक करने लगा। वो इत्मिनान से फ़िल्म देखने लगी।

फ़िल्म देखने के बाद वो गरम हो गई। वो अपने बूबस को मसलने लगी। मैने धीरे से उसको किस किया तो वो चोंक गयी। मैं उसे अपने बैड पर उठा लाया तो वो बोली- भैईया यह क्या कर रहे हो?

मैने कहा जो तुम्हें चाहिए वो दे रहा हूं। मैं उसके बूबस दबाने लगा वो मस्त होती जा रही थी। और मैं होठ किस भी करने लगा। वो बोली ये नीचे मेरे से एक डंडा सा क्या है इतने में उसने मेरे लंड पे हाथ फ़ेरना शुरु किया। मुझे भी मस्ती चढ़ रही थी। मैने धीरे से उसकी सलवार को खोल दिया अब मैं सलवार को पैर से उतारने लगा वो बोली किसी को पता चल गया तो?

मैने कहा तुम बताओगी?

वो बोली- नहीं। मैने उसके और अपने सारे कपड़े उतार दिये। हम दोनो एकदम नंगे थे। मैं उसे बेसबरी से चूम रहा था। वो भी मुझे ‘चूमते रहो’ कह रही थी, इतने दिन पहले क्यों नहीं मिले। मेरा ९” का लंड एकदम खडा था। वो बेसबरी से उसे देखने लगी ओर बोली- इतना बडा पहली बार देखा है।

वो एकदम नंगी मस्त दिख रही थी उसकी छोटी छोटी चूचियाँ पूरी कसी हुई थी। मैने पहली बार उसे नँगी देखा था। मैं उसकी चूचियाँ चूसने लगा। वो मस्त हो कर तडफ़ रही थी। मैं उसके पूरे शरीर को चूमता हुआ उसकी चूत को चूसने लगा। बाद में हम लोग ६९ पोजीसन में आ गये। वो मेरे लण्ड को चूस रही थी,मैं उसकी गोरी साफ़ चूत को जीभ से चूस रहा था।

‘चूसो मेरी चूत को……आ.आ..आआया.आआआआआअ..आआआ..उ.ऊउऊ.ऊ.ईई.ऊई..ऊई आह आआह्ह्छ’ वो मस्त हो रही थी। अब मैं झड़ने वाला था वो भी इस दौरान दो बार झड़ गई थी। मैं उसका नमकीन रस पीता रहा। मेरा रस उसके मुँह में झड़ गया। वो सारा रस मस्ती से पी गई।अब मैं फ़िर उसकी चूचियाँ चूसने लगा। वो बहुत खुश थी। मैने एक उँगली उसकी चूत में डाली। वो मेरे लँड को फ़िर चूसने लगी और मेरा ९” का लँड खडा हो गया।

अब वो बोली कि मुझे कुछ हो रहा है जल्दी करो, मेरी प्यास बुझाओ।

मैने कहा- इतनी भी जल्दी क्या है? मैने कहा दर्द बहुत होगा ! झेल लोगी?

वो बोली- चाहे मेरी चूत फ़ट जाये, मैं चाहे जितना भी चिल्लाऊँ, छोडना मत, बस अब जल्दी करो, चोद डालो, फ़ाड डालो मेरी चूत, जल्दी करो।

मैने ९” के लंड पर तेल लगाया और थोड़ा सा उसकी चूत पर लगा के, चूत पर लंड रखा और धक्का दिया तो लंड २” अंदर ही गया था कि वो चिल्लाने लगी- छोड दो, बस करो, मर जाऊगी।

मैं रुक गया और फिर वो शाँत हो गयी। मैने एक जोर से झटका मारा और चूत की सील तोड़ते हुए अँदर घुस गया। वो चिल्लाती रही, मैं रुक गया और उसके बूब्स चूसने लगा। वो मस्त हो रही थी। थोड़ी देर में मैंने झटके लगाने शुरु किये। वो भी मेरा साथ देने लगी थी। वो चूतड़ उठा उठा के चुद रही थी। २००-२५० झटके लगाने के बाद मैं झड़ गया, इस दौरान वो तीन बार झड़ चुकी थी।

वो रात ३१ दिसम्बर २००४ की रात थी, मैने उसे नये साल के जश्न में पूरी रात में लगभग १५ बार चोदा। वो अब पूरी तरह से टूट चुकी थी। उससे उठना ही मुश्किल हो गया था। सुबह के ६ बज चुके थे। वो उठ के अपने कमरे में चली गयी। ये सिलसिला १० दिन तक चलता रहा। वो पूरी पूरी रात मस्त होकर चुदवाती थी। १० दिन बाद वो अपने घर चली गयी। पर जब भी मौका मिलता था वो चुदने को तैयार रहती थी।

आपको कहानी कैसी लगी ? Antarvasna

मुझे लिखें !

प्रेषक : पवन कुमार Hindi Porn Stories

मेरा नाम राहुल है! मैं सुशीला नाम की एक लड़की को Hindi Porn Stories बहुत ही पसंद करता था! हम दोनों ऑरकुट पर मिले थे! उसने मुझे अपनी फोटो दिखाई थी! फोटो में उसके मोटे चूचे देखकर मुझसे रहा नहीं गया! मैं उससे एक बार मिलना चाहता था! उसके चूचे दबाना चाहता था! उसकी चूत मारना चाहता था! मैंने उसे किसी तरह मिलने के लिए राज़ी कर लिया! उसने मुझसे दिल्ली में मिलने का वादा किया! मैं उसे पुराने किले लेकर गया पर वहां बस किस ही कर पाया! मैं ख़ुद को रोक नहीं पा रहा था! वो थी ही इतनी सेक्सी कि किसी का भी देखते ही झड़ जाए!

एक दिन जब मेरे घर पर कोई नहीं था सब शादी में गए हुए थे तब मैंने उसे बुला लिया! वो अपने घर से ट्यूशन के बहाने आ गई! मैं उस वक्त पढ़ाई कर रहा था कि उसने पीछे से आकर मेरी आँखे बंद कर लीं! उसके मोटे चूचे जब मेरी पीठ में लगने लगे तो मैं समझ गया कि सुशीला है ! मैंने उसका नाम लिया और उसने मुझे छोड़ दिया! यही मौका था मैंने उसे कस कर पकड़ लिया ! वो शरमा गई और मुस्कुराई!

मैंने जैसे ही अपने होंठ उसके होंठ से लगाये वो छटपटा उठी! उस वक्त कमरे में हमारे अलावा कोई नहीं था! वो पूरी जान लगा कर अपने आपको छुड़ाने की कोशिश करने लगी! मैं डर गया पर मैंने उसे छोड़ा नहीं! वो छटपटा रही थी और मैं उसे किस करता जा रहा था! उसके होंठ बहुत मुलायम थे और मुझे उसे किस करना बहुत अच्छा लग रहा था!

इस बीच उसके चूचे कुछ सख्त हो गए थे! पर मैंने उसे तब भी नहीं छोड़ा! कम से कम दो मिनट तक मैंने उसे किस किया फ़िर कुछ ऐसा मुंह बनाकर छोड़ दिया जैसे मैं उससे नाराज़ हूँ! मैं वापस अपनी कुर्सी पर बैठ गया!

कुछ देर वो कुछ नहीं बोली फ़िर धीरे से मेरे पास आई और कहा कि तुम तो नाराज़ हो गए! मैंने उसकी तरफ़ से मुंह फेर लिया! वो मेरे दूसरे तरफ़ आ कर बैठी और एकदम से मुझे किस करना शुरू कर दिया!
मेरे पूरे शरीर मैं आग सी लग गई! मेरा लंड एकदम खड़ा हो गया! मैं भी उसके होठों पर जीभ फेरकर उसे किस कर रहा था! पाँच मिनट तक ऐसे ही वो मुझे मैं उसे किस करता रहा! फ़िर एकाएक मेरा हाथ उसकी जाँघों के बीच चला गया! उसने हड़बड़ा कर मुझे छोड़ दिया और मैंने उसे कस कर पकड़ लिया!

वो सफ़ेद रंग की जींस और काली टॉप पहन कर आई थी! मैंने उसका टॉप उतारने की कोशिश की पर उसे देखकर कुछ ऐसा लग रहा था कि वो ये सब करना तो चाहती है पर बहाने कर रही है!
मैंने जल्दी जल्दी उसका टॉप उतारा और फ़िर एक पल के लिए ब्रा के अन्दर झाँकने की कोशिश कि! वो शरमाकर मेरी तरफ़ पीठ कर के खड़ी हो गई मैंने पीछे से उसकी ब्रा के हुक भी खोल दिए!

फ़िर जैसे ही मैंने पीछे से उसके नरम और गरम चूचों को हाथ लगाया मेरे पूरे बदन मैं आग लग गई! मैंने जोर जोर उसके चूचों को भींचना शुरू किया तो वो सिसकियाँ लेने लगी मुझे लगा उसे दर्द हो रहा है! इसलिए मैंने भींचना धीमा कर दिया! मेरे हाथ धीमे होते देख उसने मेरा हाथो को पकड़ लिया और अपने चूचे दबवाने लगी! मैंने उसे बिस्तर पर लिटाया और ऊपर से उसके चूचों को दबाने लगा! वो और जोर से सिसकियाँ लेने लगी, मैंने और जोर से दबाना शुरू किया!

फ़िर उसने ख़ुद ही जींस उतार दी! मैंने भी अपने कपड़े उतारने शुरू किया ! कपड़े उतारते समय मैं उसकी गुलाबी रंग की चड्डी को देख रहा था !
उसने मुझसे कहा “क्या बात है इरादे तो नेक है जनाब के ?”
मैंने कहा ” इरादे तो नेक हैं पर कमी एक है ”
उसने ह्ड़बड़ाकर पूछा “क्या ?”
मैंने कहा कि “ये गुलाबी कपड़ा हमारे इरादों के बीच आ रहा है इसे हटा दो तो इरादे नेक ही हैं ”

इतना कहकर मैंने उसकी गुलाबी चड्डी खींच ली! वो साँस रोके पड़ी रही बिस्तर पर! मेरे शरीर पर बनियान और अंडरवियर ही रह गया था!

मैंने अंडरवियर नीचे को सरकाया ही था कि उसने अपनी आँखें बंद कर लीं! मैंने कहा मज़ाक कर रहा हूँ यार लो नहीं उतारी अंडरवियर, हालाँकि मैं अंडरवियर उतार चुका था!

उसने धीरे से आँखें खोली और देखते ही बोली धत !
और फ़िर शरमाने का नाटक करने लगी!
मैंने जैसे ही लंड उसकी चूत पर सटाया उसने एक लम्बी सिसकी ली! फ़िर मैंने धीरे से लंड को अन्दर करना शुरू किया वो साँस रोककर पड़ी हुई थी! उसकी चूत काफ़ी गठीली थी वो पहली बार चुदवा रही थी! शुरू मैं तो मेरा लंड आधा भी अन्दर नहीं जा पाया!

मैंने अपने एक दोस्त को लंड पर थूक लगा कर चूत मारते देखा था! मैंने थोड़ा सा थूक लगाया और जैसे ही अन्दर किया उसके मुंहसे सिसकी निकली इस बार लंड आधा अन्दर था! मैंने थोड़ा सा बाहर निकल कर फ़िर अन्दर किया उसने फ़िर सिसकी दी! मुझे मज़ा आने लगा और मैं धीरे धीरे अन्दर बाहर करने लगा! उसकी सिसकी तेज़ होने लगी तो मैंने भी लंड अन्दर बाहर करना तेज़ कर दिया उसकी चूत को फैलते और सिकुड़ते देख मुझे मज़ा आ रहा था!

कुछ देर बाद उसकी चूत से खून निकलना शुरू हो गया और वो चीखने लगी! ये शायद उसके कँवारेपन की निशानी थी! मेरा झड़ने वाला था और मेरे झटके तेज़ हो गए थे उसने मुझे कसकर पकड़ लिया मैंने और तेज़ झटके देने शुरू कर दिए वो और तेज़ चीखने वाली थी कि मैंने उसका मुंह दबा लिया और उसी वक्त मेरा झड़ गया!

पर जब मैंने देखा कि अब उसे मज़ा आ रहा है मैं और तेज़ तेज़ झटके देने लगा शायद उसकी चूत भी रस छोड़ने वाली थी! कुछ देर बाद उसने मुझे धक्का देकर अलग कर दिया ठीक २ सेकंड बाद ही उसकी चूत से कुछ चिपचिपा सा रस निकला!

उसके बाद मैं बाथरूम चला गया अपना लंड साफ़ किया जब वापस आया तो वो कपड़े पहन चुकी थी! मुझे लगा शायद वो अब मुझसे बात न करे लेकिन उसने मेरे पास आकर मेरे होठों को चूसना शुरू कर दिया और जब वो हटी तो सिर्फ़ इतना कहा “आई लव यू राहुल” मैं उसे देखता ही रहा और वो वहां से चली गई!

वो लम्हा मेरी ज़िन्दगी का यादगार लम्हा था! वैसे अब भी हम मिलते हैं ! मज़े करते हैं ! पर वो लम्हा भुलाये नहीं भूलता Hindi Porn Stories

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